Entering the divine gates through God’s light! | Sakar Murli Churnings 31-03-2020

Entering the divine gates through God’s light! | Sakar Murli Churnings 31-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि भगवान् अल्लादिन की बत्ती (ज्ञान-प्रकाश) द्वारा हमें दोनों गेट्स पर ले जा रहे, गेट ऑफ शान्तिधाम एंड सुखधाम (प्योरिटी-पीस-प्रासपर्टी सब)… तो सदा श्रीमत पर अपने को आत्मा समझ पतित-पावन बाबा को याद कर (सवेरे उठकर, नाम-रूपों को भूल) पावन-शान्त-खुश-श्रेष्ठ चलन वाले बन, अंधों की लाठी बने


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The greatest happiness! | Sakar Murli Churnings 30-03-2020

The greatest happiness! | Sakar Murli Churnings 30-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि स्वयं पतित-पावन भगवान् हमे स्वर्ग का मालिक देवता बनाने पढ़ाते… तो इसी स्मृति-याद द्वारा स्वच्छ-खुशी से भरपूर होने की कमाई को अनुभव करते… दिव्यगुण-संपन्न रत्न निकालते सदा सेवा में भागते आप समान बनाते, बाबा की दिल पर चढ़ ऊँच पद पाएं


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Being God’s right hand! | Avyakt Murli Churnings 29-03-2020

Being God’s right hand! | Avyakt Murli Churnings 29-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

हम बाबा की भुजाएं है… भुजाओं का कार्य है:

  • कर्म करना… जो जीवन-चेहरे-दृष्टि में प्रत्यक्ष अनुभव होता (और बाबा को प्रत्यक्ष करता)… राइट हैन्ड अर्थात्‌ शुभ-श्रेष्ठ कर्म करने वाले
  • सहयोग देना… तो हर समय तन-मन धन से बाबा के सहयोगी (देह-सम्बंधी की प्रवृत्ति के विस्तार से परे)
  • शक्ति का प्रतीक… तो सदा शक्तिशाली दृष्टि-वृत्ति संकल्प:
    • संकल्प… श्रेष्ठ सृष्टि रचे
    • वृत्तिवायुमण्डल बनाएं
    • दृष्टि… अशरीरी-आत्मा का अनुभव कराएं
  • स्नेह की निशानी… बाबा-समान:
    • संकल्प… व्यर्थ से परे समर्थ
    • बोल… सुखदाई-मधुर-महावाक्य, अव्यक्त-आत्मिक भाव
    • संस्कार… उदार-चित्त, कल्याणकारी, नि:स्वार्थ

पार्टियों से

  • बाबा रोज़ हमें स्वदर्शन चक्रधारी-शक्तिशाली कहते, जिससे माया पर विजयी रहते
  • सदा पावन बनना-बनाना, यही असम्भव को सम्भव करना है
  • बहादुर ही मायाजीत है, कमजोरी माया का आह्वान करती… हम तो विश्व कल्याणकारी-बेहद-सच्चे सेवााधारी है… बाप समन समर्थ-सम्पंन (फूल होने से हलचल नहीं होती)
  • सम्पूर्णता अर्थात निंदा-स्तुति में भी समानताbalance, जिससे bliss होती (दुःख में भी सुख, निंदा में भी दृष्टि-वृत्ति न हिले)
  • देही-अभिमानी अर्थात्‌ इशारे को समाकर उन्नति करना

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Making silent efforts! | Sakar Murli Churnings 28-03-2020

Making silent efforts! | Sakar Murli Churnings 28-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

1. झरमुई से परे एकान्त में निराकार पतित-पावन बाबा को याद कर (विकर्म विनाश-पावन हो), आत्म अभिमानी-हर्षित रहना है, नहीं तो देह-विकारों को याद करेंगे… यही शिवबाबा का ज्ञान शीतल करेंगा

2. साथ में वर्सा तो है ही (हम पूज्य-देवता बनने वाले है, पवित्रता-सुख-शान्ति सम्पन्न, एक धर्म-राज्य-भाषा)… बूंद-बूंद सफल कर, सबको आप-समान जरूर बनाना है (सर्विस के ख़्यालात चलते रहे)


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The spiritual nature-cure to become ever healthy, wealthy & happy! | Sakar Murli Churnings 27-03-2020

The spiritual nature-cure to become ever healthy, wealthy & happy! | Sakar Murli Churnings 27-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि सबसे बड़ी अथॉरिटी बापदादा हमे सम्मुख आकर श्रीमत दे रहे (श्रेष्ठ देवता लक्ष्मी-नारायण बनाने, स्वर्ग के)… तो त्रिकालदर्शी बन ड्रामा पर अटल रह, अपने को अविनाशी-बिन्दी आत्मा समझ बहुत लव से निराकार पतित-पावन बाबा को याद कर पवित्र-सतोप्रधान-खुशी-चढ़ती कला में आ जाए… इस नाजुक समय में अपना सबकुछ सफल कर रूहानी हॉस्पिटल-कम-यूनिवर्सिटी द्वारा सबको एवर हेल्थी-वेल्थी-हैप्पी बनाते रहे


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Becoming a perfect & complete angel! | Sakar Murli Churnings 26-03-2020

Becoming a perfect & complete angel! | Sakar Murli Churnings 26-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि बाबा ब्रह्म-सिंहासन को छोड़ ब्रह्मा-तन के सिंहासन में आए हैं, हमें परिस्तान-शिवालय का मालिक बनाने ज्ञान-वर्षा कर रहे… तो उन्हें बहुत लव से याद कर (स्वयं को बिन्दी-स्टॉर-छोटी आत्मा समझ) पावन बन, धारणा मूर्त बन-सबको बनाते (रहमदिल बन), ऊँच पद पाए… सम्पूर्ण पवित्र दृष्टि अवश्य रखे (लड़ाई-संगदोष से भी परे), ऐसी एकरस अवस्था हो (देखते हुए नहीं देखना), हमें तो परफेक्ट-सम्पूर्ण फ़रिश्ता सो देवता बनना है


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Making spiritual efforts with happiness! | Sakar Murli Churnings 25-03-2020

Making spiritual efforts with happiness! | Sakar Murli Churnings 25-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि स्वयं सद्गति-दाता भगवान् सम्मुख आकर हमें सुखधाम के परम-सुखी देवता बनाते… तो बहुत खुशी से ज्ञान-योग (स्वदर्शन-चक्रधारी बन लिफ्ट में बैठ, जागती ज्योत-माशुक बाबा को याद) से चढ़ती-कला द्वारा सबको आप-समान बनाते रहे (भ्रमरी-समान)


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Signs of soul-conscious souls! | Sakar Murli Churnings 24-03-2020

Signs of soul-conscious souls! | Sakar Murli Churnings 24-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

देही-अभिमानी बहुत लव से बाबा को याद कर, शीतल-सुखदाई-धारणा मूर्त मीठी चलन वाले खुशी-अतीन्द्रिय सुख से सम्पन्न होंगे (उन्हें नशा होगा भगवान् हमे पढ़ाते, श्रीमत पर चलेंगे)… रूहानी सर्विस पर तत्पर रहेंगे (चाहे चिन्तन कर भाषण करना-ब्रह्मा भोजन-सेंटर ज़माना-चित्र बनाना आदि).. वही बाबा के दिल पर चढ़ ऊँच पद पाएंगे (स्वर्ग की बादशाही में, देवता-रूप में)


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Being most lovely! | Sakar Murli Churnings 23-03-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

Being most lovely! | Sakar Murli Churnings 23-03-2020

जबकि स्वयं सद्गति-दाता भगवान् हमें adopt कर ज्ञान-वर्षा कर एक सत्य मत देते, तो अभी मोस्ट-लवली बन सबका कल्याण करने लिए… अपने को निराकार-आत्मा समझ निराकार पतित-पावन मोस्ट-लवली सुख शान्ति सागर परमात्मा को याद कर सतोप्रधान-दिव्यगुण सम्पन्न-क्षीरखण्ड बन, स्वर्ग में ऊँच पद पाए


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Being the Master of our Creations! | Avyakt Murli Churnings 22-03-2020

Being the Master of our Creations! | Avyakt Murli Churnings 22-03-2020

1. हम मास्टर-रचता को:

  • अपनी पहली रचना, देह के मालिक बनना है (आकर्षित-वशीभूत नहीं), तब ही विश्व के मालिक बनेंगे… देह के सम्बंध में न्यारा-प्यारा, और संस्कार में निर्मान-निर्माण
  • सबके स्नेह-सम्पर्क में आशीर्वाद-शुभ भावना कमाना… सबको अपनापन-दाता मेहसूस हो (शान्ति-प्रेम सुख-आनंद उमंग-उत्साह हिम्मत-सहयोग के)

2. (मधुबन-निवासीयों से)… जबकि हम कमाने-खाने की मेहनत (वा सामना-समाना-बगुलों) से परे है, आराम है (बाबा से ही पढ़ना, और यज्ञ-सेवा)… तो बाप-समान स्टेज बनाना, सदा सन्तुष्ट रहना-करना (औरों को भी मेहसूस हो), न disturb होना-करना (औरों को न देख स्वयं को देखना)

पार्टियों / प्रश्न-उत्तर

  • संगठन की शक्ति किला है (जिसके लिए सदा regard देना-लेना)
  • सुनने-करने की समानता से सम्पंन-सम्पूर्ण बनने के example देने में पहले हम
  • गुणमुर्त बन, ज्ञान-गुण-शक्तियों के महादानी बन, हर सम्पर्क में देना (उनको नहीं देखना)
  • अमानत – – > अनासक्त – – > रूहानियत
  • हम भय-चिंता से मुक्त बेफिक्र-शुभ चिन्तक-सुख में है
  • अकाले-मृत्यु की सीजन में अकाल-मूर्त बन सबको शुभ-चिन्तक बन सुख-शान्ति देना

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