*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 04-05-2021*
1. जीव आत्माओं ने कहा हम ___ की तकदीर बनाकर रूहानी बाप पास बैठे हैं। अब बच्चों को ___-अभिमानी बनना है, मुझ आत्मा ने 84 जन्म लिए। आत्मा कहती मेरा शरीर तो आत्मा ___, शरीर फीमेल हुआ।
° _नई दुनिया यानी स्वर्ग_, _रूहानी वा आत्म, मेल_
2. बाप बड़ी ___ बुद्धि बनाते।___ अच्छे-बुरे आत्मा में रहते, उस अनुसार शरीर मिलता। अब पारलौकिक बाप को याद करना है, हम ___ को बाप पढ़ाते। यह है रूहानी ज्ञान, जो ___ बाप देते।
° _विशाल वा महीन_, _संस्कार_, _आत्माओं_, _रूहानी_
3. ऊंच ते ऊंच बाप ___-वतन में, फिर ___-वतन में देवतायें। वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी तो मनुष्य सृष्टि में होती, सतयुग है ___-धाम।
° _मूल_, _सूक्ष्म_, _सुख_
4. हम आत्मा हैं ___ में रहने वाली। यह आरगन्स से चाहे कर्म करें, चाहे न करें। हम आत्मा हैं, स्वधर्म ___, कर्मयोगी हैं। कर्म-संन्यास शान्तिधाम में है, कर्मेन्द्रियाँ ही नहीं, यहां तो ___ कहते, सबको आना पड़ता।
° _शान्तिधाम_, _शान्त_, _कर्मक्षेत्र_.
5. (नटशेल) अपने को आत्मा निश्चय कर बाप को याद करो तो विकर्म विनाश हो, इसको भारत का ___ योग कहते। देही-अभिमानी बनो, यह है ___ याद की यात्रा। योग की ____ पहले चाहिए, बाद में ज्ञान।
° _प्राचीन_, _रूहानी_ , _शिक्षा_
6. यहां पावन __-चारी एक भी नहीं। आत्मा लिए ही कहते __ आत्मा, पाप आत्मा। मैं आत्मा इस ___ द्वारा फलाना धन्धा करता, पहले यह निश्चय कर बाप को याद करो।
° _श्रेष्ठा_, _पुण्य_, _शरीर_
7. यह ___ नॉलेज सिवाए बाप के कोई दे न सके। देही-अभिमानी जो हैं वह ज्ञान को अच्छी रीति ___ करते। ___ बनकर याद की यात्रा करनी है।
° _रूहानी_, _धारण_, _जिन्न_
8. यही याद रहे हम आत्मा बाप के बच्चे हैं, बस इस ___ में रहना। माया कितने भी विघ्न डाले, मुख में __ डाल देना है। हमेशा समझो हमारे 84 जन्म पूरे हुए, अब हम जाते हैं ___ से मिलने।
° _खुशी_, _मुलहरा_, _बाबा_
9. पहले-पहले यह ___ सिखाना, अपने को आत्मा निश्चय कर बाप को याद करो तो सतोप्रधान बनेंगे। ___ वह जो 21 पीढ़ी का उद्धार करे, सद्गति का वर्सा। बाप आकर तुमको मनुष्य से ___ बनाते, पवित्र होने बिगर वापिस जा कैसे सकते।
° _सबक (पाठ) वा लेसन, _ब्रह्माकुमारी_, _देवता_
10. जैसे ईश्वर की महिमा अपरमअपार, वैसे ___ की भी है, बाप ही विश्व का मालिक बनाते। उसको अटल ___ कहते। मातायें व्रत-नेम रखती ___ पुरी जाने, यहां ही कहते स्वर्गवासी हुआ। भारतवासी हेविन को मानते, समझते भारत ___ था।
° _भारत_, _सुख वा शान्ति वा पवित्रता_, _बैकुण्ठ_, _पैराडाइज़_
11. मैं कल्प-कल्प आता स्वर्ग-नर्क के ___ पर, खेल बना हुआ, फिर रिपीट होगा, याद से राज्य पाते। यह चित्र बाप ने दिव्य दृष्टि से ___ कराया है। भट्ठी में बाबा बहलाते थे, अपनी तात-बात… समझते थे यह ____-प्रस्त हैं।
° _संगम_, _साक्षात्कार_, _खुदा_
12. तुम जानते वर्सा एक शिवबाबा से मिलता, वह है ____। तुम हो ___, नन बट वन।बाप कहते इनके बहुत जन्मों के अन्त के जन्म में ____ करता।
° _बिन्दी_, _नन्स_, _प्रवेश_
13. अलौकिक युग में ___ को खिलौना समझ खेलो, डरो-घबराओ नहीं। सर्व संकल्प सहित स्वयं को बापदादा पर ___ करो तो माया वार नहीं कर सकती। रोज़ अमृतवेले साक्षी बन स्वयं का सर्व शक्तियों से ___ तो अचल-अडोल रहेंगे।
° _माया के विघ्न वा परिस्थितियों_, _बलिहार_, _श्रृंगारो_.
14. कोई भी संसार समाचार सुनना, सुनाना – यह भी स्वयं में ___ जमा करना है।
° _किचड़ा_
