Answers from Sakar Murli 20-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-01-2021*

1. प्रयोगी आत्मा बन _____ के प्रयोग से सर्व खजानों को बढ़ाते चलो।
° _योग_

2. जो बच्चे विशेष पार्टधारी हैं उनकी हर एक्ट_____ होती। विशेष आत्मा कोई भी कर्म _____ -अभिमानी बनकर करेगी। इससे वे स्वयं भी सदा _____ रहते, दूसरों को भी करते इसलिए उन्हें सन्तुष्टमणि का _____ स्वत: प्राप्त हो जाता।
° _विशेष_, _देही_, _सन्तुष्ट_, _वरदान_

3. तुम बच्चे समझते हो कि भारत _____-गॉडेज का स्थान था। पहले-पहले ऊपर से जो आत्मायें आती, वो _____ एज में आती। हम वहाँ के रहवासी थे – पहले-पहले हम _____ थे। तुम विश्व के _____ महाराजा-महारानी थे, तुम्हारी राजधानी थी। वह तो _____ द्वारा श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ बन जाते, फिर कोई से राय लेने की दरकार नहीं। जब देवताओं का राज्य था तो _____-लेस वर्ल्ड थी।
° _गॉड_, _गोल्डन_, _देवता_, _मालिक_, _श्रीमत_, _वाइस_

4. सारा पार्ट _____ ही बजाती, न कि शरीर। हम आत्मा असुल में ______ दुनिया वा ____ -धाम में रहने वाले हैं। बरोबर आत्मायें _____ -धाम में रहती। वह है ______ वर्ल्ड। यहाँ हम सब आत्मायें, एक्टर्स पार्टधारी हैं।अभी सुखधाम स्थापन होता, बाकी सब आत्मायें _____ -धाम में रहेंगी।
° _आत्मा_, _निराकारी_, _शान्ति_, _परम_, _इनकारपोरियल_, _मुक्ति_

5. तुम जैसे अब _____ हाउस हो। _____ से जान गये हो चक्र कैसे फिरता। अभी तुम्हें और सबको _____ बताना है। सब नईयाएं हैं, तुम _____ हो, रास्ता बताने वाले। सबको बोलो आप शान्तिधाम, सुखधाम को _____ करो, कलियुग दु:खधाम को भूल जाओ। यह बाप तो बाप, टीचर, सतगुरू है जो सबको _____ देते।
° _लाइट_, _ज्ञान_, _रास्ता_, _पाइलेट_, _याद_, _सद्गति_

6. तुम आत्माओं की अभी शिव _____ के साथ सगाई हुई है। तो बच्चों को ज्ञान रत्नों से _____ भरनी चाहिए। मूल बात है ______ बनने की। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन….. पावन बनने से ______ बन जायेंगे। सबसे पावन हैं देवी -देवतायें, अभी तुम 21 जन्म लिए _____ पावन बनते हो, सम्पूर्ण निर्विकारी पावन। तो बाप जो ______ देते हैं उस पर चलना चाहिए।
° _साजन_, _झोली_, _पवित्र_, _सुखी_, _सर्वोत्तम_, _श्रीमत_

7. सीता *आग 🔥से पार* हुई। इस कथा का आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° आग से कोई थोड़ेही पावन होना है। बाप समझाते हैं तुम सब सीतायें इस समय पतित हो। *रावण राज्य की जेल में शोक वाटिका में* हो। अब एक *निराकार राम की याद, वा योग अग्नि* से तुमको *पावन* बनना है। (अग्नि अक्षर सुनने से समझते हैं – आग से पार हुई।)

8. हे लाडले मीठे सिकीलधे बच्चों, तुम बहुत समय पार्ट बजाते-बजाते अब फिर आकर मिले हो, अपना वर्सा लेने।मीठे-मीठे रूहानी बच्चे अभी सम्मुख बैठे हैं और _____ बहुत प्यार से समझा रहे। सिवाए रूहानी बाप के सर्व को सुख- _____ देने वा _____ से लिबरेट करने वाला कोई हो नहीं सकता। तुम बच्चे मधुबन में _____ हो, सम्मुख सुनने से बड़ा _____ आता है। अब तुम्हारी आत्मा _____ -फ्रेश हो रही।
° _बाप_, _शान्ति_, _दु:ख_, _सम्मुख_, _मजा_, _रि_

9. बाप एक ही समय आता सारे चक्र में, यह कल्प का _____ संगमयुग है। इसका नाम रखा है _____ , यही संगमयुग है जिसमें सभी मनुष्य मात्र उत्तम बनते हैं। _____-प्रधान हैं तो उत्तम हैं। अपने को घड़ी-घड़ी _____ निश्चय करना है। मैं आत्मा बाप से _____ ले रही हूँ।
° _सुहावना_, _पुरुषोत्तम_, _सतो_, _आत्मा_, _वर्सा_

10. अभी तुम बच्चों को _____ -अभिमानी बनना है। शान्तिधाम से आकर यहाँ तुम _____ बने हो, इसके बिगर कर्म हो न सके।आत्मा कहती है – हम एक शरीर छोड़ _____ अनुसार फिर दूसरा शरीर लेता हूँ। आत्मा अविनाशी है, इसमें अविनाशी _____ नूँधा हुआ है। अभी बाबा हमको वर्सा दे रहे, जितना जो पुरुषार्थ करेगा उतना ____ पायेगा।
° _देही_, _टॉकी_, _संस्कार_, _पार्ट_, _पद_

11. *अनेक प्रकार के प्रश्नों* की उत्पत्ति का कारण तथा उन सबका निवारण क्या है?
° जब *देह-अभिमान* में आते हो तो *संशय* पैदा होता है और संशय उठने से ही अनेक *प्रश्नों* की उत्पत्ति हो जाती है। (बाबा कहते मैंने तुम बच्चों को जो *धन्धा* दिया है – *पतित से पावन बनो और बनाओ*, इस धन्धे में रहने से सब प्रश्न खत्म हो जायेंगे।)

12. अभी यह बेहद का _____ आकर पूरा हुआ। यह _____ दुनिया बदलनी जरूर है। बरोबर हम सतयुग के मालिक थे, फिर _____ जन्मों बाद ऐसे बने। अब फिर बाप कहते हैं मुझे _____ करो तो तुम स्वर्ग के मालिक बनेंगे। तो हम क्यों न अपने को _____ निश्चय करें और बाप को याद करें। यह माया का वण्डर है जो घड़ी-घड़ी भुला देती, उससे बचने लिए _____ रचना चाहिए।
° _नाटक_, _पुरानी_, _84_, _याद_, _आत्मा_, _उपाय_

13. जब तक जीना है पुरुषार्थ करना है। _____ अमृत पीते रहना है। यह भी समझते हो हमारा यह _____ जन्म है। इस शरीर का _____ छोड़ देही-अभिमानी बनना है। _____ व्यवहार में भी रहना है, पुरुषार्थ जरूर करना है। सिर्फ अपने को आत्मा निश्चय कर बाप को याद करो, सेकण्ड में _____ मुक्ति गाया जाता है।
° _ज्ञान_, _अन्तिम_, _भान_, _गृहस्थ_, _जीवन_

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