*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 30-01-2021*
1. जिम्मेवारी सम्भालते हुए _____ रहने वाले ही बाप के समीप रत्न हैं।
° _डबल लाइट_
2. _____-वासी बन हर प्वाइंट के _____ बनो तो किसी भी प्रकार के धोखे-दु:ख-दुविधा से बच जायेंगे। किसका _____ हूँ, क्या प्राप्ति है – इस पहले पाठ का अनुभव कर लिया तो _____-जीत सहज हो जायेंगे। ऐसे नॉलेजफुल के साथ _____ अर्थात् अनुभवी मूर्त बनने लिए एकान्तवासी और _____ बनो।
° _एकान्त_, _अनुभवी_, _बच्चा_, _माया_, _पावरफुल_, _अन्तर्मुखी_
3. तुम जानते हो हम श्रीमत से ______बनते हैं। बाप कहते हैं तुमको नर से ______ बनना है। सेकेण्ड में ______ मिल सकती है। बरोबर बाप ने _____-योग सिखाया, जिससे बादशाही मिली। अभी फिर हम पढ़ रहे हैं, फिर 21 जन्म ____ करेंगे। ऐसा _____ बनेंगे, कल्प पहले भी बने थे।
° निर्विकारी, नारायण, राजाई , राज, राज्य, देवता
4. स्थूलवतन वासी से सूक्ष्मवतन वासी *फरिश्ता बनने का पुरुषार्थ* क्या है?
° सूक्ष्मवतनवासी फरिश्ता बनना है तो *रूहानी सर्विस में हड्डी-हड्डी स्वाहा* करो। (बिना हड्डी स्वाहा किये फरिश्ता नहीं बन सकते क्योंकि फरिश्ते बिगर हड्डी मास के होते। इस बेहद की सेवा में दधीचि ऋषि की तरह हड्डी-हड्डी लगानी है, तभी व्यक्त से अव्यक्त बनेंगे।)
5. ____ में रहते-रहते हम फरिश्ते बन जायेंगे। गाया हुआ है – मिरूआ मौत मलूका शिकार, मलूक _____ को कहते। तुम _____ से फरिश्ते बनते। _____में तुम फरिश्ते बन जायेंगे। तुमको सब साक्षात्कार होगा और ____ होगी।
° याद, फरिश्ते, मनुष्य पिछाड़ी, खुशी
6. बच्चे जानते हैं हम श्रीमत पर _____ कर रहे। “मीठे बच्चे – तुम्हारी _____ की यात्रा बिल्कुल ही गुप्त है, तुम बच्चे अभी _____ में जाने की यात्रा कर रहे”। यात्रा पर जाना है जरूर और ले जाने वाला _____ भी चाहिए, _____ कहते मुझे याद करो मेरे पास आकर पहुचेंगे। बाप आकर समझाते तो बच्चों को निश्चय होता, बरोबर यह _____ यात्रा है।
° _पुरुषार्थ_, _याद_, _मुक्तिधाम_, _पण्डा_, _बाप_, _सच्ची_
7. (यात्रा है) मनमनाभव, ______ भव। देह सहित देह के सम्बन्धों को ____ जाओ। वह बाप है ______, उनको कोई चित्र नहीं, और सबके हैं। समझाते हैं मुझे इस ____ का आधार लेना पड़ता। ऐसा तो कोई कह न सके कि मैं ______ से आया हूँ तुमको वापिस ले जाने। परमपिता परमात्मा ही कह सकते हैं ____ द्वारा, और किसके द्वारा भी नहीं।
° मध्याजी, भूल, विचित्र, चित्र, परमधाम, ब्रह्मा
8. शास्त्रों में है भगवान ने कहा था जबकि _____ लड़ाई लगी थी। राजयोग सिखाते थे, जरूर _____ स्थापन हुई थी। तुम्हारे में जो महावीर हैं वह तो _____ रहेंगे। विनाश तो अच्छा है ना, _____ के लिए प्रयत्न करते हैं। पतित-पावन आओ, तो बाप आयेंगे जरूर आकर _____ दुनिया स्थापन करेंगे, तो खुशी होनी चाहिए, काले से गोरा बनना है। पावन दुनिया में देवतायें हैं, एक _____ की स्थापना सो तो ऐसे होगी ना।
° _महाभारत_, _राजाई_, _अडोल_, _पीस_, _पावन_, _धर्म_
9. कोई भी आते तो पूछो किसके पास आते हो? ____ पास। अच्छा _____ का नाम कभी सुना है? प्रजापिता है ना। यह है ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण, _______ ने ब्रह्मा द्वारा हमको अपना बनाया। ब्रह्माकुमार-कुमारियां कितने ढेर हैं, कितने _____ हैं, सबमें ब्रह्माकुमारियां पढ़ाती। यहाँ हमको दादे का _____ मिलता।वह _______ होने कारण इनके शरीर का आधार ले हमको नॉलेज सुनाते। यह लक्ष्मी-नारायण स्वर्ग के मालिक हैं ना।
° बी.के. , ब्रह्मा, शिवबाबा, सेन्टर्स, वर्सा, निराकार
10. भक्ति मार्ग में दो बाप हैं। स्वर्ग में है *एक बाप*। कैसे?
° *पारलौकिक बाप* द्वारा बादशाही मिल गई फिर याद क्यों करेंगे। *दु:ख है ही नहीं जो याद करना पड़े*। (गाते हैं दु:ख हर्ता सुख कर्ता। वह अभी की बात है। जो पास्ट हो जाता है उसका गायन होता है। महिमा है एक की। वह एक बाप ही आकर पतितों को पावन बनाते हैं।)
11. बाप पूछते हैं आगे कितने बार ____ हो? बुद्धि से काम लेना है। इस मकान-ड्रेस में बाबा हम आपसे ____ बार मिलते हैं और मिलते रहेंगे। पतित से _____ , पावन से पतित होते ही आये हैं। अभी तुम बच्चे जानते हो ____ दुनिया आ रही। उसको ____ कहा जाता है, पावन दुनिया। हम ही ____ थे फिर पुजारी बने, भारत के ऊपर ही खेल है।
° मिले, अनेक, पावन, नई, स्वर्ग, पूज्य
12. अब तुम ___ जयन्ती मनाते हो। जिनकी तकदीर में नहीं तो ख्याल नहीं करते क्यों न हम ___ -धाम जायें। हम आत्माओं का घर ____ -धाम है, वहाँ आत्मा को आरगन्स न होने कारण कुछ बोलती नहीं, सबको शान्ति मिलती। यह अनादि, अविनाशी ___ ड्रामा है जो चक्र लगाता ही रहता। आत्मा कभी ____ नहीं होती। जब बिल्कुल दु:खधाम होता तब ही बाप आते, दु:खधाम बाद है ____ सुखधाम। यह समझाना तो बहुत सहज है ना।
° शिव, सुख, शान्ति, वर्ल्ड, विनाश, फुल
13. हिम्मत चाहिए। कहाँ भी जाकर समझाओ। यह भी लिखा हुआ है – *हनूमान सतसंग में पीछे जुत्तियों में जाकर बैठता* था। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° तो महावीर जो होंगे वह *कहाँ भी जाकर युक्ति से सुनेंगे*, देखें क्या बोलते हैं। तुम ड्रेस बदलकर कहाँ भी जा सकते हो, उनका *कल्याण करने*। बाबा भी गुप्त वेष में तुम्हारा कल्याण कर रहे हैं ना। मन्दिरों में कहाँ भी निमंत्रण मिलता है तो *जाकर समझाना* है। दिन-प्रतिदिन तुम *होशियार होते जाते* हो।
