Answers from Sakar Murli 15-06-2020

Om Shanti

*Answers from Sakar Murli 15-06-2020*

1. दुआओं की मालायें पहनने लिए क्या करना है?
° हाँ जी कर सहयोग का हाथ बढ़ाना

2. तुम्हारी बुद्धि में है हम जब सतयुग में होंगे तो ______के कण्ठे पर _______के महल होंगे। हम बहुत ________वहाँ के रहने वाले होंगे। उनको कहा ही जाता है ______। __________ऐसे होता रहता है।
° जमुना, सोने, थोड़े, हेविन, कल्प – कल्प

3. बच्चा पैदा हुआ और मिलकियत का मालिक बन गया। बाप के बने तो फिर ______चढ़ना चाहिए ना। तुम तो _____हो ना। बेहद बाप के बच्चे बने हो तो बेहद की ________पर तुम्हारा हक है इसलिए गायन भी है – __________सुख पूछना हो तो गोपी वल्लभ के गोप-गोपियों से पूछो
° नशा, बड़े, राजधानी, अतीन्द्रिय

4. कोई भी बूढ़े हो वा जवान हो एक बात याद कर सकते, जिसमें सारे सृष्टि का ज्ञान आ जाता। सारी डिटेल बुद्धि में आ जाती। जिससे खुशी होगी, स्मृति रहेगी। कोन-सी बात?
° सिर्फ तुम संगमयुगी ब्राह्मण बच्चे ही जानते हो कि हम थोड़े समय के लिए इस पुरानी दुनिया दुःखधाम के मेहमान हैं। तुम्हारा सच्चा घर है शान्तिधाम।

5. आत्मा _____ है, शरीर है विनाशी। आत्मा का यह _______-तख्त है, आत्मा तो ______है, अकाल मूर्त आत्मा का यह _______तख्त है।
° अविनाशी, अकाल, अमर, भृकुटी

6. बाप को सृष्टि को रचने वाला कहेंगे। (सही / गलत)
° गलत (सृष्टि तो अनादि है ही। स्वर्ग को रचने वाला कहेंगे।)

7. ज्ञान तो बड़ा _______ है, कोई और बात पूछने के पहले _______और ______को याद करना है, वह मेहनत कोई से होती नहीं है, भूल जाते हैं। तुम _______करते हो, राजाई भी तुम्हारे लिए ही है।
° सिम्पुल, बाप, वर्से, सर्विस

8. भक्ति मार्ग और ज्ञान मार्ग में कौन-सा सुन्दर अन्तर (रात-दिन का फ़र्क!) आज बाबा ने बताया?
° वहाँ कितने झांझ घण्टे आदि बजाते हैं। यहाँ सिर्फ याद में रहना है।

9. सतयुग से लेकर कलियुग तक इस __________में 5 हज़ार वर्ष लगे हैं। सृष्टि के _________का चक्र, 84 जन्मों का ज्ञान तुम्हारी बुद्धि में है। अनगिनत बार 84 जन्म लिए हैं और लेते रहेंगे। इनका __________कभी होता नहीं है। तुम्हारी बुद्धि में ही यह चक्र है, _______चक्र घड़ी-घड़ी याद आना चाहिए। यही __________है, जितना बाप को याद करेंगे उतना पाप भस्म होंगे।
° जरनी (यात्रा), आदि-मध्य-अन्त, इन्ड (अन्त), स्वदर्शन, मनमनाभव

10. मैं और मेरे पन को समाप्त कर __ व __ का अनुभव करने वाले सच्चे त्यागी भव।
कौन-से 6 प्रकार के मैं-पन का त्याग करना है? कैसे?
° समानता, सम्पूर्णता
° हर सेकेण्ड, हर संकल्प में बाबा-बाबा याद रहे, मैं पन समाप्त हो जाए, जब मैं नहीं तो मेरा भी नहीं।
° मेरा स्वभाव, मेरे संस्कार, मेरी नेचर, मेरा काम (या ड्यूटी), मेरा नाम, मेरी शान

11. तुम जब ________अवस्था के समीप पहुँच जायेंगे तो तुमसे कोई भी विकर्म नहीं होंगे। यह बाबा भी तुम्हारे साथ ________है। पढ़ाने वाला है ________।
° कर्मातीत, स्टूडेन्ट, शिव -बाबा

12. इतना लड़ाई-झगड़ा आदि क्यों है?
° हम आपस में भाई-भाई हैं, वो भूल गये हैं।

13. हम पहले-पहले ______गृहस्थ धर्म के थे। बाप कहते हैं अभी यह अन्तिम जन्म ______बनो फिर तुम 21 जन्म के लिए बहुत _____हो जायेंगे। बाबा तो बहुत अच्छी बातें सुनाते हैं। बुरी चीज़ छुड़ाते हैं, तुम ______थे ना। अब फिर बनना है। _____बनो। कितना सहज है। कमाई बहुत भारी है।
° पवित्र, पवित्र, सुखी, देवता, पवित्र

14. माया का फरमान है- _______से _______होकर लड़ो। तुम बाप को याद करते हो, माया तुमको और _______में ले जाती है। एक नाटक भी है-माया ऐसे करती, भगवान ऐसे करते। माया भी _______है, कितने महारथियों को हप कर खा जाती है। तुमको मालूम है, ऐसे तुम्हारी ______है माया। सभी माया से युद्ध करने वाले हैं। गुप्त ही गुप्त ________। तुम बिल्कुल शान्ति में बैठे हो, उनका हैं साइन्स बल।
° रूसतम, रूसतम, तूफान, मगरमच्छ, दुश्मन, अन्डरग्राउण्ड

15. माया रूपी जिन्न से बचने के लिए बाबा ने क्या कहा?
° कहते हैं तुम बच्चे इस रूहानी धन्धे में लग जाओ। मनमनाभव। बस इसमें ही जिन्न बन जाओ। जिन्न का मिसाल देते हैं ना। कहा काम दो.. तो बाबा भी काम देते हैं। नहीं तो माया खा जायेगी।

16. अभी तुम बच्चे पापों से मुक्त होने का पुरूषार्थ करते हो, ध्यान रखते हो और कोई पाप न हो जाएं। पाप होता कब है?
° देह-अभिमान में आने से ही फिर और विकार आते हैं, जिससे पाप होता है।

17. इस दुनिया की कोई भी चीज़ में _____न हो। इस पुरानी दुनिया से ______हो। भल देखते हो, पुराने घर में रहे पड़े हो परन्तु बुद्धि _____दुनिया में लगी हुई है। जन्म-जन्मान्तर का सिर पर बोझा है। जितना ______में रहेंगे, हल्के होते जायेंगे। खाद निकलती जायेगी और ____चढ़ जायेगी।
° मोह, वैराग्य, नई, याद, खुशी

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