*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 24-08-2020*
1. नाज़ुक परिस्थितियों से घबराओ नहीं, उनसे _____ पढ़कर स्वयं को _____ बनाओ।
°पाठ,परिपक्व
2. तुम सारी _____ के कल्याणकारी हो। श्रीमत पर हम _____ का कल्याण कर रहे हैं – बुद्धि में यह ____ रहना चाहिए। अच्छा!
°सृष्टि,विश्व,नशा
3. जो *सर्व खजानों से सम्पन्न सन्तुष्ट मास्टर सागर* है, उनकी निशानी क्या है? (3)
° वह *सदा खुशी में नाचते* रहेंगे। (अन्दर खुशी के सिवाए और कुछ आ नहीं सकता।)
° स्वयं सम्पन्न होने के कारण किसी से भी *तंग नहीं* होंगे। किसी भी प्रकार की उलझन या *विघ्न एक खेल* अनुभव होगा, *समस्या मनोरंजन* का साधन बन जायेगी।
° निश्चयबुद्धि होने के कारण *सदा हर्षित और विजयी* होंगे।
4. *विकर्माजीत बनने वाले बच्चों* को विकर्मों से बचने लिए किस बात पर बहुत ध्यान देना है? (2)
° जो सर्व विकर्मों की जड़ देह-अभिमान है, उस देह-अभिमान में कभी न आयें, यह ध्यान रखना है। इसके लिए *बार-बार देही-अभिमानी* बन बाप को याद करना है।
° इस जन्म के पापों के बोझ को हल्का करने के लिए बाप को *सच-सच सुनाना* है।
5. सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी का कौन-सा *राज़* हम बच्चों ने समझा है?
° वह *हम ही थे!*
6. सब कहते हैं बाबा आकर हमारे *दु:ख हरकर सुख दो* । बाप को ही दु:ख हर्ता सुख कर्ता कहते। क्यों?
° (क्योंकी बाबा की बनाई हुई) *नई दुनिया में* इन देवताओं का राज्य था। वहाँ *किसी भी प्रकार का दु:ख नहीं* था।
7. *स्वदर्शन चक्र* है गला काटने के लिए। _(सही / गलत)_
° *गलत* (स्वदर्शन चक्र से कोई का गला नहीं काटते हैं। अपने अन्दर आसुरी स्वभाव को परिवर्तन करते है।)
8. सदा इसी खुशी में रहो कि हमने 84 का चक्र पूरा किया, अब जाते हैं अपने घर, बाकी थोड़े दिन यह ______ है। तुम बच्चों को इस सृष्टि चक्र और सारे ड्रामा को जानना है क्योंकि सब _____ है। इसमें डिटेल में नहीं समझ सकेंगे। (क्योंकि) यह तो ____ जन्मों को जानना होता है।
°कर्मभोग, एक्टर्स, 84
9. 84 लाख जन्म नहीं, यह तो सिर्फ *84 जन्मों की कहानी* है। इसका कौन-सा तर्क बाबा ने सुनाया?
° 84 लाख जन्म हों तो कितने वर्ष सुनाने में लग जायें। तुम तो सेकण्ड में जान जाते हो – यह 84 जन्मों की कहानी है। *84 लाख हो तो सेकण्ड में थोड़ेही समझ सकते।*
10. हम है *आलराउन्ड पार्टधारी* । कैसे? (2)
° *आदि से अन्त तक पार्ट* और कोई का है नहीं। (तुमको ही बाप समझाते हैं। बाप कहते हैं – बच्चे, तुम्हें पतित से पावन, पावन से पतित बनना ही है। यह भी ड्रामा में नूँध है।)
° *अनेक बार* यह चक्र पास किया है। (पास करते ही रहेंगे।)
11. बड़े ते बड़ी मंजिल है _____ की। बहुतों को सिर्फ सुनने का शौक रहता है। _____ को समझना तो बहुत सहज है। बाप कहते हैं तुम्हारे 84 जन्मों की कहानी सुनाता हूँ।
°याद, ज्ञान
12. हम है *अननोन वारियर्स*। कैसे?
° तुम *गुप्तवेष में इस पुरानी दुनिया का परिवर्तन कर रहे* हो। तुमको कोई नहीं जानते। (बाबा भी गुप्त, नॉलेज भी गुप्त। इनका कोई शास्त्र आदि भी नहीं बनता।)
13. बच्चे कहते हैं *काम नहीं है* । क्या यह ठीक है? (3)
° नहीं!
° बाबा कहते हैं *यह सर्विस तो बहुत है*। यहाँ एकान्त में बैठ यह काम करो। (जो भी बड़ी-बड़ी संस्थायें हैं, गीता पाठशालायें आदि हैं, उन सबको जगाना है। सबको सन्देश देना है। यह पुरुषोत्तम संगमयुग है। नई दुनिया की स्थापना और पुरानी दुनिया का विनाश।)
° यह *बैठकर लिखो* – गीता का भगवान कौन? दोनों की बायोग्राफी की महिमा लिखो। शिवबाबा की भी बायोग्राफी लिखो। फिर आपेही वह जज करेंगे। (फिर शिव और शंकर का *भेद* भी दिखाना है।)
° यह भी बाबा ने समझाया है – कल्प 5 हज़ार वर्ष का है। मनुष्य 84 जन्म लेते हैं, न कि 84 लाख। (यह *मुख्य-मुख्य बातें शॉर्ट में* लिखनी चाहिए। जो *एरोप्लेन से भी गिरा सकते* हैं, समझा भी सकते हैं।)
14. हमारे *बहुत अच्छे-अच्छे चित्र* है। बाबा ने इनका प्रयोग करने की कौन-सी जबरदस्त युक्ति सुनाई?
° *मुख्य 12 चित्रों के कैलेन्डर्स* भी छपवा सकते हो। जिसमें सारा ज्ञान आ जाए और सर्विस सहज हो सके। (यह चित्र बिल्कुल ज़रूरी है। कौन-से चित्र बनाने हैं, क्या-क्या प्वाइंट लिखनी चाहिए। वह बैठ लिखो।)
15. मनुष्य जहाँ *स्नान* करने जाते हैं, वहाँ क्या समझा सकते?
° *पतित-पावन कौन?* (यह पानी कोई पतित-पावनी नहीं। पतित-पावन तो निराकार परमपिता परमात्मा है। इसका चित्र भी हैं।)
16. *अमरनाथ की यात्रा* पर क्या समझा सकते? (3)
° हम तुमको *सच्ची अमरनाथ की कथा* सुनायें।
° अमरनाथ तो *एक को ही* कहा जाता है।
° अमरनाथ अर्थात् जो *अमरपुरी सतयुग स्थापन* करे। (ऐसे सर्विस करनी पड़े। वहाँ पैदल जाना पड़ता है। जो अच्छे-अच्छे बड़े-बड़े आदमी हों उनको जाकर समझाना चाहिए।)
17. भादों का मास आता है, सभी पित्रों को *श्राद्ध* खिलाते हैं। इसमें क्या करना है? (2)
° वह भी *युक्ति से* करना चाहिए, नहीं तो कहेंगे कि ब्रह्माकुमारियों के पास जाकर सब कुछ छोड़ दिया है। ऐसा कुछ नहीं करना है, जिसमें नाराज हों।
° युक्ति से तुम *ज्ञान दे सकते* हो।
18. इस मास में तुम *ब्राह्मणों* की बहुत सर्विस कर सकते हो। क्या समझा सकते?
° ब्राह्मण तो *प्रजापिता ब्रह्मा की औलाद* है। बताओ ब्राह्मण धर्म *किसने स्थापन किया* ? (तुम उन्हों का भी कल्याण कर सकते हो घर बैठे।)
19. तुम बच्चे *3 बाप का राज़* भी सबको समझा सकते हो। इसकी क्या समझानी है?
° दो बाप तो सब समझते हैं *लौकिक* और *पारलौकिक*।
° और यह *अलौकिक* प्रजापिता ब्रह्मा फिर है यहाँ संगमयुग पर। पुरुषोत्तम संगमयुगी ब्राह्मण भी चाहिए ना। (ब्राह्मण सो देवी-देवता नम:!)
20. बाप *नॉलेजफुल* है अर्थात् सबके दिलों को जानने वाला है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (नॉलेजफुल अर्थात् बाबा के पास बुद्धि में सारे सृष्टि के आदि-मध्य-अन्य का ज्ञान है।)
21. सबके दिलों को जानते / देखते हैं, तब तो *भगवान कर्मों का फल देते* हैं। _(सही / गलत)_
° बाप कहते हैं यह *ड्रामा में नूँध* है। ड्रामा में जो विकर्म करते हैं तो उनकी सज़ा होती जाती है। अच्छे वा बुरे कर्मों का *फल (आपेही) मिलता* है।
