Answers from Sakar Murli 22-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-01-2021*

1. सिद्धि स्वरूप बनने के लिए हर _____ में पुण्य और _____ में दुआयें जमा करते चलो।
° _संकल्प_, _बोल_

2. कोई भी संस्कार-स्वभाव परिवर्तन करने में दिलशिकस्त- अलबेला होना भी थकना है, इससे _____ बनो। अथक का अर्थ है जिसमें _____ न हो। वे बच्चे सदा बाप के सम्मुख रहते और _____ का अनुभव करते हैं। उनके मन में कभी _____ की लहर नहीं आ सकती इसलिए सदा _____ रहो और खुशी का अनुभव करो।
° _अथक_, _आलस्य_, _खुशी_, _दु:ख_, _सम्मुख_

3. भारत में सिर्फ एक ही देवी-देवता ____ था। _____ का कण्ठा होता है। यह लक्ष्मी-नारायण ____ -स्तान के मालिक हैं ना, ____ -लोक। कितने शोभावान हैं, ____ -प्रधान हैं ना। नेचुरल ब्युटी थी, _____ भी चमकती रहती है।
° _धर्म_, _जमुना_, _परि_, _अमर_, _सतो_, _आत्मा_

4. सतोप्रधान माना दैवी दुनिया। वहाँ सुख-शान्ति- _____ आदि सब कुछ तुमको मिलता। सतयुग में तो सदैव _____ नाम होता है। श्री रामचन्द्र, श्रीकृष्ण.. श्री कहा जाता है _____ को। उनको _____ वर्ल्ड, इसको ह्युमन वर्ल्ड कहा जाता। डीटी वर्ल्ड को _____ कहा जाता। दिन _____ को कहा जाता है।
° _सम्पत्ति_, _शुभ_, _श्रेष्ठ_, _डीटी_, _दिन_, _सोझरे_

5. “मीठे बच्चे – तुम बाप के पास आये हो _____ होने, बाप और वर्से को याद करो तो ____ रिफ्रेश रहेंगे”। तुम सतयुग में _____ -पुरी में जाते हो।
° _रिफ्रेश_, _सदा_, _विश्राम_

6. *समझदार बच्चों* की मुख्य निशानी क्या होगी? (3)
° उन्हें *अपार खुशी* होगी, नहीं तो बुद्धू हैं। समझदार अर्थात् *पारसबुद्धि* बनने वाले। वह दूसरों को भी पारसबुद्धि बनायेंगे। *रूहानी सर्विस में बिजी* रहेंगे। बाप का परिचय देने बिगर रह नहीं सकेंगे।

7. यह आत्मा में गुप्त ज्ञान है, आत्मा भी ____ है। आत्मा इस _____ द्वारा बोलती इसलिए बाप कहते आत्म-अभिमानी बनो, नहीं तो उल्टे बन जाते। अपने को आत्मा समझने से हम पतित-पावन परमपिता परमात्मा से _____ बनने वाले हैं। मीठे-मीठे बच्चे बाप को _____ करो, याद करने से तुम तमोप्रधान से ______ बनते हो।
° _गुप्त_, _मुख_, _पावन_, _याद_, _सतोप्रधान_

8. नई दुनिया बनाने वाला, स्थापन करने वाला _____ है। उनको ही _____ -पावन बाबा कह बुलाते। हमारी आत्मा का बाप _____ -लौकिक है। ज्ञान फिर कहाँ से आये! जब तक _____ सागर बाप आकर न सुनाये। वह है असुल _____ बाबा, आत्माओं का बाबा। तुम बच्चे जानते हो हम उस बेहद के बाप के बने हैं, जो कभी _____ नहीं हैं।
° _बाप_, _पतित_, _पार_, _ज्ञान_, _अविनाशी_, _जलते_

9. खिवैया (बाप) भी है निराकार, बोट (आत्मा) भी _____ । बोट को खींचकर _____ -धाम में ले जाते। इनकारपोरियल बाप ______ बच्चों को ले जाते हैं। बाप ही बच्चों को _____ में ले जायेंगे।
° _निराकार_, _परम_, _इनकारपोरियल_, _साथ_

10. हमको ______ -शिप लेनी है। यहाँ अन्दर आने से ही एम ऑब्जेक्ट सामने देखने से जरूर _____ होगी ना! ऐसा कोई स्कूल कहाँ भी नहीं जहाँ दूसरे ____ की एम ऑब्जेक्ट देख सके। पाठशाला वा स्कूल हो तो _____ । है कितनी गुप्त, परन्तु जबरदस्त पाठशाला, जितनी बड़ी _____ , उतना बड़ा कॉलेज। ज्ञान से देवता बन गये फिर पढ़ाई की दरकार नहीं, इसमें बड़ी _____ -बुद्धि चाहिए समझने।
° _स्कालर_, _खुशी_, _जन्म_, _ऐसा_, _पढ़ाई_, _विशाल_

11. अविनाशी आत्मा 84 के चक्र का पार्ट बजाती। चक्र पूरा होता फिर हूबहू रिपीट करना है। एक शरीर छोड़ दूसरा लेंगे। छोटा बनकर फिर बड़ा बनेंगे। यहां बाबा ने *कौन-सा मिसाल* सुनाया?
° जैसे *आम की गुठली* को जमीन में डाल देते हैं तो उनसे फिर *आम* निकल आयेंगे। वह है हद का झाड़। (वैसे यह मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ है, इनको *वैरायटी झाड़* कहा जाता। लक्ष्मी-नारायण थे जो अब नहीं हैं। चक्र लगाए अब फिर यह बनते हैं। कहेंगे पहले यह लक्ष्मी-नारायण थे फिर उन्हों का यह है लास्ट जन्म ब्रह्मा-सरस्वती। अभी सबको वापिस जरूर जाना है। स्वर्ग में तो इतने आदमी थे नहीं।)

12. ड्रामा में जो नूँध है वह हूबहू _____ होता है। ड्रामा अनुसार सेकेण्ड बाई सेकेण्ड कैसे चलता रहता है, यह भी _____ बुद्धि में है। इतनी छोटी _____ कितना बड़ा पार्ट बजाती। सारी दुनिया के एक्टर्स वही _____ बजाते हैं जो अनादि बना हुआ है।उनको तुम _____ तब कहते जबकि जानते हो यह सृष्टि रूपी झाड़ है।
° _रिपीट_, _नॉलेज_, _आत्मा_, _पार्ट_, _वन्डरफुल_

13. सबको यह पैगाम दो। यही याद दिलाना है कि _____ को और वर्से को याद करो। बेहद का बाप _____ रचते हैं। स्वर्ग का ही _____ देते हैं। अभी तुम हो _____ -युग पर। माया के _____ और बाप के वर्से को तुम जानते हो। जब माया रावण का श्राप मिलता तो _____ भी खत्म, सुख-शान्ति भी खत्म, तो धन भी खत्म हो जाता।
° _बाप_, _स्वर्ग_, _वर्सा_, _संगम_, _श्राप_, _पवित्रता_

14. (धारणा) इस पतित दुनिया का बुद्धि से _____ कर पुरानी देह और देह के _____ को भूल अपनी बुद्धि बाप और ____ तरफ लगानी है।
° _संन्यास_, _सम्बन्धियों_, _स्वर्ग_

Answers from Sakar Murli 16-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-12-2020*

1. एक दो को कॉपी करने के बजाए _____ को कॉपी करो।
° _बाप_

2. यह ईश्वरीय नशा दुखों की दुनिया को सहज भुला देता, अविनाशी बनाता, सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनते। तो यह *नशा चढ़ाने की विधि* क्या है?
° *एक बाप दूसरा न कोई* – यह स्मृति ही नशा चढ़ाती है। इसी *स्मृति से समर्थी* आ जाती है।

3. यह बेहद का बाप है बेहद का ____ देने वाला। तुम पुरूषार्थ भी करते हो बेहद _____ के सुख लिए। यहाँ बेहद के बाप से बेहद के सुख का _____ पाने आये हो। _____ से कितना सुख मिलता है।
° _सुख_, _स्वर्ग_, _वर्सा_, _मात-पिता_

4. बाप ____ -या भी है, _____ -वान भी है। बाप ही _____ -फुल है, उसको ही सब याद करते हैं – हे परमपिता _____ आकर हमारे दु:ख हरो। सबका बाप है ____ -बाबा, वह तो है निराकार।
° _खिवै_, _बाग_, _नॉलेज_, _परमात्मा_, _शिव_

5. तुम बच्चे जानते हो हम पढ़कर मनुष्य से _____ , कांटे से ____ बन रहे। सतयुग में _____ फ्लावर भी हैं ना। अब बाप फिर हमको ____ आत्मा बनाते, जिस दुनिया को स्वर्ग कहा जाता। स्वर्ग में जाना है तो _____ -गुण भी धारण करने चाहिए।
° _देवता_, _फूल_, _किंग क्वीन_, _पुण्य_, _दैवी_

6. अभी तुमको कितनी अच्छी नॉलेज मिलती, वह नॉलेज इतनी _____ नहीं देती, जितनी यह। अभी तुम बच्चे सब बातें समझते जाते, _____ करते जाते। नई बात नहीं है। तुम अनेक बार देवता बने हो, _____ राज्य था ना। यह चक्र फिरता रहता, यह है _____ अविनाशी ड्रामा।
° _खुशी_, _धारणा_, _डीटी_, _अनादि_

7. डबल सिरताज देवता बनने के लिए बहुत _____ बनना है, ____ क्लीयर रखनी है। राजयोग की _____ करनी है।अभी बाप द्वारा तुम _____ बन रहे हो, एम ऑब्जेक्ट सामने खड़ी है। फिर _____ बनने के लिए पुरूषार्थ चाहिए। यह बाबा समझते हैं ना हम _____ बनूँगा।
° _मीठा_, _लाइन_, _तपस्या_, _पावन_, _पूज्य_,
_प्रिन्स_

8. यहाँ भेंटा आदि चढ़ाने की बात नहीं। यह *पैसा क्या करेंगे?*
° बच्चे जो कुछ पैसा आदि देते हैं तो *उन्हों के लिए ही मकान* आदि बना देते हैं। (पैसे तो न शिवबाबा के काम के हैं, न ब्रह्मा बाबा के काम के हैं। यह मकान आदि बनाया ही है बच्चों के लिए, बच्चे ही आकर रहते हैं।)

9. सूक्ष्मवतन का सिर्फ तुम बच्चों को अभी _____ होता है। यह बाबा भी _____ बन जाते। व्यक्त ब्रह्मा सो फिर _____-वासी ब्रह्मा फरिश्ता कैसे बनते, वह निशानी है।
° _साक्षात्कार_, _फरिश्ता_, _सूक्ष्मवतन_

10. कभी कोई बोले तुम ब्रह्मा को भगवान् कहते, तो *क्या समझाना* है? (2)
° (झाड़ के चित्र में) देखो यह तो *कलियुग के अन्त में खड़ा* है ना। बाप कहते हैं जब *जड़जड़ीभूत अवस्था* , वानप्रस्थ होती है तब मैं इनमें प्रवेश करता हूँ। अभी राजयोग की *तपस्या कर रहे* हैं। तपस्या करने वाले को देवता कैसे कहेंगे?
° वह अपने को भगवान कहाँ कहलाते हैं। *यह तो कहते हैं हम वर्थ नाट ए पेनी थे* , ततत्वम्। अभी वर्थ पाउण्ड बन रहे हो ततत्वम्। कितनी सहज समझने की बातें हैं।

11. *ब्रह्मा-बाबा* के कौन-से नाम आज मुरली में है? (4)
° *आदम* बीबी, *एडम* ईव, *आदि देव* , आदि देवी, यह *प्रजापिता* ब्रह्मा के लिए ही कहेंगे।

12. नाम ही है प्रजापिता ब्रह्मा, कितनी ढेर ____ है। सब धर्म वाले इनको मानेंगे जरूर, उन द्वारा ही मनुष्य मात्र की _____ हुई है ना। यह है बेहद का बाप, इनकी _____ तो सारी दुनिया है। इस बाबा की ____ तो कितनी बड़ी है, और ही वृद्धि को पानी है। यह तो ____ -धानी स्थापन हो रही है।
° _प्रजा_, _रचना_, _सन्तान_, _फैमिली_, _राज_

13. संगमयुग पर तुम बच्चे कौन-सा *बीज नहीं बो सकते* हो?
° *देह-अभिमान* का। (इस बीज से सब विकारों के झाड़ निकल पड़ते हैं। इस समय सारी दुनिया में 5 विकारों के झाड़ निकले हुए हैं। सब काम-क्रोध के बीज बोते रहते हैं। तुम्हें बाप का डायरेक्शन है बच्चे *योगबल से पावन* बनो। यह बीज बोना बन्द करो।)

14. “मीठे बच्चे – पापों से हल्का होने के लिए _____ , ऑनेस्ट बन अपनी कर्म कहानी बाप को लिखकर दो तो _____ हो जायेगी”। आगे फिर ऐसा कोई काम न हो उसके लिए _____ -दार करता हूँ।
° _व़फादार_, _क्षमा_, _खबर_

15. सदा स्मृति रहे कि हम अभी ब्राह्मण हैं इसलिए _____ से बहुत-बहुत दूर रहना है। कभी भी क्रिमिनल _____ न हो। बाप से बहुत-बहुत _____ , वफादार रहना है।
° _विकारों_, _एसाल्ट_, _ऑनेस्ट_

Answers from Sakar Murli 15-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-12-2020*

1. सहजयोगी कहकर _____ नहीं लाओ, शक्ति रूप बनो।
° _अलबेलापन_

2. ब्राह्मणों का निजी _____ पवित्रता है, अति सहज है क्योंकि _____ आई कि हमारा वास्तविक आत्म स्वरूप सदा पवित्र है। अनादि स्वरूप पवित्र _____ है, आदि स्वरूप पवित्र ______ है। अभी का अन्तिम जन्म भी पवित्र _____ जीवन है, पवित्रता ही ब्राह्मण जीवन की _____ -लिटी है। जो पवित्र है वही योगी है।
° _स्वधर्म_, _स्मृति_, _आत्मा_, _देवता_, _ब्राह्मण_, _पर्सना_

3. बाप तुम बच्चों को कितना _____ -वान बना देते। ____ में बहुत खज़ाना रहता। हीरे-जवाहरातों की _____ सब भरपूर हो जाती। वहाँ और यहाँ के फूलों आदि में _____ का फर्क है। वहाँ की हर चीज़ में कितनी _____ रहती। वहाँ तो प्रकृति सो सबकुछ _____ -प्रधान होता।
° _धन_, _स्वर्ग_, _खानियाँ_,
_रात-दिन_, _ताकत_, _सतो_

4. बाप इतना ऊंच बनाते तो वह _____ रहनी चाहिए। अभी तुम कितना ____ -दार बनते। हमारी ____ -धानी स्थापन होती। जो अच्छी रीति पढ़ेंगे, याद में रहेंगे वह अच्छा ____ पायेंगे। यहाँ तुम जो भी सेवा करते हो, यह है तुम्हारी ____ -वन सेवा। कर्तव्य तो यहाँ _____ के साथ करते हो ना।
° _खुशी_, _समझ_, _राज_, _पद_, _नम्बर_, _बाप_

5. भगवानुवाच कहने से तुम्हें ऊंच ते ऊंच _____ याद आयेगा। इस समय यह है संगमयुग, _____ बनने का। अभी पतित दुनिया है तो _____ दुनिया याद पड़ती। यह समझानी बाप ही देते क्योंकि यह बाप प्रिसिंपल, _____ , डॉक्टर, बैरिस्टर सब कुछ है
° _बाप_, _पुरुषोत्तम_, _पावन_, _सोनार_

6. आत्मा के संबंध में कौन-सी महीन बात *महीन बुद्धि वाले* ही समझ सकते? (2)
° आत्मा पर सुई की तरह *धीरे-धीरे जंक* (कट) चढ़ती गई है। वह *याद* में रहने से उतरती जायेगी। जब जंक उतरे अर्थात् आत्मा तमोप्रधान से *सतोप्रधान बनें तब बाप की खींच हो* और वह बाप के साथ वापस जा सके।
° जितना जंक उतरती जायेगी उतना दूसरों को समझाने में *खीचेंगे*। (कर्मेन्द्रियों को वश नहीं कर सकते हैं तो गिर पड़ते हैं। अगर बीच में गड़बड़ हुई तो कट चढ़ जायेगी।)

7. “मीठे बच्चे – अब _____ जाना है इसलिए देह सहित देह के सब _____ को भूल _____ याद करो और _____ बनो”
° _घर_, _सम्बन्धों_, _मामेकम्_, _पावन_

8. रीयल्टी में तो वह समझते हैं जो अपने को ____ समझते। यह नई भाषा, ____ पढ़ाई है ना। जब तक स्प्रीचुअल ____ न आये, कोई समझ न सके। बाप तो सिखलाते ही रूहानी ____ को हैं। तुम _____ -युगी ब्राह्मण ही समझते हो। ब्राह्मण बनेंगे भी वह जो ______ देवी-देवता धर्म के होंगे।
° _ब्राह्मण_, _रूहानी_, _फादर_, _बच्चों_, _संगम_, _आदि सनातन_

9. टॉपिक्स की ____ बनी हुई हो। फिर एक टॉपिक उठाए अन्दर में ____ करना चाहिए या लिखना चाहिए। फिर देखना चाहिए सब _____ लिखी हैं? भरपूर हो जायेंगे तो सर्विस बिगर ____ नहीं आयेगा। ढेर टॉपिक्स का तो बहुत अच्छा _____ बन सकता, फिर जब भाषण पर जाओ तो _____ नज़र से निकालो।
° _लिस्ट_, _भाषण_, _प्वाइंट्स_, _मज़ा_, _किताब_, _प्वाइंट्स_

10. समझाने के लिए भी दिन-प्रतिदिन _____ निकलती रहती। अभी अगर समझ जायें तो ____ के पास भागें। एक ने बच्ची को कहा था कि जिसने तुमको यह सिखाया हम ____ क्यों न उनके पास जायें। सतयुग में तो एक ____ , एक भाषा ही थी।
° _युक्तियाँ_, _बाप_, _डायरेक्ट_, _धर्म_

11. बाप कहते हैं *देवी-देवता धर्म* प्राय: लोप हो गया है। निशानियाँ तो हैं ना। *सबसे अच्छी निशानी* कौन-सी है?
° यह चित्र हैं। तुम यह *लक्ष्मी-नारायण का चित्र* उठाए परिक्रमा दे सकते हो क्योंकि तुम यह बनते हो ना। (रावण राज्य का विनाश, राम राज्य की स्थापना होती है। यह राम राज्य, यह रावण राज्य, यह है संगम।)

12. _____ वालों को मुख्य बात एक ही समझाओ – _____ ऊंच ते ऊंच को ही कहा जाता। वह है निराकार। कोई भी _____-धारी मनुष्यों को भगवान नहीं कह सकते।
° _गीता_, _भगवान_, _देह_

13. वह भभूत लगाते, बाल उतारते, वेष बदलते। तुम्हें ऐसा करने की दरकार नहीं। यहाँ तो ड्रेस बदलने की भी बात नहीं। तो यहां *क्या करना है?*
° यह तो बुद्धि का *ज्ञान* है। हम *आत्मा* हैं, बाप को *याद* करना है इससे ही कट निकलेगी और हम *सतोप्रधान* बन जायेंगे। वापिस तो सबको जाना है। कोई योगबल से *पावन* बन जायेंगे, कोई सज़ा खाकर जायेंगे। (तुम बच्चों को जंक उतारने की ही *मेहनत* करनी पड़ती है, इसलिए इनको *योग अग्नि* भी कहते हैं। अग्नि से पाप भस्म होते हैं। तुम पवित्र हो जायेंगे।)

Answers from Sakar Murli 11-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-12-2020*

1. बेहद की _____ द्वारा साधना के बीज को प्रत्यक्ष करो।
° _वैराग्यवृत्ति_

2. जब बाप और नॉलेज द्वारा *आत्मिक स्वरूप का सितारा⭐* चमक गया तो बुझ नहीं सकता, लेकिन चमक की परसेन्टेज कम और ज्यादा हो सकती। तो यह *सितारा सदा चमकता रहे*, इसके लिए क्या करना है? (2)
° *रोज़ अमृतवेले अटेन्शन रूपी घृत* डालते रहेंगे। जैसे दीपक में घृत डालते हैं तो वह एकरस जलता है।
° ऐसे सम्पूर्ण अटेन्शन देना अर्थात् *बाप के सर्व गुण वा शक्तियों को स्वयं में धारण करना* । इसी अटेन्शन से आकर्षण मूर्त बन जायेंगे।

3. बच्चे बड़ी _____ में डूबे हुए रहने चाहिए। कहा जाता है – _____ जैसी खुराक नहीं। तुम _____ उड़ने वाली आत्मायें हो। पूरा _____-वीर बनना है, माया हिला न सके।
° _खुशी_, _खुशी_, _परियाँ_, _महा_

4. भगवान पढ़ा रहे हैं रूहानी ______ को। अब _____ राज्य में चलने लिए 5 विकारों रूपी रावण पर _____ पाने का पुरुषार्थ कर रहे हो। यह पढ़ाई तो _____ पढ़ाते हैं, यह है ईश्वरीय पढ़ाई, इसमें _______ ही विजयन्ती होंगे अर्थात् विश्व पर राज्य करेंगे।
° _स्टूडेन्ट_, _राम_, _जीत_, _ईश्वर_, _निश्चयबुद्धि_

5. बाप को खिवैया भी कहा जाता है, तुम हो ____ । खिवैया आते हैं, सभी की नईया को ____ लगाने। कहते भी हैं ____ की नईया डोलेगी परन्तु डूबेगी नहीं। आखिर तो ज्ञान की ही ____ होगी। हीरो-हीरोइन का ____ तुम्हारा अभी बज रहा है, इस समय ही युद्ध चलती।
° _नईया_, _पार_, _सच_, _विजय_, _पार्ट_

6. _____ को देखो। आत्मा यहाँ _____ के बीच रहती। आत्मा सुनकर _____ हिलाती। हमेशा आत्मा से बात करो। तुम आत्मा इस शरीर रूपी ____ पर बैठी हो। तुम तमोप्रधान थी अब _____ बनो। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से देह का ____ छूट जायेगा।
° _आत्मा_, _भ्रकुटी_, _कांध_, _तख्त_, _सतोप्रधान_, _भान_

7. अब बाप कहते _____ -अभिमानी बनो। आत्मा ही सुनती, सब कुछ _____ करती। खाती-पीती सब कुछ _____ करती। आत्मा ही जन्म-जन्मान्तर भिन्न-भिन्न _____ पहनती आई है।
° _देही_, _धारण_, _आत्मा_, _ड्रेस_

8. अब हम आत्माओं को वापिस जाना है, बाप से ____ लगाना है। मूल बात है यह। सब आत्मायें हैं, यह सब धर्म तो ____ के हैं। परन्तु सब आत्माओं का ____ तो एक ही है। सभी आत्माओं का स्वधर्म ____ है।
° _योग_, _देह_, _बाप_, _शान्त_

9. बाप को तो _____-भोक्ता कहा जाता है। वह है _____-आकार। बाप कहते हैं मैं ही कल्प-कल्प आकर तुमको पढ़ाता हूँ और _____ हो देखता हूँ।
° _अ_, _निर_, _साक्षी_

10. स्त्रियों के लिए वह समझते हैं नर्क का द्वार 🚪है। और *बाप क्या कहते?* _(बहुत सुन्दर बात!)_
° यह तो *स्वर्ग का द्वार* हैं। (तुम बच्चियाँ अभी स्वर्ग स्थापन करती हो। सतयुग है स्वर्ग का द्वार।)

11. भल पवित्र तो रहते हैं, बाकी ____ की धारणा नम्बरवार होती है। बाबा की बुद्धि तो सब सेन्टर्स के ____ बच्चों तरफ चली जाती है। उनके आगे ज्ञान ____ करता हूँ। मैजारिटी ____ तू आत्मा होते हैं तो मजा भी आता है।
° _ज्ञान_, _अनन्य_, _डांस_, _ज्ञानी_

12. इस ईश्वरीय मिशन में जो पक्के निश्चयबुद्धि है, वे स्तुति-निंदा सबमें ____ से काम लेंगे, _____ नहीं करेंगे, किसी को भी _____ दृष्टि से नहीं देखेंगे। आत्मा को ही देखेंगे, आत्मा से ____ करेंगे, स्त्री-पुरुष साथ में रहते ____ फूल समान रहेंगे, किसी भी प्रकार की _____ नहीं रखेंगे।
° _धीरज_, _क्रोध_, _दैहिक_, _बात_, _कमल_, _तमन्ना (इच्छा)_

13. जो पक्के निश्चयबुद्धि हैं, वह समझते हैं कल्प पहले भी हमने यह _____ किया था। बाप कहते हैं – बच्चे, अब _____ गुण धारण करो। कोई _____ काम नहीं करो।
° _राज्य_, _दैवी_, _बेकायदे_

14. जो बात काम की नहीं है, उसे एक कान से सुन दूसरे से निकाल देना है, *हियर नो ईविल……* इसका कौन-सा चित्र है?
° *बन्दर का* चित्र दिखाते हैं। (🙈🙉🙊)

15. अंगूठी 💍में भी *रत्न* जब डालते हैं, कोई का दाम *हज़ार रूपया* तो कोई का दाम *10-20 रूपया* । क्यों?
° बच्चों में भी नम्बरवार हैं। कोई तो *पढ़कर मालिक* बन जाते हैं। कोई फिर *पढ़कर दास-दासियाँ* बन जाते हैं। राजधानी स्थापन होती है ना।

16. *गूंगे-बहरे* किन्हें कहेंगे?
° भल सुनते हैं परन्तु *एक कान से सुन दूसरे कान से निकाल देते* हैं। न कुछ धारण करते हैं, न कराते हैं। ऐसे गूंगे-बहरे भी बहुत हैं।

17. “मीठे बच्चे – मधुबन होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप का घर है, यहाँ तुम किसी भी _____ को नहीं ला सकते”। शिवबाबा को ____ भी कहते हैं ना, यह इन्द्र सभा है, ____ वर्षा है।
° _पतित_, _इन्द्र_, _ज्ञान_

18. कोई-कोई तो बड़ी अच्छी ____ करते हैं। कन्याओं ने भी भीष्म पितामह आदि को ____ मारे हैं ना। अगर देहधारी ने गीता सुनाई तो फिर ऐसा क्यों कहते मैं जो हूँ जैसा हूँ, कोई _____ जानते। यह नहीं जानते कि कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त के ____ में मैं प्रवेश करता हूँ।
° _सर्विस_, _बाण_, _विरला_, _शरीर_

Answers from Sakar Murli 14-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-12-2020*

1. सम्बन्ध-सम्पर्क और स्थिति में _____ बनो, दिनचर्या में नहीं।
° _लाइट_

2. मन्सा पवित्रता अर्थात् _____ में भी अपवित्रता नहीं। सदा आत्मिक स्वरूप अर्थात् भाई-भाई की श्रेष्ठ _____। वाचा में सदा _____ और मधुरता, कर्मणा में सदा _____, सन्तुष्टता-हर्षितमुखता। ऐसे सम्पूर्ण पवित्र आज्ञाकारी बच्चों का बाप भी _____ करते। वही अपने हर कर्म से बाप का कर्तव्य सिद्ध करने वाले _____ रत्न हैं।
° _संकल्प_, _स्मृति_, _सत्यता_, _नम्रता_, _गुणगान_, _समीप_

3. तुम जो मेरे बच्चे बने हो, _____ में चल रहे। तुम्हारे लिए यह संगम है जबकि तमोप्रधान से _____ बनते। सतोप्रधान आत्मा को सतयुग में नया _____ चाहिए। वहाँ सब कुछ _____ होता है। सुखधाम में इन लक्ष्मी-नारायण की ______ थी। तुम _____ कर रहे हो नर से नारायण बनने का।
° _स्वर्ग_, _सतोप्रधान_, _शरीर_, _नया_, _राजाई_, _पुरुषार्थ_

4. सत्य बाप से हम यह नॉलेज पाकर 21 जन्म ______ बनेंगे। बाप कहते – बच्चे, तुम सतयुग में विश्व के ______ थे। बहुत ____ -वान, बहुत _____ थे। नई दुनिया में एक राज्य, एक _____ थी। उसको कहा जाता _____ राज्य।
° _देवी-देवता_, _मालिक_, _धन_, _सुखी_, _भाषा_, _अद्वैत_

5. वहाँ कोई _____ वस्तु नहीं होती जिसके लिए मुश्किलात आये। वह है ही _____ -धाम। तुम अभी वहाँ के लिए _____ कर रहे हो। तुम बेगर टू _____ बनते हो।
° _अप्राप्त_, _सुख_, _तैयारी_, _प्रिन्स_

6. गॉडली युनिवर्सिटी में कभी भी _____ नहीं होना। सुखधाम का मालिक बनने की ऊंची पढ़ाई एक दिन भी _____ नहीं करनी है। _____ रोज़ जरूर सुननी है।
° _अबसेन्ट_, _मिस_, _मुरली_

7. यह एक ही ______ है जबकि बाप आकर रूहानी बच्चों को पढ़ाते। ______ सिखलाते। कहते हे आत्मा _____ धरो, अब सुख के दिन आते हैं। आत्माओं से _____ करते हैं। इस शरीर का _____ आत्मा है। आत्मा कहती – मैं _____ आत्मा, शरीर विनाशी है।
° _पुरुषोत्तम संगमयुग_, _राजयोग_, _धीरज_, _बात_, _मालिक_, _अविनाशी_

8. बाप कितना सहज समझाते, पहले तो यह _____ रहना चाहिए। अब निराकार ईश्वर आये हैं तुमको पढ़ाने, तुम _____ सम्प्रदाय बने हो, फिर _____ सम्प्रदाय बनेंगे। अभी तुम संगमयुग पर ____ बन रहे। _____ के गुण गाये जाते हैं ना, यह तुम्हारी _____ आब्जेक्ट है।
° _नशा_, _ईश्वरीय_, _दैवी_, _पावन_, _श्रीकृष्ण_, _एम_

9. यह भी समझाया है, देवताओं की और परमात्मा की *महिमा अलग-अलग* है। क्या अलग है?
° *पतित-पावन, लिबरेटर, गाइड* बाप ही है। सब दु:खों से लिबरेट कर अपने शान्तिधाम में ले जाते हैं।)

10. पहले-पहले समझाओ कि ऊंच ते ऊंच भगवान एक है, ____ भी उनको करना चाहिए। एक को याद करना ही ______ याद कहा जाता। बाप पढ़ाते हैं जिससे हम _____ बनते हैं। ______ भी धारण करने हैं इसलिए बाबा कहते हैं अपना _____ रखो। ______ है पहला अवगुण फिर दुश्मन है काम।
° _याद_, _अव्यभिचारी_, _देवता_, _दैवीगुण_, _चार्ट_, _देह-अभिमान_

11. गोल्डन एज से उतरते-उतरते तमोप्रधान बुद्धि बने हैं। अब फिर सतोप्रधान बनना है। उसके लिए *एक ही दवाई* मिलती है – कौन-सी?
° बाप कहते हैं *अपने को आत्मा समझ बाप को याद* करो तो जन्म-जन्मान्तर के पाप भस्म हो जायेंगे। (तुम बैठे हो पापों को भस्म करने तो फिर आगे पाप नहीं करना चाहिए। नहीं तो वह सौ गुणा बन जायेगा।)

12. किन *दो शब्दों का राज़* तुम्हारी बुद्धि में होने कारण पुरानी दुनिया से बेहद का वैराग्य रहता है?
° *उतरती कला और चढ़ती कला* का राज़ तुम्हारी बुद्धि में है। (तुम जानते हो आधाकल्प हम उतरते आये, अभी है *चढ़ने का समय* । बाप आये हैं *नर से नारायण* बनाने की सत्य नॉलेज देने। हमारे लिए अब कलियुग पूरा हुआ, *नई दुनिया में जाना है* इसलिए इससे बेहद का वैराग्य है।)

13. लिखा हुआ है ____ ब्रह्मा द्वारा डिटीज्म की स्थापना। ब्रह्मा का भी राज़ समझाया है – _____ सो लक्ष्मी-नारायण। पिछाड़ी का नाम इनका _____ रखा है। बाकी यह ब्रह्मा तो देखो एकदम ____ एज में खड़ा है। यही फिर _____ कर कृष्ण वा श्री नारायण बनते हैं।
° _प्रजापिता_, _ब्रह्मा-सरस्वती_, _ब्रह्मा_, _आइरन_, _तपस्या_

14. वह ब्राह्मण होते हैं _____ यात्रा वाले, तुम हो रूहानी। वह _____ , तुम पावन। वह कोई ____ की सन्तान नहीं हैं, यह तुम समझते हो।
° _जिस्मानी_, _पतित_, _प्रजापिता_

15. विकार में गये तो _____ दण्ड, पहला नम्बर दुश्मन है यह काम। 5 मंजिल से गिरेंगे तो ____ -गुड एकदम टूट जायेंगी। ऊपर से गिरने से एकदम ____ -चूर हो जाते हैं। बाप से प्रतिज्ञा तोड़ ____ मुंह किया तो आसुरी दुनिया में चला गया। उनको ब्राह्मण भी नहीं, ____ कहा जायेगा।
° _सौ गुणा_, _हड_, _चकना_, _काला_, _शूद्र_

16. पतित को एलाउ नहीं है। उन्हों के लिए विजिटिंग रूम ठीक है। तो कब *एलाउ* है? (2)
° जब *पावन बनने की गैरन्टी* करे, *दैवीगुण* धारण करे तब एलाउ हो। (दैवीगुण धारण करने में टाइम लगता है। पावन बनने की एक ही प्रतिज्ञा है।)

Answers from Sakar Murli 12-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-12-2020*

1. सेवाओं का उमंग छोटी-छोटी _____ को मर्ज कर देता है, इसलिए सेवा में सदा _____ रहो।
° _बीमारियों_, _बिजी_

2. कमजोरियों के _____ पन को वा _____ के खेल समाप्त कर कहना-सोचना-करना समान बनाओ तब कहेंगे _____ स्वरूप। उनका हर कर्म-संस्कार-गुण-कर्तव्य समर्थ बाप के _____ होगा। सदा _____ मिलन के खेल में बिजी रहेंगे, औरों को _____ समान बनायेंगे।
° _मेरे_, _व्यर्थ_, _ज्ञान_, _समान_, _परमात्म_, _बाप_

3. बाप ही आकर तुम बच्चों से नई दुनिया का _____ कराते। तुम ब्राह्मण कुल भूषण _____ -गार बनते। बाप ही नई दुनिया स्थापन करते, जिसके लिए _____ नॉलेज देते। तुम जानते हो बाप के पास नई दुनिया के स्थापना करने की _____ है।
° _उद्घाटन_, _मदद_, _रूहानी_, _युक्ति_

4. “मीठे बच्चे – अपनी *तकदीर ऊंच* (लक्ष्मी-नारायण समान) बनानी है तो………. क्या-क्या करना है? (4)
° कोई से भी बात करते, देखते *बुद्धि का योग एक बाप से* लगाओ”। (एक बाप के सिवाए और कोई को याद नहीं!)
° *दैवीगुण धारण* करने हैं। (अपना पोतामेल देखना है। जमा होता या घाटा होता रहता। हमारे में कोई खामी तो नहीं, जिससे तकदीर में घाटा पड़े। अच्छी रीति पुरुषार्थ कर कर्मातीत बनना है, अच्छे बुरे को तो अब समझते हो।)
° बच्चे जानते हैं कि *श्रीमत से हम श्रेष्ठ* बनते हैं। (तो जांच करो हम श्रीमत के बरखिलाफ कर्म तो नहीं करते?)
° *रूहानी सर्विस* में लगे रहने से उन्नति बहुत होती। (बहुत लोग आयेंगे, उन्हों को बाप का परिचय देंगे, फिर वह भी बाप को याद करने लग पड़ेंगे। सारा दिन यही ख्यालात चलते रहें।)

5. अभी तुम बिल्कुल बदल गये, अभी मनुष्य से _____ बन रहे। बुद्धि में सारी _____ है। और क्या जाने _____ ब्रह्माकुमार, कुमारियाँ कौन हैं, इस समय ही ब्रह्मा द्वारा स्थापना हो रही। संगम पर ही _____ कुल होता। आगे ब्राह्मणों की _____ मशहूर थी। फिर देवता बनते।
° _देवता_, _नॉलेज_, _प्रजापिता_, _ब्राह्मण_, _चोटी_

6. ब्राह्मणों ने ही ____ दुनिया स्थापन की है। ____ -बल से ___ -प्रधान बन रहे हैं। अब तो वापिस जाना है, समय बहुत थोड़ा है इसलिए याद की _____ पक्की रहे। यही ____ करना है।
° _नई_, _योग_, _सतो_, _यात्रा_, _पुरुषार्थ_

7. जानते नहीं कि ____ -पावन कौन है। दु:ख में याद तो करते हे _____ , हे राम। राम भी ______ को ही कहते। निराकार को ही ____ भगवान कहते हैं। सबका बाप ऊंच ते ऊंच भगवान, पतित-पावन _____ दाता यह है। यही स्वर्ग का ______ है।
° _पतित_, _भगवान_, _निराकार_, _ऊंच_, _सद्गति_, _रचयिता_

8. बाप कहते – ____ याद करो। याद में रह औरों को भी यह समझाना – ____ -अभिमानी बनो। _____ अभिमान छोड़ो। तुम _____ करते, औरों को भी कराते। रात-दिन यह तात रहे हम बाप को याद कर ____ -प्रधान बनें। याद ऐसी _____ होनी चाहिए, जो पिछाड़ी में सिवाए एक बाप के कोई भी याद न पड़े।
° _मामेकम्_, _देही_, _देह_,
_पुरुषार्थ_, _सतो_, _पक्की_

9. अपनी जांच करनी है – हमारे में कोई _____ गुण तो नहीं हैं? हम _____ बनकर रहते हैं? कभी _____-पानी तो नहीं बनते हैं? बुद्धि की _____ क्लीयर है?
° _आसुरी_, _ट्रस्टी_, _लून_, _लाइन_

10. सेन्टर खोल सर्विस को बढायें, यह ____ सब तुम्हारे पास हैं। बाप दैवीगुण भी धारण कराते और _____ देते हैं। तुम यहाँ बैठे हो बुद्धि में है ____ के आदि मध्य अन्त को जानते हैं। ____ भी रहते हैं। मन्सा-वाचा-कर्मणा कोई बुरा ____ न हो, उसकी पूरी जांच करनी होती।
° _रत्न_, _खजाना_, _सृष्टि_,
_पवित्र_, _कर्म_

11. सेन्टर खोल बहुतों को निमंत्रण देना है। *प्रेम से बैठ समझाना* है। क्या?
° यह पुरानी दुनिया खत्म होनी है। पहले तो *नई दुनिया की स्थापना* बहुत जरूरी है। स्थापना होती है *संगम पर*। (यह भी समझाना है नई दुनिया की स्थापना, पुरानी दुनिया का विनाश उसका अब संगम है। नई दुनिया की स्थापना *श्रीमत पर* हो रही है। सिवाए *बाप के* और कोई नई दुनिया के स्थापना की मत देंगे नहीं।)

12. चित्र बड़े-बड़े होंगे तो मनुष्य सहज समझ सकेंगे। बच्चों के लिए मैप्स(चित्र) जरूर चाहिए। बताना चाहिए – यह भी स्कूल है। तो इन मैप्स और उन मैप्स में मुख्य *अन्तर* क्या है?
° यहाँ के यह वन्डरफुल मैप्स हैं, उन स्कूलों के नक्शे में तो होती हैं हद की बातें। यह हैं *बेहद की बातें*। (यह भी पाठशाला है, जिसमें बाप हमको सृष्टि के आदि मध्य अन्त का राज़ बताए और लायक बनाते। मनुष्य से देवता बनने की यह ईश्वरीय-रूहानी पाठशाला-युनिवर्सिटी है। लिखा हुआ ही है प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय।)

13. बच्चे जो सर्विस पर उपस्थित हैं, जो *अच्छे सर्विसएबुल* हैं, उन्हों को भी दिल में रहता है…… क्या?
° हम *फलाने सेन्टर को जाकर उठायें*, ठण्डा पड़ गया है, उनको जगायें क्योंकि माया ऐसी है जो घड़ी-घड़ी सुला देती है। (मैं स्वदर्शन चक्रधारी हूँ, यह भी भूल जाते हैं। माया बहुत आपोजीशन करती है। तुम युद्ध के मैदान में हो। पहलवान को माया के तूफान *हिला न सकें*। वह *अवस्था* भी आने वाली है।)

14. बच्चों को *बहुत सर्विस* करनी है। प्रदर्शनी में आते, अच्छा-अच्छा भी कहते फिर बाहर जाने से माया के वायुमण्डल में सब उड़ जाता। सिमरण नहीं करते। तो फिर क्या करना चाहिए?
° उनकी फिर *पीठ* करनी चाहिए। (बाहर जाने से माया खींच लेती है। गोरखधन्धों में लग जाते हैं इसलिए मधुबन का गायन है।)

15. मनुष्य बहुत मूंझे हुए हैं, जैसे ____ में मनुष्य मूंझ जाते। बहुत बड़े ____ में आकर पड़े हैं। यह भी अब पता पड़ा है-यह ____ दुनिया है, इनका भी अन्त है। तुम बच्चे ____ के आदि-मध्य-अन्त को नम्बरवार जानते हो। जो जानते हैं वह बहुत ____ में रहते हैं। औरों को भी रास्ता बताने में ____ रहते हैं।
° _फागी_, _जंगल_, _पुरानी_, _ड्रामा_, _खुशी_, _तत्पर_

16. *नई दुनिया की स्थापना के निमित्त* बनने वाले बच्चों को बाप का कौन सा डायरेक्शन मिला हुआ है?
° बच्चे, तुम्हारा इस पुरानी दुनिया से *कोई कनेक्शन नहीं* है। अपनी *दिल इस पुरानी दुनिया से मत लगाओ*।

Answers from Sakar Murli 11-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-12-2020*

1. बेहद की _____ द्वारा साधना के बीज को प्रत्यक्ष करो।
° _वैराग्यवृत्ति_

2. जब बाप और नॉलेज द्वारा *आत्मिक स्वरूप का सितारा⭐* चमक गया तो बुझ नहीं सकता, लेकिन चमक की परसेन्टेज कम और ज्यादा हो सकती। तो यह *सितारा सदा चमकता रहे*, इसके लिए क्या करना है? (2)
° *रोज़ अमृतवेले अटेन्शन रूपी घृत* डालते रहेंगे। जैसे दीपक में घृत डालते हैं तो वह एकरस जलता है।
° ऐसे सम्पूर्ण अटेन्शन देना अर्थात् *बाप के सर्व गुण वा शक्तियों को स्वयं में धारण करना* । इसी अटेन्शन से आकर्षण मूर्त बन जायेंगे।

3. बच्चे बड़ी _____ में डूबे हुए रहने चाहिए। कहा जाता है – _____ जैसी खुराक नहीं। तुम _____ उड़ने वाली आत्मायें हो। पूरा _____-वीर बनना है, माया हिला न सके।
° _खुशी_, _खुशी_, _परियाँ_, _महा_

4. भगवान पढ़ा रहे हैं रूहानी ______ को। अब _____ राज्य में चलने लिए 5 विकारों रूपी रावण पर _____ पाने का पुरुषार्थ कर रहे हो। यह पढ़ाई तो _____ पढ़ाते हैं, यह है ईश्वरीय पढ़ाई, इसमें _______ ही विजयन्ती होंगे अर्थात् विश्व पर राज्य करेंगे।
° _स्टूडेन्ट_, _राम_, _जीत_, _ईश्वर_, _निश्चयबुद्धि_

5. बाप को खिवैया भी कहा जाता है, तुम हो ____ । खिवैया आते हैं, सभी की नईया को ____ लगाने। कहते भी हैं ____ की नईया डोलेगी परन्तु डूबेगी नहीं। आखिर तो ज्ञान की ही ____ होगी। हीरो-हीरोइन का ____ तुम्हारा अभी बज रहा है, इस समय ही युद्ध चलती।
° _नईया_, _पार_, _सच_, _विजय_, _पार्ट_

6. _____ को देखो। आत्मा यहाँ _____ के बीच रहती। आत्मा सुनकर _____ हिलाती। हमेशा आत्मा से बात करो। तुम आत्मा इस शरीर रूपी ____ पर बैठी हो। तुम तमोप्रधान थी अब _____ बनो। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करने से देह का ____ छूट जायेगा।
° _आत्मा_, _भ्रकुटी_, _कांध_, _तख्त_, _सतोप्रधान_, _भान_

7. अब बाप कहते _____ -अभिमानी बनो। आत्मा ही सुनती, सब कुछ _____ करती। खाती-पीती सब कुछ _____ करती। आत्मा ही जन्म-जन्मान्तर भिन्न-भिन्न _____ पहनती आई है।
° _देही_, _धारण_, _आत्मा_, _ड्रेस_

8. अब हम आत्माओं को वापिस जाना है, बाप से ____ लगाना है। मूल बात है यह। सब आत्मायें हैं, यह सब धर्म तो ____ के हैं। परन्तु सब आत्माओं का ____ तो एक ही है। सभी आत्माओं का स्वधर्म ____ है।
° _योग_, _देह_, _बाप_, _शान्त_

9. बाप को तो _____-भोक्ता कहा जाता है। वह है _____-आकार। बाप कहते हैं मैं ही कल्प-कल्प आकर तुमको पढ़ाता हूँ और _____ हो देखता हूँ।
° _अ_, _निर_, _साक्षी_

10. स्त्रियों के लिए वह समझते हैं नर्क का द्वार 🚪है। और *बाप क्या कहते?* _(बहुत सुन्दर बात!)_
° यह तो *स्वर्ग का द्वार* हैं। (तुम बच्चियाँ अभी स्वर्ग स्थापन करती हो। सतयुग है स्वर्ग का द्वार।)

11. भल पवित्र तो रहते हैं, बाकी ____ की धारणा नम्बरवार होती है। बाबा की बुद्धि तो सब सेन्टर्स के ____ बच्चों तरफ चली जाती है। उनके आगे ज्ञान ____ करता हूँ। मैजारिटी ____ तू आत्मा होते हैं तो मजा भी आता है।
° _ज्ञान_, _अनन्य_, _डांस_, _ज्ञानी_

12. इस ईश्वरीय मिशन में जो पक्के निश्चयबुद्धि है, वे स्तुति-निंदा सबमें ____ से काम लेंगे, _____ नहीं करेंगे, किसी को भी _____ दृष्टि से नहीं देखेंगे। आत्मा को ही देखेंगे, आत्मा से ____ करेंगे, स्त्री-पुरुष साथ में रहते ____ फूल समान रहेंगे, किसी भी प्रकार की _____ नहीं रखेंगे।
° _धीरज_, _क्रोध_, _दैहिक_, _बात_, _कमल_, _तमन्ना (इच्छा)_

13. जो पक्के निश्चयबुद्धि हैं, वह समझते हैं कल्प पहले भी हमने यह _____ किया था। बाप कहते हैं – बच्चे, अब _____ गुण धारण करो। कोई _____ काम नहीं करो।
° _राज्य_, _दैवी_, _बेकायदे_

14. जो बात काम की नहीं है, उसे एक कान से सुन दूसरे से निकाल देना है, *हियर नो ईविल……* इसका कौन-सा चित्र है?
° *बन्दर का* चित्र दिखाते हैं। (🙈🙉🙊)

15. अंगूठी 💍में भी *रत्न* जब डालते हैं, कोई का दाम *हज़ार रूपया* तो कोई का दाम *10-20 रूपया* । क्यों?
° बच्चों में भी नम्बरवार हैं। कोई तो *पढ़कर मालिक* बन जाते हैं। कोई फिर *पढ़कर दास-दासियाँ* बन जाते हैं। राजधानी स्थापन होती है ना।

16. *गूंगे-बहरे* किन्हें कहेंगे?
° भल सुनते हैं परन्तु *एक कान से सुन दूसरे कान से निकाल देते* हैं। न कुछ धारण करते हैं, न कराते हैं। ऐसे गूंगे-बहरे भी बहुत हैं।

17. “मीठे बच्चे – मधुबन होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप का घर है, यहाँ तुम किसी भी _____ को नहीं ला सकते”। शिवबाबा को ____ भी कहते हैं ना, यह इन्द्र सभा है, ____ वर्षा है।
° _पतित_, _इन्द्र_, _ज्ञान_

18. कोई-कोई तो बड़ी अच्छी ____ करते हैं। कन्याओं ने भी भीष्म पितामह आदि को ____ मारे हैं ना। अगर देहधारी ने गीता सुनाई तो फिर ऐसा क्यों कहते मैं जो हूँ जैसा हूँ, कोई _____ जानते। यह नहीं जानते कि कृष्ण के बहुत जन्मों के अन्त के ____ में मैं प्रवेश करता हूँ।
° _सर्विस_, _बाण_, _विरला_, _शरीर_

Answers from Sakar Murli 10-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-12-2020*

1. साधना _____ है और साधन उसका विस्तार है। विस्तार में _____ को छिपा नहीं देना।
° _बीज_, _साधना_

2. जो *पाण्डवों की गुफाएं* दिखाते हैं, यह किस बात का यादगार है? (2)
° *अन्तर्मुखता की गुफायें* हैं, जितना *देह से न्यारे, देही* रूप में स्थित होने की गुफा में रहते हो उतना दुनिया के वातावरण से परे हो जाते हो, *वातावरण के प्रभाव में नहीं आते*।
° सबसे न्यारा और *बाप का प्यारा* बना देती है। और जो बाप का प्यारा है वह स्वत: सबसे न्यारा हो जाता है।

3. बाप कहते पहले है ____ -ता। वहाँ पवित्रता भी है, पीस भी है, _______ सब है। तुम यहाँ आते इन लक्ष्मी-नारायण जैसा ____ -वान बनने। यह विश्व के ____ थे। जब _____ -फेरी निकालते तो लक्ष्मी-नारायण का चित्र जरूर उठाओ। अभी बच्चों की बुद्धि _____ -बुद्धि सतोप्रधान बनने की है, याद-योगबल से।
° _पवित्र_, _हेल्थ-वेल्थ_, _धन_, _मालिक_, _प्रभात_, _पारस_

4. तुम हो _____-ऋषि। अभी तुम _____-श्वरी हो, ज्ञान सागर तुमको ज्ञान देते हैं। तुम अविनाशी _____ के बच्चे हो तो तुम्हारा धन्धा ही है ज्ञान _____ लगाना, नब्ज देखना।
° _राज_, _ज्ञान ज्ञाने_, _सर्जन_, _इन्जेक्शन_

5. भल बाप का बन फिर बाप को छोड़ देते हैं, तो भी जीवनमुक्ति जरूर मिलेगी। परन्तु *पद क्या मिलेंगा?* _(बहुत रमणीक बात!)_
° *स्वर्ग में झाडू लगाने वाला* बन जायेंगे। (स्वर्ग में तो जायेंगे। बाकी पद कम मिल जाता। बाप अविनाशी ज्ञान देते हैं, उसका कभी विनाश नहीं होता है।

6. अन्दर खुशी के _____ बजने चाहिए। यह हाय-हाय होने बाद फिर _____ होनी है। जो आज्ञाकारी-सपूत हैं, बाप का _____ भी उन पर जास्ती रहता। हम कल्प-कल्प बाप से यह वर्सा लेते, कितना खुशी का _____ चढ़ना चाहिए। तुम्हें है ज्ञान से विश्व की बादशाही का _____ नशा।
° _ढोल_, _वाह-वाह_, _प्यार_, _पारा_, _कापारी_

7. तुम अभी *ईश्वरीय सन्तान* हो, फिर बनेंगे दैवी सन्तान। इस समय तुम्हारी यह जीवन *हीरे तुल्य देवताओं से भी ऊंच* है। कैसे? (2)
° तुम भारत की *सर्विस कर* भारत को *पीसफुल बनाते* हो। (वहाँ पवित्रता, सुख, शान्ति सब रहती है।)
° अभी तुम *रचता बाप को और सृष्टि चक्र को जानते* हो।

8. “मीठे बच्चे – अविनाशी _____ का दान ही महादान है, इस दान से ही _____ प्राप्त होती है इसलिए महादानी बनो”। जो जास्ती सर्विस करेंगे, उनको ____ चढ़ेगा। हम परिस्तान में जाने लिए कल्प पहले मिसल ____ करते रहते, पुरानी-नई दुनिया की समझानी ____ में है।
° _ज्ञान रत्नों_, _राजाई_, _नशा_, _पुरूषार्थ_, _सीढ़ी_

9. जिन्हें सर्विस का शौक होगा, उन्हें पुरानी दुनिया का वातावरण ____ नहीं लगेगा, बहुतों को आप-समान बनाने में ही ____ होगी, पढ़ने और पढ़ाने में ही ____ आयेगा, उनकी ____ सब तरफ से टूटी हुई होंगी। वह बाप समान ___ -चित होंगे। उन्हें सेवा सिवाए कुछ भी ____ नहीं लगेगा।
° _अच्छा_, _खुशी_, _आराम_, _रगें_, _उदार_, _मीठा_

10. हम अपने ही तन-मन-धन से ____ करते। मनुष्य से देवता बनाना – यह _____ है ना। भगवानुवाच, मैं तुमको _____ -योग सिखाता हूँ। तुम _____ लायक बन रहे हो। बच्चे समझते हैं – बाप टीचर है, बच्चे भी _____ चाहिए। _____ की बहुत जरूरत रहती है ना।
° _सर्विस_, _जादू_, _राज_, _मन्दिर_, _टीचर_, _हैण्ड्स_

11. रूहानी बाप जिसकी महिमा सुनी वह बैठ बच्चों को ____ पढ़ाते हैं, यह पाठशाला है ना। तुम सब यहाँ पाठ पढ़ रहे हो ____ टीचर से, जिसको ____ -पिता भी कहा जाता। तुम कहेंगे अभी हम ____ -लौकिक बेहद के बाप पास बैठे हैं, ____ लेने लिए। तो अन्दर में कितनी _____ होनी चाहिए।
° _पाठ_, _सुप्रीम_, _परम_, _पार_, _वर्सा_, _खुशी_

12. सब कहते दुनिया में _____ हो। ज्ञान सागर, ____ का सागर बाप ही शान्ति स्थापन करता। _____ दुनिया में तो सदा शान्ति ही है। अब नई दुनिया सतयुग में तो शान्ति थी जबकि एक ____ था। पैराडाइज़, ____ -ताओं की दुनिया। जब ____ फादर आये तब पीस स्थापन करे।
° _शान्ति_, _शान्ति_, _निराकारी_, _धर्म_, _देव_, _गॉड_

13. सज़ाओं से बचने लिए मन्सा, वाचा, कर्मणा पवित्र रहना है। *मन्सा भी बड़ी अच्छी चाहिए*। इतनी मेहनत करनी है, जो पिछाड़ी में मन्सा में……. क्या?
° कोई व्यर्थ ख्याल न आये। *एक बाप के सिवाए कोई भी याद न आये*। (बाप समझाते हैं अभी मन्सा तक तो आयेंगे जब तक कर्मातीत अवस्था हो। हनुमान मिसल अडोल बनो, उसमें ही तो बड़ी मेहनत चाहिए।)

14. ____ कहते हैं अभी मैं जो सुनाता हूँ, वह सुनो। इन आंखों से कुछ देखो नहीं, हम अपने शान्तिधाम-सुखधाम को ही _____ करते हैं। अब फिर _____ नारायण बन रहे हैं। तुम भी ____ कर बन सकते हो।
° _बाप_, _याद_, _पूज्य_, _पुरुषार्थ_

Answers from Sakar Murli 09-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-12-2020*

1. त्याग का _____ समाप्त करने वाला पुराना स्वभाव-संस्कार है, इसलिए इसका भी त्याग करो।
° _भाग्य_

2. *शुभचिंतक* किन्हें कहेंगे? (2)
° हर आत्मा के प्रति *श्रेष्ठ भावना अर्थात् ऊंच उठाने-आगे बढ़ाने की भावना* रखना अर्थात् शुभ चिंतक बनना।
° सच्चा *रिगार्ड देने वाले* ही शुभचिंतक हैं।

3. *रिगार्ड* किसे कहेंगे? (2)
° अपनी शुभ वृत्ति से, *शुभ चिंतक स्थिति से अन्य के अवगुण को भी परिवर्तन करना*, किसी की भी कमजोरी को अपनी कमजोरी समझ *समाना और परिवर्तन करना* यह है रिगार्ड।
° बड़ी *बात को छोटा* बनाना, दिलशिकस्त को *शक्तिवान* बनाना, उनके संग के रंग में नहीं आना, सदा उन्हें भी *उमंग उत्साह में लाना* – यह है रिगार्ड।

4. जो नये जिज्ञासु आते, उनको पूछना चाहिए तुम यहाँ क्या पढ़ते? हेविन बहिश्त अथवा _____ वर्ल्ड, जिसको स्वर्ग कहते हैं। बच्चे जो पढ़ रहे हैं वह जानते हैं कि हमको बाबा उस _____ की दुनिया में ले चल रहे हैं। लक्ष्मी-नारायण भी इस ही सृष्टि पर सतयुग के समय _____ करते थे। यह है डीटी धर्म की पहली माता, जिसको _____ कहते।
° _डीटी_, _पुण्य_, _राज्य_, _जगदम्बा_

5. सभी बातों को छोड़ नये जिज्ञासु को पहले _____ सिखलाना फिर बे समझाना। अल्फ है गाड, वह _____ सोल है। जब तक यह पूरा समझा नहीं है तब तक परमपिता के लिए वह _____ नहीं जागता, वह _____ नहीं आती। बस इस अल्फ को भी जानकर _____ में रहें तो वह भी अच्छा है।
° _अल्फ_, _सुप्रीम_, _लव_, _खुशी_, _साइलेन्स_

6. बच्चों को पहले समझना चाहिए कि _____ हूँ कौन। “मैं” शरीर को नहीं कहते, मैं कहते _____ को। मैं आत्मा कहाँ से आया हूँ? किसकी _____ हूँ? आत्मा को जब यह मालूम पड़ जाए कि मैं आत्मा परमपिता _____ की सन्तान हूँ तब अपने बाप को याद करने से _____ आ जाए।
° _मैं_, _आत्मा_, _सन्तान_, _परमात्मा_, _खुशी_

7. कर्म, अकर्म, विकर्म की गति परमात्मा ही हमें समझाते। तो *सतयुग में* कैसे कर्म / संकल्प चलते?
° सतयुग में *शुद्ध संकल्प चलने के कारण* संकल्प, संकल्प नहीं, *कर्म करते भी कर्मबन्धन नहीं* बनता। (विकर्मो से छुड़ाने वाला परमात्मा इस संगम पर तुमको पढ़ा रहे हैं।)

8. जो कोई यहाँ होते हुए कर्म सम्बन्ध में होते हुए उनको नहीं काट सकते, तो भी उनको *परमात्मा को नहीं छोड़ना चाहिए*। क्यों?
° हाथ पकड़ा होगा तो *कुछ न कुछ पद* प्राप्त कर लेंगे।(कोई-कोई ने अभी कायदेसिर आहुति नहीं दी है। उन्हों का योग परमपिता से जुटा हुआ नहीं है।)

9. *संकल्प जरूर चलेंगे*, संकल्प धारण किये बिना कोई मनुष्य एक क्षण भी रह नहीं सकता, किसी भी युग में। तो बाबा ने कौन-से *संकल्प के प्रकार* सुनाये? (2)
° जो ईश्वरीय यज्ञ सेवा अर्थ *शुद्ध संकल्प* चलता वह संकल्प, संकल्प नहीं वह *निरसंकल्प* ही है। (बाकी वास्तव में निरसंकल्पता अर्थात्‌ संकल्प चले ही नहीं, दु:ख सुख से न्यारा हो जाए… वह तो अन्त में हिसाब-किताब चुक्तू करने बाद ऐसी अकर्मी अवस्था
होती।)
° जो फालतू संकल्प चलते हैं अर्थात् कलियुगी संसार और कलियुगी मित्र सम्बन्धियों के प्रति चलते हैं वह *विकल्प* कहे जाते हैं जिससे ही *विकर्म* बनते हैं और विकर्मो से *दु:ख* प्राप्त होता है।

10. *निरसंकल्प योगयुक्त अवस्था* का औरों पर क्या असर हो सकता?
° निरसंकल्प अवस्था में रहने से तुम अपने तो क्या, किसी भी *विकारी के विकर्मो को दबा सकते* हो, कोई भी कामी पुरुष तुम्हारे सामने आयेगा, तो उसका *विकारी संकल्प नहीं चलेगा*, वार नहीं होगा। (जैसे कोई देवताओं के पास जाता है तो उनके सामने वह शान्त हो जाता है, वैसे तुम भी *गुप्त रूप में देवतायें* हो।)

11. बाबा के *सच्चे पक्के बच्चे* किन्हें कहेंगे? _(जिन्हें बहुत भारी पद मिलता)_
° जो परमात्मा से सर्विस ले फिर सर्विस कर रहे हैं अर्थात् *पतितों को पावन कर* रहे हैं वही!

12. अच्छी *सर्विस* कौन कर सकते?
° *जो विकार प्रूफ हैं* वो सर्विस कर औरों को आप समान बना सकेंगे। (जैसे देखो कोई-कोई बच्चे हैं, जिनमें न काम है, न क्रोध है, न लोभ है, न मोह है…, वो सर्विस बहुत अच्छी कर सकते हैं। अब उन्हों की बहुत ज्ञान विज्ञानमय अवस्था है। वह तो तुम सब भी वोट देंगे। इसलिए विकारों पर पूर्ण जीत चाहिए, विकल्प पर पूर्ण जीत चाहिए।)

13. *विकर्मो से बचने* लिए कौन सी फ़र्ज-अदाई पालन करते भी अनासक्त रहो?
° *मित्र सम्बन्धियों की सर्विस भले करो लेकिन अलौकिक ईश्वरीय दृष्टि* रखकरके करो, उनमें मोह की रग नहीं जानी चाहिए। (अगर किसी विकारी संबंध से संकल्प भी चलता है तो वह विकर्म बन जाता है इसलिए अनासक्त होकर फ़र्जअदाई पालन करो। जितना हो सके *देही-अभिमानी* रहने का पुरुषार्थ करो।)

14. कोई भी उल्टा _____ छिपकर नहीं करना है। बापदादा से कोई भी _____ छिपानी नहीं है। बहुत-बहुत _____ रहना है। स्टूडेन्ट शोज़ _____ , जो पढ़ा है वह दूसरों को पढ़ाना है। एवर-_____ गाड के बच्चे हैं, इस स्मृति से अपार खुशी में रहना है।
° _कर्म_, _बात_, _सावधान_, _मास्टर_, _हैपी_

Answers from Sakar Murli 08-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-12-2020*

1. सर्वंश त्यागी वह है जो पुराने स्वभाव संस्कार के _____ का भी त्याग करता है।
° _वंश_

2. जैसे हंस 🦢 कभी भी कंकड़ नहीं चुगते, रत्न धारण करते हैं। ऐसे *होलीहंस* किसी के अवगुण अर्थात् *कंकड को धारण नहीं* करते। तो क्या करते?
° वे *व्यर्थ और समर्थ को अलग कर* व्यर्थ को छोड़ देते हैं, समर्थ को अपना लेते हैं। (ऐसे होलीहंस ही पवित्र शुद्ध आत्मायें हैं, उनका *आहार, व्यवहार सब शुद्ध* होता है। जब अशुद्धि अर्थात् अपवित्रता का नाम निशान भी समाप्त हो जाए तब भविष्य में *हिज़ होलीनेस* का टाइटल प्राप्त हो इसलिए कभी गलती से भी किसी के *अवगुण धारण नहीं* करना।)

3. बुद्धि भी कहती है फादर तो _____ होता। फादर से ही _____ मिलता। तुम बच्चों की बुद्धि में है – कल्प के इस _____ पर ही बाबा से वर्सा मिलता। जब हम _____-धाम में जाते तो बाकी सब _____-धाम में रहते। अगर ज्ञान के विचारों में रहते तो उन्हों के _____ ही वह निकलेंगे, तुम रूप-बसन्त बन रहे हो – बाबा द्वारा।
° _एक_, _वर्सा_, _पुरुषोत्तम संगमयुग_, _सुख_ ,_शान्ति_ , _बोल_

4. यह तो तुम बच्चे समझते हो – हमको यह _____ बनना है। कितनी _____ एम ऑब्जेक्ट है। पढ़ाने वाला भी _____ है ना। श्रीकृष्ण की महिमा कितनी गाते हैं – सर्वगुण _____ , 16 कला _____ ….. अब तुम बच्चे जानते हो हम वह बन रहे हैं।
° _लक्ष्मी-नारायण_, _ऊंच _,_हाइएस्ट_, _सम्पन्न_, _सम्पूर्ण_

5. जो ब्राह्मण बनते हैं वह _____ घराने में आने वाले हैं। कोई तो बहुत _____ होते हैं, सबको _____ करते रहेंगे। कभी किसको _____ कर दु:ख नहीं देते। स्टूडेण्ट खुद समझते होंगे ना कि हमारे कैरेक्टर्स, _____ कैसी है? हम कैसे चलते हैं? _____-मोही भी बनना चाहिए।
° _दैवी_, _मीठे_, _प्यार_, _गुस्सा, अवस्था, निर्_

6. शिवबाबा हम आत्माओं का बाप है, यह भी _____ से लगता है ना। यहाँ तुम सम्मुख बैठे हो। समझते हो बाप फिर इस _____ ही आयेंगे। तुम जानते हो नई दुनिया को _____ कहा जाता। हमको बाबा नई दुनिया लिए _____ बना रहे। यह लक्ष्मी-नारायण साहूकार कैसे बनें? _____ अनुसार यह धन मिला। बाप का कर्म सिखलाना तो बिल्कुल ही _____ है।
° _दिल_, _समय, स्वर्ग, साहूकार_, _कर्मों_, _न्यारा_

7. 🎤 *गीत* :-यही बहार है दुनिया को भूल जाने की……. इसका कौन-सा *वन्डरफुल अर्थ* बाबा ने सुनाया?
° तुमको अब स्मृति दिलाई जाती है, *अभी नई दुनिया स्थापन होती है इसलिए पुरानी दुनिया को भूलना* है। भूल जाने से क्या होगा? हम यह *शरीर छोड़ नई दुनिया में* जायेंगे। (इसके पहले स्थाई याद में ठहरकर वह कर्मातीत अवस्था जरूर बनानी है।)

8. “मीठे बच्चे – बाप जो है, जैसा है, उसे _____ पहचान कर याद करो, इसके लिए अपनी बुद्धि को _____ बनाओ”
° _यथार्थ_, _विशाल_

9. भारत का प्राचीन योग क्यों नहीं मशहूर होगा। जिससे मनुष्य विश्व का _____ बनते हैं उसको कहते हैं _____ ज्ञान-योग। है भी बहुत सहज, एक ही जन्म के पुरुषार्थ से कितनी _____ हो जाती है। यह तो एक ही जन्म में मिलता, सेकेण्ड में _____ -मुक्ति कहा जाता है।
° _मालिक_, _सहज_, _प्राप्ति_, _जीवन_

10. तुम _____ में बैठे हो, नौकरी आदि भी करते हो, हथ कार डे…और आत्मा की दिल _____ तरफ, आशिक _____ भी गाये हुए हैं ना। कहाँ भी बैठे याद आ जायेंगे। _____ खाते रहेंगे बस सामने उनको देखते रहेंगे। अन्त में तुम्हारी यह _____ हो जायेगी। बस बाप को ही _____ करते रहेंगे।
° _शान्ति_, _यार_, _माशूक_, _रोटी_, _अवस्था_, _याद_

11. यहां से कोई अच्छा बच्चा शरीर छोड़ता, तो अभी उन्हें *कैसा जन्म* मिलेंगा?
° नम्बरवार *सुख में ही जन्म लेते* हैं। सुख तो उनको देखना है, *थोड़ा दु:ख* भी देखना है। कर्मातीत अवस्था तो किसकी हुई नहीं है। जन्म *बड़े सुखी घर में* जाकर लेंगे। ऐसे मत समझो यहाँ कोई सुखी घर हैं नहीं।

12. बाबा ने आज *आटे में नमक* किसे कहा? _(नई बात!)_
° *कहाँ इतने करोड़ मनुष्य, बाकी 9 लाख रहते* हैं। इसको कहा जाता है आटे में नमक।

13. बाप को *गरीब-निवाज़* क्यों कहा गया है? (2)
° क्योंकि इस समय जब सारी दुनिया *गरीब अर्थात् दु:खी* बन गई है तब बाप आये हैं सबको दु:ख से छुड़ाने। (बाकी किस पर तरस खाकर कपड़े दे देना, पैसा दे देना वह कोई कमाल की बात नहीं। इससे वह कोई साहूकार नहीं बन जाते। ऐसे नहीं मैं कोई पैसा देकर गरीब-निवाज़ कहलाऊंगा। मैं तो *गरीब अर्थात् पतितों को, जिनमें ज्ञान नहीं* है, उन्हें ज्ञान देकर पावन बनाता हूँ।)

14. श्रीकृष्ण है _____ नम्बर। उनको भी भगवान नहीं कह सकते। जन्म-मरण रहित एक ही _____ बाप है। गाया जाता है शिव परमात्माए नम:, ब्रह्मा-विष्णु-शंकर को देवता कह फिर शिव को _____ कहते हैं। तो शिव सबसे _____ हुआ ना। वह है सबका _____ । बाप स्वर्ग की स्थापना करने वाला है तो जरूर _____ का ही वर्सा देंगे।
° _अव्वल_, _निराकार_, _परमात्मा_, _ऊपर_, _बाप_, _स्वर्ग_

15. कोई भी मनुष्य मात्र को ज्ञान का सागर वा *पतित-पावन* नहीं कहेंगे। क्यों?
° जबकि *सारी सृष्टि ही पतित है* तो हम पतित-पावन किसको कहें? (यहाँ कोई पुण्य आत्मा हो न सके। बाप समझाते हैं – यह दुनिया पतित है।)