*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 27-01-2021*
1. स्वयं से, सेवा से और सर्व से _____ का सर्टीफिकेट लेना ही सिद्धि स्वरूप बनना है।
° _सन्तुष्टता_
2. जब संकल्प-स्वप्न में भी देह-अभिमान का मैं-पन न हो, अनादि ______ स्वरूप की स्मृति हो। बाबा-बाबा का ____ शब्द निकलता रहे तब कहेंगे धारणा स्वरूप, _______ ब्राह्मण। मैं-पन अर्थात् पुराने स्वभाव, संस्कार रूपी ___ को जब स्वाहा करेंगे तब पुरानी सृष्टि की आहुति पड़ेगी। तो जैसे यज्ञ रचने के निमित्त बने हो, ऐसे अब अन्तिम आहुति डाल _____ के निमित्त बनो।
° _आत्मिक_, _अनहद_, _सच्चे_, _सृष्टि_, _समाप्ति_
3. तुम शिवबाबा को _____ करो। तुम कितने _____-शाली हो। जिनके पास बहुत मेहमान आते वह _____ होते, यह बच्चे भी हैं मेहमान भी। टीचर की बुद्धि में यही रहता – मैं बच्चों को इन जैसा सर्वगुण _____ बनाऊं। यह पढ़ाई बहुत-बहुत अथाह _____ की है, जन्म-जन्मान्तर लिए इसका फल मिलता। यह नई दुनिया लिए बिल्कुल _____ ज्ञान है।
° _याद_, _भाग्य_, _खुश_, _सम्पन्न_, _कमाई_, _नया_
4. मीठे-मीठे रूहानी बच्चे आते हैं बाप से ______ होने क्योंकि बच्चे जानते – बेहद बाप से बेहद विश्व की ______ लेनी है। माया भुला देती, नहीं तो बहुत _____ रहे। घूमते-फिरते बैज को देखते रहो, बाप की ____ से हम यह बन रहे। दैवी-_____ भी धारण करने हैं। जो जितना ____ में रहते हैं, निरन्तर बाप को याद करने की कोशिश करते, वह अच्छा पद पा सकते।
° _रिफ्रेश_, _बादशाही_, _खुशी_, _याद_, _गुण_, _स्मृति_,
5. बच्चों को तो दिन-प्रतिदिन _____ का पारा चढ़ा रहना चाहिए। _____ में पारा चढ़ा हुआ था। अब फिर चढ़ाना है _____ की यात्रा से। वह धीरे-धीरे चढ़ेगा, हार-जीत होते-होते फिर नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार कल्प पहले मिसल अपना _____ पा लेंगे। बाकी टाइम तो वही लगता, पास भी वही होंगे जो _____ होते।
° _खुशी_, _सतयुग_, _याद_, _पद_, _कल्प-कल्प_
6. बच्चे जो काम चिता पर काले हो गये हैं, उन्हों को _____ बनाने आता हूँ। बाप का बच्चों में कितना _____ होता। बाप और दादा दोनों का क्योंकि कल्प-कल्प ____ सर्विस करते और बहुत ____ से करते। बाप तो नॉलेजफुल है, बच्चे धीरे-धीरे _____ लेते हैं।
° _गोरा_, _लव_, _लवली_, _प्यार_, _नॉलेज_
7. सारा मदार है पढ़ाई पर। *पढ़ाई में योग* है ही। बाबा यहां *कौन-सी स्मृति* की बात कर रहे?
° अब तुम समझते हो *बाप हमको पढ़ा रहे* हैं।
8. तुमको सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त, ड्युरेशन का पता है, फिर औरों को भी बहुत _____ से परिचय देना है। बेहद का बाप हमको _____ का मालिक बना रहे। _____ -योग सिखला रहे। ____ भी सामने खड़ा है। है भी संगमयुग, जबकि नई दुनिया सुख-_____ स्थापन होती। बाप बच्चों को सावधान करते रहते – सिमर-सिमर _____ पाओ, कलह क्लेष मिटे सब तन के…।
° _प्यार_, _विश्व_, _राज_, _विनाश_, _धाम_, _सुख_
9. बाप ने कौन-सा *कान्ट्रैक्ट (ठेका)* उठाया है?
° *बच्चों के अवगुण निकालने का* कान्ट्रैक्ट एक बाप ने ही उठाया है। बच्चों की खामियां बाप सुनते हैं तो वह निकालने के लिए *प्यार से समझानी देते* हैं। (अगर तुम बच्चों को किसी की खामी दिखाई देती है तो भी तुम अपने हाथ में लॉ नहीं उठाओ। लॉ हाथ में लेना यह भी भूल है। अविनाशी वैद्य तो एक ही बाप है। वह दवाई करेंगे।बाबा सदैव अडोल रहते हैं। माया सबसे भूलें कराती है। बॉक्सिंग हैं ना। बाप आये ही हैं सुधार कर मनुष्य से देवता बनाने। )
10. “मीठे बच्चे – कभी भी अपने हाथ में ____ नहीं उठाओ, यदि किसी की भूल हो तो बाप को_____ करो, बाप सावधानी देंगे, मीठेपन से शिक्षा देंगे। मुरली कभी भी _____नहीं करनी है। बाप सबको कहते – बच्चों, ____ -अभिमानी भव। जितना हो सके बाबा को बहुत _____ से याद करते रहो। श्रीमत पर चलने से ही _____ बनेंगे।
° _लॉ_, _रिपोर्ट_, _मिस_, _देही_, _प्यार_, _श्रेष्ठ_
11. बहुत लिखते हैं बाबा हम *गिर गया*। बाबा का उत्तर?
° अच्छा *फिर नहीं गिरना*। (फिर भी गिर पड़ते हैं। गिरते हैं तो फिर चढ़ना ही छोड़ देते हैं। कितनी चोट लग जाती है।
बाबा ऐसी भूल फिर कभी नहीं होगी। अब क्षमा करो। बाबा क्षमा क्या करेंगे। बाप तो कहते हैं पुरुषार्थ करो। बाबा जानते हैं माया बहुत प्रबल है।)
12. (धारणा) किसी के अवगुण देख उसकी निंदा नहीं करना है। जगह-जगह पर उसके _____ नहीं सुनाने हैं। अपना _____ -पन नहीं छोड़ना है। _____ में आकर किसी का सामना नहीं करना है। निंदा करने से तो बाप को _____ करो तो बहुत-बहुत फ़ायदा होगा। ______किसकी निंदा करते हैं क्या? निंदा हमारी जो करे _____ हमारा सो।
° _अवगुण_, _मीठा_, _क्रोध_, _याद_, _देवतायें_, _मित्र_
13. भगवानुवाच – मेरी ग्लानि बहुत करते हैं। मैं आकर _____ बनता हूँ। कितनी निंदा करते हैं, मैं तो समझता हूँ सब हमारे _____ हैं। कितनी मेरी _____ है इनके साथ। अभी कोई _____ तो नहीं बने हैं।
° _मित्र_, _बच्चे_, _प्रीत_, _सम्पूर्ण_
