Answers from Sakar Murli 26-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-01-2021*

1. बाप और सर्व की _____ के विमान में उड़ने वाले ही उड़ता योगी हैं।
° _दुआओं_

2. जो भी आत्मायें सम्पर्क में आती उन्हें _______ शक्ति का अनुभव कराओ। ऐसी स्थूल-सूक्ष्म स्टेज बनाओ जिससे आत्मायें अपने _______ का और रूहानियत का अनुभव करें। ऐसी _______ सेवा करने लिए व्यर्थ संकल्प-बोल-कर्म की हलचल से परे _______ अर्थात् रूहानियत में रहने का व्रत लेना पड़े। इसी से _______ सूर्य का चमत्कार दिखला सकेंगे।
° _रूहानी_ , _स्वरूप_, _शक्तिशाली_, _एकाग्रता_, _ज्ञान_

3. तुम्हें तो _______ चलन बनानी है, देवतायें सर्वगुण _______ हैं ना। यह लक्ष्मी-नारायण बनना है, तो दैवीगुण भी _______ करने चाहिए। वहाँ हैं अपार सुख, अब बाप जो सुखधाम का _______ बनाते उनको याद करना है। तुम कहते बाबा हम अनेक बार आपसे स्वर्ग का _______ लेते। बाप कहते मैं आया हूँ तुम बच्चों को दु:ख से छुड़ाकर सुख की _______ दुनिया में ले जाने।
° _दैवी_ , _सम्पन्न_, _धारण_, _मालिक_, _वर्सा_, _पावन_

4. शान्ति तो है _____-धाम में। _____-युग में सुख-शान्ति थी। जब एक _____ की स्थापना हो, तब तो सुख-शान्ति हो ना! हाहाकार के बाद ही फिर _____ -जयकार होगी। बाप _____-योग भी सिखाते हैं, अभी तुम घर जाते हो।
° _परम_, _सत_, _धर्म_, _जय_, _राज_

5. _____ कितना छोटा होगा, वहाँ कितने थोड़े _____ होंगे। वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट होगी शुरू से। जरूर _____ से रिपीट करेंगे। यह ड्रामा का चक्र _____ है, जो फिरता ही रहता है।
° _स्वर्ग_, _मनुष्य_, _स्वर्ग_, _अनादि_

6. (धारणा) कभी भी _____ -मुई नहीं बनना है। दैवीगुण धारण कर अपनी _____ सुधारनी है। बाप का प्यार पाने के लिए _____ करनी है, लेकिन जो दूसरों को सुनाते, वह _____ धारण करना है। कर्मातीत अवस्था में जाने का पूरा-पूरा _____ करना है।
° _छुई_, _चलन_, _सेवा_, _स्वयं_, _पुरुषार्थ_

7. भारत तो अविनाशी पवित्र _______ है। उसमें भी _______ सबसे पवित्र तीर्थ स्थान है, जहाँ बाप आकर तुम बच्चों द्वारा सर्व की _______ करते। दिलवाला मन्दिर में कितना अच्छा _______ है। (परन्तु) सब मन्दिरों से यह ऊंच है, जहाँ तुम _______ हो।
° _खण्ड_ , _आबू_, _सद्गति_, _यादगार , बैठे_

8. मनुष्य पुकारते भी हैं ओ _______ फादर, लिबरेटर आओ। कल्प-कल्प पुरुषोत्तम _______ पर ही बाप आते। इस समय तुम बाप की याद से विषय सागर से _______ में जाते। बुलाते भी हैं – हे पतित-पावन…. यह थोड़ेही समझते कि हम _______ को बुलाते हैं।
° _गाड_ , _संगमयुग_, _क्षीरसागर_, _महाकाल_

9. एक तरफ लड़ाई होगी, दूसरे तरफ _____ अवस्था होगी। पूरा कनेक्शन है। फिर लड़ाई पूरी हो जाने से _____ हो जायेंगे। पहले रूद्र _____ बनती है। फिर तुम्हारे _____-बल से बहुत खींचकर आयेंगे। जितना तुमसे _____ निकलती जायेगी उतना बल भरता जायेगा। प्यार उन पर चला जायेगा जो प्रैक्टिकल में _____ करते हैं।
° _कर्मातीत_ , _ट्रांसफर_, _माला_, _योग_, _कट (जंक)_, _याद_

10. यह भी तुम बच्चों को समझाया जाता है रावण राज्य और _______ राज्य। पतित से _______ , फिर पावन से पतित कैसे बनते! यह खेल का _______ बाप बैठ समझाते। बाप नॉलेजफुल, बीजरूप है ना! _______ है। आधाकल्प है _______ स्वराज्य। आधाकल्प _______ राज्य करती है तो जरूर इतनी पहलवान होगी ना।
° _राम_ , _पावन_, _राज़_, _चैतन्य_, _दैवी_ , _माया_

11. मनुष्य दु:खों से छूटने लिए कौन-सी युक्ति रचते, जिसको *महापाप* कहा जाता?
° मनुष्य जब दु:खी होते हैं तो स्वयं को मारने के (खत्म करने के) अनेक उपाय रचते हैं। *जीव घात* करने की सोचते हैं, समझते हैं इससे हम दु:खों से छूट जायेंगे। परन्तु इन जैसा महापाप और कोई नहीं। (वह *और ही दु:खों में फँस जाते* हैं क्योंकि यह है ही अपार दु:खों की दुनिया।)

12. हम परमपिता _______ के सामने बैठे हैं। बाप खुद कहते मैं इनकी _______ के बीच में बैठता हूँ, इनका _______ लोन पर लेता हूँ। “मीठे बच्चे – ब्रह्मा बाबा शिवबाबा का _______ है, दोनों का इकट्ठा पार्ट चलता है, इसमें जरा भी _______ नहीं आना चाहिए”। बाप ज्ञान का सागर है, _______ तन से सुनाते, मुझे याद करो।
° _परमात्मा_ , _भृकुटी_, _शरीर_, _रथ_, _संशय_, _ब्रह्मा_

13. जो ऐसे समझते हैं ब्रह्मा तो कुछ नहीं, उनकी *क्या गति* होगी? (3)
° *दुर्गति* को पा लेते हैं।
° कल्प-कल्प पुरुषोत्तम संगमयुग पर ही बाप आते हैं, जिसमें आते हैं उनको ही अगर उड़ा दें तो क्या कहेंगे! *नम्बरवन तमोप्रधान*।
° निश्चय होते हुए भी माया एकदम मुँह फेर देती है। इतना उसमें बल है जो *एकदम वर्थ नाट ए पेनी* बना देती है। (किसको सुनाते भी रहें सुनी हुई बातें, परन्तु वह जैसे पंडित मिसल हो जाते।)

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