Answers from Sakar Murli 09-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-11-2020*

1. मेरेपन की अनेक ____ की भावनायें एक “मेरे बाबा” में समा दो।
° _हद_

2. कोई कितना भी आपके संगठन में कमी ढूंढने की कोशिश करे लेकिन जरा भी संस्कार-स्वभाव का टक्कर न हो। अगर कोई गाली भी दे, इनसल्ट भी करे, आप ____ बन जाओ। अगर कोई रांग भी करता तो आप ____ रहो। कोई टक्कर लेता है तो भी आप उसे स्नेह का ____ दो। यह क्यों, ऐसा क्यों-यह संकल्प करके आग पर तेल नहीं डालो। नम्रता का ____ पहनकर रहो। जहाँ नम्रता होगी वहाँ स्नेह और _सहयोग_ भी अवश्य होगा।
° _सेन्ट_, _राइट_, _पानी_, _कवच_

3. अभी तुम पढ़ रहे हो – ____ -धाम के लिए। यह भी अभी याद है फिर भूल जायेगी। मूल बात है ही ____ की यात्रा। याद से हम ____ बन जायेंगे। अच्छा।
° _सुख_, _याद_, _पावन_

4. बाप को याद करते हैं। गाते भी हैं बाबा आप आयेंगे तो हम ___ जायेंगे। आपको ही ____ करेंगे। बाप कहते हैं तुम कहते थे ना – अभी फिर तुमको याद दिलाता हूँ। अपने को ____ समझ मुझे ही याद करो तो तुम्हारे ____ विनाश हो जाएं। यह ____ बात सबको पसन्द आयेगी।
° _वारी_, _याद_, _आत्मा_, _विकर्म_, _मीठी_

5. *गुणों की धारणा* भी होती जाए और *चलन* भी सुधरती रहे उसकी सहज विधि क्या है?
° जो बाबा ने समझाया है – वह दूसरों को समझाओ। *ज्ञान धन का दान करो* तो गुणों की धारणा भी सहज होती जायेगी, चलन भी सुधरती रहेगी। (जिनकी बुद्धि में यह नॉलेज नहीं रहती है, ज्ञान धन का दान नहीं करते, वह हैं मनहूस। वह मुफ्त अपने को घाटा डालते हैं।)

6. बहुत ____ और ____ से सबको बाप का परिचय देना है। सबको यही ___ – ____ बात सुनाओ कि बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो, इस देह से ____ हो जाओ।
° _प्यार_, _नम्रता_, _मीठी_, _मीठी_, _नष्टोमोहा_

7. प्रदर्शनी में जब अन्दर घुसते हैं तो पहले-पहले *बाप का ही परिचय देना चाहिए* । कैसे-कैसे परिचय दे सकते?
° समझाया जाता है *आत्माओं का बाप एक* ही है। वही गीता का *भगवान* है। (आत्मा का नाम नहीं बदलता। तो तुम बच्चे समझा सकते हो – बेहद के बाप से ही सुख का वर्सा मिलता है। *बाप सुख की सृष्टि स्थापन करते* हैं। भारत में *लक्ष्मी-नारायण का राज्य* था ना। चित्र भी हैं – बोलो यह सुख का वर्सा मिलता है।)
° पहले बाप का परिचय देना है। जब तक यह नहीं समझते कि हम आत्माओं का बाप *शिव* है तो आगे कुछ भी नहीं समझ सकेंगे। (2-3 चित्र आगे रख दो, जिसमें बाप का परिचय हो। बाप का परिचय मिलने से वर्से का भी मिल जायेगा।)
° बाप का नाम सदैव मुख में हो। *आत्मा क्या है, परमात्मा क्या है?* दुनिया में कोई भी नहीं जानते। पहले-पहले समझाना है *बाप ही पतित-पावन* है। (वर्सा भी देते हैं, शाहनशाह बनाते हैं। तुम्हारे पास गीत भी है – आखिर वह दिन आया आज…… जिसका रास्ता भक्ति मार्ग में बहुत तकते थे।)
° शिव जयन्ती मनाते हैं तो *जरूर शिव आया होगा। जरूर कुछ किया होगा।* (वही नई दुनिया बनाते हैं। यह लक्ष्मी-नारायण मालिक थे, अब नहीं हैं। फिर बाप राजयोग सिखलाते हैं। यह राजयोग सिखाया था। तुम्हारे सिवाए और कोई के मुख में आ नहीं सकेगा।)

8. कुछ भी होता है तो ____ समझ शान्त रहना है। क्रोध नहीं करना है। जितना हो सके अपने आपको ____ करना है। युक्ति रच ____ -समान बनाने की कोशिश करनी है।
° _भावी_, _कन्ट्रोल_, _आप_

9. बाप का टाइम कितना वैल्युबुल है, समझाकर क्या से क्या बना देते। ऐसे बाप तुम बच्चों को भी कहते तुम अपना वैल्युबुल टाइम मत गँवाओ। *तुम्हारा टाइम तो बहुत वैल्युबुल है।* इस सारी दुनिया में तुम्हारे जितना वैल्युबुल टाइम कोई का है नहीं। कैसे? (3)
° *तुमको बाप की याद में रहना है* । (समय तो बहुत मिलता है। काम नहीं है तो बाप की याद में बैठ जाना चाहिए, यह है सदाकाल के लिए कमाई, इसमें अटेन्शन जास्ती देना पड़ता है। माया घड़ी-घड़ी और तरफ ख्यालात को ले जाती है। यह तो होगा ही। बाप बच्चों को समझाते हैं मामेकम् याद करो।)
° बाप ने समझाया है सब आत्माओं को अन्त में *वापिस जाना है* । सब आत्मायें शरीर छोड़ चली जायेंगी। तुम बच्चों की बुद्धि में है – *बाकी थोड़े दिन* हैं। (अब फिर से यह सब विनाश हो जाना है।)
° *कयामत का समय* भी इनको कहा जाता है। (आसुरी बंधन का सब हिसाब-किताब चुक्तू कर फिर वापिस चले जाते हैं। 84 जन्मों के पार्ट को तुम जानते हो।)

10. अगर कहे यह तो तुम्हारी ____ है तो एकदम छोड़ देना चाहिए, कुछ भी समझेगा नहीं। नॉलेज ____ को ही देनी है। जो ___ पहले आये थे वही नम्बरवार आयेंगे। वही अच्छी रीति पढ़कर और ____ भी रहे हैं। जो अच्छा पढ़ते हैं वही फिर नम्बरवार ____ होते हैं।
° _कल्पना_, _पात्र_, _कल्प_, _पढ़ा_, _ट्रांसफर_

11. गीत:- *बचपन के दिन भुला न देना* ……..मीठे-मीठे बच्चों ने गीत सुना, *अर्थ* तो अच्छी रीति समझा। क्या?
° *हम आत्मा हैं और बेहद बाप के बच्चे हैं* – यह भुला न दो। (अभी-अभी बाप की याद में हर्षित होते हैं, अभी-अभी फिर *याद भूल जाने से गम में पड़ जाते* हैं। तो बाप कहते हैं आज हंसे कल रो न देना। यह हुआ गीत का अर्थ।)

12. तुम बच्चे जानते हो – बहुत करके मनुष्य ____ के लिए ही धक्का खाते हैं। यह एक ही संगमयुग है, जब बाप आकर समझाते हैं। आत्मा है ही ____ स्वरूप। जब अपने ____ -धाम में है तो शान्त है। सतयुग में भी ____ रहती है, सुख भी है।
° _शान्ति_, _शान्त_, _शान्ति_, _शान्ति_

13. आज बाबा ने कौन-सा *नया चित्र* बनाने लिए कहा?
° बाप कहते हैं – मैं तुमको राजाओं का राजा बनाता हूँ। यह चित्र बनाओ। *डबल सिरताज राजाओं के आगे सिंगल ताज वाले माथा टेकते* हैं। (आपेही पूज्य आपेही पुजारी का भी राज़ समझ में आ जाए। पहले बाप की पूजा करते हैं फिर अपने ही चित्रों की बैठ पूजा करते हैं। जो पावन होकर गये हैं उनका चित्र बनाए बैठ पूजते हैं।)

14. शिवोहम् का जो उच्चारण करते हैं वह भी रांग है। तो *राइट अक्षर* कौन-सा है?
° सो हम, *हम सो* का अर्थ भी तुम समझा सकते हो। तुम ही चक्र लगाए अब *ब्राह्मण कुल से देवता कुल* में जाते हो। बुद्धि में अर्थ रहना चाहिए। वह भी सेकेण्ड की बात है। हम ऐसे चक्र लगाते हैं जिसको स्वदर्शन चक्र भी कहा जाता है। आत्मा को अपने 84 जन्मों का दर्शन होता है।)

15. अब बाप आत्माओं को समझाते हैं – तुम ____ बन गये हो। अपने को आत्मा के बदले शरीर समझ लेते हो। अब बाप तुमको ___ कर रहे हैं। कितना रात-दिन का फ़र्क हो जाता है। सीधा होने से तुम विश्व के ____ बन जाते हो। अभी तुम समझते हो हम आधाकल्प उल्टे थे। अब बाप आधाकल्प के लिए सुल्टा बनाते हैं। अल्लाह के बच्चे हो जाते तो विश्व की ____ का वर्सा मिलता है। रावण उल्टा कर देते हैं तो कला काया ___ हो जाती फिर गिरते ही रहते।
° _उल्टे_, _सीधा_, _मालिक_, _बादशाही_, _चट_

Answers from Sakar Murli 07-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 07-11-2020*

1. निरन्तर योगी बनना है तो हद के मैं और मेरेपन को ____ में परिवर्तन करो।
° _बेहद_

2. दूसरे की गलती को देखकर स्वयं ____ नहीं करो। हम ____ में रहें, उसके संग के प्रभाव में न आयें, जो प्रभाव में आ जाते हैं वह अलबेले हो जाते हैं। हर एक सिर्फ यह जिम्मेवारी उठा लो कि मैं राइट के मार्ग पर ही रहूंगा, अगर दूसरा रांग करता है तो उस समय ____ की शक्ति यूज़ करो। किसी की गलती को नोट करने के बजाए उसको सहयोग का नोट दो अर्थात सहयोग से ____ कर दो तो ____ परिवर्तन का कार्य सहज ही हो जायेगा।
° _गलती_, _राइट_, _समाने_, _भरपूर_, _विश्व_

3. वहाँ अपने फर्स्टक्लास ____ बनायेंगे। जैसे कल्प पहले बनाये हैं। बनायेंगे फिर भी वही जो कल्प पहले बनाया होगा। उस समय वह बुद्धि आ जायेगी। उसका ख्याल अब क्यों करें, इससे तो बाप की ____ में रहें। अभी याद की यात्रा में ___ निभाना है और बहुत ____ में रहना है कि हमको बाप, टीचर, सतगुरू मिला है। इस खुशी में तो ____ खड़े हो जाने चाहिए। तुम जानते हो हम आये ही हैं ____ -पुरी का मालिक बनने।
° _महल_, _याद_, _तोड़_, _खुशी_, _रोमांच_, _अमर_

4. बाबा नये देवता धर्म की स्थापना करने ____ है। कितनी ताकत वाला ____ स्थापन करते हैं। हम बाबा से ताकत लेते हैं, सारे विश्व पर ____ पाते हैं। याद की यात्रा से ही ताकत मिलती है और ____ विनाश होते हैं।
° _निमित्त_, _धर्म_, _विजय_, _विकर्म_

5. आत्मा परमपिता परमात्मा से ____ लगाने से ही पारस बनती है। याद करते-करते आइरन एज से _____ एज में चली जायेगी। _____ -पावन एक को ही कहा जाता है। मुझे याद करो तो तुम ____ बन जायेंगे। टू मच ख्यालात में न जाए, मूल बात हम ____ बनेंगे तो ऊंच पद पायेंगे। समझते हो अब पवित्र बन पवित्र दुनिया का मालिक बनना है। हम ____ -योगी हैं, बाप से वर्सा जरूर लेना है।
° _योग_, _गोल्डन_, _पतित_, _पावन_, _सतोप्रधान_, _राज_

6. रूहानी बाप बैठ रूहानी बच्चों को ____ जन्मों की कहानी सुनाते हैं। तुम ही पहले-पहले सतयुग आदि में ____ देवी-देवता थे। भारत में पहले पूज्य देवी-देवता धर्म का ही ____ था। लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो जरूर _____ होगी। 5 हज़ार वर्ष पहले ही इनका राज्य था – यह स्मृति में लाते हैं। ____ ही पूजे जाते हैं। यह बेहद का बाप बैठ समझाते हैं, जिसको ही ____ -फुल कहा जाता है।
° _84_, _पूज्य_, _राज्य_, _डिनायस्टी_, _पवित्र_, _नॉलेज_

7. बाप समझाते हैं – हर एक _____ को अपना-अपना पार्ट मिला हुआ है। सभी आत्मायें अपने ____ -धाम में रहती हैं। उनमें सारा _____ भरा हुआ है। रेडी बैठे हैं कि जाकर _____ -क्षेत्र पर अपना पार्ट बजायें। यह भी तुम समझते हो हम आत्मायें _____ करती हैं। आत्मा ही कहती है यह खट्टा है, यह नमकीन है। आत्मा ही यहाँ कर्मक्षेत्र पर शरीर लेकर सारा पार्ट बजाती है। तो यह _____ करना चाहिए ना! हम आत्मा ही सब कुछ करती हूँ।
° _आत्मा_, _परम_, _पार्ट_, _कर्म_, _सबकुछ_, _निश्चय_

8. यह *नॉलेज बुद्धि में* रखनी है, और कोई दूसरा काम नहीं करना है। _(सही / गलत)_
° *गलत* , ऐसे नहीं यह नॉलेज बुद्धि में रखते दूसरा काम नहीं करते हैं, कितने ख्यालात रखते हैं। चिट्ठियाँ लिखना, पढ़ना, मकान का ख्याल करना, तो भी *बाप को याद* करता रहता हूँ। बाबा को याद न करें तो विकर्म कैसे विनाश होंगे।

9. कहाँ भी प्रदर्शनी, म्युजियम आदि खोलते हो तो ऊपर में ____ शिव जरूर चाहिए। नीचे में यह लक्ष्मी-नारायण ____ ऑब्जेक्ट। हम यह पूज्य देवी-देवता धर्म की ____ कर रहे हैं।
° _त्रिमूर्ति_, _एम_, _स्थापना_

10. मीठे बच्चे – सबको यह *खुशखबरी* सुनाओ….. कौन-सी? (3)
° अब *डीटी डिनायस्टी* स्थापन हो रही है। (जब वाइसलेस वर्ल्ड होगी तब बाकी सब विनाश हो जायेंगे।)
° मुख्य बात ही यह है – हम भारतवासियों को खुशखबरी सुनाते हैं। *हम यह राज्य स्थापन कर रहे* हैं। (सतयुग में जब यह एक धर्म था तो अनेक धर्म थे नहीं। अब यह पहला आदि सनातन देवी-देवता धर्म प्राय:लोप है।)
° तुम कह सकते हो हम आपको खुशखबरी सुनाते हैं – *शिवबाबा वाइसलेस वर्ल्ड स्थापन कर रहे* हैं। (हम प्रजापिता ब्रह्मा की सन्तान ब्रह्माकुमार-कुमारियां हैं ना। पहले-पहले तो हम भाई-भाई हैं फिर रचना होती है तो जरूर भाई-बहिन होंगे। सब कहते हैं बाबा हम आपके बच्चे हैं तो भाई-बहिन की क्रिमिनल आई जा न सके। यह अन्तिम जन्म पवित्र बनना है, तब ही पवित्र विश्व के मालिक बन सकेंगे।)
° हम खुशखबरी सुनाते हैं। *अब इस धर्म की स्थापना हो रही* है जिसको ही हेविन, स्वर्ग कहते हैं।

11. हम प्रजापिता ब्रह्माकुमार-कुमारियां ____ पर यह कार्य कर रहे हैं। श्रीमत है ही परमपिता परमात्मा ____ की, जो सबका बाप है। _____ ही एक धर्म की स्थापना, अनेक धर्मों का विनाश करते हैं। ____ -योग सीख यह बनते हैं। हम भी यह बन रहे हैं। हमने बेहद का ____ किया है क्योंकि जानते हैं – ये पुरानी दुनिया भस्म हो जानी है। अब हमारे लिए नई ____ स्थापन कर रहे हैं। तुम पढ़ते ही हो – नई दुनिया के लिए।
° _श्रीमत_, _शिव_, _बाप_, _राज_, _सन्यास_, _दुनिया_

12. तुम जानते हो गति-सद्गति _____ है ही एक बाप। पुरानी दुनिया बदलकर जरूर ____ दुनिया स्थापन होनी है। वो तो भगवान ही करेंगे। अब वह नई दुनिया कैसे ____ करते हैं, यह तुम बच्चे ही जानते हो। शिवबाबा ब्रह्मा में ____ कर हमको अपना बनाते हैं। हम शिवबाबा से ____ बनने का वर्सा लेते हैं। शान्ति-सुख का ____ बताने वाला एक ही बाप है।
° _दाता_, _नई_, _क्रियेट_, _प्रवेश_, _पावन_, _रास्ता_

13. अभी तुम पाण्डव सेना के बने हो। अपनी सर्विस करते हुए भी यह ख्याल रखना है, हम जाकर सबको रास्ता बतायें। जितना करेंगे, उतना ऊंच पद पायेंगे। बाबा से पूछ सकते हैं – *इस हालत में मर जायें तो हमको क्या पद मिलेगा?* क्या रिजल्ट है? (3)
° बाबा झट बता देंगे। सर्विस नहीं करते हो इसलिए *साधारण घर में जाकर जन्म* लेंगे। (फिर आकर ज्ञान लेवें सो तो मुश्किल है क्योंकि छोटा बच्चा इतना ज्ञान तो उठा नहीं सकता। समझो बाकी 2-3 वर्ष रहते हैं तो क्या पढ़ सकेंगे?)
° बाबा बता देंगे तुम कोई *क्षत्रिय कुल में जाकर जन्म* लेंगे। (पिछाड़ी में करके डबल ताज मिलेगा। स्वर्ग का फुल सुख पा नहीं सकेंगे। जो फुल सर्विस करेंगे, पढ़ेंगे वही फुल सुख पायेंगे। नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार।)
° यही फुरना रखना है – अभी नहीं बनेंगे तो कल्प-कल्प नहीं बनेंगे। *हर एक अपने को जान सकते* हैं, हम कितने मार्क्स से पास होंगे। (सब जान जाते हैं फिर कहा जाता है भावी।)

14. बैठे-बैठे मनुष्य मर भी जाते हैं इसलिए बाप कहते हैं ____ मत करो। कोई भी मित्र-सम्बन्धी आदि हैं, उन पर ____ पड़ना चाहिए, समझाते रहना चाहिए। कोशिश कर पियरघर, ससुरघर का ______ करना है। सबसे जोड़ना है। हम उनका भी कल्याण करें। बहुत _____ -दिल बनना है। हम सुख तरफ जाते हैं तो औरों को भी _____ बतायें। अन्धों की _____ तुम हो ना। अभी अन्त है, तुम याद के लिए पुरूषार्थ कर रहे हो।
° _सुस्ती_, _तरस_, _कल्याण_, _रहम_, _रास्ता_, _लाठी_

15. *रावण का श्राप* कब मिलता है, श्रापित होने की निशानी क्या है?
° जब तुम *देह-अभिमानी* बनते हो तब रावण का श्राप मिल जाता है। श्रापित आत्मायें *कंगाल विकारी* बनती जाती हैं, नीचे उतरती जाती हैं। (अब बाप से वर्सा लेने के लिए *देही-अभिमानी* बनना है। अपनी *दृष्टि-वृत्ति को पावन* बनाना है।)

Answers from Sakar Murli 06-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 06-11-2020*

1. स्नेह के _____ से मालामाल बन सबको स्नेह दो और स्नेह लो।
° _खजाने_

2. जैसे इकॉनामी से घर-सेन्टर ठीक चलता, वैसे हमे कौन-सी *बेहद की प्रवृत्ति में इकॉनामी* रखनी है?
° चेक करना चाहिए कि *संकल्प, बोल और शक्तियों में* क्या-क्या एक्स्ट्रा खर्च किया? जो *सर्व खजानों की इकॉनामी का बजट* बनाकर उसी अनुसार चलते हैं उन्हें ही महीन पुरूषार्थी कहा जाता है। (उनके संकल्प, बोल, कर्म व ज्ञान की शक्तियां कुछ भी व्यर्थ नहीं जा सकती।)

3. बाप को ही आकर आत्म-अभिमानी बनाना पड़ता है। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप बैठ समझाते हैं। तुम सब पहले ____ हो। यह पक्का निश्चय रखना है। बच्चे जानते हैं हम आत्मायें _____ से आती हैं, यहाँ शरीर लेकर नूँधा हुआ ____ बजाने। आत्मा को _____ तो लेते रहना है, मैक्सीमम ___ जन्मों से लेकर मिनीमम एक-दो। आत्मा अपने को ही नहीं जानती तो अपने ____ को कैसे जाने।
° _आत्मा_, _परमधाम_, _पार्ट_, _पुनर्जन्म_, _84_, _बाप_

4. अभी तुम बच्चे बाप के जीवन को जानते हो। उनसे तुमको ____ मिल रहा है। बेहद के बाप को ____ करते हो। तुम मात-पिता….. कहते हो तो जरूर बाप आया होगा तब तो ____ घनेरे दिये होंगे ना। बाप कहते हैं – मैं आया हूँ, ____ सुख तुम बच्चों को देता हूँ। बच्चों की बुद्धि में यह नॉलेज अच्छी रीति रहनी चाहिए, इसलिए तुम _____ चक्रधारी बनते हो। तुमको अब ज्ञान का _____ नेत्र मिला है।
° _वर्सा_, _याद_, _सुख_, _अथाह_, _स्वदर्शन_, _तीसरा_

5. हम आत्मा पहले सो ____ बनते हैं। अभी ______ हैं फिर सतोप्रधान पावन बनना है। बाप आते ही तब हैं जब सृष्टि पुरानी हो जाती है। बाप आकर पुरानी को ____ बनाते हैं। नई दुनिया में है ही आदि सनातन _____ धर्म। उन्हों के लिए ही कहेंगे पहले कलियुगी शूद्र धर्म वाले थे। अब प्रजापिता ब्रह्मा के मुख वंशावली बन _____ बने हो। ब्राह्मण कुल में आते हो। तुम अभी _____ प्रजापिता ब्रह्मा की सन्तान बने हो और सबसे ऊंच कोटि के हो।
° _देवता_, _पतित तमोप्रधान_, _नया_, _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_, _डायरेक्ट_

6. बाबा हमारी किन *3 प्रकार से सर्विस* करते? _(आज की मुरली अनुसार)_
° बाप बैठ तुम्हारी *पढ़ाई* की सर्विस, *सम्भालने* की सर्विस और *श्रृंगारने* की सर्विस करते हैं। (गॉड फादर कहते हैं – हम आये हैं सब बच्चों की सर्विस में। बच्चों को सुख का रास्ता बताना है। बाप कहते हैं अब घर चलो। बाप आकर इन दु:खों से छुड़ाते हैं। हाहाकार के बाद जयजयकार।)

7. वास्तव में वैल्यु तुम्हारी है। तुमको ______ का पार्ट मिलता है। अब जबकि हीरे जैसा जन्म मिलता है तो _____ पिछाड़ी क्यों पड़ते हो। बाबा तो कहते हैं गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान ____ रहो और सृष्टि चक्र की ____ को जानकर ____ -गुण भी धारण करो तो तुम हीरे जैसा बन जायेंगे। बरोबर भारत 5 हज़ार वर्ष पहले ____ जैसा था। यह है – एम ऑब्जेक्ट।
° _हीरो-हीरोइन_, _कौड़ियों_, _पवित्र_, _नॉलेज_, _दैवी_, _हीरे_

8. “मीठे बच्चे – तुम अभी गॉडली ____ पर हो, तुम्हें सबको ____ का रास्ता बताना है, तुम बच्चों को बहुत सर्विस करनी है ______ में।
° _सर्विस_, _सुख_, _प्रदर्शनी म्युज़ियम_

9. इस _____ संगमयुग जैसी महिमा और कोई युग की है नहीं। ____ -मूर्ति अक्षर भी जरूर लिखना है और _____ ब्रह्मा अक्षर भी जरूरी है। ब्रह्मा सो विष्णु, विष्णु सो ब्रह्मा कैसे बनते हैं। सारे चक्र का ज्ञान तुम इन ____ से समझा सकते हो। इस ______ के चित्र को बहुत महत्व देना है।
° _पुरूषोत्तम_, _त्रि_, _प्रजापिता_, _चित्रों_, _लक्ष्मी-नारायण_

10. बाबा ने समझाया है कि *स्लोगन* बनाओ – कौन-सा?
° हम शूद्र सो ब्राह्मण, *ब्राह्मण सो देवता कैसे* बनते हैं, आकर समझो। इस *चक्र को जानने से तुम चक्रवर्ती राजा* बनेंगे। स्वर्ग का मालिक बन जायेंगे। (ऐसे स्लोगन बनाकर बच्चों को सिखलाना चाहिए। बाबा युक्तियां तो बहुत बतलाते हैं।)

11. ____ पर तुम बहुत सर्विस कर सकते हो। तुम्हारा यह सब है अर्थ सहित ____ । यह तो जीयदान देने वाला ____ है। इनकी ____ का किसको भी पता नहीं है। और बाबा को हमेशा ____ चीज़ पसन्द आती है, जो कोई भी दूर से पढ़ सके।
° _बैज_, _बैजेस_, _चित्र_, _वैल्यु_, _बड़ी_

12. भल इस ज्ञान को सुनते भी हैं परन्तु ऊंच पद कोई ____ पाते हैं। उनके लिए ही कहा जाता है ____ में कोई। _____ भी कोई लेते हैं ना।
° _बिरले_, _कोटों_, _स्कॉलरशिप_

13. ब्राह्मण हैं पुरूषार्थी। *ब्राह्मणों की माला* पिछाड़ी में बनती है। यहां बाबा ने कौन-सा (जवाहरातों का) मिसाल याद किया?
° *मोती की माला* बनाने में बड़ी मेहनत लगती है। (बड़ी सम्भाल से मोतियों को टेबुल पर रखा जाता है कि कहाँ हिले नहीं। फिर सुई से डाला जाता है। कहाँ ठीक न बनें तो फिर माला तोड़नी पड़े। यहां तो बहुत बड़ी माला है। तुम बच्चे जानते हो – हम पढ़ते हैं नई दुनिया के लिए।)

14. सबको चिंता रहती है हम कैसे अपने पैसे आगे के लिए *ट्रांसफर* करें। परन्तु दूसरे जन्म के लिए ईश्वर अर्थ दान-पुण्य करते हैं तो उसका *रिटर्न* इस ही पुरानी सृष्टि में अल्पकाल के लिए मिलता है। यहाँ तुम्हारा ट्रांसफर होता है *नई दुनिया में और 21 जन्मों के लिए* । तो अब क्या करना है?
° *तन-मन-धन प्रभू के आगे अर्पण* करना है। (सो तो जब आये तब अर्पण करेंगे ना। प्रभू को कोई जानते ही नहीं तो गुरू को पकड़ लेते हैं। बाप समझाते हैं – मैं गरीब निवाज़ हूँ इसलिए मैं आता ही भारत में हूँ। तुमको आकर विश्व का मालिक बनाता हूँ। डायरेक्ट और इनडायरेक्ट में कितना फ़र्क है। तुम बच्चों को अब समझ मिलती है तो तुम बेसमझ से समझदार बने हो।)

15. बाप से तुम वर्सा लेते हो इन द्वारा। ____ भी उनसे वर्सा ले रहे हैं। वर्सा देने वाला एक ही है। उनको ही ____ करना है। बाप कहते हैं – बच्चे, मैं इनके बहुत जन्मों के ____ में आता हूँ, इनमें ____ कर इनको भी पावन बनाता हूँ जो फिर यह ____ बन जाते हैं।
° _दादा_, _याद_, _अन्त_, _प्रवेश_, _फरिश्ता_

16. अब तुम अपने बाप को ___ करो। बाप फिर ____ भी है। टीचर को स्टूडेन्ट कभी भूल न सकें। बाप को बच्चे भूल न सकें, ___ को भी भूल न सकें। बाबा कहते हैं – बच्चे, तुम्हें कोई देहधारी ____ आदि करने की दरकार नहीं है।
° _याद_, _टीचर_, _गुरू_, _गुरू_

17. तुम बच्चों की बुद्धि में जब ज्ञान की अच्छी धारणा हो जाती है तो कौन-सा *डर निकल जाता* है?
° भक्ति में जो डर रहता कि *गुरू* हमें *श्राप* न दे देवे, यह डर ज्ञान में आने से, ज्ञान की धारणा करने से निकल जाता है क्योंकि ज्ञान मार्ग में श्राप कोई दे न सके। (रावण श्राप देता है, बाप वर्सा देते हैं। रिद्धि-सिद्धि सीखने वाले ऐसा तंग करने का, दु:ख देने का काम करते हैं, ज्ञान में तो तुम बच्चे सबको सुख पहुँचाते हो।)

Answers from Sakar Murli 05-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-11-2020*

1. विश्व परिवर्तक वही है जो किसी के _____ को ______ में बदल दे।
° _निगेटिव_, _पॉजिटिव_

2. अभी तुम बच्चे *21 जन्मों के लिए अखुट खजानों में वज़न करने योग्य* बनते हो – क्यों? (2)
° क्योंकि *बाप जब नई सृष्टि रचते हैं, तब तुम बच्चे उनके मददगार बनते* हो।
° *अपना सब कुछ उनके कार्य में सफल करते* हो श्रीमत पर इसलिए बाप उसके रिटर्न में 21 जन्मों के लिए तुम्हें अखुट खजानों में ऐसा वज़न करते हैं जो कभी धन भी नहीं खुटता, दु:ख भी नहीं आता, अकाले मृत्यु भी नहीं होती।

3. वहाँ की ____ सतोप्रधान बहुत सुन्दर होती हैं। जैसे सुन्दर देवतायें, वैसे ____ । देखने से ही दिल ___ हो जाए। वह है ही ____ । सभी स्वर्ग को ____ करते हैं। रात होती है अन्धियारी, ____ में है सोझरा।
° _गायें_, _गायें_, _खुश_, _स्वर्ग_, _याद_, _दिन_

4. दिखलाते हैं – *कृष्ण के मुख में माँ ने देखा* माखन के बदले विश्व का गोला। इसका आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° यह है अभी संगम की बात। तुम जानते हो हम यह शरीर छोड़ *बच्चा* जाए बनेंगे। *विश्व का मालिक* बनेंगे। (दोनों क्रिश्चियन आपस में लड़ते हैं और *माखन* मिलता है तुम बच्चों को। राजाई मिलती है ना। तुम अभी ईश्वरीय सन्तान बने हो। अभी तुम ब्रह्माण्ड के मालिक और विश्व के मालिक बनते हो।)

5. आज वरदान में बाबा ने *मेरा-पन के 6 प्रकार* सुनाये। कौन-से?
° मेरा *पुरूषार्थ* , मेरी *इन्वेन्शन* , मेरी *सर्विस* , मेरी *टचिंग* , मेरे *गुण* अच्छे हैं, मेरी *निर्णय शक्ति* बहुत अच्छी है, यह मेरा पन ही रॉयल माया का रूप है।

6. माया ऐसा जादू मंत्र कर देती है जो तेरे को भी ____ बना देती है इसलिए अब ऐसे अनेक _____ से मुक्त बन एक बाप के सम्बन्ध में आ जाओ तो ____ -जीत बन जायेंगे। _____ जीत ही प्रकृति जीत, विश्व जीत व जगतजीत बनते हैं। वही एक सेकण्ड के _____ भव के डायरेक्शन को सहज और स्वत: कार्य में लगा सकते हैं।
° _मेरा_, _बन्धनों_, _माया_, _माया_, _अशरीरी_

7. *ओम् शान्ति* के बदले सिर्फ ओम् कहना भी ठीक है। _(सही / गलत)_
° गलत (कोई-कोई सिर्फ ओम् कहते हैं, परन्तु कहना चाहिए ओम् शान्ति। सिर्फ ओम् का अर्थ निकलता है ओम् भगवान। ओम् शान्ति का अर्थ है *मैं आत्मा शान्त स्वरूप हूँ* । हम आत्मा हैं, यह हमारा शरीर है। पहले है आत्मा, पीछे है शरीर।)
° आत्मा शान्त स्वरूप है, उनका *निवास स्थान है शान्तिधाम* ।
° तुम बच्चों को (शान्ति के सागर द्वारा) *शान्ति का वर्सा* मिल जायेगा। (वहाँ न घर में, न बाहर राजधानी में अशान्ति होती। उसको कहा जाता है शान्ति का राज्य, यहाँ है अशान्ति का राज्य क्योंकि रावण राज्य है। वह है ईश्वर का स्थापन किया हुआ राज्य। अब ईश्वर आकर सर्व की सद्गति कर रहे हैं। पवित्रता, सुख, शान्ति की स्थापना करते हैं। तुम बच्चों को ज्ञान का अब तीसरा नेत्र मिला है।)

8. कहा जाता है ब्रह्मा देवता नम: फिर कहते हैं शिव परमात्माए नम: तो सबसे ____ हो गया ना। उनको कहा जाता है भगवान। कितने मन्दिर हैं, सबसे बड़ा यादगार ____ का है ना, जैसे ____ -नाथ मन्दिर का गायन है। ____ -गर, ____ -गर, ____ -गर, यह शिव परमात्मा को कहा जाता है।
° _ऊंच_, _शिव_, _सोम_, _जादू_, _सौदा_, _रत्ना_

9. गायन भी है दु:ख में सिमरण सब करें……..। बाप सुख का वर्सा देते हैं, फिर _____ करने की दरकार नहीं रहती। तुम मात-पिता…….. यह है _____ मात-पिता की बात। स्कूल में बच्चे अच्छा पास होते हैं तो फिर टीचर को इनाम देते हैं। अब तुम उनको क्या इनाम देंगे! तुम तो उनको अपना ____ बना लेते हो, जादूगरी से। हम सब आत्माओं का वह बाप भी है, ____ भी है।
° _याद_, _पारलौकिक_, _बच्चा_, _टीचर_

10. वह देवतायें हैं मनुष्य, परन्तु ____ -गुण वाले हैं। वहाँ भी 2 भुजा वाले ही मनुष्य होते हैं, परन्तु सम्पूर्ण ____ । वहाँ कितनी खुशी होती है – जाकर ____ बनेंगे। तो तुम बच्चों को बहुत खुशी रहनी चाहिए। हम आत्मा इस शरीर द्वारा ____ को तो देखें।
° _दैवी_, _पवित्र_, _प्रिंस_, _बाबा_

11. आत्मा तो है ही _____, देखने से तुम कुछ भी नहीं समझेंगे। आत्मा तो बहुत ____ है। बहुत डॉक्टर्स आदि ने कोशिश की है आत्मा को पकड़ने की, परन्तु किसको पता नहीं पड़ता। आत्मा जो _____ है उसने तो जाकर दूसरा जन्म लिया। आत्मा में ही अच्छे वा बुरे ____ होते हैं। शरीर में हों तो शरीर के साथ संस्कार भस्म हो जाएं। आत्मा ही ज्ञान _____ करती है, इसलिए बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझो। तुम कहते हो शिवबाबा, हम आत्मायें पढ़ती हैं इस शरीर द्वारा। नई बात है ना। हम आत्माओं को शिवबाबा पढ़ाते हैं। आत्मा ही _____ करती है। बाकी शरीर के नाम बदलते हैं।
° _बिन्दी_, _महीन_, _अविनाशी_, _संस्कार_, _धारण_, _सबकुछ_

12. आत्मा तो आत्मा ही है। मैं ____ आत्मा तुम्हारे मुआफिक पुनर्जन्म नहीं लेता हूँ। मेरा ड्रामा में पार्ट ही ऐसा है, जो मैं इनमें प्रवेश कर तुमको सुना रहा हूँ इसलिए इनको _____ रथ कहा जाता है। इनको पुरानी ____ भी कहते हैं। शिवबाबा ने भी पुराना लांग _____ पहना है। बाप कहते हैं मैंने इसमें बहुत जन्मों के अन्त में प्रवेश किया है। साधारण रीति इस रथ में बैठ पढ़ाते हैं। उनका नाम है भागीरथ। यह है पतित पुराना रथ, जिसमें बाप आकर ऊंच ते ऊंच ____ करते हैं। बाप कहते हैं मुझे तो अपना शरीर है नहीं। मैं जो ज्ञान का सागर, प्रेम का सागर…. हूँ, तो तुमको वर्सा कैसे दूँ! ऊपर से तो नहीं दूँगा। क्या प्रेरणा से पढ़ाऊंगा? जरूर आना पड़ेगा ना। पारलौकिक बाप कहते हैं मैं इनमें प्रवेश कर तुम बच्चों को कांटों से फूल विश्व का मालिक बनाए, आधा-कल्प के लिए सदा _____ बनाए मैं वानप्रस्थ में बैठ जाता हूँ।
° _परम_, _भाग्यशाली_, _जुत्ती_, _बूट_, _सर्विस_, _सुखी_

13. हम कौन-सा एक कार्य कर सकते, जो *ब्रह्मा बाबा भी नहीं कर सकते?*
° बाबा कहते हैं तुम तो जवान हो। मेरे से जास्ती पढ़कर ऊंच पद पाना चाहिए, परन्तु मेरे साथ बाबा है तो मुझे घड़ी-घड़ी उनकी याद आती है। बाबा मेरे साथ सोता भी है, परन्तु *बाबा मुझे भाकी नहीं पहन सकते। तुमको भाकी पहनते* हैं। तुम भाग्यशाली हो ना। (शिवबाबा ने जो शरीर लोन लिया है तुम उनको भाकी पहन सकते हो। मैं कैसे पहनूँ! मुझे तो यह भी नसीब नहीं है इसलिए तुम *लक्की सितारे* गाये हुए हो। शिवबाबा भी कहते हैं तुम मेरे से लक्की हो, तुमको पढ़ाकर विश्व का मालिक बनाता हूँ, मैं थोड़ेही बनता हूँ।)

14. ध्यान में आत्मा कहाँ जाती नहीं। आत्मा निकल जाए तो शरीर खत्म हो जाए। यह सब हैं _____। ड्रामा अनुसार उस समय पर वह _____ होता है, जो ड्रामा में पहले से ही नूँध है। सूक्ष्मवतन में आना-जाना ______ आदि इस समय होता है फिर 5 हज़ार वर्ष सूक्ष्मवतन का नाम नहीं होता। आजकल बाबा ने _______ का पार्ट बन्द कर दिया है, क्योंकि नुकसान हो जाता है।
° _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_, _साक्षात्कार_

15. कोई-कोई महात्माओं का *प्रभाव* इतना क्यों है?
° यह भी बाबा ने समझाया है। झाड़ में *नये-नये पत्ते* निकलते हैं तो सतोप्रधान हैं। ऊपर से *नई सोल* आयेगी तो जरूर उनका प्रभाव होगा ना *अल्पकाल के लिए* (परन्तु वह हमे सतोप्रधान नहीं बना सकते)। (उनका सोने अथवा हीरों में वज़न करते हैं, परन्तु यह तो सब खलास हो जाने हैं। मनुष्यों के पास कितने लाखों के मकान हैं। समझते हैं हम तो बहुत साहूकार हैं। तुम बच्चे जानते हो यह साहूकारी बाकी थोड़े समय के लिए है। यह सब मिट्टी में मिल जायेंगे। किनकी दबी रही धूल में……..)

Answers from Sakar Murli 04-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-11-2020*

1. शुभ ____ कारण को निवारण में परिवर्तन कर देती है।
° _भावना_

2. जो *योगयुक्त, युक्तियुक्त* सेवाधारी हैं वह *सेवा करते भी सदा उपराम रहते* हैं। ऐसे नहीं सेवा ज्यादा है इसलिए अशरीरी नहीं बन सकते। तो इसके लिए कौन-सी युक्तियां अपना सकते? (2)
° याद रहे कि *मेरी सेवा नहीं, बाप ने दी है* तो निर्बन्धन रहेंगे। *ट्रस्टी* हूँ, *बंधनमुक्त* हूँ ऐसी प्रैक्टिस करो।
° *अति के समय अन्त की स्टेज, कर्मातीत अवस्था* का अभ्यास करो। (जैसे बीच-बीच में संकल्पों की ट्रैफिक को कन्ट्रोल करते हो, ऐसे)। तब अन्त के समय पास विद आनर बन सकेंगे।

3. हमे किस बात की *बहुत खुशी* रहनी चाहिए? (2)
° *ओहो! शिवबाबा हमको पढ़ाते हैं।* यही बैठ चिंतन करो। भगवान हमको पढ़ाते हैं, *वाह तकदीर वाह!* ऐसे-ऐसे विचार करते मस्ताना हो जाना चाहिए। वाह तकदीर वाह! बेहद का बाप हमको मिला है, हम बाबा को ही याद करते हैं।)
° तुम बच्चों को तो अभी बड़ी खुशी होती है कि हम अब *कृष्ण की राजधानी में जाते* हैं। हम भी *प्रिन्स-प्रिन्सेज* बन सकते हैं। (सब तो पहले नम्बर में नहीं आयेंगे। नम्बरवार माला बनेगी ना। बाप कहते हैं-बच्चे, खूब पुरूषार्थ करो। यहाँ तुम आये हो नर से नारायण बनने। प्यार भी सबका कृष्ण पर है, झूले में झुलाते हैं।)

4. तुम्हारा _____ है मेरा तो एक दूसरा न कोई। ____ -मोहा बनना है। बाप को याद करना माना ____ पर चढ़ना। शरीर को भूल आत्मा को चले जाना है बाप की ____ में।
° _अन्जाम (वायदा)_, _नष्टो_, _फाँसी_, _याद_

5. कल्प-कल्प के संगमयुग पर आकर इस पाठशाला द्वारा बाबा हमें पुरूषार्थ कराकर लक्ष्मी-नारायण विश्व का मालिक बनाते है। अब शिवबाबा तो परफेक्ट है, उसमें कोई भी कट नहीं। तो हम पवित्र आत्मा जो थी, उसमें कट लगी है। तो कट कैसे उतरे?
° *जितना-जितना बाप को याद करेंगे*, कट उतरती जायेगी।(जितना योग में रहेंगे उतना कट उतरेगी। तुमको अब ज्ञान सागर से ज्ञान मिल रहा है। तुम्हारी बुद्धि में एम ऑब्जेक्ट है।)
° *5 विकारों को निकालना* है। (हम देवता थे। सतयुग में यह लक्ष्मी-नारायण पूज्य थे, अब फिर पूज्य बन रहे हैं, पूज्य सतोप्रधान आत्मायें, उनके शरीर भी सतोप्रधान थे।)
° बाबा साफ कहते हैं-बच्चे, *चार्ट रखो* कि सारे दिन में हम कितना समय याद करते हैं? (याद की यात्रा, यह अक्षर राइट है। याद करते-करते कट निकलते-निकलते अन्त मती सो गति हो जायेगी।)
° बाप मीठे-मीठे बच्चों को राय देते हैं – चार्ट लिखो और *एकान्त में* बैठ ऐसे *अपने साथ बातें* करो। (यहाँ तो एकान्त बहुत अच्छी है इसलिए मधुबन की महिमा है।)

6. जितना बाप को याद करेंगे उतना बाप से ____ जुटेगा, खुशी भी होगी। पढ़ाई से नहीं, ____ से लव जुटेगा। भारत का है ही प्राचीन योग, जिससे आत्मा ____ बन अपने धाम चली जायेगी।
° _लव_, _याद_, _पवित्र_

7) ………. यह भी *मनमनाभव* है ना। क्या?
° पवित्रता धारण करनी है। *हम यह बनते हैं*, दैवीगुण धारण करते हैं। यह भी मनमनाभव है ना। (बाबा हमको यह बनाते हैं। यह तो प्रैक्टिकल अनुभव की बात है।)

8. यह बैज तो ____ से लगा दो। भगवान की _____ पर हम यह बन रहे हैं। इनको देखकर उनको ____ करते रहो। बाबा की _____ से हम यह बनते हैं। बाबा आपकी तो _____ है, बाबा हमको आगे थोड़ेही पता था कि आप हमको विश्व का मालिक बनायेंगे।
° _छाती_, _श्रीमत_, _प्यार_,
_याद_, _कमाल_

9. बाप तुम बच्चों को पढ़ाते हैं, तुम ही पढ़ते हो। फिर सतयुग में यह ____ होगा नहीं। वहाँ है प्रालब्ध। बाप ____ पर आकर यह नॉलेज सुनाते हैं फिर तुम पद पा लेते हो। यह टाइम ही है बेहद के बाप से बेहद का ____ पाने का इसलिए बच्चों को _____ नहीं करनी चाहिए, माया-वश। बाप तो तदबीर कराते हैं। तकदीर में कितना फ़र्क पड़ जाता है। डबल सिरताज बनने के लिए _____ करना पड़े।
° _ज्ञान_, _संगम_, _वर्सा_, _ग़फलत_, _पुरूषार्थ_

10. (धारणा) किसी भी बात में ____ नहीं उठाना है, ____ नहीं करनी है। प्रिन्स बनने वाला हूँ, यह _____ खुशी में रहना। अपनी ____ सर्विस करनी है।
° _संशय_, _ईर्ष्या_, _आन्तरिक_, _गुप्त_

11. अभी बाप कहते हैं – ड्रामा अनुसार तुम्हारा _____ है। _____ अवश्य स्थापन होनी है। जितना कल्प पहले _____ किया है, उतना ही वह करेंगे जरूर। तुम ____ हो देखते रहते हो। यह प्रदर्शनियाँ आदि तो बहुत देखते रहेंगे। तुम्हारी _____ मिशन है। यह है ______ गॉड फादरली मिशन।
° _पार्ट_, _राजधानी_, _पुरूषार्थ_, _साक्षी_, _ईश्वरीय_, _इनकारपोरियल_

12. बाप कहते हैं _____ व्यवहार में भल रहो। लौकिक बाप का _____ भी बच्चों को उतारना है। ____ फुल चलना है।
° _गृहस्थ_, _कर्ज़ा_, _लॉ_

13. गाते भी हैं आप सर्वगुण सम्पन्न…… हैं। हम निर्गुण हैं। अब ____ कहते हैं फिर से ऐसे _____ -वान बनो।
° _बाप_, _गुण_

14. वह तो पण्डे लोग *यात्रा पर ले जाते* हैं। यहाँ तो……….. क्या?
° *आत्मा खुद यात्रा करती* है। अपने परमधाम जाना है क्योंकि ड्रामा का चक्र अब पूरा होता है। (यह भी तुम जानते हो कि यह बहुत गन्दी दुनिया है। परमात्मा को तो कोई भी नहीं जानते, न जानेंगे इसलिए कहा जाता है विनाश काले विपरीत बुद्धि। उन्हों के लिए तो यह नर्क ही स्वर्ग के समान है। उन्हों की बुद्धि में यह बातें बैठ न सकें।)

15. *कौन-सा बल* क्रिमिनल आंखों को फौरन ही बदल देता है?
° *ज्ञान के तीसरे नेत्र का बल* जब आत्मा में आ जाता है तो क्रिमिनलपन समाप्त हो जाता है। बाप की श्रीमत है-बच्चे, तुम *सब आपस में भाई-भाई* हो, भाई-बहन हो, तुम्हारी आंखें कभी भी क्रिमिनल हो नहीं सकती। (तुम सदैव याद की मस्ती में रहो। वाह तकदीर वाह! हमें भगवान पढ़ाते हैं। ऐसे विचार करो तो मस्ती चढ़ी रहेगी।)

16. निराकार तो जरूर कोई ____ में आयेगा ना। _____ द्वारा आदि सनातन देवी-देवता धर्म की स्थापना होती है। यह है ही बहुत जन्मों के _____ का जन्म। बाप कहते हैं मैं इनमें _____ कर तुमको राजयोग सिखला रहा हूँ। इनको तो नशा रहता है – हम शिवबाबा का बच्चा _____ हूँ। बाबा विश्व का रचयिता है तो जरूर हम भी स्वर्ग का मालिक बनेंगे। परन्तु जितना तुम बच्चे _____ में रह सकते हो, उतना हम नहीं। बाबा को तो बहुत ख्याल करने पड़ते हैं।
° _शरीर_, _ब्रह्मा_, _अन्त_, _प्रवेश_, _अकेला_, _याद_

17. मनुष्य *ईश्वर प्रति* क्या नहीं जानते? (2)
° ईश्वर *सर्वव्यापी कह मेरी ग्लानि करते* रहते हैं, ड्रामा प्लैन अनुसार।
° मनुष्य यह भी नहीं समझते कि यह ड्रामा है। इसमें क्रियेटर, डायरेक्टर भी ड्रामा के वश हैं। भल सर्वशक्तिमान् गाया जाता है – परन्तु तुम जानते हो *वह भी ड्रामा के पट्टे पर चल रहे* हैं। (बाबा जो खुद आकर बच्चों को समझाते हैं, कहते हैं मेरी आत्मा में *अविनाशी पार्ट नूँधा हुआ* है उस अनुसार पढ़ाता हूँ। जो कुछ समझाता हूँ, ड्रामा में नूँध है।)

18. अभी तुम बच्चों की बेहद के बाप से प्रीत है। एक बाप के सिवाए और कोई याद न रहे। एकदम लाइन क्लीयर होनी चाहिए। अब हमारे 84 जन्म पूरे हुए। अब हम बाप के फरमान पर पूरा चलेंगे। काम महाशत्रु है, उनसे हार नहीं खानी है। *अगर हार हुई*, तो क्या हालत होंगी? (3)
° *पश्चाताप्* कर क्या करेंगे? एकदम *हड्डी-हड्डी टूट* जाती है। *बहुत कड़ी सज़ा* मिल जाती है।
° *कट* उतरने बदले और ही जोर से *चढ़ जाती* है।
° *योग लगेगा नहीं* । याद में रहना बड़ी मेहनत है। (बहुत गप भी मारते हैं-हम तो बाप की याद में रहते हैं।)

Answers from Sakar Murli 03-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-11-2020*

1. ____ को निवारण में परिवर्तन कर _____ बात को भी शुभ करके उठाओ।
° _कारण_, _अशुभ_

2. जो हम *बाप के गुण गाते* हैं, उनका क्या करना है? (2)
° उन सर्व गुणों के *अनुभवी बनो*। (जैसे बाप आनंद का सागर है तो उसी आनंद के सागर की लहरों में लहराते रहो।)
° जो भी सम्पर्क में आये उसे आनदं, प्रेम, सुख… सब गुणों की *अनुभूति कराओ* । (ऐसे सर्व गुणों के अनुभवी मूर्त बनो तो आप द्वारा बाप की सूरत प्रत्यक्ष हो क्योंकि आप महान आत्मायें ही परम आत्मा को अपने अनुभवी मूर्त से प्रत्यक्ष कर सकती हो।)

3. इसी रूहानी ____ में रहना है कि बाबा हमें डबल _____ बना रहे हैं। हम हैं _____ चक्रधारी ब्राह्मण। पास्ट, प्रेजन्ट, फ्युचर का ज्ञान ____ में रखकर चलना है।
° _नशे_, _सिरताज_, _स्वदर्शन_, _बुद्धि_

4. कुमारी ____ है इसलिए सब उनके पांव पड़ते हैं। तुम हो प्रजापिता _____ । मैजारिटी कुमारियों की है इसलिए गायन है कुमारी द्वारा बाण मरवाये। यह है _____ बाण। तुम _____ से बैठ समझाते हो। बाप ____ तो एक ही है। वह सर्व का सद्गति दाता है। भगवानुवाच – _____ ।
° _पवित्र_, _ब्रह्माकुमार-कुमारियाँ_, _ज्ञान_, _प्रेम_, _सतगुरू_, _मनमनाभव_

5. मीठे बच्चे – तुम ही सच्चे अलौकिक *जादूगर* हो, कैसे? (2)
° तुम *मनुष्य को देवता* बना रहे। यह जादूगरी है ना। *कितनी बड़ी कमाई* कराने का तुम रास्ता बताते / ऊंची पढ़ाई सिखाते हो। (तुम आत्माओं को शुद्ध नशा रहना चाहिए। यह है गुप्त नशा।)
° बेहद के बाप की तो कमाल है। कैसा रूहानी जादू है। *रूह को याद करते-करते तुम पवित्र-सतोप्रधान* बन जायेंगे। (डीटी सावरन्टी श्रीमत पर स्थापन करते। तुम समझाते भी हो हम बेहद बाप से यह वर्सा ले रहे हैं। तुम सब पुरूषार्थ करो। वह बाप सभी आत्माओं का पिता है। तुम आत्माओं को बाप कहते हैं अब मुझे याद करो।)

6. आत्मायें और परमात्मा अलग रहे ____ ….. जो पहले-पहले बिछुड़े हैं, मिलेंगे भी पहले उनको। इसलिए बाप कहते हैं _____ सिकीलधे बच्चों!
° _बहुकाल_, _लाडले_

7. अब भगवान किसको कहा जाए? जरूर सब कहेंगे – _____ शिव। हम आत्मायें उनके बच्चे ___ हैं। वह एक बाप है। बाप कहते हैं तुम सब _____ हो – मुझ माशूक को याद करते हो क्योंकि मैंने ही राजयोग सिखाया था, जिससे तुम प्रैक्टिकल में नर से नारायण बनते हो। शमा पर पतंगे आते हैं, चले जाते हैं फिर आते हैं। यह भी ____ है, सब जलकर खत्म होने हैं। भक्ति मार्ग में बहुत याद करते आये हो – हे ________ …… तो जरूर बाप सुख देने वाला है ना। स्वर्ग को कहा ही जाता है सुखधाम।
° _निराकार_, _ब्रदर_, _आशिक_, _शमा_, _दु:ख हर्ता, सुख कर्ता_

8. *आत्म-अभिमानी* बनाने लिए बाबा ने कौन-से संकल्प दिये? (3)
° तुम *आत्माओं को ज्ञान* का तीसरा नेत्र देते हैं, जिससे आत्मा जान जाती है। शरीर बिगर तो *आत्मा बात* कर नहीं सकती। आत्माओं के *रहने के स्थान* को निर्वाणधाम कहा जाता है।
° क्लास में भी तुम ब्राह्मणियाँ जब बैठती हो तो तुम्हारा काम है पहले-पहले सावधान करना। भाइयों-बहनों अपने को *आत्मा* समझ कर बैठो। हम आत्मा इन *आरगन्स द्वारा सुनते* हैं। *84 जन्म* का राज़ भी बाप ने समझाया है।
° अपने को आत्मा समझो। *आत्मा में ही संस्कार* हैं। संस्कार ले जाते,

9. *अच्छे पुरूषार्थी* स्टूडेन्ट की निशानी क्या होगी? (2)
° वह पास विद् ऑनर होने का अर्थात् *विजय माला में आने का लक्ष्य* रखेंगे।
° उनकी बुद्धि में *एक बाप की ही याद* होगी। (देह सहित देह के सब सम्बन्धों से बुद्धियोग तोड़ *एक से प्रीत* रखेंगे। ऐसे पुरूषार्थी ही माला का दाना बनते हैं।)

10. कर्म, अकर्म, विकर्म का भी ____ समझाया है। बाप बच्चों को ही समझाते हैं और बच्चे ही जानते हैं। रावण राज्य में सबके कर्म ____ ही होते हैं। सतयुग में कर्म ____ होते हैं। अभी तुम बच्चों को राइट और रांग को समझने की ज्ञान चक्षु मिली है तो ___ कर्म ही करना है।
° _राज़_, _विकर्म_, _अकर्म_, _राइट_

11. (पवित्रता की बात पर) कोई पूछे वहाँ *बच्चे* आदि नहीं होते? उत्तर क्या देना है?
° बोलो, उसको कहा ही जाता है वाइसलेस वर्ल्ड, तो वहाँ यह 5 विकार कहाँ से आये। यह तो बहुत सिम्पुल बात है ( *योगबल से रचना* )। यह बाप बैठ समझाते हैं। (बाप समझाते हैं मैं आया ही हूँ पावन बनाने। बच्चे जो काम चिता पर बैठ भस्म हो गये हैं, उन पर आकर ज्ञान की वर्षा करता हूँ। तुम बच्चों को योग सिखलाता हूँ – बाप को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे और तुम परिस्तान के मालिक बन जायेंगे। विनाश काले विपरीत बुद्धि कहते हैं। इस पर भी तुम समझा सकते हो। हमारी बाप के साथ प्रीत बुद्धि है। एक बाप के सिवाए हम और कोई को याद नहीं करते।)

12. आधाकल्प ज्ञान, आधाकल्प भक्ति। यह *आधा-आधा* समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° दिन और रात 24 घण्टे में भी *12 घण्टे ए.एम. और 12 घण्टे पी.एम.* होता है। कल्प भी आधा-आधा है। (ब्रह्मा का दिन, ब्रह्मा की रात।)

13. यह भी तुम्हारा *चक्र फिरता रहता* है। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-सा मिसाल दिया?
° *नार की कंगनी* (कुएं से पानी निकालने की एक विधि) होती है ना, फिरती रहती है।

14. पिछाड़ी में आकर जन्म ले और मर जायें। यहां बाबा ने किनका *मिसाल* दिया?
° वह तो जैसे *मच्छरों* मिसल हो गये। (दीपावली पर कितने छोटे-छोटे मच्छर निकलते हैं और खत्म हो जाते हैं। जीना और मरना।)

15. ईश्वर सर्वव्यापी कह देते हैं। ____ कभी सर्वव्यापी होता है क्या? बाप से तुम बच्चों को ____ मिलता है। बाप आकर पुरानी दुनिया को नई दुनिया ____ बनाते हैं। कई तो नर्क को ____ भी नहीं मानते हैं।
° _बाप_, _वर्सा_, _स्वर्ग_, _नर्क_

16. अभी तुम सारी पुरानी दुनिया का ______ करते हो। नई दुनिया का तुमको ______ करा दिया है। वह है वाइसलेस वर्ल्ड। _____ गॉड फादर है हेविन स्थापन करने वाला। फूलों का ____ बनाने वाला। कांटों को फूल बनाते हैं। नम्बरवन कांटा है – काम कटारी। काम के लिए ____ कहते हैं, क्रोध को ___ कहेंगे। देवी-देवतायें डबल अहिंसक थे।
° _संन्यास_, _साक्षात्कार_, _हेविनली_, _बगीचा_, _कटारी_, _भूत_

Answers from Sakar Murli 26-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-11-2020*

1. किसी व्यक्ति, वस्तु व वैभव के प्रति आकर्षित होना ही कम्पैनियन बाप को संकल्प से _____ देना है।
° _तलाक_

2. जिनका बुद्धियोग बिल्कुल वाइसलेस रिफाइन है-ऐसे भाग्यवान बच्चे सहज ही तीनों लोकों का ___ कर सकते। सूक्ष्मवतन तक अपने संकल्प पहुंचाने के लिए सर्व सम्बन्धों के ____ वाली ____ याद चाहिए। यही सबसे पावरफुल ____ है, इसमें माया इन्टरफियर नहीं कर सकती। तो सूक्ष्मवतन की रौनक का अनुभव करने लिए स्वयं को _____ की शक्ति से सम्पन्न बनाओ।
° _सैर_, _सार_, _महीन_, _तार_, _वाइसलेस_

3. सतयुग में तो चीज़ें ही ऐसी अच्छी बनेंगी जो ____ का नाम ही नहीं। तुम्हारे लिए बहुत ____ चाहिए। तुम जानते हो कि यह दुनिया भी पहले नई है तो वहाँ हर चीज़ _____ फर्स्टक्लास होती है। ____ सम्पन्न यह लक्ष्मी-नारायण हैं ना। तुम सम्पूर्ण बनते हो तो तुम्हारे लिए फिर सृष्टि भी ऐसी ही चाहिए, इसलिए शरीर भी तुम्हारे नेचुरल _____ होते हैं। यह सारी ____ 16 कला सम्पूर्ण बन जाती है।
° _टूटने_, _सुख_, _सतोप्रधान_, _सर्वगुण_, _ब्युटीफुल_, _दुनिया_

4. अभी तुम्हारे दिल में आता है, हम विश्व का मालिक बनेंगे, कितनी ____ होनी चाहिए। अन्दर बैठ यह ___ जपो फिर तुमको इस दुनिया में कुछ भासेगा नहीं। यहाँ तुम आते ही हो – विश्व का मालिक बनने – _______ द्वारा। बाप कहते हैं तुमको विश्व का मालिक बनाता हूँ। फिर तुम माया के ____ बन जाते हो।
° _खुशी_, _जाप_, _परमपिता परमात्मा_, _दास_

5. अवस्था की परख किस समय होती है? *अच्छी अवस्था* किसकी कहेंगे?
° अवस्था की परख बीमारी के समय होती है। *बीमारी में भी खुशी* बनी रहे और *खुशमिज़ाज़ चेहरे* से सबको *बाप की याद दिलाते* रहो, यही है अच्छी अवस्था। (अगर खुद रोयेंगे, उदास होंगे तो दूसरों को खुशमिज़ाज़ कैसे बनायेंगे? कुछ भी हो जाए – रोना नहीं है।)

6. मीठे बच्चे – अपने _____ सुधारने के लिए याद की यात्रा में रहना है, बाप की याद ही तुम्हें सदा ______ बनायेगी। _____ भी बड़ी होती है एक की याद से। बाप कहते हैं मुझे याद करो तो सम्पूर्ण _____ बन जायेंगे और फिर _____ में पिरो जायेंगे। यह है रेस।
° _कैरेक्टर्स_, _सौभाग्यशाली_, _आयु_, _निर्विकारी_, _विजय माला_

7. जब सामने योग में बिठाते हो तो भी ____ दिलानी है – आत्म-अभिमानी हो बैठो, बाप को याद करो। ___ मिनट बाद फिर बोलो। बहुतों की बुद्धि बाहर चली जाती है इसलिए ____ करना चाहिए। तो खुद का भी ____ रहेगा। बाबा यह सब ____बतलाते हैं।
° _याद_, _5_, _सावधान_, _अटेन्शन_, _युक्तियां_

8. यह तो हैं ____ रत्न। याद को रत्न नहीं कहा जाता। 84 जन्मों का ____ तुम्हारे सिवाए और कोई समझा न सके। जो पहले-पहले आते होंगे उनके ही 84 जन्म होंगे। सतयुग में _____ ही आते हैं।
° _ज्ञान_, _चक्र_, _देवी-देवता_

9. 84 जन्म तो *सभी नहीं लेंगे* ना। इसका बाबा ने कौन-सा कारण सुनाया?
° *एक साथ सब थोड़ेही आयेंगे* और शरीर छोड़ेंगे। यह हो नहीं सकता। (भगवानुवाच भी है कि तुम अपने जन्मों को नहीं जानते हो, भगवान ही बैठ समझाते हैं।)

10. *नम्बरवन सब्जेक्ट* कौन-सी है?
° सारा मदार पढ़ाई और याद पर है। उसमें भी *नम्बरवन है याद*। (डिफीकल्ट सब्जेक्ट पर मार्क्स जास्ती मिलती हैं। उनका प्रभाव भी होता है। उत्तम, मध्यम, कनिष्ट सब्जेक्ट होती हैं ना। इनमें हैं दो मुख्य।)

11. तुम बच्चों को इतना ____ नहीं है। जो अच्छी मेहनत करते हैं, ____ का पारा चढ़ता रहता है। शक्ल भी _____ रहती है। पुरूषार्थ करते-करते तुम्हारी प्रालब्ध जब नज़दीक होगी तो फिर बहुत _____ होते रहेंगे। खुशी में रहेंगे।
° _नशा_, _खुशी_, _खुशनुम:_, _साक्षात्कार_

12. पहले तो खुद को देखना है कि मैं कहाँ तक ____ करता हूँ? कितना ___ करता हूँ? मेरे ____ कैसे हैं? अगर मेरे में ही रोने की आदत है तो दूसरे को ____ कैसे बना सकता हूँ?
° _धारणा_, _याद_, _कैरेक्टर्स_, _खुशमिज़ाज़_

13. बाप ने ____ दिया है। पैगम्बर-मैसेन्जर एक शिवबाबा है, दूसरा कोई है नहीं। मैं आता ही उसमें हूँ जो ____ 84 जन्म लेते हैं। एक दिन भी कम नहीं। बाबा की याद से ही तुम उस ____ चले जायेंगे। गाते भी हैं खिवैया, ____ मेरी पार लगाओ।
° _पैगाम_, _पूरे_, _पार_, _नईया_

14. आगे चल बड़े-बड़े ____ आयेंगे। तुमको मदद देते रहेंगे। एक दिन तुमको बड़े-बड़े कॉलेज, युनिवर्सिटी में ____ करना होगा कि यह सृष्टि का चक्र कैसे फिरता है। गोल्डन एज से आइरन एज तक सृष्टि की ______हम बता सकते। कैरेक्टर्स के ऊपर तो तुम बहुत समझा सकते हो। इन _____ की महिमा करो। भारत कितना पावन था, दैवी कैरेक्टर्स थे। हम आपको श्रीकृष्ण के 84 जन्मों की ____ सुनायें, जो और कोई सुना न सके।
° _धनवान_, _भाषण_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _लक्ष्मी-नारायण_, _कहानी_

15. तुम्हारा है यह प्रवृत्ति मार्ग। तुम्हारा पहले-पहले पवित्र ____ धर्म था। अभी है विशश फिर वाइसलेस वर्ल्ड बनेगा। इन बातों को तुम _____ करते रहो तो भी बहुत खुशी रहेगी। हम ही ____ लेते हैं फिर गॅवाते हैं। हीरो-हीरोइन कहते हैं ना। हीरे जैसा ___ लेकर फिर कौड़ी जैसे जन्म में आते हैं। अभी बाप कहते हैं – तुम कौड़ियों पिछाड़ी ___ वेस्ट मत करो।
° _गृहस्थ_, _सिमरण_, _राज्य_, _जन्म_, _टाइम_

16. जब तक ____ अवस्था हो जाए तब तक कुछ न कुछ निशानी रहेगी। आत्मा ____ हो जाती है फिर तो शरीर छोड़ना पड़े। वह _____ तुमको धारण करनी है। अभी तुम वापिस जाए फिर नई दुनिया में आने के लिए ____ करते हो। तुम्हारा _____ ही यह है कि हम जल्दी-जल्दी जायें, फिर जल्दी-जल्दी आयें।
° _कर्मातीत_, _पवित्र_, _अवस्था_, _तैयारी_, _पुरूषार्थ_

17. *नम्बरवन पुरूषार्थ* कौन-सा है?
° नम्बरवन यह पुरूषार्थ है – *अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो*। (हम आत्मा हैं, जाते हैं अपने घर। फिर आकर राज्य करेंगे।)

18. बाबा ने किसे *कड़ी बीमारी* कहा?
° *अपने को शरीर समझना* – यह भी एक कड़ी बीमारी है इसलिए ही सब रसातल में चले गये हैं। (उनको फिर सैलवेज करना है।)

19. तुमको बाबा सब बता देते हैं, नहीं तो फिर बहुत पछताना पड़ेगा। तो *सजाये* किस विधि से मिलेंगी?
° अपने भविष्य का *साक्षात्कार* करेंगे, हम क्या बनेंगे? दिखलायेंगे यह-यह विकर्म आदि किये हैं। पूरा पढ़े नहीं, ट्रेटर बनें, इसलिए यह सज़ा मिलती है। (सब साक्षात्कार होगा। बिगर साक्षात्कार सज़ा कैसे देंगे? कोर्ट में भी बताते हैं – तुमने यह-यह किया है, उसकी सज़ा है।)

Answers from Sakar Murli 24-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-11-2020*

1. अपने श्रेष्ठ ____ के प्रत्यक्ष प्रमाण द्वारा बाप को प्रत्यक्ष करो।
° _जीवन_

2. जो हर परिस्थिति में स्वयं को ____ कर स्व परिवर्तक बनते हैं वह सदा सफल होते हैं। दूसरा बदले या न बदले मुझे बदलना है, हे ____ मुझे बनना है। जो सदा परिवर्तन करने में पहले मैं करता वही पहला ____ हो जाता क्योंकि स्वयं को ____ करने वाला ही रीयल गोल्ड है। रीयल गोल्ड की ही ____ है।
° _परिवर्तन_, _अर्जुन_, _नम्बर_, _मोल्ड_, _वैल्यु_

3. जैसे वो लोग *मून पर प्लाट* लेने की कोशिश करते हैं, तुम फिर…… क्या?
° *स्वर्ग में प्लाट ले रहे* हो। (जितना-जितना *ज्ञान* और *योग* में रहेंगे उतना *पवित्र* बनेंगे। यह है *राजयोग* , कितनी बड़ी राजाई मिलती।)

4. यह लक्ष्मी-नारायण हैं नई दुनिया के ____ । ____ राज्य और रावण राज्य गाया जाता है ना। तुम जानते हो वहाँ कितना ____ होगा। इन लक्ष्मी-नारायण का राज्य था ना। नाम ही है ____ । 100 परसेन्ट _____ ।
° _मालिक_, _राम_, _सुख_, _स्वर्ग_, _सालवेन्ट_

5. बाप कहते हैं मैं जो हूँ, जैसा हूँ, कोई ____ ही समझते हैं। जो अच्छे _____ हैं उनको बड़ा अच्छा नशा रहता है। याद के पुरूषार्थी को ____ नशा चढ़ेगा। मूल बात है ही _____ बनने की। तुम अब ____ बन रहे हो।
° _विरला_, _पुरुषार्थी_, _रीयल_, _पावन_, _फरिश्ते_

6. तुम बच्चों को कितनी ____ रहनी चाहिए। अब स्वर्ग बन रहा है, उसके लिए हमको _____ जरूर बनना है। ____ गुण भी धारण करने हैं इसलिए बाबा कहते हैं ____ जरूर लिखो। कोई आसुरी एक्ट तो नहीं किया? अपने को ____ पक्का समझो। अब बाप कहते हैं बच्चे खूब मेहनत करो। ____ मिलती है, कम बात थोड़ेही है।
° _खुशी_, _पवित्र_, _दैवी_,
_चार्ट_, _आत्मा_, _राजाई_

7. *रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप* बैठ समझाते हैं। अर्थात्‌ क्या? _(बाबा ने यह बात और एक अंदाज से सुनायी!)_
° रूहानी बच्चे माना *आत्मायें* । रूहानी बाप माना *आत्माओं का बाप* । इसको कहा जाता है आत्माओं और परमात्मा का *मिलन* । यह मिलन होता ही है *एक बार* । यह सब बातें तुम बच्चे जानते हो। (यह है विचित्र बात। विचित्र बाप विचित्र आत्माओं को समझाते हैं। वास्तव में आत्मा विचित्र है, यहाँ आकर चित्रधारी बनती है। चित्र से पार्ट बजाती है।)

8. “मीठे बच्चे – तुमने ___ सहन करने में बहुत टाइम वेस्ट किया है, अब दुनिया बदल रही है, तुम बाप को ____ करो, ____ बनो तो टाइम ____ हो जायेगा”
° _दु:ख_, _याद_, _सतोप्रधान_, _सफल_

9. *21 जन्मों के लिए लॉटरी* प्राप्त करने का पुरुषार्थ क्या है?
° 21 जन्मों की लॉटरी लेनी है तो मोहजीत बनो। *एक बाप पर पूरा-पूरा कुर्बान* जाओ। सदा यह स्मृति में रहे कि अब यह पुरानी दुनिया बदल रही है, हम नई दुनिया में जा रहे हैं। (इस पुरानी दुनिया को देखते भी नहीं देखना है। सुदामा मिसल चावल मुट्ठी सफल कर सतयुगी बादशाही लेनी है।)

10. अभी तुम बच्चे जानते हो कि ____ से हम अपने लिए इस दुनिया को बदला रहे हैं। श्रीमत है ही एक ____ की। पतित-पावन सर्व का _____ दाता एक ही बाप है। बाप तो है ____ फिर कैसे लिबरेट करते हैं? दुनिया बदलती है तो जरूर ____ में आयेंगे तब तो पता पड़ेगा। पहले-पहले शिव की ही _____ पूजा होती है।
° _श्रीमत_, _शिवबाबा_, _सद्गति_, _निराकार_, _एक्ट_, _अव्यभिचारी_

11. श्रेष्ठ जन्म तो तुमको नई दुनिया में मिलना है, फिर भी ____ अनुसार जाकर वह बनेंगे। जन्म भी जरूर ____ में लेंगे। तुम्हारे जैसा ___ करने वाला तो कोई होगा नहीं। जैसी _____ , वैसा जन्म।
° _संस्कार_, _भारत_, _कर्म_, _पढ़ाई (और सर्विस)_

12. बाबा से तुम क्या लेते हो? ____ की बादशाही। जितना हो सके ____ खोलते जाओ। बहुतों का ____ करो। तुम्हारी 21 जन्मों की ____ हो रही है। तुम्हारे पास आयेंगे भी बहुत। ____ में कितने आते हैं।
° _स्वर्ग_, _सेन्टर्स_, _कल्याण_, _कमाई_, _प्रदर्शनी_

13. बाबा का ____ देना कोई कम बात थोड़ेही है। कोई-कोई के ____ खड़े हो जायेंगे। अगर ऊंच ___ पाना होगा तो पुरुषार्थ करने लग पड़ेंगे। बच्चों की ____ से तलाब होता है।
° _परिचय_, _रोमांच_, _पद_, _बूंद-बूंद_

14. कोई-कोई *एक रूपया* भी भेज देते हैं। बाबा एक ईट लगा दो। सुदामा की मुट्ठी चावल का गायन है ना। तो बाबा का उत्तर?
° बाबा कहते हैं तुम्हारे तो *यह हीरे-जवाहर हैं*। हीरे जैसा जन्म सबका बनता है। (तुम भविष्य के लिए बना रहे हो। तुम जानते हो यहाँ इन ऑखों से जो कुछ देखते हैं, यह पुरानी दुनिया है। यह दुनिया बदल रही है। अभी तुम अमरपुरी के मालिक बन रहे हो।)

15. सौदा तो अच्छा है ना। मनुष्य थोड़ेही जानते हैं, ___ -गर, ___ -गर, ___ -गर नाम क्यों पड़ा है। रत्नागर है ना, अविनाशी ज्ञान रत्न एक-एक ____ वर्शन्स हैं। इस पर ____ की कथा है ना। तो ____ पिछाड़ी अपना अमूल्य समय बरबाद न कर श्रीमत से जीवन श्रेष्ठ बनानी है।
° _सौदा_, _रत्ना_, _जादू_, _अमूल्य_, _रूप-बसन्त_, _कौड़ियों_

16. बहुत बड़ा *प्रलय* क्यों नहीं हो सकता? _(बाबा ने एक अनोखा कारण सुनाया)_
° गाया जाता है *वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी रिपीट* तो प्रलय हो न सके। (तुम्हारे दिल में है कि अभी यह पुरानी दुनिया बदल रही है।)

17. कोई-कोई अक्षर ठीक हैं। तो *‘प्राय:’-लोप* अर्थात्‌ क्या?
° अभी देवी-देवता धर्म है नहीं, बाकी *चित्र* हैं।

Answers from Sakar Murli 27-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-11-2020*

1. बाप से कनेक्शन ठीक रखो तो सर्व _____ की करेन्ट आती रहेगी।
° _शक्तियों_

2. संगम पर भाग्य बनान लिए ____ रूपी चाबी 🗝️ मिलती। चाबी लगाओ और जितना चाहे उतना _____का खजाना लो। चाबी मिली और _____ बने, उतना ______ स्वत: रहती। ऐसे अनुभव होता है जैसे खुशी का ____ अखुट अविनाशी बहता ही रहता है। उन्हें कोई _____ नहीं रहती।
° _नॉलेज_, _भाग्य_, _मालामाल_, _खुशी_, _झरना_, _अप्राप्ति_

3. वास्तव में यह सारा भारत गांव है, तुम गांव के ____ हो। अब तुम समझते हो हम विश्व के ___ बनते हैं। ____ भी स्वर्ग के आगे क्या है! कुछ भी नहीं। तो कितनी ____ रहनी चाहिए। नाम ही है स्वर्ग। कितने _______महलों में लगे रहते हैं। सतयुग में भारत बहुत मालामाल _____ था।
° _छोरे_, _मालिक_, _बाम्बे_, _खुशी_, _हीरे-जवाहरात_, _साहूकार_

4. बच्चों को तो बहुत ____ होनी चाहिए। बाप से हमको ____ मिलता है। सबको बोलो यहाँ वर्ल्ड की _____ समझाई जाती है। तुम मीठे-मीठे ____ को कोई जास्ती तकलीफ नहीं देते। बाप कहते हैं सिर्फ ____ बनना है। अब फिर बाबा आया है फिर से ____ -भाग्य देने।
° _खुशी_, _वर्सा_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _बच्चों_, _पावन_, _राज्य_

5. 🎶 गीत:-मुझको सहारा देने वाले, ये दिल कहे तेरा *शुक्रिया* …….. तो बाबा का जबरदस्त उत्तर? (2)
° “मीठे बच्चे – तुम *ड्रामा के खेल को जानते हो* इसलिए शुक्रिया मानने की भी बात नहीं है”
° तुम बच्चों को अपने *भाग्य पर शुक्रिया मानना चाहिए*। हम पदमापदम भाग्यशाली हैं।

6. बस हम ____ हैं, हमको बाप को याद करना है। याद की यात्रा में रहने से शरीर की जैसे _____ होती जाती। घण्टा भर भी ऐसे _____ होकर बैठो तो कितने पावन हो जाएं। हम आत्मा इस शरीर से न्यारी, _____ स्वरूप हैं। आत्मा सत् चित ____ स्वरूप है। परमात्मा सुख-शान्ति का सागर है, तुमको फिर कहेंगे ____ ।
° _आत्मा_, _विस्मृति_, _अशरीरी_, _शान्त_, _आनन्द_, _मास्टर_

7. *कौन-सा एक अक्षर* कहने से ही सारा खेल बुद्धि में आता, स्वदर्शन चक्रधारी आपेही बन जाते। (तीनों कालों, तीनों लोकों, आदि-मध्य-अन्त का राज़, वर्तमान समय आदि सब आ जाता)
° *खेल / ड्रामा*!

8. बाप आकर तुमको ____ -दर्शी बनाते हैं। तुम ____ -नेत्री बनते हो, ज्ञान का तीसरा नेत्र मिल जाता है। सबसे बड़ी बात है कि तुम ____ -स्तिक बन जाते हो । अब बेहद का बाप धणी मिला है तो _____ बने हैं। स्टूडेण्ट की बुद्धि में सदैव नॉलेज ____ होती है।
° _त्रिकाल_, _त्रि_, _आ_, _धणके_, _मंथन_

9. यह बातें किन्हें *स्मृति* में रहेंगी? (2)
° जो बच्चे *सर्विस में तत्पर* रहते हैं।
° समझा भी वह सकेंगे जो *याद की यात्रा* में होंगे। (याद से बल मिलता है ना। बाप है ही – जौहरदार तलवार। तुम बच्चों को जौहर भरना है। योगबल से विश्व की बादशाही पाते हो। बच्चों को समझाया है – नॉलेज सोर्स ऑफ इनकम है। योग को बल कहा जाता है।)

10. अब *योग अच्छा या ज्ञान* अच्छा?
° (वैसे तो दोनों अच्छा!) योग ही नामीग्रामी है। *योग अर्थात् बाप की याद* । बाप कहते हैं इस याद से ही तुम्हारे *पाप कट जायेंगे* । इस पर ही बाप ज़ोर देते हैं। (ज्ञान तो सहज है। भगवानुवाच – मैं तुमको सहज ज्ञान सुनाता हूँ, 84 के चक्र का।)

11. यह *गीत* आदि भी दिन-प्रतिदिन बंद होते जाते हैं। क्यों?
° *स्कूल में कभी गीत होते हैं क्या?* बच्चे शान्ति में बैठे रहते हैं। (टीचर आता है तो उठकर खड़े होते हैं, फिर बैठते हैं। यह बाप कहते हैं मुझे तो पार्ट मिला हुआ है पढ़ाने का, सो तो पढ़ाना ही है।)

12. तुम बच्चों को (क्लास में) *उठने की* भी दरकार नहीं। _(सही / गलत)_
° सही, *बच्चों को कहेंगे क्या तुम उठो*, यहां तो बाप खुद उठकर नमस्ते करते हैं। (यहाँ तो टीचर से भी डर की बात नहीं।)

13. मुरलियां मिलती रहती हैं। वह ____ पढ़नी है। मुरली पढ़ो तो तुम्हारी ____ मार्क पड़े। नहीं तो नई-नई ____ मिस हो जायेंगी। तुम्हारे ____ देखकर ही चक्रित हो जाते हैं। भगवान ने बनाये है। तुम्हारी यह ____ -शाला है नई। ब्राह्मण कुल के जो देवता बनने वाले होंगे उनकी ___ में ही बैठेगा।
° _रेग्युलर_, _प्रेजेन्ट_, _प्वाइंट्स_, _चित्र_, _चित्र_, _बुद्धि_

14. ____ रखने से समझ में आता है, इनका पुरूषार्थ जास्ती है। बाप हमेशा समझाते रहते हैं ___ रखो, तुमको बहुत फायदा होगा (पुरूषार्थ में मदद मिलेंगी)। _____ रखना माना बाप को याद करना। उसमें बाप की ____ लिखनी है। उसी ____ डायरी में लिखना चाहिए।
° _चार्ट_, _डायरी_, _डायरी_, _याद_, _समय_

15. सर्विसएबुल बच्चों में कौन-सी *आदत* बिल्कुल नहीं होनी चाहिए? (2)
° मांगने की। (तुम्हें बाप से आशीर्वाद या *कृपा आदि मांगन की जरूरत नहीं* है।)
° तुम किसी से *पैसा भी नहीं मांग सकते* । (मांगने से मरना भला। तुम जानते हो ड्रामा अनुसार कल्प पहले जिन्होंने बीज बोया होगा वह बोयेंगे, जिनको अपना भविष्य पद ऊंच बनाना होगा वह जरूर सहयोगी बनेंगे। तुम्हारा काम है सर्विस करना। तुम किसी से कुछ मांग नहीं सकते। भक्ति में मांगना होता, ज्ञान में नहीं।)

16. ______ के रिटर्न लिए सब कुछ दे देना अच्छा है ना। इनका तो नाम ____ भण्डारी है। तुम पुरूषार्थ करो तो ____ माला में पिरोये जा सकते हो, भण्डारा भरपूर काल कंटक दूर है। वहाँ कभी ____ मृत्यु नहीं होती। तुम ____ -पुरी में चलते हो।
° _जन्म-जन्मान्तर_, _भोला_, _विजय_, _अकाले_, _अमर_

Answers from Sakar Murli 28-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-11-2020*

1. वृत्ति द्वारा वायुमण्डल को ____ बनाना यही लास्ट का पुरूषार्थ व सर्विस है।
° _पावरफुल_

2. फाइनल रिजल्ट में फर्स्ट नम्बर लेने लिए :-1- दिल के अविनाशी _____ द्वारा बीती बातों को, संस्कार रूपी बीज को जला दो। 2-अमृतवेले से रात तक ईश्वरीय नियम-मर्यादाओं का सदा पालन करने का ____ लो 3-मन्सा वाणी सम्बन्ध सम्पर्क द्वारा _____ महादानी पुण्य आत्मा बनो। जब ऐसा श्रेष्ठ ____ जम्प देने वाला पुरूषार्थ हो तब ____ पंछी नम्बर वन बनेंगे।
° _वैराग्य_, _व्रत_, _निरन्तर_, _हाई_, _उड़ता_

3. हम ईश्वर के स्टूडेण्ट हैं। भगवानुवाच भी है, मैं तुमको ____ का ____ बनाने के लिए पढ़ाता हूँ। सतयुग में तो ____ की महिमा है, पहले लक्ष्मी फिर नारायण। वहाँ तो तुमको ____ इतनी मिलती है बात मत पूछो, मंजिल नहीं बनाते। वहाँ ____ भी अथाह पैदा होता है। वह है अमरलोक, आधाकल्प वहाँ तुम ____ में रहते।
° _राजाओं_, _राजा_, _माताओं_, _जमीन_, _अनाज_, _सुख_

4. बच्चे जानते हैं पढ़ाने वाला बाप सदैव ____ -अभिमानी है। वह है ही ____ -आकार, देह लेता ही नहीं है। ____ -जन्म में नहीं आते हैं। बाप समझाते हैं तुम बच्चों को _____ समान अपने को आत्मा समझना है। तुमको तो देह मिलती आई है, अब मेरे समान देह से ____ होना। सदैव बुद्धि में याद रहे हम ____ हैं, हमको बाबा पढ़ा रहे हैं।
° _देही_, _निर_, _पुनर्_, _मेरे_, _न्यारा_, _आत्मा_

5. बच्चों को किस एक बात में मेहनत लगती है लेकिन *खुशी और याद का वही आधार* है?
° *आत्म-अभिमानी* बनने में ही मेहनत लगती है लेकिन इसी से खुशी का पारा चढ़ता है, मीठा बाबा याद आता है। (माया तुम्हें देह-अभिमान में लाती रहेगी, रूसतम से रूसतम होकर लड़ेगी, इसमें मूंझना नहीं। बाबा कहते बच्चे माया के तूफानों से डरो मत, सिर्फ कर्मेन्द्रियों से कोई विकर्म नहीं करो।)

6. “मीठे बच्चे – तुम दिल से ____ – ____ कहो तो खुशी में रोमांच खड़े हो जायेंगे, खुशी में रहो तो ____ -जीत बन जायेंगे। यह भी तुम्हारी __ हुई।”
° _बाबा_, _बाबा_, _माया_, _यात्रा_

7. बाबा से हम ____ का वर्सा ले रहे हैं। बाबा हमको इस _____ रथ में आकर पढ़ाते हैं। तुम आधाकल्प के _____ हो।
° _स्वर्ग_, _भाग्यशाली_, _आशिक_

8. भक्ति मार्ग के मेले और इस अलौकिक मिलन-मेले में कौन-सा *रमणीक अन्तर* बाबा ने सुनाया?
° वास्तव में यह सब *मेले मैला* बनाने के लिए ही हैं। तुम्हारा *यह मेला है स्वच्छ बनने का* । (स्वच्छ बनने के लिए तुमको स्वच्छ बाप को याद करना है। पानी से कोई पाप नाश नहीं होते हैं।)

9. अभी तुम बच्चों को जाना है अपने ___ । तुम जानते हो अब यह बेहद का ____ पूरा होता है। बाबा आया हुआ है, हमको _____ बनाकर ले जाने। अब बाप कहते हैं – ____ -प्रधान बनो। अपने घर जाना है, ___ बनने बिगर तो घर जायेंगे नहीं। यही फुरना लगा रहे।
° _घर_, _नाटक_, _लायक_,
_सतो_, _पवित्र_

10. इस समय तुम संगम पर बैठे हो। यह उल्टा ____ है ना। ऊपर में है ____ । बाप कहते हैं इस _____ सृष्टि का बीज रचता मैं हूँ। अभी नई दुनिया की ______ कर रहे हैं। बाप देवी-देवता धर्म का _____ लगाते हैं ना।
° _झाड़_, _बीज_, _मनुष्य_, _स्थापना_, _सैपलिंग_

11. तुमको ही ____ करना है, बाप तो गांव-गांव में नहीं जायेंगे। तुम घर-घर में यह ____ रखो। 84 का चक्र कैसे फिरता है, ____ में बड़ा क्लीयर है। तुम बच्चों को तो यह ________ का चित्र घर-घर में रखना चाहिए, हम पढ़कर यह बन रहे हैं। तुम्हारा यह ____ अच्छी निशानी है, हम प्रिन्स बनते हैं, यह है ही प्रिन्स बनने की गॉडली युनिवर्सिटी।
° _भाषण_, _चित्र_, _सीढ़ी_,
_एम ऑब्जेक्ट (लक्ष्मी नारायण)_, _बैज_

12. तुम बच्चों को *विचार सागर मंथन* कर प्वाइंट निकाल समझाना पड़ता है, और *निडर* भी बनना है। बाबा यहां किस टॉपिक की बात कर रहे थे?
° तुम बच्चे अभी समझते हो *शिव-शंकर एक नहीं* है। (शिव तो है ऊंच ते ऊंच फिर ब्रह्मा-विष्णु-शंकर। ब्रह्मा है सूक्ष्मवतनवासी।)

13. स्त्री के सामने होते भी ____ दृष्टि रहे, समझना है शिवबाबा के ____ हम भाई-भाई हैं फिर प्रजापिता ____ की सन्तान होने से भाई-बहन हो गये। फिर विकार कहाँ से आया। _____ हैं ऊंच चोटी। जो ही फिर देवता बनते हैं तो हम _____ हैं। एक बाप के ____ कुमार-कुमारी।
° _पवित्र_, _बच्चे_, _ब्रह्मा_, _ब्राह्मण_, _बहन-भाई_, _बच्चे_

14. सतोप्रधान बनने के लिए _____ बनने की मेहनत करनी है, ज्ञान का _____ करना है, याद की ____ में रहना है।
° _आत्म अभिमानी_, _विचार सागर मंथन_, _यात्रा_