Answers from Sakar Murli 09-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-01-2021*

1. अपनी विशेषताओं को _____ में लाओ तो हर कदम में प्रगति का अनुभव करेंगे।
° _प्रयोग_

2. डबल लाइट फरिश्ता बनने लिए ____ भान की मिट्टी से भी परे रहो, यह भी बोझ-भारीपन है। फरिश्ता अर्थात् अपनी देह साथ भी ____ नहीं। बाप का दिया हुआ ____ भी बाप को दे दिया। सब हिसाब-किताब, सब लेन-देन बाप से बाकी सब पिछले ____ और रिश्ते खत्म – ऐसे सम्पूर्ण ____ ही डबल लाइट फरिश्ते हैं।
° _देह_, _रिश्ता_, _तन_, _खाते_, _बेगर_

3. तुम बच्चे समझते हो हमको हमारा _____ मिला है, पढ़ाते हैं। भगवानुवाच है ना! मैं तुमको _____-योग सिखाता हूँ। विश्व की _____ कैसे प्राप्त कराने सिखाता हूँ। हम विश्व की _____ लेने लिए बेहद के बाप से पढ़ते हैं – यह नशा हो तो अपार _____ आ जाए।
° _बाप_, _राज_, _राजाई_, _बादशाही_, _खुशी_

4. मीठे बच्चे – बेहद के बाप को याद करना – यह है ____ बात, याद से ____ मिलती है, जो याद नहीं करते उन्हें ____ भी कैसे याद करें। अभी तुम बच्चे बाप को जानते हो तो बाप की कितनी ____ करते हो।
° _गुप्त_, _याद_, _बाप_, _महिमा_

5. बोलो भारत ____ था ना, अभी नर्क है। सतयुगी _____ तो यहाँ हो नहीं सकता। जो सेकेण्ड-मिनट पास होता, वह हूबहू ____ होता। _____ बार रिपीट होते रहेंगे। हम सो ब्राह्मण हैं फिर हम सो क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र बनेंगे। फिर बाप आयेंगे तो हम सो ____ बन जायेंगे। यह याद करो तो भी स्वदर्शन चक्रधारी ठहरे, जिससे ____ बने हैं।
° _स्वर्ग_, _सुख_, _रिपीट_, _अनगिनत_, _ब्राह्मण_, _देवता_

6. संगम पर तुम बच्चे *कौन-सी पढ़ाई* पढ़ते हो जो सारा कल्प नहीं पढ़ाई जाती?
° *जीते जी शरीर से न्यारा* अर्थात् मुर्दा होने की पढ़ाई अभी पढ़ते हो क्योंकि तुम्हें कर्मातीत बनना है। (बाकी जब तक शरीर में हैं तब तक कर्म तो करना ही है। मन भी अमन तब हो जब शरीर न हो इसलिए मन जीते जगतजीत नहीं, लेकिन माया जीते जगतजीत।)

7. सर्विस का ___ देना है। देहभान को छोड़ अपना सच्चा-सच्चा _____ देना है। पास विद् ऑनर होने का _____ करना है। जब तुम आये हो यह (लक्ष्मी-नारायण) बनने तो _____ बड़ी अच्छी चाहिए।
° _सबूत_, _समाचार_, _पुरुषार्थ_, _चलन_

8. जब कोई नया आता है तो पहले-पहले उनको हद-बेहद के बाप का _____ देना चाहिए। वह है सब _____ का बाप। _____ ही अपनी पहचान देते हैं। आत्मा और परमात्मा का _____ तो एक ही है। वह भी आत्मा है परन्तु उनको _____ आत्मा कहा जाता, परमधाम से आते। सिर्फ एक ही बाप है जो _____-मरण में नहीं आता।
° _परिचय_, _आत्माओं_, _बाप_, _रूप_, _परम_, _जन्म_

9. सब कहते – हम पतित हैं। हे भगवान, हम सब पतित दुनिया के रहने वालों को ____ बनाओ। तुम्हारी बुद्धि में है पावन दुनिया आज से _____ वर्ष पहले थी, जिसको ____ -युग कहा जाता, फर्स्टक्लास। ____ जरूर रहना है, ____ विकार जीते जगतजीत।
° _पावन_, _5 हज़ार_, _सत_, _पवित्र_, _काम_

10. अब बेहद का बाप ऊंच ते ऊंच भगवान आते तो किसको पढ़ाते होंगे? जरूर जो ऊंच ते ऊंच बिल्कुल _____ होंगे। यह नॉलेज भी सब एकरस नहीं _____ कर सकते। यह पढ़ाई है, अपनी ______ अनुसार हरेक पढ़ते हैं। हरेक को अपना-अपना _____ मिला हुआ है। जिसने कल्प पहले जितनी _____ धारण की है उतनी अब भी धारण करते। पढ़ाई अनुसार ही ____ मिलता।
° _बेसमझ_, _धारण_, _बुद्धि_, _पार्ट_, _पढ़ाई_, _पद_

11. कोई देहधारी सबको कह न सके कि *मामेकम्* याद करो। क्यों?
° देहधारी की याद से तो *पाप कटते नहीं* हैं। (यदि कृष्ण कहे – देह के सब
संबंध त्याग मामेकम् याद करो परन्तु *देह के संबंध* तो कृष्ण को भी हैं और फिर वह तो छोटा-सा *बच्चा* है ना।)

12. परमात्मा तो *सर्वव्यापी* हो नहीं सकता, इसका एक अच्छा-सा कारण आज बाबा ने सुनाया। कौन-सा?
° जिसके लिए कहते हैं *सर्व का सद्गति दाता* है तो क्या वह भी दुर्गति को पाते हैं! परमात्मा कब *दुर्गति को पाता है क्या?* यह सब विचार सागर मंथन करने की बातें हैं।

13. यह आंखें जब तक पतित क्रिमिनल हैं, तो _____ चीज़ देखने में आ नहीं सकती। इसलिए ____ का तीसरा नेत्र चाहिए। जब तुम कर्मातीत अवस्था को पायेंगे अर्थात् देवता बनेंगे फिर तो इन आंखों से _____ को देखते रहेंगे। बाकी इस शरीर में इन आंखों से ____ को देख नहीं सकते।
° _पवित्र_, _ज्ञान_, _देवताओं_, _कृष्ण_

Answers from Sakar Murli 08-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-01-2021*

1. महान आत्मा वह हैं जो हर सेकण्ड, हर कदम श्रीमत पर _____ चलते हैं।
° _एक्यूरेट_

2.बुद्धि की महीनता व हल्कापन ब्राह्मण जीवन की ____ है। महीनता ही महानता है। इसके लिए रोज़ अमृतवेले ____ -पन की रूहानी एक्सरसाइज करो और ____ संकल्पों के भोजन की परहेज रखो। परहेज के लिए सेल्फ _____ हो, जिस समय जो संकल्प करना हो वही करो। तब ____ बुद्धि बन ____ स्वरूप के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।
° _पर्सनेलिटी_, _अशरीरी_, _व्यर्थ_, _कन्ट्रोल_, _महीन_, _फरिश्ता_

3. बच्चे समझते हैं हमारे ऊपर अब ____ आने का है। यहाँ बैठे हैं, एम ऑब्जेक्ट है – मनुष्य से ____ बनने की। जानते हो हम सो देवी-देवता _____ सिरताज बनेंगे। देवतायें कितने ____ थे। नई दुनिया है ____ -क्लास दुनिया। तुम समझते हो इस ______ से हम सो देवी-देवता बन रहे हैं।
° _ताज_, _देवता_, _डबल_, _पवित्र_, _फर्स्ट_, _पढ़ाई_

4. बाबा ने *कौन-सा फोटो* रखने को कहा, जिससे *नशा* चढ़े?
° ऊपर में *शिवबाबा* , फिर अपना *राजाई* चित्र। नीचे तुम्हारा *साधारण* चित्र। (शिवबाबा से राजयोग सीख *हम सो देवता डबल सिरताज* बन रहे हैं। चित्र रखा होगा, कोई भी पूछेंगे तो हम बतला सकेंगे – हमको *सिखलाने वाला यह शिवबाबा* है। चित्र देखने से बच्चों को नशा चढ़ेगा। भल दुकान में भी यह चित्र रख दो।)

5. बाप को याद करने का ____ ढूंढना चाहिए। बाबा युक्तियाँ तो सब बतलाते, परन्तु कोई _____ भी रखे ना। _____ सामने खड़ा है। तुमको बाबा कितने प्रकार से समझाते, अपने को सदैव _____ रखने लिए बहुत अच्छी-अच्छी युक्तियाँ बतलाते। शुभ _____ रखनी है ना। ओहो! हम यह लक्ष्मी-नारायण बनते हैं।
° _उपाय_, _विश्वास_, _विनाश_,
_हर्षित_, _भावना_

6. अभी तुम पत्थरबुद्धि से _____ बुद्धि बन रहे। तुम यह पढ़ाई पढ़ते ही हो भविष्य ऊंच _____ लिए। तुम एक ही बार पतित से _____ बनते। भगवानुवाच – मैं जब आता हूँ श्रेष्ठाचारी बनाने के लिए तो सब _____ हैं। पतित-पावन सर्व का ____ दाता खुद कहते – बरोबर ब्रह्मा तन से स्थापना कर रहे। सर्व की सद्गति अर्थात् ____ कर रहे।
° _पारस_, _पद_, _पावन_, _भ्रष्टाचारी_, _सद्गति_, _उद्धार_

7. नये विश्व का मालिक बनाने वाला जरूर विश्व का _____ ही होगा। पहले तो तुमको यह _____ चाहिए कि हमको पढ़ाते कौन हैं। यह है श्री श्री _____ की मत। शिवबाबा तुम्हें _____-मत दे रहे हैं। परमात्मा की मत ही _____ बनाती है, _____-अभिमानी पूरा बन जाएं तो बाकी और क्या चाहिए।
° _रचयिता_, _निश्चय_, _शिवबाबा_, _श्री_, _श्रेष्ठ_, _आत्म_

8. जब समझेंगे तब खुश हो ____ करने लग पड़ेंगे। इसके लिए फिर ऐसा पूरा ____ करना चाहिए ना। इसको कहा जाता है _____ -योग।
° _मदद_, _पुरुषार्थ_, _राज_

9. जिनका न्यु ब्लड है उन्हें कौन सा *शौक* और कौन सी *मस्ती* होनी चाहिए?
° यह दुनिया जो पुरानी आइरन एजड बन गई है उसे नई गोल्डन एजेड बनाने का, *पुराने से नया बनाने का शौक* होना चाहिए। कन्याओं का न्यु ब्लड है तो अपने *हमजिन्स को उठाना* चाहिए। नशा कायम रखना चाहिए। *भाषण* करने में भी बड़ी मस्ती होनी चाहिए।

10. माताओं पर बाप आकर ज्ञान अमृत का _____ रखते हैं। सेन्टर्स के लिए भी कहते हैं _____ चाहिए, बाबा ____ चाहिए। यह भी ठीक है, मान देते। माता ____ कब होती है सो अभी तुम जानते हो। जगत ____ ही फिर राज-राजेश्वरी बनती है। आगे चल तुम ____ भरो तो यह सब आयेंगे।
° _कलष_, _ब्रह्माकुमारी_, _टीचर_, _गुरू_, _अम्बा_, _जोर_

11. तुम कह सकते हो हम आपको समझाते हैं इन लक्ष्मी-नारायण को यह _____ कैसे मिला? गीता में भी भगवानुवाच है ना। मैं तुमको _____ सिखाकर राजाओं का राजा बनाता हूँ। _____-वासी तो तुम बनते हो ना। _____ भी किसको बैठ समझाये कि इन लक्ष्मी-नारायण को भी यह पद कैसे मिला?
° _राज्य_, _राजयोग_, _स्वर्ग_, _पुजारी_

12. चित्र बड़े अच्छे हैं। यह है सद्गति अर्थात् ____ -धाम, यह है मुक्तिधाम। बुद्धि भी कहती है हम सब आत्मायें ____ -धाम में रहती, जहाँ से फिर टॉकी में आते। यह ____ ही भारत पर बना हुआ है, _____ -जयन्ती भी यहाँ मनाते। बाप कहते मैं आया हूँ, ____ बाद फिर आऊंगा। हर 5 हज़ार वर्ष बाद बाप के आते ही _____ बन जाता है।
° _सुख_, _निर्वाण_, _खेल_, _शिव_, _कल्प_, _पैराडाइज़_

Answers from Sakar Murli 07-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-01-2021*

1. दिल और दिमाग दोनों का बैलेन्स रख सेवा करने से _____ मिलती है।
° _सफलता_

2. जो आधारमूर्त होते, उनके ऊपर ही सारी _____ रहती। अभी आप जिस रूप से, जहाँ भी कदम उठायेंगे वैसे अनेक आत्मायें आपको _____ करेंगी। लेकिन यह जिम्मेवारी अवस्था बनाने में बहुत _____ करती क्योंकि इससे अनेक आत्माओं की _____ मिलती, जिस कारण जिम्मेवारी _____ हो जाती, थकावट मिटाने वाली।
° _जिम्मेवारी_, _फालो_, _मदद_,
_आशीर्वाद_, _हल्की_

3. पहले हम सोझरे में थे, जबकि भारत _____ था। स्वर्ग, वैकुण्ठ, बहिश्त, _____ – यह सब इस भारत के नाम थे। भारत पवित्र और प्राचीन ____ -वान था। स्वर्ग के राज-राजेश्वर, राज-राजेश्वरी श्री _____ थे, सुखधाम। बाप से तुमको स्वर्ग का वर्सा लेना है, सतयुग में थे _____ -मुक्त देवी-देवताओं। पावन खण्ड माना ____ -खण्ड।
° _स्वर्ग_, _हेविन_, _धन_, _लक्ष्मी-नारायण_, _जीवन_, _सच_

4. तुम देवताओं जैसा धनवान एवर-_____ , एवरहेल्दी, वेल्दी कोई नहीं होता। भारत कितना _____ था, हीरे-जवाहरात तो पत्थरों मिसल थे। तुम सर्व-_____ सम्पन्न, 16 कला _____ थे यथा महाराजा-महारानी, सतयुग में बहुत सुख था। भ्रष्टाचारियों को _____ देवता बनाना, यह बाप का ही काम है, बाप पावन बनाते। अभी तुम 21 जन्म लिए वर्सा लेने आये हो, तुम ही _____ पद फिर से लेते।
° _हैप्पी_, _साहूकार_, _गुण_, _सम्पूर्ण_, _श्रेष्ठाचारी_, _सूर्यवंशी_

5. यह है स्प्रीचुअल _____ नॉलेज, सुप्रीम रूह बैठ नॉलेज देते। बच्चों को _____ -अभिमानी बनना पड़े। अपने को आत्मा निश्चय कर _____ याद करो। आत्मा में ही अच्छे-बुरे ______ होते, जिस अनुसार जन्म मिलता। पत्थरबुद्धि को ______ बनाना मासी का घर नहीं। एक बाप को याद करो, राजाई याद करो, देह-संबंध छोड़ो। _____ आत्मा बनने की मेहनत करनी है।
° _रूहानी_, _देही_, _मामेकम्_,
_संस्कार_, _पारसबुद्धि_, _पुण्य_

6. यह जो वर्सा भारत को था वह बाप से _____-युग पर ही मिला था। पुकारते हैं – हे _____-पावन _____ हर्ता सुख कर्ता। ईश्वर वा प्रभू कहने से भी याद नहीं आता कि वह सभी आत्माओं का _____ है।
° _संगम_, _पतित_, _दु:ख_, _बाप_

7. एक ही _____ बाबा है जो सचखण्ड की स्थापना करने वाला है। तुम ______ -जयन्ती तो मनाते हो ना। बाप है नई दुनिया का रचयिता, ______ गॉड फादर। एक _____ बिगर सर्व का सद्गति दाता कोई हो नहीं सकता।आत्मायें- _____ अलग रहे बहुकाल…..
° _सच्चा_, _शिव_, _हेविनली_, _सतगुरू_, _परमात्मा_

8. बाप अपने बच्चों को कौन सी *एक कहानी* सुनाने आये हैं?
° बाबा कहते मीठे बच्चे – मैं तुम्हें *84 जन्मों की कहानी* सुनाता हूँ। तुम जब *पहले-पहले* जन्म में थे तो एक ही *दैवी धर्म* था फिर तुमने ही दो युग के बाद बड़े-बड़े मन्दिर बनाये हैं। *भक्ति शुरू* की है। अभी तुम्हारा यह अन्त के भी अन्त का जन्म है। *तुमने पुकारा* दु:ख हर्ता सुख कर्ता आओ…. अब *मैं आया* हूँ।

9. जब देवता धर्म गुम हो जाता तब बाप को आना पड़ता – एक ______ की स्थापना कर बाकी सबका विनाश करा देते। _____ -पिता ब्रह्मा द्वारा बाप स्थापना करा रहे, आदि सनातन ______ धर्म की। यह भी सारा _____ बना हुआ है, इनकी एण्ड होती नहीं, बाप आते अन्त में। जबकि सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का नॉलेज सुनाते तो जरूर _____ पर आयेंगे। तुम्हारा एक बाप है, आत्मायें सभी _____ हैं, मूलवतन में रहने वाली।
° _धर्म_, _प्रजा_, _देवी-देवता_, _ड्रामा_, _संगम_, _ब्रदर्स_

10. *दु:ख* भी ईश्वर ही देते हैं। _(सही / गलत)_
° गलत (बाप कहते हैं – मैं तो सभी को *इतना सुख देता हूँ* जो फिर आधाकल्प तुम बाप का सिमरण नहीं करेंगे। फिर जब रावण राज्य होता है तो सबकी पूजा करने लग पड़ते हैं।)

11. वानप्रस्थ अवस्था वाले गुरू करते, मन्त्र लेने लिए। तुमको तो अभी *देहधारी गुरू करने की दरकार नहीं*। क्यों?
° तुम सबका *मैं बाप, टीचर, गुरू हूँ* । मुझे कहते भी हो – हे *पतित-पावन शिवबाबा*। अभी स्मृति आई है। (सब आत्माओं का *बाप* है, आत्मा सत है, चैतन्य है क्योंकि अमर है। सभी आत्माओं में पार्ट भरा हुआ है। बाप भी *सत चैतन्य* है। वह *मनुष्य सृष्टि का बीजरूप* होने कारण कहते हैं – मैं सारे झाड़ के आदि-मध्य-अन्त को जानता हूँ इसलिए मुझे *नॉलेजफुल* कहा जाता है।)

12. कहते हैं फलाना पार निर्वाण गया, बाप कहते यह सब हैं गपोड़े, *वापिस कोई भी जा नहीं सकते* । बाबा ने इसका एक अनोखा कारण सुनाया। कौन-सा?
° जबकि *पहले नम्बर वालों को ही 84 जन्म लेने पड़ते* हैं। (तो और कोई कैसे जा सकता!)

13. वास्तव में ___ सूर्य, ____ चन्द्रमा और ____ सितारे हैं। उन्हों की महिमा है। पहले होती है ______ भक्ति एक शिवबाबा की, फिर _____ की, फिर उतरते-उतरते अभी तो देखो _____ पर मिट्टी का दीवा जगाए, तेल आदि डाल उनकी भी पूजा करते हैं।
° _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ज्ञान_, _अव्यभिचारी_, _देवताओं_, _टिवाटे_

Answers from Sakar Murli 06-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 06-01-2021*

1. अपने _____ बोल और उमंग-उत्साह के _____ से दिलशिकस्त को शक्तिवान बनाओ।
° _मीठे_, _सहयोग_

2. जो बाप को दिल का सच्चा _____ बना लेते, उन्हें संग का रूहानी रंग सदा लगा रहता। बुद्धि द्वारा सत् बाप-शिक्षक-गुरू का संग करना – यही _____ है। जो इसमें रहते वो सदा हर्षित, डबल _____ रहते, किसी प्रकार का _____ नहीं। वे ऐसा अनुभव करते जैसे भरपूर हैं, खुशियों की _____ मेरे साथ है, जो बाप का है सब अपना।
° _साथी_, _सतसंग_, _लाइट_, _बोझ_, _खान_

3. बच्चों को बाप को जरूर _____ करना है। अब वापिस जाना है, इस पार से उस पार। बाप को, वर्से को और _____ को भी याद करो। वह है स्वीट _____ होम। दु:ख होता है अशान्ति से, सुख होता है _____ से। सतयुग में सुख-शान्ति-_____ सब कुछ है।
° _याद_, _घर_, _साइलेन्स_, _शान्ति_, _सम्पत्ति_

4. बाबा आप तो हमको _____ देते हैं बेहद का। बाबा, आप फिर से आये हो, हम तो आपको _____ गये थे। आपने हमको _____ दी थी, अब फिर आकर मिले हो। आपकी _____ पर हम जरूर चलेंगे। बाबा, आप तो हमें बहुत अच्छा _____ बताते हो। अब _____ को ही याद करना है।
° _वर्सा_, _भूल_, _बादशाही_, _श्रीमत_, _रास्ता_, _बाप_

5. यह बाप तो सेवा नहीं मांगते, कहते हैं मैं _____ सेवा करता हूँ। यह बाप तो बच्चों की सेवा कर _____ ले जाते हैं। तुम बच्चों को स्वर्ग की _____ देता हूँ। तुम कितना ऊंच _____ प्राप्त करते हो।
° _निष्काम_, _साथ_, _राजाई_, _पद_

6. _____ अक्षर बहुत मीठा है। योग अर्थात् बाप को _____ करना है। अभी तुम समझते हो – इतनी छोटी _____ में अविनाशी पार्ट नूँधा हुआ है, उनको कहा जाता है परमपिता परमात्मा। याद का पुरुषार्थ करना यह भी _____ है ना। नेचुरल सच्चा-सच्चा नेचरक्युअर इसको कहा जाता, तुम्हारी आत्मा बिल्कुल _____ हो जाती।
° _याद_, _याद_, _बिन्दी_, _ज्ञान_, _प्योर_

7. बाप कहते हैं सुखी तब होंगे जब _____ होंगे। सदा एक ही फुरना रखना है कि सतोप्रधान सच्चा _____ बन ऊंच पद पाना है। जो रूहानी _____ मिलता है उसे उगारना है। अब हम समझते हैं हम सतोप्रधान _____ थे। अब फिर मुझ आत्मा को _____ बनना है।
° _सतोप्रधान_, _सोना_, _भोजन_, _देवी-देवता_, _पावन_

8. बुढ़ियाएं समझती हैं _____ को याद करना है, बस। उनके लिए समझाया जाता है – अपने को _____ समझ बाप को याद करो। फिर भी _____ तो पा लेती हैं। साथ में रहती हैं। प्रदर्शनी में सब आयेंगे।
° _शिवबाबा_, _आत्मा_, _वर्सा_

9. तुम अभी _____ पर खड़े हो।तुम बच्चे सुख का _____ पाने का पुरुषार्थ करते हो। बाप समझाते हैं शान्ति और सुख का वर्सा देने वाला एक _____ ही हूँ। जानते हो नई दुनिया की _____ स्थापन हो रही है।
° _संगम_, _वर्सा_, _मैं_, _राजधानी_

10. तुम बच्चे अभी यज्ञ की सर्विस करते हो, इस सर्विस से बहुत _____ होती। बहुतों का _____ हो जाता है। दिन-प्रतिदिन _____ सर्विस की बहुत वृद्धि होगी। बाबा _____ भी बनवाते रहते हैं। कहाँ भी जाओ तो इस पर समझाना है।
° _प्राप्ति_, _कल्याण_, _प्रदर्शनी_, _बैजेस_

11. *बैज* पर क्या समझा सकते?
° (त्रिमूर्ति-बैज) यह बाप, यह दादा, यह बाप का वर्सा। (अब बाप कहते हैं – मुझे याद करो तो तुम पावन बन जायेंगे। गीता में भी है – मामेकम् याद करो।)

12. यह क्लास *बड़ा वन्डरफुल* है कैसे?
° यही एक क्लास है जिसमें *छोटे बच्चे भी बैठे हैं तो बूढ़े भी* बैठे हैं। (यह क्लास ऐसा वन्डरफुल है जो इसमें अहिल्यायें, कुब्जायें, साधू भी आकर एक दिन यहाँ बैठेंगे।)

13. तुम हो ब्राह्मण, _____ ब्राह्मण ही रचते। यह है सबसे बड़ा बेहद का भारी _____ रूद्र यज्ञ। यह रूद्र यज्ञ _____ ही बार होता, सतयुग-त्रेता में फिर कोई यज्ञ होता नहीं। इसमें बेहद की _____ पड़नी है। यह भी गायन है रूद्र ज्ञान यज्ञ से _____ ज्वाला प्रज्जवलित हुई।
° _यज्ञ_, _ईश्वरीय_, _एक_, _आहुति_, _विनाश_

14. रूहानी बाप जो _____ का सागर पतित-पावन है, वह बैठ गीत का अर्थ बताते। _____-योग भी बाप ही सिखलाते, बच्चे फिर से राजाओं का राजा बन रहे। तुम कहते हो हम _____ वर्ष पहले मिसल फिर से बेहद के बाप से पढ़ते हैं। यह _____ भी फिर से होना है जरूर। यह विनाश भी _____ कार्य लिए है इसलिए डरना नहीं, कल्याणकारी बाप सदा _____ का ही कार्य कराते हैं, इस स्मृति से सदा खुशी में रहना है।
° _ज्ञान_, _राज_, _5 हजार_, _विनाश_, _शुभ_, _कल्याण_

Answers from Sakar Murli 05-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-01-2021*

1. अपने अनादि और आदि गुणों को _____ में रख उन्हें स्वरूप में लाओ।
° _स्मृति_

2. विश्व आपके कल्प पहले वाले सम्पन्न _____ स्वरूप का सिमरण कर रही, अब प्रैक्टिकल में वह प्रख्यात करो। बीती हुई कमजोरियों को _____ लगाओ, _____ संकल्प द्वारा पुराने संस्कार-स्वभाव समाप्त करो, दूसरों की कमजोरी की _____ मत करो, _____ गुण धारण करने वाली _____ बुद्धि धारण करो तब साक्षात्कार मूर्त बनेंगे।
° _पूज्य_, _फुलस्टाप_, _दृढ़_, _नकल_, _दिव्य_, _सतोप्रधान_

3. जब तक शिव परमात्मा न आये, ____ जयन्ती मना न सकें। जब तक शिव आकर कृष्णपुरी स्थापन न करे तो ____ जयन्ती भी कैसे मनाई जाए। कृष्ण प्रिन्स था तो जरूर ____ में प्रिन्स होगा ना। देवी देवताओं की _____ होगी।कृष्णपुरी कहो अथवा _____ -पुरी कहो, ____ सम्प्रदाय कहो।
° _शिव_, _कृष्ण_, _सतयुग_, _राजधानी_, _विष्णु_, _दैवी_

4. बाप समझते हैं मैं _____ -पावन शिव हूँ। मैं ____ -धाम से आया हूँ, इन सालिग्रामों को पढ़ाने। मुझे ही आकर सब भक्तों को ____ का फल देना है। सब पुकारते रहते हैं ना – हे ____ फादर। बाप जानते हैं – यह हमारे बच्चे हैं, जिन्हों को हम ____ अमृत पिलाए, ज्ञान चिता पर बिठाए घोर नींद से जगाए ____ में ले जाता हूँ।
° _पतित_, _परम_, _भक्ति_, _गाड_, _ज्ञान_, _स्वर्ग_

5. बाप है ही _____-फुल। यह शिक्षा अभी तुमको ही _____ के बाप से मिल रही है। वही सृष्टि के _____ हैं। पतित सृष्टि को _____ बनाने वाले हैं। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ तो पहले-पहले उसका ही _____ देना है। उस परमपिता परमात्मा के साथ आपका क्या _____ है?
° _नॉलेज_, _बेहद_, _रचयिता_, _पावन_, _परिचय_, _सम्बन्ध_

6. ___ बैठ बच्चों को समझाते हैं। सब अपने को ____ ब्रदर्स कहते ही हैं। भगवान ने ही समझाया होगा, प्राचीन ____ -योग सिखाया होगा। तुम नर से नारायण ( ____ -वासी) बनने यहाँ आते हो। जो ____ बनेंगे वही पावन दुनिया में चलेंगे। बाकी अपना हिसाब-किताब चुक्तू कर वापिस ____ चली जायेंगी। यह कयामत का समय है।
° _बाप_, _भाई-भाई_, _राज_, _स्वर्ग_, _पावन_, _घर_

7. (धारणा) भाई-भाई की ____ का अभ्यास करते हुए विशालबुद्धि बन लौकिक बन्धनों से ____ निभाना है (एक दो को रिगार्ड देना अच्छा)। बड़ी युक्ति से चलना। ____ दृष्टि बिल्कुल नहीं जानी चाहिए। कयामत के समय सम्पूर्ण ____ बनना है।पूरा वर्सा लेने लिए अच्छी रीति पढ़कर पतित-पावन बाप से ____ लगाकर पावन बनना है। तुमको यह ____ चढ़ा हुआ है।
° _दृष्टि_, _तोड़_, _विकारी_,
_पावन_, _योग_, _नशा_

8. न देवताओं और असुरों की लड़ाई हुई, न कौरवों पाण्डवों की हुई है। तो हमने *विजय किस पर* प्राप्त की थी?
° तुम *रावण पर* जीत पाते हो। बाप कहते हैं इन *5 विकारों पर* जीत पहनो तो तुम *जगतजीत* बन जायेंगे, इसमें कोई लड़ना नहीं है। (लड़ने का नाम ले तो हिंसा हो जाए। रावण पर जीत पानी है,परन्तु नानवायोलेंस से। सिर्फ पतित-पावन बाप को याद करने से हमारे विकर्म विनाश हो, हम सतोप्रधान बनते, बाप से वर्सा पायेंगे।)

9. पहली-पहली मुख्य बात है ____ का सागर, ____ -पावन ____ ज्ञान दाता परमपिता परमात्मा _____ भगवानुवाच पहले-पहले उनको यह पता पड़े इन्हों को सिखलाने वाला कौन है! वह सुप्रीम सोल ज्ञान सागर ____ है। वह है ही ____ (ट्रूथ), सबसे बड़ी अथॉरिटी, सचखण्ड बनाते, उसमें कोई प्रश्न उठ नहीं सकता।
° _ज्ञान_, _पतित_, _गीता_, _शिव_, _निराकार_, _सत्य_

10. इस समय तुमको 3 बाप हैं क्योंकि ____ आते हैं प्रजापिता ____ के तन में, वह भी तो बाप है सबका। लौकिक ____ भी है। अच्छा अब तीनों बाप से ऊंच वर्सा किसका? _____ बाप वर्सा कैसे दे। वह फिर देते हैं ____ द्वारा। इस (त्रिमूर्ति के) ____ पर तुम बहुत अच्छी रीति समझा सकते हो।
° _भगवान_, _ब्रह्मा_, _बाप_, _निराकार_, _ब्रह्मा_, _चित्र_

11. वह है स्वीट होम। तुम जान गये हो कि हमारा होम वह है, हम एक्टर्स उस शान्तिधाम से आते हैं – यहाँ पार्ट बजाने। तो हम बेहद के *एक्टर्स* और उन (लौकिक) एक्टर्स में *मुख्य अन्तर* क्या है?
° *हम आत्मायें यहाँ के रहवासी नहीं हैं*। वह एक्टर्स यहाँ के रहवासी होते हैं। सिर्फ घर से आकर ड्रेस बदलकर पार्ट बजाते हैं। तुम तो समझते हो *हमारा घर शान्तिधाम है*, वहाँ हम फिर वापिस जाते हैं। (जब सभी एक्टर्स स्टेज पर आ जाते हैं तब फिर बाप आकर सभी को ले जायेंगे, इसलिए उनको लिब्रेटर, गाइड भी कहा जाता है। दु:ख हर्ता सुख कर्ता, पतित-पावन, महाकाल, आदि।)

12. कोई सफेद कपड़े का बंधन नहीं, परन्तु सफेद अच्छा है। तुम बच्चे *सफेद ड्रेस* पसन्द क्यों करते हो? यह किस बात का प्रतीक है?
° अभी तुम इस पुरानी दुनिया से जीते जी मर चुके हो इसलिए तुम्हें सफेद ड्रेस पसन्द है। यह सफेद ड्रेस मौत को सिद्ध करता है। जब कोई मरता है तो उस पर भी सफेद कपड़ा डालते हैं, तुम बच्चे भी अभी *मरजीवा* बने हो।

13. तुम देखते भी हो – यह वही _____ लड़ाई है। ____ के बाद फिर वाइसलेस दुनिया होनी है। यह मनुष्य नहीं जानते कि भारत ही वाइसलेस था, बुद्धि को गाडरेज का _____ लगा हुआ है। उसकी _____ एक बाप के पास ही है इसलिए उनको ही ज्ञान दाता, _____ चक्षु विधाता कहा जाता है। ____ का तीसरा नेत्र देते हैं।
° _महाभारत_, _विनाश_, _ताला_, _चाबी_, _दिव्य_, _ज्ञान_

Answers from Sakar Murli 04-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-01-2021*

1. अपने अनादि और आदि गुणों को _____ में रख उन्हें स्वरूप में लाओ।
° _स्मृति_

2. विश्व आपके कल्प पहले वाले सम्पन्न _____ स्वरूप का सिमरण कर रही, अब प्रैक्टिकल में वह प्रख्यात करो। बीती हुई कमजोरियों को _____ लगाओ, _____ संकल्प द्वारा पुराने संस्कार-स्वभाव समाप्त करो, दूसरों की कमजोरी की _____ मत करो, _____ गुण धारण करने वाली _____ बुद्धि धारण करो तब साक्षात्कार मूर्त बनेंगे।
° _पूज्य_, _फुलस्टाप_, _दृढ़_, _नकल_, _दिव्य_, _सतोप्रधान_

3. जब तक शिव परमात्मा न आये, ____ जयन्ती मना न सकें। जब तक शिव आकर कृष्णपुरी स्थापन न करे तो ____ जयन्ती भी कैसे मनाई जाए। कृष्ण प्रिन्स था तो जरूर ____ में प्रिन्स होगा ना। देवी देवताओं की _____ होगी।कृष्णपुरी कहो अथवा _____ -पुरी कहो, ____ सम्प्रदाय कहो।
° _शिव_, _कृष्ण_, _सतयुग_, _राजधानी_, _विष्णु_, _दैवी_

4. बाप समझते हैं मैं _____ -पावन शिव हूँ। मैं ____ -धाम से आया हूँ, इन सालिग्रामों को पढ़ाने। मुझे ही आकर सब भक्तों को ____ का फल देना है। सब पुकारते रहते हैं ना – हे ____ फादर। बाप जानते हैं – यह हमारे बच्चे हैं, जिन्हों को हम ____ अमृत पिलाए, ज्ञान चिता पर बिठाए घोर नींद से जगाए ____ में ले जाता हूँ।
° _पतित_, _परम_, _भक्ति_, _गाड_, _ज्ञान_, _स्वर्ग_

5. बाप है ही _____-फुल। यह शिक्षा अभी तुमको ही _____ के बाप से मिल रही है। वही सृष्टि के _____ हैं। पतित सृष्टि को _____ बनाने वाले हैं। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ तो पहले-पहले उसका ही _____ देना है। उस परमपिता परमात्मा के साथ आपका क्या _____ है?
° _नॉलेज_, _बेहद_, _रचयिता_, _पावन_, _परिचय_, _सम्बन्ध_

6. ___ बैठ बच्चों को समझाते हैं। सब अपने को ____ ब्रदर्स कहते ही हैं। भगवान ने ही समझाया होगा, प्राचीन ____ -योग सिखाया होगा। तुम नर से नारायण ( ____ -वासी) बनने यहाँ आते हो। जो ____ बनेंगे वही पावन दुनिया में चलेंगे। बाकी अपना हिसाब-किताब चुक्तू कर वापिस ____ चली जायेंगी। यह कयामत का समय है।
° _बाप_, _भाई-भाई_, _राज_, _स्वर्ग_, _पावन_, _घर_

7. (धारणा) भाई-भाई की ____ का अभ्यास करते हुए विशालबुद्धि बन लौकिक बन्धनों से ____ निभाना है (एक दो को रिगार्ड देना अच्छा)। बड़ी युक्ति से चलना। ____ दृष्टि बिल्कुल नहीं जानी चाहिए। कयामत के समय सम्पूर्ण ____ बनना है।पूरा वर्सा लेने लिए अच्छी रीति पढ़कर पतित-पावन बाप से ____ लगाकर पावन बनना है। तुमको यह ____ चढ़ा हुआ है।
° _दृष्टि_, _तोड़_, _विकारी_,
_पावन_, _योग_, _नशा_

8. न देवताओं और असुरों की लड़ाई हुई, न कौरवों पाण्डवों की हुई है। तो हमने *विजय किस पर* प्राप्त की थी?
° तुम *रावण पर* जीत पाते हो। बाप कहते हैं इन *5 विकारों पर* जीत पहनो तो तुम *जगतजीत* बन जायेंगे, इसमें कोई लड़ना नहीं है। (लड़ने का नाम ले तो हिंसा हो जाए। रावण पर जीत पानी है,परन्तु नानवायोलेंस से। सिर्फ पतित-पावन बाप को याद करने से हमारे विकर्म विनाश हो, हम सतोप्रधान बनते, बाप से वर्सा पायेंगे।)

9. पहली-पहली मुख्य बात है ____ का सागर, ____ -पावन ____ ज्ञान दाता परमपिता परमात्मा _____ भगवानुवाच पहले-पहले उनको यह पता पड़े इन्हों को सिखलाने वाला कौन है! वह सुप्रीम सोल ज्ञान सागर ____ है। वह है ही ____ (ट्रूथ), सबसे बड़ी अथॉरिटी, सचखण्ड बनाते, उसमें कोई प्रश्न उठ नहीं सकता।
° _ज्ञान_, _पतित_, _गीता_, _शिव_, _निराकार_, _सत्य_

10. इस समय तुमको 3 बाप हैं क्योंकि ____ आते हैं प्रजापिता ____ के तन में, वह भी तो बाप है सबका। लौकिक ____ भी है। अच्छा अब तीनों बाप से ऊंच वर्सा किसका? _____ बाप वर्सा कैसे दे। वह फिर देते हैं ____ द्वारा। इस (त्रिमूर्ति के) _चित्र_ पर तुम बहुत अच्छी रीति समझा सकते हो।
° _भगवान_, _ब्रह्मा_, _बाप_, _निराकार_, _ब्रह्मा_

11. वह है स्वीट होम। तुम जान गये हो कि हमारा होम वह है, हम एक्टर्स उस शान्तिधाम से आते हैं – यहाँ पार्ट बजाने। तो हम बेहद के *एक्टर्स* और उन (लौकिक) एक्टर्स में *मुख्य अन्तर* क्या है?
° *हम आत्मायें यहाँ के रहवासी नहीं हैं*। वह एक्टर्स यहाँ के रहवासी होते हैं। सिर्फ घर से आकर ड्रेस बदलकर पार्ट बजाते हैं। तुम तो समझते हो *हमारा घर शान्तिधाम है*, वहाँ हम फिर वापिस जाते हैं। (जब सभी एक्टर्स स्टेज पर आ जाते हैं तब फिर बाप आकर सभी को ले जायेंगे, इसलिए उनको लिब्रेटर, गाइड भी कहा जाता है। दु:ख हर्ता सुख कर्ता, पतित-पावन, महाकाल, आदि।)

12. कोई सफेद कपड़े का बंधन नहीं, परन्तु सफेद अच्छा है। तुम बच्चे *सफेद ड्रेस* पसन्द क्यों करते हो? यह किस बात का प्रतीक है?
° अभी तुम इस पुरानी दुनिया से जीते जी मर चुके हो इसलिए तुम्हें सफेद ड्रेस पसन्द है। यह सफेद ड्रेस मौत को सिद्ध करता है। जब कोई मरता है तो उस पर भी सफेद कपड़ा डालते हैं, तुम बच्चे भी अभी *मरजीवा* बने हो।

13. तुम देखते भी हो – यह वही _____ लड़ाई है। ____ के बाद फिर वाइसलेस दुनिया होनी है। यह मनुष्य नहीं जानते कि भारत ही वाइसलेस था, बुद्धि को गाडरेज का _____ लगा हुआ है। उसकी _____ एक बाप के पास ही है इसलिए उनको ही ज्ञान दाता, _____ चक्षु विधाता कहा जाता है। ____ का तीसरा नेत्र देते हैं।
° _महाभारत_, _विनाश_, _ताला_, _चाबी_, _दिव्य_, _ज्ञान_

Answers from Sakar Murli 04-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-01-2021*

1. सदा बापदादा की _____ के अन्दर रहो तो विघ्न-विनाशक बन जायेंगे।
° _छत्रछाया_

2. जबसे आप बाप के बच्चे बने, पवित्रता की प्रतिज्ञा की तो रिटर्न में _____ का ताज प्राप्त हो गया। इसके आगे _____ जड़ित ताज कुछ नही। जितना-जितना संकल्प-बोल-कर्म में _____ धारण करते जायेंगे उतना यह क्राउन स्पष्ट होता जायेगा और _____ देव रूप में भक्तों के आगे प्रत्यक्ष होते जायेंगे।
° _लाइट_, _रत्न_, _प्योरिटी_, _इष्ट_

3. अभी तुम इस पुरुषार्थ से ______ -पुरी के मालिक बनते हो। तुम भी समझते हो हम विश्व के _____ हैं। हम ______ करेंगे, और कोई होगा ही नहीं।
° _विष्णु_, _मालिक_, _राजाई_

4. मुख्य पुरुषार्थ-फायदा है _____ की यात्रा से। याद से ही _____ बड़ी होनी है। बुद्धि में तो सूक्ष्म है ना, अन्दर में जानते हैं शिवबाबा का _____ क्या है। वह है _____, बाप इसमें प्रवेश कर पढ़ाते।
° _याद_, _आयु_, _रूप_, _बिन्दी_.

5. बाबा है अविनाशी सर्जन, कहते तुम अपनी अविनाशी _____ करते रहो। हम ऐसी ______ बूटी देते जो कब कोई बीमार न पड़े। सिर्फ _____ -पावन बाप को याद करते रहो तो पावन बन जायेंगे। देवतायें सदैव निरोगी ____ हैं ना। बच्चों को यह तो निश्चय हो गया है हम कल्प कल्प _____ लेते हैं।
° _दवाई_, _संजीवनी_, _पतित_, _पावन_, _वर्सा_

6. जाना तो सभी को है, बाकी ____ जाकर रहेगी। शरीर आदि का कोई भी भान न आवे, उसी _____ में जाना है। एक बाप की ही ____ रहे ऐसा पुरुषार्थ करना है, हार्टफेल नहीं होना। तुम बच्चे भी ____ समान बनाते रहते। योग से शक्ति मिलती, ज्ञान से धन मिलता। बच्चों को चाहिए ___, तो इसे पाने लिये बाप को _____ करते रहो।
° _आत्मा_, _अवस्था_, _याद_, _आप_, _शक्ति_, _याद_

7. बाबा जो सिखलाते, समझाते हैं यही _____-योग है। यह _____ मार्ग बाप ही बताते। बाप ही आकर नीचे से _____ उठाते। जो पक्के निश्चयबुद्धि हैं वही _____ का दाना बनते। अभी पारलौकिक बाप आकर _____ कमाई कराते।
° _राज_, _ज्ञान_, _ऊपर_, _माला_, _सच्ची_

8. ड्रामा में इस समय _____ सीखने-सिखाने का पार्ट चल रहा, फिर देने-लेने वा बाप-बच्चे का पार्ट बन्द होगा। हमारा पार्ट ____ दुनिया में प्रारब्ध-राज्य, बाबा का पार्ट _____ में। हम ज्ञान को पूरा ले लेते, न देने वाले पास रहे, न लेने वाले में कमी रही तो दोनों _____ हो गये। फिर भी बाप तो बाप है, बच्चे बच्चे हैं।
° _ज्ञान_, _नई_, _शान्तिधाम_, _समान_

9. गीत:-तुम्हें पाके हमने…….
इसका रहस्य बच्चे भी समझते। अब हम बाप से बेहद का वर्सा पा रहे हैं। वह राज्य हमारा कोई छीन न सके। *भारत का राज्य* बहुतों ने छीना है ना (इतिहास में)। परन्तु *वास्तव में किसने छीना* है?
° वास्तव में पहले तो *रावण ने* छीना है, *आसुरी मत* पर! (बाप समझाते एक तरफ है रावण की आसुरी सम्प्रदाय, जो बाप को नहीं जानते। दूसरी तरफ हो तुम बच्चे। तुम भी पहले नहीं जानते थे।)

10. मीठे बच्चे – कदम-कदम बाप की ____ पर चलते रहो, एक बाप से ही सुनो तो ____ का वार नहीं होगा। परन्तु इसमें भी _____ चाहिए, मेरा तो एक शिवबाबा दूसरा न कोई। आगे कहते थे 7 रोज़ _____ में रहना है, और कोई की याद न आये, न पत्र आदि लिखना। पहली बात तो है _____ बनना है तब ही बुद्धि में धारणा होगी।
° _श्रीमत_, _माया_, _हिम्मत_, _भट्ठी_, _पवित्र_

11. *ऊंच पद प्राप्त करने का आधार* क्या है? (2)
° ऊंच पद प्राप्त करने लिए बाप के हर डायरेक्शन पर चलते रहो। *बाप का डायरेक्शन मिला और बच्चों ने माना* । दूसरा कोई संकल्प तक भी न आये।
° इस *रूहानी सर्विस में लग जाओ*। (तुम्हें और कोई की याद नहीं आनी चाहिए। आप मुये मर गई दुनिया तब ऊंच पद मिल सकता है। तुम्हारा पुरुषार्थ ही है – नर से नारायण बनने का।)

12. (धारणा) माया पहलवान बन सामने आयेगी, उससे ____ नहीं है। ____ -जीत बनना है। कदम-कदम श्रीमत पर चल अपने ऊपर आपेही _____ करनी है।बाप को अपना सच्चा-सच्चा ____ बताना है। ____ होकर रहना है। चलते-फिरते ____ का अभ्यास करना है।
° _डरना_, _माया_, _कृपा_,
_पोतामेल_, _ट्रस्टी_, _याद_

13. अपना ____ रखो – सारे दिन में कितना याद किया? सवेरे उठ कितना समय बाप से ____ की? आज बाबा की ____ में बैठे? ऐसे-ऐसे अपने से मेहनत करनी है।
° _चार्ट_, _बातें_, _याद_

14. ड्रामा के पट्टे पर क्यों ठहरना है? (नहीं तो *पास्ट को रिवाईज* करने से क्या होता?)
° पास्ट जो हो गया है उनको रिवाईज करने से जिनकी कमज़ोर दिल है तो उन्हों के दिल की *कमज़ोरी भी रिवाईज हो जाती* है इसलिये बच्चों को ड्रामा के पट्टे पर ठहराया गया है।(ड्रामा को बच्चे समझ जायें तो कब ख्याल न हो।)

15. नये जो आते हैं तो सिर्फ कहना है बाप को ____ करो, ____ भगवानुवाच। बुद्धि में पूरा धारण करना है। कल्प पहले भी कहा था – ____ याद करो तो विकर्म विनाश होंगे, ____ बन जाएंगे। अपने को आत्मा समझ देह के सब धर्म छोड़ जीते जी मरो, मैं सर्व की ____ करने आया हूँ।
° _याद_, _शिव_, _मामेकम्_, _पावन_, _सद्गति_

16. बोलो, तुम भारतवासी ही इन देवी-देवताओं की _____ करते हो। यह कौन हैं? यह स्वर्ग के ____ थे ना। अभी कहाँ हैं? ____ जन्म कौन लेते हैं? ______ में तो यही देवी-देवता थे। यह ____ राजधानी स्थापन हो रही है।
° _पूजा_, _मालिक_, _84_,
_सतयुग_, _डीटी_

17. लिखते हैं बाबा हमने *काला मुँह* कर दिया। बाबा का उत्तर? (2)
° बाबा लिख देते काला मुँह करने वाले को *12 मास* यहाँ आने की दरकार नहीं है। (कभी नहीं आना! बाप तो आये ही हैं पतित से पावन बनाने।)
° (स्त्रियां भी बहुत हार खा लेती हैं।) बाप कहते हैं तुम तो *सूपनखा* हो, यह सब नाम इस समय के ही हैं।

Answers from Sakar Murli 02-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-01-2021*

1. अपने सर्व खजानों को _____ करने वाले ही महादानी आत्मा हैं।
° _सफल_

2. जैसे वाणी-कर्म की शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाई देता, वैसे *सबसे पावरफुल साइलेन्स शक्ति* का प्रत्यक्ष प्रमाण देखने लिए क्या करना है?
° बापदादा के साथ *निरन्तर क्लीयर कनेक्शन और रिलेशन* हो, इसे ही योगबल कहा जाता है। (ऐसी योगबल वाली आत्मायें स्थूल में दूर रहने वाली आत्मा को *सम्मुख का अनुभव* करा सकती हैं। *आत्माओं का आह्वान* कर उन्हें परिवर्तन कर सकती हैं। यही *सूक्ष्म सेवा* है, इसके लिए *एकाग्रता की शक्ति* को बढ़ाओ।)

3. अगर कोई पूछे *राज़ी-खुशी हो?*, तो कौन-सा जवाब फ़लक से देना चाहिए? (2)
° परवाह थी पार ब्रह्म में रहने वाले की, *वह मिल गया, बाकी क्या चाहिए। पाना था सो पा लिया…..* । (तुम ईश्वरीय बच्चों को किसी बात की परवाह नहीं। तुम्हें बाप ने अपना बनाया, तुम्हारे पर ताज रखा फिर परवाह किस बात की। )
° हम तो *सदैव खुशराज़ी* हैं। (बीमार भी हो तो भी बाप की याद में हो। तुम स्वर्ग से भी जास्ती यहाँ खुश-राज़ी हो। जबकि *स्वर्ग की बादशाही देने वाला बाप मिला है, जो हमको इतना लायक बनाते* हैं तो हमको क्या परवाह रखी है!)

4. बाप को याद करने से हमको यह (लक्ष्मी-नारायण) बनना है।कहते भी हैं आप _____ आत्मा हो, कदम-कदम में ____ ! वह है ही सुखधाम। अपने समय पर बाप बच्चों को ____ देकर फिर किनारा कर लेते। बच्चों को ____ आदि बनाकर देते, _____ सब पूरी हो जाती। सतयुग में सुख ही सुख है। तुम जानते हो हम सच-सच ___ में जायेंगे।
° _पुण्य_, _पद्म_, _ताज_, _महल_, _आशायें_, _स्वर्ग_

5. बच्चे समझते हैं बरोबर हम _____ हैं, हमको परमपिता _____ पढ़ा रहे। क्या कहते? मुझे ____ करो तो तुम स्वर्ग के मालिक बनो। इसमें बाप भी आ गया, पढ़ाई और पढ़ाने वाला भी आ गया। _____ दाता भी आ गया। थोड़े अक्षर में सारा ____ आ जाता। यहाँ तुम आते हो इसको _____ करने लिए।
° _आत्मा_, _परमात्मा_, _याद_, _सद्गति_, _ज्ञान_, _रिवाइज_

6. बच्चों की बुद्धि में जरूर होगा कि बाबा – बाप भी है, टीचर भी है, _____ गुरू भी है। वही ज्ञान सागर _____ -पावन भी है। ____ -रूप बाप को ही ज्ञान का सागर कहा जाता। बाप आप-समान _____ -फुल बनाते हैं।
° _सुप्रीम_, _पतित_, _बीज_, _नॉलेज_

7. भल देवताओं की महिमा की जाती है परन्तु फिर भी *ऊंच ते ऊंच एक बाप* है। क्यों?
° बाकी उनकी (देवताओं की) बड़ाई क्या है, *आज गदाई कल राजाई*। (अभी तुम पुरूषार्थ कर रहे हो ऐसा (लक्ष्मी-नारायण) बनने का।)

8. “मीठे बच्चे – बाप की *श्रीमत का रिगार्ड* रखना……. माना क्या? (3)
° *मुरली कभी भी मिस नहीं* करना। (हम मुरली ही नहीं पढ़ते तो बाकी औरों को समझायेंगे क्या?)
° *हर आज्ञा का पालन* करना।
° *चार्ट लिखना*। (बाप कहते अपना चार्ट लिखो परन्तु लिख नहीं पाते। अगर लिखते भी हैं तो जांच करते हैं – दो घण्टा याद में रहे? वह भी उन्हों को मालूम पड़ता है, जो बाप की श्रीमत को अमल में लाते। 2% मुश्किल चार्ट लिखते।)

9. उस पढ़ाई में स्पेशल पढ़ने लिए टीचर को बुलाते। यह तो _____ बनाने लिए सबको पढ़ाते। यह तो _____ -रस सबको पढ़ाते। जास्ती कुछ पढ़ने की बात है भी नहीं। इनकी तो बात ही ____ है। एक ही _____ -मन्त्र देते – “मनमनाभव”। बाप ही पतित-पावन है, उनको याद करने से ही ____ बनेंगे।
° _तकदीर_, _एक_, _नई_, _महा_, _पावन_

10. अभी तुम याद की यात्रा भी एक _____ समझते हो। यह तुम्हारी यात्रा ____ है, कल्प-कल्प यह यात्रा करते। _____ ही आकर यह यात्रा सिखलाते। इस रूहानी _____ का किसको पता नहीं। यह याद की यात्रा है _____ , उन यात्राओं में तो चक्र लगाने जाते फिर भी वैसे का वैसा बन जाते।
° _त्योहार_, _अनादि_, _बाप_, _यात्रा_, _सच्ची_,

11. यह है पुरुषोत्तम _____, जबकि बाप आये हैं। एक दिन सब जान जायेंगे ____ आया हुआ है। हम श्रीमत पर इस भारत को फिर से _____ बना रहे। सारी विश्व _____ बन जाती है। तुम सो ____ थे, अभी तुम सो ब्राह्मण बने हो।
° _संगमयुग_, _बाप_, _स्वर्ग_, _पवित्र_, _देवता_

12. ओम् अर्थात् मैं _____ फिर हम आत्मा ऐसे चक्र लगाती। यह जो मन्त्र है यह _____ याद रखना चाहिए। चक्र बुद्धि में नहीं होगा तो चक्रवर्ती _____ कैसे बनेंगे? _____ -प्रधान, सतो, रजो, तमो, ____ -वंशी, चन्द्रवंशी, वैश्यवंशी…. अभी तुम बच्चों को सब मालूम पड़ गया है।
° _आत्मा_, _हरदम_, _राजा_, _सतो_, _सूर्य_

13. इसमें *सब आ जाता* है। समय भी आता है, वर्ण भी आ जाते हैं, वंशावली भी आ जाती है। किसमें?
° *स्वदर्शन चक्र में*। (तुम बुद्धि से समझ सकते हो – हम कैसे इस 84 के चक्र में आते हैं।)

14. बुद्धि में यह सारा ____ होना चाहिए, नॉलेज से ही _____ पद मिलता। तुम्हारे पेपर्स की जांच कौन करेंगे? ______ ही करेंगे। _____ से जो चाहे सो पद बाप से ले लो। जितना बाप को याद करेंगे, सर्विस करेंगे उतना ____ मिलेगा। जो अच्छी रीति याद करते वह समझते हमको ____ भी करनी है।
° _ज्ञान_, _ऊंच_, _तुम खुद_, _पुरुषार्थ_, _फल_, _सर्विस_

15. बाबा के पास *राय लेने आते – स्थूल बातों की* । यह ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (यह *दुनियावी बातें बाप के पास नहीं ले आओ* । हाँ, कहाँ दिलशिकस्त बन न जाएं तो कुछ न कुछ आथत देकर बता देते हैं।)
° यह कोई मेरा धन्धा नहीं है। मेरा तो *ईश्वरीय धन्धा* है तुमको *रास्ता बताने* का । तुम *विश्व का मालिक कैसे बनो?* तुमको मिली है श्रीमत।

Q&As from Baba Milan Murli 28-02-22 (Rev. 30-11-08)

*Q&As from Baba Milan Murli 28-02-22 (Rev. 30-11-08)*

1. दृढ़ संकल्प-व्रत ‘हम सब __ हैं’ से वृत्ति-बोल शुभ-भावना सम्पन्न व दृष्टि आत्मिक किए महान पवित्र, पवित्रता-स्वधर्म के बल से परमात्म प्यार-सर्व प्राप्ति होती (बाबा-परिवार की दुआयें)
° भाई-भाई

2. सदा खुशी-नशे-अतीन्द्रिय सुख में रह-कर उड़ते-उड़ाते मास्टर सर्वशक्तिवान (स्वयं को वरदान, स्वप्न भी ___ हो); विश्व परिवर्तक पर उपकारी = सबको परिवर्तन करना।
° शक्तिशाली

3. आवश्यकता है मन्सा-सकाश से सबको सुख-शान्ति अंचली देना (दूर से देख पवित्रता-वाइब्रेशन ले), सब साथ चलेंगे इसलिए तीव्र पुरूषार्थ, एक __ में परिवर्तन कर फुलस्टाप लगाना।
° सेकण्ड

4. (अनादि) विशेष सितारा बाप साथ चमकते, (देव) सिर पे ___ का लाइट-ताज, (चित्रों) पूजा-विशेषता कितनी रॉयल (सब दुआ लेते), (ब्राह्मण) पवित्रता जन्मसिद्ध अधिकार (पवित्र-योगी भव)।
° रॉयल्टी

5. बच्चे पावन बनाने में 1 नम्बर, __ बन शान्ति-झण्डा लहराओ, गिरे को सहयोग-सहारा-शक्ति दे उठाओ (बड़ा पुण्य, उम्मीदें बढ़ाओ); सब खुशनसीब खुशमिजाज खुशी बांटने वाले को यादप्यार।
° निर्विघ्न

Answers from Sakar Murli 30-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-01-2021*

1. जिम्मेवारी सम्भालते हुए _____ रहने वाले ही बाप के समीप रत्न हैं।
° _डबल लाइट_

2. _____-वासी बन हर प्वाइंट के _____ बनो तो किसी भी प्रकार के धोखे-दु:ख-दुविधा से बच जायेंगे। किसका _____ हूँ, क्या प्राप्ति है – इस पहले पाठ का अनुभव कर लिया तो _____-जीत सहज हो जायेंगे। ऐसे नॉलेजफुल के साथ _____ अर्थात् अनुभवी मूर्त बनने लिए एकान्तवासी और _____ बनो।
° _एकान्त_, _अनुभवी_, _बच्चा_, _माया_, _पावरफुल_, _अन्तर्मुखी_

3. तुम जानते हो हम श्रीमत से ______बनते हैं। बाप कहते हैं तुमको नर से ______ बनना है। सेकेण्ड में ______ मिल सकती है। बरोबर बाप ने _____-योग सिखाया, जिससे बादशाही मिली। अभी फिर हम पढ़ रहे हैं, फिर 21 जन्म ____ करेंगे। ऐसा _____ बनेंगे, कल्प पहले भी बने थे।
° निर्विकारी, नारायण, राजाई , राज, राज्य, देवता

4. स्थूलवतन वासी से सूक्ष्मवतन वासी *फरिश्ता बनने का पुरुषार्थ* क्या है?
° सूक्ष्मवतनवासी फरिश्ता बनना है तो *रूहानी सर्विस में हड्डी-हड्डी स्वाहा* करो। (बिना हड्डी स्वाहा किये फरिश्ता नहीं बन सकते क्योंकि फरिश्ते बिगर हड्डी मास के होते। इस बेहद की सेवा में दधीचि ऋषि की तरह हड्डी-हड्डी लगानी है, तभी व्यक्त से अव्यक्त बनेंगे।)

5. ____ में रहते-रहते हम फरिश्ते बन जायेंगे। गाया हुआ है – मिरूआ मौत मलूका शिकार, मलूक _____ को कहते। तुम _____ से फरिश्ते बनते। _____में तुम फरिश्ते बन जायेंगे। तुमको सब साक्षात्कार होगा और ____ होगी।
° याद, फरिश्ते, मनुष्य पिछाड़ी, खुशी

6. बच्चे जानते हैं हम श्रीमत पर _____ कर रहे। “मीठे बच्चे – तुम्हारी _____ की यात्रा बिल्कुल ही गुप्त है, तुम बच्चे अभी _____ में जाने की यात्रा कर रहे”। यात्रा पर जाना है जरूर और ले जाने वाला _____ भी चाहिए, _____ कहते मुझे याद करो मेरे पास आकर पहुचेंगे। बाप आकर समझाते तो बच्चों को निश्चय होता, बरोबर यह _____ यात्रा है।
° _पुरुषार्थ_, _याद_, _मुक्तिधाम_, _पण्डा_, _बाप_, _सच्ची_

7. (यात्रा है) मनमनाभव, ______ भव। देह सहित देह के सम्बन्धों को ____ जाओ। वह बाप है ______, उनको कोई चित्र नहीं, और सबके हैं। समझाते हैं मुझे इस ____ का आधार लेना पड़ता। ऐसा तो कोई कह न सके कि मैं ______ से आया हूँ तुमको वापिस ले जाने। परमपिता परमात्मा ही कह सकते हैं ____ द्वारा, और किसके द्वारा भी नहीं।
° मध्याजी, भूल, विचित्र, चित्र, परमधाम, ब्रह्मा

8. शास्त्रों में है भगवान ने कहा था जबकि _____ लड़ाई लगी थी। राजयोग सिखाते थे, जरूर _____ स्थापन हुई थी। तुम्हारे में जो महावीर हैं वह तो _____ रहेंगे। विनाश तो अच्छा है ना, _____ के लिए प्रयत्न करते हैं। पतित-पावन आओ, तो बाप आयेंगे जरूर आकर _____ दुनिया स्थापन करेंगे, तो खुशी होनी चाहिए, काले से गोरा बनना है। पावन दुनिया में देवतायें हैं, एक _____ की स्थापना सो तो ऐसे होगी ना।
° _महाभारत_, _राजाई_, _अडोल_, _पीस_, _पावन_, _धर्म_

9. कोई भी आते तो पूछो किसके पास आते हो? ____ पास। अच्छा _____ का नाम कभी सुना है? प्रजापिता है ना। यह है ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण, _______ ने ब्रह्मा द्वारा हमको अपना बनाया। ब्रह्माकुमार-कुमारियां कितने ढेर हैं, कितने _____ हैं, सबमें ब्रह्माकुमारियां पढ़ाती। यहाँ हमको दादे का _____ मिलता।वह _______ होने कारण इनके शरीर का आधार ले हमको नॉलेज सुनाते। यह लक्ष्मी-नारायण स्वर्ग के मालिक हैं ना।
° बी.के. , ब्रह्मा, शिवबाबा, सेन्टर्स, वर्सा, निराकार

10. भक्ति मार्ग में दो बाप हैं। स्वर्ग में है *एक बाप*। कैसे?
° *पारलौकिक बाप* द्वारा बादशाही मिल गई फिर याद क्यों करेंगे। *दु:ख है ही नहीं जो याद करना पड़े*। (गाते हैं दु:ख हर्ता सुख कर्ता। वह अभी की बात है। जो पास्ट हो जाता है उसका गायन होता है। महिमा है एक की। वह एक बाप ही आकर पतितों को पावन बनाते हैं।)

11. बाप पूछते हैं आगे कितने बार ____ हो? बुद्धि से काम लेना है। इस मकान-ड्रेस में बाबा हम आपसे ____ बार मिलते हैं और मिलते रहेंगे। पतित से _____ , पावन से पतित होते ही आये हैं। अभी तुम बच्चे जानते हो ____ दुनिया आ रही। उसको ____ कहा जाता है, पावन दुनिया। हम ही ____ थे फिर पुजारी बने, भारत के ऊपर ही खेल है।
° मिले, अनेक, पावन, नई, स्वर्ग, पूज्य

12. अब तुम ___ जयन्ती मनाते हो। जिनकी तकदीर में नहीं तो ख्याल नहीं करते क्यों न हम ___ -धाम जायें। हम आत्माओं का घर ____ -धाम है, वहाँ आत्मा को आरगन्स न होने कारण कुछ बोलती नहीं, सबको शान्ति मिलती। यह अनादि, अविनाशी ___ ड्रामा है जो चक्र लगाता ही रहता। आत्मा कभी ____ नहीं होती। जब बिल्कुल दु:खधाम होता तब ही बाप आते, दु:खधाम बाद है ____ सुखधाम। यह समझाना तो बहुत सहज है ना।
° शिव, सुख, शान्ति, वर्ल्ड, विनाश, फुल

13. हिम्मत चाहिए। कहाँ भी जाकर समझाओ। यह भी लिखा हुआ है – *हनूमान सतसंग में पीछे जुत्तियों में जाकर बैठता* था। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° तो महावीर जो होंगे वह *कहाँ भी जाकर युक्ति से सुनेंगे*, देखें क्या बोलते हैं। तुम ड्रेस बदलकर कहाँ भी जा सकते हो, उनका *कल्याण करने*। बाबा भी गुप्त वेष में तुम्हारा कल्याण कर रहे हैं ना। मन्दिरों में कहाँ भी निमंत्रण मिलता है तो *जाकर समझाना* है। दिन-प्रतिदिन तुम *होशियार होते जाते* हो।