*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 05-05-2021*
1. अब कितने ___-दार बने हैं, सबको सुख-शान्ति देने वाला एक बाप। वह याद करते हे सुख कर्ता सद्गति दाता, तुम सुख-शान्ति-सम्पत्ति का ___ ले रहे। तुम रोशनी में हो, ड्रामा अन्दर ___ और पुरानी दुनिया, सुख-दु:ख का खेल बना हुआ है।
° _समझ_, _वर्सा_, _नई_
2. तुम पुरुषार्थ कर रहे, अपनी राजधानी में ऊंच ___ पायें, यह बेहद स्कूल है। वह हमारा ___ बाप है, जिसकी अपरमअपार महिमा है। वह ऊंच ते ऊंच बाप श्रीमत देते, सबको ___ देना है।
° _पद, मोस्ट बिलवेड_, _सुख_
3. इस ड्रामा में भारतवासियों का ही आलराउन्ड ___ है। सूक्ष्मवतन, स्थूलवतन सब तुम जान गये हो, तुमको सच्चा ___ है। परमपिता परमात्मा हमको इन द्वारा पढ़ा रहे, अभी हम कांटों से फूल, मनुष्य से ___ बनते।
° _पार्ट_, _ज्ञान_, _देवता_
4. बेहद का बाप अर्थात् सब सीताओं का एक राम ___ है, सद्गति दाता। तुम सभी सीतायें हो। बाप है ब्राइडग्रूम। एक साजन की सब ___, भक्तियाँ हैं। सब मनुष्य मात्र भक्तों का ___ भगवान को कहते।
° _निराकार_, _सजनियाँ_, _रक्षक_
5. तुम सब ब्रह्मा मुख वंशावली ___ जानते, हमको शिवबाबा पढ़ा रहे। शिवबाबा है स्वर्ग का ___, स्वर्ग कहो वा दैवी राजधानी। लक्ष्मी-नारायण स्वर्ग के ___ हैं।
° _ब्राह्मण_, _रचयिता_, _मालिक_
6. हम फिर से __-योग सिखाने आये हैं। भारतवासी स्वर्गवासी थे, ___ मिसल। शिवबाबा को विकारों का दान दे वापस नहीं लेना, देह-अभिमान के भूत से सब भूत आते इसलिए ___ बनने का अभ्यास करना।
° _राज_, _हीरे_, _आत्म-अभिमानी_
7. तुम ईश्वर के घर बैठे हो, परमपिता अपना ___ छोड़ यहाँ साधारण तन में बैठा है। यहाँ ___ पर बाबा खुद आया है, पावन बनाने। निराकार बाबा को आत्मायें ओ गॉड फादर कह ___-ती।
° _परमधाम_, _संगम_, _पुकार_
8. देवताओं को कहते सर्वगुण सम्पन्न, 16 कला ___। फायरफ्लाई कितना छोटा आंखों से देखा जाता, आत्मा उससे भी छोटी ___ है। सब बी. के. शिवबाबा से वर्सा ले रहे, एम आब्जेक्ट है। ___ का चित्र पॉकेट में चाहिए, शिवबाबा द्वारा हम यह बन रहे।
° _सम्पूर्ण_, _बिन्दी_, _त्रिमूर्ति_
9. शिव के पास जाते कहते भर दो ___। सतयुग में विष्णु के दो रूप लक्ष्मी-नारायण द्वारा ___ होती। राधे-कृष्ण ही ___ बाद लक्ष्मी-नारायण बने इसलिए प्रिन्सेज़ राधे, प्रिन्स कृष्ण कहते।
° _झोली_, _पालना_, _स्वयंवर_
10. जैसे साकार में स्वयं की ___ में रहने से जो कर्म किया वह ब्राह्मण परिवार का संयम बना। स्वयं के स्वरूप की स्मृति रहने से ____ रहता, कोई कर्म उल्टा हो नहीं सकता। जब स्वयं की ___ में स्थित रहो तो जो संकल्प-बोल-कर्म करेंगे, वही संयम (नियम) बनेगा।
° _स्मृति_, _नशा_, _स्थिति_
11. पवित्रता का पिल्लर मजबूत करो तो यह पिल्लर ____ का काम करता रहेगा।
° _लाइट हाउस_L
