Answers from Sakar Murli 03-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-12-2020*

1. जहाँ ब्राह्मणों के तन-मन-धन का ____ है वहाँ सफलता साथ है।
° _सहयोग_

2. कैसी भी अवगुण वाली आत्मा हो, लेकिन जो *रहमदिल विश्व कल्याणकारी बच्चे* हैं वे क्या करते? (3)
° सर्व आत्माओं के प्रति लॉफुल के साथ *लवफुल* होंगे।
° कभी इस वहम में नहीं आयेंगे कि यह तो कभी बदल ही नहीं सकते, यह तो हैं ही ऐसे….या यह कुछ नहीं कर सकते, मैं ही सब कुछ हूँ..यह कुछ नहीं हैं। (इस प्रकार का *अहम् और वहम छोड़*….)
°… कमजोरियों वा बुराइयों को जानते हुए भी *क्षमा* करने वाले रहमदिल बच्चे ही विश्व कल्याण की सेवा में सफल होते हैं।

3. वहाँ तो सदैव _____ मौसम रहता है। वह है ही ____ -राज्य, सब ____ -खण्ड रहते हैं। बाप आये हैं तुमको ऐसे _____ का मालिक बनाने। उसको कहते हैं _____ -सागर। बाप है ही स्वर्ग की स्थापना करने वाला तो जरूर हम भी स्वर्ग के ____ होने चाहिए। बाबा आप ऐसा राज्य देते हो जो कोई छीन न सके।
° _बहारी_, _राम_, _क्षीर_, _हेविन_, _क्षीर_, _मालिक_

4. अभी वह दैवी राजधानी स्थापन कर रहे हैं। वहाँ तो _____ इतना होगा, बिगर पैसे जितना चाहे उतना मिलेगा। हम ____ को ऐसा बना देते जो कभी कोई रोग हो ही नहीं, गैरन्टी है। कैरेक्टर भी हम इन _____ जैसा बनाते हैं। बच्चों को समझाने में बहुत _____ भी आता है। बाबा ने ही यह ____ आदि बनवाये हैं।
° _अनाज_, _हेल्थ_, _देवताओं_, _मज़ा_, _चित्र_

5. *डबल अहिंसक* दैवी सम्प्रदाय (अहिंसा परमो देवी-देवता धर्म) बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? (2)
° ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि *वाचा से दु:ख देना भी हिंसा* है।
° हम देवता बनने वाले हैं, इसलिए *चलन बहुत रॉयल* हो। खान-पान न बहुत ऊंचा, न नीचा हो।

6. “मीठे बच्चे – तुम्हें मन्सा-वाचा-कर्मणा बहुत-बहुत ____ में रहना है, सबको ____ करना है, किसी को भी ____ नहीं देना है”
° _खुशी_, _खुश_, _दु:ख_

7. अपने को आत्मा समझेंगे, दूसरे को भी आत्मा ____ देखेंगे तो फिर दु:ख नहीं देंगे। बाप समझाते रहते हैं एक-दो को देखते हो तो ऐसे समझो – हम भाई (आत्मा) से ____ करते, भाई को समझाते। आत्मा ही ____ पर विराजमान है।
° _भाई_, _बात_, _तख्त_

8. बाप भी _____ को बैठ समझाते हैं। _____ ही सब कुछ करती है ना। एक खाल छोड़ दूसरी लेती है, जैसे ____ का मिसाल। ______ भी तुम हो, ज्ञान की भूं-भूं करो, इससे तुम किसको भी विश्व का मालिक बना सकते। ऐसे बाप को क्यों नहीं ____ करेंगे। अब बाप आया हुआ है तो ____ क्यों नहीं लेना चाहिए।
° _आत्माओं_, _आत्मा_, _सर्प_, _भ्रमरियाँ_, _याद_, _वर्सा_

9. अभी तुम _____ बुद्धि बन रहे हो। तुम जब पारसबुद्धि थे तो तुमने बहुत ___ देखे। तुम ही सुखधाम के _____ थे ना। और शान्तिधाम है हमारा _____ होम। फिर वहाँ से _____ बजाने आये हैं।
° _पारस_, _सुख_, _मालिक_, _स्वीट_, _पार्ट_

10. तुम यह लक्ष्मी-नारायण थे ना, मैं तुमको _____ सिखलाकर राजाओं का राजा बनाता हूँ। जो _____ राजायें थे वही फिर पुजारी राजायें बनते हैं। तो बाप कहते हैं – बच्चे, अच्छी रीति _____ करो। _____ धारण करो। बाप कहते हैं बच्चों को, तुम कोई ____ नहीं करो।
° _राजयोग_, _पूज्य_, _पुरुषार्थ_, _दैवीगुण_, _फिक्र_

11. शिवबाबा बहुत ____ है, वह तो है निराकार। बाप के लिए गाया जाता लिबरेटर, गाइड, _____। ऊंच ते ऊंच भगवान-बाप, ऊंच ते ऊंच ___ टीचर भी है। बाप आये ही हैं ____ करने। वह है ही _____ बाप, 5 तत्वों का भी कल्याण करता।
° _मीठा_, _खिवैया_, _सुप्रीम_, _सुखी_, _कल्याणकारी_

12. ज्ञान बहुत मीठा है। इसमें ____ खोलकर सुनना होता है। ____ को तो देखेंगे ना। तुम जानते हो ____ -बाबा यहाँ विराजमान है तो आंखे खोलकर बैठना चाहिए ना। ____ के बाप को देखना चाहिए ना।
° _आंखे_, _बाप_, _शिव_, _बेहद_

13. तुमने ही सारे ____ पर राज्य किया है, अनेक बार हार और जीत। तुम कहेंगे हम बहुत _____ थे फिर बाप हमको ऊंच चढ़ाते। हम हर ____ वर्ष बाद पढ़ते ही आते। इसको कहा जाता है वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी ____ । अभी फिर ____ बनते हैं 21 जन्मों लिए, पूज्य स्वर्ग के मालिक। यह है नर से नारायण बनने की _____।
° _विश्व_, _ऊंच_, _5 हज़ार_, _रिपीट_, _पूज्य_, _नॉलेज_

14. बाप कहते हैं काम महाशत्रु है, उन पर जीत पाने से तुम ____ -जीत बनेंगे, तो खुशी से बनना चाहिए ना। भल गृहस्थ-प्रवृत्ति में रहो परन्तु _____ फूल समान पवित्र रहो, अभी तुम कांटों से फूल बन रहे हो। ____ है तो पीस प्रासपर्टी है। सारा मदार ____ पर है। बुलाते भी हैं हे _____ -पावन आओ।
° _जगत_, _कमल_, _प्योरिटी_, _पवित्रता_, _पतित_

15. ब्रह्मा बाबा आज कैसे निर्मानता से हमारा *बुद्धियोग शिवबाबा से* जोड़ रहे थे?
° मेरे से तो तुमको कुछ भी नहीं मिलता है। *मैं भी पढ़ता हूँ*, वर्सा है ही एक हद का, दूसरा बेहद के बाप का। प्रजापिता ब्रह्मा क्या वर्सा देंगे। बाप कहते हैं – मामेकम् याद करो, यह तो रथ है ना। *रथ को तो याद नहीं करना है* ना। ऊंच ते ऊंच भगवान कहा जाता है। (तुमको वर्सा लौकिक और पारलौकिक बाप से मिलता है। अलौकिक बाप से वर्सा नहीं मिलता है। यह तो दलाल है, इनका वर्सा नहीं है। प्रजापिता ब्रह्मा को याद नहीं करना है।)

16. लक्ष्मी है _____ की देवी, उनसे पैसे मांगते हैं। अम्बा तो विश्व का ____ बनाती है। सब ____ पूरी कर देती है। ____ द्वारा सब कामनायें पूरी हो जाती हैं। अच्छा!
° _स्वर्ग_, _मालिक_, _कामनायें_, _श्रीमत_

Answers from Sakar Murli 02-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-12-2020*

1. आपका ______ और ______ ब्रह्मा बाप के समान हो तब कहेंगे सच्चे ब्राह्मण। _(स्लोगन)_
° _उच्चारण_, _आचरण_

2. मगन अवस्था के अनुभव द्वारा माया को अपना _____ बनाने वाले ____ -जीत भव।
° _भक्त_, _माया_

3. *मगन अवस्था का अनुभव* करने कौन-कौन सी पाइंटस स्मृति में रख सकते? (6)
° अपने अनेक *टाइटल* वा स्वरूप, अनेक *गुणों* के श्रृंगार, अनेक प्रकार के *खुशी* की, रूहानी *नशे* की, रचता और रचना के विस्तार ( *ज्ञान* ) की पाइंटस, *प्राप्तियों* की पाइंटस।

4. तुम बच्चों को *कोई भी फिकरात नहीं* – क्यों? (2)
° क्योंकि *तुम्हें सतगुरू बाबा मिला है* । (कहते भी हैं फिक्र से फारिग कींदा स्वामी सद्गुरू…।)
° अभी तुम *ऐसी दुनिया में जाते हो* जहाँ कोई फिकरात नहीं।

5. बच्चे जानते हैं अभी बाप आये हैं ____ -वासी बनाने। वह है ही सम्पूर्ण _____ शिवालय। अब बाप _____ की दुनिया में ले जाते, तो श्रीमत पर चलना चाहिए। _____ भी बहुत अच्छे चाहिए, जो करेगा सो पायेगा।श्रीमत कहती है – ____ बनो, मेरे को याद करो तो तुम्हारे पाप भस्म हो जायेंगे। तुम ही _____ -प्रधान थे।
° _स्वर्ग_, _निर्विकारी_, _सुख_, _गुण_, _पवित्र_, _सतो_

6. बाप कहते हैं मैं आत्माओं से _____ कर रहा हूँ। अविनाशी आत्माओं को अविनाशी परमात्मा बाप ____ दे रहे हैं। आत्मा _____ से सुनती है। _____ का बाप यह नॉलेज सुना रहे हैं। तुमको मनुष्य से ____ बनाते हैं, रास्ता दिखलाने वाला ____ पण्डा बैठा है।
° _बात_, _ज्ञान_, _कानों_, _बेहद_, _देवता_, _सुप्रीम_

7. आज *गीत* कौन-सा था?
° *तू प्यार का सागर* है……..

8. हमको भी _____ प्यार का सागर बनना है। जैसे हम प्यार के सागर हैं, तुमको भी बहुत _____ से चलना है। बाप कहते हैं – मीठे बच्चे, बहुत-बहुत ____ बन जाओ। _____ में बहुत प्यार है, कितना उनको प्यार करते, भोग लगाते। तुम जानते हो _____ में है प्यार की राजधानी, प्यार के सिवाए कुछ भी नहीं है। बाबा तो कितना ____ से पढ़ाते हैं।
° _मास्टर_, _प्यार_, _मीठा_,
_देवताओं_, _सतयुग_, _प्यार_

9. बाप समझाते हैं तुम भी *लून-पानी* मत बनो…….. तो क्या बनो?
° *क्षीरखण्ड* बनो। क्षीर (दूध) और खण्ड (चीनी) दोनों अच्छी चीज़ है ना। मतभेद आदि कुछ भी नहीं रखो।

10. अब (मीठा बनने लिए) तुमको ____ बनना है, बड़ी बात तो है नहीं। _____ है तो सुख-शान्ति भी है। बाप कहते हैं – तुम ____ थे, अब पतित बने हो। अब बाप आये हैं तुमको ____ बनाने। तुम इस _____ घराने के थे ना। आसुरी और ईश्वरीय अथवा दैवी घराने में कितना फ़र्क है। यह अब है तुम्हारा _____ कुल।
° _पवित्र_, _पवित्रता_, _पावन_, _पावन_, _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_

11. *मधुबन* को आज कौन-से नये टाइटल्स मिले? (2)
° होलीएस्ट ऑफ होली चर्च। *होलीएस्ट ऑफ होली पैलेस*। (यहाँ विकारी को आने का हुक्म नहीं है। पतित कोई भी इस होली-पैलेस में आ न सके। तुम भी होली बनते हो। फिर स्वर्ग भी है होलीएस्ट ऑफ होली, पावन दुनिया।)

12. अब बाप शान्तिधाम-सुखधाम में ले जाते हैं। तो *शान्तिधाम* को कौन-सा टाइटल मिला?
° इनको कहा जाता है *टॉवर ऑफ साइलेन्स* अर्थात् साइलेन्स की ऊंचाई, जहाँ आत्मायें निवास करती हैं।

13. सामने एम ऑब्जेक्ट खड़ा है। ऊंच ते ऊंच बाप यह ____ बनाते हैं। वही विष्णु सो फिर ____ बनते हैं। सेकण्ड में ____ -मुक्ति मिली फिर 84 जन्म ले यह बना। ततत्वम्, तुम ब्रह्मा के बच्चे _____ हो। बाप आकर बच्चों को ____ सिरताज बनाते हैं।
° _(विष्णु)_, _ब्रह्मा_, _जीवन_, _ब्राह्मण_, _डबल_

14. तुम ____ -बाबा के आगे बैठे हो, बाप इस भागीरथ द्वारा तुमको पढ़ाते। वो ____ का सागर है। तुमको भी सारी ____ मिली है। यह किसको पता नहीं – ____ -खण्ड कब-किसने स्थापन किया, बाप आकर रोशनी देते। ऊंच ते ऊंच वह एक ही है, वह है ____ सोल। तुम्हारी बुद्धि में है वह ____ है।
° _शिव_, _ज्ञान_, _नॉलेज_, _सच_, _सुप्रीम_, _बिन्दी_

15. बाप कहते मुझे निमंत्रण ही पतित दुनिया में देते। बाप फिर सबको निमंत्रण देते हैं – _____ पियो। बाप तो कहते हैं तुमको ____ अमृत पिलाता हूँ, तुम फिर विष क्यों खाते हो? (रक्षाबंधन) बाप सबको कहते हैं प्रतिज्ञा करो ____ बनने की, यह अन्तिम जन्म है। योग में रहेंगे तो ____ कट जायेंगे। अपनी दिल से पूछना है, हम ____ में रहते हैं वा नहीं? बच्चे को याद कर ____ होते हैं ना।
° _अमृत_, _ज्ञान_, _पवित्र_, _पाप_, _याद_, _खुश_

16. “मीठे बच्चे – तुम्हें पढ़ाई पढ़नी-पढ़ानी है, इसमें आशीर्वाद की बात नहीं, तुम सबको यही बताओ कि बाप को ____ करो तो सब दु:ख दूर हो जायेंगे। इसको कहा जाता है सहज ____ । ____ अविनाशी है, शरीर विनाशी है। बाप कहते हैं मैं भी अविनाशी हूँ। तुम मुझे बुलाते हो कि आकर हम पतितों को ____ बनाओ।
° _याद_, _योग_, _आत्मा_, _पावन_

17. थोड़ा भी सुनते हैं तो स्वर्ग में जरूर आयेंगे। और जो *बहुत सुनेंगे, धारणा करेंगे*, तो?
° *राजाई में आ जायेंगे*। (थोड़ा सुनने वाले प्रजा में आयेंगे। राजधानी में तो राजा-रानी आदि सब होते हैं ना। सिर्फ वहाँ वजीर होता नहीं, बाप तुम्हें ऐसा विशाल बुद्धि बनाते हैं।)

18. बाप कितना ऊंच बनाते हैं, एकदम पतित से _____ । बाप कुछ भी लेता नहीं है। शिवबाबा फिर क्या लेंगे! तुम शिवबाबा की _____ में डालते हो।
° _पावन_, _भण्डारी_

Answers from Sakar Murli 01-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 01-12-2020*

1. ____ का पर्दा बीच में आने न दो तो बाप के साथ का अनुभव होता रहेगा।
° _बातों_

2. संगमयुग पर जब बाप सेवाधारी बन करके आते, तो छत्रछाया रूप में बच्चों की सदा सेवा करते। याद करते ही सेकण्ड में साथ का अनुभव होता। तो इस *याद की छत्रछाया* से क्या प्राप्तियां होती? (2)
° यह याद की छत्रछाया कैसी भी नाज़ुक *परिस्थितियों में कमल पुष्प के समान न्यारा और प्यारा* बना देती है। (मेहनत नहीं लगती।)
° बाप को सामने लाने से, स्व स्थिति में स्थित होने से कैसी भी *परिस्थिति परिवर्तन* हो जाती है।

3. तुम जानते हो हम कल्प बाद आकर बाप से बेहद का _____ लेंगे। अब बाप 21 जन्मों के लिए सब ____ दूर करने लिए पढ़ाते हैं। वहाँ तो है ____ । उसमें नम्बरवार तो आते ही हैं। ____ दुनिया में तो बहुत थोड़े होंगे। तुम विश्व के _____ बनते हो। वहाँ अति ____ होगा।
° _वर्सा_, _दु:ख_, _राजाई_, _नई_, _मालिक_, _सुख_

4. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को रूहानी पाठशाला में _____ देते हैं वा ऐसे कहें कि बच्चों को ____ सिखलाते हैं। क्या कहते हैं? ____ -मनाभव। यह जैसे हर एक अपने ऊपर ____ करते हैं। बाप कहते हैं बच्चे मामेकम् याद करो, अशरीरी बन जाओ। यह रूहानी बाप ही सिखलाते हैं, वह है ____ टीचर।
° _डायरेक्शन_, _ड्रिल_, _मन_, _मेहर_, _सुप्रीम_

5. उनमें ड्रिल सिखलाने का ड्रामा प्लैन अनुसार ____ भरा हुआ है। तमोप्रधान से _____ बनना है। ऐसे और कोई भी नहीं कहेंगे कि हे रूहानी बच्चों अब ____ जाना है। तुम सतोप्रधान दुनिया के ____ थे फिर 84 का चक्र लगाए। हमने बहुत ____ देखे हैं, एम ऑब्जेक्ट सामने हैं। वह है ही फूलों का ____ ।
° _पार्ट_, _सतोप्रधान_, _वापिस_, _मालिक_, _सुख_, _बगीचा_

6. बाप बच्चों को पुरुषार्थ कराते रहते हैं लेकिन बच्चों को किस बात में *बहुत स्ट्रिक्ट रहना* चाहिए?
° पुरानी दुनिया को *आग लगने के पहले* तैयार हो, अपने को आत्मा समझ बाप की याद में रह *बाप से पूरा-पूरा वर्सा लेने* में बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। (नापास नहीं होना है, जैसे वह स्टूडेन्ट नापास होते हैं तो पछताते हैं, समझते हैं हमारा वर्ष मुफ्त में चला गया। कोई तो कहते हैं नहीं पढ़ा तो क्या हुआ – लेकिन तुम्हें बहुत स्ट्रिक्ट रहना है। टीचर ऐसा न कहे कि टू लेट।)

7. तुम नहीं कहेंगे कैसे ____ करें। मूल बात ही है सतोप्रधान ____ देवी-देवता बनना। ब्राह्मण ही बाप से यह ड्रिल सीखते। अन्दर में ____ भी होती है। यह ____ अच्छी लगती है ना। तुम फिर औरों को सिखलाते। 84 जन्म ले पतित बने हो, अब फिर ____ बनना है। उसके लिए रूहानी पतित-पावन बाप को ____ करो।
° _निश्चय_, _पूज्य_, _खुशी_,
_पढ़ाई_, _पावन_, _याद_

8. तुम देते कुछ नहीं हो, यह तो रिटर्न में *बहुत लेते* हो। कैसे? _(भक्ति के दान-पुण्य से यह कैसे भिन्न है?)_
° उस रिटर्न में अल्पकाल क्षणभंगुर सुख मिलता है। भल मिलता है दूसरे जन्म में परन्तु वह नीचे उतरने वाले जन्म में मिलता है। सीढ़ी उतरते ही आते हो ना। ( *अभी जो तुम करते हो वह है चढ़ती कला* में जाने के लिए। आत्मा को कर्म का फल मिलता है। इन लक्ष्मी-नारायण को भी कर्मों का ही फल मिला है ना। बेहद के बाप से बेहद का फल मिलता है, डायरेक्ट।)

9. तुम ____ -ऋषि हो। बाप हमको ____ -दर्शी बना रहे हैं। तुम ____ कराते हो, सिर्फ अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से सब ____ दूर हो जाते। बाप ही पतित-पावन है। यह है ____ -बल। भारत का प्राचीन ____ -योग बहुत मशहूर है।
° _राज_, _त्रिकाल_, _पुरुषार्थ_, _दु:ख_, _योग_, _राज_

10. ____ हज़ार वर्ष पहले भी शिवबाबा आया था। जरूर यही ____ दिया होगा, जैसे अब दे रहे हैं। बाप खुद कहते हैं मैं कल्प-कल्प _____ पर साधारण तन में आकर राजयोग सिखलाता हूँ। मैं आता हूँ, ज्ञान से _____ देने। तुम्हारी बुद्धि में है हमको बाबा _____ बना रहे हैं। कल्प-कल्प आकर हमारी ____ करते हैं तब तो उनको दु:ख हर्ता, सुख कर्ता कहते हैं।
° _5_, _ज्ञान_, _संगम_, _सद्गति_, _पावन_, _रक्षा_

11. वह लाखों वर्ष कह देते, उनकी *भेंट में* तुम कहेंगे….. क्या?
° बाकी *कुछ घण्टे* हैं।

12. अभी तुम हो संगम पर। _____ -लोक आने वाला है। अभी हम पुरुषोत्तम बनने के लिए _____ कर रहे। यह है _____ -कारी पुरुषोत्तम संगमयुग। आगे चल बहुतों को ख्याल में आयेगा। जरूर कोई आया हुआ है जो ____ को चेंज कर रहे हैं। यह वही _____ लड़ाई है। तुम भी कितने समझदार बने हो। यह बड़ी ____ करने की बाते हैं।
° _अमर_, _पुरुषार्थ_, _कल्याण_, _दुनिया_, _महाभारत_, _मंथन_

13. माया से बचने के लिए ____ -दोष से अपनी बहुत-बहुत सम्भाल करनी है। अपनी ____ क्लीयर रखनी है। ____ व्यर्थ नहीं गंवाने हैं। ____ से सफल करने हैं। अभी कोई नये ____ नहीं बनाने हैं।
° _संग_, _लाइन_, _श्वांस_, _ज्ञान_, _बंधन_

Answers from Sakar Murli 31-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 31-12-2020*

1. _____ स्वरूप स्थिति का अनुभव करना है, तो संकल्पों की गति को धैर्यवत बनाओ।
° _शक्ति_

2. बुद्धि सभी कर्मेन्द्रियों में ____ -मणी है। जो विशाल बुद्धि-सालिम हैं, उनका _____ सदा चमकता क्योंकि बुद्धि रूपी ____ में सारा ज्ञान भरा हुआ है, जिससे दान कर महादानी बन जाते। तुम बुद्धि को सदा ज्ञान का _____ देते भरपूर रहो, तो प्रकृति को भी ____ -बल से ठीक कर लेती। सर्वोत्तम बुद्धि वाले सर्वोत्तम ____ कर वैकुण्ठ की बादशाही प्राप्त करते।
° _शिरो_, _मस्तक_, _तिजोरी_, _भोजन_, _कमाई_

3. सयाने जो होंगे वह झट समझ जायेंगे। बेहद का बाप है, उनसे जरूर _____ का वर्सा मिलना चाहिए। मिला था, अब नहीं है फिर _____ रहा है। एम _____ सामने खड़ा है। बाप ने जब स्वर्ग की स्थापना की थी, तुम स्वर्ग के _____ थे।
° _स्वर्ग_, _मिल_, _ऑब्जेक्ट_, _मालिक_

4. तुम कहेंगे हम आये हैं – सारे विश्व को माया की ____ से छुड़ाने। तुम भी ज्ञान प्राप्त कर ____ ज्ञान सागर बनते हो ना।बाबा हमको ____ हाउस का भी टाइटिल देते। एक आंख में ____ -धाम, दूसरी आंख में ____ -धाम। बाप कहते हैं इन आंखों से जो कुछ तुम देखते हो, उनको ___ ।
° _जंजीरों_, _मास्टर_, _लाइट_, _मुक्ति_, _जीवनमुक्ति_, _भूलो_

5. सिर्फ रचयिता ___ को याद करना और कराना है। आत्मा को अपने बाप को याद करना है, इसको ही ____ योग कहा जाता। ____ भी एक से ही सुनना है, वह है अव्यभिचारी ज्ञान। याद भी एक को करो। मेरा तो एक, ____ न कोई। जब तक अपने को ____ निश्चय नहीं करेंगे तब तक एक की याद आयेगी नहीं।
° _बाप_, _अव्यभिचारी_, _ज्ञान_, _दूसरा_, _आत्मा_,

6. अभी तुम बच्चों को अपनी _____ का पता पड़ा है। और _____ जन्मों का भी मालूम पड़ा है। भल कहते हैं आत्मा बिन्दी है, भ्रकुटी के बीच स्टार है, परन्तु _____ रीति किसी की बुद्धि में नहीं है। सतयुग में हैं सब _____-यस।
° _आत्मा_, _84_, _यथार्थ_, _राइटि_

7. अब बाप कहते हैं – बच्चे, ____ बनो। तुम पुकारते थे ना कि हे ____ -पावन आओ।बाप कहते हैं तुम ____ -धाम में पवित्र तो थे ना। मेहनत कर ____ बनने से खुशी का पारा भी चढ़ेगा। जितना खाद निकलती जायेगी उतना ___ पद मिलेगा, जो जितना पुरुषार्थ करे।
° _पावन_, _पतित_, _शान्ति_, _पावन_, _ऊंच_

8. कर्मेन्द्रियों की *चंचलता समाप्त* कब होगी?
° जब तुम्हारी *स्थिति सिलवर एज़ तक* पहुँचेगी अर्थात् जब आत्मा त्रेता की *सतो स्टेज* तक पहुँच जायेगी तो कर्मेन्द्रियों की चंचलता बंद हो जायेगी। (अभी तुम्हारी *रिटर्न जरनी* है इसलिए कर्मेन्द्रियों को वश में रखना है। कोई भी छिपाकर ऐसा *कर्म* नहीं करना जो आत्मा पतित बन जाए। अविनाशी सर्जन तुम्हें जो *परहेज* बता रहे हैं, उस पर चलते रहो। अपना चार्ट देखना है)

9. कहाँ भी हो तुम बाप_को याद करो। याद में रहेंगे, ____ -दर्शन चक्रधारी बनेंगे तो कहाँ भी रहते तुम ____ पद पा लेंगे। जितना इन्डीविज्युअल _____ करेंगे उतना पद पायेंगे। घर में रहते भी याद की _____ में रहना है। अभी _____ रिजल्ट में थोड़ा टाइम पड़ा है। फिर नई दुनिया भी तैयार चाहिए ना, अभी ____ अवस्था बनानी है।
° _स्व_, _ऊंच_, _मेहनत_, _यात्रा_, _फाइनल_, _कर्मातीत_

10. तुम सबकी बड़ाई करते, बोलते हो तुम यह ____ थे फिर 84 जन्म भोगे। अब फिर ____ -प्रधान बनना है तो उसके लिए _____ चाहिए। समझ जाएं तो _____ का पारा चढ़े। समझाने वाले का तो और ही _____ चढ़ जाए। बेहद के बाप की ____ कहानी सुनाते हैं!
° _देवता_, _सतो_, _योग_, _खुशी_, _पारा_, _जीवन_

11. जैसे बाप तुम _____ को समझाते हैं, तुमको फिर औरों को समझाना है। जरूर बाप के _____-गार चाहिए ना। “मीठे बच्चे – तुम्हारी यह _____ मिशन है, तुम सबको ईश्वर का बनाकर उन्हें बेहद का _____, बेहद का सुख दिलाते हो”
° _बच्चों_, _मदद_, _ईश्वरीय_, _वर्सा_

12. तुम पहले फॉर्म भराते – आत्मा का ____ कौन? अपने-अपने ____ में भी तुम समझा सकते हो। एक-दो मुख्य चित्र सीढ़ी, त्रिमूर्ति, _____ यह बहुत जरूरी है। बाप कहते आदि सनातन देवी-देवता धर्म का सैपलिंग तो लगा फिर झाड़ के ____ भी तुमको बनाने हैं। बाबा पुरुषार्थ कराते रहते – ____ -समान बनाने लिए।
° _बाप_, _घर_, _झाड़_, _पत्ते_, _आप_

13. रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप समझा रहे। जो भी रूहानी बच्चे प्रजापिता ब्रह्मा ____ -वंशावली हैं, वह जानते। पहले तुम शूद्र थे फिर आकर ____ बने हो। फिर _____ वर्ण के बनेंगे। जज योर ____ । भेंट करो, जो जन्म-जन्मान्तर सुना और जो ज्ञान सागर बाप समझाते – _राइट_ क्या है?
° _मुख_, _ब्राह्मण_, _देवता_, _सेल्फ_

14. _____ की बायोग्राफी का किसको पता नहीं है। निराकार बाप को जरूर _____ तो चाहिए ना, जिससे अमृत दे। अभी तुम जानते हो, समझते हो शिवबाबा का _____ यह है।
° _ब्रह्मा_, _मुख_, _रथ_

Answers from Sakar Murli 30-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-12-2020*

1. साधन सेवाओं के लिए हैं, _____-पसन्द बनने के लिए नहीं।
° _आराम_

2. ____ -शिकस्त होना, किसी भी संस्कार-परिस्थिति के ____ -भूत होना, व्यक्ति-वैभवों के तरफ ____ होना – इन सब कमजोरियों को दृढ़ संकल्प से सदाकाल लिए समाप्त करो अर्थात् _____ बनो। विजय हमारे गले की माला है – सदा इस स्मृति से ____ स्वरूप बनो। फालो फादर कर _____ -गुणों के स्तम्भ बनो।
° _दिल_, _वशी_, _आकर्षित_, _विजयी_, _समर्थी_, _सर्व_

3. इन लक्ष्मी-नारायण को कहेंगे _____ सम्पन्न, विश्व का _____ । अभी हम सो _____ बनते, बाप कहते हैं निर्विकारी बनना है, _____-गुण धारण करने हैं। तुम ड्रामा अनुसार ऐसे सतोप्रधान _____ बन जाते हो। हम आदि सनातन देवी-देवता _____ के थे।
° _सर्वगुण_, _मालिक_, _देवता_, _दैवी_, _फूल_, _धर्म_

4. बाप कहते हैं हथ कार डे.. आत्मा याद ____ को करती है। इस समय ही ____ बनने के लिए मेहनत करनी पड़े। योग- ____ से तुम विश्व के मालिक बनते हो। ज्ञान बड़ा _____ और रमणीक है, मेहनत भी है। इस योग की ही महिमा है जिससे तुमको ____ -प्रधान बनना है।बाप को याद करना भी ____ है परन्तु जब करें ना!
° _बाप_, _पवित्र_, _बल_, _सहज_, _सतो_, _सहज_

5. बच्चों को पहले यह ____ हो – बाबा आया हुआ है, हमको पावन बना रहे। यह तो ____ रहती है, देवता बनेंगे। देवताओं की तो बड़ी राजधानी है, उसमें ऊंच पद पाना वह फिर _____ और एक्टिविटी पर है। तुम्हारी एक्टिविटी बड़ी ____ होनी चाहिए। बाबा अपने लिए भी कहते – अभी ____ अवस्था नहीं बनी है। हमको भी ____ बनना है।
° _निश्चय_, _खुशी_, _पढ़ाई_, _अच्छी_, _कर्मातीत_, _सम्पूर्ण_

6. निर्विकारी बनने लिए *कौन-सी मेहनत* जरूर करनी है?
° *आत्म-अभिमानी बनने की* मेहनत जरूर करनी है। भृकुटी के बीच में आत्मा को ही *देखने* का अभ्यास करो। आत्मा होकर आत्मा से *बात* करो, आत्मा होकर *सुनो* । (देह पर *दृष्टि न जाए* – यही मुख्य मेहनत है, इसी मेहनत में विघ्न पड़ते हैं। जितना हो सके यह अभ्यास करो – कि “ *मैं आत्मा हूँ*, मैं आत्मा हूँ।”)

7. आत्म-अभिमानी बनने लिए बाबा ने किसका *जबरदस्त मिसाल* सुनाया?
° *बीकानेर में एक बच्चा* है जो सदैव *आत्मा-आत्मा* कह लिखता है। मेरी आत्मा इस शरीर द्वारा *लिख* रही है। मुझ आत्मा का यह *विचार* है। मेरी आत्मा यह *करती* है। तो यह आत्म-अभिमानी बनना मेहनत की बात है ना। मेरी आत्मा *नमस्ते* करती है।

8. मीठे बच्चों को बाप ने स्मृति दिलाई है कि सृष्टि का ____ कैसे फिरता। ____ के आदि-मध्य-अन्त का समाचार बाप ही सुनाते, और किसको ____ सागर नहीं कहते। नई दुनिया में एक ही _____ देवी-देवता धर्म रहता, वही फिर पुजारी बने। बच्चों को स्मृति में आया बरोबर ड्रामा प्लैन अनुसार यह बिल्कुल ___ है।
° _चक्र_, _सृष्टि_, _ज्ञान_, _पूज्य_, _राइट_

9. तुम कभी भी *झूठ नहीं बोल सकते* हो। क्यों?
° क्योंकि मीठे बच्चे – सत बाप द्वारा संगम पर तुम्हें *सत्य का वरदान* मिलता है।

10. ____ करनी है, सेन्टर्स खोलने हैं। तुम हो _____ आर्मी। _____ मिशन हो ना। तुम्हारा ____ बहुत है। निश्चयबुद्धि _____!
° _सर्विस_, _सैलवेशन_, _ईश्वरीय_, _महत्व_, _विजयन्ती_

11. जिन बच्चों को निश्चय हो जाता, तो वे ____ से समझाते भी हैं। ___ -डर तो अभी हुए नहीं हैं ना, वह तब होंगे जब पूरे ____ -अभिमानी बन जाएं। तुम सब हो महावीर, दुनिया में तो कोई नहीं जानते कि ____ पर जीत कैसे पहनी जाती। तुम बच्चों को अब स्मृति में आया है, आगे भी बाप ने कहा था ____ -मनाभव। ____ -पावन बाप ही आकर यह समझाते।
° _निश्चय_, _नि_, _देही_,
_माया_, _मन_, _पतित_

12. समझ जाएं कि गीता निराकार भगवान ने सुनाई, इसमें *टाइम तो लगता* है। क्यों?
° *2500 वर्ष से* गीता कृष्ण की समझते आये हैं। अब एक जन्म में समझ जाएं कि गीता निराकार भगवान ने सुनाई, इसमें टाइम तो लगता है ना। गीता एपीसोड बरोबर है। (सिर्फ गीता में नाम बदल दिया है। तुम लिख सकते हो बाप हमको राजयोग सिखा रहे हैं।)

13. जो महारथी हैं, कभी-कभी उनको भी माया ____ हप कर लेती। बच्चों को निश्चय है बरोबर ____ ही यह ज्ञान दे रहे, और कोई दे न सके। तुमको पावन बनना है तो ______ याद करो, और कोई बातों में नहीं पड़ो। पहले एक बात को समझो जिससे तुम्हारे ____ नाश होते। कोई प्रश्न-उत्तर में मूंझता तो बोलो इन बातों को छोड़ एक बाप की ____ में रहने का पुरुषार्थ करो।
° _ग्राह_, _बाप_, _मामेकम्_, _पाप_, _याद_

Answers from Sakar Murli 29-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-12-2020*

1. स्वभाव इज़ी और पुरूषार्थ _____ वाला बनाओ।
° _अटेन्शन_

2. जो स्नेही को पसन्द है वही स्नेह करने वाले को पसन्द हो – यही *स्नेह का स्वरूप* है। चलना-खाना-पीना-रहना *स्नेही के दिलपसन्द* हो, तो इसके लिए क्या पुरूषार्थ है?
° जो भी संकल्प वा कर्म करो तो *पहले सोचो कि यह स्नेही बाप के दिलपसन्द है*। ऐसे सच्चे स्नेही बनो तो निरन्तर योगी, *सहजयोगी* बन जायेंगे। (यदि स्नेही स्वरूप को *समान स्वरूप* में परिवर्तन कर दो तो *अमर भव* का वरदान मिल जायेगा और *जुदाई को सदाकाल के लिए विदाई* मिल जायेगी।)

3. आने वाला है ____ -लोक, यह है मृत्युलोक, बीच का यह है पुरुषोत्तम संगमयुग। अब बाप आत्माओं को पढ़ाते इसलिए बच्चों को कहते _____ -अभिमानी हो बैठो। यह निश्चय करना है – हमको बेहद का बाप निराकार _____ पढ़ाते। यह है गॉड फादरली _____ युनिवर्सिटी, हमारी एम ऑब्जेक्ट यह है – लक्ष्मी- _____ या अमरलोक का _____ बनना।
° _अमर_, _आत्म_, _शिव_, _वर्ल्ड_, _नारायण_, _देवता_

4. बाप समझाते हैं – पहले-पहले तो अपने को _____ समझो। आत्मा ही एक _____ छोड़ दूसरा लेती। अभी तुमको _____ -अभिमानी बनना है। तुम अशरीरी आये थे फिर ______ बन वापिस जाना है। आत्मा समझ बाप को याद करो। यह है ______ यात्रा। आत्मा अपने रूहानी बाप को ____ करती, जिससे पाप भस्म हो जायेंगे।
° _आत्मा_, _शरीर_, _देही_,
_अशरीरी_, _रूहानी_, _याद_

5. पहले _____-प्रधान थे तो _____-बुद्धि थे। अभी अपने श्रेष्ठ _____ धर्म-कर्म को भी भूल गये, अभी सतयुगी _____-लेस कैसे बनें? इन लक्ष्मी-नारायण जैसा _____-गुण सम्पन्न बनना है, खान पान की भी परहेज चाहिए। तुम पवित्र वैष्णव बन _____-वंशी बनते हो।
° _सतो_, _पारस_, _दैवी_, _वाइस_, _सर्व_, _विष्णु_

6. नई दुनिया वह थी, जहाँ यह देवी-देवतायें _____ करते थे। यह सारे विश्व के _____ थे।बेहद के बाप का भी प्लैन हैं _____ -राज्य बनाने का। तुम इस नॉलेज से देवता बन _____ पर जीत पाते। तुम ही इस ज्ञान से फिर यह इतना ____ पद पाते हो।
° _राज्य_, _मालिक_, _राम_, _काल_, _ऊंच_

7. मुख्य है _____ बनने की बात। बाप की ______ में रहना है। इसी में ही _____ विघ्न डालती है। तुम बाप को याद करते हो अपना _____ पाने लिए। कभी भी मुरली मिस न हो, मुरली से कहाँ भी बैठे _____ होते रहेंगे। श्रीमत पर चलना पड़े, ____ बनने लिए।
° _पवित्र_, _याद_, _माया_, _वर्सा_, _रिफ्रेश_, _श्रेष्ठ_

8. योग अथवा याद से _____ मिलता है। योगबल से तुम विश्व की _____ लेते हो। बाप राजयोग सिखाकर _____ बनाते हैं।
° _बल_, _बादशाही_, _पावन_

9. सभी एक बाप को ही पुकारते हैं – हे ____ -पावन आओ। वह एक ही गॉड फादर है जो जन्म-मरण रहित है। आत्मा का वा परमात्मा का रूप बहुत सूक्ष्म है, जिसको ____ व बिन्दू कहते। एक उनको ही कहा जाता वाह ____ वाह! (ज्ञान से सद्गति देते)
° _पतित_, _स्टॉर_, _सतगुरू_

10. निराकार आत्मायें सब आकर अपना-अपना ____ लेती हैं। हर एक _____ मूर्त आत्मा का तख्त है यह। निराकार खुद _____ में जब बैठे तब बोल सके, पतितों को पावन बनायें। बाप कहते हैं मैं निराकार आकर इनका ____ लोन लेता हूँ, इनको ____ -शाली रथ कहा जाता।
° _रथ_, _अकाल_, _रथ_, _टेप्रेरी_, _भाग्य_

11. बाप ही सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का राज़ बताए तुम बच्चों को _____-दर्शी _____-स्तिक बनाते हैं। _____ को बहुत अच्छी रीति समझना है। _____ मिसल टिक-टिक होती रहती। जो कुछ होता फिर कल्प 5 हज़ार वर्ष बाद हूबहू _____ होगा। इसको बहुत अच्छी रीति समझकर बेहद का _____ करना है।
° _त्रिकाल_, _आ_, _ड्रामा_, _जूं_, _रिपीट_, _संन्यास_

12. सबका हक है। सबको कहना है अपने को _____ समझो। माँ-बाप में ज्ञान होगा तो बच्चों को भी सिखायेंगे – ____ -बाबा को याद करो, दूसरा न कोई। एक की _____ से ही तमोप्रधान से सतोप्रधान बन जायेंगे। इसमें पढ़ाई बहुत _____ चाहिए।
° _आत्मा_, _शिव_, _याद_, _अच्छी_

13. कोई *विलायत* जाते हैं कहेंगे वहाँ हम यह नॉलेज पढ़ सकते हैं?
° बाप कहते हैं हाँ *कहाँ भी* बैठ तुम पढ़ सकते हो। इसमें पहले 7 रोज़ का *कोर्स* लेना पड़ता है। बहुत सहज है, आत्मा को सिर्फ यह *समझना* होता है। हम *सतोप्रधान विश्व के मालिक थे* तब सतोप्रधान थे। अब काम-वश तमोप्रधान बन गये हैं, अब *ज्ञान* -चिता पर बैठना है। (अब कलियुग है फिर जरूर सतयुग होना है, वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट होती है, चक्र फिरता रहता है ना। बाप को याद करने से ही पाप भस्म हो जायेंगे, इनको योग अग्नि कहा जाता है। याद तो तुम कहाँ भी कर सकते हो। 7 रोज़ में समझाना होता है।)

14. तुम बच्चे *किस नॉलेज को समझने के कारण* बेहद का संन्यास करते हो?
° तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस *सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना* है। अभी यह दुनिया *वर्थ नाट एपेनी* बन गई है, हमें वर्थ पाउण्ड बनना है। (इसमें जो कुछ होता है वह फिर *हूबहू कल्प के बाद रिपीट होगा* इसलिए तुमने इस सारी दुनिया से बेहद का संन्यास किया है।)

15. बच्चे कम पैदा हों उसके लिए भी कितना माथा मारते रहते, कितनी दवाइयां आदि निकालते। बाप के पास तो *एक ही दवाई* है। कौन-सी?
° तुमको बाबा ने ऐसी दवाई दी है *मनमनाभव* की, जिससे तुम 21 जन्मों के लिए पवित्र बन जाते हो। (एक धर्म की स्थापना होनी है। वह समय आयेगा सब कहेंगे यह तो पवित्र बन रहे हैं। फिर दवाई आदि की भी क्या दरकार है।)

Answers from Sakar Murli 28-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-12-2020*

1. सेवा में सदा _____ करना – यही प्यार का सच्चा सबूत है।
° _जी हाजिर_

2. *बहुत समय के विजयी* , विजय माला के मणके बनते हैं। तो ऐसे विजयी बनने लिए क्या करना है?
° *सदा बाप को सामने* रखो – जो बाप ने किया वही हमें करना है। हर कदम पर *जो बाप का संकल्प वही बच्चों का* संकल्प, जो बाप के बोल वही बच्चों के बोल – तब विजयी बनेंगे। (यह *अटेन्शन सदाकाल का* चाहिए तब सदाकाल का राज्य-भाग्य प्राप्त होगा क्योंकि जैसा पुरूषार्थ वैसी प्रालब्ध है। सदा का पुरूषार्थ है तो सदा का राज्य-भाग्य है।)

3. अभी प्रैक्टिस करो हम अपने भाई आत्मा को ज्ञान देते, _____ -समान बनाने। बाप से वर्सा लेने लिए क्योंकि सब आत्माओं का ____ है। बाबा आते हैं सभी आत्माओं को अपना-अपना शान्ति वा सुख का _____ देने। हम जब _____ -धानी में होंगे, बाकी सब शान्तिधाम में होंगे। पीछे _____-जयकार होगी, यहाँ सुख ही सुख होगा इसलिए बाप कहते हैं _____ बनना है।
° _आप_, _हक_, _वर्सा_, _राज_, _जय_, _पावन_

4. “मीठे बच्चे – _____ बिगन्स एट होम अर्थात् पहले खुद _____ -अभिमानी बनने की मेहनत करो फिर दूसरों को कहो, आत्मा समझकर _____ को ज्ञान दो तो ज्ञान तलवार में _____ आ जायेगा”
° _चैरिटी_, _आत्म_, _आत्मा_, _जौहर_

5. संगमयुग पर किन *दो बातों की मेहनत* करने से सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे? (2)
° दु:ख-सुख, निंदा-स्तुति में *समान स्थिति* रहे – यह मेहनत करो। (कोई भी कुछ उल्टा-सुल्टा बोले, क्रोध करे तो तुम चुप हो जाओ, कभी भी मुख की ताली नहीं बजाओ।)
° *आंखों को सिविल* बनाओ, क्रिमिनल आई बिल्कुल समाप्त हो जाए, हम *आत्मा भाई-भाई* हैं, आत्मा समझकर ज्ञान दो, आत्म-अभिमानी बनने की मेहनत करो तो सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे। *सम्पूर्ण पवित्र* (और स्प्रीचुअल) बनने वाले ही गद्दी नशीन बनते हैं।

6. बाप कहते मैं तुम बच्चों को _____ देता हूँ। मैं बच्चों की तरफ, _____ को देखता हूँ और आत्मायें भी समझती कि हमारा _____ जो बाप है वह ज्ञान देते तो इसको कहेंगे ______ अभिमानी। इसको ही कहा जाता _____ ज्ञान की लेन-देन – आत्मा की परमात्मा साथ।
° _ज्ञान_, _आत्माओं_, _परमात्मा_, _रूहानी_, _स्प्रीचुअल_

7. हम भाइयों को बाबा पढ़ा रहे। आत्मायें पढ़ती हैं, यह _____ नॉलेज है, जो सिर्फ इस समय ______ बाप से मिलती क्योंकि बाप आते ही हैं संगमयुग पर जबकि _____ बदलती है। बाप आकर यही तो रूहानी नॉलेज देते कि अपने को ______ समझो। आत्मा _____ आई थी, यहाँ फिर शरीर धारण कर पार्ट बजाती है।
° _रूहानी_, _रूहानी_, _सृष्टि_, _आत्मा_, _अशरीरी_

8. कोई बच्चे अच्छी तरह से _____ देते, तो उनको ऊंचा समझते। अगर खुशी में रहना चाहते तो _____ , आत्मा समझो और बाप को याद करो। सामने परमात्मा को देखो तो वो _____ तख्त पर बैठा है। ऐसे भाइयों तरफ, आत्मा समझ फिर _____ से बात करो। भाई को हम _____ देते।
° _अटेन्शन_, _मनमनाभव_, _अकाल_, _भाई_, _ज्ञान_

9. रूहानी बाप रूहानी बच्चों से _____ करते, तुम आत्माओं को यह _____ का तीसरा नेत्र मिला है। जब हम भाई-भाई को देखेंगे तो कर्मेन्द्रियाँ _____ नहीं होंगी। और ऐसे करते-करते आंखें _____ हो जायेंगी। बाप कहते विश्व का _____ बनने लिए यह मेहनत करनी है। इसी आदत से “वी आर ऑल _____ ” – यह प्रैक्टिकल हो जायेगा।
° _बात_, _ज्ञान_, _चंचल_, _सिविल_, _मालिक_, _ब्रदर्स_

10. बाप समझाते ही सहज करके हैं। ____ लगाया, अब नाटक पूरा होता, अभी बाबा की ____ में रहते। सतोप्रधान बन, सतोप्रधान _____ का मालिक बनते, फिर ऐसे ही _____ उतरते हैं, देखो कितना सहज बताते। हर 5 हज़ार वर्ष बाद मेरे को आना होता, ड्रामा के प्लैन अनुसार मैं _____ -मान हूँ। बाप की मामेकम् याद में _अन्त_ मती सो गति हो जायेगी, सद्गति, नई दुनिया में देवी-देवता बनेंगे।
° _चक्र_, _याद_, _दुनिया_, _सीढ़ी_, _बंधाय_

11. यह तो *सीढ़ी उतरनी-चढ़नी* है, यहां बाबा ने किसका मिसाल दिया?
° *जिन्न की कहानी* है ना।उसको सीढ़ी उतरने और चढ़ने का काम दिया गया। (यह नाटक ही है चढ़ना और उतरना। इतनी छोटी आत्मा में यह अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यह है सबसे वण्डरफुल बात।)

12. बाप आकरके यह ____ देते हैं सर्विस करने की। बच्चों को हर एक का ______ करना ही है,बहुत बच्चों को यह शौक रहता है कि बाबा ____ खोलूं। हम सेन्टर खोलते हैं, हम ____ उठायेंगे। जैसे जिसने _____ पहले जो पुरूषार्थ किया, वह अभी भी ऐसे ही मेहनत करते रहते।
° _हिम्मत_, _कल्याण_, _सेन्टर्स_, _खर्चा_, _कल्प_

13. *माला* (के मणको) को क्यों सिमरते हैं?
° क्योंकि (सेवा में) *बाप की बहुत मदद की है*, तो क्यों नहीं सिमरे जायेंगे। (तुम सिमरे भी जाते हो, तुम्हारी पूजा भी होती है और तुम्हारे शरीर को भी पूजा जाता है। पूजा में भी तुम तीखे, यादगार में भी तुम तीखे और बादशाही में भी तुम तीखे। देखो, तुमको कितना ऊंचा बनाता हूँ। तो जैसे प्यारे बच्चे होते हैं, बहुत लव होता है तो बच्चों को कुल्हे पर, माथे पर भी रखते हैं। बाबा एकदम सिर पर रख देते हैं। अच्छा!)

Answers from Sakar Murli 26-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-12-2020*

1. सन्तुष्टता का फल _____-ता है, प्रसन्नचित बनने से _____ समाप्त हो जाते।
° _प्रसन्न_, _प्रश्न_

2. जिससे ____ होता उसको आटोमेटिकली फालो करना होता। सदा याद रहे यह कर्म जो कर रहे, यह ______ फादर है? बाप को कॉपी करते बाप _____ बनो। जैसे कार्बन पेपर डालते, वैसे ______ का पेपर डालो तो कॉपी हो जायेगा। क्योंकि स्वयं को हर ______ से सम्पन्न बनाने का समय है। अगर स्वयं, स्वयं को सम्पन्न नहीं कर सकते तो _______ लो, नहीं तो टू लेट हो जायेंगे।
° _स्नेह_, _फालो_, _समान_,
_अटेन्शन_, _शक्ति_, _सहयोग_

3. फिर जो तुम्हारी एक्ट _____ -युग में चली होगी, वही चलेगी। समझा जाता है सतयुग है _____ दुनिया। जरूर वहाँ सब कुछ नया ____ -प्रधान और सस्ता होगा, जो कुछ कल्प पहले हुआ था वही होगा। देखते भी हैं – इन लक्ष्मी-नारायण को कितने _____ हैं। हीरे-जवाहरात _____ बहुत रहता।
° _सत_, _नई_, _सतो_, _सुख_, _धन_

4. “मीठे बच्चे – बाबा आये हैं तुम्हें बेहद की _____ देने, ऐसे मीठे बाबा को तुम प्यार से याद करो तो पावन बन जायेंगे”। यह जो नई दुनिया की _____ है, वह बेहद का बाप ही देते हैं सिर्फ इन द्वारा।यह बेहद की _____ तुमको उनसे मिलती, वह है बड़ा बाबा।
° _जागीर_ _प्रापर्टी_, _बादशाही_

5. बाबा घड़ी-घड़ी _____ बच्चे क्यों कहते? क्योंकि अब ______ को जाना है। फिर जब इस दुनिया में आयेंगे तो _____ होगा। आत्माओं ने यह शान्ति और सुख का _____ कल्प पहले भी पाया था। अब फिर यह वर्सा ______ हो रहा, यह अनादि बना-बनाया है। वर्सा ______ से मिलता है, वह है बेहद का बाप।
° _रूहानी_, _आत्माओं_, _सुख_, _वर्सा_, _रिपीट_, _क्रियेटर_

6. वही कहते हैं ______ याद करो। बाप कहते हैं अपने को ______ समझो। इसको कहा जाता है याद की _____ । देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को _____ आत्मा समझना है। खाती-पीती सब _____ करती है ना। इस समय तुमको _____ -अभिमानी बनना है।
° _मामेकम्_, _आत्मा_, _यात्रा_, _अशरीरी_, _आत्मा_, _देही_

7. इस याद की यात्रा से तुम पतित से _____ बनते हो। यह तो है _____ की यात्रा। यह तुम्हारी यात्रा है _____-धाम जाने के लिए। जो अच्छी रीति याद करते हैं वही जा सकते हैं और फिर ऊंच _____ भी वह पा सकते।
° _पावन_, _आत्मा_, _परम_, _पद_

8. अगर बुद्धि में ठीक रीति बैठ गया तो कहेंगे बस हम इस _____ यात्रा में लग जाता हूँ। ऐसे _____ वेग से लग जाएं तो अच्छी दौड़ी पहन सकते। घर में रहते भी बुद्धि में आ जायेगा यह तो बहुत अच्छी ____ बात है। हम अपने को आत्मा समझ _____ -पावन बाप को याद करता हूँ। बाप के _____ पर चलें तो पावन बन सकते। बनेंगे भी जरूर, _____ की बात है, है बहुत सहज।
° _रूहानी_, _तीव्र_, _राइट_,
_पतित_, _फरमान_, _पुरुषार्थ_

9. बाबा ने समझाया है – यह तुम्हारा बहुत _____ कुल है। बच्चे समझते हैं हम _____-मत पर सतयुग की स्थापना कर रहे। तुम हो ईश्वरीय _____ के ईश्वरीय भाती। यह _____-योग एक बाप ही सिखलाते, वही गीता का भगवान है। सबको यही बाप का निमंत्रण वा _____ देना है, बाकी सब बातें हैं _____ श्रृंगार।
° _ऊंच_ _श्री_, _मिशन_, _राज_, _पैगाम_, _ज्ञान_

10. हमारी आत्मा में यह _____ है जो चल रहा। _____ थी जो फिर से हम राजयोग सीख रहे हैं बाप से। बाप को ही आकर यह नॉलेज देनी थी, आत्मा में _____ है। वहाँ जाए पहुँचेंगे फिर नई दुनिया का पार्ट _____ होगा। आत्मा के सारे _____ को इस समय तुम समझ गये हो शुरू से लेकर। इतनी छोटी आत्मा में 84 जन्मों का पार्ट है, ऐसे _____ चीज़ और कोई हो न सके।
° _पार्ट_, _नूंध_, _नूंध_, _रिपीट_, _रिकार्ड_, _आश्चर्यवत_

11. बाबा के लिए तो कहते हैं सतयुग-त्रेता के समय _____ में रहते। हम तो _____ -राउण्ड पार्ट बजाते। सबसे जास्ती हमारा ____ है। तो बाप वर्सा भी _____ देते हैं। कहते हैं 84 जन्म भी तुम ही लेते हो। हमारा तो पार्ट फिर ऐसा है जो और कोई बजा न सके। ____ बातें हैं ना।
° _विश्राम_, _आल_, _पार्ट_,
_ऊंच_, _वण्डरफुल_

12. _____ मेल-फीमेल नहीं है। आत्मायें सब _____ हैं तो भाई-भाई हो जाती हैं। आत्मा बाप का बच्चा है ना, ______ लेते हैं बाप से इसलिए मेल ही कहेंगे। सब आत्माओं का ____ है, बाप से वर्सा लेने का। उसके लिए बाप को ____ करना है। अपने को आत्मा समझना है, हम सब ____ हैं।
° _आत्मा_, _बच्चे_, _वर्सा_, _हक_, _याद_, _ब्रदर्स_

13. बाप से या तुम _____ से ही सुन सकते हैं। बाप तो तुम बच्चों से ही _____ करते हैं। _____ शोज़ फादर है ना, बच्चों को ही पढ़ाना है।
° _बच्चों_, _बात_, _सन_

14. तुम बच्चे ही बहुतों की _____ कर ले आते हो। बाबा समझते हैं यह बहुतों को _____ -समान बनाते हैं। तुम रूहानी ____ भी हो, जो सबको रावण की जंजीरों से छुड़ाते। जितनी जो सर्विस करते हैं उतना _____ मिलता। जितना पढ़ेंगे उतना ट्रांसफर हो _____ -पुरी में ऊंच पद पायेंगे।
° _सर्विस_, _आप_, _सेना_,
_फल_, _अमर_

15. बाप को प्यार भी करना होता है क्योंकि यह है बहुत प्यारे ते प्यारी _____ । प्यार का _____ भी है, एकरस _____ हो न सके, कोई याद करते कोई नहीं। किसको समझाने का भी _____ रहता है ना। यह युनिवर्सिटी है, यह स्प्रीचुअल _____ है।
° _वस्तु_, _सागर_, _प्यार_, _नशा_, _पढ़ाई_

16. दिन-प्रतिदिन और ही _____ निकलते रहेंगे, जो मनुष्य देखने से ही समझ जाएं। _____ है बहुत अच्छी। जो इस कुल का होगा उनको _____ लगेगा। जो हमारे देवता धर्म के _____ होंगे वही आयेंगे। तुमको _____ होगा यह तो बहुत रूचि से सुन रहे हैं।जो _____ पर तत्पर होंगे वही दिल पर चढ़ेंगे और तख्त पर भी।
° _चित्र_, _सीढ़ी_, _तीर_, _पत्ते_, _फील_, _सर्विस_

17. विनाश नजदीक होगा तो सबको मालूम पड़ेगा हमारा ____ आया हुआ है। अब नई दुनिया की स्थापना, पुरानी का विनाश होना है, बहुतों को _____ होंगे। संन्यासियों, राजाओं आदि को _____ मिलेगा। जब सुनेंगे बेहद का बाप आया है, सद्गति देने वाला तो ______ आयेंगे। अखबारों द्वारा अनेकों को _____ मिलेगा। तुम बच्चे _____ -अभिमानी बनते जायेंगे, एक बाप की ही याद में अतीन्द्रिय सुख में रहेंगे।
° _बाबा_, _साक्षात्कार_, _ज्ञान_, _बहुत_, _सन्देश_, _आत्म_

Answers from Sakar Murli 25-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-12-2020*

1. याद और सेवा दोनों का _____ ही डबल लॉक 🔒है।
° _बैलेन्स_

2. संगमयुग पर सदा स्व में स्थित रहने से तन का कर्मभोग योग में परिवर्तन कर देते इसलिए सदा _____ हो। मनमनाभव होने के कारण ______ की खान से सदा सम्पन्न हो। ____ धन सब धनों से श्रेष्ठ है, उनकी प्रकृति स्वत: दासी बनती। सर्व ____ एक के साथ हैं, सम्पर्क भी _____ -हंसों से है…इसलिए श्रेष्ठ भाग्यवान का ______ स्वत: प्राप्त है।
° _स्वस्थ_, _खुशियों_, _ज्ञान_, _संबंध_, _होली_, _वरदान_

3. तुम *बच्चों का अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ* है, क्यों? (3)
° क्योंकि तुम *सदा ही बाबा की याद में खुशियाँ मनाते* हो, अभी तुम्हारी सदा ही क्रिसमस है। तुम्हें *भगवान पढ़ाते* हैं, इससे बड़ी खुशी और क्या होगी, यह *रोज़ की खुशी* है इसलिए तुम्हारा ही अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ है।

4. ज्ञान का तीसरा _____ देने वाला रूहानी बाप रूहानी बच्चों को समझाते। बाप आकरके मुक्तिधाम-जीवनमुक्तिधाम की _____ बता रहे। इस तीसरे नेत्र से तुम ______ के आदि-मध्य-अन्त को जान गये। यही तुम्हारी बुद्धि में ज्ञान की _____ है। _____ ….’ यही सबसे मीठी चीज़ है, बस बाप को याद करो।
° _नेत्र_, _राह_, _सृष्टि चक्र_,
_सैक्रीन_, _मनमनाभव_

5. तुम बच्चे इस समय ब्रह्मा मुख वंशावली _____ कुल भूषण हो। तुम्हारा है ______ कुल, इसको कहा जाता है ऊंच ते _____ कुल। इस समय तुम्हारा यह _____ अमूल्य है। तो बाबा कहते हैं इस समय पांच ______ को छोड़कर योग में रहो तो _____ बढ़ती रहेगी, बढ़ते-बढ़ते 150 वर्ष हो जायेगी।
° _ब्राह्मण_, _सर्वोत्तम_, _ऊंच_, _जीवन_, _विकारों_,
_आयु_

6. गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए, अपने धन्धेधोरी का कर्तव्य करते हुए ____ फूल के समान रहो और मुझे _____ करो। यहाँ तो तुम ______ -जन्मान्तर उस माशूक के आशिक रहे हो। तुम मुझे याद करो तो तुम्हारे _____ कट जायें, क्योंकि बाप _____ -पावन है। अभी तुम _____ बनो।
° _कमल_, _याद_, _जन्म_,
_पाप_, _पतित_, _पावन_

7. जब तक जीना है बाबा को _____ करना है। बाप कहते हैं तुम अपने को _____ समझकर बाप को याद करो और _____ गुण धारण करो तो ऐसे बन जायेंगे। तो बच्चों को _____ अच्छी तरह पढ़नी चाहिए, मुख्य तन्त है _____ को याद करो।
° _याद_, _आत्मा_, _दैवी_, _पढ़ाई_, _बाप_

8. बाप आकरके बच्चों को समझाते, तुम्हारे अभी सुख के ____ आने वाले हैं, पुकारते भी हो – हे _____ हर्ता, सुख दाता। जानते हो बरोबर _____ में सब सुखी ही सुखी हैं। सारे दुनिया की _____ को पार लगाना है। यह सारी दुनिया जैसे एक बहुत बड़ा _____ है इनको पार लगाते हैं।
° _दिन_, _दु:ख_, _सतयुग_,
_नईया_, _जहाज_

9. जब प्रदर्शनी में या सेन्टर पर कोई भी आते हैं तो उनको *पहले-पहले* क्या समझाओ?
° बाबा को याद करो क्योंकि *वह ऊंच ते ऊंच है*। तो ऊंचे ते ऊंचे को ही याद करना चाहिए, उनसे कम को थोड़ेही याद करना चाहिए। (कहते हैं ऊंचे से ऊंचा भगवान। भगवान ही तो *नई दुनिया की स्थापना* करने वाले हैं।)

10. अपने से पूछना चाहिए, मैं उत्तम हूँ, मध्यम हूँ या _____ हूँ? अपने को आपेही परखना चाहिए, मैं ऐसे ऊंचे ते ऊंचा इम्तहान पास करके ऊंच पद पाने के _____ हूँ? मैं _____ करता हूँ? तुम अपने को ____ समझ करके निश्चयबुद्धि होकरके सर्विस में लग जाओ। बाप की सर्विस, ऑन ___ फादरली सर्विस।
° _कनिष्ट_, _लायक_, _सर्विस_, _आत्मा_, _गॉड_

11. यह मैजिस्टी से भी *ऊंची सर्विस* है, कैसे?
° क्योंकि *मैजिस्टी (महाराजा) बनाते* हैं। (यह भी तुम समझ सकते हो कि बरोबर हम वर्ल्ड का मालिक बनते हैं।)

12. बाप कहते हैं – बच्चे, सर्विसएबुल बनो, बाबा को फालो करो क्योंकि *मैं भी तो सर्विस करता हूँ ना*। शिवबाबा ने अपनी सर्विस का कौन-सा *जबरदस्त मिसाल* सुनाया?
° मैं आया ही हूँ सर्विस करने लिए और *रोज़-रोज़ सर्विस* करता हूँ क्योंकि *रथ भी तो लिया है* ना। रथ भी मज़बूत, अच्छा है और सर्विस तो इनकी सदैव है। भले इनका शरीर बीमार पड़ जाये, मैं तो बैठा हूँ ना। तो मैं इनके अन्दर में बैठ करके लिखता भी हूँ, अगर यह *मुख से नहीं भी बोल सके तो मैं लिख सकता हूँ*। मुरली नहीं मिस होती है।

13. जो अच्छी रीति पुरूषार्थ करते उनको ही ____ -वीर कहा जाता, जो बाबा के _____ पर चलते। जब भी किससे बात करो तो समझो हम ____ हैं, अपने _____ से बात करते। बैठक कहाँ है? ____ तख्त पर। आत्मा अकाल मूर्त है, वह कभी विनाश नहीं होती। दुनिया में जो भी आत्मायें हैं, उनका तख्त यह _____ है।
° _महा_, _डायरेक्शन_, _आत्मा_, _भाई_, _अकाल_,
_भ्रकुटी_

Answers from Sakar Murli 24-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-12-2020*

1. जोश में आना भी मन का _____ है – अब यह फाइल खत्म करो।
° _रोना_

2. संगमयुग पर विशेष *सर्व प्राप्तियों में स्वयं को सम्पन्न* बनाना है, इसलिए क्या चेक करना है? _(वरदान)_
° सर्व *खजाने* , सर्व *सम्बन्ध* , *सर्वगुण* और *कर्तव्य* को सामने रख चेक करो कि सर्व बातों में *अनुभवी बने हैं?* यदि किसी भी बात के अनुभव की कमी है तो उसमें स्वयं को *सम्पन्न बनाओ* । (एक भी सम्बन्ध वा गुण की कमी है तो *सम्पूर्ण स्टेज* वा सम्पूर्ण मूर्त नहीं कहला सकते इसलिए बाप के गुणों वा अपने आदि स्वरूप के गुणों का अनुभव करो तब सम्पूर्ण मूर्त बनेंगे।)

3. “मीठे बच्चे – यह शरीर रूपी _____ आत्मा रूपी चैतन्य _____ से चलता है, तुम अपने को आत्मा निश्चय करो तो _____ बन जायेंगे। हम आत्मा सुनती हैं, यह पक्की-पक्की _____ डालनी है।
° _खिलौना_, _चाबी_, _निर्भय_, _आदत_

4. *आत्मा शरीर के साथ खेल* खेलते नीचे आई है इसलिए उसको कौन सा नाम देंगे?
° *कठपुतली* । (जैसे ड्रामा में कठपुतलियों का खेल दिखाते हैं वैसे तुम आत्मायें कठपुतली की तरह 5 हज़ार वर्ष में खेल खेलते नीचे पहुँच गयी हो। बाप आये हैं तुम कठपुतलियों को ऊपर चढ़ने का रास्ता बताने। अब तुम *श्रीमत की चाबी लगाओ तो ऊपर चले जायेंगे*।)

5. यह ज्ञान का सागर तुम बच्चों को ज्ञान _____ देते, जिससे तुम देवता बनते। तुम ज्ञान रत्न ____ -ते हो। अब रत्न चुगने से तुम ____ -बुद्धि, _____ -नाथ बनते हो ना। यह पारसनाथ (लक्ष्मी-नारायण) विश्व के ____ थे।
° _रत्न_, _चुग_, _पारस_, _पारस_, _मालिक_

6. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को ____ -मत देते। अभी तुम बच्चों को ____ मत मिल रही है।बाप हमको कितनी _____ मत दे रहे हैं। जरूर मनुष्य से _____ बनाने की मत देते हैं।
° _श्री_, _ईश्वरीय_, _ऊंच_, _देवता_

7. बाप कहते हैं तुम पतित बन गये हो, अब _____ बनने लिए _____ याद करो। यह _____ बनने का मेला संगमयुग पर ही होता। मुझे याद करो चाबी लग जायेगी, आत्मा _____-प्रधान बन जायेगी। अब तुम्हारी आत्मा रूपी _____ भरती है। जितना याद करेंगे उतना उसमे _____ भरती जायेगी।
° _पावन_, _मामेकम्_, _पुरूषोत्तम_, _सतो_, _बैटरी_, _पावर_

8. कहाँ भी बैठे बाप को _____ करना है। मालूम है बाप की याद से ही हमारे _____ विनाश होंगे। खाते-पीते, _____ आदि करते बाप को याद करो। हर एक को अपने को ही ____ करनी है। ईश्वर ने तो मत दी है कि ऐसे-ऐसे करो तो तुम्हारी _____ बुद्धि बन जायेगी।
° _याद_, _विकर्म_, _स्नान_, _मदद_, _दैवी_

9. ड्रामा चलता रहता, इसके आदि-मध्य-अन्त को कोई जानते नहीं, बाप ने समझाया है अब तुमको _____ आई है। बाप अर्थ समझाते हैं _____ कला और उतरती कला का, 5 हज़ार वर्ष की बात है। अभी तुम सो ब्राह्मण बने हो फिर सो _____ (सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी) बनेंगे। यहाँ बच्चों को डायरेक्ट _____ बना रहे। वह है _____ -धाम, वहाँ बीमारी आदि कोई होती नहीं। _____ से राजाई पद पाये, ऐसा तो कभी सुना नहीं होगा।
° _स्मृति_, _चढ़ती_, _देवता_, _पावन_, _सुख_, _पढ़ाई_

10. तुम्हारे पास जब कोई आते हैं तो बोलो तुम ईश्वर की ____ हो ना। ईश्वर ____ -बाबा है, शिवजयन्ती भी मनाते हैं। वह है भी _____ दाता। उनको अपना _____ तो है नहीं, तो निराकार बाप भी आये कैसे? गायन भी है ____ पर आते हैं।
° _सन्तान_, _शिव_, _सद्गति_, _शरीर_, _रथ_

11. लिखना चाहिए – निराकार भगवान कहते हैं मुझ एक को _____ करो। अपने को _____ समझो। अपनी _____ को भी याद नहीं करो। _____ ज्ञान एक ही शिवबाबा से तुमको मिलता है। यह ज्ञान सागर से _____ निकलते हैं।
° _याद_, _आत्मा_, _देह_, _अव्यभिचारी_, _रत्न_

12. जितना _____ करेंगे – उतना ऊंच पद पायेंगे। ____-राउन्ड सर्विस करनी है। बाप की सर्विस में हम ____ देने भी तैयार हैं। बहुत बच्चियाँ तड़पती रहती – बाबा हमको छुड़ाओ तो सर्विस में लगे, जिससे बहुतों का _____ हो। अभी इस रूहानी सेवा से ____ कला होती है।
° _सर्विस_, _आल_, _हड्डी_, _कल्याण_, _चढ़ती_

13. जो बाबा की दिल पर सो ____ तख्त पर बैठते हैं। ऐसे ही _____ माला में आ जाते। _____ भी होते, सर्विस भी करते। बाप बहुत याद-प्यार उनको देंगे जो ____ में हैं। तो जांच करनी है, मैं ____ पर चढ़ा हुआ हूँ? ____ का दाना बन सकता हूँ?
° _ताउसी_, _विजय_, _अर्पण_, _सर्विस_, _दिल_, _माला_

14. ईश्वर की मत *एक ही बार* मिलती। क्यों?
° क्योंकि ईश्वर तो *आते ही हैं एक बार*। तो उनकी मत भी एक बार ही मिलेगी। (एक देवी-देवता धर्म था। जरूर उन्हों को ईश्वरीय मत मिली थी, उसके आगे तो हुआ संगमयुग। बाप आकर दुनिया को बदलाते हैं। तुम अब बदल रहे हो।)

15. जो नापास होते हैं वह चन्द्रवंशी बन जाते हैं। किसमें *नापास* होते, ज्ञान या योग?
° *योग में*। (ज्ञान तो बहुत सहज समझाया है। कैसे तुम 84 का चक्र लगाते हो।)

16. *मुख्य कड़ी बीमारी* कौन-सी है?
° *देह-अभिमान* से ही फिर और विकार आते हैं। मुख्य कड़ी बीमारी देह-अभिमान की है। (सतयुग में देह-अभिमान का नाम ही नहीं होगा। वहाँ तो है ही तुम्हारी प्रालब्ध।)