Answers from Sakar Murli 23-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-11-2020*

1. मान, शान और साधनों का त्याग ही ____ त्याग है।
_महान_

2. *त्रिकालदर्शी स्थिति* पर स्थित होकर कर्म करो तो व्यर्थ समाप्त हो जायेगा और सदा सफलतामूर्त बन जायेंगे। अर्थात्‌ क्या करना है?
° त्रिकालदर्शी स्टेज पर स्थित होना अर्थात् हर संकल्प, बोल वा कर्म करने के *पहले चेक करना कि यह व्यर्थ है या समर्थ है!* (व्यर्थ एक सेकण्ड में पदमों का नुकसान करता है, समर्थ एक सेकेण्ड में पदमों की कमाई करता है। सेकण्ड का व्यर्थ भी कमाई में बहुत घाटा डाल देता है जिससे की हुई कमाई भी छिप जाती है।)

3. *बाप के सम्मुख* किन बच्चों को बैठना चाहिए?
° *जिन्हें ज्ञान डांस करना आता है*। ज्ञान डांस करने वाले बच्चे जब बाप के सम्मुख होते हैं तो बाबा की मुरली भी ऐसी चलती है। (अगर कोई सामने बैठ इधर-उधर देखते तो बाबा समझते यह बच्चा कुछ भी समझता नहीं है। बाबा ब्राह्मणियों को भी कहेंगे तुमने यह किसको लाया है, जो बाबा के सामने भी उबासी देते हैं। बच्चों को तो ऐसा बाप मिला है, जो *खुशी में डांस* करनी चाहिए।)

4. हम याद करते आये हैं, तुम मात-पिता….. फिर से आकर हमको ___ घनेरे दो। पुरानी दुनिया-घर में इतना सुख नहीं हो सकता, जितना ___ दुनिया-घर में होता है। तुम बच्चे समझते हो हम विश्व के ____ आदि सनातन _____ थे, हमने ही 84 जन्म लिए हैं। हम ____ -अभिमानी बनेंगे तो कोई बीमारी नहीं रहेगी। हमको बाबा आकर ___ -योग सिखाते, राजाई के लिए पढ़ाते।
° _सुख_, _नई_, _मालिक_, _देवी-देवता_, _देही_, _राज_

5. ____ को बाबा कहेंगे। रावण को बाबा नहीं कहेंगे। ओ ___ फादर कहेंगे तो भी दृष्टि जरूर ऊपर जायेगी। गॉड फादर है तो जरूर कुछ तो उनका ___ होगा ना, अभी बजा रहे हैं। उनको ____ भी कहते हैं। कॉटों से आकर फूल बनाते हैं। तो तुम बच्चों को खुशी होनी चाहिए। बाबा आया हुआ है इस ___ पराये। जो बाप को जानते ही नहीं, तो वह ____ कैसे कर सकेंगे।
° _शिव (वा भगवान)_, _गॉड_, _पार्ट_, _बागवान_,
_देश_, _याद_

6. बाप कहते हैं मुझे कोई लाइट वा रत्न जड़ित ताज है नहीं। *डबल सिरताज बनते नहीं*, औरों को बनाते हैं। क्यों बनते नहीं?
° बाप कहते हैं हम अगर राजा बनता तो *फिर रंक* भी बनना पड़ता!

7. तुम हो गुप्त _____ । तुम वारियर्स हो ____ -बल के, जिससे विश्व के मालिक बनते हो। भारत का योग मशहूर है। उठते-बैठते बाप को ही ____ करते रहो। शिवबाबा कहते हैं ____ याद करो। मैं ही ____ -शक्तिमान् हूँ, मुझे याद करने से तुम ___ -प्रधान बन जायेंगे, फिर आत्माओं की बरात निकलेगी।
° _वारियर्स_, _योग_, _याद_,
_मामेकम्_, _सर्व_, _सतो_

8. रात को सोने से पहले बाबा से मीठी-मीठी ___ करनी हैं। बाबा हम इस ____ को छोड़ आपके पास आते हैं, ऐसे ____ करके सोना है। ____ ही मुख्य है।
° _बातें_, _शरीर_, _याद_, _याद_

9. आत्मा कितना बड़ा ____ है। तुम आत्मायें जब ____ बन जायेंगी तो फिर रॉकेट मिसल तुम उड़ने लग पड़ेंगे। बाप कहते हैं तुम्हारी आत्मा तो सबसे ____ है। सेकण्ड में एक शरीर से निकल दूसरे गर्भ में जाए प्रवेश करती है।
° _रॉकेट_, _पवित्र_, _तीखी_

10. सेकण्ड में ____ -मुक्ति भी गाई हुई है ना। अब फिर बाप तुमको ____ -बुद्धि बनाते हैं। उतरती कला में तुम पत्थरबुद्धि बन गये। अब फिर बाप _____ कला में ले जाते हैं।
° _जीवन_, _पारस_, _चढ़ती_

11. तुम्हारा घर है मुक्तिधाम अथवा ____ दुनिया। आत्मा को कहा जाता है _____ सोल। शरीर है 5 तत्वों का बना हुआ। आत्मायें आती हैं परमधाम ____ दुनिया से। वहाँ बहुत आत्मायें रहती हैं। उनको कहेंगे स्वीट ____ होम। वहाँ आत्मायें दु:ख-सुख से ____ रहती हैं। यहाँ यह ____ -शाला है, जहाँ हम पार्ट बजाने आते हैं।
° _निराकारी_, _निराकारी_,
_निराकारी_, _साइलेन्स_, _न्यारी_, _नाटक_

Answers from Sakar Murli 30-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-11-2020*

1. सेवा में यदि _____ मिक्स है तो सफलता भी मिक्स हो जायेगी इसलिए _____ सेवाधारी बनो।
° _स्वार्थ_, _नि:स्वार्थ_

2. अमृतवेले वरदाता-भाग्यविधाता ____ भगवान् रूप में लवफुल हैं, तो मालिक बनो और अधिकार लो। खजाने पर कोई भी ______ नहीं है। उस समय सिर्फ _____ के बहाने बाज़ी छोड़ एक संकल्प करो जो-जैसी भी हूँ, आपकी हूँ। मन बुद्धि बाप के हवाले कर ____ -नशीन बन जाओ, बाप के सर्व खजाने अपने ______ अनुभव होंगे।
° _भोले_, _ताला-चाबी_, _माया_, _तख्त_, _खजाने_

3. बाप सिम्पुल समझाते। तुमको भी समझ में आता, हम _____ के बने हैं, ____ के मालिक जरूर बनेंगे। शिवबाबा है बेहद का _____ । बाप ने ही आकर सुख-शान्ति का ____ दिया था। सतयुग में _____ था – बाकी सब आत्मायें _____ -धाम में थी। अभी इन बातों को तुम समझते हो।
° _बाप_, _स्वर्ग_, _मालिक_,
_वर्सा_, _सुख_, _शान्ति_

4. कोई बहुत हर्षित होते रहते। बाबा समझते हैं इस _____ में बहुत खुशी रहनी चाहिए। एक ही बाप, टीचर, गुरू मिलता है तो _____ होनी चाहिए ना। शिवबाबा ही ज्ञान सागर, पतित-पावन, सर्व का _____ दाता है, सबका फादर। अभी तुम बच्चे जानते हो वही नॉलेजफुल, लिबरेटर, _____ है।
° _ज्ञान_, _खुशी_, _सद्गति_, _गाइड_

5. *विजय* कौन पायेंगे?
° जिनकी *प्रीत बुद्धि* है, जो मुझे *याद करते* हैं, वही विजय पायेंगे। (भल प्रीत है परन्तु याद नहीं करते हैं तो भी कम पद पा लेंगे।)

6. तुम अपने को ____ समझो, सिर्फ पण्डित नहीं बनना। अपना भी _____ करना है। याद से ____-प्रधान बनना है। बहुत ____ करना है। आत्मा जो अपवित्र है, उनको परमपिता परमात्मा को ही याद कर ____ बनना है। मुझे याद करो – मैं पतित-पावन हूँ। मेरी याद से ही _____ विनाश होंगे और कोई उपाय नहीं।
° _आत्मा_, _कल्याण_, _सतो_, _पुरूषार्थ_, _पवित्र_, _विकर्म_

7. बाप ही आकर सच्चा-सच्चा ____ सिखलाते हैं। बाप तुम बच्चों को ___ -समान बनाते हैं। जैसे मैं निराकार हूँ। टेप्रेरी इस तन में आया हूँ। भाग्यशाली ___ तो जरूर मनुष्य का होगा। ड्रामा प्लैन अनुसार बाबा सर्विस भी कराते रहते हैं। _____ देते रहते हैं।
° _योग_, _आप_, _रथ_, _डायरेक्शन_

8. मीठे-मीठे बच्चों, अब यह ___ पूरा होता है। अब तुमको _____ मत मिलती है, उस पर चलना है। अब 5 _____ की मत पर नहीं चलना है। आधाकल्प तुम _____ की मत पर चल तमोप्रधान बने हो। अब मैं तुमको सतोप्रधान बनाने आया हूँ। बाबा-बाबा कहते रहो तो _____ होता रहेगा।
° _चक्र_, _ईश्वरीय_, _विकारों_, _माया_, _कल्याण_

9. बाप कहते हैं यह *अति गुह्य रमणीक बातें* हैं। कहते हैं शेरनी के दूध लिये सोने का बर्तन चाहिए। तो *सोने की बुद्धि* कैसे बनेगी?
° आत्मा में ही बुद्धि है ना। आत्मा कहती है – मेरी *बुद्धि अब बाबा तरफ* है। मैं बाबा को बहुत *याद* करता हूँ। (तब सोने की बुद्धि बनेंगी।)

10. जितना-जितना मौत नज़दीक आता जायेगा – तुम ____ में बहुत रहेंगे। मरने समय सब कहते हैं भगवान को ___ करो। तुम सबकी वानप्रस्थ अवस्था है। वापिस जाना है इसलिए बाप खुद कहते अब मुझे ___ करो। दूसरी कोई बात नहीं सुनो। जन्म-जन्मान्तर के ___ का बोझा तुम्हारे सिर पर है।
° _याद_, _याद_, _याद_, _पापों_

11. मीठे-मीठे बच्चे यहाँ आते हैं रूहानी बाप के पास रिफ्रेश होने। जब *रिफ्रेश होकर* वापिस जाते हैं तो जरूर…….. क्या करना है?
° जाकर कुछ करके दिखलाना है। एक-एक बच्चे को *सर्विस का सबूत* देना है। (जैसे कोई-कोई बच्चे कहते हैं हमारी सेन्टर खोलने की दिल है। गांवड़ों में भी सर्विस करते हैं ना। *यही ओना* रहे। हम कुछ करते हैं? कोई को ज्ञान देते हैं? सारा दिन यह *ख्यालात* आने चाहिए।)

12. हमको बाप का _____ देना है। तुम बच्चों को घर-घर में _____ देना है। बाप को याद करो तो _____ बन, पावन दुनिया का मालिक बनो। आपस में ____ भी होना चाहिए। एक-दो से राय लेनी चाहिए। बाप प्रेम का सागर है ना। तो तुम भी आपस में बहुत ____ होने चाहिए। ____ -अभिमानी बन बाप को याद करना है।
° _परिचय_, _मैसेज_, _पावन_, _प्रेम_, _प्यारे_, _देही_

13. मीठे बच्चे – “तन-मन-धन अथवा मन्सा-वाचा-कर्मणा ऐसी सर्विस करो जो 21 जन्मों का बाप से एवज़ा मिले परन्तु सर्विस में कभी आपस में _____ नहीं होनी चाहिए”
° _अनबनी_

14. ड्रामा अनुसार बाबा जो *सर्विस* करा रहे हैं उसमें *और तीव्रता लाने की विधि* क्या है?
° आपस में *एकमत* हो, कभी कोई खिट-खिट न हो। (अगर खिट-खिट होगी तो सर्विस क्या करेंगे इसलिए आपस में मिलकर *संगठन* बनाए *राय* करो, एक दो के *मददगार* बनो। बाबा तो मददगार है ही परन्तु “हिम्मते बच्चे मददे बाप….” इसके अर्थ को यथार्थ समझकर बड़े कार्य में मददगार बनो।)

15. पूछते हैं – शादी में निमंत्रण मिलता है, *जायें*?
° बाबा कहते हैं-क्यों नहीं, जाओ, जाकर अपनी *सर्विस* करो। बहुतों का *कल्याण* करो।

16. भक्ति में समझते हैं – जप-तप आदि करना यह सब भगवान से मिलने के रास्ते हैं, परन्तु *भगवान तो कोई को मिलता ही नहीं* । क्यों? _(इसका एक नया कारण बाबा ने सुनाया)_
° *बाबा आयेंगे ही अन्त में*, जब पुरानी दुनिया को नया बनाना होगा।

17. *शिवबाबा बिगर* ब्रह्मा-विष्णु-शंकर दिखाये हैं, यह जैसे………. क्या? _(बाबा का रमणीक उत्तर)_
° *गला कटा हुआ* है। (बाप के बिगर निधनके बन पड़ते हैं। बाप कहते हैं मैं आकर तुमको धनका बनाता हूँ। 21 जन्म तुम धनके बन जाते हो। कोई तकलीफ नहीं रहती।)

18. लाख दो हैं, तो बाबा क्या *राय* देते?
° जास्ती धन्धे आदि में नहीं फंसो। वानप्रस्थी बन जाओ। खर्चा आदि कम कर लो। पेट को क्या चाहिए? एक पाव आटा। बस। ( *याद में रहकर अपना कल्प-कलपानतर का भाग्य बनाओ* )

19. बाप आत्माओं को कहते – मुझे याद करो तो तुम्हारी ____ दृष्टि खलास हो जाए। कर्मेन्द्रियों से कोई _____ नहीं करना चाहिए। मन्सा में तूफान आ सकते। बाबा कहते हैं देखो ______ धोखा देती हैं तो खबरदार हो जाओ। अगर उल्टा काम कर लिया तो खलास। चढ़े तो चाखे बैकुण्ठ का मालिक….. _____ के सिवाए थोड़ेही कुछ होता है।
° _विकारी_, _विकर्म_, _कर्मेन्द्रियां_, _मेहनत_

Answers from Sakar Murli 19-10-2020

*Answers from Sakar Murli 19-10-2020*

1. तुम्हें अभी बहुत-बहुत साधारण रहना है, फैशनेबुल ऊंचे _____ पहनने से भी ____ -अभिमान आता है
° _कपड़े_, _देह_

2. *तकदीर में ऊंच पद* नहीं है तो किस बात में बच्चे सुस्ती करते हैं?
° बाबा कहते बच्चे अपना सुधार करने के लिए *चार्ट* रखो। याद का चार्ट रखने में बहुत फायदा है। *नोट बुक* सदा हाथ में हो। चेक करो कितना समय बाप को याद किया? हमारा *रजिस्टर* कैसा है? दैवी कैरेक्टर है? कर्म करते बाबा की याद रहती है? याद से ही कट उतरेगी, ऊंच तकदीर बनेगी।

3. *अशरीरी स्थिति* पर बाबा ने क्या सुनाया? (2)
° तुमको शान्त स्वरूप रहना सिखाया जाता। बाप को याद करो – *डेड साइलेन्स। हम आत्मा शरीर से न्यारी* हैं। (शरीर छोड़ने के लिए जैसे हम पुरूषार्थ करते हैं, ऐसे कभी कोई शरीर छोड़ने के लिए पुरूषार्थ करते हैं क्या?)
° अगर संकल्प शक्ति आपके कन्ट्रोल में नहीं आती तो *अशरीरीपन का इन्जेक्शन 💉 लगा दो* । फिर संकल्प शक्ति व्यर्थ नहीं उछलेगी। *सहज एकाग्रचित* हो जायेंगे। (लेकिन यदि बुद्धि की लगाम बाप को देकर फिर ले लेते हो तो मन व्यर्थ की मेहनत में डाल देता है। अब व्यर्थ की मेहनत से छूट जाओ।)

4. अपने पूर्वज़ स्वरूप को _____ में रख सर्व आत्माओं पर रहम करो।
° _स्मृति_

5. बुद्धि में सदा अपनी एम ऑब्जेक्ट ____ रखनी है। लक्ष्मी-नारायण का चित्र सदा साथ रहे, इसी ____ में रहो कि हम ऐसा बनने के लिए पढ़ रहे हैं, अभी हम हैं गॉडली _____ ।
° _याद_, _खुशी_, _स्टूडेन्ट_

6. अपना पुराना कखपन चावल मुट्ठी दे महल लेने हैं। ब्रह्मा बाप को फालो कर अविनाशी ज्ञान रत्नों का ____ बनना है।
° _जौहरी_

Answers from Sakar Murli 21-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-11-2020*

1. ____ बुद्धि से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ तो सफलता समाई हुई है।
° _प्लेन_

2. विश्व कल्याण की ______ का ताज और बापदादा का ____ -तख्त सदा कायम रहे तो निरन्तर स्वत:योगी बन जायेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार की मेहनत करने की बात नहीं क्योंकि एक तो संबंध _____ का है दूसरा प्राप्ति ____ है। जहाँ प्राप्त होती है वहाँ स्वत: ____ होती है।
° _जिम्मेवारी_, _दिल_, _समीप_, _अखुट_, _याद_

3. बाप को याद करेंगे तब ____ होगी। ओहो! हम तो विश्व के _____ बनते हैं। फिर ____ पीढ़ी कभी रोयेंगे नहीं। 21 पीढ़ी अर्थात् पूरा बुढ़ापे तक अकाले मृत्यु नहीं होती है, तो अन्दर में कितनी ___ खुशी रहनी चाहिए।
° _खुशी_, _मालिक_, _21_,
_गुप्त_

4. कृष्ण की कितनी महिमा गाते हैं। श्रीकृष्ण तो सतयुग का पहला ____ था। उनमें जो ____ है वह तो अविनाशी है। श्रीकृष्ण की आत्मा का शरीर ____ में ही होता है। नम्बर- ____ में वही जाता है। लक्ष्मी-नारायण नम्बरवन फिर हैं सेकण्ड, थर्ड। तुम बच्चे ____ -पुरी के मालिक बनते हो नम्बरवार, यह माला बनती है ना।
° _प्रिन्स_, _आत्मा_, _सतयुग_, _वन_, _विष्णु_

5. रूहानी ____ बैठ बच्चों को एक बात समझाते हैं। चित्रों में भी ऐसे लिखना है कि त्रिमूर्ति _____ बच्चों प्रति समझाते हैं। ____ आत्माओं को समझाते हैं। ऊंच ते ऊंच भगवान एक ही है, वह है _____ सोल। वर्ल्ड _____ अथॉरिटी है। अर्थात्‌ सर्वशक्तिमान्। मुक्ति-जीवनमुक्ति का ____ वह एक ही बाप है।
° _बाप_, _शिवबाबा_, _परमात्मा_, _सुप्रीम_, _ऑलमाइटी_, _दाता_

6. इस समय ______बच्चों को रूहानी बाप से वर्सा मिलता है।इस समय तुमको ____ -अभिमानी बन बाप को ____ करना है। कर्म भी भल करो, धंधा धोरी आदि भल चलाते रहो, बाकी जितना समय मिले अपने को आत्मा समझ बाप को याद करेंगे तो _____ विनाश होंगे, तुम तमोप्रधान से _____ बनेंगे, और कोई उपाय नहीं । तुम जानते हो शिवबाबा इसमें आया हुआ है। वह सत्य है, चैतन्य है। सत् चित ____ स्वरूप कहते हैं।
° _रूहानी_, _देही_, _याद_, _विकर्म_, _सतोप्रधान_, _आनंद_

7. तुम इस समय सतोप्रधान पुरुषोत्तम बन रहे। सतोप्रधान को ही ____ कहा जाता, जो बाप तुमको बनाते। बाप कहते हैं मेरा पार्ट ही संगम पर है इसलिए संगमयुग ______ युग कहा जाता। यह है आस्पीशियस, बहुत ऊंच ____ समय संगमयुग। जबकि बाप आकर तुम बच्चों को नर से ____ बनाते हैं, ____ वाले मनुष्य, आदि सनातन देवी-देवता धर्म। बाप कहते हैं मैं यह धर्म स्थापन करता हूँ, इसके लिए ____ जरूर बनना पड़ेगा।
° _सर्वोत्तम_, _कल्याणकारी_, _शुभ_, _नारायण_, _दैवीगुण_, _पवित्र_

8. बाप आकर ब्राह्मण ___ स्थापन करते हैं, यह परिवार है, पहले-पहले बाप ब्रह्मा द्वारा ब्राह्मणों को ____ करते हैं।ब्रह्मा की ___ सरस्वती कहते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा के तो हैं ही ____ वंशावली। इनमें ____ प्रवेश कर कहते हैं तुम हमारे बच्चे हो। मैंने इनका नाम _____ रखा है।
° _कुल_, _एडाप्ट_, _बेटी_, _मुख_, _बाप_, _ब्रह्मा_

9. तुम जानते हो हम ___ पर जीत पाकर जगतजीत बनेंगे। तुम हो शिव _____ । तुम तो _____ करते हो सारी पुरानी दुनिया का, पुराने शरीर का। अब बाप को याद करेंगे तो आत्मा ____ हो जायेगी। ज्ञान के _____ ले जायेंगे। उस अनुसार नई दुनिया में जन्म लेंगे।
° _माया_, _शक्तियाँ_, _संन्यास_, _पवित्र_, _संस्कार_

10. और अगर *यहाँ से कोई* अच्छी आत्मा शरीर छोड़ती है, तो उन्हें कैसा जन्म मिलेंगा?
° तो भी *अच्छे घर में* राजा के पास वा रिलीजस घर में वह संस्कार ले जायेंगे। *सबको प्यारे* लगेंगे। कहेंगे यह तो *देवी* है।

11. मन्दिर में महिमा गाते हैं – आप सर्वगुण सम्पन्न…… बाप तुम बच्चों को समझाते हैं – तुम ही ____ देवता थे फिर 63 जन्म पुजारी बनें, अब फिर ____ बनते हो। बाप ____ बनाते हैं, रावण पुजारी बनाते हैं।सतयुग-त्रेता में तो पूजा होती नहीं। वह है ____ घराना।
° _पूज्य_, _पूज्य_, _पूज्य_, _पूज्य_

12. तुम बच्चों के पास ऐसी कौन-सी नॉलेज है जिसके कारण तुम किसी भी हालत में *रो नहीं सकते?*
° तुम्हारे पास इस *बने-बनाये ड्रामा की नॉलेज* है, तुम जानते हो इसमें *हर आत्मा का अपना पार्ट* है, बाप हमें *सुख का वर्सा* दे रहे हैं फिर हम रो कैसे सकते। परवाह थी पार ब्रह्म में रहने वाले की, *वह मिल गया* बाकी क्या चाहिए बेहद का बाप-टीचर-गुरू। *बख्तावर बच्चे* कभी रोते नहीं।

13. इस *ज्ञान* की कौन-सी *2 वन्डरफुल महिमा* है, जो एक-दो से बिल्कुल विपरीत है?
° यह पढ़ाई है भी *सेकण्ड की* ।
° फिर कहते हैं सागर को स्याही बनाओ, सारा जंगल कलम बनाओ *तो भी पूरा हो न सके*। (अन्त तक तुमको ज्ञान सुनाता रहूँगा।)

14. (धारणा) ज्ञान तलवार से _____ को जीतना है। के ____ भरने हैं। पुरानी दुनिया और पुराने शरीर का ____ करना है।
° _विकारों_, _संस्कार_, _संन्यास_

Answers from Sakar Murli 20-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-11-2020*

1. बालक और मालिक पन के ____ से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ।
° _बैलेन्स_

2. बिहंग मार्ग की सेवा करने के लिए संगठित रूप में *“रूप और बसन्त”* इन दो बातों का बैलेन्स चाहिए। अर्थात्‌ क्या?
° जैसे *बसन्त* रूप से एक समय पर अनेक आत्माओं को *सन्देश देने का कार्य* करते हो..
° ऐसे ही *रूप* अर्थात् *याद* बल द्वारा, *श्रेष्ठ संकल्प* के बल द्वारा बिहंग मार्ग की सर्विस करो। (इसकी भी इन्वेन्शन निकालो।)

3. इस ज्ञान यज्ञ में कौन-से *तिल व जौं* स्वाहा करना है? _(जिससे विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा)_
° साथ-साथ संगठित रूप में *दृढ़ संकल्प से पुराने संस्कार, स्वभाव व पुरानी चलन* के तिल व जौं यज्ञ में स्वाहा करो तब विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा अथवा यज्ञ की समाप्ति होगी।

4. इस याद में रहने का पुरूषार्थ करो तब ____ का पारा चढ़ेगा, ____ भी योगबल से बढ़ती है। तुम अभी ___ -गुण धारण करते हो फिर वह आधाकल्प चलती है। इस एक जन्म में तुम इतना ____ करते हो, जो तुम जाकर यह ____ बनते हो।
° _खुशी_, _आयु_, _दैवी_, _पुरूषार्थ_, _लक्ष्मी-नारायण_

5. सारा इम्तहान है याद की यात्रा का। अच्छी रीति याद में रहें तो इस ___ जैसी खुराक नहीं। यही ____ लगी रहेगी – अभी हम जाते हैं। 21 जन्मों का ___ -भाग्य मिलता है। ____ मिलने वाले को खुशी का पारा चढ़ जाता है ना। तुमको बहुत मेहनत करनी है। इसको ही अन्तिम ___ जीवन कहा जाता है। याद की यात्रा में बहुत ___ है।
° _खुशी_, _तात_, _राज्य_, _लॉटरी_, _अमूल्य_, _मज़ा_

6. कौन-सी एक बात याद रखो तो *अवस्था अचल-अडोल-स्थिर* (खुशी से भरपूर) बन जायेगी?
° पास्ट इज़ पास्ट। बीती का चिंतन नहीं करना है, *आगे बढ़ते जाना* है। सदा *एक की तरफ देखते* रहो तो अवस्था अचल-अडोल हो जायेगी। (तुमने अब कलियुग की हद छोड़ दी, फिर पिछाड़ी की ओर क्यों देखते हो? उसमें बुद्धि ज़रा भी न जाए – यही है सूक्ष्म पढ़ाई।)

7. मीठे बच्चे – तुम अभी बिल्कुल _____ पर खड़े हो, तुम्हें अब इस पार से उस पार जाना है, ____ जाने की तैयारी करनी है। यह सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग का चक्र भी जैसेकि ___ है। यह पुरूषोत्तम ____ -युग है ना। पुरानी दुनिया में कोई आश नहीं रखो। अब तो एक ही ऊंच आश रखनी है – हम चलें ____ -धाम। इसमें अन्तर्मुखता बहुत चाहिए, इसलिए ___ का भी मिसाल है।
° _शडपंथ (किनारे)_, _घर_, _मॉडल_, _संगम_, _सुख_, _कछुए_

8. ___ लिखना भी भूल जाते हैं। अपने दिल पर हाथ रखकर देखो – बाबा जो कहते हैं, ऐसी ____ हमारी है? बुद्धि में एक बाबा ही ___ हो। बाबा याद की यात्रा भिन्न-भिन्न प्रकार से सिखलाते रहते हैं। ____ को देखो हम कहाँ खड़े हैं? सतयुग से लेकर बुद्धि में यह ___ याद करो। तुम ___ -दर्शन चक्रधारी हो ना, तो सारा दिन बनना चाहिए।
° _चार्ट_, _अवस्था_, _याद_, _अपने_, _चक्र_, _स्व_

9. तुम्हारी बुद्धि में अब कोई भी बाहर का वातावरण ____ न रहे। दिन-प्रतिदिन तुम बच्चों को ____ में ही जाना है। ____ वेस्ट नहीं गँवाना है। पुरानी दुनिया को छोड़ नये सम्बन्ध से अपना बुद्धि का ___ लगाओ, नहीं लगायेंगे तो ___ कैसे करेंगे? जबकि जानते हो हम ____ -उत्तम बन रहे हैं।
° _झंझट_, _साइलेन्स_, _टाइम_, _योग_, _पाप_, _पुरूष_

10. डबल सिरताज…… यह सिर्फ नाम है, बाकी *लाइट* का ताज कोई वास्तव में रहता नहीं है। _(सही / गलत)_
° सही, यह तो पवित्रता की *निशानी* है। (जैसे धर्म स्थापक के चित्रों में लाइट दिखाते हैं क्योंकि वह शुरू में वाइसलेस सतोप्रधान हैं, फिर रजो तमो में आते हैं।)

11. इस दुनिया में कामकाज करते बुद्धि में यह याद रखो। ____ कितनी बड़ी है। तुम बच्चों को नॉलेज मिलती है, उसमें ____ रहना चाहिए। भल तुम हो इस दुनिया में परन्तु ____ का योग वहाँ लगा रहे। इनसे भी ____ तो निभाना है, जो इस कुल के होंगे वह निकल आयेंगे। ____ लगना है। आदि सनातन देवी-देवता धर्म वाले जो होंगे वह जरूर आगे-पीछे आयेंगे। पिछाड़ी में आने वाले भी आगे वालों से _तीखे_ जायेंगे।
° _मंजिल_, _मस्त_, _बुद्धि_,
_तोड़_, _सैपलिंग_

12. बाप शिक्षा देते रहते हैं। तुम समझते हो – कल्प-कल्प हम विश्व के ____ बनते हैं, इतने थोड़े टाइम में ____ कर देते हैं। सारी दुनिया को ____ कर देते हैं। बाप के लिए कोई बड़ी बात नहीं। कल्प-कल्प करते हैं। बाप समझाते हैं – चलते-फिरते, खाते-पीते अपना बुद्धियोग ____ से लगाओ। यह _____ बात बाप ही बच्चों को बैठ समझाते हैं। अपनी ____ को अच्छी रीति जमाते रहो। नहीं तो ऊंच पद नहीं पायेंगे।
° _मालिक_, _कमाल_, _चेंज_, _बाप_, _गुप्त_, _अवस्था_

13. कुटुम्ब परिवार आदि सबसे प्रीत रखो परन्तु बुद्धि का योग बाप से लगाना है। तुम जानते हो हम अभी *एक की मत पर* हैं। कौन-सी मत?
° (श्रीमत) यह है *देवता बनने की मत* , इसको ही *अद्वेत* मत कहा जाता है। (बच्चों को देवता बनना है। कितना बार तुम बने हो? अनेक बार। अभी तुम संगमयुग पर खड़े हो। यह अन्तिम जन्म है। अब तो जाना है।)

14. तुम ही ____ -वीर हो जो माया पर जीत पाते हो। कितना वन्डरफुल ____ है बाबा का। यह पता था क्या कि अपने को ____ समझना है, इतनी छोटी सी ____ में सारा पार्ट नूंधा हुआ है जो ____ फिरता रहता है। बहुत वन्डरफुल है। वन्डर कह छोड़ना ही पड़ता है। अच्छा!
° _महा_, _ज्ञान_, _बिन्दी_, _बिन्दी_, _चक्र_

Answers from Sakar Murli 19-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-11-2020*

1. ____ को याद करो तो दुख व परेशानी की बातें भूल जायेंगी।
° _प्राप्तियों_

2. *सेन्स* और *इसेन्स* अर्थात् क्या?
° सेन्स अर्थात् ज्ञान की पाइंटस, *समझ* ।
° इसेन्स अर्थात् *सर्व शक्ति स्वरूप* स्मृति और समर्थ स्वरूप।

3. इन दोनों का ____ हो तो अपनापन वा पुरानापन स्वाहा हो जायेगा। हर सेकण्ड, हर संकल्प, हर बोल और हर कर्म विश्व परिवर्तन की सेवा प्रति ____ होने से विश्व परिवर्तक स्वत:बन जायेंगे। जो अपनी ____ की स्मृति सहित स्वाहा हो जाते हैं उनके श्रेष्ठ ____ द्वारा वायुमण्डल का परिवर्तन सहज होता है।
° _बैलेन्स_, _स्वाहा_, _देह_, _वायब्रेशन_

4. *कौन-सी स्मृति* रहे तो कभी भी मुरझाइस वा दु:ख की लहर नहीं आ सकती है?
° अभी हम इस पुरानी दुनिया, पुराने शरीर को छोड़ *घर में जायेंगे फिर नई दुनिया में* पुनर्जन्म लेंगे। हम अभी *राजयोग सीख रहे* हैं – राजाई में जाने के लिए। बाप हम बच्चों के लिए *रूहानी राजस्थान स्थापन कर रहे* हैं, यही स्मृति रहे तो दु:ख की लहर नहीं आ सकती।

5. बाप कहते तुमको पढ़ाते हैं विश्व का _____ बनाने, जैसे लक्ष्मी-नारायण। नॉलेज में भी होशियारी चाहिए। पवित्रता भी जरूरी है तो हेल्थ-वेल्थ भी चाहिए। ____ में सब हैं ना। बाप ____ ऑब्जेक्ट समझाते हैं, दुनिया में और कोई की बुद्धि में नहीं। तुम फट से कहेंगे हम यह बनते हैं। सारे विश्व में हमारी ____ होगी। अभी बाप कहते हैं मैं तुमको राजाओं का राजा ____ सिरताज बनाता हूँ, 21 जन्मों लिए। पहली मुख्य बात है ____ बनने की। बुलाते भी हैं कि आकर पतित से पावन बनाओ।
° _मालिक_, _स्वर्ग_, _एम_, _राजधानी_, _डबल_, _पावन_

6. अब बाप हमको ____ -दार बनाते हैं। यह तो ____ को समझदार बनाना है। पढ़ती भी आत्मा है ____ द्वारा। मूल बात ही है ____ -अभिमानी बनने की, न कि रचना को जानने की। पहले-पहले तो देही-अभिमानी बनो तब तुम ____ कर सकते हो और बाप को ____ कर सकते हो।
° _समझ_, _आत्मा_, _शरीर_, _देही_, _धारणा_, _याद_

7. ऐसे बहुत मनुष्य हैं जो समझते हैं आत्मा ____ है, जीव _____ है। आत्मा देह से निकल जाती है तो दो चीज़ हुई ना। बाप समझाते हैं तुम आत्मा हो। आत्मा ही ____ लेती है। आत्मा ही शरीर लेकर ____ बजाती है। बाबा बार-बार समझाते हैं अपने को आत्मा समझो, इसमें बड़ी _____ चाहिए। जैसे स्टूडेण्ट पढ़ने के लिए ____ में, बगीचे आदि में जाकर पढ़ते हैं।
° _अलग_, _अलग_, _पुर्नजन्म_, _पार्ट_, _मेहनत_, _एकान्त_

8. यह सारी दुनिया बड़े ते बड़ी हॉस्पिटल है, जिसमें सब मनुष्य पतित रोगी हैं। बाप आकर इस सारे विश्व को निरोगी बनाते हैं। *ऐसे नहीं कि यहाँ ही निरोगी बनेंगे* । _(सही / गलत)_
° सही, बाप कहते हैं – निरोगी होते ही हैं *नई दुनिया में*। (पुरानी दुनिया में निरोगी हो न सकें। यह *लक्ष्मी-नारायण* निरोगी, *एवरहेल्दी* हैं। वहाँ आयु भी बड़ी होती है, रोगी विशश होते हैं। वाइसलेस रोगी नहीं होते। वह है ही *सम्पूर्ण निर्विकारी*।)

9. निरोगी बनते हो ____ की यात्रा से, फिर तुम चले जायेंगे अपने स्वीट होम। आत्मा की ____ है, बाप परमात्मा के पास जाने की। यह है ____ यात्रा। बाप समझाते हैं सच्चा-सच्चा योग तो मैं ही कल्प-कल्प आकर सिखलाता हूँ, एक ही बार। मुख्य बात है अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो, इसको ही ____ योग कहा जाता है। समझाये वह जो खुद भी _____ यात्रा पर हो। खुद होगा नहीं, दूसरे को बतायेंगे तो तीर नहीं लगेगा। ____ का जौहर चाहिए।
° _याद_, _यात्रा_, _स्प्रीचुअल_, _रूहानी_, _रूहानी_, _सच्चाई_

10. हम बाबा को इतना ____ करते हैं। यह है पतियों का ____ , बापों का ____ , गुरूओं का ____ ।
° _याद_, _पति_, _बाप_, _गुरू_

11. माया का आपोजीशन बहुत है इसलिए ___ कम हो जाती है। ____ -पावन खुद कहते हैं मुझे याद करो तो तुम्हारे जन्म-जन्मान्तर के ___ भस्म हो जायेंगे। तुम ____ -दर्शन चक्रधारी बनते हो।
° _खुशी_, _पतित_, _पाप_, _स्व_

12. एक बाप को ही *सत्य* कहा जाता है। यह भी भारतवासियों को पता नहीं कि बाप ही सत्य कैसे है। कैसे है? _(आज की मुरली अनुसार)_
° वही *सचखण्ड की स्थापना* करते हैं। (सच खण्ड पूरा सतयुग को कहेंगे। फिर झूठ खण्ड पूरा कलियुग का अन्त। अभी तुम *संगम* पर बैठे हो। तुम *ट्रेवल* (यात्रा) कर रहे हो। आत्मा ट्रेवल कर रही है, शरीर नहीं। बाप आ करके यात्रा करना सिखलाते हैं। यहाँ से वहाँ जाना है।)

13. तुम बच्चे सिर्फ भारत की ही नहीं, सारे विश्व की सर्विस करते हो। मूल बात है कि ___ को कोई नहीं जानते। अब बाप कहते हैं मेरे साथ ____ रखो। मेरे साथ प्यार रखते-रखते तुमको मेरे ____ ही वापिस चलना है। जब तक वापिस चलो तब तक इस छी-छी दुनिया में रहना पड़ता है। कहा भी जाता है-हे ____ फादर। वह आकर तुम बच्चों को आपसमान आत्म-अभिमानी बनाते हैं, इसलिए वह ____ है।
° _बाप_, _प्यार_, _साथ_, _गॉड_, _सुप्रीम_

14. (धारणा) बेहद के बाप का पूरा-पूरा ____ रखना है अर्थात् बाप के ____ पर चलना है। बाप का पहला फरमान है – बच्चे अच्छी रीति पढ़कर ____ हो जाओ। इस फरमान को पालन करना है।
° _रिगार्ड_, _फरमान_, _पास_

15. बाप कहते हैं नॉलेज तो बहुत सहज है। यह है ____ बनने की नॉलेज, _____ में जाने की नॉलेज, जो बाप ही दे सकते हैं। तुम कह सकते हो हमारा उद्देश्य है मनुष्य को ____ -स्तिक बनाना, ____ का बनाना। अभी सब निधन के हैं। हम धणका बनते हैं। सुख, शान्ति, सम्पत्ति का ____ देने वाला बाप ही है। इन लक्ष्मी-नारायण की कितनी बड़ी ____ थी। समझानी हर एक की अपनी-अपनी है, जो जैसी धारण करते हैं ऐसे समझाते हैं।
° _पवित्र_, _मुक्ति-जीवनमुक्ति_, _आ_, _धणी_,
_वर्सा_, _आयु_

16. क्राइस्ट भी ____ को ही याद करते थे। क्राइस्ट की आत्मा गॉड फादर पास गई, यह कहना भी रांग हो जाता। वापिस कोई कैसे जायेंगे? हर एक को स्थापना फिर ____ जरूर करनी होती है। क्रिश्चियन लोग हेविन का अर्थ नहीं समझते हैं। वह मुक्तिधाम को हेविन कह देते हैं। यह ____ बताना है। गॉड फादर है मुक्तिधाम में रहने वाला। हेविन ____ दुनिया को कहा जाता है। फादर ही आकर ____ -डाइज स्थापन करते हैं।
° _बाप_, _पालना_, _फ़र्क_, _नई_, _पैरा_

17. सतयुग में ही ____ -जीत रहते हैं। वहाँ जानते हैं एक खाल छोड़ दूसरी ले लेंगे।
° _मोह_

Answers from Sakar Murli 18-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-11-2020*

1. समझदार वह है जो मन्सा-वाचा-कर्मणा तीनों ____ साथ-साथ करते हैं।
° _सेवायें_

2. विश्व को लाइट और माइट का वरदान देने के लिए अमृतवेले याद के स्व अभ्यास द्वारा ____ वायुमण्डल बनाओ तब मन्सा सेवा का ____ प्राप्त होगा। लास्ट समय में मन्सा द्वारा ही ____ से निहाल करने की, अपनी ____ द्वारा उनकी वृत्तियों को बदलने की सेवा करनी है।
° _पावरफुल_, _सर्टीफिकेट_, _नज़र_, _वृत्ति_

3. बाबा ने समझाया है – मैं तुम्हारा बाप भी हूँ, ज्ञान का ____ हूँ। हमारा बाप सुप्रीम है, सत्य बाप, सत्य टीचर है, ____ सुनाते हैं। बेहद की शिक्षा देते हैं। बेहद का ___- है, सबकी सद्गति करते हैं।
° _सागर_, _सत्य_, _गुरू_

4. बाप तो और ही सबको ____ -धाम वापिस ले जाते हैं, बिगर मेहनत। हिसाब-किताब चुक्तू कर सब ____ जाते हैं क्योंकि कयामत का _____ है। बाप आते ही हैं ____ पर। सबको सद्गति दे देते हैं। तुम भी पहले ____ में फिर सद्गति में आयेंगे। यह बातें समझने की हैं।
° _शान्ति_, _घर_, _समय_, _सर्विस_, _गति_

5. बाबा को आज कौन-से *2 अंग्रेजी शब्द* अच्छे लगे?
° अंग्रेजी में *सुप्रीम* ही कहा जाता है। (अंग्रेजी अक्षर कुछ अच्छे होते हैं।)
° जैसे *ड्रामा* अक्षर है। (ड्रामा को नाटक नहीं कहेंगे, नाटक में तो अदली-बदली होती है। इस खेल-चक्र के रिपीटीशन-समय को हम ही जानते।)

6. सर्वोत्तम ब्राह्मण ___ कहा जाता है। सूक्ष्मवतन में ____ रहते हैं। वहाँ हड्डी-मांस होता नहीं। वह बिचारे समझते नहीं ____ शरीर क्या होता है। फिर सतयुग में होते हैं ____ आत्मायें। तुम अभी ___ पर हो। कलियुग और सतयुग दोनों को जानते हो।
° _कुल_, _फरिश्ते_, _सूक्ष्म_, _पुण्य_, _संगम_,

7. कितनी प्वाइंट्स बच्चों को ____ करनी हैं। भाषण करना होता है ______ पर। सत नाम लिखते हैं। पतित-पावनी गंगायें यह ____ हैं। शिव ____ कहो शिव वंशी कहो। शिव वंशी ब्रह्माकुमार- कुमारियां । ____ द्वारा एडाप्ट करते हैं।
° _धारण_, _टॉपिक्स_, _मातायें_, _शक्ति_, _ब्रह्मा_

8. कोई बात किसको समझ में न आये तो उनको बोलो-जब तक ____ को नहीं समझा है तो और कुछ समझ नहीं सकेंगे। एक बात ____ करो और लिखो, नहीं तो भूल जायेंगे। माया भुला देगी। मुख्य बात है ____ के परिचय की। हमारा बाप सुप्रीम बाप, सुप्रीम टीचर है जो सारे विश्व के आदि-मध्य-अन्त का ____ समझाते हैं, जिसका कोई को पता नहीं है।
° _अल्फ_, _निश्चय_, _बाप_,
_राज़_

9. गीता का कितना छोटा लॉकेट बनता है। वास्तव में है तो ____ की बात। बाप का बना जैसेकि ____ का मालिक बना। यह तो बहुत ऊंच ते ऊंच ___ है जिससे हम विश्व के मालिक बनते हैं।
° _सेकण्ड_, _विश्व_, _ज्ञान_

10. बाप बैठ *देवी-देवता धर्म का सैपलिंग* लगाते हैं, तो कन्वर्ट हुई आत्मा लौटकर आई, यह कैसे पता चलता?
° उनको *यह ज्ञान और योग बहुत अच्छा लगेगा*, इससे सिद्ध होता है कि यह देवता धर्म का है। (इसमें बड़ी विशालबुद्धि चाहिए समझने और समझाने की। धारणा करनी है, सिर्फ किताब पढ़कर नहीं सुनानी है।)

11. भक्ति मार्ग के दलदल में गले तक डूबे हुए हैं तो फिर निकाल कैसे सकेंगे। निकालना ही मुश्किल हो जाता है। परन्तु इससे भी *बड़ी दलदल* कौन-सी है?
° कोई-कोई तो औरों को निकालने निमित्त बन खुद ही डूब जाते हैं। खुद गले तक दुबन में फंसते अर्थात् *काम विकार* में गिर पड़ते हैं। यह है सबसे बड़ी दुबन (दलदल)। (सतयुग में यह बातें होती नहीं।)

12. मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति बाप बैठ समझाते हैं – यह सुप्रीम *बाप* भी है, सुप्रीम *टीचर* भी है, सुप्रीम *सतगुरू* भी है। बाप की ऐसी महिमा बताने से ऑटोमेटिकली सिद्ध हो जाता है कि कृष्ण की ऐसी महिमा नहीं। कैसे?
° कृष्ण किसी का *बाप* हो नहीं सकता। वह तो छोटा बच्चा, सतयुग का प्रिन्स है।
° वह *टीचर* भी नहीं हो सकता। खुद ही बैठकर टीचर से पढ़ते हैं।
° *गुरू* तो वहाँ होता नहीं क्योंकि वहाँ सब सद्गति में हैं।

13. “मीठे बच्चे – अभी तुम ___ बाप द्वारा ___ देवता बन रहे हो, इसलिए ____ -युग में ____-संग करने की जरूरत नहीं”
° _सत्य_, _सत्य_, _सत_, _सत_

14. *सतयुग में* देवताओं से कोई भी *विकर्म नहीं हो सकता* है, क्यों?
° क्योंकि उन्हें *सत्य बाप का वरदान* मिला हुआ है। विकर्म तब होता है जब रावण का श्राप मिलने लगता है। *सतयुग-त्रेता में है ही सद्गति* , उस समय दुर्गति का नाम नहीं। (विकार ही नहीं जो विकर्म हो। द्वापर-कलियुग में सबकी दुर्गति हो जाती इसलिए विकर्म होते रहते हैं। यह भी समझने की बातें हैं।)

15. दिखाते हैं विष्णु की नाभी से ब्रह्मा निकला। अच्छा विष्णु फिर किसकी नाभी से निकला? उसमें ____ का निशान दे सकते हो कि दोनों ओत-प्रोत हैं। ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु सो ब्रह्मा। यह उनसे, वह उनसे पैदा हुआ है। इनको लगता है _____ सेकेण्ड, उनको लगता है ____ हज़ार वर्ष। यह वन्डरफुल बातें हैं ना। तुम बैठ समझायेंगे। बाप कहते हैं लक्ष्मी-नारायण 84 जन्म लेते हैं फिर उनके ही बहुत जन्मों के अन्त में मैं _____ कर यह बनाता हूँ। समझने की बात है ना। बाप कहते हैं मैं इसमें प्रवेश कर बेहद का ____ कराता हूँ।
° _एरो_, _एक_, _5_, _प्रवेश_, _संन्यास_

Answers from Sakar Murli 17-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-11-2020*

1. ज्ञान का ____ करना ही सदा हर्षित रहने का आधार है।
° _सिमरण_

2. आपके सामने कैसी भी आत्मा हो लेकिन अपने ____ की वृत्ति से, _____ भावना से उसे परिवर्तन कर दो-यही है सच्ची सेवा। जैसे साइन्स वाले रेत में भी खेती पैदा कर देते हैं ऐसे साइलेन्स की शक्ति से ____ -दिल बन अप-कारियों पर भी ____ कर धरनी को परिवर्तन करो। _____ परिवर्तन से, शुभ भावना से कैसी भी आत्मा परिवर्तन हो जायेगी क्योंकि शुभ भावना _____ अवश्य प्राप्त कराती है।
° _रहम_, _शुभ_, _रहम_, _उपकार_, _स्व_, _सफलता_

3. बहुत ___ से बैठकर रूहानी बाप को याद करना है। याद में प्रेम के ____ आ जायें तो वह विजय माला का ____ बन जायेंगे। अपना समय भविष्य प्रालब्ध बनाने में _____ करना है।
° _प्रेम_, _ऑसू_, _दाना_, _सफल_

4. बाबा भी कहते हैं मैं _____ भी हूँ, _____ भी हूँ। छोटी सी बिन्दी हूँ और फिर ज्ञान का सागर भी हूँ। तुम्हारी आत्मा में सारा ज्ञान भरते हैं। 84 जन्मों का सारा राज़ तुम्हारी बुद्धि में है। तुम ज्ञान का _____ बन ज्ञान की वर्षा करते हो। ज्ञान का एक-एक रत्न कितना _____ है, इनकी वैल्यु कोई कर न सके इसलिए बाबा कहते हैं _____ भाग्यशाली। तुम्हारे चरणों में ____ की निशानी भी दिखाते हैं, इनको कोई समझ न सके।
° _रूप_, _बसन्त_, _स्वरूप_, _अमूल्य_, _पदमापदम_, _पदम_

5. यह ज्ञान बड़ा वन्डरफुल है। तुम कितने ____ स्टूडेन्ट हो। तुम कहेंगे हम ____ -शाला में जाते हैं, ____ हमको पढ़ाते हैं। एम ऑबजेक्ट क्या है? हम यह _______ बनेंगे। मनुष्य सुनकर वन्डर खायेंगे। हम अपने हेड ऑफिस में जाते हैं। क्या पढ़ते हो? मनुष्य से ___ , बेगर से ____ बनने की पढ़ाई पढ़ रहे हो।
° _गुप्त_, _पाठ_, _भगवान_,
_(लक्ष्मी-नारायण)_, _देवता_, _प्रिन्स_

6. फिर सतोप्रधान बनना हैं। उसके लिए बाप युक्ति बताते हैं कि अपने को आत्मा समझ ____ याद करो। मैं ही ___ -शक्तिमान् हूँ। मुझे याद करने से तुम्हारे में ____ आयेगी। तुम विश्व के ____ बनेंगे। यह लक्ष्मी-नारायण का वर्सा इन्हों को ____ से मिला है। कैसे मिला वह समझाते हैं।
° _मामेकम्_, _सर्व_, _शक्ति_, _मालिक_, _बाप_

7. पहले-पहले _____ का परिचय देना है। बाप कहते हैं _____ । जितना _____ करेंगे उस अनुसार पद पायेंगे। आदि सनातन ______ धर्म का राज्य स्थापन हो रहा है। इन ______ की डिनायस्टी है।
° _बाप_, _मनमनाभव_, _पुरूषार्थ_, _देवी-देवता_, _लक्ष्मी-नारायण_

8. महिमा है ही एक की। पतित से ____ बनाना यह तो बाप का ही काम है। ____ से छुड़ाने वाला तो एक ही बाप है। यह सब प्वाइंट्स बुद्धि में अच्छी रीति धारण करनी है। एक गॉड को ही मर्सीफुल कहा जाता है। एक बाप ही सब पर _____ करते हैं। सतयुग में सब ____ – ______ में रहते हैं।
° _पावन_, _दु:ख_, _रहम_, _सुख_, _शान्ति_

9. एक रूहानी बाप जिसका नाम ___ है, वह बैठ अपने बच्चों को समझाते हैं। हम कहते परमपिता परमात्मा ____ गीता का भगवान है। वही ज्ञान का ____ है। लिबरेटर, _____ भी परमात्मा को ही कहा जाता है। परमपिता परमात्मा ही आकर लिबरेट करते हैं अर्थात् तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाते हैं। कहते हैं मैं ब्रह्मा द्वारा स्थापना करता हूँ। उस एक ही _____ बाप के सब बच्चे हैं। शिवरात्रि गाई जाती है तो जरूर ____ यहाँ आये होंगे ना।
° _शिव_, _शिव_, _सागर_, _गाइड_, _निराकार_, _शिव_

10. पहले-पहले यही बात ( *बाप का परिचय*) अन्तर्मुख हो समझानी-निश्चय करानी है, जास्ती तीक-तीक नहीं। इससे क्या *फायदा* होंगा? (2)
° तो फिर *आगे समझना सहज* होगा। (अगर बाप का परिचय ही नहीं मिला होगा तो प्रश्न करते रहेंगे।)
° बच्चे एक बात अल्फ पर किसको निश्चय कराते नहीं, और-और बातों में चले जाते हैं *फिर कहते गला ही खराब हो गया*। (तुम और बातों में जाओ ही नहीं।)

11. बाप जो सत्य है वह जरूर सत्य ही सुनायेंगे। दुनिया पहले नई सतोप्रधान थी। अभी दुनिया पुरानी तमोप्रधान है। *दुनिया को बदलने वाला एक बाप* ही है। बाप कैसे बदलते हैं वह भी समझाना चाहिए। तो मुख्य कौन-सी चीज बदलनी पड़े?
° *आत्मा जब सतोप्रधान बनें* तब दुनिया भी सतोप्रधान स्थापन हो।

12. “मीठे बच्चे – बाप आये हैं ____ दुनिया बनाने, तुम्हारे _____ सुधारने, तुम भाई-भाई हो तो तुम्हारी ___ बहुत शुद्ध होनी चाहिए”
° _वाइसलेस_, _कैरेक्टर_, _दृष्टि_

13. बाप की ____ में रहने से तुम किसको समझाने में भी एकरस होंगे। नहीं तो कुछ न कुछ नुक्स (कमी) निकालते रहेंगे। बाबा कहते हैं तुम जास्ती कुछ भी ____ न लो। स्थापना तो जरूर होनी ही है। ____ को कोई भी टाल नहीं सकते। ____ में रहना चाहिए। बाप से हम बेहद का ___ ले रहे हैं। बाप कहते हैं मामेकम् याद करो।
° _याद_, _तकलीफ_, _भावी_, _हुल्लास_, _वर्सा_

14. मनुष्यों की नब्ज भी देखनी चाहिए-कुछ समझता है या ____ है? टाइम ____ नहीं करना चाहिए। चात्रक, पात्र को परखने की भी ____ चाहिए। जो समझने वाला होगा उनका ____ ही बदल जायेगा। पहले-पहले तो खुशी की बात देनी है। बेहद के बाप से बेहद का ____ मिलता है ना।
° _तवाई_, _वेस्ट_, _बुद्धि_, _चेहरा_, _वर्सा_

15. बोलो, बाप तो सत्य बोलेंगे ना। हम ____ को बाप ही सुनाते हैं। यह ____ सब उसने बनवाये हैं, इसमें संशय नहीं लाना चाहिए। संशयबुद्धि विनशन्ती। पहले तुम अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो तो _____ विनाश होंगे। और कोई उपाय नहीं। ____ -पावन तो एक ही है ना। बाप कहते हैं देह के सब सम्बन्ध छोड़ ____ याद करो। बाप जिसमें प्रवेश करते हैं, उनको भी फिर ____ कर सतोप्रधान बनना है।
° _बी.के._, _चित्र_, _विकर्म_, _पतित_, _मामेकम्_, _पुरूषार्थ_

16. प्रदर्शनी में इतने ढेर चित्रों की दरकार नहीं। तो बाबा ने आज कौन-से *3 चित्र* रखने लिए कहा?
° नम्बरवन चित्र है गीता का *भगवान कौन?* उसके बाजू में *लक्ष्मी-नारायण* का, *सीढ़ी* का। बस। (तुम बच्चों को जितना हो सके याद की यात्रा को बढ़ाना है। मूल फिकरात रखनी है कि पतित से पावन कैसे बनें!)

17. *पात्र* तुमको कहाँ मिलेंगे? (2)
° शिव के, लक्ष्मी-नारायण के, राम-सीता के *मन्दिरों में* । वहाँ जाकर तुम उन्हों की सेवा करो।
° *गंगा नदी पर* भी जाकर तुम समझाओ – पतित-पावनी गंगा है या परमपिता परमात्मा है? (सर्व की सद्गति यह पानी करेगा या बेहद का बाप करेगा? तुम इस पर अच्छी रीति समझा सकते हो। विश्व का मालिक बनने का रास्ता बताते हो। दान करते हो, कौड़ी जैसे मनुष्य को हीरे जैसे विश्व का मालिक बनाते हो। भारत विश्व का मालिक था ना। तुम ब्राह्मणों का देवताओं से भी उत्तम कुल है।)

18. यह बाबा तो समझते हैं – मैं बाप का एक ही ______ बच्चा हूँ। बाबा ने हमारा यह शरीर ___ पर लिया है। बाबा की हमारे पर _____ की हुई है। हमने बाबा को ____ दिया है कि सर्विस करो। उनका एवजा फिर वह कितना देते हैं। जो हमको सबसे ऊंच _____ पर चढ़ाते हैं। नम्बर- _____ ले जाते हैं। बाप को बच्चे प्यारे लगते हैं।
° _सिकीलधा_, _लोन_, _सवारी_, _शरीर_, _कन्धे_, _वन_

19. ब्रह्मा और विष्णु का कनेक्शन भी बताते हैं। बाप तुम ____ को राजयोग सिखलाते हैं तो तुम ____ -पुरी के मालिक बनते हो। फिर तुम ही 84 जन्म ले अन्त में शूद्र बनते हो। फिर बाप आकर शूद्र से ____ बनाते हैं। ऐसे और कोई बता न सके।
° _ब्राह्मणों_, _विष्णु_, _ब्राह्मण_

20. तुम बच्चे बेफिक्र बादशाह हो फिर भी तुम्हें *एक मूल फिकरात* अवश्य होनी चाहिए – कौन सी?
° हम पतित से *पावन कैसे बनें* – यह है मूल फिकरात। (ऐसा न हो बाप का बनकर फिर बाप के आगे सज़ायें खानी पड़ें। सज़ाओं से छूटने की फिकरात रहे, नहीं तो उस समय बहुत लज्जा आयेगी। बाकी तुम बेपरवाह बादशाह हो, सबको बाप का परिचय देना है। कोई समझता है तो बेहद का मालिक बनता, नहीं समझता है तो उसकी तकदीर। तुम्हें परवाह नहीं।)

Answers from Sakar Murli 16-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-11-2020*

1. सदा एक बाप के ___ संग में रहो तो और किसी के संग का रंग प्रभाव नहीं डाल सकता।
° _श्रेष्ठ_

2. *रूहानी रहमदिल* बच्चों की क्या निशानी हैं?
° वह *महादानी* बन बिल्कुल होपलेस केस में *होप* पैदा कर देते हैं। निर्बल को *बलवान* बना देते हैं। (दान सदा गरीब को, बेसहारे को दिया जाता है। तो जो निर्बल दिलशिकस्त, असमर्थ प्रजा क्वालिटी की आत्मायें हैं उनके प्रति रूहानी रहमदिल बन *महादानी* बनो। आपस में एक दूसरे के प्रति महादानी नहीं। वह तो सहयोगी साथी हो, भाई भाई हो, हमशरीक पुरूषार्थी हो, सहयोग दो, दान नहीं।)

3. यह प्वाइंट्स अच्छी रीति धारण करनी है। जो ___ बुद्धि होंगे वह अच्छी रीति धारण कर सकेंगे। इन बातों को कोई समझते नहीं हैं। _____ बुद्धि समझते हैं राजधानी में तो हर प्रकार के पार्टधारी होते हैं। सतयुग में जो राजधानी थी वह फिर से स्थापन हो रही है। तुम अभी तमोप्रधान से सतोप्रधान क्लास में ______ होते हो। गॉड फादर ही कहते हैं हम तुमको ____ -लोक के लिए पढ़ाते हैं। यह मृत्युलोक खलास होना है। सतयुग में इन लक्ष्मी-नारायण की _______ थी। यह स्थापन कैसे हुई, यह किसको पता नहीं है।भारत में एक नेशनल्टी थी, उनको ____ नेशनल्टी कहा जाता है।
° _फ्रेश_, _शुरूड़_, _ट्रांसफर_, _अमर_, _राजधानी_, _डीटी_

4. नई राजधानी में _____ पद पाने के लिए इस _____ की पढ़ाई पर पूरा-पूरा _____ देना है। पास होकर _____ माला का दाना बनना है। यहाँ तो बाप कहते हैं मुझे _____ करो। यह है _____ -जाप। मुख से कुछ बोलना नहीं है।
° _ऊंच_, _राजयोग_, _ध्यान_, _विजय_, _याद_, _अजपा_

5. युनिवर्स अर्थात् _____ । अब कायदे अनुसार युनिवर्सिटी अक्षर तुम बच्चों का है। यह है _____ युनिवर्सिटी। यह एक ही ____ फादरली युनिवर्सिटी है। सभी ______ को लेसन मिलता है।तुम्हारा यह ____ कोई न कोई प्रकार से सबको जरूर पहुँचना चाहिए, मैसेज देना है ना और यह मैसेज बिल्कुल _____ है।
° _विश्व_, _रूहानी_, _गॉड_, _आत्माओं_, _पैगाम_, _सिम्पुल_

6. बच्चे जानते हैं वह हमारा _____ का बाप है, जिसको सब याद करते हैं। ऐसे भी कहें वह हमारा बेहद का _____ है, जो भी विश्व में जीव आत्मायें हैं वह उसे याद जरूर करती हैं। सुखधाम में ले जाने वाला एक ही बाप है, उनको ______ भी कहते हैं। बाप को सब याद करते हैं, उनको गाइड, लिबरेटर, _______ भी कहते हैं। सभी आत्मायें एक को पुकारती हैं तो वह एक ही सारी युनिवर्स का टीचर भी हुआ ना। बाप तो है ही परन्तु यह किसको पता नहीं कि वह हम सब आत्माओं का टीचर भी है, _____ भी है। सबको गाइड भी करते हैं। इस बेहद के _____ को सिर्फ तुम बच्चे ही जानते हो।
° _बेहद_, _माशूक_, _लिबरेटर_, _मर्सीफुल (रहमदिल)_, _गुरू_, _गाइड_

7. बाबा को याद करना और *गीत सुनना*, दोनों एक ही बात है। _(सही / गलत)_
° *गलत* , गीत भी *स्थूल* हो जाता है। बच्चों को तो सिर्फ बाप को याद करना है। नहीं तो फिर गीत आदि याद आते रहेंगे। यहाँ मूल बात है ही याद की। तुमको *आवाज से परे* जाना है। (बाप का डायरेक्शन है ही मनमनाभव। बाप थोड़ेही कहते हैं गीत गाओ, रड़ी मारो। मेरी महिमा गायन करने की भी दरकार नहीं है। यह तो तुम जानते हो वह ज्ञान का सागर, सुख-शान्ति का सागर है।)

8. तुमने जाना है कि _____ क्या चीज़ है, दुनिया में किसको भी पता नहीं। भल कहते हैं भ्रकुटी के बीच चमकता है अजब ____, परन्तु समझ कुछ नहीं। अभी तुम जानते हो आत्मा तो _____ है। वह कभी बड़ी या छोटी नहीं होती। जैसे तुम्हारी आत्मा है, बाप भी वही _____ है। बड़ा छोटा नहीं। वह भी है आत्मा सिर्फ _____ आत्मा है, सुप्रीम है। बरोबर सभी आत्मायें परमधाम में रहने वाली हैं। यहाँ आती हैं ____ बजाने।
° _आत्मा_, _सितारा_, _अविनाशी_, _बिन्दी_, _परम_, _पार्ट_

9. तुम जानते हो हम सो देवता पूज्य बन रहे हैं। तुम्हारे ऊपर *अभी लाइट का ताज नहीं* दे सकते। _(सही / गलत)_
° *सही* , तुम्हारी आत्मा जब पवित्र बनेंगी तब यह शरीर छोड़ देगी। इस शरीर पर तुमको लाइट का ताज नहीं दे सकते, शोभेगा नहीं। (इस समय तुम हो गायन लायक। इस समय कोई की भी आत्मा पवित्र नहीं है, इसलिए किसके ऊपर भी इस समय लाइट नहीं होनी चाहिए। *लाइट सतयुग में* होती है। दो कला कम वाले को भी यह लाइट नहीं देनी चाहिए।)

10. शिवबाबा आज हमे कौन-सा *उल्हना* दे रहे थे? _(निमंत्रण)_
° बाप कहते हैं – मैं तो हूँ निराकार और विचित्र। यहाँ आता हूँ – सर्विस करने के लिए। हमारी बड़ाई देखो कितनी करते हैं। ज्ञान का सागर… हे बाबा और फिर *कहते हैं पतित दुनिया में आओ।* तुम निमंत्रण तो बड़ा अच्छा देते हो। *ऐसा भी नहीं कहते कि स्वर्ग में आकर सुख तो देखो* । कहते हैं हे पतित-पावन हम पतित हैं, हमको पावन बनाने आओ। निमंत्रण देखो कैसा है। *एकदम तमोप्रधान पतित दुनिया और फिर पतित शरीर में बुलाते* हैं। बड़ा अच्छा निमंत्रण देते हैं भारतवासी! ड्रामा में राज़ ही ऐसा है।

11. _____ ही आकर अपना नाम रूप आदि बताते हैं – मैं कैसा हूँ, तुम आत्मा कैसी हो! तुम बहुत मेहनत करते हो – ____ बजाने। आधाकल्प भक्ति की है, मैं तो ऐसे पार्ट में आता नहीं हूँ। मैं दु:ख सुख से ____ हूँ। तुम दु:ख भोगते हो फिर तुम ही सुख भोगते हो – सतयुग में। तुम्हारा पार्ट मेरे से भी ____ है। मैं तो आधाकल्प वहाँ ही आराम से बैठा रहता हूँ ______ में। तुम मुझे पुकारते आते हो।
° _बाप_, _पार्ट_, _न्यारा_, _ऊंच_, _वानप्रस्थ_

12. ड्रामा को मैं जानता हूँ। अब ड्रामा पूरा हुआ है, मुझे जाकर पतितों को पावन बनाने का ____ बजाना है और कोई बात है नहीं। तुम जब बिल्कुल तमोप्रधान बन जाते हो – तब एक्यूरेट _____ पर मुझे आना पड़ता है। _____ तन में ही आता हूँ। तुम बच्चों को आकर _____ से छुड़ाता हूँ। एक धर्म की _____ ब्रह्मा द्वारा, अनेक धर्मो का विनाश शंकर द्वारा…हाहाकार के बाद _____ -कार हो जायेगी।
° _पार्ट_, _टाइम_, _साधारण_, _दु:ख_, _स्थापना_, _जयजय_

13. इनको भी थोड़ेही पता था कि मेरा बहुत जन्मों के अन्त का ____ है। बाबा ने _____ किया है तब बताते हैं। बाबा ने हर एक बात का राज़ समझाया है। बाबा खुद कहते हैं – यह ब्रह्मा मेरी _____ है। मैं इनमें प्रवेश कर इन द्वारा तुमको _____ बनाता हूँ। प्रजापिता ब्रह्मा से यह प्रजा रची जाती है। कहते हैं यह है मेरी ____ वंशावली। यह सच्ची-सच्ची ____ माँ हो गई और वह एडाप्टेड मॉ ठहरी।
° _जन्म_, _प्रवेश_, _वन्नी (स्त्री)_, _अपना_, _मुख_, _बड़ी_

14. ब्रह्मा है मॉ परन्तु तन पुरूष का है। यह तो सम्भाल नहीं सकेंगे इसलिए एडाप्ट किया है ____ को। नाम रख दिया है मातेश्वरी। ___ हो गई। ड्रामा अनुसार है ही एक ____। बाकी दुर्गा, काली आदि सब अनेक नाम हैं। मॉ बाप तो एक ही होते हैं ना। तुम सब हो बच्चे। गायन भी है ____ की बेटी सरस्वती। तुम ब्रह्माकुमार कुमारियां हो ना। तुम्हारे ऊपर ____ बहुत हैं।
° _बच्ची_, _हेड_, सरस्वती, _ब्रह्मा_, _नाम_

15. बाबा हमेशा कहते हैं जहाँ तुम भाषण करते हो तो यह _____ का चित्र जरूर रखो। इनमें ____ भी जरूर लिखी हुई हो। तुम समझा सकते हो कि नये विश्व की शुरूआत से ____ वर्ष तक इस डिनायस्टी का राज्य था। जब ये _____ डिनायस्टी थी तो दूसरा कोई था नहीं। अब फिर यह डिनायस्टी _____ हो रही है। बाकी सबका ____ होना है।
° _लक्ष्मी-नारायण_, _डेट_, _1250_, _देवता_, _स्थापन_, _विनाश_

16. अभी *कितने ढेर* हो गये हैं, इसलिए इतने झगड़े आदि होते, लिमिट होनी चाहिए। परन्तु यह भी *बना बनाया खेल* है, जो भी एक्टर्स रहे हुए होंगे, आते रहेंगे। भल कितना भी कन्ट्रोल करने की कोशिश करे, कर नहीं सकते। तो यहां हमारे पास कौन-सी *खुशखबरी* है?
° हम बी.के. *ऐसा बर्थ कन्ट्रोल* कर देते हैं जो बाकी *9 लाख* जाकर रहेंगे। फिर सारी *आदमशुमारी ही कम* हो जायेगी। (हम आपको सत्य बताते हैं, अब स्थापना कर रहे हैं। नई दुनिया, *नया झाड़ जरूर छोटा* ही होगा। यहाँ तो यह कन्ट्रोल कर नहीं सकेंगे क्योंकि तमोप्रधान और होता जाता है। वृद्धि होती जाती है। एक्टर्स जो भी आने वाले हैं, यहाँ ही आकर शरीर धारण करेंगे।)

17. अभी तुम बच्चे कौन सा *ढिंढोरा* पीटते और कौन सी *बात* समझाते हो?
° तुम ढिंढोरा पीटते हो कि यह *नई दैवी राजधानी फिर से* स्थापन हो रही है। (अनेक धर्मो का अब विनाश होना है। तुम सबको समझाते हो कि सब *बेफिकर* रहो, यह इन्टरनेशनल रोला है। लड़ाई जरूर लगनी है, इसके बाद दैवी राजधानी आयेगी।)

18. अपनी स्थिति ऐसी अचल और ____ बनानी है जो अन्तिम ___ की को देख सकें। मेहनत करनी है _____ -अभिमानी बनने की। देही-अभिमानी रहने वाले बड़े ____ होते हैं।
° _निर्भय_, _विनाश_, _देही_, _मीठे_

Avyakt Murli Yog 26.10.25

Avyakt Murli Yog 26.10.25

हम दिलाराम ❣️ के.. दिल-पसन्द है.. (उन्हें प्यारे ❤️, लवली 💞 लगते!)

उनका मिलना (मेला मनाना!).. देखना 👁️ (हमारे मस्तक पर भाग्य!)..

.. दिल 💓 में समाना.. (लाड़ले 🥰, सिकीलधे कहना 💬!).. हम पर बलिहार जाना.. (हमारे गीत 🎼 गाना!)..

.. सर्व सम्बन्ध 👨‍👨‍👦‍👦 निभाना (शिक्षा, वरदानों से सम्पन्न 🪙 करना)..

.. सब उनकी पालना का स्वरूप है.. (तो नशा है.. वाह बाबा वाह!)

प्यार के अनुभवों में लहराते.. (एक बाबा दूसरा न कोई!).. ऐसे बाबा के अति प्यारे-न्यारे 🕊️ हैं!

.. तो दिल का यादप्यार.. पद्मगुणा दुआएं 🌬️ पाते.. (हम बालक 👶🏻 सो मालिक 👑!)

परमात्म प्यार 💖 का स्वरूप है.. विशेषता देखते 👁️.. मुबारक देते रहते!

गुप्त रूप में आये भगवान् 🛐 को पहचान.. ‘मेरा बाबा’ कह.. अपना बनाना.. (सबसे बड़ी विशेषता है!)

हम उड़ती कला वाले.. डबल लाइट 🧖.. फरिश्ते है.. (मुक्त!)

सदा मजबूत.. दृढ़ निश्चय से निश्चित विजयी 🇲🇰.. रिवाइज़, रियलाइज़ करते रहते!

दुआएं ✨ देना, लेना.. इसमे गुण 🌈, शक्ति ⚡ सब आ जाता.. (योगयुक्त बन जाते!)

पोइंट बन.. युक्तियां यूज करने से.. निवारण होता!

ऐसे ईश्वरीय संस्कारों से.. नया, दैवी.. जीवनमुक्त संसार बनाते!

अच्छे से अच्छे बनना अर्थात्.. बाप ☀️ समान 🟰.. लक्ष्मी-नारायण 🫅🏻👸🏻 बनना!

अमृतवेले शक्तियां 💪🏻 ले.. पावरफुल ✊🏻 स्टेज बनाने से.. शक्ति 🏋️ स्वरूप रहने से..

.. सारे दिन की जीवन महान.. सहजयोगी.. example 👍🏻 रहती.. (सब ऐसी जीवन 🎨 बनाते!)

तो पवित्रता ✨ की.. श्रेष्ठता.. अनुभव कराते.. (यही सच्ची सेवा है!)

प्रयोगी आत्मा.. सदा खुशी में नाचती.. (विजयी रहती!)


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