Answers from Sakar Murli 20-10-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-10-2020*

1. व्यर्थ को फुल ____ दो और शुभ भावना का _____ फुल करो।
° _स्टॉप_, _स्टॉक_

2. यहां रहते *वतन की सभी सीन-सीनरियां स्पष्ट* अनुभव करने लिए क्या करना है? (3)
° सिर्फ संकल्प शक्ति अर्थात् *मन और बुद्धि को सदा मनमत से खाली* रखो।
° कोई भी बोझ अपने ऊपर नहीं रखो, *सब बोझ बाप को देकर डबल लाइट* बनो।
° मन-बुद्धि से *सदा शुद्ध संकल्प का भोजन* 🍲 करो। (कभी भी व्यर्थ संकल्प व विकल्प का अशुद्ध भोजन न करो तो बोझ से हल्के होकर ऊंची स्थिति का अनुभव कर सकेंगे।)

3. बाबा हम आत्माओं का ____ कर रहे हैं। उनके साथ शरीरों का भी हो जायेगा। आत्मा ____ होने से फिर शरीर भी सतोप्रधान मिलेंगे। सतोप्रधान तत्वों से शरीर बनेंगे। इन्हों का सतोप्रधान शरीर है ना इसलिए नेचरल ____ रहती है। एक ही देवी-देवताओं का रिलीजन है जिससे ____ मिलती है। आत्मा में ताकत कैसे आती है, यह भी तुम अभी समझते हो। घड़ी-घड़ी अपने को ____ समझो। हम आत्मा सतोप्रधान थी तो _____ थी।
° _श्रृंगार_, _पवित्र_, _ब्युटी_,
_माइट_, _आत्मा_, _पवित्र_

4. _____ राजाओं की ड्रेस ही अलग होती है। सतयुग का तो नाम लेते ही दिल ____ हो जाती है। कहते ही हैं स्वर्ग, पैराडाइज़।
° _सतयुगी_, _खुश_

5. आज बाबा ने हमे सारी मुरली में *विशेष कौन-सा टाइटल* दिया?
° तुम हो *स्प्रीचुअल* , रूहानी इनकागनीटो *सैलवेशन आर्मी* (तुम्हें सारी दुनिया को सैलवेज करना है, डूबे हुए बेडे को पार लगाना है। विषय सागर दुःखधाम से क्षीरसागर सुखधाम!)

6. तो विकारों की दुबन में फंसी हुई आत्माओं को *पार जाने के लिए* विशेष कौन-सी युक्ति है? (2)
° यहाँ आकर जब बैठते हो तो अपने को *आत्मा समझ बाप को याद* करते हो, इससे तुम्हारा बेडा पार होगा। (तुम यह विचार करके आते हो कि हम बेहद के बाप से मिलने जाते हैं। आत्मा शरीर द्वारा बोलती। पारलौकिक बाप ने यह शरीर उधार पर लिया है, इनसे समझाते हैं। तुम्हारा है *योग बाण* 🏹। बाप कहते हैं मामेकम् याद करोगे तो तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे। )
° *काम महाशत्रु* है, इस पर *जीत पाने से तुम जगतजीत* बनेंगे। यह है मुख्य विकार। (भक्ति-मार्ग में भी इस वाम-मार्ग के चित्र है, जिससे आइरन एजड बने।)

7. बाबा ने कहा तुम श्रीमत पर सबको रास्ता बताते हो। तो *दूसरों का बेड़ा पार* कराने के लिए हमें पहले-पहले *बाप का परिचय* देना होगा। यह कैसे देना है?
° हर एक को समझाते हो – *दो बाप हैं, एक हद का, दूसरा बेहद का* । (लौकिक बाप होते हुए भी सब पारलौकिक बाप को याद करते हैं परन्तु उनको जानते बिल्कुल नहीं हैं। मैगजीन में भी निकाला है, मनुष्य क्या कहते और भगवान क्या कहते हैं।)

8. सिर्फ ईश्वर वा भगवान कहने से इतना ____ नहीं आता है। सबसे अच्छा अक्षर है ____ । मनुष्य बेहद के ____ को नहीं जानते तो जैसे आरफन हैं।
° _लव_, _बाप_, _बाप_

9. बाप एक ही बार आकर तुमको ____ -अभिमानी बनाते हैं। वहाँ यह ज्ञान नहीं रहता कि मैं _____ परमपिता परमात्मा की सन्तान हूँ।
° _देही_, _आत्मा_

10. संगम पर बाप *कौन-सी युनिवर्सिटी* खोलते हैं जो सारे कल्प में नहीं होती?
° राजाई प्राप्त करने के लिए पढ़ने की *गॉड फादरली युनिवर्सिटी वा कॉलेज* संगम पर बाप ही खोलते हैं। (ऐसी युनिवर्सिटी सारे कल्प में नहीं होती। इस युनिवर्सिटी में पढ़ाई पढ़कर तुम *डबल सिरताज राजाओं का राजा* बनते हो।)

11. आत्मा अपने बाप को याद करती है – हे बाबा, आकर ____ दो। विश्व में ____ थी जबकि इन लक्ष्मी-नारायण का राज्य था।
° _शान्ति_, _शान्ति_

12. इन लक्ष्मी-नारायण का राज्य था, तो *विश्व में शान्ति* थी। विश्व में शान्ति क्यों थी?
° क्योंकि *एक राज्य एक धर्म* था। (तुम्हारी आत्मा जानती है अब हम एक राज्य स्थापन कर रहे हैं। बाप हमको सब कुछ दे देते हैं। कोई भी हमसे राजाई छीन नहीं सकते। और कोई खण्ड में ऐसे नहीं कहते कि एक धर्म एक राज्य हो।)

13. इन संन्यासियों और देवताओं की *पवित्रता में रात-दिन का फ़र्क* है। बाबा ने कौन-सा एक मुख्य अन्तर सुनाया?
° देवताओं का तो *जन्म भी योगबल से* होता है!

14. *होलिका* 🔥 का वास्तविक अर्थ क्या है?
° *सारी दुनिया इसमें स्वाहा* होनी है। यह ज्ञान यज्ञ है। (ज्ञान अक्षर निकाल बाकी रूद्र यज्ञ कह देते हैं। वास्तव में यह है रूद्र ज्ञान यज्ञ।)

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