Answers from Sakar Murli 12-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-12-2020*

1. सेवाओं का उमंग छोटी-छोटी _____ को मर्ज कर देता है, इसलिए सेवा में सदा _____ रहो।
° _बीमारियों_, _बिजी_

2. कमजोरियों के _____ पन को वा _____ के खेल समाप्त कर कहना-सोचना-करना समान बनाओ तब कहेंगे _____ स्वरूप। उनका हर कर्म-संस्कार-गुण-कर्तव्य समर्थ बाप के _____ होगा। सदा _____ मिलन के खेल में बिजी रहेंगे, औरों को _____ समान बनायेंगे।
° _मेरे_, _व्यर्थ_, _ज्ञान_, _समान_, _परमात्म_, _बाप_

3. बाप ही आकर तुम बच्चों से नई दुनिया का _____ कराते। तुम ब्राह्मण कुल भूषण _____ -गार बनते। बाप ही नई दुनिया स्थापन करते, जिसके लिए _____ नॉलेज देते। तुम जानते हो बाप के पास नई दुनिया के स्थापना करने की _____ है।
° _उद्घाटन_, _मदद_, _रूहानी_, _युक्ति_

4. “मीठे बच्चे – अपनी *तकदीर ऊंच* (लक्ष्मी-नारायण समान) बनानी है तो………. क्या-क्या करना है? (4)
° कोई से भी बात करते, देखते *बुद्धि का योग एक बाप से* लगाओ”। (एक बाप के सिवाए और कोई को याद नहीं!)
° *दैवीगुण धारण* करने हैं। (अपना पोतामेल देखना है। जमा होता या घाटा होता रहता। हमारे में कोई खामी तो नहीं, जिससे तकदीर में घाटा पड़े। अच्छी रीति पुरुषार्थ कर कर्मातीत बनना है, अच्छे बुरे को तो अब समझते हो।)
° बच्चे जानते हैं कि *श्रीमत से हम श्रेष्ठ* बनते हैं। (तो जांच करो हम श्रीमत के बरखिलाफ कर्म तो नहीं करते?)
° *रूहानी सर्विस* में लगे रहने से उन्नति बहुत होती। (बहुत लोग आयेंगे, उन्हों को बाप का परिचय देंगे, फिर वह भी बाप को याद करने लग पड़ेंगे। सारा दिन यही ख्यालात चलते रहें।)

5. अभी तुम बिल्कुल बदल गये, अभी मनुष्य से _____ बन रहे। बुद्धि में सारी _____ है। और क्या जाने _____ ब्रह्माकुमार, कुमारियाँ कौन हैं, इस समय ही ब्रह्मा द्वारा स्थापना हो रही। संगम पर ही _____ कुल होता। आगे ब्राह्मणों की _____ मशहूर थी। फिर देवता बनते।
° _देवता_, _नॉलेज_, _प्रजापिता_, _ब्राह्मण_, _चोटी_

6. ब्राह्मणों ने ही ____ दुनिया स्थापन की है। ____ -बल से ___ -प्रधान बन रहे हैं। अब तो वापिस जाना है, समय बहुत थोड़ा है इसलिए याद की _____ पक्की रहे। यही ____ करना है।
° _नई_, _योग_, _सतो_, _यात्रा_, _पुरुषार्थ_

7. जानते नहीं कि ____ -पावन कौन है। दु:ख में याद तो करते हे _____ , हे राम। राम भी ______ को ही कहते। निराकार को ही ____ भगवान कहते हैं। सबका बाप ऊंच ते ऊंच भगवान, पतित-पावन _____ दाता यह है। यही स्वर्ग का ______ है।
° _पतित_, _भगवान_, _निराकार_, _ऊंच_, _सद्गति_, _रचयिता_

8. बाप कहते – ____ याद करो। याद में रह औरों को भी यह समझाना – ____ -अभिमानी बनो। _____ अभिमान छोड़ो। तुम _____ करते, औरों को भी कराते। रात-दिन यह तात रहे हम बाप को याद कर ____ -प्रधान बनें। याद ऐसी _____ होनी चाहिए, जो पिछाड़ी में सिवाए एक बाप के कोई भी याद न पड़े।
° _मामेकम्_, _देही_, _देह_,
_पुरुषार्थ_, _सतो_, _पक्की_

9. अपनी जांच करनी है – हमारे में कोई _____ गुण तो नहीं हैं? हम _____ बनकर रहते हैं? कभी _____-पानी तो नहीं बनते हैं? बुद्धि की _____ क्लीयर है?
° _आसुरी_, _ट्रस्टी_, _लून_, _लाइन_

10. सेन्टर खोल सर्विस को बढायें, यह ____ सब तुम्हारे पास हैं। बाप दैवीगुण भी धारण कराते और _____ देते हैं। तुम यहाँ बैठे हो बुद्धि में है ____ के आदि मध्य अन्त को जानते हैं। ____ भी रहते हैं। मन्सा-वाचा-कर्मणा कोई बुरा ____ न हो, उसकी पूरी जांच करनी होती।
° _रत्न_, _खजाना_, _सृष्टि_,
_पवित्र_, _कर्म_

11. सेन्टर खोल बहुतों को निमंत्रण देना है। *प्रेम से बैठ समझाना* है। क्या?
° यह पुरानी दुनिया खत्म होनी है। पहले तो *नई दुनिया की स्थापना* बहुत जरूरी है। स्थापना होती है *संगम पर*। (यह भी समझाना है नई दुनिया की स्थापना, पुरानी दुनिया का विनाश उसका अब संगम है। नई दुनिया की स्थापना *श्रीमत पर* हो रही है। सिवाए *बाप के* और कोई नई दुनिया के स्थापना की मत देंगे नहीं।)

12. चित्र बड़े-बड़े होंगे तो मनुष्य सहज समझ सकेंगे। बच्चों के लिए मैप्स(चित्र) जरूर चाहिए। बताना चाहिए – यह भी स्कूल है। तो इन मैप्स और उन मैप्स में मुख्य *अन्तर* क्या है?
° यहाँ के यह वन्डरफुल मैप्स हैं, उन स्कूलों के नक्शे में तो होती हैं हद की बातें। यह हैं *बेहद की बातें*। (यह भी पाठशाला है, जिसमें बाप हमको सृष्टि के आदि मध्य अन्त का राज़ बताए और लायक बनाते। मनुष्य से देवता बनने की यह ईश्वरीय-रूहानी पाठशाला-युनिवर्सिटी है। लिखा हुआ ही है प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय।)

13. बच्चे जो सर्विस पर उपस्थित हैं, जो *अच्छे सर्विसएबुल* हैं, उन्हों को भी दिल में रहता है…… क्या?
° हम *फलाने सेन्टर को जाकर उठायें*, ठण्डा पड़ गया है, उनको जगायें क्योंकि माया ऐसी है जो घड़ी-घड़ी सुला देती है। (मैं स्वदर्शन चक्रधारी हूँ, यह भी भूल जाते हैं। माया बहुत आपोजीशन करती है। तुम युद्ध के मैदान में हो। पहलवान को माया के तूफान *हिला न सकें*। वह *अवस्था* भी आने वाली है।)

14. बच्चों को *बहुत सर्विस* करनी है। प्रदर्शनी में आते, अच्छा-अच्छा भी कहते फिर बाहर जाने से माया के वायुमण्डल में सब उड़ जाता। सिमरण नहीं करते। तो फिर क्या करना चाहिए?
° उनकी फिर *पीठ* करनी चाहिए। (बाहर जाने से माया खींच लेती है। गोरखधन्धों में लग जाते हैं इसलिए मधुबन का गायन है।)

15. मनुष्य बहुत मूंझे हुए हैं, जैसे ____ में मनुष्य मूंझ जाते। बहुत बड़े ____ में आकर पड़े हैं। यह भी अब पता पड़ा है-यह ____ दुनिया है, इनका भी अन्त है। तुम बच्चे ____ के आदि-मध्य-अन्त को नम्बरवार जानते हो। जो जानते हैं वह बहुत ____ में रहते हैं। औरों को भी रास्ता बताने में ____ रहते हैं।
° _फागी_, _जंगल_, _पुरानी_, _ड्रामा_, _खुशी_, _तत्पर_

16. *नई दुनिया की स्थापना के निमित्त* बनने वाले बच्चों को बाप का कौन सा डायरेक्शन मिला हुआ है?
° बच्चे, तुम्हारा इस पुरानी दुनिया से *कोई कनेक्शन नहीं* है। अपनी *दिल इस पुरानी दुनिया से मत लगाओ*।

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