Answers from Sakar Murli 15-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-07-2020*

1. आज बाबा ने आते ही अपनी क्या *महिमा* सुनाई? इससे संबंधित *संगमयुग* की कौन-सी बातें सुनाई? तो हमे क्या *परहेज* / *पुरुषार्थ* करना है?
° वह है *परमपिता परमात्मा* शिव, गॉड फादर… ज्ञान सागर नॉलेजफुल टीचर, बाप… पतित-पावन सद्गति दाता
° वह हमको पढ़ा रहे हैं। हम हैं *ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ* । *ब्रह्मा* भी रचना है शिवबाबा की और अभी है भी *संगमयुग* । *एम ऑब्जेक्ट* भी *राजयोग* की है, हमको राजयोग सिखलाकर त्रिकालदर्शी बना रहे।
° परहेज में *सच्चा वैष्णव* बनना अर्थात् 3 बाते (वेजिटेरियन, प्याज़ आदि तमोगुणी चीज़ें नहीं, पवित्र रहना)
° देह के सम्बन्ध तोड़ अपने को *आत्मा* समझो। मामेकम् *याद* करो। बस तुम्हारे 84 जन्म अब पूरे हुए। अब तमोप्रधान से *सतोप्रधान* बनना है।

2. *बाबा के दिलतख्त* पर कौन-बैठ सकते? तो अब हमे क्या करना है? इससे प्राप्ति क्या है?
° बापदादा का दिलतख्त इतना प्योर है जो इस तख्त पर *सदा प्योर आत्मायें ही बैठ सकती* हैं।
° जिनके संकल्प में भी अपवित्रता या अमर्यादा आ जाती है वो तख्तनशीन के बजाए गिरती कला में नीचे आ जाते हैं इसलिए पहले *शुद्ध संकल्प के व्रत द्वारा अपनी वृत्ति का परिवर्तन* करो।
° वृत्ति परिवर्तन से भविष्य *जीवन रूपी सृष्टि बदल जायेगी* ।

3. हम कितने *भाग्यशाली* है? ऐसे बच्चों की *निशानी* क्या है?
° बाप कहते हैं तुम बच्चे *सौभाग्यशाली* , हजार भाग्यशाली, करोड़ भाग्यशाली, पदम, अरब, खरब भाग्यशाली हो।
° जो बच्चे अपने को सौभाग्यशाली समझते हैं, वह जरूर अच्छी तरह से बाप को *याद* करते रहेंगे। वही गुलाब के फूल ( *खुशबूदार फूल* ) बनेंगे।

4. लौकिक बाप नहीं कहेंगे वा पूछेंगे कि मुझे याद करो, *याद* होती ही है। यहाँ पूछना पड़ता है, क्यों?
स्त्री 12 मास तक तो अच्छी रीति याद करती है, *मुँह ढक कर रोती रहती* है। बाबा ने इसका कौन-सा जबरदस्त उत्तर दिया?
° क्योंकि *माया भुला देती* है।
° ऐसे मुँह ढक कर अगर तुम बाप को याद करो दिन-रात तो *बेडा ही पार* हो जाए। बाप कहते हैं – जैसे पति को तुम याद करती रहती हो ऐसे मेरे को याद करो तो तुम्हारे विकर्म विनाश हो जाएं। बाप युक्तियां बतलाते हैं ऐसे-ऐसे करो।

5. बच्चों को इस पढ़ाई का अच्छी रीति _____ करना है। अभी बाप कहते हैं – मीठे बच्चे, बहुत-बहुत ______ बनो। यहाँ तो ज्ञान सागर के कण्ठे पर आते हो, जितनी _____ करेंगे उतना अच्छा है। इसमें लग जाना चाहिए। तुम आते ही हो ________ की झोली भरने।
°सिमरण, समझदार, कमाई, अविनाशी ज्ञान रत्नों

6. बाप बैठ मीठे बच्चों को कहते बच्चे *सुखदाई* बनो। और हमें भी अपनी चाल-चलन ( *मैनर्स* ) अच्छी रखनी है। तो
कोई कुछ बोले, तो क्या करना है? (3)
° *सुना-अनसुना* कर दो।
° तुम *मुस्कराते* रहो तो वह आपेही ठण्डा हो जायेगा।
° बाबा ने कहा था कोई क्रोध करे तो तुम उन पर *फूल चढ़ाओ* । (बाप-समन अपकारी पर उपकार)

7. तुम मीठे-मीठे बच्चों को कितना _____ ले जाते हैं। हम क्या थे, अभी क्या बनते हैं! विश्व के मालिक बनते हैं। _______ में भी नहीं था। यह नया _____ झाड़ स्थापन हो रहा है ना। बच्चे जानते हैं हमारा _____ फूलों का बगीचा बन रहा है। सतयुग में ______ ही रहते हैं।
°ऊंच, ख्याल-ख्वाब, दैवी, दैवी, देवतायें

8. तन और मन को ______ समझकर चलेंगे तो ______ रहेंगे और रूहानियत आयेगी।
°अमानत, अनासक्‍त

9. बेहद का बाप भी बच्चों को कहते हैं याद की यात्रा बहुत _______ है। बाप कहते हैं यह है ______ यात्रा। अब तुम बच्चे भी जितना _______ करेंगे, उतना ही कल्याण करेंगे। तो बाप समझाते हैं खूब ______ करो। बरोबर मम्मा-बाबा सबसे जास्ती _____ करते हैं।
°सहज, रूहानी, पुरूषार्थ, पुरूषार्थ, सर्विस

10. *भगवान अपना बच्चा बनाते* हैं, तो हम क्या बन जाते हैं? *माया* थप्पड़ कब मारती है?
° खुदा के बच्चे तो हो ही। भगवान अपना बच्चा बनाते हैं तो तुम *भगवान-भगवती* बन जाते हो। लक्ष्मी-नारायण को गॉड गॉडेज कहते हैं ना।
° तुम *याद नहीं करते* हो, देह-अभिमान में आ जाते हो तो माया थप्पड़ मार देती है।

11. जो दान आदि करते हैं उनको कहेंगे *पुण्य आत्मा* । इससे क्या सिद्ध होता है? (2)
*सर्वव्यापी* कहना रांग है, इसलिए कौन-सा तर्क बाबा ने दिया?
° आत्मा ही दान-पुण्य करती है इसलिए पुण्य आत्मा, पवित्र आत्मा कहा जाता है। *आत्मा कोई निर्लेप नहीं* है। ऐसे अच्छे-अच्छे अक्षर याद करने चाहिए।
° (सर्वव्यापी) साधुओं को भी महान् आत्मा कहते हैं। *महान् परमात्मा नहीं कहा जाता* है।

12. शिवबाबा, ब्रह्मा बाबा, मम्मा (और हम सभी) का आपसी *सम्बंध* किन शब्दों में बाबा ने स्पष्ट किया?
° शिवबाबा सागर है। ब्रह्मा बाबा है ब्रह्मपुत्रा बड़ी नदी। मेला भी लगता है *सागर और ब्रह्मपुत्रा* का। (हम सभी ज्ञान नदियां-गंगायें है)
° ब्रह्मा बाबा है *बड़ी मम्मा* , जिसमें बाप प्रवेश कर बच्चों को रचते हैं। (फिर मम्मा-सरस्वती हो गई छोटी मम्मा)

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