Answers from Sakar Murli 17-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 17-05-2021*

1. मीठे जीव आत्माओं को परमपिता समझाते मैं ___ तन में आकर ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मणो को पढ़ाता। बुलाते – हे पतित-पावन, भारत ही ___ राज्य था, बाकी शान्तिधाम में थे, तुम्हारी बुद्धि में पूरी नॉलेज है। बाप आप समान बनाते, जास्ती ___-वान बनाया है।
° _साधारण बूढ़े, पावन, महिमा_

2. आत्मा ही बात करती, करती सब आत्मा है, पार्ट बजाती, ___-अभिमानी बनना, घड़ी-घड़ी आत्मा समझना, तब याद कर सकेंगे। तुम कहते हम ___ के बच्चे हैं। बाप सहज बताते, तुमको बाप के वर्से का बहुत ___ चाहिए। मैं तुम्हारा पतियों का पति, बापों का बाप हूँ।
° _देही_, _शिवबाबा (पारलौकिक बाप)_ , _नशा_

3. कहते भ्रकुटी बीच चमकता अजब सितारा… किसको पता नहीं परमपिता ___ है, आत्मा भी। समय नजदीक है, गाते ब्रह्मा द्वारा स्थापना, नई दुनिया को ___-पुरी कहते। बाप ज्ञान सागर, मनुष्य सृष्टि का ___-रूप है, ड्रामा का आदि-मध्य-अन्त जानते, पतित-पावन है।
° _बिन्दी, विष्णु, बीज_

4. जो बाप का ___, वही तुम्हारा, तुम भी पावन बनाते। सबको ___ दो शिवबाबा कहते मुझे याद करो, वह निराकार पुनर्जन्म रहित है, कृष्णपुरी का मालिक बनाते। सतयुग में सिर्फ हमारा छोटा झाड़, भारत ___ होगा। परमपिता हेविन स्थापन करते,
देवताओं का राज्य, लक्ष्मी-नारायण मालिक थे।
° _धन्धा, लक्ष्य, स्वर्ग_

5. समझाओ तुम आधाकल्प आशिक हो, एक ___ के, प्यार से याद करते, तुम आयेंगे हम सबसे बुद्धियोग तोड़ आपसे जोड़ेंगे। क्या वर्सा मिलता, किसको पता नहीं, याद करना पहला ___ है। बुलाते, हे परमपिता रहम-लिबरेट करो, गाइड बनो, वही कल्याणकारी है। खुदा-दोस्त, यह ___ है कलियुग-सतयुग बीच का, उस पार जाना, खुदा माता-पिता-शिक्षक का पार्ट भी बजाते।
° _माशूक, फ़र्ज, पुल_

6. दिव्य दृष्टि की चाबी मेरे पास, यह विनाश देखो, अपना राज्य देखो, अब ___ याद करो तो यह बनेंगे। यहाँ तुम ब्राह्मण देवताओं से भी ___ हो, ईश्वरीय सन्तान, तुमको ही ज्ञान हैं। सब एक्टर्स हाजिर है, बाबा भी आया है, सबको बाप ___ ले जायेगा।
° _मामेकम्, उत्तम, साथ_

7. शक्ति स्वरूप बनने आसक्ति को ___ में बदली करो, देह-सम्बन्ध-पदार्थ में आसक्ति है तो माया आ सकती। पहले अनासक्त बनो तब माया के विघ्नों का ___ कर सकेंगे, ___ रूप धारण करो तो विघ्न-विनाशक बनेंगे।
° _अनासक्ति, सामना, शक्ति_

8. ___ नि:स्वार्थ और लगावमुक्त हो – स्वार्थ वाला नहीं।
° _रहम_

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