*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 16-07-2020*
1. हम ज्ञान-सागर बाप के त्रिकालदर्शी बच्चे जानते है कि जो पास्ट की महिमा है, वह प्रेजन्ट में फिर रिपीट हो रही है। ड्रामा प्लैन अनुसार बरोबर *पुरूषोत्तम संगमयुग* 5 हज़ार वर्ष पहले पास्ट हो गया है, अब फिर प्रेजन्ट है। इसमें भी मुख्य बात क्या समझनी हैं? तो अब *हमें क्या करना है*? इससे कौन-सी *सर्वश्रेष्ठ प्राप्ति* होती? (2)
° बाप *राजयोग* सिखला रहे हैं, हम फिर सतयुग में राज्य पायेंगे।
° हमें श्रीमत पर *पतित-पावन बाप की याद की शक्ति से विकर्म विनाश* कर पावन बनना है (विकर्म विनाश के समय फिर विकर्म नहीं करना)
° तुम बच्चों को कितना *अतीन्द्रिय सुख* रहना चाहिए। तुम यहाँ *अविनाशी ज्ञान धन से बहुत-बहुत साहूकार* बन रहे हो, नई दुनिया के लिए।
° सतयुग में *सब ऊंच नम्बरवन श्रेष्ठ पवित्र विश्व के मालिक* होंगे।
2. हम श्रीमत द्वारा शक्ति लेने वाली *संगमयुग की शिव शक्तियाँ देवियाँ* है। हम सबको कौन-सा वरदान देते?
° तुम संगमयुगी देवियां *स्वर्ग का वरदान* देने वाली हो।
° तुम देवियां मनुष्यों को ज्ञान दान करती हो जिससे *21 जन्म के लिए सुख की सब सब कामनायें पूर्ण* कर देती हो।
3. इतनी *मीठी-मीठी ज्ञान की बातें* बुद्धि में कब आ जायेंगी?
° जब धीरज से *विचार सागर मंथन* करेंगे।
4. बाप ही आकर तुम बच्चों को *अज्ञान नींद से जगाते* हैं, तो फिर हमें क्या करना है?
जिन बच्चों को *पुरूषोत्तम संगमयुग की स्मृति* रहती है, उनकी निशानी क्या है?
° (अज्ञान नींद से) तुम फिर *औरों को जगाते* हो। वह जगते रहते हैं।
° (पुरूषोत्तम संगमयुग की स्मृति) वह *ज्ञान रत्नों का दान करने बिना रह नहीं सकते* । जैसे मनुष्य पुरूषोत्तम मास में बहुत दान-पुण्य करते हैं, ऐसे इस पुरूषोत्तम संगमयुग में तुम्हें ज्ञान रत्नों का दान करना है।
5. *सम्पूर्णता को समीप* लाने के लिए विस्तार में जाने के बजाए क्या करना?
° *बिन्दू बन बिन्दू बाप को याद* करो।
6. पढ़ाई सिर्फ स्कूल में नहीं पढ़ी जाती। टीचर लेसन देते हैं घर में पढ़ने के लिए, जिसको *होम वर्क* कहते हैं। हमको बाबा ने कौन-सा होमवर्क दिया है? (2)
° दिन में भल धंधा आदि भी करो, शरीर निर्वाह तो करना ही है। अमृतवेले तो सबको फुर्सत रहती, सवेरे-सवेरे *दो तीन बजे उठकर बाप को प्यार से याद करो*। विकारों (पांच मंजिल से गिरना) घोड़ो।
° शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि भल 8 घण्टा करो, बाकी *8 घण्टा याद में रहने के लिए पुरूषार्थ* करना है। (अन्त में यह कर्मातीत अवस्था होगी, हम शरीर छोड़ चलें जाएंगे, और विनाश होगा)
7. कौन-से बच्चे *अभी-अभी आर्डर हो* (बिगुल बजे कि चले आओ), तो नष्टोमोहा बन चले जायेंगे? इसके लिए हमें क्या करना है?
° जो निमित्त मात्र डायरेक्शन प्रमाण प्रवृत्ति को सम्भालते हुए *आत्मिक स्वरूप में रहते* हैं, मोह के कारण नहीं।
° सदैव *अपने को चेक* करना है कि देह का, सम्बन्ध का, वैभवों का बन्धन अपनी ओर खींचता तो नहीं है। जहाँ *बंधन* होगा वहाँ *आकर्षण* होगी। लेकिन जो *स्वतंत्र* हैं वे बाप समान *कर्मातीत* स्थिति के समीप हैं।
8. इस समय सारा झाड़ जड़जड़ीभूत अवस्था को पाया है। एक भी ______ नहीं, वह तो होते ही हैं शान्तिधाम और सुखधाम में। बच्चे जानते हैं – बाप अभी ______ लगा रहे हैं फिर पूरा झाड़ यहाँ बढ़ेगा। ______ गॉड फादर अक्षर बड़ा क्लीयर है – हेविन स्थापन करने वाला। यह बुद्धि में पक्का करो कि शिवबाबा ब्रह्मा तन से हमको कहते हैं कि मुझे याद करो तो ______ के घराने में चले जायेंगे।
°सतोप्रधान, कलम, हेविनली, विष्णु
9. पढ़ाई तो सहज है, मुख्य है पावन बनने की बात (याद द्वारा)। फिर *बाप को भूलने की बड़ी भूल* क्यों हो जाती है?.
° देह-अभिमान में आने से ही भूलते हो। अब *देही-अभिमानी* बनना है।
10. रावण को मारते आये हैं परन्तु *रावण* मरता ही नहीं। अभी तुम बच्चे जानते हो यह रावण (5 विकार) को जलाना बन्द कब होगा। कब?
° (जब सतयुग में पहुंच जाएंगे, इसी लिए) अभी सच्ची-सच्ची सत्य नारायण की कथा सुनते हो। तुम जानते हो कि हमको अभी बाप से वर्सा मिलता है।
11. पुरूषार्थ करते-करते अगर कभी *फेल* हो पड़ते, तो क्या करना है? (2)
° *बाप को समाचार दो*, बाप सावधानी देंगे फिर से खड़े होने की।
° कभी भी फेल्युअर हो बैठ नहीं जाना है। *फिर से खड़े हो जाओ, (याद की) दवाई कर लो*। सर्जन तो बैठा है ना।
