Answers from Sakar Murli 04-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-06-2020*

1. सबसे बड़ा *शान* क्या है?
° *सदा खुश* रहना और खुशी बांटना

2. शिवबाबा तुमको कहते हैं मुझे याद करो, *किसको* कहा?
° मुझ *आत्मा को* कहा। बाप आत्माओं से ही बात करते हैं।

3. तुम जब वहाँ से मधुबन आते हो तो पहले जरूर अपने को _____ समझते हो। तुम घर से निकलते हो तो समझते हो हम _____ के पास जाते हैं। तुम बच्चों को यह पक्का _____ रहना चाहिए कि बेहद का बाप हमको विश्व का मालिक बनाते हैं। अब बाप कहते हैं सिकीलधे बच्चे, तुम भी कहते हो कितना _____ बाप है।
° आत्मा, बापदादा, *निश्चय*, सिकीलधा

4. पुरूषार्थ बड़ा या प्रालब्ध बड़ी?
° पुरूषार्थ बड़ा क्योंकि *पुरूषार्थ की ही प्रालब्ध बनेगी।*

5. *याद* में कब-कब रह सकते? _(5)_
° जब चाहे, कर्म करते, खाना खाकर चक्र लगाए, घूमते फिरते, कुछ भी देखते

6. तुम खुशी में रहते, यह भी जानते हो बाप की याद भी _____ ठहरेगी। हम _____ हैं-यही भूल जाते फिर देह-अभिमान में आ जाते। यहाँ बैठे भी कोशिश करके अपने को _____ निश्चय करो। तो बाप की याद भी रहेगी। देह में आने से देह के सब सम्बन्ध याद आयेंगे। यह एक लॉ है। तुम गाते भी हो मेरा तो एक दूसरा न कोई। बाबा हम बलिहार जायेंगे। वह अभी ही _____ है, एक को ही याद करना है। बड़ी जबरदस्त मंजिल है, तब बाबा कहते हैं अपनी जांच करो। यह तुम्हारा मोस्ट वैल्युबुल _____ है। तो अपने को देखना चाहिए-हमने कितना शिवबाबा को याद किया? नहीं तो चार्ट में _____ पड़ जायेगा। बाप कहते हैं मेरी याद में रहो तो तुम्हारे _____ के पाप मिट जाएं।
° *पक्की*, आत्मा, आत्मा, समय, टाइम, रोला, जन्म-जन्मान्तर

7. बाबा ने *बेहद* की कौन-सी 5 बातें बताई?
बेहद *पवित्रता* अर्थात् क्या?
बेहद वैराग्य में कौन-सी 3 बातें आती?
° बेहद का बाप, वर्सा, पवित्रता, वैराग्य, संन्यास
° बेहद पवित्रता अर्थात्‌ सिवाए एक बेहद के बाप के और कोई की *याद* न आये।
° वैराग्य है पुरानी दुनिया, सम्बन्ध, वा जो कुछ दिखता उससे

8. हम *चैतन्य लाइट हाउस* कैसे है?
° तुम बच्चे इस समय चैतन्य लाइट हाउस हो, एक आंख में मुक्तिधाम, दूसरी आंख में जीवनमुक्तिधाम। तुम्हें ज्ञान का नेत्र मिला है। तुम *ज्ञानवान बन सबको रास्ता दिखाते* हो।

9. आने वाले विघ्नों में थकने वा दिलशिकस्त होने के बजाए सेकण्ड में स्वयं के _____ स्वरूप और निमित्त भाव के _____ स्वरूप द्वारा सेकण्ड में हाई जम्प दो। थोड़ी सी _____ के कारण सहज मार्ग को मुश्किल नहीं बनाओ। अपने जीवन की भविष्य श्रेष्ठ मंजिल को स्पष्ट देखते हुए _____ बनो। जिस नज़र से बापदादा वा विश्व आपको देख रही है उसी श्रेष्ठ _____ में सदा स्थित रहो।
° आत्मिक ज्योति, डबल लाइट, विस्मृति, तीव्र पुरूषार्थी, *स्वरूप*

10. *स्वर्ग का पासपोर्ट* किन बच्चों को मिलता?
° जो याद में रह अपने विकर्मों को विनाश कर *कर्मातीत* अवस्था को पाते हैं।

11. किस बात में *पाई का भी संशय नहीं?*
° नई दुनिया सतयुग था, क्राइस्ट से 3 हज़ार वर्ष पहले स्वर्ग था फिर अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है। आगे चल समझेंगे-तुम जानते हो *स्थापना जरूर होनी है।*

12. खुद आकर कहते हैं बच्चों-हम पहले तुमको _____ ले जाऊंगा। मालिक है ना। फिर आयेंगे _____ में पार्ट बजाने। _____ बनने लिए भी सिवाए बाप के और कोई पुरूषार्थ करा न सके।
° शान्तिधाम, सुखधाम, *स्वर्गवासी* (21 जन्मों के लिए)

13. *ज्ञान* क्या है? *रूद्र माला* में कौन-कौन हैं?
° ज्ञान है पढ़ाई जिससे तुम जान गये हो कि हम *आत्मा* हैं, वह *परमपिता परमात्मा* है।
° बाप कहते हैं इतने करोड़ (सभी) आत्माओं की मेरी माला है।

14. बाबा ने आज कौन-सी *राय*, वा *पुरुषार्थ की युक्ति* दी?
° अपने *ताज व तख्त का फोटो अपने पॉकेट में* रख दो तो याद रहेगी। इनसे हम यह बनते हैं। जितना देखेंगे उतना याद करेंगे। फिर उसमें ही मोह लग जायेगा। हम यह बन रहे हैं-नर से नारायण, चित्र देखकर खुशी होगी। शिवबाबा याद आयेगा। यह सब पुरूषार्थ की युक्तियां हैं।

15. तुम _____ बनकर विष्णुपुरी में आते हो। यह है नई बात। सबको रास्ता बताना है, तुम्हारा _____ है। तुम कोई _____ में नहीं फँसाते हो। कहा भी जाता है _____ ड्रामा है।
° *स्वदर्शन चक्रधारी*, फ़र्ज, देहधारी, बना बनाया

16. *साक्षात्कार* किन्हें होंगे?
° यह भी बाप समझाते हैं-अच्छी रीति बाप की याद में रह सर्विस करेंगे तो आगे चल तुमको साक्षात्कार भी होते रहेंगे।

17. *सखी से प्रीत* हो जाने से क्या होता? _(4)_
° फिर उनकी याद ठहर जाती है। फिर वह *रग* टूटने में बड़ी मुश्किलात होती है।
° पूछते हैं बाबा यह क्या है! अरे, तुम *नाम-रूप* में क्यों फँसते हो।
° एक तो तुम *देह-अभिमानी* बनते हो
° दूसरा फिर तुम्हारा कोई पास्ट का *हिसाब-किताब* है, वह धोखा देता है।

18. कलियुग में सब हैं कनिष्ट पुरूष, जो _____ पुरूष लक्ष्मी-नारायण को नमन करते हैं। भक्ति मार्ग में जो जिसमें जैसी भावना रखते हैं, उसका साक्षात्कार होता है। अभी तुम्हारी _____ सबसे ऊंच ते ऊंच बाप में है। दुनिया को तो कुछ भी पता नहीं है। ऐसे ही मुख से सिर्फ कह देते हैं-इसको कहा जाता है _____। यह है तुम्हारा _____।
° *उत्तम*, भावना, थ्योरीटिकल, प्रैक्टिकल

Answers from Sakar Murli 30-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-06-2020*

1. जो नॉलेज बाप के पास है वह बच्चों की बुद्धि में _____ है। यह कितनी _______ बातें हैं। बुढ़ियों आदि के लिए भी बहुत ______ कर समझाते हैं। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो। बाप समझा रहे हैं कि अपनी ______ को योगबल से पवित्र बनाओअ। पने सिर से बोझा उतारना है, सिर्फ याद चाहिए और कोई _______ बाप नहीं दते हैं। जानते हैं आधाकल्प से बच्चों ने ______देखी है इसलिए अभी आया हूँ, तुमको सहज रास्ता बताने – वर्सा लेने का। बाप को सिर्फ याद करो।
°टपकती, मीठी-मीठी, सहज, आत्मा, तकलीफ, तकलीफ,

2. सतयुग को *अमरलोक* क्यों कहते? *पावन दुनियायें* कितनी है?
° वहाँ *अकाले मृत्यु* कोई होती नहीं इसलिए उनको अमरलोक कहा जाता है।
° तुम बच्चे जानते हो पावन दुनियायें हैं *दो* – मुक्ति और जीवनमुक्ति।

3. _______ को छोड़ साधारण संकल्प करना अर्थात् धरनी में पांव रखना।
°दिलतख्त

4. राजयोग में *अपने को आत्मा समझना* क्यों जरूरी है?
° अपने को जब आत्मा निश्चय करें *तब बाप को भी जान सकें* । आत्मा को ही नहीं पहचानते हैं इसलिए बाप को भी पूरा जान नहीं सकते।

5. मीठे बच्चे-तुम अभी पुजारी से _____ बन रहे हो, _______ बाप आये हैं तुम्हें आप समान _______ बनाने”
°पूज्य, पूज्य, पूज्य

6. मनुष्य भी ओम् शान्ति कहते, लेकिन (आत्मा के बारे में) क्या-क्या नहीं जानते? (4)
° मैं कौन हूँ?
° कहाँ से आया हूँ!
° आत्मा का सम्बंध किनके साथ है? (फादर है परमात्मा। तो आत्मायें आपस में ब्रदर्स हो गई।)
° मैं आत्मा बिन्दी हूँ (84 का पार्ट भरा हुआ)

7. यहां का *आत्म-अभिमानी* बनने का अभ्यास वहां (सतयुग) में कैसे कार्य करता? (2)
° वहाँ यह नॉलेज (समझ) रहती है, हम आत्मा हैं यह *पुराना शरीर छोड़ दूसरा लेते* हैं। आत्मा की पहचान साथ में ले जाते।
° उस समय तो *प्रैक्टिकल* में आत्म-अभिमानी रहते हो। आत्मा कहेगी हमारा यह शरीर बूढ़ा हुआ है, यह छोड़ नया लेंगे। दु:ख की बात ही नहीं।

8. _______ की स्टेज द्वारा आपदाओं में भी _______ का अनुभव करने वाले सम्पूर्ण योगी भव। दु:ख-सुख की नॉलेज होते हुए भी उसके प्रभाव में न आयें, दु:ख को भी बलिहारी ______ के दिन आने की समझें-तब कहेंगे सम्पूर्ण योगी।
°मास्टर रचयिता, मनोरंजन, सुख

9. तुम बच्चों की दिल में जंचता है कि बरोबर बाबा हम आत्माओं को _____ ज्ञान दे रहे हैं। हम स्वर्गवासी बनने के लिए पढ़ रहे हैं। यह _____ स्थाई रहनी चाहिए, जब तक स्टडी पूरी हो।
°सच्चा, खुशी

10. भक्ति में भगवान् को याद करने और अभी की याद में क्या *अन्तर* है? याद से संबंधित कौन-से *2 प्रश्न* स्वयं से पूछने है?
° भल याद तो आगे भी करते थे परन्तु कोई *ज्ञान* (परमात्मा का सत्य परिचय) नहीं था, अभी बाप ने ज्ञान दिया है कि इस रीति मुझे याद करने से तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे।
° अपने को देखना है- *कितना समय* हम याद में रहते हैं और *कितनों को* याद दिलाते हैं?

11. कल्प-कल्प इस ______ रथ पर आते हैं। तुम जानते हो कि यह वही है जिसको ________ कहते हैं।
°भाग्यशाली, श्याम सुन्दर

12. तुम बच्चों को बीमारी आदि में भी *पुराने शरीर से कभी तंग नहीं* होना है-क्यों?
° क्योंकि तुम समझते हो इस शरीर में ही जी करके *बाप से वर्सा* पाना है।

13. दैवीगुण धारण करने के लिए भी _____ मिलती रहती है। अपनी जांच करने के लिए ______ हो देखना चाहिए कि कहाँ तक हम पुरूषार्थ करते हैं।
°सावधानी, साक्षी

14. हमारी *कर्मातीत अवस्था* हो गई है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (धीरे-धीरे पिछाड़ी में कर्मातीत अवस्था होनी है। इस समय किसकी कर्मातीत अवस्था होना असम्भव है। कर्मातीत अवस्था हो जाए फिर तो यह शरीर भी न रहे, इनको छोड़ना पड़े।)

Answers from Sakar Murli 29-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-06-2020*

1. _____ को बचाओ तो समय, बोल सब स्वत: बच जायेंगे।
°संकल्पों

2. तुम पुरूषार्थ कर इन्डिपेन्डेन्ट _____ बन जाते हो। स्टूडेन्ट इम्तहान पास करते हैं तो उनको कितनी ______ होती है। तुमको तो हजार बार जास्ती ________ सुख होना चाहिए। हम सारे विश्व के मालिक बनते हैं। यह ______ तुमको बहुत होना चाहिए। हम बाप के पास जाते हैं, जिनसे बेहद का वर्सा मिलता है। वह हमारा बाप टीचर भी है
°पवित्र, खुशी, अतीन्द्रिय, नशा

3. सतयुग की कौन-सी बातें आज बाबा ने सुनाई?
° नई दुनिया-स्वर्ग-अमरलोक में हम प्रिंस बनने वाले है ( *गोल्डन स्पून इन माउथ* , योगबल की रचना)
° वह है ही *हर्षित रहने वालो की दुनिया* , सच्चे महान् आत्मायें, एक ही देवताओं का कुल

4. भविष्य ऊंच घराने में आने का आधार है _____ , जिससे ही तुम बेगर टू प्रिन्स बन सकते हो।
°पढ़ाई

5. तुम _______ पाण्डव हो, पाण्डव अर्थात् पण्डे। वो हैं जिस्मानी पण्डे। तुम ब्राह्मण हो ______ पण्डे।
°सच्चे-सच्चे, रूहानी

6. श्री श्री शिवबाबा ने आज कौन-सी *2 मुख्य श्रीमत* सुनाई?
° अपने को *आत्मा समझो और बाप को याद करो*, यह बाप ने खास फ़रमान किया है
° वह बहुत ऊंच ते ऊंच है, उनकी मत पर चलना है। काम महाशत्रु है। यह आदि-मध्य-अन्त दु:ख देने वाला है। उस भूत के वश मत हो। *पवित्र बनो* । बुलाते भी हैं हे पतित-पावन।

7. तुमको अभी ______ बनना है। गृहस्थ व्यवहार में रहते।
°देही-अभिमानी

8. तुम बच्चों को अभी बड़ी ______ मिलती है, राज्य करने की। जो कोई जीत पा न सके। तुम कितने सुखी बनते हो। तो इस पढ़ाई पर कितना _____ देना चाहिए। हमको बादशाही मिलती है।
°ताकत, अटेन्शन

9. परमात्मा *कब्र से जगाते* । इसका अर्थ क्या है? जो जगे हुए है, उनकी निशानी क्या है?
° बाबा आया हुआ है-सर्व की सद्गति करने। सबको जगाने आये हैं। कोई कब्र थोड़ेही है। परन्तु *घोर अन्धियारे में पड़े हैं, उनको जगाने आते* हैं।
° जो बच्चे घोर नींद से जग जाते हैं उनके अन्दर *खुशी बहुत होती* है, हम शिवबाबा के बच्चे हैं, कोई किस्म का फिक्र नहीं है। बाप हमको विश्व का मालिक बनाते हैं। रोने का नाम नहीं।

10. जो _____ बनकर चलते हैं वही निर्बन्धन हैं यदि कोई भी मेरापन है तो पिंजड़े में बंद हैं। अभी पिंजड़े की मैना से ______ बन गये इसलिए कहाँ जरा भी बंधन न हो, मन का भी बंधन नहीं। सब प्रकार के बंधन समाप्त, सदा _______ स्थिति का अनुभव होता रहे।
°ट्रस्टी, फरिश्ते, जीवनमुक्त

11. जिसने *थोड़ा भी ज्ञान* सुना, तो ऊँच पद पा लेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (जिसने थोड़ा भी ज्ञान सुना, तो प्रजा में आ जायेंगे। ज्ञान का विनाश नहीं होता है। बाकी जो यथार्थ जान पुरूषार्थ करते हैं वही ऊंच पद पाते।)

12. *ब्राह्मणि से न भी बने*, फिर भी एक बात का सदा ध्यान रहे… कौन-सी बात?
° ब्राह्मणी से नहीं बनती है, बाप से रूठते हैं, अरे तुम *बाप से बुद्धि का योग* लगाओ ना। उनको तो *प्यार से याद* करो। बाबा बस आपको ही याद करते-करते हम घर आ जायेंगे।

Answers from Sakar Murli 25-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-06-2020*

1. तुम बच्चे भी मददगार बनते हो। जो *बहुत मदद* करेंगे, उनका क्या होगा?
° वह *विजय माला* के दाने बन जाते।

2. तुम बच्चों को बड़ा _______ वर्सा मिलता है। तुम्हें इस पढ़ाई में बहुत ______ होनी चाहिए। बाप की याद से बाप की ______ भी याद आयेगी। सेकण्ड में सारे ड्रामा का ज्ञान _____ में आ जाता है। यह ‘ _______ ‘ अक्षर सिर्फ तुम सुनते हो।
°भारी, खुशी, प्रापर्टी, बुद्धि, फिर से

3. बाप समान विश्व कल्याणकारी बनने के लिए संकल्प रूपी बीज में कौन-से *3 प्रकार की शुभ भावना* होनी चाहिए?
° हर आत्मा के प्रति, प्रकृति के प्रति शुभ भावना वाला हो।
° सर्व को *बाप समान* बनाने की भावना,
° *निर्बल को बलवान* बनाने की भावना,
° *दु:खी अशान्त आत्मा को सदा सुखी शान्त* बनाने की भावना।

4. बाप कितना ______ है, उनको पतियों का ______ भी कहते हैं। सारी दुनिया आशिक है एक ______ की। परमात्मा को सब ______ – पिता भी कहते हैं। बच्चे जानते हैं यहाँ हम ______ टीचर के पास आये हैं। जिससे ही फिर यह टीचर्स निकले हैं जिनको ______ कहते हैं।
°मीठा, पति, माशूक, परम, बड़े ते बड़े, पण्डे

5. *वृक्षपति वार* (बृहस्पति डे) के टॉपिक पर बाबा ने क्या सुनाया? _(3)_
° तुम *हर हफ्ते* बृहस्पति डे मनाते हो।
° वृक्षपति अथवा इस मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ का जो *बीजरूप* है, *चैतन्य* है, वही इस झाड़ के आदि-मध्य-अन्त को जानते हैं, और जो भी वृक्ष हैं वह सब जड़ होते हैं। यह है चैतन्य।
° इनको कहा जाता है *कल्पवृक्ष* । इनकी आयु है 5 हज़ार वर्ष और यह वृक्ष 4 भाग में है। हर चीज़ 4 भाग में होती है। यह दुनिया भी 4 भाग में है।

6. विश्व में ______ सिवाए परमपिता परमात्मा के कोई कर न सके। 100 परसेन्ट ____________ 5 हज़ार वर्ष पहले मुआफिफक ड्रामा अनुसार स्थापन कर रहे हैं।
°शान्ति, पवित्रता-सुख-शान्ति

7. यह तो एक ही मेहनत है-सिर्फ याद की। यह बहुत *सहज ते सहज* है, बहुत डिफीकल्ट ते डिफीकल्ट भी है। सहज कैसे है?
° बाप को याद करना-इससे सहज कोई बात होती नहीं। *बच्चा पैदा हुआ और मुख से बाबा-बाबा निकलेगा* ।

8. अभी बाप तुमको _______ दे रहे हैं कि मामेकम् याद करो तो विकर्म विनाश होंगे। बाप से मिलने आओ तो भी अपने को ________ समझो। _______भव। यह है ___________ कुटुम्ब।
°श्रीमत, आत्मा, आत्म-अभिमानी, ईश्वरीय

9. माया के *झमेलों* से घबराने के बजाए क्या करना है?
° परमात्म *मेले* की मौज मनाते रहो।

10. सच्चा-सच्चा _______ सोशल वर्कर बनना है। ________ पढ़ाई पढ़नी और पढ़ानी है। तुम्हारा पिछाड़ी में बहुत _______ निकलने का है। गाया भी जाता है अहो _______ तेरी लीला।
°रूहानी, रूहानी, प्रभाव, प्रभू

11. *अक्लमंद बच्चे* की कौन-सी 2 निशानीयां बाबा ने बतायी?
° वह सहज ही सब बातों को *समझकर दूसरों को पढ़ाने* लग पड़ेंगे।
° वह फौरन निर्णय लेंगे कि उस पढ़ाई से क्या मिलता है और *इस पढ़ाई से क्या मिलता है*। क्या (ज्यादा) पढ़ना चाहिए।

12. कोई भी *बन्धन से मुक्त* होने की कौन-सी विधि बाबा ने सुनाई?
° *याद से ही बल* आता जायेगा। माया बलवान की ताकत कम होती जायेगी। फिर तुम छूट जायेंगे।

13. दूध की भी नदियां बहेंगी। विष्णु को ______ में दिखाते हैं, लक्ष्मी-नारायण है ________ । उनका फिर नेपाल तरफ पशुपति नाम रख दिया है। है एक ही विष्णु के दो रूप। वास्तव में तुम बच्चे ही सच्चे-सच्चे महावीर ______ हो क्योंकि तुम योग में इतना रहते हो जो माया के भल कितने भी तूफान आयें लेकिन तुम्हें हिला नहीं सकते। तुम ______ के बच्चे _______ बने हो क्योंकि तुम माया पर जीत पाते हो। 5 विकार रूपी रावण पर हर एक जीत पाते हैं।
°क्षीरसागर, पारसनाथ, हनूमान, महावीर, महावीर

Answers from Sakar Murli 26-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-06-2020*

1. *स्वदर्शन चक्रधारी* इनमें से किन्हें कहेंगे? _(बाबा, ब्राह्मण, देवता)_
° *बाबा* वा *ब्राह्मणों* को (देवताओं को नहीं)

2. सब थोड़ेही राजा बनेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (अरे तुम सबका चिंतन क्यों करते हो! स्कूल में यह ओना (फिकर) रखते हैं क्या कि सब थोड़ेही स्कॉलरशिप पायेंगे? पढ़ने लग पड़ेंगे ना।)

3. तुम अभी श्रीमत पर _______ की अति में जाते हो, तुम्हें बाप से ______ का वर्सा मिलता है, ______ में सब कुछ आ जाता है। आत्मा तो स्वयं _____ स्वरूप है। इस शरीर द्वारा सिर्फ पार्ट बजाना होता है।
°साइलेन्स, शान्ति, शान्ति, शान्त

4. सबसे *महान पुण्य* कौन-सा है? और सबसे श्रेष्ठ *दान* ?
° *घर-घर में प्रदर्शनी* खोलो। इन जैसा महान पुण्य कोई होता नहीं।
° किसको *बाप का रास्ता बताना*, इन जैसा दान कोई नहीं।

5. ______ की भावना रखने से सम्पन्न आत्मा हो जायेंगे और जो सम्पन्न होंगे वह सदा ______ होंगे। मैं देने वाले दाता का बच्चा हूँ-देना ही लेना है, यही भावना सदा _______ , इच्छा मात्रम् अविद्या की स्थिति का अनुभव कराती है। सदा एक लक्ष्य _____ की तरफ ही नज़र रहे, और कोई भी बातों के विस्तार को देखते हुए नहीं देखो, सुनते हुए भी नहीं सुनो।
°दातापन, तृप्त, निर्विघ्न, बिन्दू

6. यह प्रदर्शनी तो तुम्हारे _________ में होनी चाहिए क्योंकि तुम बच्चे ब्राह्मण हो। इन पर समझाना बहुत ______ है। अच्छा – तुमको एक _______ दे देंगे। बोर्ड पर भी लिख दो – _____ के द्वार कैसे खुल रहे हैं – आकर समझो।
°घर-घर, सहज, ब्राह्मणी (टीचर), स्वर्ग

7. बुद्धि वा स्थिति यदि कमजोर है, तो उसका कारण है _______।
°व्यर्थ संकल्प

8. विकर्माजीत बन ऊंच पद पाना है तो कौन-सा *चिन्तन* खत्म करना है, और कौन-सा चिन्तन करना है?
° यह क्यों होता है, यह ऐसे क्यों करता है। इन सब *फालतू बातें* को छोड़ना।
° एक ही चिंतन रहे कि *हमें तमोप्रधान से सतोप्रधान बनना है*। जितना बाप को याद करेंगे उतना विकर्माजीत बन ऊंच पद पायेंगे।

9. बाप को बुलाते भी इसलिए हो हे पतित-पावन, लिबरेटर, गाइड आओ। तुम्हारा भी नाम ______ गाया हुआ है। बाप भी _______ है। सभी आत्माओं को ले जायेंगे।
°पाण्डव, पण्डा

10. कोई _____ 7 रोज़ का कोर्स उठाते हैं। किसको ____ में भी तीर लग सकता है।
पुरानों से भी तीखे चले जाते हैं, क्यों?
° विरले, सेकेण्ड
° क्योंकि अच्छी-अच्छी प्वाइंट्स, तैयार माल मिलता है।

11. यह बाबा _______ इतना ऊंच पद पाते हैं, हम क्यों नहीं बनेंगे।
मीठे मीठे बच्चों ______ बनो। अपने को ________ समझकर बाप को याद करो। तुम मेरे लाडले _____ हो ना। आधाकल्प के तुम ____ हो।
°बूढ़ा, देही-अभिमानी, आत्मा, बच्चे, आशिक

12. बाबा ने कौन-सी *बेहद* की 4 बाते बतायी?
° बेहद का *बाप* बेहद का *वर्सा* दे रहे हैं। बेहद की *नॉलेज* सुना रहे हैं। तो *त्याग* भी बेहद का चाहिए।

13. जब _____ पतित दुनिया बनती है तब ही बाप आकर ______ पावन दुनिया बनाते हैं।
तुम बुलाते आये हो हे _________ , अब मैं आया हूँ, तुमको कहता हूँ यह अन्तिम जन्म ______ रहो। तो तुम _____ दुनिया के मालिक बनेंगे।
°सम्पूर्ण, सम्पूर्ण, पतित-पावन, पवित्र, पवित्र

Answers from Sakar Murli 27-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-06-2020*

1.______ और ________ के अनुभव द्वारा सदा सफलतामूर्त भव
°साथी,साक्षीपन

2. धंधा आदि भी भल करो। बाप कहते हैं हाथों से काम करो, _______ बाप की याद में रहे।
°दिल

3.आत्म-अभिमानी बनने पर बाबा ने क्या समझाया?
° रोज़-रोज़ बोलने की दरकार नहीं रहती कि अपने को आत्मा समझो। आत्म-अभिमानी भव अथवा देही-अभिमानी भव… अक्षर है तो वही ना। बाप कहते हैं अपने को आत्मा समझो। आत्मा में ही 84 जन्मों का पार्ट भरा हुआ है। एक शरीर लिया, पार्ट बजाया फिर शरीर खलास हो जाता है। आत्मा तो अविनाशी है।

4. जितनी-जितनी धारणा करेंगे उतना तुम्हारे पास नॉलेज की _____ होती जायेगी, नॉलेज की धारणा से तुम कितना धनवान बनते हो। वास्तव में कोई चीज़ का ______ नहीं है सिवाए एक बाप के।
°वैल्यु,मूल्य

5. यह बोर्ड लिख दो – कौन-सा?
° विश्व में शान्ति बेहद का बाप कैसे स्थापन कर रहे हैं सो आकर समझो। एक सेकण्ड में विश्व का मालिक 21 जन्म लिए बनना है तो आकर समझो।

6. गृहस्थ व्यवहार में रहकर कमल फूल समान ______ बनना है।
°पवित्र

7. इस ईश्वरीय सभा का कायदा क्या है?
°जिन्हें ज्ञान रत्नों का कदर है, कभी उबासी आदि नहीं लेते हैं उन्हें आगे-आगे बैठना चाहिए।

8. _______ की निशानी है-मन उदास और खुशी गायब।
°व्यर्थ संकल्पों

9. माया भुलाकर तूफान में ला देती है, इसमें _____ हो विचार सागर मंथन करना है।
°अन्तर्मुख

10. _____ अवस्था वाले होंगे वह कोई धर्मराज पुरी में सज़ायें थोड़ेही भोगेंगे।
°कर्मातीत

Answers from Sakar Murli 17-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-06-2020*

1. तुमको क्या *कण्ठ* करना है?
° *बाप* को

2. तुम _____ बच्चे हो, बच्चों को ______ रत्न कहा जाता है।तुमको अपना बनाया है तो तुम भी _____ हुए ना। अब तुम बच्चे बाप के पास आते हो तो तुम्हारी ______ में कितनी खुशी रहनी चाहिए।
°लाडले, नूरे, हमारे, दिल

3. सतयुग में यह मालूम रहेगा कि हमने यह संगम पर 21 जन्मों का वर्सा लिया हुआ है। _(सही / गलत)_
वहां शरीर कैसे छोड़ेंगे?
° गलत (यह अभी जानते हो हम 21 जन्मों का वर्सा आधाकल्प के लिए ले रहे हैं)
° जब शरीर बूढ़ा होगा तब समय पर शरीर छोड़ेंगे। जैसे सर्प पुरानी खल छोड़ नई ले लेते हैं। हमारा भी पार्ट बजाते-बजाते यह चोला पुराना हो गया है।

4. जो भी बच्चे _____ में रहते हैं, वो सदैव साथ में हैं। और _____ विनाश होते हैं फिर शुरू होता है _________ संवत। यह तुम ब्राह्मणों की बुद्धि में बाबा ________ करा रहे हैं। तुम बच्चे भी पहले इस ______ की नॉलेज को कुछ भी नहीं जानते थे।
°याद, विकर्म, विकर्माजीत, धारणा, बेहद

5. सतयुग में देवतायें यह जानते हैं कि हम आदि सनातन देवी-देवता धर्म के हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत* (वहाँ तो धर्म की बात ही नहीं है। है ही एक धर्म)

6. ज्ञान तो सहज है, उसमें इतना टाइम नहीं लगता है, जितना ________ पर लगता है। बच्चों, एक बाप को याद करते रहो। यही ______ मंत्र है। तुम रावण पर जीत पहन _______ बनते हो। घड़ी-घड़ी अपने को _____ समझो। यह शरीर तो यहाँ 5 तत्वों का बना हुआ है। बनता है, छूटता है फिर बनता है। अब आत्मा तो ______ है, जिन्हें _______ बाप पढ़ा रहे हैं संगमयुग पर।
°याद की यात्रा, वशीकरण, जगतजीत, आत्मा, अविनाशी, अविनाशी

7. सच के लिए क्या कहावत है?
° सच की नांव हिलेगी, डुलेगी लेकिन डूबेगी नहीं।

8. तुम सच्चे-सच्चे ब्राह्मण को *भ्रमरी* क्यों कहा जाता है?
° तुम कीड़ों को आपसमान ब्राह्मण बनाती हो। तुम्हें कहा जाता है कि कीड़े को ले आकर बैठ भूँ-भूँ करो।

9. *जास्ती धारणा नहीं कर सकते*, तो बाबा ने क्या कहा?
° हर्जा नहीं। याद की तो धारणा है ना। बाप को ही याद करते रहो। जिनकी मुरली नहीं चलती है तो यहाँ बैठे सिमरण करें। (इस ज्ञान-योग से स्वतः सब धारणाएं होती जाएंगी)

10. _______ बन हर आत्मा की कमजोरी को परखते हुए, उन्हें ________ स्वरूप से समाप्त कर देना, कांटे को ______ बना देना, स्वयं भी _______ के समान सन्तुष्ट रहना और सर्व को सन्तुष्ट करना, जिसके प्रति सब निराशा दिखायें, ऐसे व्यक्ति वा ऐसी स्थिति में सदा के लिए ______ के दीपक जगाना अर्थात् दिलशिकस्त को ______ बना देना-ऐसा श्रेष्ठ कर्तव्य चलता रहे तो _______ , सन्तुष्टमणि का वरदान प्राप्त हो जायेगा।
°त्रिकालदर्शी, कल्याणकारी, फूल, सन्तुष्टमणी, आशा, शक्तिवान, परोपकारी

11. शिव के इतने *मन्दिर* क्यों बनते है?
° उनके बनते हैं क्योंकि भारत की और सारी दुनिया के *बच्चों की सर्विस करते* हैं।

12. जिसकी हम ______ करते थे वह हमको पढ़ा रहे हैं। जिन लक्ष्मी-नारायण के हम _______ थे वह अभी हम खुद बन रहे हैं। यह ज्ञान बुद्धि में है। ______ करते रहो फिर औरों को भी सुनाओ।
°पूजा, पुजारी, सिमरण

13. *श्रेष्ठ* किन्हें कहा जाता है?
° पवित्र देवताओं को

14. यह एक ही _______ है जबकि तुमको अपने को आत्मा समझ एक बाप को याद करना है। 5 हज़ार वर्ष पहले भी सिखाया था, और कोई की _______ नहीं जो ऐसे समझा सके। _______ है ही एक बाप, दूसरा कोई हो न सके।
°समय,ताकत, ज्ञान सागर,

15. सारा खेल दो बातों पर बना हुआ है। कौन-सी?
° *भारत की हार और भारत की जीत।* भारत में सतयुग आदि के समय पवित्र धर्म था, इस समय है अपवित्र।

16. परीक्षा के समय_____ याद आये तब प्रत्यक्षता होगी।
°प्रतिज्ञा

17. स्वर्गवासी बनने के लिए पाण्डवों ने कौन-सा पुरुषार्थ किया?
° जीते जी देह-अभिमान से गलने का पुरूषार्थ। तुम अभी यह पुरानी जुत्ती छोड़ने का पुरूषार्थ करते हो

18. गायन है ना- ______छोड़ विष काहे को खाए।
°अमृत

19. दूरदेशी बाप हमें दूरांदेशी बनाने लिए कौन-सा *दूरांदेशी ज्ञान* देते?
° *आत्मा कैसे चक्र में भिन्न-भिन्न वर्णों में आती* है। तुम जानते हो अभी हम ब्राह्मण वर्ण के हैं इसके पहले जब ज्ञान नहीं था तो शूद्र वर्ण के थे, उसके पहले वैश्य….. वर्ण के थे। दूरदेश में रहने वाला बाप आकर यह दूरांदेशी बनने का सारा ज्ञान बच्चों को देते हैं।

Murli Yog 28.12.2024

A

एक-दो के विचारों 💭 का… सम्मान रखने वाले… हम माननीय आत्मा ⭐ हैं!

अनादि स्वरूप में स्थित रहते… इसलिए हम ब्राह्मणों का विशेष लक्षण है; सदा स्वयं से सन्तुष्ट ☺️ रहना, सबको सन्तुष्ट करना… तब ही आगे बढ़ते!

इस कल्याणकारी 💫 युग में… हम कल्याणकारी स्वयं-सर्व का कल्याण करते (प्रकृति को भी सुखदाई बनाते!)… तो अकल्याण की हलचल का प्रभाव पड़ नहीं सकता; हम प्रकृतिजीत, मायाजीत है!

ओम् शान्ति 😌 अर्थात्; मैं (अनादि से) शान्त स्वरूप आत्मा हूँ… अभी भ्रकुटी में बैठ; कानों द्वारा यह रूहानी पढ़ाई सुन रही… याद द्वारा श्रेष्ठ, पावन; फिर से सतोप्रधान सुखी देवता बन रही!

तो निराकार परमपिता अपनी ईश्वरीय मत द्वारा… हमें सर्व खज़ानों 🪙 से मालामाल कर… स्वर्ग के मालिक 👑, सदा सुखी 😀 बनाते!

कैसे इन मीठी-मीठी लवली 💞, रमणीक, दिल ❤️ को छूने वाली बातों द्वारा… मन्मनाभव के महा वशीकरण मंत्र में हमें स्थित 🎯 करते… फिर हम भी भूँ-भूँ 🐝 कर आप समान 🧖 बनाते (और राजतिलक पाते 🎉!)


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Murli Yog 27.9.24

Murli Yog 27.9.24

मीठी शान्ति, दिव्य सुख वा खुशी की चमत्कारी ताकत के वन्डरफुल मालिक 👑 बनना; यही है स्नेह ❤, प्यार का सबूत; साथ-साथ स्वमान में स्थित रह सर्व को सम्मान देने वाले माननीय बनना; श्रेष्ठ कार्यों के जिम्मेवार बन मन्दुरूस्त रहना… Murli Yog 27.9.24!

हमें सम्मुख गर्म-गर्म हलुआ 😋 मिलता… अर्थात् मीठे-मीठे, रूहानी बच्चें कह वह रूहानी, सुप्रीम, बेहद बाप हम आत्माओं 🪔 को राजयोग 🧘‍♀️ की शिक्षा पढ़ाते… ओम् शान्ति अर्थात् हम आत्मा-स्टार्स ऊपर शान्ति, निराकारी, ब्रह्म तत्व में थी; इस कर्मक्षेत्र पर शरीर ले कर्म करती…

… हम आत्माएं 🕯️ ही पहले ईश्वरीय राज्य, वैकुण्ठ, सुखधाम में लक्ष्मी-नारायण 🫅🏻👸🏻 मालिक के ऊंच पद 🏆 वाले देवता थे; ईश्वरीय वन्डर ऑफ वर्ल्ड पैराड़ाइज के वर्से में deitism… आत्मा में ही राज्य करने की ताकत 💪🏻 है!

याद में रहने वाले है पुण्य आत्मा, सतोप्रधान; पवित्र, चमत्कारी; महारथी पहलवान 🤼‍♂️, विजयी 🇲🇰 (क्योंकि बाबा है पतित-पावन, सर्वशक्तिमान, वर्ल्ड ऑलमाइटी अथॉरिटी!)… तो दिल अन्दर कितनी खुशी होनी चाहिए; हम हेवन स्थापन कर रहे…

… पढ़ाई भी सहज है; बिगर खर्चे मम्मा कैसी नम्बरवन, होशियार 🧠, राजयोगिन बन गयी… परन्तु खबरदार, अक्लमंद भी रहना है; भाई-बहन सो भाई-भाई बनना है (फिर वहां ऊपर भी भाई-आत्माओं से मिलेंगे!)…

… यह न्यारा ज्ञान है… इस ड्रामा 🎭 में एक सेकण्ड न मिले दूसरे से… आबू सर्वोत्तम, श्रेष्ठ, बड़ा तीर्थ है जहां से सर्व की सद्गति होती; अन्त में महिमा होंगी (अहो शिवबाबा ✨ तेरी लीला!)

हम सदा स्वमान में स्थित 🎯 रह… सर्व को सम्मान देने वाले… माननीय है!

हद की इच्छाओं से परे रह… सभी श्रेष्ठ सेवा के कार्यों में, ब्राह्मण आत्माओं की उन्नति, आदि में जिम्मेवार बनने से… प्रत्यक्षफल सदा मन्दुरूस्त, खुश, मन्मनाभव रहते!

हम स्नेही वा ज्ञानी आत्माओं के प्यार का सबूत है… सबकुछ न्योछावर, कुर्बान करना… (व्यर्थ संकल्प 💭, गुण-विशेषता का अभिमान, आदि सर्व मूल कमजोरियां!)


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Murli Yog 26.9.24

Murli Yog 26.9.24

मीठे, लाड़ले, प्रिय बन एक से प्रीत, संग, पास रह कल्याणकारी 💫 खुशी, सुख, शान्ति के मालिक बनना; ऐसे रूहानी वायब्रेशन द्वारा शक्तिशाली वायुमण्डल 🌬️ बनाना अर्थात् देने से स्वतः सम्पन्न 🪙 बनना; यह है ज्ञान-घृत द्वारा सदाकाल के लिए आत्म-दीप 🪔 जगाना वा स्नेह ❤ का रिटर्न देना… Murli Yog 26.9.24!

जबकि हमें मीठा बाबा मिला है… हम लाड़ले बच्चे उनके पास आये हैं… उसके अति प्रिय ईश्वरीय सन्तान बने हैं (और इसी ईश्वरीय संग में रहते!)… तो ईश्वर से पूरा वर्सा लेने…

… सदा ईश्वरीय मत, राय पर उठते, बैठते, चलते, फिरते 🚶 याद द्वारा पावन, सतोप्रधान बनना; अर्थात् आत्म-दीप जगाने का कल्याण कर, सद्गति पानी है; सदा खुश, सुधरा हुआ क्रोध-जीत बनना है…

… तो सुखधाम की बादशाही, राज्य के मालिक लक्ष्मी-नारायण 🫅🏻👸🏻 बनने का ऊंच ते ऊंच पद 🏆 प्राप्त करते… जहां सब सतोप्रधान अर्थात् आत्म-ज्योति जगी हुई है; 21 जन्मों के लिए ज्ञान-घृत भरपूर!

तो इस वन्डरफुल 👌🏻 ज्ञान द्वारा सबको पावन बनाए, सच्ची खुशी दिलानी है; यह बाबा को मदद देनी है… रूहानी बाप, टीचर, सतगुरू की रूहानी 💐 पढ़ाई, विद्या द्वारा जन्म-जन्मांतर कल्प-कल्पान्तर का फायदा है… तो खबरदारी से चलना; यह होलीएस्ट ऑफ होली स्थान है!

ऐसे हम रूहानी वायब्रेशन्स द्वारा शक्तिशाली वायुमण्डल बनाने वाले; सबसे श्रेष्ठ सेवाधारी है… सर्व की शुभ इच्छाएं पूर्ण करने वाली मूर्ति बनने का दृढ़ संकल्प 💭 करने से; अर्थात् देने से स्वयं स्वतः सम्पन्न बन जाते!

बाबा का हमसे इतना स्नेह है कि कमी देख नहीं सकते; हमारी गलती भी अपनी समझते; हमें सम्पन्न, सम्पूर्ण 💯🔋, समान देखना चाहते… तो इस स्नेह का रिटर्न; स्वयं को टर्न करना अर्थात् सिर्फ रावण का शीश उतार देना है!

Thanks