Answers from Sakar Murli 14-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-07-2020*

1. बाप आकर वर्थ ______ बनाते हैं। अभी तुम बच्चे बहुत _____ बनते हो। तुम्हारी बहुत ______ हो रही है। तुम बच्चे जानते हो कि अभी हम सो देवता बन रहे हैं तो तुम बच्चों को कितना ______ नशा चढ़ा रहना चाहिए। यह है विश्व के ______ का नशा।
°पाउण्ड, धनवान, कमाई, नारायणी, मालिकपने

2. *कृष्ण* की इतनी महिमा क्यों है? (2)
° क्योंकि *सबसे जास्ती ब्युटीफुल* बनते हैं।
° *नम्बरवन में कर्मातीत* अवस्था को पाते हैं, इसलिए नम्बरवन में गायन है।

3. गाते हैं नयन हीन को राह दिखाओ प्रभु…. अभी हम सर्वोत्तम ब्राह्मण कुल भूषण को ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है। तो आज की मुरली अनुसार हम *आत्मा* में बारे में क्या जानते हैं? और *परमात्मा* के बारे में? तो अभी हमे *क्या करना* है? ज्ञान के तीसरे नेत्र वालों की क्या *निशानी / प्राप्ति* है? (2)
° (आत्मा) हमारा *स्वधर्म है शान्ति* (तुम अभी शान्ति के लिए थोड़ेही कहाँ जायेंगे)। अभी हमे देही-अभिमानी बनना है (आत्मा बिगर शरीर की कोई वैल्यू नहीं)
° प्रभू वा ईश्वर परमात्मा हम आत्माओं का *बाप* हैं (जिनसे वर्सा मिलता है)। उनका नाम है *शिव* । वह *बिन्दी* स्वरूप है (जिनकी सजावट नहीं कर सकते)। *ज्ञान का सागर* है, शरीर लेना पड़ता है तुमको सुनाने के लिए। बाबा *पतित-पावन* है।
° *अब पावन बनना है*। आत्मा पवित्र बनती है तो शरीर भी पवित्र बनता है। बाप बार-बार कहते हैं – बच्चे, मनमनाभव। हे आत्मायें अपने *बाप को याद* करो।
° जिन बच्चों को ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है उनकी *बुद्धि और चलन आदि बड़ी रिफाइन* होती है। तुम रचता और रचना के आदि-मध्य-अन्त को जानकर *चक्रवर्ती राजा* बनते हो।

4. आज ब्रह्मा बाबा ने अपना कौन-सा *अनुभव* सुनाया? और क्यों?
° बाबा खुद अपना अनुभव बताते हैं। *भोजन पर याद* करता हूँ – शिवबाबा हमको खिलाते हैं फिर भूल जाते हैं। फिर स्मृति में आता है।
° तुम्हारे में भी नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार हैं। अभी तुमको *बहुत मेहनत करनी है* । बाप कहते हैं – बच्चे बहुत कमज़ोर हैं। *याद* भूल जाती है।

5. *स्वदर्शन चक्र* रांग तरफ चल जाता है, तो क्या होता? और राइट तरफ चलने से क्या होता?
° (रांग तरफ) तब मायाजीत बनने के बजाए *पर के दर्शन* के उलझन के चक्र में आ जाते हो जिससे *क्यों और क्या के क्वेश्चन की जाल* बन जाती है जो स्वयं ही रचते और फिर स्वयं ही *फंस जाते*।
° (राइट तरफ) स्वदर्शन चक्र फिराते रहो तो क्यों क्या के क्वेश्चन की जाल से मुक्त हो *योगयुक्त, जीवनमुक्त, चक्रवर्ती बन बाप के साथ विश्व कल्याण* की सेवा में चक्र लगाते रहेंगे। विश्व सेवाधारी चक्रवर्ती राजा बन जायेंगे।

6. *फ़ूलों* के सन्दर्भ में बाबा ने कौन-सी पॉइंट्स सुनाई? (6)
° तुम फूलों का *बगीचा* बनाते हो (गार्डन ऑफ फ्लावर्स, सतयुग)
° इसका *सैपलिंग* अब (संगम पर) लगता है
° बाबा है *बागवान* ।
° *माली* तुम बच्चे हो जो सेन्टर्स सम्भालते हो।
° यह ब्रह्मा और सरस्वती *किंग क्वीन फ्लावर* ठहरे। ज्ञान और याद दोनों में तीखे हैं।
° हममे से कोई किंग ऑफ फ्लावर हैं, कोई गुलाब, कोई मोतिया हैं। (अब धारणा कर हाइएस्ट बनना है)

7. हमारा *फ़र्ज* क्या है?
° अपने हमजिन्स की *सेवा करना*, भारत की सर्विस करना। तुम जानते हो हम क्या थे, क्या बन गये हैं। (तो सबको भी श्रेष्ठ बनाना है)

8. अब तुम नास्तिक से ______ बनते हो। _____ ही ज्ञान धारण करती है। अभी तुम बच्चे कितने _____ बुद्धि बनते हो।
°आस्तिक, आत्मा, स्वच्छ

9. कल बाबा ने स्लोगन में कहा, *प्लान को प्रैक्टिकल* में लाने से पहले बालक सो मालिक बनना है। आज क्या कहा?
° *प्लेन बुद्धि* से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ तो सफलता समाई हुई है।

10. बाबा ने आज *भट्ठी* का मिसाल क्यों याद किया?
° तुम बच्चों को यहाँ 7 रोज़ भट्ठी में बिठाया जाता है। भट्ठी में ईटें *कोई तो पूरी पक जाती हैं, कोई कच्ची रह जाती* हैं। भट्ठी का मिसाल देते हैं।

11. तुम्हारे ऊपर *फूल* नहीं चढ़ सकते हैं। _(सही / गलत)_
° *सही* (फूल तब चढ़े जब शरीर भी पवित्र हो। यहाँ कोई का भी शरीर पवित्र नहीं है। तुम्हारा पूजन नहीं है, सिमरण है।)

12. *विनाश* कब होगा?
° जब *तुम्हारी पूरी तैयारी* हो जायेगी, सब फूल बन जायेंगे तब विनाश होगा।

13. गुलबकावली की कहानी में भी *बिल्ली* का नाम दिखाया है। जो दीवे (दीपक) को बुझा देती थी। बाबा ने इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या सुनाया?
° *माया बिल्ली* विघ्न डाल देती है। तुम्हारी अवस्था को ही गिरा देती है। देह-अभिमान है पहला नम्बर फिर और विकार आते हैं। मोह भी बहुत होता है। तुम्हें मोह की बिल्ली या बिल्ला नहीं बनना है।

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