Becoming full of happiness, in this return journey! | Sakar Murli Churnings 10-04-2020

Becoming full of happiness, in this return journey! | Sakar Murli Churnings 10-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि अब नाटक पूरा हो हम वापिस शान्तिधाम-घर जा रहे (फिर नई सतयुगी-दुनिया सुखधाम में आएंगे)… तो सदा और चीजों से परे अपने को आत्मा समझ निराकार-बिन्दी सुख-कर्ता बाबा को याद कर विकर्म विनाश-पावन हो, खुश-हर्षित-दिव्यगुण सम्पन्न बन… टीचर बन सबको आप-समान बनाकर बाबा के दिल पर चढ़े रहे


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The true earnings, becoming 100% pure! | Sakar Murli Churnings 09-04-2020

The true earnings, becoming 100% pure! | Sakar Murli Churnings 09-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि यह मोस्ट-वैल्युबुल समय चल रहा (हम सुखधाम जा रहे)… तो छोटी बातें (ठंडी-गर्मी) से परे रह, योगबल (देही-अभिमानी बन एक बाबा की याद से विकर्म-विनाश करना, फोलो फादर, भोजन पर भी याद) द्वारा… पावन बन-सबको पावन बनाकर स्वर्ग (लक्ष्मी-नारायण के राज्य) स्थापना के कार्य में मददगार जरूर बनना है (हम सारे चक्र को जानते, बाकी समय थोड़ा है)… सच्ची कमाई अवश्य करनी


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Igniting the light within! | Sakar Murli Churnings 08-04-2020

Igniting the light within! | Sakar Murli Churnings 08-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि एवर-प्योर बाबा आए है हमारी बुझी आत्मा-ज्योति जगाने, हमें सिर्फ देही-अभिमानी बन याद द्वारा उनकी करंट से पावन-सतोप्रधान बन वर्से के मालिक बनना है (सुखधाम-स्वर्ग में सम्पूर्ण सुख-शान्ति सम्पन्न देवता)… सबको बाबा का परिचय देते रहना (कैसे हम-बाबा बिन्दी है), नई-नई पॉइंट्स को धारण कर खुशी-दिव्यगुणों से सम्पन्न बन!


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Our wonderful engagement with the Supreme! | Sakar Murli Churnings 07-04-2020

Our wonderful engagement with the Supreme! | Sakar Murli Churnings 07-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जितना देही-अभिमानी हो बाबा-साजन से वफादार रहते (हमारी सगाई हुई है!), उतना उस ऑलमाइटी-सर्वशक्तिमान की ताकत से हमारा ऊँच पद बनता… साथ में योगयुक्त-निर्भय-अडोल हो सेवा करना (आवेश-तमन्ना से परे… कर्मातीत की ओर बढ़ते), अच्छे से सेवा करनी है


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Experiencing God’s love through inculcation of divine virtues! | Sakar Murli Churnings 06-04-2020

Experiencing God’s love through inculcation of divine virtues! | Sakar Murli Churnings 06-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जो बच्चे अच्छे से ज्ञान-रत्नों को पढ़, अपने को आत्मा-राही समझ मोस्ट-बिलवेड बाबा को याद कर पावन-सतोप्रधान दिव्यगुण-सम्पन्न खुश बनने वाले फरमानवरदार है (अपने पर रहम करनेे वाले, माया की मत-श्राप से परे)… वही बाबा की दिल पर चढ़ उनकी गोद में रह, औरों का भी कल्याण करते, स्वर्ग-परिस्तान की बादशाही में ऊँच पद पाते


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The beauty of Follow Father! | Avyakt Murli Churnings 05-04-2020

The beauty of Follow Father! | Avyakt Murli Churnings 05-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

1. हम सर्व-स्नेही बच्चों के स्नेह का respond देने, विदेही बाप हमे भी आप-समान विदेही बनाते (करावनहार बन कर्म कराने वाले)… यही फॉलो फादर है:

  • शिवबाबा को फोलो करना अर्थात्‌… विदेही-अशरीरी-निराकारी भव
  • ब्रह्मा-बाप को फोलो करना अर्थात्‌… आकारी-अव्यक्त-फरिश्ता भव

लौकिक में भी फोलो सहज है… हर प्रश्न (धन-सम्बंध-आदि) का उत्तर है साकार-बाबा का जीवन (यही computer है)…. जिससे सदा प्रसन्न-चित्त रहते

2. इस रथ को आदि समय से भोले-इनोसेन्ट स्वभावजीवन कारण बाप-समान पार्ट बजाने का वरदान मिला था, यही रथ नून्ध है

3. सेवाधारी अर्थात्‌:

  • मास्टर सर्वशक्तिमान की स्व-स्थिति द्वारा आगे बढ़ते-बढ़ाते
  • श्रेष्ठ त्याग के प्रत्यक्षफल भाग्य द्वारा उड़ते-उड़ाते
  • सेवा द्वारा जन्म-जन्म लिए सम्पन्न बन रहे, इसी स्मृति की खुशी से अथक
  • शक्तिशाली वायुमण्डल द्वारा बाप-समान क्वालिटी बनने-बनाने वाले
  • स्वयं-सम्बन्ध-सेवा से सन्तुष्ट रह, सन्तुष्टता की किरणों द्वारा तीनों सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले

4. कुमार अर्थात्‌ कमज़ोरी को तलाक दे समर्थ बनने वाले… बाबा-परिवार के प्रिय, सबके श्रेष्ठ कर्म की रेखा खिंचवाने वाले (याद-सेवा से ही आगे बढ़ते)


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Ensuring conviction on family, by empowering the mind through spiritual efforts! | Baba Milan Murli Churnings 03-04-2020

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1. हम स्नेह-लगन से बाप-समान समर्थ बन रहे, बाबा भी वाह-वाह कर हमे सिरताज कह आगे बढ़ाते… हमारे जीवन का फाउण्डेशन ही है निश्चय, जिससे विजयी होते… चारों निश्चय:

  1. बाबा पर निश्चय… सबको अटूट है ही (तब तो उनके बने-मिलने आए)… मैं बाबा का बाबा मेरा, इस स्मृति द्वारा बाबा-सर्व खजानो के अधिकारी बन गए
  2. स्व पर निश्चय… हम बाप-समान स्वमान-धारी, स्वराज्य अधिकारी, कोटों में कोई है (कितने स्वमान-टाइटल स्वयं भगवान् ने हमे दिए है)… इनकी स्मृति में खुशी-भाग्य-नशे में उड़ते रहते (जो चेहरे-चलन में भी दिखता), सदा विजयी-सफल रहते
  3. ड्रामा पर निश्चय… जिससे समस्या भी परिवर्तन हो समाधान होती, हम अचल-अडोल रहते… कल्प-पहले भी सफल हुए थे, अब भी और सदा रहेंगे (इस नशे में रहना है)
  4. परिवार पर निश्चय… जबकि स्वयं भगवान् ने यह परिवार दिया है, सबसे बड़ा परिवार, जो 21 जन्म साथ चलेगा… भिन्न संस्कार भल हो (माला हमारा ही यादगार है, एक बाप-परिवार-राज्य), बड़ी दिल-शुभ भावना से चलना… क्योंकि भल बाबा सकाश देते, परन्तु साकार साथी तो परिवार ही है, इसलिए संस्कार मिलाकर कल्याण-भाव से चलना है (ऐसे बाप-समान नॉलेजफुल-साक्षी ही फर्स्ट आते, सदा स्वभाव-संस्कार क्यों-क्या की गलतियों से परे, कैसे के बदले ऐसे)… छोड़कर तो जाना नहीं, उन्हें भी आप-समान बनाना है (हमारा ही ईश्वरीय-परिवार है)

एक भी निश्चय में कमी है, तो हलचल होंगी, इसलिए सदा वाह-वाह… समय की समीपता प्रमाण प्रकृति पर बोझ बहुत है, माया भी जाने बाली है (हम ही उसका आह्वान करते), इसलिए अब एवर-रेडी बनना है

2. परिवार पर निश्चय ही मुख्य सब्जेक्ट है… जबकि बाबा लास्ट बच्चे की भी विशेषता देखते (सदा मीठे-मीठे मेरे कहते, महात्मा से भी ऊँच समझते), ब्रह्मा-बाबा ने भी कितना बड़ा संगठन सम्भाला (भागन्ती भी कुछ हुए)… तो जबकि हमारा दोनों बाबा पर 100% प्यार हैं (तो दिन में 12-12 बार शिवबाबा-समान निराकारी-स्वरुप, ब्रह्मा-बाबा समान फरिश्ता स्वरुप में स्थित होना)… कोई के कैसे भी संस्कार हो, हमारे संस्कार तो अच्छे है ना

3. बहुतकाल का अभ्यास ही अचानक के लिए एवर-रेडी बनाता … तीव्र-पुरुषार्थ द्वारा कारण को निवारण कर, सबको तीव्र-सन्देश दे मुक्ति-जीवनमुक्ति का वर्सा दिलाना है

4. (यादप्यार)… हम स्नेही-सब बातों में सहयोगी, लवलीन है… समय-संकल्प के अमूल्य ख़ज़ाने को बाबा के कार्य में लगाकर प्रालब्ध बनाने वाले तीव्र-पुरूषार्थी… सर्व गुण-शक्तियों को जीवन में लाकर गुण-शक्ति सम्पन्न बनने वाले

सार (चिन्तन)

जबकि हम दिन में 12-12 बार बाप-समान निराकारी वा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करने वाले है… तो सदा स्वयं को स्वमान-धारी स्वराज्य-अधिकारी अनुभव कर, मेरा बाबा की स्मृति द्वारा सर्व गुण-शक्ति-खजानों से सम्पन्न बन… हर समस्या का समाधान कर, परिवार में बड़ी दिल-शुभ भावना-कल्याण भाव से चलते, चारों ही प्रकार के निश्चयबुद्धि-विजयी बन… ऐसे बहुतकाल एवर-रेडी हो, सबको भी मुक्ति-जीवनमुक्ति का वर्सा दिलाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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Finishing all past sins, through the love of One! (God) | Sakar Murli Churnings 03-04-2020

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मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि 63 जन्मों के पाप हम आत्माओं के सिर पर है, तो एक बाबा से ही दिल लगाकर उस पतित-पावन की अव्यभिचारी याद-योग द्वारा सभी विकर्म विनाश कर पावन बने (झूठ-धोखा-दुःख-सुनी सुनाई बातों से परे, एक बाबा से ही सुनते, ज्ञान-योग की बाते करते)… जिसको सहज करने अच्छे से मुरली पढ़ते-मंथन करते (बाबा ने हमे स्वदर्शन चक्रधारी बना दिया है), सबकी सेवा करते रहें (योग-धारणा-सेवा का चार्ट रखते)… ऊँच पद जरूर पाए


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Experiencing the drums of happiness, by insuring ourself through God’s remembrance! | Sakar Murli Churnings 02-04-2020

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मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि बाबा हम सौभाग्यशाली-ईश्वरीय संतानो को अनेकानेक जन्मों लिए अमर बनाने आए हैं (मुफ्त insurance), अमरलोक-वर्से के मलिक… तो अन्तर्मुखी हो आत्मिक स्थिति-दृष्टि का अभ्यास करते, अपने अति मीठे-प्यारे सुप्रीम पतित-पावन बिन्दी-बाबा को लम्बा-समय याद कर, पावन-खुशी से भरपूर बन… योग में रहकर रूहानी-सेवा कर (खुदा की दी हुई सेवा करने वाले हम खुदाई खिदमतगार है) बल प्राप्त करते, ऊँच पद पाए


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Avoiding making ourself an April Fool! | मिया मिट्ठू | Sakar Murli Churnings 01-04-2020

Avoiding making ourself an April Fool! | मिया मिट्ठू | Sakar Murli Churnings 01-04-2020

मुरली सदा क्लास में पूरी सुननी चाहिए… अतः इस लेख का सिर्फ यह उद्देश्य है, कि मुरली सहज याद रहे, ताकि सारा दिन उसका अभ्यास-धारण करना सहज हो जाए… लेकिन मुरली पहले क्लास में ही सुननी है

सार

जबकि सुखदाई-बाबा हमे सम्पूर्ण सुखी-जीवनमुक्त पावन-देवता बनाने आए है (हम सीताओं को रावण-विकारों से छुड़ाने)… तो खुशी से पढ़, सदा अपने को बिन्दी-स्टाॅर आत्मा समझ सत्-चैतन्य पतित-पावन बिन्दी-परमात्मा को याद कर पावन-सतोप्रधान बन जाए (हमें 16 कला तक जाना हैं, इसलिए मिया-मिट्ठू नहीं बनना)… और सेवा कर ऊँच पद पाना है (हम इस पूरे हार-जीत के खेल को जानते)

चिन्तन

जबकि 16 कला सम्पूर्ण देवता बनना कितनी ऊँची-wonderful मंजिल है, तो अपने को ही मिया-मिट्ठू अप्रैल-फूल बनाने के बदले… सदा ‘तीव्र-पुरूषार्थी भव’ के वरदानी-स्वरुप बन, मन के संकल्पों को धैर्यवत-आत्म अभिमानी रख… “मैं पवित्रता के सागर की सन्तान हूँ” स्मृति द्वारा बाबा से पवित्रता की शक्ति लेते रह, स्वतः सभी कमजोरीयों से परे शान्ति-प्रेम-आनंद से भरपूर सर्व-प्राप्ति-सम्पन्न बनते-बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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