Avyakt Murli 💌 Yog 22.9.24 (Rev. 18.1.02)
अटूट स्नेह ❤, प्यार, लव की शक्ति में एकरस समाकर, लीन हो सारे विश्व 🌍 को समर्थी, मुक्ति, सुख-शान्ति; निःस्वार्थ स्नेह, सम्मान, सहारा दे सन्तुष्ट कर सहज, फर्स्टक्लास दुआएं, पुण्य की लिफ्ट प्राप्त करने वाले भाग्यवान सिकीलधे, खुश वाह-वाह, लवली जागती ज्योत बन सन शोज़ फादर करना… Avyakt Yog 22.9.24 (Rev. 18.1.02)!
आज हम स्मृति 💭 स्वरूप, समर्थ स्वरूप बच्चे स्नेह ❤ की यादों में समाये हैं (हम बाबा को स्नेह-माला पहनाते, बाबा हमें!)… इस परमात्म-स्नेह के वरदान ने हमें बाबा का बनाये, नई जीवन प्रदान की है… ब्रह्मा बाप जैसे सदा, निरन्तर स्नेह में समाये, लव में लीन रहने से यह स्नेह छत्रछाया ☂️ के रूप में हमें मायाजीत, मेहनत-मुक्त, सदा सहज रखता… सहज समर्पित करता, बाप समान बनने का सबूत दिलाता, मजे में रखता!
हम सदा समर्थ. व्यर्थ-मुक्त रहेंगे तब सारे विश्व 🌍 को समर्थी दिला सकेंगे… अभी पुकार सुन बेहद मास्टर मुक्तिदाता का पार्ट बजाना है (तो छोटी बातों से स्वतः मुक्त रहेंगे!)… दुखियों को सुख-शान्ति की अंचली देनी है (यह भी फॉलो 👣 फादर है!)
ब्रह्मा बाप का अन्त में नष्टोमोहा स्मृति-स्वरूप बनना ही अर्जुन के यादगार रूप में चलता; अभी अव्यक्त रूप में हमारे बैकबॉन, करावनहार बन सॉन शोज़ फादर द्वारा फास्ट सेवा करा रहे; तो वाह ड्रामा 🎭 वाह… अभी लास्ट सो फास्ट एक्जाम्पल बनने तीन शब्दों की अन्तिम शिक्षा रूपी शिवमंत्र को स्वरूप में लाते (मन्सा निराकारी, वाचा निरहंकारी, कर्मणा निर्विकारी!)… तो दिन में भी बीच-बीच में समय निकाल सेकण्ड में देह से न्यारे, निराकारी आत्म स्वरूप में स्थित 🎯 होना; कर्म में भी साकार कर्मेन्द्रियों द्वारा कराने वाली करावनहार, न्यारी, बन्धनमुक्त ✂️ आत्मा हूँ (जैसे बाप; इसलिए निराकारी स्थिति से निराकार बाप की याद स्वतः रहती!)
समय पर बाबा को पहचान, वर्से के अधिकारी ✊🏻 बनना, यह सर्वश्रेष्ठ भाग्य है… हम महान, फास्ट संकल्प शक्ति से जन्म लेने कारण फास्ट पुरूषार्थ, प्रालब्ध वाले सिकीलधे है (सब खुश हो वाह-वाह करते; साइंस भी हमें बेहद सेवा में साथ देंगी, सब सहज करेंगी!)… हम शक्तियों ⚡ में मायाजीत बनने की शक्ति है… फूल 🌸 सजाना भी स्नेह की निशानी, सबूत हैं!
हम फीचर्स द्वारा फ्यूचर का साक्षात्कार कराते… सेवा से समीप आते, और प्राप्त दुआओं के पुण्य का खाता एक्स्ट्रा लिफ्ट का कार्य करता… हम मधुबन 🏫 के रूहानी चांसलर सबको राजी करने की सेवा करते, इसलिए बाबा खास याद करते (अटूट प्यार में अच्छे पास है!)… गुलज़ार दादी जी की हिम्मत 💪🏻 को विशेष मुबारक है, जो रथ के रूप में ब्रह्मा बाप समान 33 वर्ष पूरे किए!
अथक, जागती ज्योत 🕯️ बन देखने, सुनने, खुशी में नाचने वाले बाबा के समीप है (तो नाम-सहित पर्सनल यादगार स्वीकार कर मीठा मुस्कराते रहना!)… लिविंग वैल्यू सिखाते लवली लिविंग बन गयी… दुआएं 🌬️ लेने का नम्बरवन, सहज पुरुषार्थ है (साथी हमें देखकर ही खुश हो जाये!)… ऐसे निःस्वार्थ सेवा के लिए बालक 👶🏻 सो मालिक बन सबकी राय को सम्मान देते आगे बढ़ना 🚶 (तो सफलता ✅ ही सफलता है!)… निःस्वार्थ स्नेह ही सबको समीप, सम्मान के सम्बन्ध में लाता; सहारा बनता, संस्कार परिवर्तन करता, माला में पिरोता… हम शक्तिशाली आत्माओं 🪔 के तपस्या का बल अभी सेवा करा रहा (अनुभूति कराने लिए अनुभूति स्वरूप बनना!)
हम सदा सन्तुष्ट रह, सन्तुष्ट करने वाले सन्तुष्टमणि है… दृढ़ता के वरदान से सहज सफलता पाते; जैसा समय. वैसी विधि 📝 से सिद्धि पाते; संकल्प रूपी बीज शक्तिशाली तो वाणी, कर्म स्वतः सफल; तो हर कर्म त्रिकाल के दर्शी बन करना… एक के रस 🍹 में एकरस रहने से और कोई प्राप्ति आकर्षित नहीं करती!
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