Answers from Sakar Murli 29-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-01-2021*

1. नॉलेज एवं अनुभव की डबल _____ वाले ही मस्त फकीर रमता योगी हैं।
° _अथॉरिटी_

2. ज्ञानी तू आत्मायें हर बात के _______ का अनुभव करती। सुनने के साथ-साथ _______ अर्थात् स्वरूप बनना – इसका अभ्यास। मैं आत्मा निराकार हूँ – सुनते हो लेकिन निराकार _______ के अनुभवी बनकर सुनो। जैसी _______ वैसा अनुभव। इससे _______ संकल्पों का खजाना जमा होगा, बुद्धि इसमें बिजी होगी तो _______ संकल्पों से सहज किनारा होगा।
° _स्वरूप_, _समाना_, _स्थिति_, _प्वाइंट_, _शुद्ध_, _व्यर्थ_

3. हम तो _____ दुनिया को याद करें, जहाँ अब जा रहे। बाप नया _____ बनाते तो बच्चे समझते हैं ना हमारे लिए बन रहा, _____ रहती। यह है बेहद की बात, हमारे लिए नई दुनिया _____ बन रही। जितना बाप को याद करेंगे उतना गुल-गुल _____ बनेंगे।
° _नई_, _मकान_, _खुशी_, _स्वर्ग_, _फूल_

4. अभी हम मनुष्य से _______ बन रहे। अब बेहद का बाप समझाते _______ -राज्य जैसा होता। अभी बेहद का बाप बच्चों को _______ दे रहे। अभी बाप का हाथ मिला है, _______ मिलने से तुम नई दुनिया सतयुग में चले जाते। निश्चय है – हम बाबा को _______ करते-करते पवित्र बन पवित्र _______ में आयेंगे।
° _देवता_, _राम_, _वर्सा_, _ज्ञान_, _याद_, _राज्य_

5. बाप कहते हैं – मैं तुम्हारी सेवा में _____ होता हूँ। तुमने _____ की है कि हम पतितों को आकर पावन बनाओ तो मैं आया हूँ, तुमको रास्ता बताता हूँ बहुत _____ । मन्मनाभव, मीठे-मीठे बच्चों को _____ खुशी रहनी चाहिए।
° _उपस्थित_, _डिमाण्ड_, _सहज_, _हड्डी_

6. अभी तुम बच्चों की बुद्धि का _______ खुला है। तुम समझ सकते हो, _______ कर सकते हो। अभी तुम _______ -मान बने हो। सामने देखो यह लक्ष्मी-नारायण _______ के मालिक हैं ना। हम अपनी नई दुनिया स्थापन कर रहे _______ पर।
° _ताला_, _धारणा_, _बुद्धि_, _पैराडाइज़_, _श्रीमत_

7. इस समय कितने एक्टर्स हैं। एक के _____ न मिलें दूसरे से। फिर कल्प बाद उस ही फीचर्स से पार्ट _____ करेंगे। आत्माएं तो सब _____ हैं ना। सभी एक्टर्स बिल्कुल एक्यूरेट अविनाशी _____ बजाते रहते। हर कल्प _____ तो स्थापन होती ही है, सतयुग में आते ही थोड़े हैं – सो भी नम्बरवार। एक का पार्ट एक ही जाने, दूसरा कोई _____ नहीं सकता।
° _फीचर्स_, _रिपीट_, _फिक्स_, _पार्ट_, _राजाई_, _जान_

8. इस पुरानी दुनिया में थोड़े दिन के हम _______ हैं। इन आंखों से जो कुछ देखते यह तो _______ होना है, आत्मा तो अविनाशी है। हम आत्मा ने पूरे 84 जन्म लिए, अब बाप आया है _______ जाने लिए। पुरानी दुनिया जब पूरी होती तब बाप आते _______ दुनिया बनाने। अनेक बार हमने यह चक्र लगाया, फिर नई. दुनिया में हम थोड़े से _______ ही रहेंगे। खुशी में _______ होना चाहिए।
° _मुसाफिर_, _विनाश_, _ले_, _नई_, _देवतायें_, _गद्गद्_

9. *कर्मों को श्रेष्ठ बनाने* की युक्ति क्या है? (2)
° इस जन्म का कोई भी कर्म *बाप से छिपाओ नहीं, श्रीमत के अनुसार कर्म करो* तो हर कर्म श्रेष्ठ होगा। (सारा मदार कर्मो के ऊपर है। अगर कोई पाप कर्म करके छिपा लेते तो उसका 100 गुणा दण्ड पड़ता, पाप वृद्धि को पाते रहते, बाप से योग टूट जाता। फिर ऐसे छिपाने वालों की सत्यानाश हो जाती, इसलिए सच्चे बाप के साथ सच्चे रहो।)

10. हम आत्माओं का वह _______ का बाप है, पारलौकिक। पुकारते भी – हे _______ -पावन आओ। उनका भी पार्ट है। क्रियेटर, _______ है ना। शिवबाबा को शरीर ही नहीं, यह तो वही बाप है जो _______ हमारा बाप बनते। विश्व का तुमको मालिक बनाते तो फिर उसी टीचर की _______ भी लेनी चाहिए, जिससे देवताओं ने सतयुगी राजाई ली। यह सिमरण कर बच्चों को अथाह _______ होनी चाहिए।
° _बेहद_, _पतित_, _डायरेक्टर_, _कल्प-कल्प_, _शिक्षा_, _खुशी_

11. अभी तुम बच्चों को बाप ने ज्ञान का तीसरा _____ दिया है, जिससे तुम अंधियारे से _____ में आ गये हो। आत्मा को ही यह ज्ञान नेत्र देते तब बाप कहते अपने को _____ समझो। बेहद के बाप को _____ करो। भक्ति में भी तुम कहते थे आप आयेंगे तो _____ जायेंगे। पवित्रता भी मुख्य है, एक बाप को याद करो तो _____ के पाप कर्म सब भस्म हो जायेंगे। कोई और ऐसे कभी कह न सके।
° _नेत्र_, _सोझरे_, _आत्मा_, _याद_, _बलिहार_, _माया_

12. “मीठे बच्चे – ग्रेट ग्रेट ग्रैण्ड फादर अर्थात् सर्व धर्म पिताओं का भी _______ पिता है प्रजापिता _______ , जिसके आक्यूपेशन को तुम बच्चे ही जानते”। _______ जो प्रिन्स था सतयुग का, वही फिर 84 का चक्र लगाते। बाबा ने समझाया है यह हमारा _______ है। बहुत जन्मों के अन्त में हमने यह _______ लिया है। यह पुरुषोत्तम संगमयुग _______ का एपीसोड है।
° _आदि_, _ब्रह्मा_, _श्रीकृष्ण_, _रथ_, _आधार_, _गीता_

13. माया बहुत _____ है, किसको भी छोड़ती नहीं।माया एकदम कच्चा _____ में डाल देती है। बाप बच्चों को खबरदार करते, माया से _____-ना है। माया ऐसी है किसी न किसी रूप में एकदम _____ कर लेती। माया आधा को तो एकदम _____ जाती है। (इसलिए) सच्चे बाप के साथ सदा _____ रहना है।
° _कड़ी_, _पेट_, _सम्भाल_, _हप_, _खा_, _सच्चा_

Answers from Sakar Murli 28-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-01-2021*

1. तन और मन को सदा खुश रखने के लिए खुशी के ही _____ संकल्प करो।
° _समर्थ_

2. और किसी को भी मात-पिता सम्बन्ध से अलौकिक जन्म और _____ स्वप्न में भी प्राप्त नहीं होती। और आप ______ -पति श्रेष्ठ आत्मायें हर रोज़ मात-पिता की वा ____ सम्बन्धों की यादप्यार लेने के पात्र हो। स्वयं सर्वशक्तिमान बाप आपका _____ बन हर कदम साथ निभाता – इसी श्रेष्ठ _____ के नशे-खुशी में रहो।
° _पालना , पदमापदम , सर्व , सेवक , भाग्य_

3. सतयुग में तुम ही सब थे, राजा-रानी भी थे, सूर्यवंशी-चन्द्रवंशी डिनायस्टी के भी थे। बाबा कितना अच्छी रीति समझाते। इस सृष्टि चक्र का ज्ञान तुम बच्चों की _____ में चलते-फिरते रहना चाहिए। तुम चैतन्य _____ हाउस हो। जो पास विद् _____ होंगे उनकी यह अवस्था होगी। बाप के लाडले, _____ बच्चे भी तब कहलायेंगे। ऐसे बच्चों पर बाप स्वर्ग की राजाई _____ करते। बाबा हमको _____ के ऊपर चढ़ाते, ऐसे बाप को कितना याद करना चाहिए।
° _बुद्धि , लाइट , ऑनर , लवली , कुर्बान , सिर_

4. तुम इस पाठशाला में बैठ ऊंच _____ पाते। दिल में समझते हम बहुत ऊंच ते ऊंच स्वर्ग का _____ पाते। ऐसे बच्चों को तो _____ बहुत होनी चाहिए। हर एक अपनी दिल से पूछे – मैं कहाँ तक _____ बना हूँ? यह पढ़ाई है ना। बिरला ही कोई ______ लेते। तुम जानते हो हम सब पढ़ रहे, इसमें पहली-पहली नम्बर की सब्जेक्ट है ______ की। इसी लिए बाप को बुलाया है, इतनी प्राप्ति होती, ऐसा लक्ष्मी-नारायण बनेंगे!
° _दर्जा , पद , खुशी , लायक , स्कॉलरशिप , पवित्रता_

5. तुम पवित्र _____ स्थापन करते हो। तुम्हारी एम _____ ही यह है। बाप कहते – बच्चों, _____ याद करो, पवित्र बनो तो इन लक्ष्मी-नारायण के घराने में जा सकते। कोई तो बात करते, जैसे मुख से ____ निकलते। यहाँ तो बिल्कुल शान्त रहना होता। बाप तो सुखदाता, प्यार का _____ है। तो बच्चों की चलन भी ऐसी होनी चाहिए ना, जैसे _____ होते हैं।
° _दुनिया , ऑब्जेक्ट , मामेकम् , फूल , सागर , देवताये_

6. तुम बच्चों में *पदमापदम भाग्यशाली* कौन और दुर्भाग्यशाली कौन?
° जिनकी *चलन देवताओं जैसी* है, जो *सबको सुख देते* हैं वह हैं पदमापदम भाग्यशाली और जो फेल हो जाते हैं उनको कहेंगे दुर्भाग्यशाली। (कोई-कोई महान दुर्भाग्यशाली बन जाते हैं, वह सबको दु:ख देते रहते हैं। सुख देना जानते ही नहीं। बाबा कहते हैं बच्चे अपनी अच्छी रीति *सम्भाल* करो। सबको *सुख* दो, *लायक* बनो।)

7. *माया की थप्पड़ से बचने* लिए कौन-सी फर्स्टक्लास युक्ति है?
° बाप आकर पढ़ाते हैं – यह *(ज्ञान का) सिमरण अच्छी रीति* बच्चे नहीं करते हैं तो फिर माया थप्पड़ लगा देती है। (माया अवज्ञायें भी बहुत कराती है फिर उनका क्या हाल होगा। माया ऐसा बेपरवाह बना देती है, अहंकार में ले आती है बात मत पूछो। नम्बरवार राजधानी बनती है तो कोई कारण से बनेंगी ना।)

8. बाप कहते – मैं आया हूँ सर्व का _____ करने। आज सर्व की _____ करता, कल फिर दुर्गति हो जाती। तुम कहेंगे हम कल ____ के मालिक थे, आज गुलाम बन गये। अभी सारा झाड़ तुम बच्चों की बुद्धि में है, यह _____ झाड़ है। कल्प माना पूरे 5 हज़ार वर्ष का ______ झाड़, एक सेकेण्ड का भी फ़र्क नहीं। इस बेहद झाड़ की तुम बच्चों को अभी नॉलेज मिल रही _____ -पति द्वारा।
° _कल्याण , सद्गति , विश्व , वण्डरफुल , एक्यूरेट , वृक्ष_

9. बाबा ने _____ बहुत अच्छा बनाया था। जयन्ती मनाना हो तो एक _____ की। इन _____ को भी ऐसा बनाने वाला तो शिवबाबा है ना। बस एक की ही _____ है, उस एक को ही याद करो। भगवानुवाच – कोई भी _____ की महिमा है नहीं। महिमा है तो सिर्फ _____ की है और जो ऐसा बनाने वाला है उसकी।
° _कार्ड , शिवबाबा , (लक्ष्मी-नारायण) , महिमा , मनुष्य , देवताओं_

10. अभी तुम बच्चों को ज्ञान का _____ नेत्र मिलता है। ज्ञान है _____ , इसमें कुछ बोलने का नहीं। एक सेकेण्ड में सारा ज्ञान आ जाता, सबसे____ ज्ञान है।अभी तुमको पास्ट, प्रेजन्ट, फ्युचर का _____ मिलता है।
° _तीसरा , गुप्त , इजी , ज्ञान_

11. थोड़ा विनाश होगा तब फिर बहुत खबरदार रहेंगे। फिर बाप की याद में एकदम _____ जायेंगे। समझेंगे _____ बहुत थोड़ा है। बाप तो बहुत अच्छा समझाते – आपस में बहुत _____ से चलो। तुमको तो लक्ष्मी-नारायण जैसी _____ वाला बनना है। तुम बहुत _____ रहेंगे, मिरूआ मौत मलूका शिकार.. पिछाड़ी में बहुत _____-सीनरी देखनी है।
° _चटक , टाइम , प्यार , शक्ल , खुश , सीन_

12. “मीठे बच्चे – कभी भी _____ अहंकार में नहीं आओ, इस रथ का भी पूरा-पूरा _____ रखो”। अहंकार आया यह मरा। माया एकदम वर्थ नाट ए ____ बना देती है। बाप की अवज्ञा हुई तो फिर बाप को _____ कर नहीं सकते। बाप समझाते हैं माया ऐसी है इसलिए बहुत ____ -दारी रखते रहो। बाप की याद बिगर ______ आंखें कभी बदल नहीं सकती।
° _मिथ्या , रिगार्ड , पेनी , याद , खबर , क्रिमिनल_

13. *सबसे कड़ी सज़ा* किन्हें मिलेंगी? (2)
° उनको मिलेगी जो *विकार* में जाते हैं या *शिवबाबा की बहुत ग्लानि* कराने के निमित्त बनते हैं। (माया बड़ी जबरदस्त है। स्थापना में क्या-क्या होता है। तुम तो अभी देवता बनते हो ना।)

Answers from Sakar Murli 27-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-01-2021*

1. स्वयं से, सेवा से और सर्व से _____ का सर्टीफिकेट लेना ही सिद्धि स्वरूप बनना है।
° _सन्तुष्टता_

2. जब संकल्प-स्वप्न में भी देह-अभिमान का मैं-पन न हो, अनादि ______ स्वरूप की स्मृति हो। बाबा-बाबा का ____ शब्द निकलता रहे तब कहेंगे धारणा स्वरूप, _______ ब्राह्मण। मैं-पन अर्थात् पुराने स्वभाव, संस्कार रूपी ___ को जब स्वाहा करेंगे तब पुरानी सृष्टि की आहुति पड़ेगी। तो जैसे यज्ञ रचने के निमित्त बने हो, ऐसे अब अन्तिम आहुति डाल _____ के निमित्त बनो।
° _आत्मिक_, _अनहद_, _सच्चे_, _सृष्टि_, _समाप्ति_

3. तुम शिवबाबा को _____ करो। तुम कितने _____-शाली हो। जिनके पास बहुत मेहमान आते वह _____ होते, यह बच्चे भी हैं मेहमान भी। टीचर की बुद्धि में यही रहता – मैं बच्चों को इन जैसा सर्वगुण _____ बनाऊं। यह पढ़ाई बहुत-बहुत अथाह _____ की है, जन्म-जन्मान्तर लिए इसका फल मिलता। यह नई दुनिया लिए बिल्कुल _____ ज्ञान है।
° _याद_, _भाग्य_, _खुश_, _सम्पन्न_, _कमाई_, _नया_

4. मीठे-मीठे रूहानी बच्चे आते हैं बाप से ______ होने क्योंकि बच्चे जानते – बेहद बाप से बेहद विश्व की ______ लेनी है। माया भुला देती, नहीं तो बहुत _____ रहे। घूमते-फिरते बैज को देखते रहो, बाप की ____ से हम यह बन रहे। दैवी-_____ भी धारण करने हैं। जो जितना ____ में रहते हैं, निरन्तर बाप को याद करने की कोशिश करते, वह अच्छा पद पा सकते।
° _रिफ्रेश_, _बादशाही_, _खुशी_, _याद_, _गुण_, _स्मृति_,

5. बच्चों को तो दिन-प्रतिदिन _____ का पारा चढ़ा रहना चाहिए। _____ में पारा चढ़ा हुआ था। अब फिर चढ़ाना है _____ की यात्रा से। वह धीरे-धीरे चढ़ेगा, हार-जीत होते-होते फिर नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार कल्प पहले मिसल अपना _____ पा लेंगे। बाकी टाइम तो वही लगता, पास भी वही होंगे जो _____ होते।
° _खुशी_, _सतयुग_, _याद_, _पद_, _कल्प-कल्प_

6. बच्चे जो काम चिता पर काले हो गये हैं, उन्हों को _____ बनाने आता हूँ। बाप का बच्चों में कितना _____ होता। बाप और दादा दोनों का क्योंकि कल्प-कल्प ____ सर्विस करते और बहुत ____ से करते। बाप तो नॉलेजफुल है, बच्चे धीरे-धीरे _____ लेते हैं।
° _गोरा_, _लव_, _लवली_, _प्यार_, _नॉलेज_

7. सारा मदार है पढ़ाई पर। *पढ़ाई में योग* है ही। बाबा यहां *कौन-सी स्मृति* की बात कर रहे?
° अब तुम समझते हो *बाप हमको पढ़ा रहे* हैं।

8. तुमको सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त, ड्युरेशन का पता है, फिर औरों को भी बहुत _____ से परिचय देना है। बेहद का बाप हमको _____ का मालिक बना रहे। _____ -योग सिखला रहे। ____ भी सामने खड़ा है। है भी संगमयुग, जबकि नई दुनिया सुख-_____ स्थापन होती। बाप बच्चों को सावधान करते रहते – सिमर-सिमर _____ पाओ, कलह क्लेष मिटे सब तन के…।
° _प्यार_, _विश्व_, _राज_, _विनाश_, _धाम_, _सुख_

9. बाप ने कौन-सा *कान्ट्रैक्ट (ठेका)* उठाया है?
° *बच्चों के अवगुण निकालने का* कान्ट्रैक्ट एक बाप ने ही उठाया है। बच्चों की खामियां बाप सुनते हैं तो वह निकालने के लिए *प्यार से समझानी देते* हैं। (अगर तुम बच्चों को किसी की खामी दिखाई देती है तो भी तुम अपने हाथ में लॉ नहीं उठाओ। लॉ हाथ में लेना यह भी भूल है। अविनाशी वैद्य तो एक ही बाप है। वह दवाई करेंगे।बाबा सदैव अडोल रहते हैं। माया सबसे भूलें कराती है। बॉक्सिंग हैं ना। बाप आये ही हैं सुधार कर मनुष्य से देवता बनाने। )

10. “मीठे बच्चे – कभी भी अपने हाथ में ____ नहीं उठाओ, यदि किसी की भूल हो तो बाप को_____ करो, बाप सावधानी देंगे, मीठेपन से शिक्षा देंगे। मुरली कभी भी _____नहीं करनी है। बाप सबको कहते – बच्चों, ____ -अभिमानी भव। जितना हो सके बाबा को बहुत _____ से याद करते रहो। श्रीमत पर चलने से ही _____ बनेंगे।
° _लॉ_, _रिपोर्ट_, _मिस_, _देही_, _प्यार_, _श्रेष्ठ_

11. बहुत लिखते हैं बाबा हम *गिर गया*। बाबा का उत्तर?
° अच्छा *फिर नहीं गिरना*। (फिर भी गिर पड़ते हैं। गिरते हैं तो फिर चढ़ना ही छोड़ देते हैं। कितनी चोट लग जाती है।
बाबा ऐसी भूल फिर कभी नहीं होगी। अब क्षमा करो। बाबा क्षमा क्या करेंगे। बाप तो कहते हैं पुरुषार्थ करो। बाबा जानते हैं माया बहुत प्रबल है।)

12. (धारणा) किसी के अवगुण देख उसकी निंदा नहीं करना है। जगह-जगह पर उसके _____ नहीं सुनाने हैं। अपना _____ -पन नहीं छोड़ना है। _____ में आकर किसी का सामना नहीं करना है। निंदा करने से तो बाप को _____ करो तो बहुत-बहुत फ़ायदा होगा। ______किसकी निंदा करते हैं क्या? निंदा हमारी जो करे _____ हमारा सो।
° _अवगुण_, _मीठा_, _क्रोध_, _याद_, _देवतायें_, _मित्र_

13. भगवानुवाच – मेरी ग्लानि बहुत करते हैं। मैं आकर _____ बनता हूँ। कितनी निंदा करते हैं, मैं तो समझता हूँ सब हमारे _____ हैं। कितनी मेरी _____ है इनके साथ। अभी कोई _____ तो नहीं बने हैं।
° _मित्र_, _बच्चे_, _प्रीत_, _सम्पूर्ण_

Answers from Sakar Murli 26-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-01-2021*

1. बाप और सर्व की _____ के विमान में उड़ने वाले ही उड़ता योगी हैं।
° _दुआओं_

2. जो भी आत्मायें सम्पर्क में आती उन्हें _______ शक्ति का अनुभव कराओ। ऐसी स्थूल-सूक्ष्म स्टेज बनाओ जिससे आत्मायें अपने _______ का और रूहानियत का अनुभव करें। ऐसी _______ सेवा करने लिए व्यर्थ संकल्प-बोल-कर्म की हलचल से परे _______ अर्थात् रूहानियत में रहने का व्रत लेना पड़े। इसी से _______ सूर्य का चमत्कार दिखला सकेंगे।
° _रूहानी_ , _स्वरूप_, _शक्तिशाली_, _एकाग्रता_, _ज्ञान_

3. तुम्हें तो _______ चलन बनानी है, देवतायें सर्वगुण _______ हैं ना। यह लक्ष्मी-नारायण बनना है, तो दैवीगुण भी _______ करने चाहिए। वहाँ हैं अपार सुख, अब बाप जो सुखधाम का _______ बनाते उनको याद करना है। तुम कहते बाबा हम अनेक बार आपसे स्वर्ग का _______ लेते। बाप कहते मैं आया हूँ तुम बच्चों को दु:ख से छुड़ाकर सुख की _______ दुनिया में ले जाने।
° _दैवी_ , _सम्पन्न_, _धारण_, _मालिक_, _वर्सा_, _पावन_

4. शान्ति तो है _____-धाम में। _____-युग में सुख-शान्ति थी। जब एक _____ की स्थापना हो, तब तो सुख-शान्ति हो ना! हाहाकार के बाद ही फिर _____ -जयकार होगी। बाप _____-योग भी सिखाते हैं, अभी तुम घर जाते हो।
° _परम_, _सत_, _धर्म_, _जय_, _राज_

5. _____ कितना छोटा होगा, वहाँ कितने थोड़े _____ होंगे। वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट होगी शुरू से। जरूर _____ से रिपीट करेंगे। यह ड्रामा का चक्र _____ है, जो फिरता ही रहता है।
° _स्वर्ग_, _मनुष्य_, _स्वर्ग_, _अनादि_

6. (धारणा) कभी भी _____ -मुई नहीं बनना है। दैवीगुण धारण कर अपनी _____ सुधारनी है। बाप का प्यार पाने के लिए _____ करनी है, लेकिन जो दूसरों को सुनाते, वह _____ धारण करना है। कर्मातीत अवस्था में जाने का पूरा-पूरा _____ करना है।
° _छुई_, _चलन_, _सेवा_, _स्वयं_, _पुरुषार्थ_

7. भारत तो अविनाशी पवित्र _______ है। उसमें भी _______ सबसे पवित्र तीर्थ स्थान है, जहाँ बाप आकर तुम बच्चों द्वारा सर्व की _______ करते। दिलवाला मन्दिर में कितना अच्छा _______ है। (परन्तु) सब मन्दिरों से यह ऊंच है, जहाँ तुम _______ हो।
° _खण्ड_ , _आबू_, _सद्गति_, _यादगार , बैठे_

8. मनुष्य पुकारते भी हैं ओ _______ फादर, लिबरेटर आओ। कल्प-कल्प पुरुषोत्तम _______ पर ही बाप आते। इस समय तुम बाप की याद से विषय सागर से _______ में जाते। बुलाते भी हैं – हे पतित-पावन…. यह थोड़ेही समझते कि हम _______ को बुलाते हैं।
° _गाड_ , _संगमयुग_, _क्षीरसागर_, _महाकाल_

9. एक तरफ लड़ाई होगी, दूसरे तरफ _____ अवस्था होगी। पूरा कनेक्शन है। फिर लड़ाई पूरी हो जाने से _____ हो जायेंगे। पहले रूद्र _____ बनती है। फिर तुम्हारे _____-बल से बहुत खींचकर आयेंगे। जितना तुमसे _____ निकलती जायेगी उतना बल भरता जायेगा। प्यार उन पर चला जायेगा जो प्रैक्टिकल में _____ करते हैं।
° _कर्मातीत_ , _ट्रांसफर_, _माला_, _योग_, _कट (जंक)_, _याद_

10. यह भी तुम बच्चों को समझाया जाता है रावण राज्य और _______ राज्य। पतित से _______ , फिर पावन से पतित कैसे बनते! यह खेल का _______ बाप बैठ समझाते। बाप नॉलेजफुल, बीजरूप है ना! _______ है। आधाकल्प है _______ स्वराज्य। आधाकल्प _______ राज्य करती है तो जरूर इतनी पहलवान होगी ना।
° _राम_ , _पावन_, _राज़_, _चैतन्य_, _दैवी_ , _माया_

11. मनुष्य दु:खों से छूटने लिए कौन-सी युक्ति रचते, जिसको *महापाप* कहा जाता?
° मनुष्य जब दु:खी होते हैं तो स्वयं को मारने के (खत्म करने के) अनेक उपाय रचते हैं। *जीव घात* करने की सोचते हैं, समझते हैं इससे हम दु:खों से छूट जायेंगे। परन्तु इन जैसा महापाप और कोई नहीं। (वह *और ही दु:खों में फँस जाते* हैं क्योंकि यह है ही अपार दु:खों की दुनिया।)

12. हम परमपिता _______ के सामने बैठे हैं। बाप खुद कहते मैं इनकी _______ के बीच में बैठता हूँ, इनका _______ लोन पर लेता हूँ। “मीठे बच्चे – ब्रह्मा बाबा शिवबाबा का _______ है, दोनों का इकट्ठा पार्ट चलता है, इसमें जरा भी _______ नहीं आना चाहिए”। बाप ज्ञान का सागर है, _______ तन से सुनाते, मुझे याद करो।
° _परमात्मा_ , _भृकुटी_, _शरीर_, _रथ_, _संशय_, _ब्रह्मा_

13. जो ऐसे समझते हैं ब्रह्मा तो कुछ नहीं, उनकी *क्या गति* होगी? (3)
° *दुर्गति* को पा लेते हैं।
° कल्प-कल्प पुरुषोत्तम संगमयुग पर ही बाप आते हैं, जिसमें आते हैं उनको ही अगर उड़ा दें तो क्या कहेंगे! *नम्बरवन तमोप्रधान*।
° निश्चय होते हुए भी माया एकदम मुँह फेर देती है। इतना उसमें बल है जो *एकदम वर्थ नाट ए पेनी* बना देती है। (किसको सुनाते भी रहें सुनी हुई बातें, परन्तु वह जैसे पंडित मिसल हो जाते।)

Answers from Sakar Murli 25-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-01-2021*

1. जो सच्चे रहमदिल हैं उन्हें देह वा देह-अभिमान की _____ नहीं हो सकती।
° _आकर्षण_

2. जैसे साकार में इतनी जिम्मेवारी होते भी _____ और ________ स्थिति का अनुभव कराते रहे, ऐसे फालो फादर। साकार रूप में _____ पन की अनुभूति कराओ। कोई अशान्त-बेचैन-घबराया हुआ भी आये, लेकिन आपकी एक दृष्टि-वृत्ति-स्मृति की शक्ति उनको _____ कर दे। व्यक्त भाव में आये और ______ स्थिति का अनुभव करे, तब कहेंगे ______ -मूर्त।
° _आकारी_, _निराकारी_, _फरिश्ते_, _शान्त_, _अव्यक्त_, _साक्षात्कार_

3. सतयुग में *हर चीज़ अच्छे से अच्छी सतोप्रधान* होती है, क्यों?
° क्योंकि वहाँ मनुष्य सतोप्रधान हैं, *जब मनुष्य अच्छे हैं तो सामग्री भी अच्छी है* और मनुष्य बुरे हैं तो सामग्री भी नुकसानकारक है। (सतोप्रधान सृष्टि में कुछ भी कहीं से मंगाना नहीं पड़ता।)

4. यह लक्ष्मी-नारायण सारे विश्व के ______ थे। इन देवी-देवताओं का _____ नई सृष्टि पर था। सतयुग में है ही एक धर्म, सब चीज़ें _____ रहती।सतयुग में तो _______ कोई वस्तु होती नहीं। वहाँ की हर चीज़ सतोप्रधान बहुत _____ होती है। आज से 5000 वर्ष पहले आदि सनातन देवी-देवता _____ के थे।
° _मालिक_, _राज्य_, _भरपूर_, _अप्राप्त_, _अच्छी_, _धर्म_

5. श्रीमत अर्थात् श्रेष्ठ _____ । श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ मत है ऊंच ते ऊंच _____ की। जिसकी श्रीमत से तुम मनुष्य से _____ बनते हो। तुम भ्रष्ट मनुष्य से _____ देवता बनते हो। बाप खुद कहते मैं आता हूँ तुमको श्रेष्ठाचारी, _____ मत वाले देवी-देवता बनाने। सतयुग में मनुष्य हैं दैवीगुणों वाले, _____ बुद्धि!
° _मत_, _भगवान_, _देवता_, _श्रेष्ठ_, _निर्विकारी_, _ईश्वरीय_

6. ज्ञान का _____ बाप है। ______ का बाप बैठ इनके द्वारा तुमको पढ़ाते। सभी ______ का बाप। वह तो सदैव _______ परमपिता परमात्मा है, उनके हम बच्चे हैं। कितनी सहज बातें हैं, इसको कहा जाता है _____ बे। तुम समझते हो _____ क्या है, कैसे आते हैं, क्या कर्तव्य करते हैं? तुम सबके आक्यूपेशन को, जन्मपत्री को जानते हो।
° _सागर_, _बेहद_, _आत्माओं_,
_निराकार_, _अल्फ_, _बाप_

7. बाप _____ मनुष्य सृष्टि का बीजरूप है। उनमें सारे सृष्टि रूपी झाड़ का _____ है, कैसे उत्पत्ति, पालना-विनाश होता। यह बहुत बड़ा झाड़ खलास हो फिर दूसरा _____ झाड़ कैसे खड़ा होता, यह है गुप्त। तुम जानते हो यह _____ लग रहा है। बीज से पहले-पहले नम्बर पत्ता, सतयुग का पहला पत्ता तो _____ ही कहेंगे।
° _चैतन्य_, _ज्ञान_, _नया_, _कलम_, _कृष्ण_

8. अभी तुम बच्चों को यह बेहद की _____ मिलती, जिससे तुम आदि-मध्य-अन्त का राज़ समझा सकते। तुमको इन देवी-देवताओं की _____ -जॉग्राफी पूरा पता है। यह पवित्र प्रवृत्ति मार्ग वाले _____ थे। अभी तुम समझते हो हम संगमयुग पर हैं फिर _____ दुनिया में जायेंगे। तुमको तिथि, तारीख, सेकेण्ड सहित सब मालूम है, इनका पूरा _____ निकाल सकते हैं।
° _पढ़ाई_, _हिस्ट्री_, _पूज्य_, _नई_, _हिसाब_

9. सृष्टि की आयु 5000 वर्ष है, *लाखों वर्ष नहीं* हो सकते। इसका कौन-सा तर्क बाबा कई बार सुनाते?
° 5000 वर्ष में इतने करोड़ हैं। तो *लाखों वर्ष में कितने अनगिनत मनुष्य हो जाएं*। (भक्तिमार्ग में दिखाते हैं – लिखा हुआ है सतयुग इतने वर्ष का है, त्रेता इतने वर्ष का है, द्वापर इतने वर्ष का है। तो बाप बैठ तुम बच्चों को यह सब राज़ समझाते हैं।)

10. अभी तुम समझते हो इसी _____ ज्ञान से मनुष्य से देवता बने हैं, जो अभी बाप तुमको दे रहे। _____ -योग सिखा रहे। ______ भी सिखा रहे, काम महाशत्रु है, उन पर जीत पाने से तुम _____ -जीत अर्थात् विश्व का मालिक बन जाते।
° _गीता_, _राज_, _पवित्रता_, _जगत_

11. भारत में *खास कन्याओं को नमन* करते, मेल को नहीं। क्यों?
° *क्योंकि इस समय* ज्ञान भी पहले माताओं को मिलता है।

12. भक्तिमार्ग में मन्दिर कितने बनते हैं। सबसे जास्ती मन्दिर जरूर ______ के होंगे जो बीजरूप है। फिर उसके बाद पहली ______ लक्ष्मी-नारायण के मन्दिर होंगे। फिर गिरते-गिरते _____ तत्वों की भी पूजा करने लग पड़ते हैं। 5 तत्वों की पूजा करो या ____ की करो, एक हो जाती।
° _शिवबाबा_, _क्रियेशन_, _पांच_, _शरीर_

13. बाबा इस _____ द्वारा समझाते, इनमें आत्मा भी है और परमपिता परमात्मा भी। यह पहले-पहले पक्का होना चाहिए, इसलिए इनको _____ भी कहते। यह तो बच्चों को निश्चय है, इसमें ही _____ करना है। बरोबर बाबा ने जिसमें पधरामणी की है वा _____ लिया है उनके बहुत जन्मों के अन्त के भी अन्त में आते। नाम है प्रजापिता ब्रह्मा, इनका बाप है _____ शिव। यह भी सागर और ब्रह्मा नदी का _____ है। ब्रह्मा द्वारा एडाप्शन कैसे होती – यह गुह्य बातें समझने की हैं।
° _शरीर_, _दादा_, _रमण_, _अवतार_, _निराकार_, _मेला_

14. साइन्स की मुख्य चीज़ है एटॉमिक बॉम्ब्स, जिससे इतना सारा विनाश होता है। कैसे बनाते हैं?
° बनाने वाली आत्मा में पहले से ही *ड्रामा अनुसार* ज्ञान होगा। *जब समय आता* है तब उनमें वह ज्ञान आता है, जिसमें सेन्स होगी वही *काम करेंगे और दूसरे को सिखायेंगे*। वह है माया की नॉलेज-पॉम्प, जिससे विनाश होता है। (कल्प-कल्प जो पार्ट बजाया है वही बजता रहता है। अभी तुम कितने नॉलेजफुल बनते हो, इनसे जास्ती नॉलेज होती नहीं। तुम इस नॉलेज से देवता बन जाते हो। इससे ऊंच कोई नॉलेज है नहीं।)

Answers from Sakar Murli 23-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-01-2021*

1. अपने _____ की दृष्टि से हर आत्मा को परिवर्तन करने वाले ही पुण्य आत्मा हैं।
° _रहम_

2. कोई भी बात को स्पष्ट करने लिए अनेक प्रकार के प्रमाण दिये जाते। लेकिन सबसे श्रेष्ठ प्रमाण _____ प्रमाण है अर्थात् जो हो, जिसके हो उसकी _____ में रहना। जो बच्चे अपने यथार्थ वा अनादि _____ में स्थित रहते वही _____ को प्रत्यक्ष करने के निमित्त बनते। उनके ____ को देखकर बनाने वाले की याद स्वत: आती।
° _प्रत्यक्ष_, _स्मृति_, _स्वरूप_, _बाप_, _भाग्य_

3. देवतायें तो हैं ही सूर्यवंशी-चन्द्रवंशी, लक्ष्मी-नारायण फिर सीता-राम की _____। बाप कहते भारतवासी स्वीट _____ याद करो, कल की बात है। तुमको राज्य दिया था, इतना अकीचार (अथाह) _____ दिया। बाप ने सारे विश्व का तुमको _____ बनाया, कौड़ी से _____ जैसा बनाया, फिर पैसा कहाँ गया? सब कुछ _____-प्रधान था फिर कला कम होती गई तो सब कुछ कम होता गया।
° _डिनायस्टी_, _चिल्ड्रेन_, _धन दौलत_, _मालिक_, _हीरे_, _सतो_

4. बाप भिन्न-भिन्न रीति से, नई-नई _____ सहज रीति बच्चों को समझाते रहते। तो विचार सागर मंथन करने की बड़ी ____ चाहिए। तुमको ही _____ करना-कराना है। कदम-कदम _____ पर चल धारणा में लग जाना, तो बहुत फर्स्टक्लास हो जाएं। हमेशा समझो शिवबाबा कहते – वह है कल्याणकारी, इनकी ____ भी उन पर है।
° _प्वाइंट्स_, _बुद्धि_, _धारण_, _श्रीमत_, _रेसपान्सिबिल्टी_

5. शिवबाबा के रथ को _____ कराता हूँ, शिवबाबा के भण्डारे की _____ करता हूँ – यह याद रहे तो भी बहुत अच्छा। शिवबाबा की याद में रहते कुछ भी करे तो बहुतों से _____ जा सकते। मुख्य बात है ही शिवबाबा के _____ की। _____ और बे। बाबा ज्ञान धन से _____ भर रहे, सिर्फ इस माया से खबरदार रहो।
° _स्नान_, _सर्विस_, _तीखे_, _याद_, _अल्फ_, _झोली_

6. हम ______ ही रूहानी बाप को पहचानते, जिसको ____ फादर परमपिता परमात्मा कहते, नाम हैं शिव। जब वह रूहानी बाप आये तब ही ______ बच्चों को पहचान दे। कहते – हे _____ -पावन आकर पावन बनाओ, परन्तु पता नहीं कौन है। मैं अपना परिचय ____ पर एक ही बार आकर देता, फिर प्राय: लोप। सतयुग से कलियुग अन्त तक कोई भी ____ मुझे नहीं जानते।
° _ब्राह्मण_, _गॉड_, _रूहानी_, _पतित_, _संगमयुग_, _मनुष्य_

7. मैं एक बार आकर मुक्ति-जीवनमुक्ति का _____ देता। यह किसको भी पता नहीं बाप भारत में आकर कैसे _____ स्थापन करते, परमपिता परमात्मा कैसे आदि सनातन देवी-देवता _____ स्थापन करते। मैं जब आता हूँ तो आत्माओं को फिर _____ बनाता। तुमको राजयोग सिखलाए _____ दी जाती है। समझते हैं हेविनली गॉड फादर ने _____ रचा था।
° _वर्सा_, _राजधानी_, _धर्म_, _पावन_, _प्रालब्ध_, _हेविन_

8. बाप कितना सहज समझाते। कल्प की आयु _____ वर्ष है। युग ही ____ हैं। चारों का इक्वल टाइम _____ वर्ष है। ब्राह्मणों का यह _____ युग है।
° _5000_, _4_, _1250_, _मिडगेड_

9. *ऐसे नहीं सतयुग में देवताओं को ज्ञान था*, जो गुम हो गया, नहीं। इसका कौन-सा तर्क बाबा ने सुनाया?
° अगर देवताओं में भी यह ज्ञान होता *तो चलता आता*। (और धर्मो का ज्ञान चलता आता है, सब जानते हैं। यह ज्ञान प्राय:लोप हो जाता।)

10. वास्तव में _____ बंधनमुक्त हैं, अच्छा उठा सकती, उनको है ही पढ़ना और _____। अच्छी रीति यह नॉलेज समझ जाए तो सबसे _____ है। ______ होगी तो बस इस रूहानी कमाई में लग जायेगी। रूहानी पढ़ाई पढ़कर ____ में लग जाओ। इस _____ में लग जाना चाहिए।
° _कन्यायें_, _पढ़ाना_, _अच्छी_,
_सेन्सीबुल_, _सर्विस_, _नॉलेज_

11. *अच्छी ब्रेन वाले* बच्चे कौन-सी गुह्य बात सहज ही समझ सकते?
° ब्रह्मा बाबा समझा रहे हैं या शिवबाबा – यह बात अच्छी ब्रेन वाले सहज ही समझ लेंगे। कई तो इसमें ही मूँझ जाते हैं। (बाबा कहते – बच्चे, बापदादा दोनों इकट्ठे हैं। तुम मूँझो नहीं। *श्रीमत समझकर चलते रहो*। ब्रह्मा की मत का *रेसपॉन्सिबुल* भी *शिवबाबा* है।)

Answers from Sakar Murli 22-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-01-2021*

1. सिद्धि स्वरूप बनने के लिए हर _____ में पुण्य और _____ में दुआयें जमा करते चलो।
° _संकल्प_, _बोल_

2. कोई भी संस्कार-स्वभाव परिवर्तन करने में दिलशिकस्त- अलबेला होना भी थकना है, इससे _____ बनो। अथक का अर्थ है जिसमें _____ न हो। वे बच्चे सदा बाप के सम्मुख रहते और _____ का अनुभव करते हैं। उनके मन में कभी _____ की लहर नहीं आ सकती इसलिए सदा _____ रहो और खुशी का अनुभव करो।
° _अथक_, _आलस्य_, _खुशी_, _दु:ख_, _सम्मुख_

3. भारत में सिर्फ एक ही देवी-देवता ____ था। _____ का कण्ठा होता है। यह लक्ष्मी-नारायण ____ -स्तान के मालिक हैं ना, ____ -लोक। कितने शोभावान हैं, ____ -प्रधान हैं ना। नेचुरल ब्युटी थी, _____ भी चमकती रहती है।
° _धर्म_, _जमुना_, _परि_, _अमर_, _सतो_, _आत्मा_

4. सतोप्रधान माना दैवी दुनिया। वहाँ सुख-शान्ति- _____ आदि सब कुछ तुमको मिलता। सतयुग में तो सदैव _____ नाम होता है। श्री रामचन्द्र, श्रीकृष्ण.. श्री कहा जाता है _____ को। उनको _____ वर्ल्ड, इसको ह्युमन वर्ल्ड कहा जाता। डीटी वर्ल्ड को _____ कहा जाता। दिन _____ को कहा जाता है।
° _सम्पत्ति_, _शुभ_, _श्रेष्ठ_, _डीटी_, _दिन_, _सोझरे_

5. “मीठे बच्चे – तुम बाप के पास आये हो _____ होने, बाप और वर्से को याद करो तो ____ रिफ्रेश रहेंगे”। तुम सतयुग में _____ -पुरी में जाते हो।
° _रिफ्रेश_, _सदा_, _विश्राम_

6. *समझदार बच्चों* की मुख्य निशानी क्या होगी? (3)
° उन्हें *अपार खुशी* होगी, नहीं तो बुद्धू हैं। समझदार अर्थात् *पारसबुद्धि* बनने वाले। वह दूसरों को भी पारसबुद्धि बनायेंगे। *रूहानी सर्विस में बिजी* रहेंगे। बाप का परिचय देने बिगर रह नहीं सकेंगे।

7. यह आत्मा में गुप्त ज्ञान है, आत्मा भी ____ है। आत्मा इस _____ द्वारा बोलती इसलिए बाप कहते आत्म-अभिमानी बनो, नहीं तो उल्टे बन जाते। अपने को आत्मा समझने से हम पतित-पावन परमपिता परमात्मा से _____ बनने वाले हैं। मीठे-मीठे बच्चे बाप को _____ करो, याद करने से तुम तमोप्रधान से ______ बनते हो।
° _गुप्त_, _मुख_, _पावन_, _याद_, _सतोप्रधान_

8. नई दुनिया बनाने वाला, स्थापन करने वाला _____ है। उनको ही _____ -पावन बाबा कह बुलाते। हमारी आत्मा का बाप _____ -लौकिक है। ज्ञान फिर कहाँ से आये! जब तक _____ सागर बाप आकर न सुनाये। वह है असुल _____ बाबा, आत्माओं का बाबा। तुम बच्चे जानते हो हम उस बेहद के बाप के बने हैं, जो कभी _____ नहीं हैं।
° _बाप_, _पतित_, _पार_, _ज्ञान_, _अविनाशी_, _जलते_

9. खिवैया (बाप) भी है निराकार, बोट (आत्मा) भी _____ । बोट को खींचकर _____ -धाम में ले जाते। इनकारपोरियल बाप ______ बच्चों को ले जाते हैं। बाप ही बच्चों को _____ में ले जायेंगे।
° _निराकार_, _परम_, _इनकारपोरियल_, _साथ_

10. हमको ______ -शिप लेनी है। यहाँ अन्दर आने से ही एम ऑब्जेक्ट सामने देखने से जरूर _____ होगी ना! ऐसा कोई स्कूल कहाँ भी नहीं जहाँ दूसरे ____ की एम ऑब्जेक्ट देख सके। पाठशाला वा स्कूल हो तो _____ । है कितनी गुप्त, परन्तु जबरदस्त पाठशाला, जितनी बड़ी _____ , उतना बड़ा कॉलेज। ज्ञान से देवता बन गये फिर पढ़ाई की दरकार नहीं, इसमें बड़ी _____ -बुद्धि चाहिए समझने।
° _स्कालर_, _खुशी_, _जन्म_, _ऐसा_, _पढ़ाई_, _विशाल_

11. अविनाशी आत्मा 84 के चक्र का पार्ट बजाती। चक्र पूरा होता फिर हूबहू रिपीट करना है। एक शरीर छोड़ दूसरा लेंगे। छोटा बनकर फिर बड़ा बनेंगे। यहां बाबा ने *कौन-सा मिसाल* सुनाया?
° जैसे *आम की गुठली* को जमीन में डाल देते हैं तो उनसे फिर *आम* निकल आयेंगे। वह है हद का झाड़। (वैसे यह मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ है, इनको *वैरायटी झाड़* कहा जाता। लक्ष्मी-नारायण थे जो अब नहीं हैं। चक्र लगाए अब फिर यह बनते हैं। कहेंगे पहले यह लक्ष्मी-नारायण थे फिर उन्हों का यह है लास्ट जन्म ब्रह्मा-सरस्वती। अभी सबको वापिस जरूर जाना है। स्वर्ग में तो इतने आदमी थे नहीं।)

12. ड्रामा में जो नूँध है वह हूबहू _____ होता है। ड्रामा अनुसार सेकेण्ड बाई सेकेण्ड कैसे चलता रहता है, यह भी _____ बुद्धि में है। इतनी छोटी _____ कितना बड़ा पार्ट बजाती। सारी दुनिया के एक्टर्स वही _____ बजाते हैं जो अनादि बना हुआ है।उनको तुम _____ तब कहते जबकि जानते हो यह सृष्टि रूपी झाड़ है।
° _रिपीट_, _नॉलेज_, _आत्मा_, _पार्ट_, _वन्डरफुल_

13. सबको यह पैगाम दो। यही याद दिलाना है कि _____ को और वर्से को याद करो। बेहद का बाप _____ रचते हैं। स्वर्ग का ही _____ देते हैं। अभी तुम हो _____ -युग पर। माया के _____ और बाप के वर्से को तुम जानते हो। जब माया रावण का श्राप मिलता तो _____ भी खत्म, सुख-शान्ति भी खत्म, तो धन भी खत्म हो जाता।
° _बाप_, _स्वर्ग_, _वर्सा_, _संगम_, _श्राप_, _पवित्रता_

14. (धारणा) इस पतित दुनिया का बुद्धि से _____ कर पुरानी देह और देह के _____ को भूल अपनी बुद्धि बाप और ____ तरफ लगानी है।
° _संन्यास_, _सम्बन्धियों_, _स्वर्ग_

Answers from Sakar Murli 16-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-12-2020*

1. एक दो को कॉपी करने के बजाए _____ को कॉपी करो।
° _बाप_

2. यह ईश्वरीय नशा दुखों की दुनिया को सहज भुला देता, अविनाशी बनाता, सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनते। तो यह *नशा चढ़ाने की विधि* क्या है?
° *एक बाप दूसरा न कोई* – यह स्मृति ही नशा चढ़ाती है। इसी *स्मृति से समर्थी* आ जाती है।

3. यह बेहद का बाप है बेहद का ____ देने वाला। तुम पुरूषार्थ भी करते हो बेहद _____ के सुख लिए। यहाँ बेहद के बाप से बेहद के सुख का _____ पाने आये हो। _____ से कितना सुख मिलता है।
° _सुख_, _स्वर्ग_, _वर्सा_, _मात-पिता_

4. बाप ____ -या भी है, _____ -वान भी है। बाप ही _____ -फुल है, उसको ही सब याद करते हैं – हे परमपिता _____ आकर हमारे दु:ख हरो। सबका बाप है ____ -बाबा, वह तो है निराकार।
° _खिवै_, _बाग_, _नॉलेज_, _परमात्मा_, _शिव_

5. तुम बच्चे जानते हो हम पढ़कर मनुष्य से _____ , कांटे से ____ बन रहे। सतयुग में _____ फ्लावर भी हैं ना। अब बाप फिर हमको ____ आत्मा बनाते, जिस दुनिया को स्वर्ग कहा जाता। स्वर्ग में जाना है तो _____ -गुण भी धारण करने चाहिए।
° _देवता_, _फूल_, _किंग क्वीन_, _पुण्य_, _दैवी_

6. अभी तुमको कितनी अच्छी नॉलेज मिलती, वह नॉलेज इतनी _____ नहीं देती, जितनी यह। अभी तुम बच्चे सब बातें समझते जाते, _____ करते जाते। नई बात नहीं है। तुम अनेक बार देवता बने हो, _____ राज्य था ना। यह चक्र फिरता रहता, यह है _____ अविनाशी ड्रामा।
° _खुशी_, _धारणा_, _डीटी_, _अनादि_

7. डबल सिरताज देवता बनने के लिए बहुत _____ बनना है, ____ क्लीयर रखनी है। राजयोग की _____ करनी है।अभी बाप द्वारा तुम _____ बन रहे हो, एम ऑब्जेक्ट सामने खड़ी है। फिर _____ बनने के लिए पुरूषार्थ चाहिए। यह बाबा समझते हैं ना हम _____ बनूँगा।
° _मीठा_, _लाइन_, _तपस्या_, _पावन_, _पूज्य_,
_प्रिन्स_

8. यहाँ भेंटा आदि चढ़ाने की बात नहीं। यह *पैसा क्या करेंगे?*
° बच्चे जो कुछ पैसा आदि देते हैं तो *उन्हों के लिए ही मकान* आदि बना देते हैं। (पैसे तो न शिवबाबा के काम के हैं, न ब्रह्मा बाबा के काम के हैं। यह मकान आदि बनाया ही है बच्चों के लिए, बच्चे ही आकर रहते हैं।)

9. सूक्ष्मवतन का सिर्फ तुम बच्चों को अभी _____ होता है। यह बाबा भी _____ बन जाते। व्यक्त ब्रह्मा सो फिर _____-वासी ब्रह्मा फरिश्ता कैसे बनते, वह निशानी है।
° _साक्षात्कार_, _फरिश्ता_, _सूक्ष्मवतन_

10. कभी कोई बोले तुम ब्रह्मा को भगवान् कहते, तो *क्या समझाना* है? (2)
° (झाड़ के चित्र में) देखो यह तो *कलियुग के अन्त में खड़ा* है ना। बाप कहते हैं जब *जड़जड़ीभूत अवस्था* , वानप्रस्थ होती है तब मैं इनमें प्रवेश करता हूँ। अभी राजयोग की *तपस्या कर रहे* हैं। तपस्या करने वाले को देवता कैसे कहेंगे?
° वह अपने को भगवान कहाँ कहलाते हैं। *यह तो कहते हैं हम वर्थ नाट ए पेनी थे* , ततत्वम्। अभी वर्थ पाउण्ड बन रहे हो ततत्वम्। कितनी सहज समझने की बातें हैं।

11. *ब्रह्मा-बाबा* के कौन-से नाम आज मुरली में है? (4)
° *आदम* बीबी, *एडम* ईव, *आदि देव* , आदि देवी, यह *प्रजापिता* ब्रह्मा के लिए ही कहेंगे।

12. नाम ही है प्रजापिता ब्रह्मा, कितनी ढेर ____ है। सब धर्म वाले इनको मानेंगे जरूर, उन द्वारा ही मनुष्य मात्र की _____ हुई है ना। यह है बेहद का बाप, इनकी _____ तो सारी दुनिया है। इस बाबा की ____ तो कितनी बड़ी है, और ही वृद्धि को पानी है। यह तो ____ -धानी स्थापन हो रही है।
° _प्रजा_, _रचना_, _सन्तान_, _फैमिली_, _राज_

13. संगमयुग पर तुम बच्चे कौन-सा *बीज नहीं बो सकते* हो?
° *देह-अभिमान* का। (इस बीज से सब विकारों के झाड़ निकल पड़ते हैं। इस समय सारी दुनिया में 5 विकारों के झाड़ निकले हुए हैं। सब काम-क्रोध के बीज बोते रहते हैं। तुम्हें बाप का डायरेक्शन है बच्चे *योगबल से पावन* बनो। यह बीज बोना बन्द करो।)

14. “मीठे बच्चे – पापों से हल्का होने के लिए _____ , ऑनेस्ट बन अपनी कर्म कहानी बाप को लिखकर दो तो _____ हो जायेगी”। आगे फिर ऐसा कोई काम न हो उसके लिए _____ -दार करता हूँ।
° _व़फादार_, _क्षमा_, _खबर_

15. सदा स्मृति रहे कि हम अभी ब्राह्मण हैं इसलिए _____ से बहुत-बहुत दूर रहना है। कभी भी क्रिमिनल _____ न हो। बाप से बहुत-बहुत _____ , वफादार रहना है।
° _विकारों_, _एसाल्ट_, _ऑनेस्ट_

Answers from Sakar Murli 15-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-12-2020*

1. सहजयोगी कहकर _____ नहीं लाओ, शक्ति रूप बनो।
° _अलबेलापन_

2. ब्राह्मणों का निजी _____ पवित्रता है, अति सहज है क्योंकि _____ आई कि हमारा वास्तविक आत्म स्वरूप सदा पवित्र है। अनादि स्वरूप पवित्र _____ है, आदि स्वरूप पवित्र ______ है। अभी का अन्तिम जन्म भी पवित्र _____ जीवन है, पवित्रता ही ब्राह्मण जीवन की _____ -लिटी है। जो पवित्र है वही योगी है।
° _स्वधर्म_, _स्मृति_, _आत्मा_, _देवता_, _ब्राह्मण_, _पर्सना_

3. बाप तुम बच्चों को कितना _____ -वान बना देते। ____ में बहुत खज़ाना रहता। हीरे-जवाहरातों की _____ सब भरपूर हो जाती। वहाँ और यहाँ के फूलों आदि में _____ का फर्क है। वहाँ की हर चीज़ में कितनी _____ रहती। वहाँ तो प्रकृति सो सबकुछ _____ -प्रधान होता।
° _धन_, _स्वर्ग_, _खानियाँ_,
_रात-दिन_, _ताकत_, _सतो_

4. बाप इतना ऊंच बनाते तो वह _____ रहनी चाहिए। अभी तुम कितना ____ -दार बनते। हमारी ____ -धानी स्थापन होती। जो अच्छी रीति पढ़ेंगे, याद में रहेंगे वह अच्छा ____ पायेंगे। यहाँ तुम जो भी सेवा करते हो, यह है तुम्हारी ____ -वन सेवा। कर्तव्य तो यहाँ _____ के साथ करते हो ना।
° _खुशी_, _समझ_, _राज_, _पद_, _नम्बर_, _बाप_

5. भगवानुवाच कहने से तुम्हें ऊंच ते ऊंच _____ याद आयेगा। इस समय यह है संगमयुग, _____ बनने का। अभी पतित दुनिया है तो _____ दुनिया याद पड़ती। यह समझानी बाप ही देते क्योंकि यह बाप प्रिसिंपल, _____ , डॉक्टर, बैरिस्टर सब कुछ है
° _बाप_, _पुरुषोत्तम_, _पावन_, _सोनार_

6. आत्मा के संबंध में कौन-सी महीन बात *महीन बुद्धि वाले* ही समझ सकते? (2)
° आत्मा पर सुई की तरह *धीरे-धीरे जंक* (कट) चढ़ती गई है। वह *याद* में रहने से उतरती जायेगी। जब जंक उतरे अर्थात् आत्मा तमोप्रधान से *सतोप्रधान बनें तब बाप की खींच हो* और वह बाप के साथ वापस जा सके।
° जितना जंक उतरती जायेगी उतना दूसरों को समझाने में *खीचेंगे*। (कर्मेन्द्रियों को वश नहीं कर सकते हैं तो गिर पड़ते हैं। अगर बीच में गड़बड़ हुई तो कट चढ़ जायेगी।)

7. “मीठे बच्चे – अब _____ जाना है इसलिए देह सहित देह के सब _____ को भूल _____ याद करो और _____ बनो”
° _घर_, _सम्बन्धों_, _मामेकम्_, _पावन_

8. रीयल्टी में तो वह समझते हैं जो अपने को ____ समझते। यह नई भाषा, ____ पढ़ाई है ना। जब तक स्प्रीचुअल ____ न आये, कोई समझ न सके। बाप तो सिखलाते ही रूहानी ____ को हैं। तुम _____ -युगी ब्राह्मण ही समझते हो। ब्राह्मण बनेंगे भी वह जो ______ देवी-देवता धर्म के होंगे।
° _ब्राह्मण_, _रूहानी_, _फादर_, _बच्चों_, _संगम_, _आदि सनातन_

9. टॉपिक्स की ____ बनी हुई हो। फिर एक टॉपिक उठाए अन्दर में ____ करना चाहिए या लिखना चाहिए। फिर देखना चाहिए सब _____ लिखी हैं? भरपूर हो जायेंगे तो सर्विस बिगर ____ नहीं आयेगा। ढेर टॉपिक्स का तो बहुत अच्छा _____ बन सकता, फिर जब भाषण पर जाओ तो _____ नज़र से निकालो।
° _लिस्ट_, _भाषण_, _प्वाइंट्स_, _मज़ा_, _किताब_, _प्वाइंट्स_

10. समझाने के लिए भी दिन-प्रतिदिन _____ निकलती रहती। अभी अगर समझ जायें तो ____ के पास भागें। एक ने बच्ची को कहा था कि जिसने तुमको यह सिखाया हम ____ क्यों न उनके पास जायें। सतयुग में तो एक ____ , एक भाषा ही थी।
° _युक्तियाँ_, _बाप_, _डायरेक्ट_, _धर्म_

11. बाप कहते हैं *देवी-देवता धर्म* प्राय: लोप हो गया है। निशानियाँ तो हैं ना। *सबसे अच्छी निशानी* कौन-सी है?
° यह चित्र हैं। तुम यह *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* उठाए परिक्रमा दे सकते हो क्योंकि तुम यह बनते हो ना। (रावण राज्य का विनाश, राम राज्य की स्थापना होती है। यह राम राज्य, यह रावण राज्य, यह है संगम।)

12. _____ वालों को मुख्य बात एक ही समझाओ – _____ ऊंच ते ऊंच को ही कहा जाता। वह है निराकार। कोई भी _____-धारी मनुष्यों को भगवान नहीं कह सकते।
° _गीता_, _भगवान_, _देह_

13. वह भभूत लगाते, बाल उतारते, वेष बदलते। तुम्हें ऐसा करने की दरकार नहीं। यहाँ तो ड्रेस बदलने की भी बात नहीं। तो यहां *क्या करना है?*
° यह तो बुद्धि का *ज्ञान* है। हम *आत्मा* हैं, बाप को *याद* करना है इससे ही कट निकलेगी और हम *सतोप्रधान* बन जायेंगे। वापिस तो सबको जाना है। कोई योगबल से *पावन* बन जायेंगे, कोई सज़ा खाकर जायेंगे। (तुम बच्चों को जंक उतारने की ही *मेहनत* करनी पड़ती है, इसलिए इनको *योग अग्नि* भी कहते हैं। अग्नि से पाप भस्म होते हैं। तुम पवित्र हो जायेंगे।)

Answers from Sakar Murli 11-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-12-2020*

1. बेहद की _____ द्वारा साधना के बीज को प्रत्यक्ष करो।
° _वैराग्यवृत्ति_

2. जब बाप और नॉलेज द्वारा *आत्मिक स्वरूप का सितारा⭐* चमक गया तो बुझ नहीं सकता, लेकिन चमक की परसेन्टेज कम और ज्यादा हो सकती। तो यह *सितारा सदा चमकता रहे*, इसके लिए क्या करना है? (2)
° *रोज़ अमृतवेले अटेन्शन रूपी घृत* डालते रहेंगे। जैसे दीपक में घृत डालते हैं तो वह एकरस जलता है।
° ऐसे सम्पूर्ण अटेन्शन देना अर्थात् *बाप के सर्व गुण वा शक्तियों को स्वयं में धारण करना* । इसी अटेन्शन से आकर्षण मूर्त बन जायेंगे।

3. बच्चे बड़ी _____ में डूबे हुए रहने चाहिए। कहा जाता है – _____ जैसी खुराक नहीं। तुम _____ उड़ने वाली आत्मायें हो। पूरा _____-वीर बनना है, माया हिला न सके।
° _खुशी_, _खुशी_, _परियाँ_, _महा_

4. भगवान पढ़ा रहे हैं रूहानी ______ को। अब _____ राज्य में चलने लिए 5 विकारों रूपी रावण पर _____ पाने का पुरुषार्थ कर रहे हो। यह पढ़ाई तो _____ पढ़ाते हैं, यह है ईश्वरीय पढ़ाई, इसमें _______ ही विजयन्ती होंगे अर्थात् विश्व पर राज्य करेंगे।
° _स्टूडेन्ट_, _राम_, _जीत_, _ईश्वर_, _निश्चयबुद्धि_

5. बाप को खिवैया भी कहा जाता है, तुम हो ____ । खिवैया आते हैं, सभी की नईया को ____ लगाने। कहते भी हैं ____ की नईया डोलेगी परन्तु डूबेगी नहीं। आखिर तो ज्ञान की ही ____ होगी। हीरो-हीरोइन का ____ तुम्हारा अभी बज रहा है, इस समय ही युद्ध चलती।
° _नईया_, _पार_, _सच_, _विजय_, _पार्ट_

6. _____ को देखो। आत्मा यहाँ _____ के बीच रहती। आत्मा सुनकर _____ हिलाती। हमेशा आत्मा से बात करो। तुम आत्मा इस शरीर रूपी ____ पर बैठी हो। तुम तमोप्रधान थी अब _____ बनो। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से देह का ____ छूट जायेगा।
° _आत्मा_, _भ्रकुटी_, _कांध_, _तख्त_, _सतोप्रधान_, _भान_

7. अब बाप कहते _____ -अभिमानी बनो। आत्मा ही सुनती, सब कुछ _____ करती। खाती-पीती सब कुछ _____ करती। आत्मा ही जन्म-जन्मान्तर भिन्न-भिन्न _____ पहनती आई है।
° _देही_, _धारण_, _आत्मा_, _ड्रेस_

8. अब हम आत्माओं को वापिस जाना है, बाप से ____ लगाना है। मूल बात है यह। सब आत्मायें हैं, यह सब धर्म तो ____ के हैं। परन्तु सब आत्माओं का ____ तो एक ही है। सभी आत्माओं का स्वधर्म ____ है।
° _योग_, _देह_, _बाप_, _शान्त_

9. बाप को तो _____-भोक्ता कहा जाता है। वह है _____-आकार। बाप कहते हैं मैं ही कल्प-कल्प आकर तुमको पढ़ाता हूँ और _____ हो देखता हूँ।
° _अ_, _निर_, _साक्षी_

10. स्त्रियों के लिए वह समझते हैं नर्क का द्वार 🚪है। और *बाप क्या कहते?* _(बहुत सुन्दर बात!)_
° यह तो *स्वर्ग का द्वार* हैं। (तुम बच्चियाँ अभी स्वर्ग स्थापन करती हो। सतयुग है स्वर्ग का द्वार।)

11. भल पवित्र तो रहते हैं, बाकी ____ की धारणा नम्बरवार होती है। बाबा की बुद्धि तो सब सेन्टर्स के ____ बच्चों तरफ चली जाती है। उनके आगे ज्ञान ____ करता हूँ। मैजारिटी ____ तू आत्मा होते हैं तो मजा भी आता है।
° _ज्ञान_, _अनन्य_, _डांस_, _ज्ञानी_

12. इस ईश्वरीय मिशन में जो पक्के निश्चयबुद्धि है, वे स्तुति-निंदा सबमें ____ से काम लेंगे, _____ नहीं करेंगे, किसी को भी _____ दृष्टि से नहीं देखेंगे। आत्मा को ही देखेंगे, आत्मा से ____ करेंगे, स्त्री-पुरुष साथ में रहते ____ फूल समान रहेंगे, किसी भी प्रकार की _____ नहीं रखेंगे।
° _धीरज_, _क्रोध_, _दैहिक_, _बात_, _कमल_, _तमन्ना (इच्छा)_

13. जो पक्के निश्चयबुद्धि हैं, वह समझते हैं कल्प पहले भी हमने यह _____ किया था। बाप कहते हैं – बच्चे, अब _____ गुण धारण करो। कोई _____ काम नहीं करो।
° _राज्य_, _दैवी_, _बेकायदे_

14. जो बात काम की नहीं है, उसे एक कान से सुन दूसरे से निकाल देना है, *हियर नो ईविल……* इसका कौन-सा चित्र है?
° *बन्दर का* चित्र दिखाते हैं। (🙈🙉🙊)

15. अंगूठी 💍में भी *रत्न* जब डालते हैं, कोई का दाम *हज़ार रूपया* तो कोई का दाम *10-20 रूपया* । क्यों?
° बच्चों में भी नम्बरवार हैं। कोई तो *पढ़कर मालिक* बन जाते हैं। कोई फिर *पढ़कर दास-दासियाँ* बन जाते हैं। राजधानी स्थापन होती है ना।

16. *गूंगे-बहरे* किन्हें कहेंगे?
° भल सुनते हैं परन्तु *एक कान से सुन दूसरे कान से निकाल देते* हैं। न कुछ धारण करते हैं, न कराते हैं। ऐसे गूंगे-बहरे भी बहुत हैं।

17. “मीठे बच्चे – मधुबन होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप का घर है, यहाँ तुम किसी भी _____ को नहीं ला सकते”। शिवबाबा को ____ भी कहते हैं ना, यह इन्द्र सभा है, ____ वर्षा है।
° _पतित_, _इन्द्र_, _ज्ञान_

18. कोई-कोई तो बड़ी अच्छी ____ करते हैं। कन्याओं ने भी भीष्म पितामह आदि को ____ मारे हैं ना। अगर देहधारी ने गीता सुनाई तो फिर ऐसा क्यों कहते मैं जो हूँ जैसा हूँ, कोई _____ जानते। यह नहीं जानते कि कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त के ____ में मैं प्रवेश करता हूँ।
° _सर्विस_, _बाण_, _विरला_, _शरीर_