Answers from Sakar Murli 20-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-05-2021*

1. शरीर पुरानी दुनिया का है, अगर ___-अभिमानी बनें तो तकदीर टूटेंगी। नसीबदार बन रहे तो जितना हो सके याद करो जो बेहद वर्सा देते, तुमको ___ सम्पन्न बनना है, पवित्र। बाप साथ सर्विस में ___ बनना, सारी दुनिया को पावन बनाना है, जिन्होंने कल्प पहले मदद की, ब्राह्मण बने हैं, वही समझदार बनेंगे।
° _देह_, _सर्वगुण_, _साथी_

2. आदि देव-देवी, जो चीज़ होकर गई फिर जरूर होनी, सतयुग होकर गया, उसमें ___ का राज्य था। देवतायें पवित्र ___ मार्ग वाले थे, फिर बाप आये हैं पावन बनाने, पतित से बुद्धियोग न लगाओ, बाप को याद करो। हम बाप की राय पर वर्सा ले रहे, कैसे पाना वह भी ___ बताते।
° _आदि सनातन देवी-देवताओं_, _प्रवृत्ति_, _युक्ति_

3. एक का गायन है, सर्व का पतित-पावन, सद्गति दाता, दया दृष्टि रखने वाला, ___ लीडर, रहमदिल, ब्लिसफुल। सहज युक्ति बताते एवरहेल्दी-एवरवेल्दी बनने, सिर्फ मुझे ___ करो, सतयुग में तुम सदा सुखी थे। ___ है बापदादा की मत, विश्व का मालिक बनने की युक्ति पतित-पावन बाप ही बताते।
° _सर्वोदया_, _याद_, _श्रीमत_

4. इस योग अग्नि से पापों का ___ जो भरा है खत्म होगा, शिवबाबा की याद दिलानी पड़े, सद्गति दाता एक ही है। प्रदर्शनी में भी दिखाना शिव निराकार है, जरूर ___ पर आयेंगे, वही त्रिकालदर्शी है। कृष्ण प्रिन्स था और भी ___ होंग, इकट्ठे पढ़ते होंगे, वहाँ है ही वाइसलेस दुनिया।
° _घड़ा_, _संगम_, _प्रिन्स-प्रिन्सेज_

5. बाप सर्व को मुक्ति-___ देते, देवताओं के राज्य में और कोई धर्म नहीं, यह राजयोग है प्रवृत्ति मार्ग लिए। मामेकम् याद करो, यह अविनाशी ___ है, विकर्म बताने से आधा माफ, देह से भी सम्बन्ध न रखो फिर गंदा काम नहीं होगा। सबके कयामत का समय, सब आत्मायें ___ होकर जाती, और कोई की ताकत नहीं।
° _जीवनमुक्ति_, _सर्जन_, _पवित्र_

6. सर्वगुण सम्पन्न तुम थे फिर ग्रहण लगा, ___ भी तुमको मिला है, लक्ष्मी-नारायण दी फर्स्ट-सेकेण्ड.. राजाई चलती। अपने धर्म के चित्रों को पूजते, सिर्फ भूल गये हैं, हम ही ___ देवता थे। इस समय तुमको 3 बाप हैं, शिवबाबा, लौकिक और यह ___ बाप प्रजापिता ब्रह्मा, समझने की बात है।
° _ज्ञान_, _पूज्य_, _अलौकिक_

7. यहाँ तुम ___-अभिमानी हो, (शुद्ध अभिमान) हम बच्चे वर्सा लेते, वह बाप-शिक्षक-सतगुरू है। बाप कितनी अच्छी ___ बातें सुनाते, फिर याद करो तो खाद निकलेगी, नाटक पूरा होता तो सबको हाज़िर होना है। धर्म-पितायें भी सलामी भरने आयेगे, सिर्फ मन्मनाभव मन्त्र ले जायेंगे, तुम्हारा है ___ का डबल मन्त्र।
° _आत्म और परमात्म_ , _मीठी-मीठी_, _मनमनाभव और मध्याजी भव_

8. जो ज्ञान सूर्य के सदा सम्मुख रहते, वो उनके ___ की किरणें स्वयं में अनुभव करते। उनकी सूरत पर ___ की झलक और संगम-भविष्य के सर्व ___ की फलक दिखती। इसलिए सदा स्मृति रहे यह अन्तिम घड़ी है, कभी भी तन विनाश हो सकता, इसलिए सदा ___ बुद्धि।
° _सर्व गुणों_, _अन्तर्मुखता_, _स्वमान_, _प्रीत_

9. सदा ___ में उड़ना ही झमेलों के पहाड़ को क्रास करना है।
° _उड़ती कला_

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