Answers from Sakar Murli 25-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-05-2021*

1. हम ___ यात्रा पर जा रहे, जिससे लौटकर नहीं आयेंगे। हम आत्मा हैं, शरीर रूपी कपड़ा छोड़ दूसरा लेंगे, नई दुनिया में नये ___ कपड़े, जैसे लक्ष्मी-नारायण। बाप ही ऐसा ___-वान बनाते, बाप का पार्ट है, तुमको वाइसलेस-पावन बनाते, कल्प के संगमयुगे।
° _अविनाशी अथवा रूहानी_ , _दैवी_, _गुण_

2. अब गुप्त वेष में तो तुम ___ भी हो, मनुष्य चोला गुप्त वेष है।और संग तोड़ तुम संग जोड़ेंगे, जैसे आप ___ हो, हम भी बनेंगे। पतित का विनाश हो तब शान्ति का राज्य हो, इस समय सुख कोई को नहीं, शिवबाबा ही स्वर्ग की स्थापना करते, जिसका नाम ___ है, देवताओं की राजधानी।
° _आत्मायें_, _मोहजीत_, _शिवालय_

3. लक्ष्मी-नारायण स्वर्ग के मालिक, ___ थे फिर बन रहे, तुम उनकी राजधानी में चैतन्य में जाते। जो लक्ष्मी-नारायण मन्दिर बनाते, हम इन्हों के 84 जन्मों की कहानी सुनाते, युक्ति से यह ___ देनी, समझाने वाली रसीली चाहिए। छुट्टी नहीं मिलती तो घर बैठे याद करो, जानते हम ___ की सन्तान हैं, मुरली मिल जाती।
° _पूज्य_, _सौगात_, _शिवबाबा_

4. बादल आते रिफ्रेश होने, ___, इन शब्दों की कशिश सम्मुख बहुत होती, बहुत अच्छा लगता। यहाँ है ईश्वरीय परिवार, ब्राह्मणों का ___, आपस में ज्ञान की लेन-देन करते, याद की युक्ति बताते, भोजन पर ईशारा देते। जो मिले परिचय दें कि भगवान, ___ बाप को याद करो, उनसे वर्सा मिलता, भूँ-भूँ।
° _तुम मेरे बच्चे हो_, _संगठन_, _पारलौकिक_

5. सतयुग में हम कितना सुखी ___ रहते, भारत प्रवृत्ति मार्ग का था, देवी-देवताओं का राज्य, पुकारते हे पतित-पावन आओ।अपने को ___ आत्मा समझो और बाप को याद करो, शरीर को देखते नहीं देखो, सब छोड़ो। सबकी वानप्रस्थ अवस्था है, ___ चुक्तू कर वापिस जायेंगे, थोड़े दिन हैं।
° _पवित्र_, _अशरीरी_, _हिसाब_

6. मुझे याद करो तो विकर्म विनाश होंगे, अपना ___ देखो, हम कितनों को रास्ता बताते, पुरूषार्थ कराते। तन-मन-धन से रूहानी सेवा में ___ बनना पड़े। आत्मा है ही शान्त, हम अपने ___ में जाकर बैठेगी, कोई दुनिया का संकल्प नहीं आयेगा।
° _चार्ट_, _मददगार_, _परमधाम_

7. हम योग लगा रहे, ___ बनेंगे फिर शरीर छोड़ेंगे, हम अभी यात्रा पर हैं। ___ अवस्था पायेंगे फिर विनाश का भारी सीन, तुम जानते हमारी अवस्था एकरस, खुशी में सदैव हर्षित रहेंगे। जितना याद करेंगे तो विकर्म विनाश होंगे, ___ पद पायेंगे।
° _सतोप्रधान_, _कर्मातीत_, _ऊंच_

8. चैरिटी बिगन्स एट होम, बोलो शिवबाबा कहते ___ करो तो वर्सा मिलेगा, सीधी बात। फर्ज है पैगाम देना, बताना विनाश सामने, कलियुग बाद ___। (शिव मन्दिर में) बाप नई सृष्टि रचते, ___ बाबा आये हैं, ब्रह्मा द्वारा स्वर्ग स्थापन कर रहे। थोड़ा समझाया यह चला, यह है तुम्हारा धन्धा, सिर्फ बोलना बाप कहते ___-अभिमानी बनो।
° _याद_, _सतयुग_, _निराकार_, _देही_

9. वर्तमान समय सबसे महीन-सुन्दर धागा ___ है, जब उल्टे रूप में आता तो बाप का प्यारा बनाने बजाए कोई आत्मा, नाम-मान-शान का प्यारा बनाता। इस बंधन से मुक्त बनने निरन्तर ___ स्थिति में स्थित हो साकार में आते- इसको नेचुरल ___ बनाओ तो निरहंकारी बन जायेंगे।
° _मैं-पन_, _निराकारी_, _नेचर_

10. किसी की बुरी वा अच्छी बात सुनकर संकल्प में भी ___ भाव आना – यह भी परमत है।
° _घृणा_

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