*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 11-08-2020*
1. संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माओं का कौन-सा *वन्डरफुल स्थान* है? उनकी *निशानी* क्या है?
° *बापदादा का दिलतख्त*। (ऐसा तख्त सारे कल्प में नहीं मिल सकता – यह इतना विशाल तख्त है जो चलो, फिरो, खाओ-सोओ लेकिन सदा तख्तनशीन रह सकते हो।
° (निशानी) जो बच्चे सदा बापदादा के दिलतख्तनशीन रहते हैं वे इस *पुरानी देह वा देह की दुनिया से विस्मृत रहते* हैं, इसे देखते हुए भी नहीं देखते।
2. वण्डरफुल *रंग-बिरंगी* कौन-सी चीजें है? (3)
° यह *खेल* रंग-रंगीला है।
° *स्वर्ग-बैकुण्ठ* कितना रंग-बिरंगा है, खूबसूरत (हीरे-जवाहरातों के महल, खेलना, रास-विलास)। वण्डर ऑफ दी वर्ल्ड!
° यहाँ है *माया का राज्य* । यह भी कितना वण्डरफुल है। (मनुष्य क्या-क्या करते रहते हैं। दुनिया में यह कोई भी नहीं समझते कि हम नाटक में खेल कर रहे हैं।)
3. हम वण्डर ऑफ वर्ल्ड स्वर्ग लिए अपनी तकदीर अनुसार पुरुषार्थ कर रहे। याद में रहते, बहुत हर्षित रहते। तो और क्या करना है, कि माया हमे भील-मुर्दे समान खुशी उड़ा न दे? (3)
° *श्रीमत* पर चलना है (श्रीमत पर न चलने का तो जैसे कसम उठा लेते हैं।)
° *सर्विसएबुल* बनना है।(बच्चों को तो जैसे सर्विस ही सर्विस सूझती रहेगी। समझते हैं बाबा की सर्विस नहीं की, किसको रास्ता नहीं बताया तो गोया हम अन्धे रहे। यह समझने की बात है ना।)
° *मामेकम् याद* करो। देह के सब धर्म छोड़ अपने को आत्मा समझो।
5. *याद* में रहने से कौन-कौन सी प्राप्तियां है? (3)
° आत्मा *कंचन* बनेंगी ही याद की यात्रा से। (बाप कहते हैं मामेकम् याद करो – यह फरमान मानने से तुम *गोरे* बन जायेंगे। )
° बाप कहते हैं मुझे याद करो तो जन्म-जन्मान्तर के *पाप कट* जायेंगे, *पावन* बन *पावन दुनिया का मालिक* बन जायेंगे।
° याद की जब मेहनत करेंगे तब ही *वाणी जौहरदार* होगी। अभी वह ताकत कहाँ है। योग है नहीं।
6. इन ____ की बहुत वैल्यु है। यह ज्ञान रत्न _____ करने हैं। अभी तुम ज्ञान ____ से डायरेक्ट सुनते हो तो फिर और कुछ भी सुनने की दरकार ही नहीं।
°रत्नों, धारण, सागर
7. *भाषण* करने के लिए बाबा ने कौन सी सुन्दर तैयारी सिखाई? (3)
° बच्चों को *विचार सागर मंथन* करना है, तब ही प्वाइंट्स निकलेंगी।
° भाषण करना है तो *सवेरे उठकर लिखना* चाहिए।
° *फिर पढ़ना* चाहिए। भूली हुई प्वाइंट्स फिर *एड* करनी चाहिए। इससे धारणा अच्छी होगी (फिर भी लिखत मुआफिक सब नहीं बोल सकेंगे। कुछ न कुछ प्वाइंट्स भूल जायेंगे।)
8. बाबा ने कहा *कृष्ण जन्माष्टमी* पर भी होशियार हैं वह खुशी से समझायेंगे। कौन-कौन सी वन्डरफुल पॉइंट्स सुना सकते? (9)
° श्रीकृष्ण वण्डर ऑफ वर्ल्ड का प्रिन्स था। वह *सतयुग फिर कहाँ गया* ! सतयुग से लेकर सीढ़ी कैसे उतरे। सतयुग से कलियुग कैसे हुआ? उतरती कला कैसे हुई?
*° श्रीकृष्ण आ रहे हैं* । कृष्ण का राज्य फिर स्थापन हो रहा है।
° श्रीकृष्ण है प्रिन्स। *कृष्ण कौन है*, यह तो वण्डर ऑफ वर्ल्ड का मालिक था। भारत ही पैराडाइज था। उस पैराडाइज का मालिक श्रीकृष्ण था। (हम आपको सन्देश सुनाते हैं कि श्रीकृष्ण आ रहे हैं। राजयोग भगवान ने ही सिखाया है। अब भी सिखला रहे हैं। पवित्रता के लिए भी पुरुषार्थ करा रहे हैं, डबल सिरताज देवता बनाने के लिए।)
° *कृष्ण के चित्र* में भी लिखत बड़ी फर्स्टक्लास है। इस लड़ाई के बाद स्वर्ग के द्वार खुलने हैं। इस लड़ाई में जैसे स्वर्ग समाया हुआ है।
° बच्चों को भी बहुत खुशी में रहना चाहिए, जन्माष्टमी पर मनुष्य कपड़े आदि नये पहनते हैं। लेकिन तुम जानते हो कि अभी हम यह पुराना शरीर छोड़ *नया कंचन शरीर लेंगे।* कंचन काया कहते हैं ना अर्थात् सोने की काया। आत्मा भी पवित्र, शरीर भी पवित्र।
° कृष्ण के लिए कहते श्याम-सुन्दर। *श्याम-सुन्दर का अर्थ* समझाकर कहो कि तुम भी अब राखी बांध, काम चिता से उतर ज्ञान चिता पर बैठेंगे तो गोरा बन जायेंगे। अब बाबा आये हैं सुन्दर बनाने।
° *कृष्ण का जन्म कब* हुआ, यह भी किसको पता नहीं है।
° *बैज में भी कृष्ण* का चित्र है, इस पर भी तुम समझा सकते हो।
° *मुख छोटा बात बड़ी* – यह कृष्ण के लिए कहते हैं। अभी तुम कितनी बड़ी बातें सुनते हो, इतना बड़ा बनने के लिए।
9. बच्चों की _____ तो बड़ी फर्स्टक्लास होनी चाहिए। मुख से सदैव ____ निकलने चाहिए। बच्चे, अच्छे _____ धारण करो, कुल का नाम बाला करो। तुम जानते हो अभी हम ऊंच ते ऊंच ब्राह्मण कुल के हैं।
°चलन, रत्न, गुण
10. हद के नाम, मान, शान के पीछे दौड़ लगाना अर्थात _____ के पीछे पड़ना।
°परछाई
11. भारतवासी ही परिस्तानी थे, अब कब्रिस्तानी बने हैं फिर _____ पर बैठ ______ धारण कर परिस्तानी बनते हैं। इतना _____ चाहिए – हमको भगवान पढ़ाते हैं। भगवान के साथ रहते हैं। भगवान के बच्चे भी हैं तो फिर हम पढ़ते भी हैं। यह बाप का _____ तो सबको देना है।
°ज्ञान चिता, दैवी गुण, नशा, पैगाम
12. हम किसको *पवित्र बनने की राखी* बांध सकते? और कभी?
° *किसको भी* तुम राखी बांध सकते हो (यूयूरोपियन, वेश्याओं, आदि)। पवित्र बनना है।
° भल राखी बंधन का दिन न हो, *कभी भी* राखी बांध सकते हो। (तुम्हारा धन्धा ही यह है। बोलो, बाप के साथ प्रतिज्ञा करो। बाप कहते हैं मामेकम् याद करो तो पवित्र बन जायेंगे।)
13. कहना है – भगवानुवाच, जरूर कोई ____ से कहेंगे ना। शिवबाबा पढ़ाते हैं। ____ बिगर तो पढ़ा न सकें, इशारा देना ही बस है।
°तन, रथ
14. बहुत कहते हैं हमारे में मम्मा आती है, शिवबाबा आते हैं। बाबा ने कहा यह बिल्कुल गलत है। बाबा ने यह कैसे *सिद्ध* किया? (3)
° परन्तु *नई-नई प्वाइंट्स तो मुकरर तन द्वारा ही सुनायेंगे* कि दूसरे किसी द्वारा सुनायेंगे। यह हो नहीं सकता।
° ऐसे तो बच्चियाँ भी बहुत प्रकार की *अपनी प्वाइंट्स* सुनाते हैं। (जैसे मैगजीन में, ऐसे नहीं कि मम्मा-बाबा उनमें आते, वह लिखवाते हैं। नहीं)
° बाप तो यहाँ डायरेक्ट आते हैं, *तब तो यहाँ सुनने के लिए आते* हो। अगर मम्मा-बाबा कोई में आते हैं तो फिर वहाँ ही बैठ उनसे पढ़ें। नहीं, यहाँ आने की *सबको कशिश होती* है। (दूर रहने वालों को और ही जास्ती!)
