Answers from Sakar Murli 18-07-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-07-2020*

1. तुम बच्चों को अभी कितनी ____ है, नई दुनिया स्थापन हो रही है। बाबा कहते हैं हम तुमको कितना ______ बनाता हूँ। कल्प-कल्प तुम्हारे जैसा _____ और _____ कोई नहीं।।
°खुशी,धनवान,पवित्र,सुखी

2. _____ के महत्व को सामने रख सर्व प्राप्तियों का खाता फुल जमा करो।
°समय

3. बाबा आज हमे किस *विशेष रूप* में मिलने आये है? हम कैसी *सेना* है? (3) हमारा *कर्त्तव्य* क्या है? इसके लिए *प्रैक्टिकल* में क्या करना है? (2)
° बाप है ऊंच ते ऊंच कमान्डर इन चीफ, *सुप्रीम कमान्डर*।
° तुम हो *रूहानी* , बेहद की, डबल अहिंसक, गुप्त सेना (तुम्हारे में कमान्डर्स, कैप्टन, जनरल, लेफ्टिनेंट अर्थात नम्बरवार महारथी, घोड़ेसवार, प्यादे हैं)
° हम *श्रीमत पर सारे विश्व पर फिर से अपना दैवी राज्य स्थापन* कर रहे हैं (नई दुनिया सतयुग, लक्ष्मी-नारायण का राज्य)
° राजऋषि बन (देह-धर्म त्याग कर) मामेकम् याद द्वारा पावन- *पुरुषोत्तम* बनना।
° दूसरा है आपस में मिलकर राय-प्लैन करना (कैसे-कैसे हम सर्विस करें वा बढ़ाएं, सबको बाप का पैगाम-परिचय-सन्देश-मैसेज कैसे दें, हम अपने भाई-बहिनों को चेतावनी कैसे दें)… कि *बाप नई दुनिया स्थापन करने के लिए आये हैं। कहते हैं अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो।* अब इस पुरानी दुनिया का विनाश होना है।)

4. बाबा हम बच्चों को *ज्ञान* सुना रहे हैं। इसमें कौन-सी 3 भक्तिमार्ग की कहानियां आ जाती?
° सत्य नारायण की कथा, तीजरी की कथा, अमर कथा।

5. बाप विश्व का मालिक बनने की पढ़ाई पढ़ाने आये हैं इसलिए कभी ऐसा नहीं कहना कि हमें ______ नहीं। बाप का यह _____ सदा याद रहे – हियर नो ईविल, टॉक नो ईविल……।
°फुर्सत,डायरेक्शन

6. हमें कौन-सा *निश्चय* है? (2)
° हम बाप द्वारा वर्ल्ड का *क्राउन प्रिन्स* बन रहे हैं। (तो ऐसा पुरूषार्थ कर दिखाना है।)
° *माशूक आया हुआ है, जिसको हम पुकारते थे*, जरूर कोई शरीर में आया होगा। उनको अपना शरीर तो है नहीं। बाप कहते हैं मैं इनमें प्रवेश कर तुम बच्चों को सृष्टि चक्र की, रचयिता और रचना की नॉलेज देता हूँ।

7. सुखधाम की स्थापना अर्थ बाबा हमको *नम्बरवन डायरेक्शन* कौन-सा देते हैं?
*हमारा धनी है* (और हमारा ब्राह्मण धर्म बहुत ऊंच है) , इसलिए कौन-सी 2 बाते नहीं करनी है?
° नम्बरवन डायरेक्शन है *पावन बनो*।
° तुम्हें न विकार में जाना है, न लड़ना-झगड़ना है।

8. मुरली के अन्त में बाबा ने कौन-सी *मीठी-मीठी बातें* सुनने-सुनाने को कहा?
° हम क्राउन प्रिन्स बने। फिर 84 का चक्र लगाया अब फिर बनते हैं। यह है नर्क, इनमें कुछ भी नहीं रहा है। फिर बाप आकर भण्डारा भरपूर कर काल कंटक दूर कर देते हैं। अमरपुरी में काल आ न सके। वह है अमरलोक, यह है मृत्युलोक। ऐसी मीठी-मीठी बातें सुननी-सुनानी है।

9. तुम बच्चे इस समय सभी को _____ दान देते हो। बाप तुम्हें _____ का दान देते हैं, तुम दूसरों को देते हो। तुम अपने ही _______ से श्रीमत पर भारत को _____ बना रहे हो।
°ज्ञान,रत्नों,तन-मन-धन,स्वर्ग

10. बाप को ______ देनी है। बाप फिर रिटर्न में _____ जन्म के लिए देते हैं। नये-नये चित्र निकलते हैं, प्रदर्शनी भी करते हैं। अच्छा, फिर क्या किया जाए? अच्छा _______ बनाओ।
°मदद, 21,रूहानी म्युज़ियम

11. बाबा ने आज वरदान में कहा सूक्ष्म आलस्य का भी नाम निशान न रहे इसके लिए सदा अलर्ट, एवररेडी और आलराउन्डर बनो।तो *आलस्य* वास्तव में क्यों होता है? इससे क्या *नुकसान* है?
° जो *पुरूषार्थ में दिलशिकस्त* होते हैं उन्हें ही आलस्य आता है, वह सोचते हैं क्या करें इतना ही हो सकता है, ज्यादा नहीं हो सकता। हिम्मत नहीं है, चल तो रहे हैं, कर तो रहे हैं –
° *पुरूषार्थ की थकावट* आलस्य की निशानी है। आलस्य वाले जल्दी थकते हैं, उमंग वाले अथक होते हैं।

12. भक्ति का राज्य में मनुष्य कौन-सी *छोटी सी बात* भी नहीं जानते?
*विराट रूप* के चित्र में कौन-सी समझानी है?
*ब्रह्मा* किसका बच्चा, किसने क्रियेट किया, मनुष्य सृष्टि की रचना कैसे होती?
*लाखों बर्ष* होते तो क्या हो जता?
° (छोटी सी बात) पतित दुनिया में एक भी पावन नहीं हो सकता और *पावन दुनिया में फिर एक भी पतित नहीं* हो सकता।
° (विराट रूप में है *सृष्टि चक्र* का ज्ञान) ब्राह्मण चोटी के ऊपर है ऊंच ते ऊंच भगवान निराकार। फ़िर हम बनते हैं देवता, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र। फिर ब्राह्मण।
° *क्रियेटर* तो एक निराकार ही है। बाप कहते हैं – मैंने इसमें *प्रवेश* कर नाम बदली किया। तुम ब्राह्मणों के भी ( *एडाप्ट* किये)
° लाखों वर्ष की बात हो फिर *आधा-आधा* तो हो न सके। लाखों वर्ष हो तो फिर देवता धर्म के हैं उनकी *संख्या बहुत बड़ी* होनी चाहिए। *अनगिनत* होने चाहिए।

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