Answers from Sakar Murli 23-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-12-2020*

1. सहन करना ही स्वयं के _____ रूप को प्रत्यक्ष करना है।
° _शक्ति_

2. सत्यता है प्रत्यक्षता का आधार। बाप को प्रत्यक्ष करने लिए निर्भय ______ स्वरूप बोलो। जब सब मानेंगे हमारा _____ एक है वही कार्य कर रहे, हम एक की ______ एक हैं, एक ही यथार्थ है..तो विजय का झण्डा लहरायेगा। इसी ______ से मुक्तिधाम जायेंगे फिर पार्ट में पहले यही संस्कार इमर्ज होंगे _____ इज़ वन। यही ______ एज की स्मृति है।
° _अथॉरिटी_, _बाप_, _सन्तान_, _संकल्प_, _गाड_, _गोल्डन_

3. सतयुग में होते हैं पावन, वह है ही _____ दुनिया। सतयुग को कहा ही जाता है _____ । स्वर्ग को कहा ही जाता है _____ वर्ल्ड। _____ दुनिया की स्थापना भी गुप्त हो रही है।
° _पावन_, _स्वर्ग_, _वाइसलेस_, _नई_

4. पहली-पहली मुख्य बात, अपने को _____ निश्चय करो और बाप को _____ करो तो जंक उतर जाए, सब _____ दूर हो जायेंगे। यह तो अति _____ है, भारत का प्राचीन सहज राजयोग, 5 हज़ार वर्ष पहले वाला। यह _____ बिगर कोई समझा नहीं सकते और _____ बिगर कोई समझ न सके।
° _आत्मा_, _याद_, _दु:ख_, _सहज_, _बाप_, _बच्चों_

5. तुम बच्चों को कहा ही जाता है – गुप्त _____ । तुम्हारी लड़ाई है ही _____ से। सबको कहते हो _____ बनो। एक बाप के _____ हो ना। प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे तो सब _____ हुए ना।
° _वारियर्स_, _5 विकारों_, _पवित्र_, _बच्चे_, _भाई-बहन_

6. बाप कहते ____ की यात्रा पर रहो। _____ धारण करने हैं। सर्वगुण ______ यहाँ बनना है इसलिए बाबा कहते हैं _____ रखो। याद की _____ का भी चार्ट रखो तो पता पड़ेगा कि हम फायदे में हैं या घाटे में?
° _याद_, _दैवीगुण_, _सम्पन्न_, _चार्ट_, _यात्रा_

7. कोई तो कुछ भी समझते नहीं। वह क्या *राजा-रानी* बनेंगे। _(बाबा ने यहां एक हंसी की बात सुनाई)_
° *एक के ऊपर राजाई करेंगे क्या?* (हर एक को अपनी प्रजा बनानी है। टाइम बहुत वेस्ट करते हैं। बाप तो कहते हैं बिचारे हैं। थोड़े पुरूषार्थ करते इसलिए माला भी कितनी थोड़ों की ही है। 8 बड़ी स्कालरशिप लेंगे फिर 108 प्लस में रहते हैं ना।)

8. कोई कहते *एक-दो घण्टे याद* रहती! बाबा का जबरदस्त उत्तर?
° क्या लौकिक बाप से तुम एक-दो घण्टा प्रीत रखते हो? *सारा दिन बाबा-बाबा* करते रहते हो। यहाँ भल बाबा-बाबा कहते हैं परन्तु *हड्डी प्रीत* थोड़ेही है। बार-बार कहते हैं शिवबाबा को याद करते रहो। *सच-सच याद* करना है। चालाकी चल न सके।

9. बहुत हैं जो कहते हैं *हम तो शिवबाबा को बहुत याद करते* हैं… बाबा का वन्डरफुल उत्तर?
° फिर *वह तो उड़ने लग पड़े*। (बाबा बस हम तो जाते हैं सर्विस पर बहुतों का कल्याण करने। जितना बहुतों को पैगाम देंगे उतना याद में रहेंगे।)

10. बहुत बच्चियाँ कहती हैं *बन्धन है*। बाबा का उत्तर?
° अरे, बन्धन तो सारी दुनिया को है, *बन्धन को युक्ति से काटना* है, युक्तियाँ बहुत हैं। (सर्विस के शौक वाले आपेही भागेंगे। यहाँ तो बाप कहते हैं मित्र-सम्बन्धियों आदि का भी उद्धार करो। सबको पैगाम देना है – मनमनाभव का, तो तमोप्रधान से सतोप्रधान बन जायें।)

11. पिछाड़ी में सब साक्षात्कार होगा हम कैसे ______ होते हैं। तुम पढ़ते हो _____ दुनिया लिए, अभी हो संगम पर। पढ़कर पास करेंगे तो _____ कुल में जायेंगे। अभी ______ कुल में हैं। _____ भगवान जरूर आयेगा ना। यह ड्रामा बड़ा वन्डरफुल बना हुआ है, उसको तुम जानते हो और _____ बजा रहे हो।
° _ट्रांसफर_, _नई_, _दैवी_,
_ब्राह्मण_, _निराकार_, _पार्ट_

12. स्कूल में जितना अच्छी रीति पढ़ेंगे, बड़ी _____ होगी। तुमको 21 ____ लिए हेल्थ वेल्थ मिलती, कम बात है क्या। यहाँ भल वेल्थ है परन्तु _____ नहीं जो पुत्र-पोत्रे खा सकें। बाप ने सब कुछ इस ____ में लगा दिया, कितना जमा हो गया, सबका थोड़ेही _____ होता।
° _आमदनी_, _जन्म_, _टाइम_, _सेवा_, _जमा_

13. तुम्हारे बोर्ड पर _____ अक्षर बहुत जरूरी है, सिर्फ ब्रह्मा लिखने से जोरदार नहीं होता। और कोई पास यह ______ नॉलेज है नहीं। सारा दिन ______ चले – क्या लिखें जो मनुष्य समझें। पहले एक बात बताओ – तुम _____ हो अविनाशी। बाप भी अविनाशी है, _____ -पावन है। अब या तो घर जाना है या ____ दुनिया में।
° _प्रजापिता_, _स्प्रीचुअल_, _चिंतन_, _आत्मा_, _पतित_, _नई_

14. *ज्यादा प्रश्न पूछना*, इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° प्रश्नों के जास्ती *जंगल* में पड़ जायेंगे तो फिर निकलने का रास्ता मिलेगा नहीं। जैसे *फागी* में मनुष्य मूंझ जाते हैं तो फिर निकल नहीं सकते हैं, यह भी ऐसे है।

15. तीक-तीक की दरकार नहीं, मनमनाभव। देह के सब _____ छोड़, पुरानी दुनिया में सबका बुद्धि से _____ करना क्योंकि अब वापिस जाना है, _____ बनना है। मामेकम् याद करो तो ____ कट जायें और दैवीगुण धारण करो तो ____ बन जायेंगे और कुछ पूछने की दरकार नहीं। बाप कहते हैं पहले ____ को जानने से सब कुछ जान जायेंगे।
° _सम्बन्ध_, _त्याग_, _अशरीरी_, _पाप_, _देवता_,
_अल्फ_

16. माया का *पाम्प* किसे कहेंगे?
° यहाँ देखो तो *100-125 मंजिल के बड़े-बड़े मकान* बनाते रहते हैं। इनको माया का पाम्प कहा जाता। (भल कितने भी बड़े-बड़े मर्तबे वाले हैं, परन्तु बाप जानते हैं यह तो सब कुछ मिट्टी में मिल जाना है। बाकी थोड़ा समय है…)

17. माया का *जलवा* किसे कहेंगे?
° कहो स्वर्ग चलो, तो कह देते *हमारे लिए स्वर्ग यहाँ ही है* , इनको माया का जलवा कहा जाता है। (परन्तु तुम बच्चे जानते हो यह तो पुराना गांव है, इनको कहा जाता है नर्क, पुरानी दुनिया सो भी रौरव नर्क। दिन-प्रतिदिन बॉम्ब्स आदि भी ऐसे बनाते रहते हैं, जो गिरे और मनुष्य खत्म हो जाएं। परन्तु मनुष्य समझते नहीं हैं कि अभी क्या होने वाला है। यह बातें कोई समझा नहीं सकते सिवाए बाप के, क्या होने वाला है?)

18. बाप अपने बच्चों को *उन्नति* की कौन सी एक (वन्डरफुल) *युक्ति* बताते हैं?
° बच्चे, तुम *आज्ञाकारी* बन *बापदादा की मत* पर चलते रहो। बापदादा दोनों इक्ट्ठे हैं, इसलिए अगर इनके कहने से कुछ नुकसान भी हुआ तो भी *रेस्पान्सिबुल बाप है, सब ठीक कर देगा*। (तुम अपनी मत नहीं चलाओ, शिवबाबा की मत समझकर चलते रहो तो बहुत उन्नति होगी।)

Answers from Sakar Murli 22-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-12-2020*

1. मैं त्यागी हूँ” इस _____ का त्याग ही सच्चा त्याग है।
° _अभिमान_

2. जो बच्चे _____ प्राप्तियों से सदा सम्पन्न हैं वो _____ के झूले में झूलते रहते। कभी भी ____ अभिमान में नहीं आना। झूले से उतरकर धरती पर पांव रखते वो ____ हो जाते। ऊंचे से ऊंचे बाप के _____ बच्चे सदा अतीन्द्रिय सुख में झूलते, ____ में पांव नहीं रख सकते।
° _अलौकिक_, _अतीन्द्रिय सुख_, _देह_, _मैले_, _स्वच्छ_, _मिट्टी_

3. कितने को निमंत्रण बांटते हैं, आकर _____ बर्थ राइट विश्व की बादशाही लो। तुम बाप के _____ हो। बाप है स्वर्ग का रचयिता तो तुमको भी स्वर्ग का _____ होना चाहिए। बाप कहते हैं मैं एक ही बार स्वर्ग की _____ करने आता हूँ। इसको कहा जाता _____ मत। पहले तो एक मत, एक _____ था, सारे विश्व पर।
° _गॉडली_, _बच्चे_, _वर्सा_, _स्थापना_, _अद्वैत_, _राज्य_

4. हम ही सारे विश्व के _____ थे। अभी तुम _____ पर जीत पाते, वहाँ कभी अकाले मृत्यु होता नहीं। वहाँ पूरी _____ लाइफ चलती है। भारत में प्योरिटी, पीस, _____ थी। _____ वर्ष एवरेज आयु थी।
° _मालिक_, _काल_, _एज़_, _प्रासपर्टी_, _150_

5. यह कॉलेज अथवा गॉड फादरली ____ युनिवर्सिटी है। इसकी ______ है मनुष्य से श्री देवता बनना। बच्चे _____ करते हमको यह बनना है। पावन दुनिया _____ को कहते। सतयुग से लक्ष्मी-नारायण की _____ चलती। संवत भी इनसे गिना जायेगा, इसलिए बाबा कहते लिखो इससे _____ वर्ष के बाद त्रेता।
° _वर्ल्ड_, _एम ऑब्जेक्ट_,
_निश्चय_, _स्वर्ग_, _डिनायस्टी_, _1250_

6. अपनी ____ के स्वधर्म में बैठे हो? आत्मा ही सुनती है, बहुत छोटी ____ है। आत्मायें सब (आपस में) _____ हैं। आत्मायें शरीर में आती ____ बजाने, आत्मा को भी जानना है। कहते हैं इनकी आत्मा निकल दूसरे में _____ किया।
° _आत्मा_, _सूक्ष्म_, _भाई-भाई_, _पार्ट_, _प्रवेश_

7. एक ही बेहद का बाप है, जिसको ____ आत्मा कहते। जैसी आत्मा वैसे परमपिता परमात्मा, _____ सबका एक है। समझाने वाला बेहद का बाप _____ है। टीचर हमेशा ओबीडियन्ट ______ होते। तुम कितना _____ से बुलाते, हे पतित-पावन आकर हमको पावन बनाओ। ____ -बाबा को कोई भी जानते नहीं।
° _परम_, _साइज़_, _निराकार_, _सर्वेन्ट_, _हुज्जत_, _शिव_

8. बाप को पुकारते, बहुत _____ से बुलाते। कहते बाबा आप जब आयेंगे आप पर हम _____ जायेंगे। मेरा तो _____ , दूसरा न कोई। तो जरूर उनको _____ करना पड़े। वह खुद कहते हे बच्चों, आत्माओं से ही _____ करते। इसको _____ नॉलेज कहा जाता।
° _प्यार_, _वारी_, _आप_, _याद_, _बात_, _रूहानी_

9. यह सच्ची-सच्ची सत्य नर से नारायण बनने की कथा है। वास्तव में यह है पढ़ाई, तो इनको *कथा क्यों कहते?*
° क्योंकि 5 हज़ार वर्ष पहले भी सुनी थी। पास्ट हो गई है। *पास्ट को कथा कहा जाता* है। (यह है नर से नारायण बनने की शिक्षा।)

10. बाप _____ का सागर है ना। समझते हो हमको मनुष्य से देवता बनने की _______ मिलती है। बाप कहते हैं तुमको नई-नई _____ बातें सुनाते हैं। अब तुम यहाँ आये हो यह _____ बनने। वहाँ कितने _____ होंगे। _____ -गुण भी यहाँ धारण करने हैं।
° _ज्ञान_, _नॉलेज_, _गुह्य_,
_देवता_, _सुख_, _दैवी_

11. कहते हैं – मीठे बच्चे, अपने को _____ समझो, बाप को _____ करो, करते-करते तुम _____ बन जायेंगे, फिर _____ मति सो गति हो जायेगी। _______ बच्चों को तो बिठायेंगे नहीं, सेन्टर्स म्युज़ियम आदि खोलते रहते।
° _आत्मा_, _याद_, _पावन_, _अन्त_, _सर्विसएबुल_

12. ड्रामा के किस *राज़ को समझने वाले* कौन-सी राय किसी को भी नहीं देंगे?
° जो समझते हैं कि ड्रामा में जो कुछ पास्ट हो गया वह फिर से *एक्युरेट रिपीट* होगा, वह कभी किसी को भक्ति छोड़ने की राय नहीं देंगे। (जब उनकी बुद्धि में *ज्ञान* अच्छी रीति बैठ जायेगा, समझेंगे हम *आत्मा* हैं, हमें *बेहद के बाप से वर्सा* लेना है। जब बेहद के बाप की पहचान हो जायेगी तो *हद की बातें स्वत: खत्म* हो जायेंगी।)

13. तुम बच्चे अभी बेहद का _____ करते हो। तुम जानते हो यह पुरानी दुनिया खत्म होने वाली है, इसलिए इन सबसे _____ है। बाबा की भी _____ बनी हुई है। कुटिया में सब _____ हैं।
° _संन्यास_, _वैराग्य_, _कुटिया_, _सुख_

14. गृहस्थ व्यवहार में रहते सिर्फ बुद्धि का ____ बाप से लगाना। शरीर निर्वाह लिए ____ भी करना है, सिर्फ आंखों को ____ बनाने की मेहनत करनी है। बुद्धि में सदा रहे हम प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे _____ हैं। पहले तुम _____ गृहस्थ धर्म के थे, लक्ष्मी-नारायण दोनों पवित्र थे।
° _योग_, _कर्म_, _सिविल_,
_भाई-बहन_, _पवित्र_

Answers from Sakar Murli 21-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-12-2020*

1. जहाँ दिल का ____ है वहाँ सबका सहयोग सहज प्राप्त होता है।
° _स्नेह_

2. *पदमापदम भाग्यशाली* बनने की कौन-सी वन्डरफुल युक्ति वरदान में सुनाई? (2)
° हर सेकण्ड पदमों की कमाई जमा करने का *वरदान* ड्रामा में संगम के समय को मिला हुआ है। ऐसे वरदान को *स्वयं प्रति जमा करो और औरों के प्रति दान करो*
° ऐसे ही *संकल्प* के खजान को, *ज्ञान* के खजाने को, *स्थूल धन* रूपी खजाने को *कार्य में लगाकर* पदमों की कमाई जमा करो (इस समय स्थूल धन भी *ईश्वर अर्थ समर्पण* करने से एक नया पैसा एक रत्न समान वैल्यु का हो जाता है।)

3. “मीठे बच्चे – तुम अभी होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप की ____ में आये हो, तुम्हें ____ में भी होली (पवित्र) बनना है”
° _गोद_, _मन्सा_

4. *होलीएस्ट ऑफ दी होली बच्चों* का नशा-निशानियाँ क्या होंगी? (2)
° उन्हें नशा होगा कि हमने होलीएस्ट ऑफ दी होली *बाप की गोद* ली है। वह हमे पढ़ाकर होलीएस्ट *देवी-देवता बनाते* है। (लक्ष्मी-नारायण, स्वर्ग के मालिक!)
° उनके अन्दर मन्सा में भी *खराब ख्यालात आ नहीं सकते*। वह दैवीगुण वाले *खुशबूदार गुल-गुल फूल* होते हैं, उनसे कोई भी उल्टा कर्म हो नहीं सकता। (वह *अन्तर्मुखी* बन अपनी *जांच* करते हैं कि मेरे से सबको खुशबू आती है? मेरी आंख किसी में डूबती तो नहीं? आपसमान बनाते हैं?)

5. वह ज्ञान सागर भी है, *प्रेम का सागर* भी है। इंगलिश में इसे क्या कहते?
° ओशन ऑफ नॉलेज, *ओशन ऑफ लव* कहते हैं।

6. भाग्य में ऊंच पद होगा (पद्म भाग्यशाली!), तो खान-पान चलन बड़ी _____ से चलेंगे। चलन ऐसी हो जो समझें यह तो होलीएस्ट ऑफ होली के _____ हैं। सिर्फ याद रहे हमको कौन पढ़ाते तो _____ खुशी रहे। हम गॉड फादरली _____ हैं, तो कितना रिगार्ड रहे। तुम सब मिलकर ____ की इमारत बना रहे। फिर भी बाप कहते मनमनाभव, बाप को _____ करो।
° _रॉयल्टी_, _बच्चे_, _कापारी_, _स्टूडेण्ट_, _स्वर्ग_, _याद_

7. तुम्हारा *हौंसला बढ़ाने* लिए बाप क्या कहते? (4)
° बच्चों को तो कहते हैं *नमस्ते बच्चों* । तुम ब्रह्माण्ड के भी मालिक हो, वहाँ सब रहते हो फिर विश्व के भी तुम मालिक बनते हो।
° तुम्हारा हौंसला बढ़ाने के लिए बाप कहते हैं *तुम हमसे ऊंच बनते* हो। मैं विश्व का मालिक नहीं बनता हूँ, अपने से भी तुमको ऊंच महिमा वाला बनाता हूँ। (बाप के बच्चे ऊंच चढ़ जाते हैं तो बाप समझेंगे ना इन्होंने पढ़कर इतना ऊंच पद पाया है।)
° बाप भी कहते हैं हम तुमको पढ़ाते हैं। अब अपना *पद जितना बनाने चाहो, पुरुषार्थ करो*। (बाप हमको पढ़ाते हैं – पहले तो नशा चढ़ना चाहिए।)
° होलीएस्ट ऑफ होली बाप आया हुआ है, तुमको पावन बनाता है। अब *तुम फिर औरों को पावन बनाओ। मैं रिटायर होता* हूँ।

8. सतयुग में हम 16 कला सम्पूर्ण थे, फिर एक दिन भी बीता तो उनको _____ थोड़ेही कहेंगे। थोड़ा-थोड़ा _____ मुआफिक चक्र फिरता रहता। अब तुमको _____ 16 कला सम्पूर्ण बनना है, सो भी आधाकल्प लिए।
° _पूर्णमासी_, _जूँ_, _पूरा_,

9. तुम बच्चे जानते हो हम बहुत _____ -वान बन रहे। देखना है हम _____ से भरपूर हैं? जैसे बाबा कहते, वैसे हम _____ करते। तुम्हारी एम ______ तो देखो कैसी है। धीरज भी धरना, हम भी _____ बन जायें। नॉलेज बड़ी मजे की है – हम इस ______ को होलीएस्ट ऑफ होली बनायेंगे।
° _सम्पत्ति_, _दैवीगुणों_, _पुरूषार्थ_, _ऑब्जेक्ट_, _लायक_, _भारत_

10. हम ब्राह्मणों को _____ -योग सिखलाने वाला होलीएस्ट ऑफ होली बाप है। _____ -बाबा हमको यह बना रहे। कहते _____ याद करो। अपने को _____ आत्मा समझो। ऊंच ते ऊंच शिवबाबा पढ़ाकर ऊंच ते ऊंच बनाते, _____ द्वारा हम यह पढ़ते। ब्रह्मा सो _____ बनते।
° _राज_, _शिव_, _मामेकम्_, _अशरीरी_, _ब्रह्मा_, _विष्णु_

Answers from Sakar Murli 19-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-12-2020*

1. बाप की _____ का दीपक जगाने वाले ही कुल दीपक हैं।
° _श्रेष्ठ आशाओं_

2. बापदादा द्वारा ब्राह्मण जन्म होते ही सारे दिन लिए *अनेक श्रेष्ठ खुशी के खजाने* प्राप्त होते। (जिस कारण जड़ चित्रों को देखकर खुशी में नाचने लगते।) ऐसे आप सब *खुशनसीब* हो, तो अब क्या करना है?
° बहुत खजाने मिले हैं लेकिन सिर्फ *समय पर यूज़ करो* । चाबी को सदा सामने रखो अर्थात् *सदा स्मृति में रखो और स्मृति को स्वरूप में लाओ* तो निरन्तर खुशी का अनुभव होता रहेगा।

3. _____ बच्चों प्रति बाप समझाते। आगे कभी आत्माओं को परमपिता परमात्मा ने _____ नहीं दिया। बाप खुद कहते मैं एक ही बार _____ के पुरुषोत्तम संगमयुग पर आता। मुख्य बात, अपने को _____ समझो और बाप को _____ याद करो। कोई को _____ होती, कोई भूल जाते।
° _रूहानी_, _ज्ञान_, _कल्प_, _आत्मा_, _मामेकम्_, _धारणा_

4. तुमको मैं ही _____ बनाता हूँ – प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा। मैं तो _____ से आता हूँ। ब्रह्मा तो _____ जन्म लेते हैं, मैं नहीं लेता।इनका नाम ______ मैं रखता। सो भी नाम बदलते तब हैं जबकि यह ______ अवस्था में हैं। तुमको अपना बनाकर ____ ब्राह्मण बनाते हैं।
° _ब्राह्मण_, _परमधाम_, _84_, _ब्रह्मा_, _वानप्रस्थ_, _पवित्र_

5. किस मुख्य *विशेषता के कारण पूज्य* सिर्फ देवताओं को ही कह सकते हैं?
° देवताओं की ही विशेषता है जो कभी *किसी को याद नहीं करते*। न बाप को याद करते, न किसी के चित्रों को याद करते, इसलिए उन्हें पूज्य कहेंगे। (वहाँ सुख ही सुख रहता है इसलिए किसी को याद करने की दरकार नहीं। अभी तुम एक बाप की याद से ऐसे पूज्य, पावन बने हो जो फिर याद करने की दरकार ही नहीं रहती है।)

6. “तुम्हारा वायदा है जब आप आयेंगे तो हम ____ जायेंगे, अब बाप आये हैं – तुम्हें _____ याद दिलाने”। आप आयेंगे तो हम आपको ही _____ बनायेंगे, दूसरा न कोई। हम आपका ही बनेंगे। तुम जन्म-जन्मान्तर कहते आये – हम तुम्हारे बिगर किसको _____ नहीं करेंगे। अपनी ____ को भी याद नहीं करेंगे।
° _वारी_, _वायदा_, _अपना_, _याद_, _देह_

7. _____ को यथार्थ रीति कोई जानते नहीं, भल नाम बिगर पार्ट नहीं बजायेंगे। आत्मा छोटी सूक्ष्म _____ है। आत्मा को _____ की अव्यक्त आंखें मिलती हैं। मुझ आत्मा में 84 जन्मों का _____ नूंधा हुआ है, जो मुझे रिपीट करना है।
° _आत्मा_, _बिन्दी_, _ज्ञान_, _पार्ट_

8. बाप ही _____ -पावन है, उनको याद करने से तुम पावन सतोप्रधान बन जायेंगे। अनेक चित्र हैं, _____ को तो पतित-पावन नहीं कहते। कोई भी _____ आदि जिसको शरीर है उनको पतित-पावन नहीं कहेंगे।
° _पतित_, _चित्रों_, _देवी_

9. बाप की श्रीमत मिलती है _____ बनाने लिए, तो उस पर चलना चाहिए। तुम्हें ____ गुण धारण करने हैं। खान-पान भी ______होना चाहिए, चलन बड़ी ______ चाहिए, तुम देवता बनते हो, डबल सिरताज। जितना तुम नज़दीक आयेंगे, ______ अवस्था होती जायेगी। सतयुग में नई दुनिया, नये मकान में _____ भी बहुत रहती।
° _श्रेष्ठ_, _दैवी_, _रॉयल_, _रॉयल_, _कर्मातीत_, _खुशी_

10. यह ज्ञान मार्ग बिल्कुल अलग चीज़ है, इसमें सिर्फ अपने को ____ समझना। भल तुम शरीरधारी बन पार्ट बजाते हो परन्तु बुद्धि से _____ को याद करना। अब _____ बनने लिए पुरुषार्थ करना, तुम कहते भी हो पतित से पावन बनाओ। नर से _____ भी वह बनाते।
° _आत्मा_, _शिवबाबा_, _पावन_, _नारायण_

11. वास्तव में _____ तुम हो। यह पतित-पावन बाप की _____ मददगार हैं, यह किसको भी पता नहीं। तुम्हारा रूप तो यह _____ ही है। यह शरीर तो _____ हो जायेंगे।
° _देवियाँ_, _औलाद_, _साधारण_, _विनाश_

12. बाबा ही सत्य नारायण की कथा सुनाकर _____ बनाते हैं। तुम फिर औरों को ____ कथा सुनाते हो। और कोई ____ न सके, तुम ही जानते। भल तुम्हारे ____ में मित्र-सम्बन्धी-भाई आदि हैं परन्तु वह भी नहीं समझते। अच्छा!
° _पावन_, _सत्य_, _जान_, _घर_,

13. (धारणा) एक-दो को _____ नहीं करना है, लेकिन _____ जरूर देना है।
° _याद_, _रिगार्ड_

Answers from Sakar Murli 18-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-12-2020*

1. संकल्प में भी किसी देहधारी तरफ आकर्षित होना अर्थात् _____ बनना।
° _बेवफा_

2. जिनके सर्व सम्बन्ध बाप साथ हैं, उनको और सम्बन्ध _____ मात्र अनुभव होंगे, वह खुशी में नाचते, कभी थकावट नहीं, ____- होंगे। बाप और सेवा इसी लगन में मगन, सदा _____ विनाशक होंगे। डबल _____, कोई बोझ नहीं। सर्व कम्पलेन समाप्त, _____ स्थिति का अनुभव होगा। _____ -योगी होंगे।
° _निमित्त_, _अथक_, _विघ्न_, _लाइट_, _कम्पलीट_, _सहज_

3. गीत:-दूर देश के रहने वाला…….. बच्चे जानते हैं *दूर देश* किसको कहा जाता है। किसे?
° बाप जरूर ऊपर *मूलवतन* में है। भल तुम यहाँ बैठे हो, बुद्धि में मूलवतन याद आता। वह है *स्वीट* साइलेन्स होम, *निर्वाण* -धाम, *साइलेन्स* धाम, जहाँ आत्मायें रहती। तुम बच्चों की बुद्धि में झट आ जाता, और कोई को पता नहीं। (इस ड्रामा के राज़ को भी अभी तुम बच्चे समझते हो। शुरू से लेकर अभी तक जो हुआ है, जो होने का है, सब बुद्धि में है।)

4. “मीठे बच्चे – रोज़ _____ सागर मंथन करो तो _____ का पारा चढ़ेगा, चलते-फिरते याद रहे कि हम _____ हैं”। आदि से अन्त तक मुझ _____ को सारे सृष्टि के चक्र का मालूम है।
° _विचार_, _खुशी_, _स्वदर्शन चक्रधारी_, _आत्मा_

5. तुम अभी चढ़ रहे, वापिस जाने लिए खुद _____ कर रहे। यह पुराना _____ छोड़ हमको घर जाना है। _____ जाने लिए आधाकल्प भक्ति की है। अभी बाबा हमको कितना _____ समझाते। तुम बच्चों को _____ होनी चाहिए।
° _तैयारी_, _कपड़ा_, _घर_, _सहज_, _खुशी_

6. भगवान हमको पढ़ाते हैं – यह ____ बहुत रहनी चाहिए। बाप _____ पढ़ा रहे हैं। बाबा जो सभी का बाप है, वह हमको _____ पढ़ा रहे हैं। _____ बार पढ़ाया है। तुम विष्णुपुरी के _____ बनने लिए पुरूषार्थ कर रहे हो।
° _खुशी_, _सम्मुख_, _फिर से_, _अनेक_, _देवता_

7. बाबा आया हुआ है हमको _____ -वासी बनाने। कितना _____ होना चाहिए। ____ – _____ बाबा हमको स्वर्गवासी बनाते। है ही ______ रामराज्य। तो ऐसे बाप की ____ पर चलना चाहिए ना।
° _स्वर्ग_, _गद्गद्_, _कल्प_, _कल्प_, _सतोप्रधान_, _मत_

8. अभी तुम _____ होकर बैठे हो। आत्मा को _____ बनाने लिए बाप वही रास्ता बता रहे। मुझे याद करो तो _____ -प्रधान बन, आकर राज्य करेंगे। अपनी अवस्था भी देखना, हमको _____ बनना है। _____ का चित्र सामने रखा है। इतना _____ बनना है, कोई को दु:ख नहीं देना।
° _शान्त_, _पवित्र_, _सतो_, _देवता_, _लक्ष्मी-नारायण_, _मीठा_

9. बाप ने राइट-रांग समझने की _____ दी है, उसके आधार पर ______ धारण करने हैं, किसी को _____ नहीं देना है, आपस में ______ का सच्चा प्यार हो, कभी कुदृष्टि न जाए। कोई दु:ख देने वाली बातें करता, तो _____ कर देना है।
° _बुद्धि_, _दैवीगुण_, _दु:ख_, _भाई-बहन_, _सुनी-अनसुनी_

10. अपनी *उन्नति करने* का सहज साधन कौन-सा है?
° अपनी उन्नति लिए *रोज़ पोतामेल* रखो। *चेक* करो – आज सारा दिन कोई आसुरी काम तो नहीं किया? (जैसे स्टूडेन्ट अपना रजिस्टर रखते हैं, ऐसे तुम बच्चे भी *दैवी गुणों का रजिस्टर* रखो तो उन्नति होती रहेगी।)

11. ज्ञान है समझ और _____ है सब कुछ भूल जाना, ज्ञान से भी परे। आत्मा जानती है हम _____ -धाम के रहने वाले हैं फिर _____ भी है। रूप और बसन्त। _____ भी रूप-बसन्त है ना। रूप भी है और उनमें सारे _____ का ज्ञान भी है।
° _विज्ञान_, _शान्ति_, _ज्ञान_, _बाबा_, _सृष्टि चक्र_

12. बाबा पूछते हैं तुम *विश्व के महाराजा-महारानी* बनेंगे?
° *हाँ बाबा, क्यों नहीं* बनेंगे। (हाँ, इसमें पवित्र रहना पड़ेगा। अभी तुम सर्वगुण सम्पन्न बन रहे हो। )

13. बाप कहते हैं मेरे _____ को ज्ञान सुनाओ, जो मन्दिरों में जाकर देवताओं की _____ करते हैं। _____ भी देखनी होती है। मन्दिरों में सबसे अच्छी _____ होगी। वहाँ _____ माइन्डेड तुमको बहुत मिलेंगे।
° _भक्तों_, _पूजा_, _नब्ज_, _सर्विस_, _रिलीज़स_

14. बाप तो तुमको 21 जन्मों के लिए एवर _____ , _____ बनाते हैं। तुम अपने _____ -बल से कर्मेन्द्रियों पर विजय पा लेते हो। तुम्हें यह ______ कभी धोखा नहीं दे सकती। बाबा ने समझाया है याद में अच्छी रीति रहो, _____ -अभिमानी रहो तो कर्मेन्द्रियाँ धोखा नहीं देंगी। वह है ही अहिंसक देवी-देवताओं का _धर्म_।
° _हेल्दी_, _वेल्दी_, _योग_, _कर्मेन्द्रियाँ_, _देही_

15. वहाँ के शूबीरस आदि भी बहुत स्वादिष्ट _____ चीजें होती हैं। उस _____ की अभी तुम स्थापना कर रहे। तुम्हारा नाम भी है शिव शक्ति _____ मातायें। शिव से तुम _____ लेते हो सिर्फ याद से।
° _फर्स्टक्लास_, _राज्य_, _भारत_, _शक्ति_

16. वह समझते हैं जो भक्ति नहीं करते हैं वह *नास्तिक* हैं। ओर हम क्या कहते?
° *जो बाप और रचना को नहीं जानते* हैं वह नास्तिक हैं, तुम अभी आस्तिक बने हो। त्रिकालदर्शी भी बने हो। तीनों लोकों, तीनों कालों को जान गये हो। (इन लक्ष्मी-नारायण को बाप से यह वर्सा मिला है। अभी तुम वह बनते हो। यह सब बातें बाप ही समझाते हैं।)

17. शिवबाबा खुद कहते, मैं इनमें ____ कर समझाता हूँ। नहीं तो मैं ______ कैसे समझाऊं। पढ़ाने लिए तो _____ चाहिए ना। _____ मुख तो यह है। यह _____ मम्मा है ना, ह्युमन माता। बाप कहते इन द्वारा तुमको सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का राज़ समझाता, _____ बतलाता हूँ।
° _प्रवेश_, _निराकार_, _मुख_, _गऊ_, _बड़ी_, _युक्ति_

18 बाबा घड़ी-घड़ी भूल जाता है, *कृपा करो*। _(सही / गलत)_
° गलत (अरे, *यह तो तुम्हारा काम है* याद करना। मैं क्या कृपा करूँगा। हमारे लिए तो सब बच्चे हैं। कृपा करूँ तो सभी तख्त पर बैठ जाएं। *पद तो पढ़ाई अनुसार* पायेंगे। पढ़ना तो तुमको है ना। पुरूषार्थ करते रहो। *मोस्ट बिलवेड बाप को याद* करना है। (पतित आत्मा वापिस जा न सके। बाप कहते हैं जितना तुम याद करेंगे तो याद करते-करते *पावन* बन जायेंगे।)

19. जितना बाप की _____ में रहेंगे उतना खुशी में रहेंगे। अपना कल्याण करना चाहते हो तो _____ पर चलो। बाप आते ही हैं तुम बच्चों का दु:ख दूर कर _____ के लिए सुख देने। तो _____ को भी ऐसा बनना है।
° _याद_, _श्रीमत_, _सदा_, _बच्चों_

Answers from Sakar Murli 14-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-11-2020*

1. स्वमान की ___ पर सदा सेट रहना है तो दृढ़ संकल्प की ____ अच्छी तरह से बांध लो।
° _सीट_, _बेल्ट_

2. जैसे दीपावली पर विशेष *सफाई और कमाई* का ध्यान रखते हैं। ऐसे……… क्या?
° आप भी सब प्रकार की सफाई और कमाई का लक्ष्य रख *सन्तुष्ट आत्मा* बनो। सन्तुष्टता द्वारा ही *सर्व दिव्य गुणों का आह्वान* कर सकेंगे। फिर अवगुणों की आहुति स्वत: हो जायेगी। अन्दर जो कमजोरियाँ, कमियां, निर्बलता, कोमलता रही हुई है, उन्हें समाप्त कर अब *नया खाता* शुरू करो और *नये संस्कारों के नये वस्त्र* धारण कर सच्ची दीपावली मनाओ।

3. *तुमको तो खुशी है* – किस बात की?
° हम *बाप के बने* हैं, उनसे *वर्सा पाते* हैं।

4. तुम पूछ सकते हो जो लक्ष्मी का त्योहार आप मनाते हो, यह कब _____ पर बैठी? तख्त पर बैठने का ही _____ मनाते हैं, उनका जन्म नहीं मनाते। मनुष्य पैसा मांगेंगे, अल्पकाल सुख। कहाँ तो ____ सुख भी होगा ना। ____ का तो उन्हों को पता ही नहीं है। यहाँ स्वर्ग की ____ में कोई खड़ा हो नहीं सकता। नई दुनिया ____ को कहते हैं, उसको हेविन, पैराडाइज़ कहा जाता है।
° _तख्त_, _कारोनेशन_, _स्थाई_, _स्वर्ग_, _भेंट_, _बैकुण्ठ_

5. रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप समझा रहे हैं। पहले-पहले तो बच्चों को समझाते हैं कि अपने को ____ निश्चय करो। पहले ____ है, पीछे शरीर है। जहाँ-तहाँ प्रदर्शनी अथवा म्युज़ियम में, क्लास में पहले-पहले यह सावधानी देनी है कि अपने को _____ समझ बाप को याद करो। बच्चे जब बैठते हैं, सब ____ -अभिमानी होकर बैठो। तुम जानते हो बेहद का बाप बेहद का ज्ञान समझा रहे हैं हम ____ को। आत्मा है ही ____ । एक सितारा है। उनका और कोई नाम रख नहीं सकते।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _देही_, _आत्माओं_, _बिन्दी_

6. (दीपमाला) बाप ने समझाया है – ज्ञान का तीसरा नेत्र खुलना चाहिए तो घर-घर में ____ हो। तुम अपनी ज्योति जगाने बिल्कुल ____ में बैठते हो। बच्चे जानते हैं ____ -धर्म में रहने से पाप कट जाते हैं। जन्म-जन्मान्तर के पाप इस ____ की यात्रा से ही कटते हैं। आत्मा की ज्योत बुझ गई है ना। शक्ति का ____ सारा खत्म हो गया है। वह फिर भर जायेगा क्योंकि आत्मा ____ बन जाती है।
° _सोझरा_, _शान्त_, _स्व_, _याद_, _पेट्रोल_, _पवित्र_

7. “मीठे बच्चे – तुम सच्चे-सच्चे ____ -ऋषि हो, तुम्हारा कर्तव्य है ____ करना, तपस्या से ही ____ लायक बनेंगे”
° _राज_, _तपस्या_, _पूजन_

8. अभी तुम बच्चे जानते हो – विश्व का ____ कौन है? खुद कहते हैं मैं सभी आत्माओं का ____ हूँ। तुम सब मेरे बच्चे हो। अब शिवबाबा तो है निराकार, _____ सोल। उस आत्मा पर नाम है ____ । वह है ____ आत्मा, परमात्मा, उनका नाम है शिव। शिवबाबा यहाँ रहता नहीं है, वह तो ____ -धाम से आते हैं।
° _बाप_, _बाप_, _सुप्रीम_, _शिव_, _परम_, _परम_

9. शिव अवतरण भी है। अभी बाप ने तुमको समझाया है – सभी आत्मायें यहाँ आती हैं पार्ट बजाने। बाप का भी ____ है। बाप तो बहुत बड़ा काम यहाँ करते हैं। _____ मानते हैं तो उनकी तो हॉलीडे और स्टैम्प आदि होनी चाहिए। सब देशों में ____ डे होनी चाहिए क्योंकि बाप तो सबका ____ दाता है ना। उनका जन्म दिन और चले जाने का दिन, डेट आदि का भी पता नहीं पड़ सकता क्योंकि यह तो न्यारा है ना इसलिए सिर्फ शिव- ____ कह देते हैं। यह भी तुम बच्चे जानते हो – आधाकल्प है बेहद का दिन, आधाकल्प है बेहद की रात। रात पूरी होकर फिर दिन होता है। उसके _बीच_ में बाप आते हैं। यह तो एक्यूरेट टाइम है।
° _पार्ट_, _अवतार_, _हॉली_, _सद्गति_, _रात्रि_

10. बाबा *सुख ही देते* , दुःख नहीं। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-कौन सी पॉइंट्स सुनाई? (2)
° *बाप सदैव बच्चों के सुखदाई* ही होते हैं। (मिलकियत देकर जायेंगे, वारिस बनायें। तो बाप कभी बच्चों को दु:ख थोड़ेही देंगे। इम्पॉसिबुल है। तुम मात-पिता कहकर कितनी रड़ियाँ मारते रहते हैं। तो बच्चों का रूहानी बाप सबको *सुख का ही रास्ता बताते* हैं।)
° *सुख देने वाला* एक ही बाप है। *दु :ख हर्ता* सुख कर्ता एक रूहानी बाप है। (यह विनाश भी सुख के लिए ही है। नहीं तो मुक्ति-जीवनमुक्ति कैसे पायेंगे? परन्तु यह भी कोई समझेंगे थोड़ेही।)

11. अभी तुम मीठे-मीठे बच्चों को सिर्फ बाप को ही ____ करना है। चलते-फिरते काम करते बाप को याद करने में ही ____ है। फिर माया चमाट लगा देगी। तुम हो ब्राह्मण, _____ मिसल कीड़े को आपसमान ब्राह्मण बनाना है। तुम हो सच्चे-सच्चे ब्राह्मण। ब्राह्मणों को ही फिर देवता बनना है इसलिए तुम्हारा यह है _____ बनने के लिए संगमयुग। यहाँ तुम आते ही हो पुरूषोत्तम बनने के लिए। पहले ब्राह्मण जरूर बनना पड़े। ब्राह्मणों की ____ है ना।
° _याद_, _कल्याण_, _भ्रमरी_, _पुरूषोत्तम_, _चोटी_

12. अब फिर तुमको ज्ञान चिता पर चढ़ाता हूँ। आत्मा को ही ____ बनाना होता है। अब पतित-पावन बाप आकर पावन बनने की ____ बताते हैं। तुमको तो राखी उनको बांधनी है जो पवित्रता की ____ करें। प्रतिज्ञा जरूर करनी पड़े। भारत को फिर से _____ बनाने लिए हम यह प्रतिज्ञा करते हैं। तुम भी पावन बनो, औरों को भी पावन बनाओ। और किसकी ताकत नहीं जो ऐसे कह सके। तुम जानते हो यह अन्तिम जन्म पावन बनने से हम पावन दुनिया के ____ बनते हैं। तुम्हारा धंधा ही यह है। ऐसे मनुष्य कोई होते ही नहीं। तुमको जाकर यह _____ उठवाना है। बाप कहते हैं काम महाशत्रु है, इस पर विजय पानी है। इस पर जीत पाने से ही तुम जगतजीत बनेंगे। इन लक्ष्मी-नारायण ने जरूर आगे जन्म में पुरुषार्थ किया है तब तो ऐसा बने हैं ना। अभी तुम बता सकते हो – किस कर्म से इनको यह पद मिला, इसमें मूंझने की तो कोई बात ही नहीं।
° _पवित्र_, _युक्ति_, _प्रतिज्ञा_, _पावन_, _मालिक_, _कसम_

13. अब यह तो बच्चे समझते हैं, कल्प-कल्प _____ जो होती आई है वह होनी ही है। हम ब्राह्मण नम्बरवार _____ करते रहते हैं। जो-जो सेकेण्ड गुजरता है उसको ____ ही कहा जाता है। सारी दुनिया का चक्र फिरता रहता है। यह 5 हजार वर्ष का चक्र, ____ मिसल फिरता रहता है। ____ – ___ होती रहती है।
° _स्थापना_, _पुरूषार्थ_, _ड्रामा_, _जूँ_, _टिक_, _टिक_

14. इस ड्रामा में पार्टधारी भी अविनाशी हैं। तुम बच्चों को मालूम पड़ा है कि हम आत्मा ___ कैसे बजाती हैं। तुम जानते हो अभी हम फिर से अपने नये घर जाने वाले हैं। चक्र फिर हूबहू ____ होगा ना। यह बेहद की _फिल्म_ है। बेहद का ____ है। बेहद बाप के बने हैं तो कापारी _____ होनी चाहिए। हम बाप से स्वर्ग का वर्सा जरूर लेंगे। बाप कहते हैं ____ से जो चाहिए सो लो। यह बाबा (बूढ़ा) इतना ऊंच बन सकते हैं तो तुम क्यों नहीं बन सकते हो।
° _पार्ट_, _रिपीट_, _स्लाइड_, _खुशी_, _पुरूषार्थ_,

15. बाबा ने समझाया है – किसको भी प्रदर्शनी आदि दिखाना है तो पहले-पहले यह एम ऑब्जेक्ट समझानी है। सेकण्ड में ____ कैसे मिलती है! रावणराज्य में ही _____ शुरू होती है, सतयुग में तो नाम-निशान नहीं होता। ज्ञान और भक्ति दोनों अलग-अलग हैं ना। अभी तुमको इस पुरानी दुनिया से ______ है। तुम जानते हो यह पुरानी दुनिया अब खत्म होनी है। परन्तु तुम किसको समझाओ तो कोटो में कोई ही समझकर पद पाते हैं। अभी तुम बाप से अपना _____ लेने आये हो – 21 जन्मों के लिए।
° _जीवनमुक्ति_, _भक्ति_, _वैराग्य_, _ऊंच_, _वर्सा_

16. लौकिक *ब्राह्मणों को* क्या समझा सकते?
° तुम्हारा यह कुल *किसने स्थापन* किया? तुम्हारा *बड़ा कौन* है? फिर तुम जब समझायेंगे तो *बहुत खुश होंगे*। (ब्राह्मणों को मान देते हैं क्योंकि वह शास्त्र आदि सुनाते हैं। पहले राखी बांधने के लिए भी ब्राह्मण जाते थे।)

17. कौन-सा पुरूषार्थ *सदाकाल के लिए पूजने लायक* बना देता है?
° *आत्मा की ज्योति जगाने* वा तमोप्रधान आत्मा को *सतोप्रधान बनाने* का पुरूषार्थ करो तो सदाकाल के लिए पूजन लायक बन जायेंगे। (जो अभी ग़फलत करते हैं वह बहुत रोते हैं। अगर पुरूषार्थ करके पास नहीं हुए, धर्मराज की सज़ायें खाई तो सज़ा खाने वाले पूजे नहीं जायेंगे। सज़ा खाने वाले का मुँह ऊंचा नहीं हो सकता।)

Answers from Sakar Murli 13-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-11-2020*

1. ___ बल, ____ भरोसा-इस पाठ को सदा पक्का रखो तो बीच भंवर से सहज निकल जायेंगे।
° _एक_, _एक_

2. जैसे *दीपावली* पर एक दीप से अनेक दीप जगाते, *दीपमाला* मनाते हैं। दीपक में अग्नि होती है, ऐसे……….. क्या? _(वरदान)_
° आप दीपकों में *लगन की अग्नि* है। (अगर एक एक दीपक की एक दीपक के साथ लगन लग गई तो यही *सच्ची दीपमाला* है। तो देखना है कि हम दीपक लगन लगाकर अग्नि रूप बनने वाले, अपनी *रोशनी से अज्ञानता का अंधकार मिटाने वाले* ही सच्चे सेवाधारी हैं।)

3. 5 हजार वर्ष की बात है – जब इनका राज्य था। आधाकल्प के बाद पुरानी दुनिया कहा जाता है इसलिए धन्धे वाले ____ रखते हैं चौपड़े में। उनका भी अर्थ है ना। _____ को फिर विघ्न विनाशक देवता समझते हैं। स्वास्तिका में पूरे 4 भाग होते हैं। अभी दीपावली मनाते हैं, वास्तव में सच्ची-सच्ची दीवाली ____ की यात्रा ही है जिससे आत्मा की _____ 21 जन्मों के लिए जग जाती है। बहुत कमाई होती है। तुम बच्चों को बहुत खुशी होनी चाहिए। अभी तुम्हारा नया ____ शुरू होता है – नई दुनिया के लिये। ____ जन्मों के लिए खाता अभी जमा करना है।
° _स्वास्तिका_, _गणेश_, _याद_, _ज्योति_, _खाता_, _21_

4. ____ ही सुनती है, पढ़ती है, आत्मा में ही ____ हैं। हम आत्मा भिन्न-भिन्न ____ धारण करती हैं। अभी तुम जानते हो हम आत्मायें कहाँ से आई हैं ____ बजाने। तुमने ही 84 ____ जन्म लिए हैं। वह भी अविनाशी हैं। तुम जानते हो कल्प-कल्प 84 का चक्र हम फिरते रहते हैं। अब बाप बच्चों को समझाते हैं, अपने को ____ समझ सुन रहे हो, तो खुशी भी रहेगी। बाप हमको पढ़ाते हैं। भगवानुवाच भी है ना।
° _आत्मा_, _संस्कार_, _शरीर_, _पार्ट_, _वैरायटी_, _आत्मा_

5. ऐसे-ऐसे विचार सागर मंथन करना चाहिए। गायन है मन के जीते जीत, मन से हारे हार……. वास्तव में कहना चाहिए – ____ पर जीत। मनुष्य कहते हैं मन की शान्ति कैसे हो? बाप कहते हैं ____ कैसे कहेगी कि मन की शान्ति चाहिए। आत्मा तो है ही ____ -धाम में रहने वाली। आत्मा जब शरीर में आती है तब कार्य करने लग पड़ती है। बाप कहते हैं तुम अब ____ में टिको, अपने को आत्मा समझो। आत्मा का स्वधर्म है ____ । बाकी शान्ति कहाँ से ढूंढेगी। इस पर रानी का भी दृष्टान्त है ____ का।
° _माया_, _आत्मा_, _शान्ति_, _स्वधर्म_, _शान्त_,
_हार_

6. मीठे बच्चे – यह भूल-भुलैया का खेल है, तुम घड़ी-घड़ी ____ को भूल जाते हो, निश्चयबुद्धि बनो तो इस खेल में फसेंगे नहीं। अभी तुम बच्चों ने ____ को जान लिया है। सम्मुख बैठे हो। जो गाते थे तुम्हीं से ______ …..। वह सब कुछ हो रहा है। तुम जानते हो _____ पढ़ाते हैं। भगवान कौन है? ____ शिव को ही कहेंगे। यह है बेहद का ____, तुम हो बेहद के स्टूडेन्ट।
° _बाप_, _बाप_, _बैठूँ_, _भगवान_, _निराकार_, _टीचर_

7. ____ मेरे पास है। बाकी न मनुष्यों में ___ है, न देवताओं में। जो मैं तुम बच्चों को देता हूँ। यह है रूहानी ____ ।
° _ज्ञान_, _ज्ञान_, _ज्ञान_

8. बाप तुम बच्चों को कितना प्यार से _____ पर बिठाकर ले जाते हैं। ___ का हार बनाए सबको ले जाता हूँ। _____ चिता पर बिठाए, हिसाब-किताब चुक्तू कराए वापिस ले जाते हैं। अब तुम्हारा काम है पढ़ने से, और ____ में क्यों जाना चाहिए। यह तो ____ का समय है, सब हिसाब-किताब चुक्तू कर वापिस चले जायेंगे। यह बेहद के ___ का राज़ तुम बच्चों की बुद्धि में है, और कोई नहीं जानते।
° _नयनों_, _गले_, _ज्ञान_, _बातों_, _कयामत_, _ड्रामा_

9. सब विश्व में शान्ति चाहते हैं, कहते एक धर्म हो जाए तो शान्ति हो। । अब यह तो समझना चाहिए – जरूर विश्व का _____ ही विश्व में शान्ति स्थापन करते हैं। ____ द्वारा शान्ति और सुख की स्थापना होती है। अब तुम बच्चे जानते हो – बाप शान्ति, सुख, ____ की स्थापना कर रहे हैं। विश्व में शान्ति कब थी, बाप कहते हैं तुम्हारे घर में तो चित्र रखे हैं ना। इनका ____ था – तो सारे विश्व में शान्ति थी, उनको स्वर्ग कहा जाता है। नई दुनिया को ही हेविन गोल्डन एज कहा जाता है। अभी ये पुरानी दुनिया बदलनी है। वह _____ स्थापन हो रही है।यही भारत के मालिक थे – इनके राज्य में जरूर सुख-शान्ति थी। _____ वर्ष की बात है – जब इनका राज्य था।
° _मालिक_, _ब्रह्मा_, _सम्पत्ति_, _राज्य_, _राजधानी_, _5 हजार_

10. *पहले जरूर सतोप्रधान दुनिया होती है*, फिर पुरानी तमोप्रधान दुनिया होती है। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° *झाड़ 🌳 भी पहले नया सतोप्रधान होता* है। (नये पत्ते बहुत अच्छे-अच्छे होते हैं। यह तो बेहद का झाड़ है। ढेर धर्म हैं। तुम्हारी बुद्धि अब बेहद तरफ जायेगी। कितना बड़ा झाड़ है। पहले-पहले आदि सनातन देवी-देवता धर्म ही होगा। फिर वैरायटी धर्म आयेंगे।)
° *शुरू में ही नया घर* 🏡 होगा फिर पुराना होता जायेगा। (घर में बच्चों की वृद्धि होती जायेगी। पुत्र, पोत्रे, पर-पोत्रे वह तो पुराने घर में आयेंगे ना। कहेंगे हमारे दादा, परदादा का यह मकान है। पीछे आने वाले भी बहुत होते हैं ना। जितना जोर से पुरूषार्थ करेंगे तो पहले नये घर में आयेंगे।)

11. अनेक बार एक ____ स्थापन हुआ है। फिर अनेक धर्मों की वृद्धि होते-होते ____ बड़ा हो जाता है फिर ____ को आना पड़ता है।
° _राज्य_, _झाड़_, _बाप_

12. वह है रामराज्य। हमेशा ____ राज्य हो तो फिर मनुष्य थक जाएं। कभी सुख देख न सकें। अभी तुम ___ -स्तिक बने हो और ____ -दर्शी भी बने हो। आधा समय है ज्ञान – सतयुग-त्रेता। अभी तुम बच्चे ____ -फुल बनते जाते हो। हमने सबसे जास्ती _भक्ति_ की है इसलिए हम ही पहले-पहले बाप के पास आये हैं। फिर हम ही राजधानी में आयेंगे। तो बच्चों को पूरा ____ करना चाहिए – नई दुनिया में ऊंच पद पाने। बच्चों की दिल होती है अब हम जल्दी नये घर में जायें।
° _रावण_, _आ_, _त्रिकाल_,
_नॉलेज_, _पुरुषार्थ_

13. पत्थरबुद्धि राजायें और ____ -बुद्धि राजायें यहाँ ही हैं। ____ -नाथ का मन्दिर भी है। यह सारी दुनिया कांटों का जंगल हैं। फूलों के ____ को आग लगी, ऐसा कभी सुना नहीं होगा। हमेशा जंगल को आग लगती है। इस सारी दुनिया को ही ___ कहा जाता है।
° _पारस_, _पारस_, _बगीचे_, _भंभोर_

14. तुम जानते हो इस समय हैं ___ बाप। कहते भी हैं वह परम- _____ परमात्मा है। बाबा ने भी देह में आकर प्रवेश किया है। बाप कहते हैं मैं साधारण तन में आता हूँ, इनको भी बैठ समझाता हूँ कि तुम अपने जन्मों को नहीं जानते हो। और कोई ऐसे कह न सके कि बच्चों, देही-अभिमानी बनो, बाप को याद करो। प्रजा- ____ भी बाबा ठहरा ना। नई सृष्टि जरूर प्रजापिता द्वारा ही रची जाती है। हम आत्मायें भाई-भाई हैं फिर शरीर धारण कर भाई-बहन हो जाते। याद _____ को करते और पारलौकिक को करते हैं। प्रजापिता ब्रह्मा को कोई याद नहीं करते। सुख में तो किसी को भी याद नहीं करते हैं। वहाँ सुख ही सुख है। अब बेहद का बाप आये हैं ब्रह्मा के तन में – हम बच्चों को बेहद का ____ देने। उनका बनने से हम बेहद का ____ पाते हैं।
° _3_, _पिता_, _पिता_, _लौकिक_, _सुख_, _वर्सा_

Answers from Sakar Murli 12-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-11-2020*

1. ___ के त्याग में सर्व के माननीय बनने का भाग्य समाया हुआ है।
° _मान_

2. जैसे स्थूल शरीर द्वारा साकारी ईश्वरीय सेवा में बिजी रहते हो ऐसे *अपने आकारी शरीर द्वारा अन्त:वाहक सेवा* भी साथ-साथ करनी है। इसके लिए मुख्य कौन-सी धारणा आवश्यक है?
° इस सेवा के लिए कर्म करते भी किसी भी कर्मबन्धन से मुक्त *सदा डबल लाइट* रूप में रहो। (जैसे ब्रह्मा द्वारा स्थापना की वृद्धि हुई वैसे अभी आपके सूक्ष्म शरीरों द्वारा, *शिव शक्ति के कम्बाइन्ड रूप* के साक्षात्कार द्वारा साक्षात्कार और सन्देश मिलने का कार्य होना है।)

3. तुम कितना ____ बनते हो। बाबा को तो खुशी होती है ना। क्या से क्या बन जाते हैं। अभी तुम बाप के बने हो तो सारे ____ के मालिक बन जाते हो। बाप कहते हैं – मुझे कहते ही हो – ____ गॉड फादर। यह भी तुम जानते हो अभी ____ की स्थापना हो रही है। वहाँ क्या-क्या होगा – यह सिवाए तुम्हारे और कोई की बुद्धि में नहीं है। तुम्हारी बुद्धि में है कि हम विश्व के ____ थे, अब बन रहे हैं। यह बातें तुम बच्चों की ही बुद्धि में हैं तो ____ रहनी चाहिए ना!
° _ऊंच_, _विश्व_, _हेविनली_, _स्वर्ग_, _मालिक_, _खुशी_

4. हमको तो अब बाप को याद कर अपनी आत्मा को पवित्र बनाना है। हम सतोप्रधान थे, ____ थे। अभी तमोप्रधान बने हैं तो दु:खी हैं फिर सतोप्रधान बनना है। नई दुनिया में हमको शरीर भी ____ मिलेगा। अभी हम ____ -पुरी के मालिक बन रहे हैं। तुम बच्चों को सदैव ____ , हर्षितमुख रहना चाहिए। तुम बहुत ____ चिल्ड्रेन हो। बाप 5 हजार वर्ष बाद उन्हीं बच्चों से आकर मिलते हैं। तो जरूर ____ होगी ना। हम फिर से आये हैं बच्चों से मिलने।
° _सुखी_, _गुल-गुल_, _अमर_, _खुश_, _स्वीट_, _खुशी_

5. तुम बच्चों के *अतीन्द्रिय सुख का गायन* क्यों है?
° क्योंकि तुम बच्चे ही इस समय *बाप को जानते* हो, तुमने ही बाप द्वारा सृष्टि के आदि मध्य अन्त को जाना है। तुम अभी संगम पर *बेहद में खड़े* हो। जानते हो अभी हम इस खारी चेनल से *अमृत के मीठे चेनल में जा रहे* हैं। हमें स्वयं *भगवान पढ़ा रहे* हैं, ऐसी खुशी ब्राह्मणों को ही रहती है इसलिए अतीन्द्रिय सुख तुम्हारा ही गाया हुआ है।

6. मीठे बच्चे – बाप जो पढ़ाते हैं, उसे अच्छी रीति पढ़ो तो 21 जन्मों के लिए सोर्स आफ ____ हो जायेगी, सदा ____ बन जायेंगे। कभी बीमार नही होंगे, सदा ____ रहेंगे। यह निश्चय करना होता है। ऐसे-ऐसे निश्चय रखने से तुमको ___ आयेगा।
° _इनकम_, _सुखी_, _अमर_, _हुल्लास_

7. यह बातें सुनकर फिर दूसरों को भी सुनानी है, इसलिए ______ खोलते रहते हैं। जो कल्प पहले हुआ था वही होता रहेगा। म्युज़ियम सेन्टर्स आदि के लिए तुमको बहुत ____ करेंगे, फिर बहुत निकल पड़ेंगे। सारी दुनिया की अब तुम ____ नर्म करते जाते हो। तुम्हारे योग में ____ कितनी जबरदस्त है। ____ तुम योग में रहकर बनाओ, खिलाओ तो बुद्धि इस तरफ खीचेंगी।
° _सेन्टर वा म्यूज़ियम_, _ऑफर_, _हड्डियां_, _ताकत_, _भोजन_

8. तुम्हारा बाप के साथ कितना ____ है। सर्विस करने वाला ____ बच्चा जरूर बाप को प्यारा लगता है ना। अभी तुम समझते हो – आदि सनातन देवी देवता ____ तो यह था ना, कब स्थापन हुआ।
° _लव_, _सपूत_, _धर्म_

9. वह निराकारी बाप है तो जरूर आत्मा को भी _____ ही कहेंगे। आत्मा ही एक ____ छोड़ दूसरा लेती है। फिर ____ बजाती है। मनुष्य फिर आत्मा के बदले अपने को शरीर समझ लेते हैं। मैं _____ हूँ, यह भूल जाते हैं। हम आत्माओं को बाप ने स्मृति दिलाई है। तुम हमारी _____ हो। तुम अभी देवी देवता बनने के लिए पुरूषार्थ कर रहे हो। कौन पढ़ा रहे हैं? खुद परमपिता परमात्मा। तुम समझते हो हमारा यह _____ ब्राह्मण कुल। बाप भी सर्वोत्तम है ना।
° _निराकार_, _शरीर_, _पार्ट_, _आत्मा_, _सन्तान_,
_सर्वोत्तम_

10. हम गॉडली स्टूडेन्ट हैं, इसलिए पढ़ाई का ____ भी रहे तो अपने ____ पर भी ध्यान हो। एक दिन भी पढ़ाई ____ नहीं करनी है। देर से क्लास में आकर टीचर की _इनसल्ट_ नहीं करना है।
° _नशा_, _कैरेक्टर्स_, _मिस_

11. रूहानी _____ का बाप रूहानी ____ के बच्चों प्रति समझा रहे हैं – यानी अपनी मत दे रहे हैं। निश्चय तो अपने को ____ करना है ना। तो सब कहते हैं हम हर 5 हजार वर्ष बाद _____ -युगे बाबा के पास आते हैं। स्टूडेन्ट को ____ तो जरूर याद आयेगा ना। एम आब्जेक्ट तो एक ही है। ____ करना चाहिए – हम बेहद के बाप से पढ़ रहे हैं।
° _बेहद_, _बेहद_, _आत्मा_,
_पुरूषोत्तम संगम_, _स्कूल_,
_सिमरण_

12. तुम जानते हो भगवान किसको कहा जाता है। वह क्या पार्ट बजाते हैं। टॉपिक में भी बताते हो, आओ तो परमपिता परमात्मा की ____ तुमको समझायें। यह तो फिर बापों का बाप है ना। तुम्हारे में भी नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार जानते हैं। अब तुमको ______ रीति बाप का परिचय देना है। तुमको भी बाप ने दिया है तब तो समझाते हो। बाबा बाप भी है, टीचर, सतगुरू भी है, _____ अक्षर तो जरूर डालना है। तुम जानते हो बेहद का बाप सर्व का शिक्षक, सर्व का ____ दाता है। _____ का सुख, बेहद का ज्ञान देने वाला है। ईश्वर को तो ____ कहते हैं परन्तु माया भी कम नहीं है।
° _बायोग्राफी_, _यथार्थ_, _सुप्रीम_, _सद्गति_, _बेहद_, _समर्थ_

13. तुम सभी आत्माओं में पार्ट की नूंध है जो ____ हो रही है। तुम जो सीखते हो वह भी रिपीटेशन है ना। रिपीटेशन के ____ का तुम बच्चों को मालूम हुआ है। कदम-कदम पर ____ बदलता जा रहा है। एक सेकेण्ड न मिले दूसरे से।____ टिक-टिक चलती रहती है। टिक हुई सेकेण्ड पास हुआ। अभी तुम ____ में खड़े हो।
° _रिपीट_, _राज़_, _पार्ट_, _जूँ मिसल_, _बेहद_

14. वन्डर है ना। इनको भी ____ कहेंगे। जीव जन्तु कितने वन्डरफुल हैं। अनेक प्रकार के कीड़े हैं, कैसे पैदा होते हैं, बहुत वन्डरफुल ड्रामा है, इसको कहा ही जाता है ____ । यह भी बना बनाया ____ है। सतयुग में क्या-क्या देखेंगे। वह भी नई चीजें ही होंगी, एवरीथिंग ____ होता है। मोर के लिए तो बाबा ने समझाया है उनको भारत का _____ बर्ड कहते हैं क्योंकि श्रीकृष्ण के मुकुट में मोर का पंख दिखाते हैं। मोर और डेल खूबसूरत भी होते हैं। ___ भी आंसू से होता है, इसलिए नेशनल बर्ड कहते हैं।
° _कुदरत_, _नेचर_, _खेल_, _न्यु_, _नेशनल_, _गर्भ_

15. तुम बच्चे समझते हो *भक्ति मार्ग का विस्तार* तो बहुत है, उनका वर्णन नहीं कर सकते। यहां बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° यह बीज वह झाड़ है। बीज का वर्णन कर सकते हैं। बाकी कोई को बोलो *पेड़ के पत्ते* गिनती करो तो कर नहीं सकेंगे। *अथाह* पत्ते होते हैं। (बीज में तो पत्ते की निशानी दिखाई नहीं पड़ती है।)

16. इस विकारी छी-छी दुनिया से ____ रखनी है, बाप की याद से अपनी आत्मा को पवित्र _____ बनाने का पुरूषार्थ करना है। सदैव खुश, _____ -मुख रहना है।
° _ऩफरत_, _सतोप्रधान_, _हर्षित_

Answers from Sakar Murli 11-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-11-2020*

1. स्वमान में ___ रहो तो अनेक प्रकार के अभिमान स्वत: समाप्त हो जायेंगे।
° _स्थित_

2. मीठे बच्चे – तुम अभी वर्ल्ड सर्वेन्ट हो, तुम्हें किसी भी बात में _____ नहीं आना चाहिए। बाबा भी कहते हैं बच्चे नमस्ते। अर्थ सहित समझाते हैं। तुम अभी पद्मापद्म _____ बन रहे हो। ब्राह्मण जो बनते हैं उनके पांव में ____ हैं। तुम बच्चों को समझाना चाहिए – हम यह राज्य स्थापन कर रहे हैं, इसलिए बाबा ने ___ बनवाये हैं। ___ साड़ी पहनी हुई हो, बैज लगा हो, इससे स्वत: सेवा होती रहेगी।
° _देह-अभिमान_, _भाग्यशाली_, _पद्म_, _बैज_, _सफेद_

3. संगमयुग पर आलराउन्ड सेवा का चांस मिलना-यह भी *ड्रामा में एक लिफ्ट* है, कैसे?
° क्योंकि जो प्यार से यज्ञ की आलराउन्ड सेवा करते हैं उन्हें *सर्व प्राप्तियों का प्रसाद* स्वत:प्राप्त हो जाता है। वे *निर्विघ्न* रहते हैं। एक बारी सेवा की और *हजार बार सेवा का फल* प्राप्त हो गया। (इसलिए सदा स्थूल सूक्ष्म लंगर लगा रहे। किसी को भी सन्तुष्ट करना-यह सबसे बड़ी सेवा है। मेहमान-निवाज़ी करना, यह सबसे बड़ा भाग्य है।)

4. सर्विस का ____ रहना चाहिए। सबको यह पैगाम देने की ___ रचें। मेहनत करनी है। ___ से बताना चाहिए – शिवबाबा कहते हैं मुझे याद करो तो पाप मिट जायेंगे। हम एक ___ के सिवाए और किसको याद नहीं करते हैं। अच्छा!
° _शौक_, _युक्ति_, _नशे_, _शिवबाबा_

5. बड़ी चीज़ होगी (चित्र) तो देखकर पूछेंगे – *यह क्या उठाया है?*
° बोलो, हमने वह चीज़ उठाई है, *जिससे मनुष्य बेगर टू प्रिन्स* बन जायें। दिल में बड़ा *उमंग* , बड़ी *खुशी* रहनी चाहिए। (हम आत्मायें भगवान के बच्चे हैं। हम आत्माओं को भगवान पढ़ाते हैं।)

6. तुम छोटी-छोटी बच्चियां तोतलj भाषा में किसको भी समझा सकती हो। बड़े-बड़े ____ आदि होते हैं, उनमें तुमको बुलाते हैं। यह चित्र तुम ले जाओ और बैठकर समझाओ। भारत में फिर से इन्हों का ____ स्थापन हो रहा है। कहाँ भी ____ सभा में तुम समझा सकते हो। सारा दिन सर्विस का ही नशा रहना चाहिए। बाबा हमको ____ सिखला रहे हैं। शिव भगवानुवाच – हे बच्चों, तुम अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो। तो तुम यह बन जायेगे 21 पीढ़ी के लिए। ____ गुण भी धारण करने हैं। ____ बनाने वाला तो एक ही श्री श्री शिवबाबा है। वही ऊंच ते ऊंच बाप हमको पढ़ाते हैं। शिव भगवानुवाच, मनमनाभव।
° _सम्मेलन_, _राज्य_, _भरी_, _राजयोग_, _दैवी_, _श्रेष्ठ_

7. तुम छोटी-छोटी _____ कोई से भी विजिट ले सकती हो। अभी तुम बहुत श्रेष्ठ बन रहे हो। यह भारत की एम ____ है ना। कितना ____ चढ़ना चाहिए। हम तो ____ बनेंगे।
° _बच्चियां_, _आब्जेक्ट_, _नशा_, _लक्ष्मी-नारायण_

8. जो *अच्छे बच्चे* होंगे – वह कैसी *अवस्था* में बैठेंगे? _(योग में)_
° एक टिक, एकदम लवलीन हो जाते हैं। *एकदम अशरीरी बन जाते* हो। जो अच्छे बच्चे होंगे – वही ऐसी अवस्था में बैठेंगे। (देह का भान निकल जायेगा। *अशरीरी हो उस मस्ती में बैठे रहेंगे* । यह आदत पड़ जायेगी।)

9. इस सृष्टि में सबसे नामीग्रामी हैं यह *राधे कृष्ण, सतयुग के फर्स्ट प्रिन्स प्रिन्सेज* । कभी किसके ख्याल में भी नहीं आयेगा कि यह कहाँ से आये। सतयुग के आगे जरूर कलियुग होगा। *उन्होंने क्या कर्म किये जो विश्व के मालिक बनें?* _(एक शब्द का उत्तर)_
° अभी तुम बच्चे जानते हो – बाप हमको *राजयोग* सिखा रहे हैं। (हमारी एम आब्जेक्ट यह है। तुम्हारे में भी नम्बरवार समझते हैं। कोई तो बिल्कुल ही भूल जाते हैं। चलन ऐसी होती है जैसे पहले थी। यहाँ समझते तो बहुत अच्छा हैं, यहाँ से बाहर निकले खलास।)

10. अब बाप तुम बच्चों को कहते हैं अपने को आत्मा समझ ____ याद करो। सभी आत्माओं को अपने ____ को याद करना है। वास्तव में बच्चों को समझाया है – गुरू कोई भी है नहीं, सिवाए एक के। जिसके नाम पर ही गाते हैं ____ -गुरू अकाल… वह ______ -मूर्त है अर्थात् जिसको काल न खाये, वह है आत्मा, तब यह कहानियां आदि बैठ बनाई हैं। श्रीमत तब मिले जब _____ स्वयं आकर मत देवे। तुम समझा सकते हो कि जरूर कोई की मत से यह (देवता) बने हैं ना। भारत में किसको भी यह पता नहीं कि यह इतना ऊंच विश्व के मालिक कैसे बने। तुमको तो यही ___ चढ़ना चाहिए। यह एम आब्जेक्ट का चित्र सदैव छाती से लगा होना चाहिए। किसको भी बताओ – हमको भगवान पढ़ाते हैं, जिससे हम विश्व का महाराजा बनते हैं। बाप आये हैं इस राज्य की स्थापना करने।
° _मामेकम्_, _बाप_, _सत_,
_अकाल_, _श्री-श्री_, _नशा_,

11. बाप बैठ बच्चों को शिक्षा देते हैं – बच्चे ___ -अभिमानी बनो। यह आदत तुम्हारी फिर ___ जन्म के लिए चलती है। बाबा घड़ी-घड़ी मूल बात समझाते हैं – अपने को ____ समझकर बैठो। ____ बाप हम आत्माओं को बैठ समझाते हैं, तुम घड़ी-घड़ी ___ -अभिमान में आ जाते हो फिर घरबार आदि याद आ जाता है। यह होता है।
° _आत्म_, _21_, _आत्मा_, _परमात्मा_, _देह_

12. यह लिखा हुआ है। देह सहित देह के सर्व सम्बन्ध छोड़ अपने को ___ समझो। बाप याद दिलाते हैं – तुम बच्चे पहले-पहले ____ आये थे, वहाँ तो पवित्र ही रहते हैं। फिर यहाँ आकर अपवित्र भी जरूर होना है। सतयुग को ____ वर्ल्ड, कलियुग को विशश वर्ल्ड कहा जाता है। अब तुम ____ -पावन बाप को याद करते हो कि हमको पावन ____ बनाने आप विशश दुनिया, विशश शरीर में आओ। किसी को समझाओ तो बोलो – बाप कहते हैं तुम अशरीरी आये, अब ____ बनकर जाना है।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _वाइसलेस_, _पतित_, _वाइसलेस_, _अशरीरी_

13. आदि सनातन _____धर्म वाले भी तमोप्रधान बन गये हैं। ____ का भगवान कब आया था? ____ का युग कब था? कोई भी नहीं जानते। तुम जानते हो इस ____ -युग पर ही बाप आकर राजयोग सिखलाते हैं। तमोप्रधान से सतोप्रधान बनाते हैं। भारत की ही बात है। अनेक धर्म भी थे जरूर। गायन है एक धर्म की ____ , अनेक धर्मों का विनाश। सतयुग में था एक धर्म, अभी नहीं है। बाकी सब खड़े हैं। ____ के झाड़ का मिसाल भी बिल्कुल ठीक है।
° _देवी देवता_, _गीता_, _गीता_, _संगम_, _स्थापना_, _बड़_

14. ब्रह्मा के चित्र पर ही मूंझते हैं कि दादा को क्यों बिठाया है। समझाना चाहिए यह तो ____ -रथ है। शिव भगवानुवाच है – यह रथ मैंने लिया है क्योंकि मुझे प्रकृति का ____ जरूर चाहिए। नहीं तो मैं तुमको पतित से ____ कैसे बनाऊं। रोज़ पढ़ाना भी जरूर है। भागीरथ को ही ब्रह्मा कहा जाता है, जिसको ____ भी कहते हैं। यहाँ देलवाड़ा मन्दिर में बैठे हुए हैं ना।
° _भागी_, _आधार_, _पावन_, _महावीर_

15. गीत:- ____ देख ले प्राणी….. ओम् शान्ति। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप कहते हैं – अपनी ___ करो कि याद की यात्रा से हम तमोप्रधान से सतोप्रधान तरफ कितना आगे बढ़े हैं क्योंकि जितना-जितना याद करेंगे उतना ___ कटते जायेंगे।
° _मुखड़ा_, _जांच_, _पाप_

16. बाबा हमको ____ पर बिठाए ले जायेंगे। इन ____ से जो देखते हैं यह कुछ भी रहना नहीं है। यहाँ तो मनुष्य हैं कांटों मिसल। सतयुग है फूलों का बगीचा। फिर हमारे ____ ही ठण्डे हो जायेंगे।
° _नयनों_, _आंखों_, _नयन_

17. कौन सी एक आदत *ईश्वरीय कायदे के विरूद्ध* है, जिससे बहुत नुकसान होता है?
° कोई भी *फिल्मी कहानियां* सुनना वा पढ़ना, *नाविल्स* पढ़ना… यह आदत बिल्कुल बेकायदे है, इससे बहुत नुकसान होता है। (बाबा की मना है-बच्चे, तुम्हें ऐसी कोई किताबें नहीं पढ़नी है। अगर कोई बी.के. ऐसी पुस्तकें पढ़ता है तो तुम एक-दो को सावधान करो।)

Answers from Sakar Murli 10-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-11-2020*

1. मनन करने से जो खुशी रूपी ____ निकलता है-वही जीवन को शक्तिशाली बनाता है।
° _मक्खन_

2. *नम्बरवन* आने का सहज साधन क्या है? कौन-सा *मंत्र* पक्का करना है?
° जो नम्बरवन ब्रह्मा बाप है, उसी *वन को देखो* । (अनेकों को देखने के बजाए एक को देखो और *एक को फालो* करो।)
° *हम सो फरिश्ता* का मंत्र पक्का कर लो तो अन्तर मिट जायेगा (फिर साइन्स का यंत्र अपना काम शुरू करेगा और आप *सम्पूर्ण फरिश्ते देवता बन नई दुनिया में अवतरित* होंगे। तो सम्पूर्ण फरिश्ता बनना अर्थात् साकार बाप को फालो करना।)

3. सतयुग नई दुनिया जो पास्ट हो गई है, उसमें इन लक्ष्मी-नारायण का ___ था। यह किसको भी पता नहीं है। वहाँ हर एक चीज़ ____ है। गीत भी है ना जाग ____ जाग……। ___ -युग है सतयुग। पुराना युग है कलियुग। तुम सतयुग के लिए पढ़ते हो। ऐसा पढ़ाने वाला तो कोई भी नहीं होगा जो कहे कि इस ___ से तुमको नई दुनिया में राज्य पद मिलेगा। ___ के सिवाए और कोई बोल न सके।
° _राज्य_, _नई_, _सजनिया_, _नव_, _पढ़ाई_, _बाप_

4. नई दुनिया और ___ दुनिया में बहुत फ़र्क है। वह है पावन दुनिया, यह है ____ दुनिया। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर पावन बनाओ। ___ को पुराना, सतयुग को नया कहा जाता है। कलियुग अन्त और सतयुग आदि का यह है संगमयुग। बाप नई दुनिया का ______ -शन कराते फिर इस पुरानी दुनिया का ___-शन हो जाता है। ____ राज्य में सब पतित दु:खी हैं। रामराज्य में सब हैं पावन सुखी।
° _पुरानी_, _पतित_, _कलियुग_, _कन्स्ट्रक्_, _डिस्ट्रक्_, _रावण_

5. बाबा भी बहुत ____ करते हैं। वन्डर भी खाते रहते हैं। बाबा की याद में ___ करता हूँ, ___ खाता हूँ, फिर भी भूल जाता हूँ फिर ___ करने लगता हूँ। बड़ी सबजेक्ट है यह।
° _पुरूषार्थ_, _स्नान_, _भोजन_, _याद_

6. बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं – यहाँ जब याद की यात्रा में बैठते हो तो भाई-बहिनों को कहो कि तुम आत्म-अभिमानी हो बैठो और बाप को याद करो। यह ____ दिलानी चाहिए, तुमको भी मिल रही है। हम आत्मा हैं, हमारा ___ हमको पढ़ाने आते हैं। हम भी ____ द्वारा पढ़ते हैं। बाप भी ___ का आधार ले इन द्वारा पहले-पहले यह कहते हैं – बाप को याद करो। ज्ञान सिर्फ एक ही ___ सागर पतित-पावन देते हैं। तुमको पहले नम्बर का ___ यही मिलता है – अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो। यह बहुत जरूरी है।
° _स्मृति_, _बाप_, _कर्मेन्द्रियों_, _कर्मेन्द्रियों_, _ज्ञान_, _पाठ_

7. बेहद के बाप को याद करो तो ___ विनाश हो जाएं। हम अभी ____ बन रहे हैं याद की यात्रा-बल से। यह है ही राजयोग बल। सतयुग में तुम कितना तन्- ___ रहते हो।
° _विकर्म_, _पावन_, _दुरूस्त_

8. माया ने आत्मा के ___ तोड़ डाले हैं। आत्मा उड़ती है ना। एक शरीर छोड़ दूसरा लेती है। आत्मा है सबसे तीखा ___ । तुम बच्चों को यह नई-नई बातें सुनकर वन्डर लगता है। आत्मा में 84 जन्मों का ___ नूंधा हुआ है। ऐसी बातें दिल में याद रखने से ___ आयेगा।
° _पंख_, _रॉकेट_, _पार्ट_, _उमंग_

9. ___ में ही मन-बुद्धि है। ____ ही पढ़ती है। नौकरी आदि सब कुछ ____ ही करती है। शिवबाबा भी ____ है। परन्तु उनको परम कहते हैं। वह ज्ञान का सागर है। वह बहुत छोटी ___ है। यह भी किसको पता नहीं है, जो उस बाप में ____ हैं वही तुम बच्चों में भरे जाते हैं। अभी तुम योगबल से पावन बन रहे हो। उसके लिए पुरूषार्थ करना पड़े।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _बिन्दी_, _संस्कार_

10. बुलाते भी हैं हे पतित-पावन आओ, आकर ____ बनाओ। गीता में भी अक्षर है मामेकम् याद करो। देह के सर्व सम्बन्ध ___ अपने को आत्मा समझो। यह देह के ____ पहले नहीं थे। तुम आत्मा यहाँ आती हो ___ बजाने। गायन भी है – अकेले आये, ___ जाना है। गीता में भी है देह सहित देह के सब धर्म छोड़ो। बाकी रही ____ । देह को भूल अपने को आत्मा समझो।
° _पावन_, _त्याग_, _सम्बन्ध_, _पार्ट_, _अकेला_, _आत्मा_

11. पहले तो यह बताओ कि बाप कहते हैं – देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को ____ समझो। तुम आत्मा ____ आई थी, अब फिर वापिस जाना है। अभी तुम्हारी आत्मा कहेगी कि हम असुल ____ के रहने वाले हैं। यहाँ यह 5 तत्वों का ___ लिया है – पार्ट बजाने के लिए।
° _आत्मा_, _अशरीरी_, _परमधाम_, _पुतला_

12. बाबा पूछते हैं – *आगे कभी मिले हो?*
° *हाँ बाबा, कल्प पहले* मिले थे। (बाबा पूछते हैं और तुम उत्तर देते हो अर्थ सहित। ऐसे नहीं कि तोते मिसल कह देंगे।)

13. फिर बाबा पूछते हैं – *क्यों मिले थे, क्या पाया था?*
° हमने *विश्व का राज्य पाया था* , उसमें सब आ जाता है।

14. तुम बच्चों के *मुख से कौन से शुभ बोल* सदा निकलने चाहिए?
° सदा मुख से यही शुभ बोल बोलो कि *हम नर से नारायण बनेंगे* , कम नहीं। हम ही *विश्व के मालिक थे फिर से बनेंगे* । (लेकिन यह मंजिल ऊंची है, इसलिए बहुत-बहुत खबरदार रहना है। अपना पोतामेल देखना है। एम ऑबजेक्ट को सामने रख पुरूषार्थ करते रहना है, हार्ट-फेल नहीं होना है।)

15. तुम बच्चों को हर बात की स्मृति दिलाई जाती है। ग़फलत नहीं करनी है। बाबा सबको समझाते रहते हैं। कहाँ भी बैठो, ___ आदि करो अपने को आत्मा समझ करो। धन्धे धोरी में जरा मुश्किलात होती है तो जितना हो सके – ____ निकाल याद में बैठो तब ही आत्मा पवित्र होगी। और कोई उपाय नहीं। पहले नम्बर की सबजेक्ट ही यह है कि हम आत्मा ____ बनें। कुछ खामी न रह जाए। नहीं तो नापास हो जायेंगे। माया तुमको हर बात में भुलाती है। आत्मा चाहती भी है ___ रखें। सारे दिन में कोई आसुरी काम न करें। परन्तु माया रखने नहीं देती। तुम माया के चम्बे में आ जाते हो। दिल कहती भी है – ____ रखें। व्यापारी लोग हमेशा फायदे नुकसान देखते हैं। तुम्हारा तो यह बहुत बड़ा पोतामेल है। 21 जन्मों की ____ है, इसमें ग़फलत नहीं करनी चाहिए।
° _धंधा_, _टाइम_, _सतोप्रधान_, _चार्ट_, _पोतामेल_, _कमाई_

16. अपना पोतामेल भी देखना है – इस हालत में हम ऊंच ____ पा सकेंगे वा नहीं? कितनों को ___ बताया है? कितने अन्धों की ___ बना हूँ? अगर सर्विस नहीं करते तो समझना चाहिए – हम प्रजा में चले जायेंगे। अपनी दिल से पूछना है अगर अभी हमारा ____ छूट जाए तो क्या पद पायेंगे? बहुत बड़ी मंजिल है तो खबरदार रहना चाहिए। तुम इस पढ़ाई से कितने ___ बनते हो।
° _पद_, _रास्ता_, _लाठी_, _शरीर_, _ऊंच_

17. *हार्टफेल* किसे कहा जाता?
° कई बच्चे समझते हैं बरोबर *हम तो याद ही नहीं करते तो फिर पोतामेल रखकर क्या करेंगे* । उसको फिर हार्टफेल कहा जाता है। (वह पढ़ते भी ऐसा ही हैं। ध्यान नहीं देते। मिया मिट्ठू बन बैठ नहीं जाना है जो पिछाड़ी में फेल हो जाएं। अपना कल्याण करना है। एम ऑब्जेक्ट तो सामने है। हमको पढ़कर यह बनना है।)

18. *शिव-शिव* मुख से कहना नहीं है। क्यों?
° *बाप का नाम बच्चा थोड़ेही सिमरण करता* है। (यह है सब गुप्त। किसको भी पता नहीं है कि तुम क्या कर रहे हो। जिन्होंने कल्प पहले समझा होगा वही समझेंगे। नये-नये बच्चे आते रहते हैं, वृद्धि को पाते रहते हैं। आगे चल ड्रामा क्या दिखलाता है सो साक्षी होकर देखना है।)

19. बच्चियां लिखती हैं *फलाने ने लिखकर दिया है* कि गीता का भगवान शिव है, यह तो बिल्कुल ठीक है। तो बाबा का जबरदस्त उत्तर? (3)
° भल ऐसे कहते हैं परन्तु बुद्धि में कोई बैठता थोड़ेही है। *अगर समझ जाएं कि बाप आया है तो कहे ऐसे बाप से हम जाकर मिलें* । वर्सा लेवें। (एक को भी निश्चय नहीं बैठता। फट से एक की भी चिट्ठी नहीं आती। भल करके लिखते भी हैं कि नॉलेज बड़ी अच्छी है।)
° परन्तु इतनी हिम्मत नहीं होती जो समझें *वाह ऐसा बाबा* , जिससे हम इतना समय दूर रहे, भक्ति मार्ग में धक्के खाये, अब वह बाप विश्व का मालिक बनाने आये हैं। *तो भाग आये*। (आगे चल निकलेंगे।)
° अगर बाप को पहचाना है, ऊंच ते ऊंच भगवान है तो *उनका बनो ना*। समझानी ऐसी देनी चाहिए जो *कपाट ही खुल जाएं*। अच्छा!

20. स्टूडेण्ट को यह पढ़ाई ____ में रहती है। तुमको भी मुख्य-मुख्य प्वाइंट्स बुद्धि में ____ करनी हैं। नम्बरवन बात ___पक्का करो तब आगे चलो।
° _बुद्धि_, _धारण_, _अल्फ_