Answers from Sakar Murli 03-04-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 03-04-2021*

1. _____ स्थिति का अनुभव करने के लिए एकान्त और रमणीकता का बैलेन्स रखो।
° _पावरफुल_

2. जिनका बाप ही संसार है वह उसमें ही रहेंगे, तो _____ स्वत: हो जायेगा। संसार में व्यक्ति-वैभव सब आता, बाप की सम्पत्ति सो अपनी – इसी स्मृति से बेहद के _____ होंगे। कोई को देखते भी _____ देखेंगे, दिखाई ही नहीं देंगे।
° _किनारा_, _वैरागी_, _नहीं_

3. रूहानी ब्राह्मण बच्चे याद की यात्रा में शान्ति में बैठे हैं, स्वधर्म में टिके हुए, परन्तु _____ पर भी हो, बाप साथ ले जाते। डायरेक्शन है याद से कट निकलेगी क्योंकि _____ मैं ही हूँ। जब पतित दुनिया से पावन होनी है, _____ धर्म जो प्राय: लोप है, उसकी स्थापना फिर से ब्रह्मा द्वारा करते।
° _यात्रा_, _पतित-पावन_, _आदि सनातन देवी देवता_

4. याद में बैठने की *विधि* कौन सी है?
° जब याद में बैठते तो बुद्धि से सब *धन्धेधोरी* आदि की पंचायत को भूल अपने को देही (आत्मा) समझो। देह और देह के *सम्बन्धों* की बड़ी जाल है, उस जाल को हप करके *देह-अभिमान* से परे हो जाओ अर्थात् आप मुये मर गई *दुनिया* । जीते जी *सब कुछ भूल एक बाप की याद* रहे, यह है *अशरीरी* अवस्था, इससे आत्मा की कट उतरती जायेगी।

5. यह तो पतियों का पति, _____ है ना, तुम सब हो ब्राइड्स, भगवान की सब भक्ति करते, रावण के पहरे में कैद। बाप को ही _____ -दिल कहते, यहाँ बाप प्रैक्टिकल में राजयोग सिखलाते। ज्ञान से सारी दुनिया को रिज्युवनेट करते, तुम्हारी काया कल्पतरू, कल्प वृक्ष समान अथवा _____ बनाते।
° _ब्राइडग्रूम_, _रहम_, _अमर_

6. तुम बाप की याद में रह अपनी उन्नति कर रहे, बाप के डायरेक्शन पर चलने का भी _____ चाहिए। हम शिवबाबा को याद करके ही _____ करेंगे, शिवबाबा साथ। दफ्तर में कुर्सी पर याद में बैठे-बैठे गुम हो जाते अर्थात् _____ हो जाते, बाबा ने रस्सी खींच ली और मौज में बैठा याद में।
° _शौक_, _भोजन_, _अशरीरी_

7. _____ कान्सेस बनने से तुम हमारे पास आयेंगे, पवित्र होने बिगर थोड़ेही। तुमको कोई का _____ करने, बाप का परिचय देने का पुरूषार्थ जरूर करना है। कैसा वन्डरफुल _____ है, भारत स्वर्ग था अर्थात् मनुष्य पावन स्वर्गवासी देवता लक्ष्मी-नारायण थे, फिर पुनर्जन्म ले नीचे आये।
° _सोल_, _कल्याण_, _खेल_

8. बाप को ही लिबरेटर, _____ कहते हैं। _____ पर चलना है, इसी निश्चय में विजय है, अकल्याण भी कल्याण में बदल जायेगा। पावन बनाने की युक्ति बताते, बहुत सहज। तुम रूहानी पण्डों की प्रीत बुद्धि है परम- _____ परमपिता परमात्मा साथ।
° _गाइड_, _श्रीमत_, _प्रिय_

9. तुम्हारा नाम ही है गुप्त _____, बाण 🏹 की बात नहीं, बाप सच्चा मार्ग बताते – जिससे आधाकल्प सचखण्ड में जाते। हम पढ़ रहे, अन्त में _____ पवित्र सतोप्रधान हो जायेंगे।
° _सेना_, _सम्पूर्ण_

10. एक माशूक बाप की याद में _____ रहो तो चेहरा सदा चमकता हुआ खुशनुम: रहेगा। याद की यात्रा से तुम एवरहेल्दी, एवर- _____ बनते हो।
° _एक्यूरेट_, _वेल्दी_

11. अभी तुम मास्टर _____ -रूप बनते हो। याद के साथ _____ चक्र को भी फिराना है। तुम मुक्ति जीवनमुक्ति का रास्ता बताते इसलिए तुम हो _____ लाइट हाउस। जो _____ साथ हैं उनके लिए सम्मुख बरसात है, सबसे जास्ती मज़ा सम्मुख का है।
° _बीज_, _स्वदर्शन_, _स्प्रीचुअल_, _पिया_

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