Answers from Sakar Murli 02-04-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 02-04-2021*

1. अपनी रूहानी स्थिति में स्थित रहने वाले ही _____ महादानी हैं।
° _मन्सा_

2. दुनिया में भाग्य की निशानी _____ होती, जिसकी निशानी ताज होता। ऐसे ईश्वरीय भाग्य की निशानी _____ का क्राउन है। इसका आधार है _____ । सम्पूर्ण पवित्र आत्मायें लाइट के ताजधारी के साथ सर्व _____ से भी सम्पन्न होती। कोई भी कमी है तो लाइट का क्राउन _____ दिखाई नहीं देगा।
° _राजाई_, _लाइट_, _प्युरिटी_, _प्राप्तियों_, _स्पष्ट_

3. संगमयुग पर तुम बच्चे अपने में कौन-सी *हॉबी* (आदत) डालते हो? (2)
° *याद में रहने की*। यही है रूहानी हॉबी।
° इस हॉबी के साथ-साथ तुम्हें *दिव्य और अलौकिक कर्म* भी करने हैं। सर्विस की भी तुम बच्चों में हॉबी होनी चाहिए।

4. पतित-पावन बाप आकर सहज _____ सिखाते, जिससे कट उतर, खुशी बढ़ती। हम ड्रामा के एक्टर्स हैं, हमारा _____ पार्ट है। बाप याद आयेगा तो _____ भी याद आयेगा, बाप को जानने से उन द्वारा सबकुछ जान जायेंगे।
° _राजयोग_, _मुख्य_, _वर्सा_

5. देवी-देवता, भगवान-भगवती जरूर हेविन में _____ करते थे। भारत ही _____ था, कितनी पीस प्योरिटी थी। यह बाप तो स्वर्ग ले जाने लिए श्रृंगारते, _____ सागर में ले जाते। _____ का नाम लेते ही मुख ____ होता, सब नया ही नया।
° _राज्य_, _पावन_, _स्वीट (वा क्षीर)_, _स्वर्ग_, _पानी_

6. सतयुग से भी जास्ती फायदा यहाँ है क्योंकि हम ईश्वरीय _____ में, ईश्वरीय औलाद हैं। तुमको तीसरा नेत्र है, मूल-सूक्ष्म-स्थूलवतन को अच्छी रीति जानते, यह _____ चक्र बुद्धि में फिरता रहता। बाबा कहने से ही _____ का पारा चढ़ना चाहिए, बेहद बाप टीचर बन पढ़ाते!
° _गोद_, _स्वदर्शन_, _खुशी_

7. ज्ञान सागर बाप तुम बच्चों सम्मुख ज्ञान डांस करने, तुम _____ सर्विसएबुल बनो तो ज्ञान डांस अच्छी हो। हम बिल्कुल घोर अन्धियारे में थे, बाप आया तो कितना ज्ञान का _____ मिला है। अब अन्तिम जन्म है, तुम्हारे सुख के _____ आये की आये, 3 हिस्सा सुख अपार, 21 जन्म ऊंच पद।
° _होशियार_, _सोझरा (वा रोशनी)_, _दिन_

8. तुम हो ब्राह्मण, _____ कथा सुनाते। जितना बाप की सर्विस पर _____ बनायेंगे, बाप का शो करेंगे। भारत स्वर्ग-नर्क कैसे बनता, आओ तुम्हें सारे वर्ल्ड की _____ समझायें, ईश्वर के बच्चे ही जाने। टॉपिक बहुत हैं, तुम बच्चों का तो दिमाग ही _____ हो गया है।
° _सत्य नारायण की (वा अमर_), _समान_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _पुर (भरपूर)_

9. अन्त में सब _____ अवस्था पा लेंगे, कोई नई बात नहीं। मुँह दिन तरफ, लात रात तरफ, इस दुनिया को _____ मारनी अर्थात् बुद्धि से भूलना। अब वापस घर जाना है, बहुत पार्ट बजाया, ऐसे-ऐसे अपने साथ _____ करनी होती
° _कर्मातीत_, _लात_, _बातें_

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