Answers from Sakar Murli 26-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-11-2020*

1. किसी व्यक्ति, वस्तु व वैभव के प्रति आकर्षित होना ही कम्पैनियन बाप को संकल्प से _____ देना है।
° _तलाक_

2. जिनका बुद्धियोग बिल्कुल वाइसलेस रिफाइन है-ऐसे भाग्यवान बच्चे सहज ही तीनों लोकों का ___ कर सकते। सूक्ष्मवतन तक अपने संकल्प पहुंचाने के लिए सर्व सम्बन्धों के ____ वाली ____ याद चाहिए। यही सबसे पावरफुल ____ है, इसमें माया इन्टरफियर नहीं कर सकती। तो सूक्ष्मवतन की रौनक का अनुभव करने लिए स्वयं को _____ की शक्ति से सम्पन्न बनाओ।
° _सैर_, _सार_, _महीन_, _तार_, _वाइसलेस_

3. सतयुग में तो चीज़ें ही ऐसी अच्छी बनेंगी जो ____ का नाम ही नहीं। तुम्हारे लिए बहुत ____ चाहिए। तुम जानते हो कि यह दुनिया भी पहले नई है तो वहाँ हर चीज़ _____ फर्स्टक्लास होती है। ____ सम्पन्न यह लक्ष्मी-नारायण हैं ना। तुम सम्पूर्ण बनते हो तो तुम्हारे लिए फिर सृष्टि भी ऐसी ही चाहिए, इसलिए शरीर भी तुम्हारे नेचुरल _____ होते हैं। यह सारी ____ 16 कला सम्पूर्ण बन जाती है।
° _टूटने_, _सुख_, _सतोप्रधान_, _सर्वगुण_, _ब्युटीफुल_, _दुनिया_

4. अभी तुम्हारे दिल में आता है, हम विश्व का मालिक बनेंगे, कितनी ____ होनी चाहिए। अन्दर बैठ यह ___ जपो फिर तुमको इस दुनिया में कुछ भासेगा नहीं। यहाँ तुम आते ही हो – विश्व का मालिक बनने – _______ द्वारा। बाप कहते हैं तुमको विश्व का मालिक बनाता हूँ। फिर तुम माया के ____ बन जाते हो।
° _खुशी_, _जाप_, _परमपिता परमात्मा_, _दास_

5. अवस्था की परख किस समय होती है? *अच्छी अवस्था* किसकी कहेंगे?
° अवस्था की परख बीमारी के समय होती है। *बीमारी में भी खुशी* बनी रहे और *खुशमिज़ाज़ चेहरे* से सबको *बाप की याद दिलाते* रहो, यही है अच्छी अवस्था। (अगर खुद रोयेंगे, उदास होंगे तो दूसरों को खुशमिज़ाज़ कैसे बनायेंगे? कुछ भी हो जाए – रोना नहीं है।)

6. मीठे बच्चे – अपने _____ सुधारने के लिए याद की यात्रा में रहना है, बाप की याद ही तुम्हें सदा ______ बनायेगी। _____ भी बड़ी होती है एक की याद से। बाप कहते हैं मुझे याद करो तो सम्पूर्ण _____ बन जायेंगे और फिर _____ में पिरो जायेंगे। यह है रेस।
° _कैरेक्टर्स_, _सौभाग्यशाली_, _आयु_, _निर्विकारी_, _विजय माला_

7. जब सामने योग में बिठाते हो तो भी ____ दिलानी है – आत्म-अभिमानी हो बैठो, बाप को याद करो। ___ मिनट बाद फिर बोलो। बहुतों की बुद्धि बाहर चली जाती है इसलिए ____ करना चाहिए। तो खुद का भी ____ रहेगा। बाबा यह सब ____बतलाते हैं।
° _याद_, _5_, _सावधान_, _अटेन्शन_, _युक्तियां_

8. यह तो हैं ____ रत्न। याद को रत्न नहीं कहा जाता। 84 जन्मों का ____ तुम्हारे सिवाए और कोई समझा न सके। जो पहले-पहले आते होंगे उनके ही 84 जन्म होंगे। सतयुग में _____ ही आते हैं।
° _ज्ञान_, _चक्र_, _देवी-देवता_

9. 84 जन्म तो *सभी नहीं लेंगे* ना। इसका बाबा ने कौन-सा कारण सुनाया?
° *एक साथ सब थोड़ेही आयेंगे* और शरीर छोड़ेंगे। यह हो नहीं सकता। (भगवानुवाच भी है कि तुम अपने जन्मों को नहीं जानते हो, भगवान ही बैठ समझाते हैं।)

10. *नम्बरवन सब्जेक्ट* कौन-सी है?
° सारा मदार पढ़ाई और याद पर है। उसमें भी *नम्बरवन है याद*। (डिफीकल्ट सब्जेक्ट पर मार्क्स जास्ती मिलती हैं। उनका प्रभाव भी होता है। उत्तम, मध्यम, कनिष्ट सब्जेक्ट होती हैं ना। इनमें हैं दो मुख्य।)

11. तुम बच्चों को इतना ____ नहीं है। जो अच्छी मेहनत करते हैं, ____ का पारा चढ़ता रहता है। शक्ल भी _____ रहती है। पुरूषार्थ करते-करते तुम्हारी प्रालब्ध जब नज़दीक होगी तो फिर बहुत _____ होते रहेंगे। खुशी में रहेंगे।
° _नशा_, _खुशी_, _खुशनुम:_, _साक्षात्कार_

12. पहले तो खुद को देखना है कि मैं कहाँ तक ____ करता हूँ? कितना ___ करता हूँ? मेरे ____ कैसे हैं? अगर मेरे में ही रोने की आदत है तो दूसरे को ____ कैसे बना सकता हूँ?
° _धारणा_, _याद_, _कैरेक्टर्स_, _खुशमिज़ाज़_

13. बाप ने ____ दिया है। पैगम्बर-मैसेन्जर एक शिवबाबा है, दूसरा कोई है नहीं। मैं आता ही उसमें हूँ जो ____ 84 जन्म लेते हैं। एक दिन भी कम नहीं। बाबा की याद से ही तुम उस ____ चले जायेंगे। गाते भी हैं खिवैया, ____ मेरी पार लगाओ।
° _पैगाम_, _पूरे_, _पार_, _नईया_

14. आगे चल बड़े-बड़े ____ आयेंगे। तुमको मदद देते रहेंगे। एक दिन तुमको बड़े-बड़े कॉलेज, युनिवर्सिटी में ____ करना होगा कि यह सृष्टि का चक्र कैसे फिरता है। गोल्डन एज से आइरन एज तक सृष्टि की ______हम बता सकते। कैरेक्टर्स के ऊपर तो तुम बहुत समझा सकते हो। इन _____ की महिमा करो। भारत कितना पावन था, दैवी कैरेक्टर्स थे। हम आपको श्रीकृष्ण के 84 जन्मों की ____ सुनायें, जो और कोई सुना न सके।
° _धनवान_, _भाषण_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _लक्ष्मी-नारायण_, _कहानी_

15. तुम्हारा है यह प्रवृत्ति मार्ग। तुम्हारा पहले-पहले पवित्र ____ धर्म था। अभी है विशश फिर वाइसलेस वर्ल्ड बनेगा। इन बातों को तुम _____ करते रहो तो भी बहुत खुशी रहेगी। हम ही ____ लेते हैं फिर गॅवाते हैं। हीरो-हीरोइन कहते हैं ना। हीरे जैसा ___ लेकर फिर कौड़ी जैसे जन्म में आते हैं। अभी बाप कहते हैं – तुम कौड़ियों पिछाड़ी ___ वेस्ट मत करो।
° _गृहस्थ_, _सिमरण_, _राज्य_, _जन्म_, _टाइम_

16. जब तक ____ अवस्था हो जाए तब तक कुछ न कुछ निशानी रहेगी। आत्मा ____ हो जाती है फिर तो शरीर छोड़ना पड़े। वह _____ तुमको धारण करनी है। अभी तुम वापिस जाए फिर नई दुनिया में आने के लिए ____ करते हो। तुम्हारा _____ ही यह है कि हम जल्दी-जल्दी जायें, फिर जल्दी-जल्दी आयें।
° _कर्मातीत_, _पवित्र_, _अवस्था_, _तैयारी_, _पुरूषार्थ_

17. *नम्बरवन पुरूषार्थ* कौन-सा है?
° नम्बरवन यह पुरूषार्थ है – *अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो*। (हम आत्मा हैं, जाते हैं अपने घर। फिर आकर राज्य करेंगे।)

18. बाबा ने किसे *कड़ी बीमारी* कहा?
° *अपने को शरीर समझना* – यह भी एक कड़ी बीमारी है इसलिए ही सब रसातल में चले गये हैं। (उनको फिर सैलवेज करना है।)

19. तुमको बाबा सब बता देते हैं, नहीं तो फिर बहुत पछताना पड़ेगा। तो *सजाये* किस विधि से मिलेंगी?
° अपने भविष्य का *साक्षात्कार* करेंगे, हम क्या बनेंगे? दिखलायेंगे यह-यह विकर्म आदि किये हैं। पूरा पढ़े नहीं, ट्रेटर बनें, इसलिए यह सज़ा मिलती है। (सब साक्षात्कार होगा। बिगर साक्षात्कार सज़ा कैसे देंगे? कोर्ट में भी बताते हैं – तुमने यह-यह किया है, उसकी सज़ा है।)

Answers from Sakar Murli 24-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-11-2020*

1. अपने श्रेष्ठ ____ के प्रत्यक्ष प्रमाण द्वारा बाप को प्रत्यक्ष करो।
° _जीवन_

2. जो हर परिस्थिति में स्वयं को ____ कर स्व परिवर्तक बनते हैं वह सदा सफल होते हैं। दूसरा बदले या न बदले मुझे बदलना है, हे ____ मुझे बनना है। जो सदा परिवर्तन करने में पहले मैं करता वही पहला ____ हो जाता क्योंकि स्वयं को ____ करने वाला ही रीयल गोल्ड है। रीयल गोल्ड की ही ____ है।
° _परिवर्तन_, _अर्जुन_, _नम्बर_, _मोल्ड_, _वैल्यु_

3. जैसे वो लोग *मून पर प्लाट* लेने की कोशिश करते हैं, तुम फिर…… क्या?
° *स्वर्ग में प्लाट ले रहे* हो। (जितना-जितना *ज्ञान* और *योग* में रहेंगे उतना *पवित्र* बनेंगे। यह है *राजयोग* , कितनी बड़ी राजाई मिलती।)

4. यह लक्ष्मी-नारायण हैं नई दुनिया के ____ । ____ राज्य और रावण राज्य गाया जाता है ना। तुम जानते हो वहाँ कितना ____ होगा। इन लक्ष्मी-नारायण का राज्य था ना। नाम ही है ____ । 100 परसेन्ट _____ ।
° _मालिक_, _राम_, _सुख_, _स्वर्ग_, _सालवेन्ट_

5. बाप कहते हैं मैं जो हूँ, जैसा हूँ, कोई ____ ही समझते हैं। जो अच्छे _____ हैं उनको बड़ा अच्छा नशा रहता है। याद के पुरूषार्थी को ____ नशा चढ़ेगा। मूल बात है ही _____ बनने की। तुम अब ____ बन रहे हो।
° _विरला_, _पुरुषार्थी_, _रीयल_, _पावन_, _फरिश्ते_

6. तुम बच्चों को कितनी ____ रहनी चाहिए। अब स्वर्ग बन रहा है, उसके लिए हमको _____ जरूर बनना है। ____ गुण भी धारण करने हैं इसलिए बाबा कहते हैं ____ जरूर लिखो। कोई आसुरी एक्ट तो नहीं किया? अपने को ____ पक्का समझो। अब बाप कहते हैं बच्चे खूब मेहनत करो। ____ मिलती है, कम बात थोड़ेही है।
° _खुशी_, _पवित्र_, _दैवी_,
_चार्ट_, _आत्मा_, _राजाई_

7. *रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप* बैठ समझाते हैं। अर्थात्‌ क्या? _(बाबा ने यह बात और एक अंदाज से सुनायी!)_
° रूहानी बच्चे माना *आत्मायें* । रूहानी बाप माना *आत्माओं का बाप* । इसको कहा जाता है आत्माओं और परमात्मा का *मिलन* । यह मिलन होता ही है *एक बार* । यह सब बातें तुम बच्चे जानते हो। (यह है विचित्र बात। विचित्र बाप विचित्र आत्माओं को समझाते हैं। वास्तव में आत्मा विचित्र है, यहाँ आकर चित्रधारी बनती है। चित्र से पार्ट बजाती है।)

8. “मीठे बच्चे – तुमने ___ सहन करने में बहुत टाइम वेस्ट किया है, अब दुनिया बदल रही है, तुम बाप को ____ करो, ____ बनो तो टाइम ____ हो जायेगा”
° _दु:ख_, _याद_, _सतोप्रधान_, _सफल_

9. *21 जन्मों के लिए लॉटरी* प्राप्त करने का पुरुषार्थ क्या है?
° 21 जन्मों की लॉटरी लेनी है तो मोहजीत बनो। *एक बाप पर पूरा-पूरा कुर्बान* जाओ। सदा यह स्मृति में रहे कि अब यह पुरानी दुनिया बदल रही है, हम नई दुनिया में जा रहे हैं। (इस पुरानी दुनिया को देखते भी नहीं देखना है। सुदामा मिसल चावल मुट्ठी सफल कर सतयुगी बादशाही लेनी है।)

10. अभी तुम बच्चे जानते हो कि ____ से हम अपने लिए इस दुनिया को बदला रहे हैं। श्रीमत है ही एक ____ की। पतित-पावन सर्व का _____ दाता एक ही बाप है। बाप तो है ____ फिर कैसे लिबरेट करते हैं? दुनिया बदलती है तो जरूर ____ में आयेंगे तब तो पता पड़ेगा। पहले-पहले शिव की ही _____ पूजा होती है।
° _श्रीमत_, _शिवबाबा_, _सद्गति_, _निराकार_, _एक्ट_, _अव्यभिचारी_

11. श्रेष्ठ जन्म तो तुमको नई दुनिया में मिलना है, फिर भी ____ अनुसार जाकर वह बनेंगे। जन्म भी जरूर ____ में लेंगे। तुम्हारे जैसा ___ करने वाला तो कोई होगा नहीं। जैसी _____ , वैसा जन्म।
° _संस्कार_, _भारत_, _कर्म_, _पढ़ाई (और सर्विस)_

12. बाबा से तुम क्या लेते हो? ____ की बादशाही। जितना हो सके ____ खोलते जाओ। बहुतों का ____ करो। तुम्हारी 21 जन्मों की ____ हो रही है। तुम्हारे पास आयेंगे भी बहुत। ____ में कितने आते हैं।
° _स्वर्ग_, _सेन्टर्स_, _कल्याण_, _कमाई_, _प्रदर्शनी_

13. बाबा का ____ देना कोई कम बात थोड़ेही है। कोई-कोई के ____ खड़े हो जायेंगे। अगर ऊंच ___ पाना होगा तो पुरुषार्थ करने लग पड़ेंगे। बच्चों की ____ से तलाब होता है।
° _परिचय_, _रोमांच_, _पद_, _बूंद-बूंद_

14. कोई-कोई *एक रूपया* भी भेज देते हैं। बाबा एक ईट लगा दो। सुदामा की मुट्ठी चावल का गायन है ना। तो बाबा का उत्तर?
° बाबा कहते हैं तुम्हारे तो *यह हीरे-जवाहर हैं*। हीरे जैसा जन्म सबका बनता है। (तुम भविष्य के लिए बना रहे हो। तुम जानते हो यहाँ इन ऑखों से जो कुछ देखते हैं, यह पुरानी दुनिया है। यह दुनिया बदल रही है। अभी तुम अमरपुरी के मालिक बन रहे हो।)

15. सौदा तो अच्छा है ना। मनुष्य थोड़ेही जानते हैं, ___ -गर, ___ -गर, ___ -गर नाम क्यों पड़ा है। रत्नागर है ना, अविनाशी ज्ञान रत्न एक-एक ____ वर्शन्स हैं। इस पर ____ की कथा है ना। तो ____ पिछाड़ी अपना अमूल्य समय बरबाद न कर श्रीमत से जीवन श्रेष्ठ बनानी है।
° _सौदा_, _रत्ना_, _जादू_, _अमूल्य_, _रूप-बसन्त_, _कौड़ियों_

16. बहुत बड़ा *प्रलय* क्यों नहीं हो सकता? _(बाबा ने एक अनोखा कारण सुनाया)_
° गाया जाता है *वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट* तो प्रलय हो न सके। (तुम्हारे दिल में है कि अभी यह पुरानी दुनिया बदल रही है।)

17. कोई-कोई अक्षर ठीक हैं। तो *‘प्राय:’-लोप* अर्थात्‌ क्या?
° अभी देवी-देवता धर्म है नहीं, बाकी *चित्र* हैं।

Answers from Sakar Murli 27-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-11-2020*

1. बाप से कनेक्शन ठीक रखो तो सर्व _____ की करेन्ट आती रहेगी।
° _शक्तियों_

2. संगम पर भाग्य बनान लिए ____ रूपी चाबी 🗝️ मिलती। चाबी लगाओ और जितना चाहे उतना _____का खजाना लो। चाबी मिली और _____ बने, उतना ______ स्वत: रहती। ऐसे अनुभव होता है जैसे खुशी का ____ अखुट अविनाशी बहता ही रहता है। उन्हें कोई _____ नहीं रहती।
° _नॉलेज_, _भाग्य_, _मालामाल_, _खुशी_, _झरना_, _अप्राप्ति_

3. वास्तव में यह सारा भारत गांव है, तुम गांव के ____ हो। अब तुम समझते हो हम विश्व के ___ बनते हैं। ____ भी स्वर्ग के आगे क्या है! कुछ भी नहीं। तो कितनी ____ रहनी चाहिए। नाम ही है स्वर्ग। कितने _______महलों में लगे रहते हैं। सतयुग में भारत बहुत मालामाल _____ था।
° _छोरे_, _मालिक_, _बाम्बे_, _खुशी_, _हीरे-जवाहरात_, _साहूकार_

4. बच्चों को तो बहुत ____ होनी चाहिए। बाप से हमको ____ मिलता है। सबको बोलो यहाँ वर्ल्ड की _____ समझाई जाती है। तुम मीठे-मीठे ____ को कोई जास्ती तकलीफ नहीं देते। बाप कहते हैं सिर्फ ____ बनना है। अब फिर बाबा आया है फिर से ____ -भाग्य देने।
° _खुशी_, _वर्सा_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _बच्चों_, _पावन_, _राज्य_

5. 🎶 गीत:-मुझको सहारा देने वाले, ये दिल कहे तेरा *शुक्रिया* …….. तो बाबा का जबरदस्त उत्तर? (2)
° “मीठे बच्चे – तुम *ड्रामा के खेल को जानते हो* इसलिए शुक्रिया मानने की भी बात नहीं है”
° तुम बच्चों को अपने *भाग्य पर शुक्रिया मानना चाहिए*। हम पदमापदम भाग्यशाली हैं।

6. बस हम ____ हैं, हमको बाप को याद करना है। याद की यात्रा में रहने से शरीर की जैसे _____ होती जाती। घण्टा भर भी ऐसे _____ होकर बैठो तो कितने पावन हो जाएं। हम आत्मा इस शरीर से न्यारी, _____ स्वरूप हैं। आत्मा सत् चित ____ स्वरूप है। परमात्मा सुख-शान्ति का सागर है, तुमको फिर कहेंगे ____ ।
° _आत्मा_, _विस्मृति_, _अशरीरी_, _शान्त_, _आनन्द_, _मास्टर_

7. *कौन-सा एक अक्षर* कहने से ही सारा खेल बुद्धि में आता, स्वदर्शन चक्रधारी आपेही बन जाते। (तीनों कालों, तीनों लोकों, आदि-मध्य-अन्त का राज़, वर्तमान समय आदि सब आ जाता)
° *खेल / ड्रामा*!

8. बाप आकर तुमको ____ -दर्शी बनाते हैं। तुम ____ -नेत्री बनते हो, ज्ञान का तीसरा नेत्र मिल जाता है। सबसे बड़ी बात है कि तुम ____ -स्तिक बन जाते हो । अब बेहद का बाप धणी मिला है तो _____ बने हैं। स्टूडेण्ट की बुद्धि में सदैव नॉलेज ____ होती है।
° _त्रिकाल_, _त्रि_, _आ_, _धणके_, _मंथन_

9. यह बातें किन्हें *स्मृति* में रहेंगी? (2)
° जो बच्चे *सर्विस में तत्पर* रहते हैं।
° समझा भी वह सकेंगे जो *याद की यात्रा* में होंगे। (याद से बल मिलता है ना। बाप है ही – जौहरदार तलवार। तुम बच्चों को जौहर भरना है। योगबल से विश्व की बादशाही पाते हो। बच्चों को समझाया है – नॉलेज सोर्स ऑफ इनकम है। योग को बल कहा जाता है।)

10. अब *योग अच्छा या ज्ञान* अच्छा?
° (वैसे तो दोनों अच्छा!) योग ही नामीग्रामी है। *योग अर्थात् बाप की याद* । बाप कहते हैं इस याद से ही तुम्हारे *पाप कट जायेंगे* । इस पर ही बाप ज़ोर देते हैं। (ज्ञान तो सहज है। भगवानुवाच – मैं तुमको सहज ज्ञान सुनाता हूँ, 84 के चक्र का।)

11. यह *गीत* आदि भी दिन-प्रतिदिन बंद होते जाते हैं। क्यों?
° *स्कूल में कभी गीत होते हैं क्या?* बच्चे शान्ति में बैठे रहते हैं। (टीचर आता है तो उठकर खड़े होते हैं, फिर बैठते हैं। यह बाप कहते हैं मुझे तो पार्ट मिला हुआ है पढ़ाने का, सो तो पढ़ाना ही है।)

12. तुम बच्चों को (क्लास में) *उठने की* भी दरकार नहीं। _(सही / गलत)_
° सही, *बच्चों को कहेंगे क्या तुम उठो*, यहां तो बाप खुद उठकर नमस्ते करते हैं। (यहाँ तो टीचर से भी डर की बात नहीं।)

13. मुरलियां मिलती रहती हैं। वह ____ पढ़नी है। मुरली पढ़ो तो तुम्हारी ____ मार्क पड़े। नहीं तो नई-नई ____ मिस हो जायेंगी। तुम्हारे ____ देखकर ही चक्रित हो जाते हैं। भगवान ने बनाये है। तुम्हारी यह ____ -शाला है नई। ब्राह्मण कुल के जो देवता बनने वाले होंगे उनकी ___ में ही बैठेगा।
° _रेग्युलर_, _प्रेजेन्ट_, _प्वाइंट्स_, _चित्र_, _चित्र_, _बुद्धि_

14. ____ रखने से समझ में आता है, इनका पुरूषार्थ जास्ती है। बाप हमेशा समझाते रहते हैं ___ रखो, तुमको बहुत फायदा होगा (पुरूषार्थ में मदद मिलेंगी)। _____ रखना माना बाप को याद करना। उसमें बाप की ____ लिखनी है। उसी ____ डायरी में लिखना चाहिए।
° _चार्ट_, _डायरी_, _डायरी_, _याद_, _समय_

15. सर्विसएबुल बच्चों में कौन-सी *आदत* बिल्कुल नहीं होनी चाहिए? (2)
° मांगने की। (तुम्हें बाप से आशीर्वाद या *कृपा आदि मांगन की जरूरत नहीं* है।)
° तुम किसी से *पैसा भी नहीं मांग सकते* । (मांगने से मरना भला। तुम जानते हो ड्रामा अनुसार कल्प पहले जिन्होंने बीज बोया होगा वह बोयेंगे, जिनको अपना भविष्य पद ऊंच बनाना होगा वह जरूर सहयोगी बनेंगे। तुम्हारा काम है सर्विस करना। तुम किसी से कुछ मांग नहीं सकते। भक्ति में मांगना होता, ज्ञान में नहीं।)

16. ______ के रिटर्न लिए सब कुछ दे देना अच्छा है ना। इनका तो नाम ____ भण्डारी है। तुम पुरूषार्थ करो तो ____ माला में पिरोये जा सकते हो, भण्डारा भरपूर काल कंटक दूर है। वहाँ कभी ____ मृत्यु नहीं होती। तुम ____ -पुरी में चलते हो।
° _जन्म-जन्मान्तर_, _भोला_, _विजय_, _अकाले_, _अमर_

Answers from Sakar Murli 28-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-11-2020*

1. वृत्ति द्वारा वायुमण्डल को ____ बनाना यही लास्ट का पुरूषार्थ व सर्विस है।
° _पावरफुल_

2. फाइनल रिजल्ट में फर्स्ट नम्बर लेने लिए :-1- दिल के अविनाशी _____ द्वारा बीती बातों को, संस्कार रूपी बीज को जला दो। 2-अमृतवेले से रात तक ईश्वरीय नियम-मर्यादाओं का सदा पालन करने का ____ लो 3-मन्सा वाणी सम्बन्ध सम्पर्क द्वारा _____ महादानी पुण्य आत्मा बनो। जब ऐसा श्रेष्ठ ____ जम्प देने वाला पुरूषार्थ हो तब ____ पंछी नम्बर वन बनेंगे।
° _वैराग्य_, _व्रत_, _निरन्तर_, _हाई_, _उड़ता_

3. हम ईश्वर के स्टूडेण्ट हैं। भगवानुवाच भी है, मैं तुमको ____ का ____ बनाने के लिए पढ़ाता हूँ। सतयुग में तो ____ की महिमा है, पहले लक्ष्मी फिर नारायण। वहाँ तो तुमको ____ इतनी मिलती है बात मत पूछो, मंजिल नहीं बनाते। वहाँ ____ भी अथाह पैदा होता है। वह है अमरलोक, आधाकल्प वहाँ तुम ____ में रहते।
° _राजाओं_, _राजा_, _माताओं_, _जमीन_, _अनाज_, _सुख_

4. बच्चे जानते हैं पढ़ाने वाला बाप सदैव ____ -अभिमानी है। वह है ही ____ -आकार, देह लेता ही नहीं है। ____ -जन्म में नहीं आते हैं। बाप समझाते हैं तुम बच्चों को _____ समान अपने को आत्मा समझना है। तुमको तो देह मिलती आई है, अब मेरे समान देह से ____ होना। सदैव बुद्धि में याद रहे हम ____ हैं, हमको बाबा पढ़ा रहे हैं।
° _देही_, _निर_, _पुनर्_, _मेरे_, _न्यारा_, _आत्मा_

5. बच्चों को किस एक बात में मेहनत लगती है लेकिन *खुशी और याद का वही आधार* है?
° *आत्म-अभिमानी* बनने में ही मेहनत लगती है लेकिन इसी से खुशी का पारा चढ़ता है, मीठा बाबा याद आता है। (माया तुम्हें देह-अभिमान में लाती रहेगी, रूसतम से रूसतम होकर लड़ेगी, इसमें मूंझना नहीं। बाबा कहते बच्चे माया के तूफानों से डरो मत, सिर्फ कर्मेन्द्रियों से कोई विकर्म नहीं करो।)

6. “मीठे बच्चे – तुम दिल से ____ – ____ कहो तो खुशी में रोमांच खड़े हो जायेंगे, खुशी में रहो तो ____ -जीत बन जायेंगे। यह भी तुम्हारी __ हुई।”
° _बाबा_, _बाबा_, _माया_, _यात्रा_

7. बाबा से हम ____ का वर्सा ले रहे हैं। बाबा हमको इस _____ रथ में आकर पढ़ाते हैं। तुम आधाकल्प के _____ हो।
° _स्वर्ग_, _भाग्यशाली_, _आशिक_

8. भक्ति मार्ग के मेले और इस अलौकिक मिलन-मेले में कौन-सा *रमणीक अन्तर* बाबा ने सुनाया?
° वास्तव में यह सब *मेले मैला* बनाने के लिए ही हैं। तुम्हारा *यह मेला है स्वच्छ बनने का* । (स्वच्छ बनने के लिए तुमको स्वच्छ बाप को याद करना है। पानी से कोई पाप नाश नहीं होते हैं।)

9. अभी तुम बच्चों को जाना है अपने ___ । तुम जानते हो अब यह बेहद का ____ पूरा होता है। बाबा आया हुआ है, हमको _____ बनाकर ले जाने। अब बाप कहते हैं – ____ -प्रधान बनो। अपने घर जाना है, ___ बनने बिगर तो घर जायेंगे नहीं। यही फुरना लगा रहे।
° _घर_, _नाटक_, _लायक_,
_सतो_, _पवित्र_

10. इस समय तुम संगम पर बैठे हो। यह उल्टा ____ है ना। ऊपर में है ____ । बाप कहते हैं इस _____ सृष्टि का बीज रचता मैं हूँ। अभी नई दुनिया की ______ कर रहे हैं। बाप देवी-देवता धर्म का _____ लगाते हैं ना।
° _झाड़_, _बीज_, _मनुष्य_, _स्थापना_, _सैपलिंग_

11. तुमको ही ____ करना है, बाप तो गांव-गांव में नहीं जायेंगे। तुम घर-घर में यह ____ रखो। 84 का चक्र कैसे फिरता है, ____ में बड़ा क्लीयर है। तुम बच्चों को तो यह ________ का चित्र घर-घर में रखना चाहिए, हम पढ़कर यह बन रहे हैं। तुम्हारा यह ____ अच्छी निशानी है, हम प्रिन्स बनते हैं, यह है ही प्रिन्स बनने की गॉडली युनिवर्सिटी।
° _भाषण_, _चित्र_, _सीढ़ी_,
_एम ऑब्जेक्ट (लक्ष्मी नारायण)_, _बैज_

12. तुम बच्चों को *विचार सागर मंथन* कर प्वाइंट निकाल समझाना पड़ता है, और *निडर* भी बनना है। बाबा यहां किस टॉपिक की बात कर रहे थे?
° तुम बच्चे अभी समझते हो *शिव-शंकर एक नहीं* है। (शिव तो है ऊंच ते ऊंच फिर ब्रह्मा-विष्णु-शंकर। ब्रह्मा है सूक्ष्मवतनवासी।)

13. स्त्री के सामने होते भी ____ दृष्टि रहे, समझना है शिवबाबा के ____ हम भाई-भाई हैं फिर प्रजापिता ____ की सन्तान होने से भाई-बहन हो गये। फिर विकार कहाँ से आया। _____ हैं ऊंच चोटी। जो ही फिर देवता बनते हैं तो हम _____ हैं। एक बाप के ____ कुमार-कुमारी।
° _पवित्र_, _बच्चे_, _ब्रह्मा_, _ब्राह्मण_, _बहन-भाई_, _बच्चे_

14. सतोप्रधान बनने के लिए _____ बनने की मेहनत करनी है, ज्ञान का _____ करना है, याद की ____ में रहना है।
° _आत्म अभिमानी_, _विचार सागर मंथन_, _यात्रा_

Answers from Sakar Murli 23-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-11-2020*

1. मान, शान और साधनों का त्याग ही ____ त्याग है।
_महान_

2. *त्रिकालदर्शी स्थिति* पर स्थित होकर कर्म करो तो व्यर्थ समाप्त हो जायेगा और सदा सफलतामूर्त बन जायेंगे। अर्थात्‌ क्या करना है?
° त्रिकालदर्शी स्टेज पर स्थित होना अर्थात् हर संकल्प, बोल वा कर्म करने के *पहले चेक करना कि यह व्यर्थ है या समर्थ है!* (व्यर्थ एक सेकण्ड में पदमों का नुकसान करता है, समर्थ एक सेकेण्ड में पदमों की कमाई करता है। सेकण्ड का व्यर्थ भी कमाई में बहुत घाटा डाल देता है जिससे की हुई कमाई भी छिप जाती है।)

3. *बाप के सम्मुख* किन बच्चों को बैठना चाहिए?
° *जिन्हें ज्ञान डांस करना आता है*। ज्ञान डांस करने वाले बच्चे जब बाप के सम्मुख होते हैं तो बाबा की मुरली भी ऐसी चलती है। (अगर कोई सामने बैठ इधर-उधर देखते तो बाबा समझते यह बच्चा कुछ भी समझता नहीं है। बाबा ब्राह्मणियों को भी कहेंगे तुमने यह किसको लाया है, जो बाबा के सामने भी उबासी देते हैं। बच्चों को तो ऐसा बाप मिला है, जो *खुशी में डांस* करनी चाहिए।)

4. हम याद करते आये हैं, तुम मात-पिता….. फिर से आकर हमको ___ घनेरे दो। पुरानी दुनिया-घर में इतना सुख नहीं हो सकता, जितना ___ दुनिया-घर में होता है। तुम बच्चे समझते हो हम विश्व के ____ आदि सनातन _____ थे, हमने ही 84 जन्म लिए हैं। हम ____ -अभिमानी बनेंगे तो कोई बीमारी नहीं रहेगी। हमको बाबा आकर ___ -योग सिखाते, राजाई के लिए पढ़ाते।
° _सुख_, _नई_, _मालिक_, _देवी-देवता_, _देही_, _राज_

5. ____ को बाबा कहेंगे। रावण को बाबा नहीं कहेंगे। ओ ___ फादर कहेंगे तो भी दृष्टि जरूर ऊपर जायेगी। गॉड फादर है तो जरूर कुछ तो उनका ___ होगा ना, अभी बजा रहे हैं। उनको ____ भी कहते हैं। कॉटों से आकर फूल बनाते हैं। तो तुम बच्चों को खुशी होनी चाहिए। बाबा आया हुआ है इस ___ पराये। जो बाप को जानते ही नहीं, तो वह ____ कैसे कर सकेंगे।
° _शिव (वा भगवान)_, _गॉड_, _पार्ट_, _बागवान_,
_देश_, _याद_

6. बाप कहते हैं मुझे कोई लाइट वा रत्न जड़ित ताज है नहीं। *डबल सिरताज बनते नहीं*, औरों को बनाते हैं। क्यों बनते नहीं?
° बाप कहते हैं हम अगर राजा बनता तो *फिर रंक* भी बनना पड़ता!

7. तुम हो गुप्त _____ । तुम वारियर्स हो ____ -बल के, जिससे विश्व के मालिक बनते हो। भारत का योग मशहूर है। उठते-बैठते बाप को ही ____ करते रहो। शिवबाबा कहते हैं ____ याद करो। मैं ही ____ -शक्तिमान् हूँ, मुझे याद करने से तुम ___ -प्रधान बन जायेंगे, फिर आत्माओं की बरात निकलेगी।
° _वारियर्स_, _योग_, _याद_,
_मामेकम्_, _सर्व_, _सतो_

8. रात को सोने से पहले बाबा से मीठी-मीठी ___ करनी हैं। बाबा हम इस ____ को छोड़ आपके पास आते हैं, ऐसे ____ करके सोना है। ____ ही मुख्य है।
° _बातें_, _शरीर_, _याद_, _याद_

9. आत्मा कितना बड़ा ____ है। तुम आत्मायें जब ____ बन जायेंगी तो फिर रॉकेट मिसल तुम उड़ने लग पड़ेंगे। बाप कहते हैं तुम्हारी आत्मा तो सबसे ____ है। सेकण्ड में एक शरीर से निकल दूसरे गर्भ में जाए प्रवेश करती है।
° _रॉकेट_, _पवित्र_, _तीखी_

10. सेकण्ड में ____ -मुक्ति भी गाई हुई है ना। अब फिर बाप तुमको ____ -बुद्धि बनाते हैं। उतरती कला में तुम पत्थरबुद्धि बन गये। अब फिर बाप _____ कला में ले जाते हैं।
° _जीवन_, _पारस_, _चढ़ती_

11. तुम्हारा घर है मुक्तिधाम अथवा ____ दुनिया। आत्मा को कहा जाता है _____ सोल। शरीर है 5 तत्वों का बना हुआ। आत्मायें आती हैं परमधाम ____ दुनिया से। वहाँ बहुत आत्मायें रहती हैं। उनको कहेंगे स्वीट ____ होम। वहाँ आत्मायें दु:ख-सुख से ____ रहती हैं। यहाँ यह ____ -शाला है, जहाँ हम पार्ट बजाने आते हैं।
° _निराकारी_, _निराकारी_,
_निराकारी_, _साइलेन्स_, _न्यारी_, _नाटक_

Answers from Sakar Murli 30-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-11-2020*

1. सेवा में यदि _____ मिक्स है तो सफलता भी मिक्स हो जायेगी इसलिए _____ सेवाधारी बनो।
° _स्वार्थ_, _नि:स्वार्थ_

2. अमृतवेले वरदाता-भाग्यविधाता ____ भगवान् रूप में लवफुल हैं, तो मालिक बनो और अधिकार लो। खजाने पर कोई भी ______ नहीं है। उस समय सिर्फ _____ के बहाने बाज़ी छोड़ एक संकल्प करो जो-जैसी भी हूँ, आपकी हूँ। मन बुद्धि बाप के हवाले कर ____ -नशीन बन जाओ, बाप के सर्व खजाने अपने ______ अनुभव होंगे।
° _भोले_, _ताला-चाबी_, _माया_, _तख्त_, _खजाने_

3. बाप सिम्पुल समझाते। तुमको भी समझ में आता, हम _____ के बने हैं, ____ के मालिक जरूर बनेंगे। शिवबाबा है बेहद का _____ । बाप ने ही आकर सुख-शान्ति का ____ दिया था। सतयुग में _____ था – बाकी सब आत्मायें _____ -धाम में थी। अभी इन बातों को तुम समझते हो।
° _बाप_, _स्वर्ग_, _मालिक_,
_वर्सा_, _सुख_, _शान्ति_

4. कोई बहुत हर्षित होते रहते। बाबा समझते हैं इस _____ में बहुत खुशी रहनी चाहिए। एक ही बाप, टीचर, गुरू मिलता है तो _____ होनी चाहिए ना। शिवबाबा ही ज्ञान सागर, पतित-पावन, सर्व का _____ दाता है, सबका फादर। अभी तुम बच्चे जानते हो वही नॉलेजफुल, लिबरेटर, _____ है।
° _ज्ञान_, _खुशी_, _सद्गति_, _गाइड_

5. *विजय* कौन पायेंगे?
° जिनकी *प्रीत बुद्धि* है, जो मुझे *याद करते* हैं, वही विजय पायेंगे। (भल प्रीत है परन्तु याद नहीं करते हैं तो भी कम पद पा लेंगे।)

6. तुम अपने को ____ समझो, सिर्फ पण्डित नहीं बनना। अपना भी _____ करना है। याद से ____-प्रधान बनना है। बहुत ____ करना है। आत्मा जो अपवित्र है, उनको परमपिता परमात्मा को ही याद कर ____ बनना है। मुझे याद करो – मैं पतित-पावन हूँ। मेरी याद से ही _____ विनाश होंगे और कोई उपाय नहीं।
° _आत्मा_, _कल्याण_, _सतो_, _पुरूषार्थ_, _पवित्र_, _विकर्म_

7. बाप ही आकर सच्चा-सच्चा ____ सिखलाते हैं। बाप तुम बच्चों को ___ -समान बनाते हैं। जैसे मैं निराकार हूँ। टेप्रेरी इस तन में आया हूँ। भाग्यशाली ___ तो जरूर मनुष्य का होगा। ड्रामा प्लैन अनुसार बाबा सर्विस भी कराते रहते हैं। _____ देते रहते हैं।
° _योग_, _आप_, _रथ_, _डायरेक्शन_

8. मीठे-मीठे बच्चों, अब यह ___ पूरा होता है। अब तुमको _____ मत मिलती है, उस पर चलना है। अब 5 _____ की मत पर नहीं चलना है। आधाकल्प तुम _____ की मत पर चल तमोप्रधान बने हो। अब मैं तुमको सतोप्रधान बनाने आया हूँ। बाबा-बाबा कहते रहो तो _____ होता रहेगा।
° _चक्र_, _ईश्वरीय_, _विकारों_, _माया_, _कल्याण_

9. बाप कहते हैं यह *अति गुह्य रमणीक बातें* हैं। कहते हैं शेरनी के दूध लिये सोने का बर्तन चाहिए। तो *सोने की बुद्धि* कैसे बनेगी?
° आत्मा में ही बुद्धि है ना। आत्मा कहती है – मेरी *बुद्धि अब बाबा तरफ* है। मैं बाबा को बहुत *याद* करता हूँ। (तब सोने की बुद्धि बनेंगी।)

10. जितना-जितना मौत नज़दीक आता जायेगा – तुम ____ में बहुत रहेंगे। मरने समय सब कहते हैं भगवान को ___ करो। तुम सबकी वानप्रस्थ अवस्था है। वापिस जाना है इसलिए बाप खुद कहते अब मुझे ___ करो। दूसरी कोई बात नहीं सुनो। जन्म-जन्मान्तर के ___ का बोझा तुम्हारे सिर पर है।
° _याद_, _याद_, _याद_, _पापों_

11. मीठे-मीठे बच्चे यहाँ आते हैं रूहानी बाप के पास रिफ्रेश होने। जब *रिफ्रेश होकर* वापिस जाते हैं तो जरूर…….. क्या करना है?
° जाकर कुछ करके दिखलाना है। एक-एक बच्चे को *सर्विस का सबूत* देना है। (जैसे कोई-कोई बच्चे कहते हैं हमारी सेन्टर खोलने की दिल है। गांवड़ों में भी सर्विस करते हैं ना। *यही ओना* रहे। हम कुछ करते हैं? कोई को ज्ञान देते हैं? सारा दिन यह *ख्यालात* आने चाहिए।)

12. हमको बाप का _____ देना है। तुम बच्चों को घर-घर में _____ देना है। बाप को याद करो तो _____ बन, पावन दुनिया का मालिक बनो। आपस में ____ भी होना चाहिए। एक-दो से राय लेनी चाहिए। बाप प्रेम का सागर है ना। तो तुम भी आपस में बहुत ____ होने चाहिए। ____ -अभिमानी बन बाप को याद करना है।
° _परिचय_, _मैसेज_, _पावन_, _प्रेम_, _प्यारे_, _देही_

13. मीठे बच्चे – “तन-मन-धन अथवा मन्सा-वाचा-कर्मणा ऐसी सर्विस करो जो 21 जन्मों का बाप से एवज़ा मिले परन्तु सर्विस में कभी आपस में _____ नहीं होनी चाहिए”
° _अनबनी_

14. ड्रामा अनुसार बाबा जो *सर्विस* करा रहे हैं उसमें *और तीव्रता लाने की विधि* क्या है?
° आपस में *एकमत* हो, कभी कोई खिट-खिट न हो। (अगर खिट-खिट होगी तो सर्विस क्या करेंगे इसलिए आपस में मिलकर *संगठन* बनाए *राय* करो, एक दो के *मददगार* बनो। बाबा तो मददगार है ही परन्तु “हिम्मते बच्चे मददे बाप….” इसके अर्थ को यथार्थ समझकर बड़े कार्य में मददगार बनो।)

15. पूछते हैं – शादी में निमंत्रण मिलता है, *जायें*?
° बाबा कहते हैं-क्यों नहीं, जाओ, जाकर अपनी *सर्विस* करो। बहुतों का *कल्याण* करो।

16. भक्ति में समझते हैं – जप-तप आदि करना यह सब भगवान से मिलने के रास्ते हैं, परन्तु *भगवान तो कोई को मिलता ही नहीं* । क्यों? _(इसका एक नया कारण बाबा ने सुनाया)_
° *बाबा आयेंगे ही अन्त में*, जब पुरानी दुनिया को नया बनाना होगा।

17. *शिवबाबा बिगर* ब्रह्मा-विष्णु-शंकर दिखाये हैं, यह जैसे………. क्या? _(बाबा का रमणीक उत्तर)_
° *गला कटा हुआ* है। (बाप के बिगर निधनके बन पड़ते हैं। बाप कहते हैं मैं आकर तुमको धनका बनाता हूँ। 21 जन्म तुम धनके बन जाते हो। कोई तकलीफ नहीं रहती।)

18. लाख दो हैं, तो बाबा क्या *राय* देते?
° जास्ती धन्धे आदि में नहीं फंसो। वानप्रस्थी बन जाओ। खर्चा आदि कम कर लो। पेट को क्या चाहिए? एक पाव आटा। बस। ( *याद में रहकर अपना कल्प-कलपानतर का भाग्य बनाओ* )

19. बाप आत्माओं को कहते – मुझे याद करो तो तुम्हारी ____ दृष्टि खलास हो जाए। कर्मेन्द्रियों से कोई _____ नहीं करना चाहिए। मन्सा में तूफान आ सकते। बाबा कहते हैं देखो ______ धोखा देती हैं तो खबरदार हो जाओ। अगर उल्टा काम कर लिया तो खलास। चढ़े तो चाखे बैकुण्ठ का मालिक….. _____ के सिवाए थोड़ेही कुछ होता है।
° _विकारी_, _विकर्म_, _कर्मेन्द्रियां_, _मेहनत_

Answers from Sakar Murli 19-10-2020

*Answers from Sakar Murli 19-10-2020*

1. तुम्हें अभी बहुत-बहुत साधारण रहना है, फैशनेबुल ऊंचे _____ पहनने से भी ____ -अभिमान आता है
° _कपड़े_, _देह_

2. *तकदीर में ऊंच पद* नहीं है तो किस बात में बच्चे सुस्ती करते हैं?
° बाबा कहते बच्चे अपना सुधार करने के लिए *चार्ट* रखो। याद का चार्ट रखने में बहुत फायदा है। *नोट बुक* सदा हाथ में हो। चेक करो कितना समय बाप को याद किया? हमारा *रजिस्टर* कैसा है? दैवी कैरेक्टर है? कर्म करते बाबा की याद रहती है? याद से ही कट उतरेगी, ऊंच तकदीर बनेगी।

3. *अशरीरी स्थिति* पर बाबा ने क्या सुनाया? (2)
° तुमको शान्त स्वरूप रहना सिखाया जाता। बाप को याद करो – *डेड साइलेन्स। हम आत्मा शरीर से न्यारी* हैं। (शरीर छोड़ने के लिए जैसे हम पुरूषार्थ करते हैं, ऐसे कभी कोई शरीर छोड़ने के लिए पुरूषार्थ करते हैं क्या?)
° अगर संकल्प शक्ति आपके कन्ट्रोल में नहीं आती तो *अशरीरीपन का इन्जेक्शन 💉 लगा दो* । फिर संकल्प शक्ति व्यर्थ नहीं उछलेगी। *सहज एकाग्रचित* हो जायेंगे। (लेकिन यदि बुद्धि की लगाम बाप को देकर फिर ले लेते हो तो मन व्यर्थ की मेहनत में डाल देता है। अब व्यर्थ की मेहनत से छूट जाओ।)

4. अपने पूर्वज़ स्वरूप को _____ में रख सर्व आत्माओं पर रहम करो।
° _स्मृति_

5. बुद्धि में सदा अपनी एम ऑब्जेक्ट ____ रखनी है। लक्ष्मी-नारायण का चित्र सदा साथ रहे, इसी ____ में रहो कि हम ऐसा बनने के लिए पढ़ रहे हैं, अभी हम हैं गॉडली _____ ।
° _याद_, _खुशी_, _स्टूडेन्ट_

6. अपना पुराना कखपन चावल मुट्ठी दे महल लेने हैं। ब्रह्मा बाप को फालो कर अविनाशी ज्ञान रत्नों का ____ बनना है।
° _जौहरी_

Answers from Sakar Murli 21-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-11-2020*

1. ____ बुद्धि से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ तो सफलता समाई हुई है।
° _प्लेन_

2. विश्व कल्याण की ______ का ताज और बापदादा का ____ -तख्त सदा कायम रहे तो निरन्तर स्वत:योगी बन जायेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार की मेहनत करने की बात नहीं क्योंकि एक तो संबंध _____ का है दूसरा प्राप्ति ____ है। जहाँ प्राप्त होती है वहाँ स्वत: ____ होती है।
° _जिम्मेवारी_, _दिल_, _समीप_, _अखुट_, _याद_

3. बाप को याद करेंगे तब ____ होगी। ओहो! हम तो विश्व के _____ बनते हैं। फिर ____ पीढ़ी कभी रोयेंगे नहीं। 21 पीढ़ी अर्थात् पूरा बुढ़ापे तक अकाले मृत्यु नहीं होती है, तो अन्दर में कितनी ___ खुशी रहनी चाहिए।
° _खुशी_, _मालिक_, _21_,
_गुप्त_

4. कृष्ण की कितनी महिमा गाते हैं। श्रीकृष्ण तो सतयुग का पहला ____ था। उनमें जो ____ है वह तो अविनाशी है। श्रीकृष्ण की आत्मा का शरीर ____ में ही होता है। नम्बर- ____ में वही जाता है। लक्ष्मी-नारायण नम्बरवन फिर हैं सेकण्ड, थर्ड। तुम बच्चे ____ -पुरी के मालिक बनते हो नम्बरवार, यह माला बनती है ना।
° _प्रिन्स_, _आत्मा_, _सतयुग_, _वन_, _विष्णु_

5. रूहानी ____ बैठ बच्चों को एक बात समझाते हैं। चित्रों में भी ऐसे लिखना है कि त्रिमूर्ति _____ बच्चों प्रति समझाते हैं। ____ आत्माओं को समझाते हैं। ऊंच ते ऊंच भगवान एक ही है, वह है _____ सोल। वर्ल्ड _____ अथॉरिटी है। अर्थात्‌ सर्वशक्तिमान्। मुक्ति-जीवनमुक्ति का ____ वह एक ही बाप है।
° _बाप_, _शिवबाबा_, _परमात्मा_, _सुप्रीम_, _ऑलमाइटी_, _दाता_

6. इस समय ______बच्चों को रूहानी बाप से वर्सा मिलता है।इस समय तुमको ____ -अभिमानी बन बाप को ____ करना है। कर्म भी भल करो, धंधा धोरी आदि भल चलाते रहो, बाकी जितना समय मिले अपने को आत्मा समझ बाप को याद करेंगे तो _____ विनाश होंगे, तुम तमोप्रधान से _____ बनेंगे, और कोई उपाय नहीं । तुम जानते हो शिवबाबा इसमें आया हुआ है। वह सत्य है, चैतन्य है। सत् चित ____ स्वरूप कहते हैं।
° _रूहानी_, _देही_, _याद_, _विकर्म_, _सतोप्रधान_, _आनंद_

7. तुम इस समय सतोप्रधान पुरुषोत्तम बन रहे। सतोप्रधान को ही ____ कहा जाता, जो बाप तुमको बनाते। बाप कहते हैं मेरा पार्ट ही संगम पर है इसलिए संगमयुग ______ युग कहा जाता। यह है आस्पीशियस, बहुत ऊंच ____ समय संगमयुग। जबकि बाप आकर तुम बच्चों को नर से ____ बनाते हैं, ____ वाले मनुष्य, आदि सनातन देवी-देवता धर्म। बाप कहते हैं मैं यह धर्म स्थापन करता हूँ, इसके लिए ____ जरूर बनना पड़ेगा।
° _सर्वोत्तम_, _कल्याणकारी_, _शुभ_, _नारायण_, _दैवीगुण_, _पवित्र_

8. बाप आकर ब्राह्मण ___ स्थापन करते हैं, यह परिवार है, पहले-पहले बाप ब्रह्मा द्वारा ब्राह्मणों को ____ करते हैं।ब्रह्मा की ___ सरस्वती कहते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा के तो हैं ही ____ वंशावली। इनमें ____ प्रवेश कर कहते हैं तुम हमारे बच्चे हो। मैंने इनका नाम _____ रखा है।
° _कुल_, _एडाप्ट_, _बेटी_, _मुख_, _बाप_, _ब्रह्मा_

9. तुम जानते हो हम ___ पर जीत पाकर जगतजीत बनेंगे। तुम हो शिव _____ । तुम तो _____ करते हो सारी पुरानी दुनिया का, पुराने शरीर का। अब बाप को याद करेंगे तो आत्मा ____ हो जायेगी। ज्ञान के _____ ले जायेंगे। उस अनुसार नई दुनिया में जन्म लेंगे।
° _माया_, _शक्तियाँ_, _संन्यास_, _पवित्र_, _संस्कार_

10. और अगर *यहाँ से कोई* अच्छी आत्मा शरीर छोड़ती है, तो उन्हें कैसा जन्म मिलेंगा?
° तो भी *अच्छे घर में* राजा के पास वा रिलीजस घर में वह संस्कार ले जायेंगे। *सबको प्यारे* लगेंगे। कहेंगे यह तो *देवी* है।

11. मन्दिर में महिमा गाते हैं – आप सर्वगुण सम्पन्न…… बाप तुम बच्चों को समझाते हैं – तुम ही ____ देवता थे फिर 63 जन्म पुजारी बनें, अब फिर ____ बनते हो। बाप ____ बनाते हैं, रावण पुजारी बनाते हैं।सतयुग-त्रेता में तो पूजा होती नहीं। वह है ____ घराना।
° _पूज्य_, _पूज्य_, _पूज्य_, _पूज्य_

12. तुम बच्चों के पास ऐसी कौन-सी नॉलेज है जिसके कारण तुम किसी भी हालत में *रो नहीं सकते?*
° तुम्हारे पास इस *बने-बनाये ड्रामा की नॉलेज* है, तुम जानते हो इसमें *हर आत्मा का अपना पार्ट* है, बाप हमें *सुख का वर्सा* दे रहे हैं फिर हम रो कैसे सकते। परवाह थी पार ब्रह्म में रहने वाले की, *वह मिल गया* बाकी क्या चाहिए बेहद का बाप-टीचर-गुरू। *बख्तावर बच्चे* कभी रोते नहीं।

13. इस *ज्ञान* की कौन-सी *2 वन्डरफुल महिमा* है, जो एक-दो से बिल्कुल विपरीत है?
° यह पढ़ाई है भी *सेकण्ड की* ।
° फिर कहते हैं सागर को स्याही बनाओ, सारा जंगल कलम बनाओ *तो भी पूरा हो न सके*। (अन्त तक तुमको ज्ञान सुनाता रहूँगा।)

14. (धारणा) ज्ञान तलवार से _____ को जीतना है। के ____ भरने हैं। पुरानी दुनिया और पुराने शरीर का ____ करना है।
° _विकारों_, _संस्कार_, _संन्यास_

Answers from Sakar Murli 20-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-11-2020*

1. बालक और मालिक पन के ____ से प्लैन को प्रैक्टिकल में लाओ।
° _बैलेन्स_

2. बिहंग मार्ग की सेवा करने के लिए संगठित रूप में *“रूप और बसन्त”* इन दो बातों का बैलेन्स चाहिए। अर्थात्‌ क्या?
° जैसे *बसन्त* रूप से एक समय पर अनेक आत्माओं को *सन्देश देने का कार्य* करते हो..
° ऐसे ही *रूप* अर्थात् *याद* बल द्वारा, *श्रेष्ठ संकल्प* के बल द्वारा बिहंग मार्ग की सर्विस करो। (इसकी भी इन्वेन्शन निकालो।)

3. इस ज्ञान यज्ञ में कौन-से *तिल व जौं* स्वाहा करना है? _(जिससे विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा)_
° साथ-साथ संगठित रूप में *दृढ़ संकल्प से पुराने संस्कार, स्वभाव व पुरानी चलन* के तिल व जौं यज्ञ में स्वाहा करो तब विश्व परिवर्तन का कार्य सम्पन्न होगा अथवा यज्ञ की समाप्ति होगी।

4. इस याद में रहने का पुरूषार्थ करो तब ____ का पारा चढ़ेगा, ____ भी योगबल से बढ़ती है। तुम अभी ___ -गुण धारण करते हो फिर वह आधाकल्प चलती है। इस एक जन्म में तुम इतना ____ करते हो, जो तुम जाकर यह ____ बनते हो।
° _खुशी_, _आयु_, _दैवी_, _पुरूषार्थ_, _लक्ष्मी-नारायण_

5. सारा इम्तहान है याद की यात्रा का। अच्छी रीति याद में रहें तो इस ___ जैसी खुराक नहीं। यही ____ लगी रहेगी – अभी हम जाते हैं। 21 जन्मों का ___ -भाग्य मिलता है। ____ मिलने वाले को खुशी का पारा चढ़ जाता है ना। तुमको बहुत मेहनत करनी है। इसको ही अन्तिम ___ जीवन कहा जाता है। याद की यात्रा में बहुत ___ है।
° _खुशी_, _तात_, _राज्य_, _लॉटरी_, _अमूल्य_, _मज़ा_

6. कौन-सी एक बात याद रखो तो *अवस्था अचल-अडोल-स्थिर* (खुशी से भरपूर) बन जायेगी?
° पास्ट इज़ पास्ट। बीती का चिंतन नहीं करना है, *आगे बढ़ते जाना* है। सदा *एक की तरफ देखते* रहो तो अवस्था अचल-अडोल हो जायेगी। (तुमने अब कलियुग की हद छोड़ दी, फिर पिछाड़ी की ओर क्यों देखते हो? उसमें बुद्धि ज़रा भी न जाए – यही है सूक्ष्म पढ़ाई।)

7. मीठे बच्चे – तुम अभी बिल्कुल _____ पर खड़े हो, तुम्हें अब इस पार से उस पार जाना है, ____ जाने की तैयारी करनी है। यह सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुग का चक्र भी जैसेकि ___ है। यह पुरूषोत्तम ____ -युग है ना। पुरानी दुनिया में कोई आश नहीं रखो। अब तो एक ही ऊंच आश रखनी है – हम चलें ____ -धाम। इसमें अन्तर्मुखता बहुत चाहिए, इसलिए ___ का भी मिसाल है।
° _शडपंथ (किनारे)_, _घर_, _मॉडल_, _संगम_, _सुख_, _कछुए_

8. ___ लिखना भी भूल जाते हैं। अपने दिल पर हाथ रखकर देखो – बाबा जो कहते हैं, ऐसी ____ हमारी है? बुद्धि में एक बाबा ही ___ हो। बाबा याद की यात्रा भिन्न-भिन्न प्रकार से सिखलाते रहते हैं। ____ को देखो हम कहाँ खड़े हैं? सतयुग से लेकर बुद्धि में यह ___ याद करो। तुम ___ -दर्शन चक्रधारी हो ना, तो सारा दिन बनना चाहिए।
° _चार्ट_, _अवस्था_, _याद_, _अपने_, _चक्र_, _स्व_

9. तुम्हारी बुद्धि में अब कोई भी बाहर का वातावरण ____ न रहे। दिन-प्रतिदिन तुम बच्चों को ____ में ही जाना है। ____ वेस्ट नहीं गँवाना है। पुरानी दुनिया को छोड़ नये सम्बन्ध से अपना बुद्धि का ___ लगाओ, नहीं लगायेंगे तो ___ कैसे करेंगे? जबकि जानते हो हम ____ -उत्तम बन रहे हैं।
° _झंझट_, _साइलेन्स_, _टाइम_, _योग_, _पाप_, _पुरूष_

10. डबल सिरताज…… यह सिर्फ नाम है, बाकी *लाइट* का ताज कोई वास्तव में रहता नहीं है। _(सही / गलत)_
° सही, यह तो पवित्रता की *निशानी* है। (जैसे धर्म स्थापक के चित्रों में लाइट दिखाते हैं क्योंकि वह शुरू में वाइसलेस सतोप्रधान हैं, फिर रजो तमो में आते हैं।)

11. इस दुनिया में कामकाज करते बुद्धि में यह याद रखो। ____ कितनी बड़ी है। तुम बच्चों को नॉलेज मिलती है, उसमें ____ रहना चाहिए। भल तुम हो इस दुनिया में परन्तु ____ का योग वहाँ लगा रहे। इनसे भी ____ तो निभाना है, जो इस कुल के होंगे वह निकल आयेंगे। ____ लगना है। आदि सनातन देवी-देवता धर्म वाले जो होंगे वह जरूर आगे-पीछे आयेंगे। पिछाड़ी में आने वाले भी आगे वालों से _तीखे_ जायेंगे।
° _मंजिल_, _मस्त_, _बुद्धि_,
_तोड़_, _सैपलिंग_

12. बाप शिक्षा देते रहते हैं। तुम समझते हो – कल्प-कल्प हम विश्व के ____ बनते हैं, इतने थोड़े टाइम में ____ कर देते हैं। सारी दुनिया को ____ कर देते हैं। बाप के लिए कोई बड़ी बात नहीं। कल्प-कल्प करते हैं। बाप समझाते हैं – चलते-फिरते, खाते-पीते अपना बुद्धियोग ____ से लगाओ। यह _____ बात बाप ही बच्चों को बैठ समझाते हैं। अपनी ____ को अच्छी रीति जमाते रहो। नहीं तो ऊंच पद नहीं पायेंगे।
° _मालिक_, _कमाल_, _चेंज_, _बाप_, _गुप्त_, _अवस्था_

13. कुटुम्ब परिवार आदि सबसे प्रीत रखो परन्तु बुद्धि का योग बाप से लगाना है। तुम जानते हो हम अभी *एक की मत पर* हैं। कौन-सी मत?
° (श्रीमत) यह है *देवता बनने की मत* , इसको ही *अद्वेत* मत कहा जाता है। (बच्चों को देवता बनना है। कितना बार तुम बने हो? अनेक बार। अभी तुम संगमयुग पर खड़े हो। यह अन्तिम जन्म है। अब तो जाना है।)

14. तुम ही ____ -वीर हो जो माया पर जीत पाते हो। कितना वन्डरफुल ____ है बाबा का। यह पता था क्या कि अपने को ____ समझना है, इतनी छोटी सी ____ में सारा पार्ट नूंधा हुआ है जो ____ फिरता रहता है। बहुत वन्डरफुल है। वन्डर कह छोड़ना ही पड़ता है। अच्छा!
° _महा_, _ज्ञान_, _बिन्दी_, _बिन्दी_, _चक्र_

Answers from Sakar Murli 19-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-11-2020*

1. ____ को याद करो तो दुख व परेशानी की बातें भूल जायेंगी।
° _प्राप्तियों_

2. *सेन्स* और *इसेन्स* अर्थात् क्या?
° सेन्स अर्थात् ज्ञान की पाइंटस, *समझ* ।
° इसेन्स अर्थात् *सर्व शक्ति स्वरूप* स्मृति और समर्थ स्वरूप।

3. इन दोनों का ____ हो तो अपनापन वा पुरानापन स्वाहा हो जायेगा। हर सेकण्ड, हर संकल्प, हर बोल और हर कर्म विश्व परिवर्तन की सेवा प्रति ____ होने से विश्व परिवर्तक स्वत:बन जायेंगे। जो अपनी ____ की स्मृति सहित स्वाहा हो जाते हैं उनके श्रेष्ठ ____ द्वारा वायुमण्डल का परिवर्तन सहज होता है।
° _बैलेन्स_, _स्वाहा_, _देह_, _वायब्रेशन_

4. *कौन-सी स्मृति* रहे तो कभी भी मुरझाइस वा दु:ख की लहर नहीं आ सकती है?
° अभी हम इस पुरानी दुनिया, पुराने शरीर को छोड़ *घर में जायेंगे फिर नई दुनिया में* पुनर्जन्म लेंगे। हम अभी *राजयोग सीख रहे* हैं – राजाई में जाने के लिए। बाप हम बच्चों के लिए *रूहानी राजस्थान स्थापन कर रहे* हैं, यही स्मृति रहे तो दु:ख की लहर नहीं आ सकती।

5. बाप कहते तुमको पढ़ाते हैं विश्व का _____ बनाने, जैसे लक्ष्मी-नारायण। नॉलेज में भी होशियारी चाहिए। पवित्रता भी जरूरी है तो हेल्थ-वेल्थ भी चाहिए। ____ में सब हैं ना। बाप ____ ऑब्जेक्ट समझाते हैं, दुनिया में और कोई की बुद्धि में नहीं। तुम फट से कहेंगे हम यह बनते हैं। सारे विश्व में हमारी ____ होगी। अभी बाप कहते हैं मैं तुमको राजाओं का राजा ____ सिरताज बनाता हूँ, 21 जन्मों लिए। पहली मुख्य बात है ____ बनने की। बुलाते भी हैं कि आकर पतित से पावन बनाओ।
° _मालिक_, _स्वर्ग_, _एम_, _राजधानी_, _डबल_, _पावन_

6. अब बाप हमको ____ -दार बनाते हैं। यह तो ____ को समझदार बनाना है। पढ़ती भी आत्मा है ____ द्वारा। मूल बात ही है ____ -अभिमानी बनने की, न कि रचना को जानने की। पहले-पहले तो देही-अभिमानी बनो तब तुम ____ कर सकते हो और बाप को ____ कर सकते हो।
° _समझ_, _आत्मा_, _शरीर_, _देही_, _धारणा_, _याद_

7. ऐसे बहुत मनुष्य हैं जो समझते हैं आत्मा ____ है, जीव _____ है। आत्मा देह से निकल जाती है तो दो चीज़ हुई ना। बाप समझाते हैं तुम आत्मा हो। आत्मा ही ____ लेती है। आत्मा ही शरीर लेकर ____ बजाती है। बाबा बार-बार समझाते हैं अपने को आत्मा समझो, इसमें बड़ी _____ चाहिए। जैसे स्टूडेण्ट पढ़ने के लिए ____ में, बगीचे आदि में जाकर पढ़ते हैं।
° _अलग_, _अलग_, _पुर्नजन्म_, _पार्ट_, _मेहनत_, _एकान्त_

8. यह सारी दुनिया बड़े ते बड़ी हॉस्पिटल है, जिसमें सब मनुष्य पतित रोगी हैं। बाप आकर इस सारे विश्व को निरोगी बनाते हैं। *ऐसे नहीं कि यहाँ ही निरोगी बनेंगे* । _(सही / गलत)_
° सही, बाप कहते हैं – निरोगी होते ही हैं *नई दुनिया में*। (पुरानी दुनिया में निरोगी हो न सकें। यह *लक्ष्मी-नारायण* निरोगी, *एवरहेल्दी* हैं। वहाँ आयु भी बड़ी होती है, रोगी विशश होते हैं। वाइसलेस रोगी नहीं होते। वह है ही *सम्पूर्ण निर्विकारी*।)

9. निरोगी बनते हो ____ की यात्रा से, फिर तुम चले जायेंगे अपने स्वीट होम। आत्मा की ____ है, बाप परमात्मा के पास जाने की। यह है ____ यात्रा। बाप समझाते हैं सच्चा-सच्चा योग तो मैं ही कल्प-कल्प आकर सिखलाता हूँ, एक ही बार। मुख्य बात है अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो, इसको ही ____ योग कहा जाता है। समझाये वह जो खुद भी _____ यात्रा पर हो। खुद होगा नहीं, दूसरे को बतायेंगे तो तीर नहीं लगेगा। ____ का जौहर चाहिए।
° _याद_, _यात्रा_, _स्प्रीचुअल_, _रूहानी_, _रूहानी_, _सच्चाई_

10. हम बाबा को इतना ____ करते हैं। यह है पतियों का ____ , बापों का ____ , गुरूओं का ____ ।
° _याद_, _पति_, _बाप_, _गुरू_

11. माया का आपोजीशन बहुत है इसलिए ___ कम हो जाती है। ____ -पावन खुद कहते हैं मुझे याद करो तो तुम्हारे जन्म-जन्मान्तर के ___ भस्म हो जायेंगे। तुम ____ -दर्शन चक्रधारी बनते हो।
° _खुशी_, _पतित_, _पाप_, _स्व_

12. एक बाप को ही *सत्य* कहा जाता है। यह भी भारतवासियों को पता नहीं कि बाप ही सत्य कैसे है। कैसे है? _(आज की मुरली अनुसार)_
° वही *सचखण्ड की स्थापना* करते हैं। (सच खण्ड पूरा सतयुग को कहेंगे। फिर झूठ खण्ड पूरा कलियुग का अन्त। अभी तुम *संगम* पर बैठे हो। तुम *ट्रेवल* (यात्रा) कर रहे हो। आत्मा ट्रेवल कर रही है, शरीर नहीं। बाप आ करके यात्रा करना सिखलाते हैं। यहाँ से वहाँ जाना है।)

13. तुम बच्चे सिर्फ भारत की ही नहीं, सारे विश्व की सर्विस करते हो। मूल बात है कि ___ को कोई नहीं जानते। अब बाप कहते हैं मेरे साथ ____ रखो। मेरे साथ प्यार रखते-रखते तुमको मेरे ____ ही वापिस चलना है। जब तक वापिस चलो तब तक इस छी-छी दुनिया में रहना पड़ता है। कहा भी जाता है-हे ____ फादर। वह आकर तुम बच्चों को आपसमान आत्म-अभिमानी बनाते हैं, इसलिए वह ____ है।
° _बाप_, _प्यार_, _साथ_, _गॉड_, _सुप्रीम_

14. (धारणा) बेहद के बाप का पूरा-पूरा ____ रखना है अर्थात् बाप के ____ पर चलना है। बाप का पहला फरमान है – बच्चे अच्छी रीति पढ़कर ____ हो जाओ। इस फरमान को पालन करना है।
° _रिगार्ड_, _फरमान_, _पास_

15. बाप कहते हैं नॉलेज तो बहुत सहज है। यह है ____ बनने की नॉलेज, _____ में जाने की नॉलेज, जो बाप ही दे सकते हैं। तुम कह सकते हो हमारा उद्देश्य है मनुष्य को ____ -स्तिक बनाना, ____ का बनाना। अभी सब निधन के हैं। हम धणका बनते हैं। सुख, शान्ति, सम्पत्ति का ____ देने वाला बाप ही है। इन लक्ष्मी-नारायण की कितनी बड़ी ____ थी। समझानी हर एक की अपनी-अपनी है, जो जैसी धारण करते हैं ऐसे समझाते हैं।
° _पवित्र_, _मुक्ति-जीवनमुक्ति_, _आ_, _धणी_,
_वर्सा_, _आयु_

16. क्राइस्ट भी ____ को ही याद करते थे। क्राइस्ट की आत्मा गॉड फादर पास गई, यह कहना भी रांग हो जाता। वापिस कोई कैसे जायेंगे? हर एक को स्थापना फिर ____ जरूर करनी होती है। क्रिश्चियन लोग हेविन का अर्थ नहीं समझते हैं। वह मुक्तिधाम को हेविन कह देते हैं। यह ____ बताना है। गॉड फादर है मुक्तिधाम में रहने वाला। हेविन ____ दुनिया को कहा जाता है। फादर ही आकर ____ -डाइज स्थापन करते हैं।
° _बाप_, _पालना_, _फ़र्क_, _नई_, _पैरा_

17. सतयुग में ही ____ -जीत रहते हैं। वहाँ जानते हैं एक खाल छोड़ दूसरी ले लेंगे।
° _मोह_