Answers from Sakar Murli 29-08-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-08-2020*

1. किसी भी प्रकार की सेवा में सदा _____ रहना ही अच्छे मार्क्स लेना है।
°सन्तुष्ट

2. बाप द्वारा होने वाली *प्राप्तियां की लिस्ट सदा सामने* रखने से क्या-क्या प्राप्तियां होती? (4)
° जब प्राप्ति अटल, अचल है तो *हिम्मत और हुल्लास भी अचल* रहेंगा।
° सर्व प्राप्तियों का अनुभव सदा सामने वा स्मृति में रहे तो *सब विघ्न खत्म* हो जायेंगे।
° सदा *नया उमंग, नया हुल्लास* रहेगा।
° *स्थिति एकरस और अचल* रहेगी। (मन की स्थिति चंचलता में नहीं आएंगी।)

3. *अभी हम चलते है सुखधाम।* यहाँ हम पुरूषार्थ से 21 जन्मों लिए स्वर्ग की प्रालब्ध बनाते। तो सतयुग में कौन-सी 4 चीज़े नहीं होंगी?
° बाकी वहाँ *हॉस्पिटल* , *कोर्ट* , *पुलिस* आदि कुछ नहीं होगा।
° वहाँ *वजीर* भी होता नहीं। (ऊंच ते ऊंच खुद महाराजा-महारानी, वह वजीर की राय थोड़ेही लेंगे।)

4. हम विश्व के मालिक अमीर थे। अमीरचन्द से फकीरचन्द बने हैं। *अब फिर अमीर बनना है* । इसके लिए बाबा ने आते ही कौन-सी *वन्डरफुल युक्ति* सुनाई?
° यह है पढ़ाई। इसको अच्छी रीति पढ़कर इन *अविनाशी ज्ञान रत्नों को धारण करना-कराने की कोशिश* करनी है। आत्मा रूप-बसन्त है ना।

5. *आत्मा ही धारण करती* है, शरीर तो विनाशी है। यह बाबा ने कैसे सिद्ध किया?
° काम की जो चीज़ नहीं होती है, उनको जलाया जाता है। *शरीर* भी काम का नहीं रहता है तो उनको *आग में जलाते* हैं।

6. स्वदर्शन चक्रधारी बन 84 का ______ बुद्धि में फिराना है। एक ______ को ही याद करना है। दूसरे कोई की याद न रहे। जैसे स्त्री का पुरूष से लव रहता, यहाँ तुम्हारा है _______ लव। तुम्हें उठते-बैठते, पतियों के ______ , बापों के _____को याद करना है।
°चक्र, बाप, रूहानी, पति, बाप

7. अमरनाथ सर्वशक्तिमान् बाप आकर आत्माओं को *अमर बनाने की शक्ति* दे शक्तिवान बनाते (वहाँ अपने समय पर फुल-बड़ी आयु पर अपनी मर्जी से एक शरीर छोड़ दूसरा लेते। सर्प का मिसाल।) तो *बाबा से शक्ति लेने* लिए हमें क्या करना है? (3)
° एक तो *पवित्र बनना* है (पाप आत्मा तो शक्ति ले न सके। पुण्य आत्मा बनते हैं तो शक्ति मिलती है।)
° और *शिवबाबा की याद में रहना* है तब शक्ति मिलती है। बाप से शक्ति का वर्सा लेते हो।(याद से ही सतोप्रधान बनेंगे नहीं तो सज़ायें खाकर फिर कम पद पा लेंगे। मूल बात है याद की, जिसको ही भारत का प्राचीन योग कहा जाता है।
° साथ-साथ *सर्विस भी करेंगे* तो ताकत मिलेगी। समझो कोई सेन्टर खोलते हैं तो बहुतों की आशीर्वाद उन्हों के सिर पर आ जाती। (जैसे मनुष्य धर्मशाला-हॉस्पिटल-युनिवर्सिटी खोलते।)

8. *सब थोड़ेही सतोप्रधान होंगे*। कोई तो सतो भी होंगे ना।
यह सोचना ठीक है। _(सही / गलत)_
° नहीं, हमेशा शुभ भावना रखनी चाहिए। अपने को समझना चाहिए *हम पहले-पहले सतोप्रधान थे। निश्चय से ही सतोप्रधान बनेंगे* । (ऐसे नहीं कि हम कैसे सतोप्रधान बन सकेंगे। फिर खिसक जाते हैं। याद की यात्रा पर नहीं रहते। जितना हो सके पुरूषार्थ करना चाहिए। अपने को आत्मा समझ सतोप्रधान बनना है, और बाप की याद में रहकर।)

9. अब पुरूषार्थ करना है कि हम ______ सतयुग में आयें। इस अन्तिम जन्म में _____ पुरूषार्थ करना है। बाप कोई फाँसी पर नहीं चढ़ाते हैं। सिर्फ कहते हैं ______ बनो और बाप को _____ करो।
° पहले-पहले, पूरा, पवित्र, याद

10. 108 की माला बनाते हैं। अर्थात्‌ *सिर्फ 8-108 आत्माएं* ही अच्छी मेहनत करते। _(सही / गलत)_
° गलत (नम्बरवार तो *बहुत हैं, जो अच्छी मेहनत करते* हैं।)

11. इन 5 ______ ने ही तुमको बिल्कुल वर्थ नाट ए पेनी बनाया है। तुम बच्चे जानते हो हमको _____ जाना है। हम भारत की सेवा कर ______ राज्य स्थापन करते हैं। फिर हम राज्य करेंगे। गाया भी जाता है फालो ______। तुम ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ सब ______ सीख रहे हो। कितना क्लीयर है। (झाड़ के चित्र में)
°विकारों, घर, दैवी, फादर, राजयोग

12. रूद्र यज्ञ होता है तो सालिग्रामों (अर्थात्‌ हम *आत्माओं) की भी पूजा* होती है। क्यों?
° *जरूर कुछ सर्विस की है* तब तो पूजा होती है। तुम ब्राह्मण *रूहानी सेवाधारी* हो। सबकी आत्माओं को *जगाने वाले* हो। (मैं आत्मा हूँ, यह भूलने से देह-अभिमान आ जाता है। यहाँ पार्ट बजाते-बजाते सबको शरीर का भान पक्का हो गया है।)

13. प्रदर्शनी में भी तुमसे पूछते हैं तो बोलो हम बी.के. अपने ही _______ से श्रीमत पर सेवा कर ______ -राज्य स्थापन कर रहे हैं। अपना _____ भी सफल कर अपना कल्याण करो। तो भारत का भी कल्याण होगा। हम अपनी राजधानी _______ पर फिर से स्थापन करते हैं। याद की यात्रा से और सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त को जानने से ही हम _______ राजा बन जायेंगे। देवताओं का है छोटा झाड़। फिर कितनी वृद्धि हो जाती है। आत्मायें सब आती रहती हैं, यह बना-बनाया _____ है।
°तन-मन-धन, राम, पैसा, श्रीमत, चक्रवर्ती, खेल

14. काशी में भी शिव का मन्दिर है। वहाँ जाकर साधू लोग मंत्र जपते। शिव काशी विश्वनाथ गंगा। *शिव* जो काशी के मन्दिर में बिठाया है, *उनको कहते हैं – विश्वनाथ* । यह ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (बाबा कहते अब *मैं तो विश्वनाथ हूँ नहीं। विश्व के नाथ तुम बनते हो।* मैं बनता ही नहीं हूँ। ब्रह्म तत्व के नाथ भी तुम बनते हो। तुम्हारा वह घर है। वह राजधानी है। मेरा घर तो एक ही ब्रह्म तत्व है। मैं स्वर्ग में आता नहीं हूँ। न मैं नाथ बनता हूँ। *मेरे को कहते हैं शिवबाबा। मेरा पार्ट है पतितों को पावन बनाना*।)

15. महिमा गाते हैं एकोअंकार…… अजोनि यानी *जन्म-मरण रहित* । यह ठीक है। _(सही / गलत)_
° *सही* (मैं तो 84 जन्म लेता नहीं हूँ। मैं इनमें प्रवेश करता हूँ। मनुष्य 84 जन्म लेते हैं।)

16. इस दादा (ब्रह्मा बाबा) की आत्मा कहती है मुझे बहुत ______ करनी पड़ती है। ऐसे नहीं कि मेरे साथ बैठा है तो याद अच्छी रहती है। नहीं। एकदम इकट्ठा है। जानता हूँ (शिवबाबा) मेरे पास है। इस शरीर का जैसे वह ______ है। फिर भी भूल जाता हूँ। बाबा को यह (शरीर) मकान दिया है रहने के लिए। बाकी एक _____ में मैं बैठा हूँ। बड़ा आदमी हुआ ना। विचार करता हूँ, _____ में मालिक बैठा है। यह रथ उनका है। वह इनकी सम्भाल करते हैं। मुझे शिवबाबा खिलाते भी हैं। मैं उनका रथ हूँ। कुछ तो खातिरी करेंगे। इस _____ में खाता हूँ। दो-चार मिनट बाद भूल जाता हूँ, तब समझता हूँ बच्चों को कितनी मेहनत होती होगी।
°मेहनत, मालिक, कोने, बाजू, खुशी

17. माया बड़ी जबरदस्त है, तुम _____ के मैदान में हो। तुम ______ -अभिमानी बनो। आत्माओं और परमात्मा का यह _____ है। हम आत्मायें बाप के _____ रहने वाली हैं। वह आत्माओं का घर है ना। बाप भी वहाँ है, उनका असली नाम है ______ शिव।
°युद्ध, आत्म, मेला, साथ, कल्याणकारी

18. यहाँ तो थोड़ी बात में तंग हो पड़ते फिर पढ़ाई को छोड़ देते हैं। बाप को ______ बनावन्ती, ______ सुनावन्ती, पढ़न्ती, दिव्य दृष्टि से ____ देखन्ती, ____ करन्ती, अहो मम माया मुझे ______ देवन्ती, भागन्ती।
°अपना, ज्ञान, स्वर्ग, रास, फारकती

19. रावण राज्य में बिल्कुल ही बेअक्ल तुच्छ बुद्धि बन जाते हैं, इसका *प्रमाण* क्या है?
° इसलिए *विनाश का रास्ता ढूँढते रहते* हैं। खुद समझते हैं हम विश्व को बहुत ऊंच बनाते हैं परन्तु यह और ही नीचे गिरते जाते हैं। अब विनाश सामने खड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *