Answers from Sakar Murli 14-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-12-2020*

1. सम्बन्ध-सम्पर्क और स्थिति में _____ बनो, दिनचर्या में नहीं।
° _लाइट_

2. मन्सा पवित्रता अर्थात् _____ में भी अपवित्रता नहीं। सदा आत्मिक स्वरूप अर्थात् भाई-भाई की श्रेष्ठ _____। वाचा में सदा _____ और मधुरता, कर्मणा में सदा _____, सन्तुष्टता-हर्षितमुखता। ऐसे सम्पूर्ण पवित्र आज्ञाकारी बच्चों का बाप भी _____ करते। वही अपने हर कर्म से बाप का कर्तव्य सिद्ध करने वाले _____ रत्न हैं।
° _संकल्प_, _स्मृति_, _सत्यता_, _नम्रता_, _गुणगान_, _समीप_

3. तुम जो मेरे बच्चे बने हो, _____ में चल रहे। तुम्हारे लिए यह संगम है जबकि तमोप्रधान से _____ बनते। सतोप्रधान आत्मा को सतयुग में नया _____ चाहिए। वहाँ सब कुछ _____ होता है। सुखधाम में इन लक्ष्मी-नारायण की ______ थी। तुम _____ कर रहे हो नर से नारायण बनने का।
° _स्वर्ग_, _सतोप्रधान_, _शरीर_, _नया_, _राजाई_, _पुरुषार्थ_

4. सत्य बाप से हम यह नॉलेज पाकर 21 जन्म ______ बनेंगे। बाप कहते – बच्चे, तुम सतयुग में विश्व के ______ थे। बहुत ____ -वान, बहुत _____ थे। नई दुनिया में एक राज्य, एक _____ थी। उसको कहा जाता _____ राज्य।
° _देवी-देवता_, _मालिक_, _धन_, _सुखी_, _भाषा_, _अद्वैत_

5. वहाँ कोई _____ वस्तु नहीं होती जिसके लिए मुश्किलात आये। वह है ही _____ -धाम। तुम अभी वहाँ के लिए _____ कर रहे हो। तुम बेगर टू _____ बनते हो।
° _अप्राप्त_, _सुख_, _तैयारी_, _प्रिन्स_

6. गॉडली युनिवर्सिटी में कभी भी _____ नहीं होना। सुखधाम का मालिक बनने की ऊंची पढ़ाई एक दिन भी _____ नहीं करनी है। _____ रोज़ जरूर सुननी है।
° _अबसेन्ट_, _मिस_, _मुरली_

7. यह एक ही ______ है जबकि बाप आकर रूहानी बच्चों को पढ़ाते। ______ सिखलाते। कहते हे आत्मा _____ धरो, अब सुख के दिन आते हैं। आत्माओं से _____ करते हैं। इस शरीर का _____ आत्मा है। आत्मा कहती – मैं _____ आत्मा, शरीर विनाशी है।
° _पुरुषोत्तम संगमयुग_, _राजयोग_, _धीरज_, _बात_, _मालिक_, _अविनाशी_

8. बाप कितना सहज समझाते, पहले तो यह _____ रहना चाहिए। अब निराकार ईश्वर आये हैं तुमको पढ़ाने, तुम _____ सम्प्रदाय बने हो, फिर _____ सम्प्रदाय बनेंगे। अभी तुम संगमयुग पर ____ बन रहे। _____ के गुण गाये जाते हैं ना, यह तुम्हारी _____ आब्जेक्ट है।
° _नशा_, _ईश्वरीय_, _दैवी_, _पावन_, _श्रीकृष्ण_, _एम_

9. यह भी समझाया है, देवताओं की और परमात्मा की *महिमा अलग-अलग* है। क्या अलग है?
° *पतित-पावन, लिबरेटर, गाइड* बाप ही है। सब दु:खों से लिबरेट कर अपने शान्तिधाम में ले जाते हैं।)

10. पहले-पहले समझाओ कि ऊंच ते ऊंच भगवान एक है, ____ भी उनको करना चाहिए। एक को याद करना ही ______ याद कहा जाता। बाप पढ़ाते हैं जिससे हम _____ बनते हैं। ______ भी धारण करने हैं इसलिए बाबा कहते हैं अपना _____ रखो। ______ है पहला अवगुण फिर दुश्मन है काम।
° _याद_, _अव्यभिचारी_, _देवता_, _दैवीगुण_, _चार्ट_, _देह-अभिमान_

11. गोल्डन एज से उतरते-उतरते तमोप्रधान बुद्धि बने हैं। अब फिर सतोप्रधान बनना है। उसके लिए *एक ही दवाई* मिलती है – कौन-सी?
° बाप कहते हैं *अपने को आत्मा समझ बाप को याद* करो तो जन्म-जन्मान्तर के पाप भस्म हो जायेंगे। (तुम बैठे हो पापों को भस्म करने तो फिर आगे पाप नहीं करना चाहिए। नहीं तो वह सौ गुणा बन जायेगा।)

12. किन *दो शब्दों का राज़* तुम्हारी बुद्धि में होने कारण पुरानी दुनिया से बेहद का वैराग्य रहता है?
° *उतरती कला और चढ़ती कला* का राज़ तुम्हारी बुद्धि में है। (तुम जानते हो आधाकल्प हम उतरते आये, अभी है *चढ़ने का समय* । बाप आये हैं *नर से नारायण* बनाने की सत्य नॉलेज देने। हमारे लिए अब कलियुग पूरा हुआ, *नई दुनिया में जाना है* इसलिए इससे बेहद का वैराग्य है।)

13. लिखा हुआ है ____ ब्रह्मा द्वारा डिटीज्म की स्थापना। ब्रह्मा का भी राज़ समझाया है – _____ सो लक्ष्मी-नारायण। पिछाड़ी का नाम इनका _____ रखा है। बाकी यह ब्रह्मा तो देखो एकदम ____ एज में खड़ा है। यही फिर _____ कर कृष्ण वा श्री नारायण बनते हैं।
° _प्रजापिता_, _ब्रह्मा-सरस्वती_, _ब्रह्मा_, _आइरन_, _तपस्या_

14. वह ब्राह्मण होते हैं _____ यात्रा वाले, तुम हो रूहानी। वह _____ , तुम पावन। वह कोई ____ की सन्तान नहीं हैं, यह तुम समझते हो।
° _जिस्मानी_, _पतित_, _प्रजापिता_

15. विकार में गये तो _____ दण्ड, पहला नम्बर दुश्मन है यह काम। 5 मंजिल से गिरेंगे तो ____ -गुड एकदम टूट जायेंगी। ऊपर से गिरने से एकदम ____ -चूर हो जाते हैं। बाप से प्रतिज्ञा तोड़ ____ मुंह किया तो आसुरी दुनिया में चला गया। उनको ब्राह्मण भी नहीं, ____ कहा जायेगा।
° _सौ गुणा_, _हड_, _चकना_, _काला_, _शूद्र_

16. पतित को एलाउ नहीं है। उन्हों के लिए विजिटिंग रूम ठीक है। तो कब *एलाउ* है? (2)
° जब *पावन बनने की गैरन्टी* करे, *दैवीगुण* धारण करे तब एलाउ हो। (दैवीगुण धारण करने में टाइम लगता है। पावन बनने की एक ही प्रतिज्ञा है।)

Answers from Sakar Murli 12-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-12-2020*

1. सेवाओं का उमंग छोटी-छोटी _____ को मर्ज कर देता है, इसलिए सेवा में सदा _____ रहो।
° _बीमारियों_, _बिजी_

2. कमजोरियों के _____ पन को वा _____ के खेल समाप्त कर कहना-सोचना-करना समान बनाओ तब कहेंगे _____ स्वरूप। उनका हर कर्म-संस्कार-गुण-कर्तव्य समर्थ बाप के _____ होगा। सदा _____ मिलन के खेल में बिजी रहेंगे, औरों को _____ समान बनायेंगे।
° _मेरे_, _व्यर्थ_, _ज्ञान_, _समान_, _परमात्म_, _बाप_

3. बाप ही आकर तुम बच्चों से नई दुनिया का _____ कराते। तुम ब्राह्मण कुल भूषण _____ -गार बनते। बाप ही नई दुनिया स्थापन करते, जिसके लिए _____ नॉलेज देते। तुम जानते हो बाप के पास नई दुनिया के स्थापना करने की _____ है।
° _उद्घाटन_, _मदद_, _रूहानी_, _युक्ति_

4. “मीठे बच्चे – अपनी *तकदीर ऊंच* (लक्ष्मी-नारायण समान) बनानी है तो………. क्या-क्या करना है? (4)
° कोई से भी बात करते, देखते *बुद्धि का योग एक बाप से* लगाओ”। (एक बाप के सिवाए और कोई को याद नहीं!)
° *दैवीगुण धारण* करने हैं। (अपना पोतामेल देखना है। जमा होता या घाटा होता रहता। हमारे में कोई खामी तो नहीं, जिससे तकदीर में घाटा पड़े। अच्छी रीति पुरुषार्थ कर कर्मातीत बनना है, अच्छे बुरे को तो अब समझते हो।)
° बच्चे जानते हैं कि *श्रीमत से हम श्रेष्ठ* बनते हैं। (तो जांच करो हम श्रीमत के बरखिलाफ कर्म तो नहीं करते?)
° *रूहानी सर्विस* में लगे रहने से उन्नति बहुत होती। (बहुत लोग आयेंगे, उन्हों को बाप का परिचय देंगे, फिर वह भी बाप को याद करने लग पड़ेंगे। सारा दिन यही ख्यालात चलते रहें।)

5. अभी तुम बिल्कुल बदल गये, अभी मनुष्य से _____ बन रहे। बुद्धि में सारी _____ है। और क्या जाने _____ ब्रह्माकुमार, कुमारियाँ कौन हैं, इस समय ही ब्रह्मा द्वारा स्थापना हो रही। संगम पर ही _____ कुल होता। आगे ब्राह्मणों की _____ मशहूर थी। फिर देवता बनते।
° _देवता_, _नॉलेज_, _प्रजापिता_, _ब्राह्मण_, _चोटी_

6. ब्राह्मणों ने ही ____ दुनिया स्थापन की है। ____ -बल से ___ -प्रधान बन रहे हैं। अब तो वापिस जाना है, समय बहुत थोड़ा है इसलिए याद की _____ पक्की रहे। यही ____ करना है।
° _नई_, _योग_, _सतो_, _यात्रा_, _पुरुषार्थ_

7. जानते नहीं कि ____ -पावन कौन है। दु:ख में याद तो करते हे _____ , हे राम। राम भी ______ को ही कहते। निराकार को ही ____ भगवान कहते हैं। सबका बाप ऊंच ते ऊंच भगवान, पतित-पावन _____ दाता यह है। यही स्वर्ग का ______ है।
° _पतित_, _भगवान_, _निराकार_, _ऊंच_, _सद्गति_, _रचयिता_

8. बाप कहते – ____ याद करो। याद में रह औरों को भी यह समझाना – ____ -अभिमानी बनो। _____ अभिमान छोड़ो। तुम _____ करते, औरों को भी कराते। रात-दिन यह तात रहे हम बाप को याद कर ____ -प्रधान बनें। याद ऐसी _____ होनी चाहिए, जो पिछाड़ी में सिवाए एक बाप के कोई भी याद न पड़े।
° _मामेकम्_, _देही_, _देह_,
_पुरुषार्थ_, _सतो_, _पक्की_

9. अपनी जांच करनी है – हमारे में कोई _____ गुण तो नहीं हैं? हम _____ बनकर रहते हैं? कभी _____-पानी तो नहीं बनते हैं? बुद्धि की _____ क्लीयर है?
° _आसुरी_, _ट्रस्टी_, _लून_, _लाइन_

10. सेन्टर खोल सर्विस को बढायें, यह ____ सब तुम्हारे पास हैं। बाप दैवीगुण भी धारण कराते और _____ देते हैं। तुम यहाँ बैठे हो बुद्धि में है ____ के आदि मध्य अन्त को जानते हैं। ____ भी रहते हैं। मन्सा-वाचा-कर्मणा कोई बुरा ____ न हो, उसकी पूरी जांच करनी होती।
° _रत्न_, _खजाना_, _सृष्टि_,
_पवित्र_, _कर्म_

11. सेन्टर खोल बहुतों को निमंत्रण देना है। *प्रेम से बैठ समझाना* है। क्या?
° यह पुरानी दुनिया खत्म होनी है। पहले तो *नई दुनिया की स्थापना* बहुत जरूरी है। स्थापना होती है *संगम पर*। (यह भी समझाना है नई दुनिया की स्थापना, पुरानी दुनिया का विनाश उसका अब संगम है। नई दुनिया की स्थापना *श्रीमत पर* हो रही है। सिवाए *बाप के* और कोई नई दुनिया के स्थापना की मत देंगे नहीं।)

12. चित्र बड़े-बड़े होंगे तो मनुष्य सहज समझ सकेंगे। बच्चों के लिए मैप्स(चित्र) जरूर चाहिए। बताना चाहिए – यह भी स्कूल है। तो इन मैप्स और उन मैप्स में मुख्य *अन्तर* क्या है?
° यहाँ के यह वन्डरफुल मैप्स हैं, उन स्कूलों के नक्शे में तो होती हैं हद की बातें। यह हैं *बेहद की बातें*। (यह भी पाठशाला है, जिसमें बाप हमको सृष्टि के आदि मध्य अन्त का राज़ बताए और लायक बनाते। मनुष्य से देवता बनने की यह ईश्वरीय-रूहानी पाठशाला-युनिवर्सिटी है। लिखा हुआ ही है प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय।)

13. बच्चे जो सर्विस पर उपस्थित हैं, जो *अच्छे सर्विसएबुल* हैं, उन्हों को भी दिल में रहता है…… क्या?
° हम *फलाने सेन्टर को जाकर उठायें*, ठण्डा पड़ गया है, उनको जगायें क्योंकि माया ऐसी है जो घड़ी-घड़ी सुला देती है। (मैं स्वदर्शन चक्रधारी हूँ, यह भी भूल जाते हैं। माया बहुत आपोजीशन करती है। तुम युद्ध के मैदान में हो। पहलवान को माया के तूफान *हिला न सकें*। वह *अवस्था* भी आने वाली है।)

14. बच्चों को *बहुत सर्विस* करनी है। प्रदर्शनी में आते, अच्छा-अच्छा भी कहते फिर बाहर जाने से माया के वायुमण्डल में सब उड़ जाता। सिमरण नहीं करते। तो फिर क्या करना चाहिए?
° उनकी फिर *पीठ* करनी चाहिए। (बाहर जाने से माया खींच लेती है। गोरखधन्धों में लग जाते हैं इसलिए मधुबन का गायन है।)

15. मनुष्य बहुत मूंझे हुए हैं, जैसे ____ में मनुष्य मूंझ जाते। बहुत बड़े ____ में आकर पड़े हैं। यह भी अब पता पड़ा है-यह ____ दुनिया है, इनका भी अन्त है। तुम बच्चे ____ के आदि-मध्य-अन्त को नम्बरवार जानते हो। जो जानते हैं वह बहुत ____ में रहते हैं। औरों को भी रास्ता बताने में ____ रहते हैं।
° _फागी_, _जंगल_, _पुरानी_, _ड्रामा_, _खुशी_, _तत्पर_

16. *नई दुनिया की स्थापना के निमित्त* बनने वाले बच्चों को बाप का कौन सा डायरेक्शन मिला हुआ है?
° बच्चे, तुम्हारा इस पुरानी दुनिया से *कोई कनेक्शन नहीं* है। अपनी *दिल इस पुरानी दुनिया से मत लगाओ*।

Answers from Sakar Murli 11-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-12-2020*

1. बेहद की _____ द्वारा साधना के बीज को प्रत्यक्ष करो।
° _वैराग्यवृत्ति_

2. जब बाप और नॉलेज द्वारा *आत्मिक स्वरूप का सितारा⭐* चमक गया तो बुझ नहीं सकता, लेकिन चमक की परसेन्टेज कम और ज्यादा हो सकती। तो यह *सितारा सदा चमकता रहे*, इसके लिए क्या करना है? (2)
° *रोज़ अमृतवेले अटेन्शन रूपी घृत* डालते रहेंगे। जैसे दीपक में घृत डालते हैं तो वह एकरस जलता है।
° ऐसे सम्पूर्ण अटेन्शन देना अर्थात् *बाप के सर्व गुण वा शक्तियों को स्वयं में धारण करना* । इसी अटेन्शन से आकर्षण मूर्त बन जायेंगे।

3. बच्चे बड़ी _____ में डूबे हुए रहने चाहिए। कहा जाता है – _____ जैसी खुराक नहीं। तुम _____ उड़ने वाली आत्मायें हो। पूरा _____-वीर बनना है, माया हिला न सके।
° _खुशी_, _खुशी_, _परियाँ_, _महा_

4. भगवान पढ़ा रहे हैं रूहानी ______ को। अब _____ राज्य में चलने लिए 5 विकारों रूपी रावण पर _____ पाने का पुरुषार्थ कर रहे हो। यह पढ़ाई तो _____ पढ़ाते हैं, यह है ईश्वरीय पढ़ाई, इसमें _______ ही विजयन्ती होंगे अर्थात् विश्व पर राज्य करेंगे।
° _स्टूडेन्ट_, _राम_, _जीत_, _ईश्वर_, _निश्चयबुद्धि_

5. बाप को खिवैया भी कहा जाता है, तुम हो ____ । खिवैया आते हैं, सभी की नईया को ____ लगाने। कहते भी हैं ____ की नईया डोलेगी परन्तु डूबेगी नहीं। आखिर तो ज्ञान की ही ____ होगी। हीरो-हीरोइन का ____ तुम्हारा अभी बज रहा है, इस समय ही युद्ध चलती।
° _नईया_, _पार_, _सच_, _विजय_, _पार्ट_

6. _____ को देखो। आत्मा यहाँ _____ के बीच रहती। आत्मा सुनकर _____ हिलाती। हमेशा आत्मा से बात करो। तुम आत्मा इस शरीर रूपी ____ पर बैठी हो। तुम तमोप्रधान थी अब _____ बनो। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से देह का ____ छूट जायेगा।
° _आत्मा_, _भ्रकुटी_, _कांध_, _तख्त_, _सतोप्रधान_, _भान_

7. अब बाप कहते _____ -अभिमानी बनो। आत्मा ही सुनती, सब कुछ _____ करती। खाती-पीती सब कुछ _____ करती। आत्मा ही जन्म-जन्मान्तर भिन्न-भिन्न _____ पहनती आई है।
° _देही_, _धारण_, _आत्मा_, _ड्रेस_

8. अब हम आत्माओं को वापिस जाना है, बाप से ____ लगाना है। मूल बात है यह। सब आत्मायें हैं, यह सब धर्म तो ____ के हैं। परन्तु सब आत्माओं का ____ तो एक ही है। सभी आत्माओं का स्वधर्म ____ है।
° _योग_, _देह_, _बाप_, _शान्त_

9. बाप को तो _____-भोक्ता कहा जाता है। वह है _____-आकार। बाप कहते हैं मैं ही कल्प-कल्प आकर तुमको पढ़ाता हूँ और _____ हो देखता हूँ।
° _अ_, _निर_, _साक्षी_

10. स्त्रियों के लिए वह समझते हैं नर्क का द्वार 🚪है। और *बाप क्या कहते?* _(बहुत सुन्दर बात!)_
° यह तो *स्वर्ग का द्वार* हैं। (तुम बच्चियाँ अभी स्वर्ग स्थापन करती हो। सतयुग है स्वर्ग का द्वार।)

11. भल पवित्र तो रहते हैं, बाकी ____ की धारणा नम्बरवार होती है। बाबा की बुद्धि तो सब सेन्टर्स के ____ बच्चों तरफ चली जाती है। उनके आगे ज्ञान ____ करता हूँ। मैजारिटी ____ तू आत्मा होते हैं तो मजा भी आता है।
° _ज्ञान_, _अनन्य_, _डांस_, _ज्ञानी_

12. इस ईश्वरीय मिशन में जो पक्के निश्चयबुद्धि है, वे स्तुति-निंदा सबमें ____ से काम लेंगे, _____ नहीं करेंगे, किसी को भी _____ दृष्टि से नहीं देखेंगे। आत्मा को ही देखेंगे, आत्मा से ____ करेंगे, स्त्री-पुरुष साथ में रहते ____ फूल समान रहेंगे, किसी भी प्रकार की _____ नहीं रखेंगे।
° _धीरज_, _क्रोध_, _दैहिक_, _बात_, _कमल_, _तमन्ना (इच्छा)_

13. जो पक्के निश्चयबुद्धि हैं, वह समझते हैं कल्प पहले भी हमने यह _____ किया था। बाप कहते हैं – बच्चे, अब _____ गुण धारण करो। कोई _____ काम नहीं करो।
° _राज्य_, _दैवी_, _बेकायदे_

14. जो बात काम की नहीं है, उसे एक कान से सुन दूसरे से निकाल देना है, *हियर नो ईविल……* इसका कौन-सा चित्र है?
° *बन्दर का* चित्र दिखाते हैं। (🙈🙉🙊)

15. अंगूठी 💍में भी *रत्न* जब डालते हैं, कोई का दाम *हज़ार रूपया* तो कोई का दाम *10-20 रूपया* । क्यों?
° बच्चों में भी नम्बरवार हैं। कोई तो *पढ़कर मालिक* बन जाते हैं। कोई फिर *पढ़कर दास-दासियाँ* बन जाते हैं। राजधानी स्थापन होती है ना।

16. *गूंगे-बहरे* किन्हें कहेंगे?
° भल सुनते हैं परन्तु *एक कान से सुन दूसरे कान से निकाल देते* हैं। न कुछ धारण करते हैं, न कराते हैं। ऐसे गूंगे-बहरे भी बहुत हैं।

17. “मीठे बच्चे – मधुबन होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप का घर है, यहाँ तुम किसी भी _____ को नहीं ला सकते”। शिवबाबा को ____ भी कहते हैं ना, यह इन्द्र सभा है, ____ वर्षा है।
° _पतित_, _इन्द्र_, _ज्ञान_

18. कोई-कोई तो बड़ी अच्छी ____ करते हैं। कन्याओं ने भी भीष्म पितामह आदि को ____ मारे हैं ना। अगर देहधारी ने गीता सुनाई तो फिर ऐसा क्यों कहते मैं जो हूँ जैसा हूँ, कोई _____ जानते। यह नहीं जानते कि कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त के ____ में मैं प्रवेश करता हूँ।
° _सर्विस_, _बाण_, _विरला_, _शरीर_

Answers from Sakar Murli 10-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-12-2020*

1. साधना _____ है और साधन उसका विस्तार है। विस्तार में _____ को छिपा नहीं देना।
° _बीज_, _साधना_

2. जो *पाण्डवों की गुफाएं* दिखाते हैं, यह किस बात का यादगार है? (2)
° *अन्तर्मुखता की गुफायें* हैं, जितना *देह से न्यारे, देही* रूप में स्थित होने की गुफा में रहते हो उतना दुनिया के वातावरण से परे हो जाते हो, *वातावरण के प्रभाव में नहीं आते*।
° सबसे न्यारा और *बाप का प्यारा* बना देती है। और जो बाप का प्यारा है वह स्वत: सबसे न्यारा हो जाता है।

3. बाप कहते पहले है ____ -ता। वहाँ पवित्रता भी है, पीस भी है, _______ सब है। तुम यहाँ आते इन लक्ष्मी-नारायण जैसा ____ -वान बनने। यह विश्व के ____ थे। जब _____ -फेरी निकालते तो लक्ष्मी-नारायण का चित्र जरूर उठाओ। अभी बच्चों की बुद्धि _____ -बुद्धि सतोप्रधान बनने की है, याद-योगबल से।
° _पवित्र_, _हेल्थ-वेल्थ_, _धन_, _मालिक_, _प्रभात_, _पारस_

4. तुम हो _____-ऋषि। अभी तुम _____-श्वरी हो, ज्ञान सागर तुमको ज्ञान देते हैं। तुम अविनाशी _____ के बच्चे हो तो तुम्हारा धन्धा ही है ज्ञान _____ लगाना, नब्ज देखना।
° _राज_, _ज्ञान ज्ञाने_, _सर्जन_, _इन्जेक्शन_

5. भल बाप का बन फिर बाप को छोड़ देते हैं, तो भी जीवनमुक्ति जरूर मिलेगी। परन्तु *पद क्या मिलेंगा?* _(बहुत रमणीक बात!)_
° *स्वर्ग में झाडू लगाने वाला* बन जायेंगे। (स्वर्ग में तो जायेंगे। बाकी पद कम मिल जाता। बाप अविनाशी ज्ञान देते हैं, उसका कभी विनाश नहीं होता है।

6. अन्दर खुशी के _____ बजने चाहिए। यह हाय-हाय होने बाद फिर _____ होनी है। जो आज्ञाकारी-सपूत हैं, बाप का _____ भी उन पर जास्ती रहता। हम कल्प-कल्प बाप से यह वर्सा लेते, कितना खुशी का _____ चढ़ना चाहिए। तुम्हें है ज्ञान से विश्व की बादशाही का _____ नशा।
° _ढोल_, _वाह-वाह_, _प्यार_, _पारा_, _कापारी_

7. तुम अभी *ईश्वरीय सन्तान* हो, फिर बनेंगे दैवी सन्तान। इस समय तुम्हारी यह जीवन *हीरे तुल्य देवताओं से भी ऊंच* है। कैसे? (2)
° तुम भारत की *सर्विस कर* भारत को *पीसफुल बनाते* हो। (वहाँ पवित्रता, सुख, शान्ति सब रहती है।)
° अभी तुम *रचता बाप को और सृष्टि चक्र को जानते* हो।

8. “मीठे बच्चे – अविनाशी _____ का दान ही महादान है, इस दान से ही _____ प्राप्त होती है इसलिए महादानी बनो”। जो जास्ती सर्विस करेंगे, उनको ____ चढ़ेगा। हम परिस्तान में जाने लिए कल्प पहले मिसल ____ करते रहते, पुरानी-नई दुनिया की समझानी ____ में है।
° _ज्ञान रत्नों_, _राजाई_, _नशा_, _पुरूषार्थ_, _सीढ़ी_

9. जिन्हें सर्विस का शौक होगा, उन्हें पुरानी दुनिया का वातावरण ____ नहीं लगेगा, बहुतों को आप-समान बनाने में ही ____ होगी, पढ़ने और पढ़ाने में ही ____ आयेगा, उनकी ____ सब तरफ से टूटी हुई होंगी। वह बाप समान ___ -चित होंगे। उन्हें सेवा सिवाए कुछ भी ____ नहीं लगेगा।
° _अच्छा_, _खुशी_, _आराम_, _रगें_, _उदार_, _मीठा_

10. हम अपने ही तन-मन-धन से ____ करते। मनुष्य से देवता बनाना – यह _____ है ना। भगवानुवाच, मैं तुमको _____ -योग सिखाता हूँ। तुम _____ लायक बन रहे हो। बच्चे समझते हैं – बाप टीचर है, बच्चे भी _____ चाहिए। _____ की बहुत जरूरत रहती है ना।
° _सर्विस_, _जादू_, _राज_, _मन्दिर_, _टीचर_, _हैण्ड्स_

11. रूहानी बाप जिसकी महिमा सुनी वह बैठ बच्चों को ____ पढ़ाते हैं, यह पाठशाला है ना। तुम सब यहाँ पाठ पढ़ रहे हो ____ टीचर से, जिसको ____ -पिता भी कहा जाता। तुम कहेंगे अभी हम ____ -लौकिक बेहद के बाप पास बैठे हैं, ____ लेने लिए। तो अन्दर में कितनी _____ होनी चाहिए।
° _पाठ_, _सुप्रीम_, _परम_, _पार_, _वर्सा_, _खुशी_

12. सब कहते दुनिया में _____ हो। ज्ञान सागर, ____ का सागर बाप ही शान्ति स्थापन करता। _____ दुनिया में तो सदा शान्ति ही है। अब नई दुनिया सतयुग में तो शान्ति थी जबकि एक ____ था। पैराडाइज़, ____ -ताओं की दुनिया। जब ____ फादर आये तब पीस स्थापन करे।
° _शान्ति_, _शान्ति_, _निराकारी_, _धर्म_, _देव_, _गॉड_

13. सज़ाओं से बचने लिए मन्सा, वाचा, कर्मणा पवित्र रहना है। *मन्सा भी बड़ी अच्छी चाहिए*। इतनी मेहनत करनी है, जो पिछाड़ी में मन्सा में……. क्या?
° कोई व्यर्थ ख्याल न आये। *एक बाप के सिवाए कोई भी याद न आये*। (बाप समझाते हैं अभी मन्सा तक तो आयेंगे जब तक कर्मातीत अवस्था हो। हनुमान मिसल अडोल बनो, उसमें ही तो बड़ी मेहनत चाहिए।)

14. ____ कहते हैं अभी मैं जो सुनाता हूँ, वह सुनो। इन आंखों से कुछ देखो नहीं, हम अपने शान्तिधाम-सुखधाम को ही _____ करते हैं। अब फिर _____ नारायण बन रहे हैं। तुम भी ____ कर बन सकते हो।
° _बाप_, _याद_, _पूज्य_, _पुरुषार्थ_

Answers from Sakar Murli 09-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-12-2020*

1. त्याग का _____ समाप्त करने वाला पुराना स्वभाव-संस्कार है, इसलिए इसका भी त्याग करो।
° _भाग्य_

2. *शुभचिंतक* किन्हें कहेंगे? (2)
° हर आत्मा के प्रति *श्रेष्ठ भावना अर्थात् ऊंच उठाने-आगे बढ़ाने की भावना* रखना अर्थात् शुभ चिंतक बनना।
° सच्चा *रिगार्ड देने वाले* ही शुभचिंतक हैं।

3. *रिगार्ड* किसे कहेंगे? (2)
° अपनी शुभ वृत्ति से, *शुभ चिंतक स्थिति से अन्य के अवगुण को भी परिवर्तन करना*, किसी की भी कमजोरी को अपनी कमजोरी समझ *समाना और परिवर्तन करना* यह है रिगार्ड।
° बड़ी *बात को छोटा* बनाना, दिलशिकस्त को *शक्तिवान* बनाना, उनके संग के रंग में नहीं आना, सदा उन्हें भी *उमंग उत्साह में लाना* – यह है रिगार्ड।

4. जो नये जिज्ञासु आते, उनको पूछना चाहिए तुम यहाँ क्या पढ़ते? हेविन बहिश्त अथवा _____ वर्ल्ड, जिसको स्वर्ग कहते हैं। बच्चे जो पढ़ रहे हैं वह जानते हैं कि हमको बाबा उस _____ की दुनिया में ले चल रहे हैं। लक्ष्मी-नारायण भी इस ही सृष्टि पर सतयुग के समय _____ करते थे। यह है डीटी धर्म की पहली माता, जिसको _____ कहते।
° _डीटी_, _पुण्य_, _राज्य_, _जगदम्बा_

5. सभी बातों को छोड़ नये जिज्ञासु को पहले _____ सिखलाना फिर बे समझाना। अल्फ है गाड, वह _____ सोल है। जब तक यह पूरा समझा नहीं है तब तक परमपिता के लिए वह _____ नहीं जागता, वह _____ नहीं आती। बस इस अल्फ को भी जानकर _____ में रहें तो वह भी अच्छा है।
° _अल्फ_, _सुप्रीम_, _लव_, _खुशी_, _साइलेन्स_

6. बच्चों को पहले समझना चाहिए कि _____ हूँ कौन। “मैं” शरीर को नहीं कहते, मैं कहते _____ को। मैं आत्मा कहाँ से आया हूँ? किसकी _____ हूँ? आत्मा को जब यह मालूम पड़ जाए कि मैं आत्मा परमपिता _____ की सन्तान हूँ तब अपने बाप को याद करने से _____ आ जाए।
° _मैं_, _आत्मा_, _सन्तान_, _परमात्मा_, _खुशी_

7. कर्म, अकर्म, विकर्म की गति परमात्मा ही हमें समझाते। तो *सतयुग में* कैसे कर्म / संकल्प चलते?
° सतयुग में *शुद्ध संकल्प चलने के कारण* संकल्प, संकल्प नहीं, *कर्म करते भी कर्मबन्धन नहीं* बनता। (विकर्मो से छुड़ाने वाला परमात्मा इस संगम पर तुमको पढ़ा रहे हैं।)

8. जो कोई यहाँ होते हुए कर्म सम्बन्ध में होते हुए उनको नहीं काट सकते, तो भी उनको *परमात्मा को नहीं छोड़ना चाहिए*। क्यों?
° हाथ पकड़ा होगा तो *कुछ न कुछ पद* प्राप्त कर लेंगे।(कोई-कोई ने अभी कायदेसिर आहुति नहीं दी है। उन्हों का योग परमपिता से जुटा हुआ नहीं है।)

9. *संकल्प जरूर चलेंगे*, संकल्प धारण किये बिना कोई मनुष्य एक क्षण भी रह नहीं सकता, किसी भी युग में। तो बाबा ने कौन-से *संकल्प के प्रकार* सुनाये? (2)
° जो ईश्वरीय यज्ञ सेवा अर्थ *शुद्ध संकल्प* चलता वह संकल्प, संकल्प नहीं वह *निरसंकल्प* ही है। (बाकी वास्तव में निरसंकल्पता अर्थात्‌ संकल्प चले ही नहीं, दु:ख सुख से न्यारा हो जाए… वह तो अन्त में हिसाब-किताब चुक्तू करने बाद ऐसी अकर्मी अवस्था
होती।)
° जो फालतू संकल्प चलते हैं अर्थात् कलियुगी संसार और कलियुगी मित्र सम्बन्धियों के प्रति चलते हैं वह *विकल्प* कहे जाते हैं जिससे ही *विकर्म* बनते हैं और विकर्मो से *दु:ख* प्राप्त होता है।

10. *निरसंकल्प योगयुक्त अवस्था* का औरों पर क्या असर हो सकता?
° निरसंकल्प अवस्था में रहने से तुम अपने तो क्या, किसी भी *विकारी के विकर्मो को दबा सकते* हो, कोई भी कामी पुरुष तुम्हारे सामने आयेगा, तो उसका *विकारी संकल्प नहीं चलेगा*, वार नहीं होगा। (जैसे कोई देवताओं के पास जाता है तो उनके सामने वह शान्त हो जाता है, वैसे तुम भी *गुप्त रूप में देवतायें* हो।)

11. बाबा के *सच्चे पक्के बच्चे* किन्हें कहेंगे? _(जिन्हें बहुत भारी पद मिलता)_
° जो परमात्मा से सर्विस ले फिर सर्विस कर रहे हैं अर्थात् *पतितों को पावन कर* रहे हैं वही!

12. अच्छी *सर्विस* कौन कर सकते?
° *जो विकार प्रूफ हैं* वो सर्विस कर औरों को आप समान बना सकेंगे। (जैसे देखो कोई-कोई बच्चे हैं, जिनमें न काम है, न क्रोध है, न लोभ है, न मोह है…, वो सर्विस बहुत अच्छी कर सकते हैं। अब उन्हों की बहुत ज्ञान विज्ञानमय अवस्था है। वह तो तुम सब भी वोट देंगे। इसलिए विकारों पर पूर्ण जीत चाहिए, विकल्प पर पूर्ण जीत चाहिए।)

13. *विकर्मो से बचने* लिए कौन सी फ़र्ज-अदाई पालन करते भी अनासक्त रहो?
° *मित्र सम्बन्धियों की सर्विस भले करो लेकिन अलौकिक ईश्वरीय दृष्टि* रखकरके करो, उनमें मोह की रग नहीं जानी चाहिए। (अगर किसी विकारी संबंध से संकल्प भी चलता है तो वह विकर्म बन जाता है इसलिए अनासक्त होकर फ़र्जअदाई पालन करो। जितना हो सके *देही-अभिमानी* रहने का पुरुषार्थ करो।)

14. कोई भी उल्टा _____ छिपकर नहीं करना है। बापदादा से कोई भी _____ छिपानी नहीं है। बहुत-बहुत _____ रहना है। स्टूडेन्ट शोज़ _____ , जो पढ़ा है वह दूसरों को पढ़ाना है। एवर-_____ गाड के बच्चे हैं, इस स्मृति से अपार खुशी में रहना है।
° _कर्म_, _बात_, _सावधान_, _मास्टर_, _हैपी_

Answers from Sakar Murli 08-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-12-2020*

1. सर्वंश त्यागी वह है जो पुराने स्वभाव संस्कार के _____ का भी त्याग करता है।
° _वंश_

2. जैसे हंस 🦢 कभी भी कंकड़ नहीं चुगते, रत्न धारण करते हैं। ऐसे *होलीहंस* किसी के अवगुण अर्थात् *कंकड को धारण नहीं* करते। तो क्या करते?
° वे *व्यर्थ और समर्थ को अलग कर* व्यर्थ को छोड़ देते हैं, समर्थ को अपना लेते हैं। (ऐसे होलीहंस ही पवित्र शुद्ध आत्मायें हैं, उनका *आहार, व्यवहार सब शुद्ध* होता है। जब अशुद्धि अर्थात् अपवित्रता का नाम निशान भी समाप्त हो जाए तब भविष्य में *हिज़ होलीनेस* का टाइटल प्राप्त हो इसलिए कभी गलती से भी किसी के *अवगुण धारण नहीं* करना।)

3. बुद्धि भी कहती है फादर तो _____ होता। फादर से ही _____ मिलता। तुम बच्चों की बुद्धि में है – कल्प के इस _____ पर ही बाबा से वर्सा मिलता। जब हम _____-धाम में जाते तो बाकी सब _____-धाम में रहते। अगर ज्ञान के विचारों में रहते तो उन्हों के _____ ही वह निकलेंगे, तुम रूप-बसन्त बन रहे हो – बाबा द्वारा।
° _एक_, _वर्सा_, _पुरुषोत्तम संगमयुग_, _सुख_ ,_शान्ति_ , _बोल_

4. यह तो तुम बच्चे समझते हो – हमको यह _____ बनना है। कितनी _____ एम ऑब्जेक्ट है। पढ़ाने वाला भी _____ है ना। श्रीकृष्ण की महिमा कितनी गाते हैं – सर्वगुण _____ , 16 कला _____ ….. अब तुम बच्चे जानते हो हम वह बन रहे हैं।
° _लक्ष्मी-नारायण_, _ऊंच _,_हाइएस्ट_, _सम्पन्न_, _सम्पूर्ण_

5. जो ब्राह्मण बनते हैं वह _____ घराने में आने वाले हैं। कोई तो बहुत _____ होते हैं, सबको _____ करते रहेंगे। कभी किसको _____ कर दु:ख नहीं देते। स्टूडेण्ट खुद समझते होंगे ना कि हमारे कैरेक्टर्स, _____ कैसी है? हम कैसे चलते हैं? _____-मोही भी बनना चाहिए।
° _दैवी_, _मीठे_, _प्यार_, _गुस्सा, अवस्था, निर्_

6. शिवबाबा हम आत्माओं का बाप है, यह भी _____ से लगता है ना। यहाँ तुम सम्मुख बैठे हो। समझते हो बाप फिर इस _____ ही आयेंगे। तुम जानते हो नई दुनिया को _____ कहा जाता। हमको बाबा नई दुनिया लिए _____ बना रहे। यह लक्ष्मी-नारायण साहूकार कैसे बनें? _____ अनुसार यह धन मिला। बाप का कर्म सिखलाना तो बिल्कुल ही _____ है।
° _दिल_, _समय, स्वर्ग, साहूकार_, _कर्मों_, _न्यारा_

7. 🎤 *गीत* :-यही बहार है दुनिया को भूल जाने की……. इसका कौन-सा *वन्डरफुल अर्थ* बाबा ने सुनाया?
° तुमको अब स्मृति दिलाई जाती है, *अभी नई दुनिया स्थापन होती है इसलिए पुरानी दुनिया को भूलना* है। भूल जाने से क्या होगा? हम यह *शरीर छोड़ नई दुनिया में* जायेंगे। (इसके पहले स्थाई याद में ठहरकर वह कर्मातीत अवस्था जरूर बनानी है।)

8. “मीठे बच्चे – बाप जो है, जैसा है, उसे _____ पहचान कर याद करो, इसके लिए अपनी बुद्धि को _____ बनाओ”
° _यथार्थ_, _विशाल_

9. भारत का प्राचीन योग क्यों नहीं मशहूर होगा। जिससे मनुष्य विश्व का _____ बनते हैं उसको कहते हैं _____ ज्ञान-योग। है भी बहुत सहज, एक ही जन्म के पुरुषार्थ से कितनी _____ हो जाती है। यह तो एक ही जन्म में मिलता, सेकेण्ड में _____ -मुक्ति कहा जाता है।
° _मालिक_, _सहज_, _प्राप्ति_, _जीवन_

10. तुम _____ में बैठे हो, नौकरी आदि भी करते हो, हथ कार डे…और आत्मा की दिल _____ तरफ, आशिक _____ भी गाये हुए हैं ना। कहाँ भी बैठे याद आ जायेंगे। _____ खाते रहेंगे बस सामने उनको देखते रहेंगे। अन्त में तुम्हारी यह _____ हो जायेगी। बस बाप को ही _____ करते रहेंगे।
° _शान्ति_, _यार_, _माशूक_, _रोटी_, _अवस्था_, _याद_

11. यहां से कोई अच्छा बच्चा शरीर छोड़ता, तो अभी उन्हें *कैसा जन्म* मिलेंगा?
° नम्बरवार *सुख में ही जन्म लेते* हैं। सुख तो उनको देखना है, *थोड़ा दु:ख* भी देखना है। कर्मातीत अवस्था तो किसकी हुई नहीं है। जन्म *बड़े सुखी घर में* जाकर लेंगे। ऐसे मत समझो यहाँ कोई सुखी घर हैं नहीं।

12. बाबा ने आज *आटे में नमक* किसे कहा? _(नई बात!)_
° *कहाँ इतने करोड़ मनुष्य, बाकी 9 लाख रहते* हैं। इसको कहा जाता है आटे में नमक।

13. बाप को *गरीब-निवाज़* क्यों कहा गया है? (2)
° क्योंकि इस समय जब सारी दुनिया *गरीब अर्थात् दु:खी* बन गई है तब बाप आये हैं सबको दु:ख से छुड़ाने। (बाकी किस पर तरस खाकर कपड़े दे देना, पैसा दे देना वह कोई कमाल की बात नहीं। इससे वह कोई साहूकार नहीं बन जाते। ऐसे नहीं मैं कोई पैसा देकर गरीब-निवाज़ कहलाऊंगा। मैं तो *गरीब अर्थात् पतितों को, जिनमें ज्ञान नहीं* है, उन्हें ज्ञान देकर पावन बनाता हूँ।)

14. श्रीकृष्ण है _____ नम्बर। उनको भी भगवान नहीं कह सकते। जन्म-मरण रहित एक ही _____ बाप है। गाया जाता है शिव परमात्माए नम:, ब्रह्मा-विष्णु-शंकर को देवता कह फिर शिव को _____ कहते हैं। तो शिव सबसे _____ हुआ ना। वह है सबका _____ । बाप स्वर्ग की स्थापना करने वाला है तो जरूर _____ का ही वर्सा देंगे।
° _अव्वल_, _निराकार_, _परमात्मा_, _ऊपर_, _बाप_, _स्वर्ग_

15. कोई भी मनुष्य मात्र को ज्ञान का सागर वा *पतित-पावन* नहीं कहेंगे। क्यों?
° जबकि *सारी सृष्टि ही पतित है* तो हम पतित-पावन किसको कहें? (यहाँ कोई पुण्य आत्मा हो न सके। बाप समझाते हैं – यह दुनिया पतित है।)

Answers from Sakar Murli 17-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-12-2020*

1. साधनों की आकर्षण _____ को खण्डित कर देती है।
° _साधना_

2. _____ वृत्ति से सेवा करना – यही सर्व की दुआयें पाने का साधन है। ____ कल्याणकारी हैं, तो अकल्याण का कर्तव्य हो नहीं सकता। जैसा कार्य होता वैसी अपनी ______ होती (सदा रहमदिल, महादानी)। हर कदम कल्याणकारी वृत्ति से चलेंगे, मैं पन नहीं आयेगा, _____ पन याद रहेगा। तो रिटर्न में सर्व की दुआओं का ______ प्राप्त होता।
° _कल्याणकारी_, _विश्व_, _धारणायें_, _निमित्त_, _अधिकार_

3. बाबा हम आपसे 5 हज़ार वर्ष पहले भी मिले थे। *क्यों मिले थे?* (2)
° स्वर्ग का *वर्सा लेने* । *लक्ष्मी-नारायण बनने* के लिए। (कोई भी छोटे, बड़े, बूढ़े आदि आते हैं, यह जरूर सीखकर आते हैं। *एम ऑब्जेक्ट ही यह है* । सत्य नारायण की सच्ची कथा है ना। यह भी तुम समझते हो, राजाई स्थापन हो रही है।)

4. बाबा पूछेंगे *हिम्मत है ना* राजाई लेने की?
° कहते हैं *बाबा क्यों नहीं* , हम पढ़ते ही हैं नर से नारायण बनने। (इतना समय हम अपने को देह समझ बैठे थे अब बाप ने हमको राइटियस रास्ता बताया। देही-अभिमानी बनने की मेहनत करेंगे। घड़ी-घड़ी अपने नाम-रूप में फंस पड़ते हैं। बाप कहते हैं इस नाम-रूप से न्यारा होना है।)

5. किन राहों पर चलना है? _____ की राह पर। सच्चा ____ -गुरू एक है, जिसकी ही वाह-वाह मानी जाती। सच होता है ____ पर। ऊंच ते ऊंच बाप ही सच्चा है, जो ही लिबरेटर, ____ भी बनता। पतित- ____ , सतगुरू को ही कहा जाता। और कोई ऐसे नहीं कहते कि ______ याद करो।
° _गुरू_, _सत_, _संगम_, _गाइड_, _पावन_, _मामेकम्_

6. यह ____ पहले आते, बाप आकर इन्हें सतयुग की _____ देते। तो और सब ऑटोमेटिकली वापिस जाते, इसलिए सर्व का ____ दाता एक कहा जाता। कल्प-कल्प _____ पर ही देवी-देवता धर्म की स्थापना होती, तुम _____ बनते हो। सतयुग में तो है एक _____ । बाप ही आकर युक्ति-श्रीमत देते, किसको? ______ को।
° _देवी-देवतायें_, _बादशाही_, _सद्गति_, _संगम_, _पुरुषोत्तम_, _धर्म_, _आत्माओं_

7. बाप के _____ से तुम्हारी सद्गति होती। तुम्हें अब _____ कला में ले जाने लिए सतगुरू मिला है, तेरे भाने सर्व का ___ । बाप है _______ परमपिता, लौकिक बाप को परमपिता नहीं कहेंगे। बाप कहते हैं – _____ को याद करो तो तुमको 21 जन्म लिए सुख मिलेगा।
° _ज्ञान_, _चढ़ती_, _भला_, _सुप्रीम_, _साहेब_

8. (धारणा) माला का दाना बनने के लिए बहुतों को _____ बनाने की सेवा करनी है। आन्तरिक ______ में रहना है कि हम ____ लेने के लिए पढ़ रहे हैं। यह पढ़ाई है ही नर से _____ बनने की।
° _आप समान_, _खुशी_, _राजाई_, _नारायण_

9. कोई भी आये तो उनको समझायें। आदि में था देवी-देवताओं का _____ , फिर मध्य में रावण _____ हुआ, ______ उतरते रहे। सतयुग में कहेंगे _____ फिर सतो, रजो, तमो में उतरते। _____ फिरता रहता, इनके आदि-मध्य-अन्त को जानना है। जानने से तुमको कितना ____ पद मिलता।
° _राज्य_, _राज्य_, _सीढ़ी_, _सतोप्रधान_, _चक्र_, _ऊंच_

10. तुम बच्चे सर्विस पर हो, बाबा भी ____ पर है। बाबा ____ बिगर रह नहीं सकते। रोज़ सुबह को ______ करने आते। तुम मनुष्यों को रास्ता बताने के लिए कितने ____ आदि बनाते हो। कितना _____ समझा सकते हो।
° _सर्विस_, _सर्विस_, _सर्विस_, _चित्र_, _सहज_

11. अब तुम वर्थ _____ बन रहे। तुम अपने हाथ _____ कर जाते। बाबा को बहुत कहते, जल्दी ______ ले चलो। बाप कहते हैं _____ धरो, स्थापना होनी ही है। यह ______ ही तुमको ले जायेगी। तुम आत्मायें परमधाम से आई, फिर वहाँ जाना, फिर आयेंगे। तो परमधाम को _____ करना पड़े।
° _पाउण्ड_, _भरपूर_, _सतयुग_, _धीरज_, _खातिरी_, _याद_

12. बाप भी कहते हैं मामेकम् ____ करो तो विकर्म विनाश होंगे। यही _____ सभी को देना है। बच्चों को बहुत _____ रहना चाहिए।
° _याद_, _पैगाम_, _नशा_

13. गली-गली में सेन्टर ऐसा नज़दीक होना चाहिए, जो घर से निकले सेन्टर पर आये, *सहज* हो जाए। इसका कौन-सा नया कारण बाबा ने सुनाया?
° बाबा तो कहते हैं तुम बच्चों को घर से बहुत सवेरे भी नहीं आना है और रात को भी नहीं आना चाहिए क्योंकि दिन-प्रतिदिन *दुनिया बहुत खराब होती जाती* है।

14. ड्रामा का कौन सा प्लैन बना हुआ है इसलिए किसी को *दोष नहीं दे सकते* हैं?
° ड्रामा में इस *पुरानी दुनिया के विनाश का प्लैन* बना हुआ है, इसमें कोई का दोष नहीं है। (इस समय इसके विनाश के लिए प्रकृति को जोर से गुस्सा आया है। चारों ओर *अर्थक्वेक* होगी, मकान गिरेंगे, *फ्लड* आयेगी, अकाल पड़ेगा इसलिए बाप कहते हैं बच्चे अब इस पुरानी दुनिया से तुम अपना बुद्धि-योग निकाल दो, *सतगुरू की श्रीमत* पर चलो। जीते जी देह का भान छोड़ अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने का पुरुषार्थ करते रहो।)

Answers from Sakar Murli 07-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-12-2020*

1. _____ -पन की स्थिति ही यथार्थ निर्णय का तख्त 💺 है।
° _साक्षी_

2. संगमयुग पर जो बच्चे *गुणों की माला* धारण करते हैं, वही *विजय माला* में आते। इसलिए अब क्या करना है? (2)
° होलीहंस 🦢 बन सर्व के *गुणों को देखो* और एक *बाप के गुणों को स्वयं में धारण* करो, यह गुणमाला सभी के गले में पड़ी हुई हो। (जो जितने बाप के गुण स्वयं में धारण करते हैं उनके गले में उतनी बड़ी माला पड़ती है। गुणमाला को सिमरण करने से स्वयं भी *गुणमूर्त* बन जाते हैं। इसी की यादगार में *देवताओं और शक्तियों के गले में माला* दिखाते हैं।)

3. सतयुग की कौन-सी *सुन्दर-सुन्दर बातें* बाबा ने सुनाई? (5)
° उन्हों के *महल बगीचे आदि कितने बड़े-बड़े* होंगे, बहुत जगह होगी।
° वहाँ डरने आदि की बात ही नहीं होती। *सदैव फुलवाड़ी* रहती है। कांटे होते ही नहीं। वह है ही बगीचा। बहुत अच्छे-अच्छे बगीचे होंगे, खुशबू आती रहेगी।
° वहाँ हम *बहुत थोड़े टुकड़े में* रहते हैं। पीछे वृद्धि को पाते जाते हैं।
° *राजायें प्रिन्स-प्रिन्सेज* होंगे। बहुत रमणीक स्वर्ग होगा।
° पानी के *झरने* बहते रहते हैं।
(आत्मा समझती है हम अच्छी-अच्छी चीजें बनायें। आत्मा को स्वर्ग तो याद आता है ना। चित्रों को देखो तुम कितने खुशनसीब हो।)

4. अपनी *स्थिति को एकरस* बनाने का साधन क्या है?
° सदा याद रखो जो *सेकेण्ड पास हुआ, ड्रामा*। *कल्प पहले भी* ऐसे ही हुआ था। (अभी तो निंदा-स्तुति, मान-अपमान सब सामने आना है इसलिए अपनी स्थिति को एकरस बनाने के लिए *पास्ट का चिंतन मत करो*।

5. (धारणा) कोई भी ऐसा कर्म नहीं करना है जिससे किसी को ____ हो। ___ बोल नहीं बोलने हैं। बहुत-बहुत ____ होकर रहना है। किसी भी _____ की स्तुति नहीं करनी है। बुद्धि में रहे हमको _____ पढ़ाते हैं, उस एक की ही महिमा करनी है, रूहानी _____ -गार बनना है।
° _दु:ख_, _कड़ुवे_, _क्षीरखण्ड_, _देहधारी_, _शिवबाबा_, _खिदमत_

6. रूहानी बाप का नाम क्या है? _____। रूहानी बच्चों का नाम? _____ । सच्चा-सच्चा सत का संग जो सत बाप _____ सिखाकर सतयुग में ले जाते। सारा सृष्टि चक्र बुद्धि में है, तुम बच्चे ही स्वदर्शन _____ हो। यह नई बात नहीं, जानते हो _____ सुनते, अब फिर से सुन रहे। प्रैक्टिकल ____ -बन तो यह है।
° _शिवबाबा_, _आत्मा_, _राजयोग_, _चक्रधारी_, _कल्प-कल्प_, _मधु_

7. तुम्हारी बुद्धि में है कि हम सतयुग से पुनर्जन्म लेते-लेते अभी संगम पर खड़े हैं – _____ बनने लिए। सतयुग में ____ -प्रधान आत्मायें थी, शरीर भी। अभी फिर से बाप आकर मिले हैं, जन्म सिद्ध _____ देने लिए। यहाँ बाप _____ कराते, इसमें आत्मा के 84 जन्मों की रियलाइजेशन आ जाती। जैसे 5000 वर्ष पहले भी समझाया था – मनुष्य को ____ या कंगाल को _____ बनाने लिए।
° _पुरुषोत्तम_, _सतो_, _अधिकार_, _रियलाइज_, _देवता_, _सिरताज_

8. बांधेलियों ने कभी देखा थोड़ेही है, कैसे आत्मा को ____ आती है। अपना घर नजदीक आने से आत्मा को ____ होती है। समझते हैं बाबा हमको ज्ञान देकर ____ -ने आये हैं।
° _उछल_, _खुशी_, _श्रृंगार_

9. “मीठे बच्चे – तुम *बहुत समय के बाद* फिर से बाप से मिले हो इसलिए तुम बहुत-बहुत _____ हो”
° _सिकीलधे_

10. मधुबन में *रिफ्रेश होने* कौन आयेंगे?
° वह आयेंगे *जिनको बहुत अच्छा पद पाना होगा*। (कम पद वाले जास्ती पुरुषार्थ भी नहीं करेंगे। यह ज्ञान ऐसा है थोड़ा भी पुरुषार्थ किया तो वह व्यर्थ नहीं जायेगा। पुरुषार्थ अच्छा करते तो सज़ा भी कम होती।)

11. _____ की यात्रा बिगर विकर्म विनाश नहीं होंगे। यह तो घड़ी-घड़ी अपने को _____ कराओ। कोई भी मनुष्य मिले पहले यह समझाना – अपने को _____ समझो। यह नाम तो पीछे _____ पर मिले हैं।
° _याद_, _याद_, _आत्मा_, _शरीर_

12. शिव के चित्र भी कोई बड़े, कोई छोटे बनाते हैं। है तो वह _____ ही। नाम-रूप भी है परन्तु _____ है। जरूर कभी ____ सुनाया है तब तो उनको ज्ञान सागर कहते हैं। बाप को ज्ञान का सागर ____ कहा जाता है। शिवबाबा कहते हैं ______, मुझ एक बाप को याद करो। शिव भगवानुवाच पहले-पहले तो ____ ही समझना पड़े।
° _बिन्दी_, _अव्यक्त_, _ज्ञान_, _अथॉरिटी_, _मनमनाभव_, _अल्फ_

13. बाबा कहते हैं _____ याद करो तो विकर्म विनाश होंगे। यह _____ अग्नि है। भारत का _____ योग गाया हुआ है ना। आर्टीफीशियल योग तो बहुत हो गये हैं इसलिए बाबा कहते हैं याद की ____ कहना ठीक है। शिवबाबा को याद करते-करते तुम ___ -पुरी में चले जायेंगे।
° _मामेकम्_, _योग_, _प्राचीन_, _यात्रा_, _शिव_

14. पहले तो पूछना चाहिए *अभी* कलियुग है या सतयुग? नई दुनिया है या पुरानी दुनिया?…. फिर *पुराना-पन* कैसे सिद्ध करे? _(बाबा ने एक अच्छा नया तर्क सुनाया)_
° यह *लक्ष्मी-नारायण अगर होते, तो उन्हों का राज्य भी होता* । (यह पुरानी दुनिया, कंगालपना ही नहीं होता। अभी तो सिर्फ इन्हों के चित्र हैं।)

15. कौन-सी एक बात किसकी बुद्धि में याद रहे, तो भी *सारा ड्रामा बुद्धि में आ जाए*?
° *हम पुरुषोत्तम संगमयुग पर हैं*। (जो अच्छी रीति धारणा करते हैं, वह दूसरे को भी समझाते हैं। परन्तु कलियुगी देह के सम्बन्धी आदि याद आते रहते हैं। बाप कहते हैं – तुमको याद करना है एक बाप को। सर्व का सद्गति दाता राजयोग सिखलाने वाला एक ही है।)

16. तुम्हारी बुद्धि जानती है – शिवबाबा इस ____ -रथ पर विराजमान हैं। तुम जानते हो यह ____ कोई इस बाप की नहीं, इनको तो यह मालूम नहीं था कि कलियुग खत्म हो सतयुग आना है। इनका अब कोई देहधारी ____ नहीं है। यह धर्म किसने स्थापन किया? परमपिता परमात्मा ____ शिवबाबा ने ____ द्वारा स्थापन किया है।
° _भागी_, _शिक्षा_, _गुरू_,
_त्रिमूर्ति_, _ब्रह्मा_

Answers from Sakar Murli 05-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-12-2020*

1. जो मन से सदा _____ है वही डबल लाइट है।
° _सन्तुष्ट_

2. विकर्मों के बन्धनों से बचने लिए कौन-सी *2 जबरदस्त युक्तियां* वरदान में सुनाई? (2)
° यदि *त्रिकालदर्शी स्टेज* पर स्थित हो, *कर्म के आदि मध्य अन्त को जानकर कर्म* करते हो तो कोई भी कर्म विकर्म नहीं हो सकता है, सदा सुकर्म होगा।
° ऐसे ही *साक्षी दृष्टा बन कर्म* करने से कोई भी कर्म के बन्धन में कर्म बन्धनी आत्मा नहीं बनेंगे। (कर्म का फल श्रेष्ठ होने के कारण कर्म सम्बन्ध में आयेंगे, बन्धन में नहीं। कर्म करते न्यारे और प्यारे रहेंगे तो अनेक आत्माओं के सामने दृष्टान्त रूप अर्थात् एक्जैम्पल बन जायेंगे।)

3. मीठे-मीठे रूहानी बच्चे यह गीत (आखिर वह दिन आया आज) गा रहे। बच्चे समझते हैं कि कल्प बाद फिर से *हमको वर्सा मिल रहा है*। तो इस वर्से में क्या-क्या होंगा? _(बाबा ने आते ही बहुत सुन्दर बातें सुनाई)_ (2)
° *धनवान, हेल्दी और वेल्दी* बनाने, *पवित्रता, सुख, शान्ति* का वर्सा देने बाप आते हैं।
° पहले भी हमको बाप ने आकर मनुष्य से *देवता* , नर से *नारायण* बनने की शिक्षा दी थी। यह *डीटी किंगडम* स्थापन हो रही है। आदि सनातन *देवी-देवता धर्म* की स्थापना हो रही है। (बाप सत्य बताकर, *सचखण्ड* की स्थापना कर रहे हैं।)

4. “मीठे बच्चे – अब _____ जाना है इसलिए _____ -अभिमानी बनो, एक _____ को याद करो तो अन्त मति सो गति हो जायेगी, _____ -प्रधान बन _____ दुनिया के मालिक बन जायेंगे।”
° _घर_, _देही_, _बाप_, _सतो_, _सतोप्रधान_

5. वण्डरफुल बाप ने तुम्हें कौन सा एक *वण्डरफुल राज़* सुनाया है?
° बाबा कहते – बच्चे, यह *अनादि अविनाशी ड्रामा* बना हुआ है, इसमें *हर एक का पार्ट नूंधा* हुआ है। कुछ भी होता है *नथिंग न्यु* । (बाप कहते हैं बच्चे इसमें *मेरी भी कोई बड़ाई नहीं* , मैं भी ड्रामा के बंधन में बांधा हुआ हूँ। यह वण्डरफुल राज़ सुनाकर बाप ने जैसे अपने पार्ट का महत्व कम कर दिया है।)

6. पहले-पहले ____ को पहचानना है। इतनी छोटी आत्मा में 84 _____ का अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यही है सबसे वण्डरफुल बात। आत्मा भी ____ है। जैसे बाबा वण्डरफुल वैसे _____ भी बड़ा वण्डरफुल है।
° _आत्मा_, _जन्मों_, _अविनाशी_, _ज्ञान_

7. तुम जानते हो पहले हम _____ से भी बदतर थे। अब बाप ____ लायक बना रहे हैं। जो अच्छे-अच्छे बच्चे हैं उनकी आत्मा ______ करती, बरोबर हम कोई काम के नहीं थे। अभी हम वर्थ ____ बन रहे हैं। कल्प-कल्प _____ हमको पेनी से पाउण्ड बनाते हैं।
° _बन्दर_, _मन्दिर_, _रियलाइज_, _पाउण्ड_, _बाप_

8. कल्प पहले वाले ही इन बातों को ____ रीति समझेंगे। तुम भी प्रदर्शनी आदि करते हो, नथिंग न्यु। इन द्वारा ही तुम _____ -पुरी की स्थापना कर रहे हो।
° _अच्छी_, _अमर_

9. *त्रिमूर्ति में लिखा हुआ* है – क्या?
° यह तुम्हारा *ईश्वरीय जन्म सिद्ध अधिकार* है। *ब्रह्मा द्वारा स्थापना* , शंकर द्वारा विनाश, विष्णु द्वारा पालना….. विनाश भी जरूर होना है। (नई दुनिया में बहुत थोड़े होते हैं। अभी तो अनेक धर्म हैं। समझते हैं एक आदि सनातन देवी-देवता धर्म है नहीं। फिर जरूर वह एक धर्म चाहिए।)

10. पतित से पावन, पावन से पतित बनना, यह समझना कोई डिफीकल्ट बात नहीं। है बहुत सहज, परन्तु *युद्ध किस बात में* है? _(इसपर एक कहानी भी है)_
° बच्चे देखते हैं हम घड़ी-घड़ी *बाप को याद करते, फिर याद टूट जाती* है। माया दीवा बुझा देती है।
° इस पर *गुलबकावली* की भी कहानी है। (बच्चे जीत पाते हैं। बहुत अच्छे चलते हैं फिर माया तूफान लाकर दीवा बुझा देती है। कभी-कभी गज़ को ग्राह खा भी लेती)

11. हथियाला बांधने समय कहते यह तुम्हारा गुरू ईश्वर है। और यहाँ *बाप कहते हैं* ….. क्या?
° तुम्हारा *एक ही बाप सब कुछ* है। मेरा तो *एक दूसरा न कोई*। सब उनको ही याद करते हैं। उस एक से ही योग लगाना है। देह भी मेरी नहीं।

12. जिसका पेट भरा हुआ होता, वह ____ रहते। अन्दर में समझते हो हमने कितना बार _____ ली थी, कल ही _____ थे फिर चक्र लगाए पतित बने फिर हम ____ -बल से विश्व की बादशाही लेते। बाप कहते हैं कल्प-कल्प तुम ही ____ लेते हो। ज़रा भी फर्क नहीं पड़ सकता।
° _गम्भीर_, _राजाई_, _देवी-देवता_, _योग_, _बादशाही_

13. प्रजापति ब्रह्मा और शिवबाबा में कौन-सा *स्पष्ट अन्तर* मुरली में सुनाया? (4)
° (रूप) यह *देहधारी* है, वह *विदेही*, विचित्र है।
° (सम्बन्ध) इनको *प्रजापिता* कहेंगे। वह *परमपिता* तो परमधाम में रहते हैं।
° (देश) वह परमपिता तो *परमधाम* में रहते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा परमधाम में नहीं कहेंगे। वह तो यहाँ *साकारी दुनिया में* हो गया। (सूक्ष्मवतन में भी नहीं है। प्रजा तो है स्थूल-वतन में।
° (नाम) प्रजापिता को भगवान नहीं कहा जाता है। *भगवान का कोई शरीर का नाम* नहीं। मनुष्य तन जिस पर नाम पड़ते हैं, उनसे वह न्यारा है।

14. _____ के पास कितने आते हैं मिलने। कहता हूँ बेहद के बाप का कहना नहीं मानेंगे, ____नहीं बनेंगे! बाप आत्मा समझ _आत्मा_ को कहते हैं तो तीर 🎯 जरूर लगेगा।
° _बाबा_, _पवित्र_,

15. (धारणा) कोई भी ग्रहचारी आती है तो _____ हो बैठ नहीं जाना है। फिर से _____ कर, बाप की याद में रह ____ पद पाना है। स्वयं की स्थिति याद से ऐसी _____ बनानी है जो कोई भी माया का _____ वार न कर सके। _____ से अपनी सम्भाल करते रहना है।
° _दिलशिकस्त_, _पुरुषार्थ_,
_ऊंच_, _मजबूत_, _तूफान_,
_विकारों_,

16. छोटे बच्चे को पवित्र कहा जाता है। फिर भी इस समय तो *कोई पवित्र आत्मा नहीं* कह सकते। क्यों?
° छोटे से *बड़ा तो होगा* ना (फिर भी पतित तो कहेंगे।)

Answers from Sakar Murli 04-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-12-2020*

1. आज्ञाकारी बच्चे ही _____ के पात्र हैं, जिनका प्रभाव दिल को सदा ______ रखता है।
° _दुआओं_, _सन्तुष्ट_

2. मनन शक्ति ही ____ बुद्धि की खुराक है। इस शक्ति द्वारा मास्टर _____ बनो। रोज़ अमृतवेले अपने एक _____ को स्मृति में लाकर मनन करते रहो, तो _____ शक्ति से बुद्धि शक्तिशाली रहेगी। माया का वार नहीं होगा क्योंकि माया पहले ____ संकल्प रूपी वाण द्वारा दिव्यबुद्धि को कमजोर बनाती।
° _दिव्य_, _सर्वशक्तिमान_, _टाइटल_, _मनन_, _व्यर्थ_

3. अब जागो, सतयुग आ रहा है। सत्य बाप ही तुमको 21 जन्मों का ____ देते हैं। भारत ही ____ -खण्ड बनता है। वहाँ सदैव खुशी रहती है, वह है ही ____ -धाम। वहाँ तो हीरे जवाहरातों के महल होते, बाप तुमको ____ का खजाना देते। ____ राज्य को ही पैराडाइज कहा जाता है।
° _वर्सा_, _सच_, _सुख_, _कारून_, _डीटी_

4. किन बच्चों को देखकर *बेहद का बाप बहुत खुश* होते हैं? (3)
° जो बच्चे *सर्विस के लिए एवररेडी* रहते हैं, पतितों को *पावन बनाने* की सेवा करते हैं,
° अलौकिक और पारलौकिक *दोनों बाप को पूरा फालो* करते हैं,
° *ज्ञान-योग (के गहनों) से आत्मा को श्रृंगारते* हैं,
ऐसे बच्चों को देख बेहद के बाप को बहुत खुशी होती है। (बाप की चाहना हैं मेरे बच्चे मेहनत कर ऊंच पद पायें।)

5. अभी तुमको एक बाप को ही याद करना है। बाबा आप कितने _____ हैं, कितना मीठा ___ आप देते हैं। हमको मनुष्य से देवता, _____ लायक बनाते हो। बाबा आप तो सबसे मीठे हो। आपको हम क्यों नहीं ____ करेंगे। आपको प्रेम का, शान्ति का _____ कहा जाता है, आप ही वर्सा देते हो।
° _मीठे_, _वर्सा_, _मन्दिर_, _याद_, _सागर_

6. “मीठे बच्चे – बेहद का बाबा आया है तुम बच्चों का ज्ञान से श्रृंगार करने, ऊंच पद पाना है तो सदा ____ हुए रहो”
° _श्रृंगारे_

7. सुई पर अगर कट चढ़ी हुई होगी तो _____ खींचेगा नहीं। जितना पापों की ____ उतरती जायेगी तो चुम्बक खीचेगा। ____ तो पूरा प्योर है। तुमको भी पवित्र बनाते हैं ____ -बल से।
° _चुम्बक_, _कट_, _बाप_, _योग_

8. तुम्हारी अविनाशी ज्ञान रत्नों से ____ भरती है ना, यह तो पढ़ाई है। इनको कहा जाता है युनिवर्सिटी कम ____ , जिससे तुम एवरहेल्दी, ____ बनते हो। आत्मा ही इन ____ द्वारा सुनती है।
° _झोली_, _हॉस्पिटल_, _वेल्दी_, _कानों_

9. आत्मा तो ____ मिसल, बिन्दी है। बाप भी बिन्दी है, जिनको ____ सागर कहा जाता है। तुम भी छोटी आत्मा हो, उसमें सारा _____ भरा जाता। तुम फुल ज्ञान लेते हो, पास विद् ____ होते। आत्मा परमधाम से आती ____ बजाने, बाप कहते मैं भी वहाँ से आता। मै रूप भी हूँ, _____ भी, ज्ञान की वर्षा बरसाते।
° _स्टॉर_, _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ऑनर_, _पार्ट_, _बसन्त_

10. अब बाप है ऊंच ते ऊंच, *फिर ऊंच ते ऊंच* किन्हें कहेंगे? _(आज की मुरली अनुसार)_
° यह *वर्सा लक्ष्मी-नारायण*, इन जैसा ऊंच बनना है। (जितना तुम पुरुषार्थ करेंगे उतना ऊंच पद पायेंगे। अभी अच्छा पुरुषार्थ किया तो कल्प-कल्प करते रहेंगे। रूहानी पढ़ाई से पद बहुत मिलता है। लक्ष्मी-नारायण भी हैं तो मनुष्य परन्तु *दैवीगुण धारण* करते हैं इसलिए *देवता* कहा जाता है।)

11 बाप _____ आकर बच्चों को पढ़ाते, यह _____ -शाला है ना। बाप कहते हैं मैं तुमको राजाओं का राजा बनाता, यह ____ -योग है। अभी तुम तीनों लोकों को जान गये हो। इतनी छोटी ____ कैसे पार्ट बजाती है, बना-बनाया। इनको कहते अनादि-अविनाशी ____ ड्रामा। बाप सारा राज़ समझाते, तुम _स्वदर्शन_ चक्रधारी हो।
° _सम्मुख_, _पाठ_, _राज_, _आत्मा_, _वर्ल्ड_

12. अभी तुम जानते हो फिर औरों को बताना है। *सबको कैसे पता पड़े*………. ऐसा लक्ष्य क्यों रखना है?
° जो फिर ऐसा *कोई उल्हना न दे* कि हमको पता नहीं पड़ा।

13. भक्ति में दीदार होता है तो बहुत रोते हैं, दु:ख में आकर *बहुत आंसू बहाते* हैं 😭। और यहाँ तो बाप कहते हैं…….. क्या?
° आंसू आया तो *फेल!*

14. *कोई शरीर छोड़ते* हैं तो बी.के. को बुलाते हैं कि आकर शान्ति दो। तुम समझाते हो……. क्या? (3)
° आत्मा ने *एक शरीर छोड़ दूसरा लिया*, रोने से क्या फायदा।
° कहते हैं, इनको काल खा गया.. ऐसी कोई चीज़ है नहीं। यह तो *आत्मा आपेही* एक शरीर छोड़ जाती है। *अपने समय पर* शरीर छोड़ भागती है। बाकी काल कोई चीज़ नहीं है।
° *सतयुग में* गर्भ महल होता है, *सज़ा की बात ही नहीं*। वहाँ तुम्हारे कर्म अकर्म हो जाते हैं। माया ही नहीं जो विकर्म हो। तुम विकर्माजीत बनते हो।

15. अब शिवबाबा ____ -लय की स्थापना कर रहे हैं। फिर रावण आकर ____ -लय स्थापन करते हैं। बाप ____ -खण्ड बनाते हैं, ____ खण्ड फिर 5 विकारों रूपी रावण बनाते। आधाकल्प है ____ -राज्य, आधाकल्प है _____ राज्य।
° _शिवा_, _वेश्या_, _सच_, _झूठ_, _राम_, _रावण_

16. *पहले-पहले* मुक्तिधाम किन्हें जाना हैं?
° *तुम बच्चे ही* पहले-पहले आते हो फिर पहले तुमको ही जाना है। मुक्तिधाम के *गेट्स भी तुमको खोलने हैं* । (फिर तुम सद्गति में जाते हो बाकी सब गति में अर्थात् अपने घर में जाते हैं। वह है स्वीट होम। मूलवतन तो है ही स्वीट होम, मुक्तिधाम।)

17. मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों वापस जाना है, उसके लिए ____ जरूर बनना है। _______ बनने बिगर कोई जा न सके। मैं सबको लेने आया हूँ। यह वानप्रस्थ अवस्था का समय है, इसलिए बहुत _____ रहना है। न बहुत ऊंच, न बहुत नींच। वापस जाने लिए आत्मा को सम्पूर्ण _____ बनाना है।
° _पवित्र_, _पवित्र_, _साधारण_, _पावन_

18. बाबा के पास बहुत बच्चे हैं जो *शादी करके भी पवित्र* रहते हैं। ऐसा कैसे हो सकता? _(संन्यासी तो कुछ और कहते)_
° हो सकता क्योंकि इसमें *आमदनी बहुत* है। (पवित्र रहने से *21 जन्मों की राजधानी* मिलती है तो एक जन्म पवित्र रहना कोई बड़ी बात थोड़ेही है। बाप कहते हैं तुम काम चिता पर बैठ बिल्कुल ही काले बन गये हो।)