*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 19-12-2020*
1. बाप की _____ का दीपक जगाने वाले ही कुल दीपक हैं।
° _श्रेष्ठ आशाओं_
2. बापदादा द्वारा ब्राह्मण जन्म होते ही सारे दिन लिए *अनेक श्रेष्ठ खुशी के खजाने* प्राप्त होते। (जिस कारण जड़ चित्रों को देखकर खुशी में नाचने लगते।) ऐसे आप सब *खुशनसीब* हो, तो अब क्या करना है?
° बहुत खजाने मिले हैं लेकिन सिर्फ *समय पर यूज़ करो* । चाबी को सदा सामने रखो अर्थात् *सदा स्मृति में रखो और स्मृति को स्वरूप में लाओ* तो निरन्तर खुशी का अनुभव होता रहेगा।
3. _____ बच्चों प्रति बाप समझाते। आगे कभी आत्माओं को परमपिता परमात्मा ने _____ नहीं दिया। बाप खुद कहते मैं एक ही बार _____ के पुरुषोत्तम संगमयुग पर आता। मुख्य बात, अपने को _____ समझो और बाप को _____ याद करो। कोई को _____ होती, कोई भूल जाते।
° _रूहानी_, _ज्ञान_, _कल्प_, _आत्मा_, _मामेकम्_, _धारणा_
4. तुमको मैं ही _____ बनाता हूँ – प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा। मैं तो _____ से आता हूँ। ब्रह्मा तो _____ जन्म लेते हैं, मैं नहीं लेता।इनका नाम ______ मैं रखता। सो भी नाम बदलते तब हैं जबकि यह ______ अवस्था में हैं। तुमको अपना बनाकर ____ ब्राह्मण बनाते हैं।
° _ब्राह्मण_, _परमधाम_, _84_, _ब्रह्मा_, _वानप्रस्थ_, _पवित्र_
5. किस मुख्य *विशेषता के कारण पूज्य* सिर्फ देवताओं को ही कह सकते हैं?
° देवताओं की ही विशेषता है जो कभी *किसी को याद नहीं करते*। न बाप को याद करते, न किसी के चित्रों को याद करते, इसलिए उन्हें पूज्य कहेंगे। (वहाँ सुख ही सुख रहता है इसलिए किसी को याद करने की दरकार नहीं। अभी तुम एक बाप की याद से ऐसे पूज्य, पावन बने हो जो फिर याद करने की दरकार ही नहीं रहती है।)
6. “तुम्हारा वायदा है जब आप आयेंगे तो हम ____ जायेंगे, अब बाप आये हैं – तुम्हें _____ याद दिलाने”। आप आयेंगे तो हम आपको ही _____ बनायेंगे, दूसरा न कोई। हम आपका ही बनेंगे। तुम जन्म-जन्मान्तर कहते आये – हम तुम्हारे बिगर किसको _____ नहीं करेंगे। अपनी ____ को भी याद नहीं करेंगे।
° _वारी_, _वायदा_, _अपना_, _याद_, _देह_
7. _____ को यथार्थ रीति कोई जानते नहीं, भल नाम बिगर पार्ट नहीं बजायेंगे। आत्मा छोटी सूक्ष्म _____ है। आत्मा को _____ की अव्यक्त आंखें मिलती हैं। मुझ आत्मा में 84 जन्मों का _____ नूंधा हुआ है, जो मुझे रिपीट करना है।
° _आत्मा_, _बिन्दी_, _ज्ञान_, _पार्ट_
8. बाप ही _____ -पावन है, उनको याद करने से तुम पावन सतोप्रधान बन जायेंगे। अनेक चित्र हैं, _____ को तो पतित-पावन नहीं कहते। कोई भी _____ आदि जिसको शरीर है उनको पतित-पावन नहीं कहेंगे।
° _पतित_, _चित्रों_, _देवी_
9. बाप की श्रीमत मिलती है _____ बनाने लिए, तो उस पर चलना चाहिए। तुम्हें ____ गुण धारण करने हैं। खान-पान भी ______होना चाहिए, चलन बड़ी ______ चाहिए, तुम देवता बनते हो, डबल सिरताज। जितना तुम नज़दीक आयेंगे, ______ अवस्था होती जायेगी। सतयुग में नई दुनिया, नये मकान में _____ भी बहुत रहती।
° _श्रेष्ठ_, _दैवी_, _रॉयल_, _रॉयल_, _कर्मातीत_, _खुशी_
10. यह ज्ञान मार्ग बिल्कुल अलग चीज़ है, इसमें सिर्फ अपने को ____ समझना। भल तुम शरीरधारी बन पार्ट बजाते हो परन्तु बुद्धि से _____ को याद करना। अब _____ बनने लिए पुरुषार्थ करना, तुम कहते भी हो पतित से पावन बनाओ। नर से _____ भी वह बनाते।
° _आत्मा_, _शिवबाबा_, _पावन_, _नारायण_
11. वास्तव में _____ तुम हो। यह पतित-पावन बाप की _____ मददगार हैं, यह किसको भी पता नहीं। तुम्हारा रूप तो यह _____ ही है। यह शरीर तो _____ हो जायेंगे।
° _देवियाँ_, _औलाद_, _साधारण_, _विनाश_
12. बाबा ही सत्य नारायण की कथा सुनाकर _____ बनाते हैं। तुम फिर औरों को ____ कथा सुनाते हो। और कोई ____ न सके, तुम ही जानते। भल तुम्हारे ____ में मित्र-सम्बन्धी-भाई आदि हैं परन्तु वह भी नहीं समझते। अच्छा!
° _पावन_, _सत्य_, _जान_, _घर_,
13. (धारणा) एक-दो को _____ नहीं करना है, लेकिन _____ जरूर देना है।
° _याद_, _रिगार्ड_
