Answers from Sakar Murli 26-10-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-10-2020*

1. कर्म में योग का ______ होना अर्थात् कर्मयोगी बनना।
° _अनुभव_

2. अब वर्तमान लास्ट समय प्रमाण *पुरूषार्थ की गति भी बदल गई* हैं। तो अब किस बात पर विशेष अटेन्शन रखना है?
° मन्सा द्वारा ही विश्व परिवर्तन के निमित्त बनना है इसलिए अब *मन्सा का एक संकल्प भी* व्यर्थ हुआ तो बहुत कुछ गंवाया, *एक संकल्प को भी* साधारण बात न समझो, वर्तमान समय *संकल्प की* हलचल भी बड़ी हलचल गिनी जाती है तो *संकल्प में ही फुल स्टॉप* चाहिए। (जब मन्सा पर इतना अटेन्शन हो तब चढ़ती कला द्वारा विश्व परिवर्तक बन सकेंगे।)

3. वैल्यु सबसे जास्ती _____ की होती है। बाप कहते हैं विचार करो सतयुग में तुम्हारे ____ के महल कैसे थे। वहाँ तो सब _____ भरी होती हैं। ढेर का ढेर _____ होता है। तो बच्चों को कितनी _____ होनी चाहिए।
° _हीरे_, _सोने_, _खानियां_, _सोना_, _खुशी_

4. आधा-कल्प के लिए हम ____ -धाम का मालिक बनते हैं। तुमको कितना नशा रहना चाहिए – हम बेहद के बाप के _____ हैं। बाप स्वर्ग की स्थापना करते हैं, हम 21 जन्म के लिए _____ बनते हैं। कितनी _____ होनी चाहिए।
° _सुख_, _वारिस_, _वारिस_, _खुशी_

5. बाप कहते हैं तुम ____ हो ना। बच्चे भी कहते हैं बाबा आप ____ हैं। बाप कहते हैं कल्प पहले भी तुमको पढ़ाकर ____ -भाग्य दिया था। ______ ऐसे करते रहेंगे।
° _वही_, _वही_, _राज्य_, _कल्प-कल्प_

6. घड़ी-घड़ी पूछना चाहिए ____ में। बच्चों को कितनी खुशी होती है – ओहो! आज बेहद के बाप की _____ आई है। शिवबाबा ब्रह्मा द्वारा रेसपान्ड करते हैं। बच्चों को बड़ी खुशी होती है। सबसे जास्ती ______ होती हैं बांधेलियां। ओहो! हम बन्धन में हैं, बेहद का बाप हमको कैसे ____ लिखते हैं। नयनों पर रखती हैं। तुम्हारे में भी बापदादा का पत्र देख कर कई बच्चों के एकदम ____ खड़े हो जाते हैं। प्रेम के ______ आ जाते हैं। चुम्मन करेंगी, आंखों पर रखेंगी। बहुत प्रेम से पत्र पढ़ती हैं।
° _पत्र_, _चिट्ठी_, _गद्-गद्_, _चिट्ठी_, _रोमांच_, _आंसू_

7. इस समय तुमको बहुत खुशी होती है क्योंकि _____ मिलती है। तुम्हारा नाम बहुत है। वन्दे मातरम्, शिव की _____ सेना तुम हो ना। बाप कहते हैं यह ड्रामा बना हुआ है। इनमें मेरा भी पार्ट है। मैं हूँ ______ । मेरे को _____ करने से तुम पवित्र बन जाते हो। सबसे जास्ती चुम्बक है ______ , वही ऊंच ते ऊंच रहते हैं।
° _लॉटरी_, _शक्ति_, _सर्वशक्तिमान_, _याद_, _शिवबाबा_

8. तुम्हारा है अविनाशी _____ धन। तुमको कितनी बड़ी लॉटरी मिलती है। _____ अनुसार फल मिलता है ना। अभी बाप तुम बच्चों को श्रेष्ठ _____ सिखला रहे हैं। जैसा-जैसा जो कर्म करेगा, ______ करेगा तो उसका रिटर्न भी ऐसा मिलेगा। अच्छा कर्म ही करना है। कोई कर्म करते हैं, समझ नहीं सकते तो उसके लिए _____ लेनी है।
° _ज्ञान_, _कर्मों_, _कर्म_, _सर्विस_, _श्रीमत_

9. कोई समय मुरझाइस आती है तो बाबा ने समझाया है – *कई ऐसे रिकार्ड हैं जो तुमको फौरन खुशी में ला देंगे*। सारा ज्ञान बुद्धि में आ जाता है। तो आज मुरली में कौन-सा गीत 🎶 था?
° *तुम्हें पाके हमने……..* बच्चों ने गीत सुना। (अब फिर से बच्चों को स्मृति आई है – हम बेहद के बाप से बेहद का वर्सा लेते हैं, जो कोई छीन न सके, वहाँ दूसरा कोई छीनने वाला होता ही नहीं है। उसको कहा जाता है अद्वैत राज्य। बाबा हमको विश्व का मालिक बनाते हैं।)

10. जिसका वारिस बनते हैं, उनको भी जरूर याद करना है। *याद करने बिगर तो वारिस बन नहीं सकते* । क्यों?
° याद करे *तो पवित्र बनें* तब ही वारिस बन सकें। (तुम जानते हो श्रीमत पर हम विश्व के मालिक डबल सिरताज बनते हैं। जन्म बाई जन्म हम राजाई करेंगे।)

11. “मीठे बच्चे – श्रीमत पर भारत को _____ बनाने की सेवा करनी है, हम फिर से _____ बनते हैं, तो पहले स्वयं ______ बनना है फिर दूसरों को कहना है”
° _स्वर्ग_, _देवता_, _निर्विकारी_

12. तुम *महावीर बच्चों* को किस बात की परवाह नहीं करनी है? सिर्फ कौन सी *चेकिंग* करते स्वयं को सम्भालना है?
° अगर कोई *पवित्र बनने में विघ्न* डालता है तो तुम्हें उसकी परवाह नहीं करनी है।
° सिर्फ चेक करो कि मैं *महावीर* हूँ? मैं अपने आपको *ठगता* तो नहीं हूँ? बेहद का *वैराग्य* रहता है? मैं *आप समान* बनाता हूँ? मेरे में *क्रोध* तो नहीं है? जो दूसरों को कहता हूँ वह *खुद भी करता* हूँ?

13. समझाने की प्वाइंट्स बाबा अच्छी-अच्छी देते रहते। नोट कर फिर उस पर विचार सागर मंथन करना है, *ऐसा क्या-क्या लिखें जो मनुष्य समझें*। तो आज बाबा ने क्या लिखने 📝 को कहा?
° भारत जो सम्पूर्ण निर्विकारी स्वर्ग था वह अब विकारी नर्क बन गया है। फिर हम *श्रीमत पर भारत को स्वर्ग* बना रहे हैं। तुम जानते हो *पवित्र बनाने वाला पतित-पावन* एक ही बाप है।(यही भारतवासी आदि सनातन देवी-देवता धर्म वाले थे तो वाइसलेस थे फिर 84 जन्मों के बाद विशश बनें। अब फिर वाइसलेस बनना है। परन्तु पुरूषार्थ कराने वाला चाहिए। अभी तुमको बाप ने बताया है।)

14. यह 84 जन्मों की सीढ़ी बहुत अच्छी ____ है। तुम भी जो आते हैं, उनको समझाकर ऐसी-ऐसी _____ दे सकते हो। चीज़ हमेशा देने के लिए ____ रहती है। तुम्हारे पास भी ______ तैयार रहनी चाहिए।
° _चीज़_, _सौगात_, _तैयार_, _नॉलेज_

15. हमने कैसे ____ जन्म लिए हैं – यह याद रहना चाहिए। यह समझ की बात है ना। जरूर जो _____ आये हैं उन्होंने ही 84 जन्म लिए हैं। बाप 84 जन्म बताकर फिर कहते हैं इनके बहुत जन्मों के अन्त में _____ तन में प्रवेश कर, _____ करता हूँ। फिर इनका नाम रखता हूँ ____ । इन द्वारा _____ रचता हूँ।
° _84_, _पहले_, _साधारण_, _एडाप्ट_, _ब्रह्मा_, _ब्राह्मण_

16. इनको (ब्रह्मा बाबा को) तो सब _____ है। बतलाते भी हैं ____ का छोरा था और ____ का मालिक बना।
° _याद_, _गांवड़े_, _बैकुण्ठ_

17. भ्रमरी का भी _____ है। तुम ______ हो ना – बी.के., यह तो सच्चे-सच्चे ब्राह्मण हुए। प्रजापिता ____ कहाँ है? जरूर यहाँ होगा ना। बाबा का प्लैन है मनुष्य को _____ बनाने का।
° _मिसाल_, _ब्राह्मणियाँ_, _ब्रह्मा_, _देवता_

18. ____ ताज वाले सारे विश्व के मालिक तो बन न सकें। _____ ताज वाले विश्व के मालिक तुम बनते हो। उस समय दूसरी कोई ____ है ही नहीं। पहले तो सारे विश्व पर एक ही _____ था।
° _सिंगल_, _डबल_, _राजाई_, _राज्य_

19. ____ का युग चल रहा है। गीता का ही _____ युग गाया जाता है। तुम लिखो भी ऐसे – गीता का यह ____ युग है। जबकि पुरानी दुनिया बदल नई होती है। तुम्हारी बुद्धि में है – बेहद का बाप जो हमारा टीचर भी है, उनसे हम ____ सीख रहे हैं। अच्छी रीति पढ़ेंगे तो डबल सिरताज बनेंगे। कितना बड़ा ___ है। राजाई स्थापन होती है।
° _गीता_, _पुरूषोत्तम_, _पुरूषोत्तम_, _राजयोग_, _स्कूल_

20. कैसे यह सब ड्रामा के एक्टर्स हैं जो _____ बजाते आये हैं। अभी सबके कलियुगी ____ -बन्धन टूटने हैं। फिर जायेंगे शान्तिधाम। वहाँ से फिर सबका ____ सम्बन्ध जुटेगा। जैसा जो पुरूषार्थ करेंगे वह पहले आते रहेंगे। यह सब बना-बनाया _____ है। यह ड्रामा का चक्र ____ होता है ना।
° _पार्ट_, _कर्म_, _नया_, _खेल_, _रिपीट_

21. *वैराग्य* दिलाने लिए बाबा ने कौन-सी पॉइंट्स सुनाई? (2)
° तुम जानते हो यह सब *कब्रदाखिल* होने हैं इसलिए हम उनको याद क्यों करें। (ज्ञान से सब कुछ समझना है अच्छी रीति। वह भी ज्ञान से ही घरबार छोड़ते हैं।)
° मनुष्य तो बड़े-बड़े महल बिल्डिंग आदि देख समझते हैं यही स्वर्ग है। बाप कहते हैं यह तो *सब मिट्टी, पत्थर हैं, इनकी कोई वैल्यु नहीं।*

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