
योग कमेंटरी | मैं दिव्य सितारा हूँ | I’m a divine star
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Sakar Murli Churnings 10-01-2019
1. बाबा हमें सृष्टि चक्र का ज्ञान पढ़ाते हैं, कैसे हम सतोप्रधान थे, फिर धीरे-धीरे तमोप्रधान बने (जैसे कि बैट्री)… तो बाबा समझाते है, अब फिर से सतोप्रधान पवित्र दैवीगुण-सम्पन्न मीठा बनने के लिए याद की यात्रा पर पूरा-पूरा ध्यान देना है
2. और याद के लिए चाहिए आत्म-अभीमानी स्थिति का अभ्यास (कैसे हम परमधाम में थे, फिर शरीर धारण कर 84 जन्मों का पार्ट बजाया), और पुरानी दुनिया से ममत्व मिटाना (क्योंकि अभी यह तमोप्रधान बन गई है)… इतना खुशी में रहना है कि शरीर भी खुशी-खुशी छूते, हमें तो नया दैवी शरीर मिलेगा!
3. बहुत प्यार से सबको सत्य ज्ञान सुनाना है
तो चलिए आज सारा दिन… श्रेष्ठ स्मृतियों में रहकर सदा खुशी का अनुभव करतें रहे, और याद के अभ्यास द्वारा अपनी बैट्री को चार्ज करते रहे, औरों को भी जीवन बहुत श्रेष्ठ बनाते रहें… फिर हम सभी आत्माएं मिलकर सारे कल्प इस बैट्री को use कर बड़े आनंद में रहेगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं पद्मपद्म भाग्यशाली आत्मा हूँ | I’m multimillion times fortunate
मैं भाग्यशाली… सौभाग्यशाली… पद्मपद्म भाग्यशाली आत्मा हूँ
स्वयं भाग्यविधाता भगवान ने मुझे अपना बनाया है… भाग्य लिखने की कलम मेरे हाथों में दे दी है… मैं जीतने चाहे भाग्य बना सकती हूँ
मैं रूहानी सेवाधारी हूँ… मैं निमित्त आत्मा हूँ… मेरे कदम-कदम पर पद्मों की कमाई (अर्थात भाग्य) है
भगवान की श्रीमत से श्रेष्ठ बन रही हूँ… स्वयं भगवान मुझे पढ़ाते हैं… ज्ञान, गुण और शक्तियों से श्रृंगारते है
भगवान की छत्रछाया मुझ पर है… हर बात में मेरा कल्याण ही कल्याण है… भगवान मेरे साथ है
मेरे भाग्य का सितारा चमक उठा है… बाबा ने मुझे सतयुग का वर्सा दे दिया है… सबको भी दिलाना है… ओम् शान्ति!
और योग कमेंटरी:
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Sakar Murli Churnings 09-01-2019
1. बाबा हम सभी आत्माओं (ब्रदर्स) को मुक्ति-जीवनमुक्ति का वर्सा देते, अर्थात सुधरे हुए पवित्र पूज्य देवता बनाते… फिर हम सो क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र और फिर हम सो ब्राह्मण बनेंगे… फिर बाबा आकर ब्रह्मा मुख द्वाराा हमें लिबरेट कर देवता बनााएंगे!
2. यह बातें उनकी बुद्धि में धारण होगी:
फिर योगबल से हमें बहुतों को आप समान भी बनाना है!
3. हमें किसी भी बात में की दरकार नहीं, सबकुछ ड्रामा अनुसार accurate हो रहा है… सिर्फ बेहद खुशी में रहना है कि स्वयं भगवान हमें पढ़ाते हैं!… इसी नशे में हमें योग का चार्ट बढ़ाकर को धारण करते रहना है
तो चलिए आज सारा दिन… बहुत खुशी में रहकर बाबा की यादों में रहे… जिससे हम सहज ही दैवीगुण-सम्पन्न देवता बन, कलियुग को परिवर्तन कर सतयुग बना देंगे... ओम् शान्ति!
अल्पकाल की इच्छाओं के बजाए, सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनने पर attention देना है… तो सदाकल के लिए सन्तुष्ट वा प्रसन्न-चित बन जाएँगे!

God’s Accurate Introduction | परमात्मा का सत्य परिचय | Sakar Murli Churnings 08-01-2019
1. सबको बाप का परिचय देना है… यह बहुत सहज है:
2. ऎसे सत्य परिचय के आधार पर बाबा को याद करते से बेहद खुशी में एकरस रहेंगे… और सेवा भी श्रेष्ठ होगी, हमे तो सभी वर्गों को उठाना है!
तो चलिए आज सारा दिन… बाबा को सत्य परिचय के आधार पर बड़े प्रेम से याद कर बहुत बहुत खुशी में रहें… जिससे अपने आप हम बहुत सहज रूप से परिवर्तन होकर, मनुष्य से देवता बन जाएँगे… ओम् शान्ति!
बीच बीच में 1 मिनट भी शक्तिशाली स्थिति में स्थित होने से, स्वयं को और सर्व को बहुत लाभ मिल सकता है… कोई भी योग की स्थिति:
ऎसे अभ्यास को बढ़ाते रहने से, फॉलो फादर कर, हम बाप समान बनते जाएँगे!

Making True Progress | आत्मा की उन्नति का रास्ता | Sakar Murli Churnings 07-01-2019
1. आत्मा की उन्नति की जिम्मेवारी बाप पर है… तो बाप न सिर्फ मन की शान्ति का रास्ता बताते… लेकिन इतनी श्रेष्ठ ईश्वरीय मत देते, जो आत्मा देहीी-अभिमानी बन चड़ती कला में आ जाती, और 16 कला सम्पूर्ण health-wealth सम्पन्न गुणवान देवता बन जाती... लीबरेट हो शान्तिधाम-सुखधाम वा मुक्तिधाम जीवनमुक्तिधाम पहुंच जााती!
2. आत्मा की उन्नति एक ही बार इस संगम पर होती है, तो हमें इस पर पूरा ध्यान देना है… अपनी उन्नति करने के लिए:
तो चलिए आज सारा दिन… बाबा के ज्ञान-योग और सेवा से अपना वर्तमान इतना श्रेष्ठ और सुन्दर बनाए, कि हमारा भविष्य भी सुनेहरा सुख शान्ति सम्पन्न बन जाएँ… ओम् शान्ति!
ब्रह्मा बाप समान:
कराने के लिए अंतर्मुखी, अलौकिक वा रूहानियत से सम्पन्न बनना है!

The blissful swing of God’s love | परमात्म प्यार का आनंदमय झूला | Avyakt Murli Churnings 06-01-2019
बाबा के बच्चे बनना, अर्थात सर्व अधिकारों से सम्पन्न बनना:
जहां त्याग, तपस्या और सेवा है… वहां सेकण्ड में निश्चित सफलता मिलती है:
परमात्म प्यार आनंदमय वा सुखदाई झूला है, जो उड़ती कला में ले जाता… जिससे माया के आकर्षण और परिस्थितियों से बचे रहते!
परमात्म प्यार का प्रमाण है:
परमात्म प्यार के पात्र बनने लिए:
तो चलिए आज सारा दिन… परमात्म प्रेम के झूले में इतना लवलीन हो जाए, कि सभी कमझोरी स्वतः समाप्त हो जाए… और सबको भी गुणों और शक्तियों से सम्पन्न करते जाएं, सतयुग बनाते जाएं… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | आत्मिक दृष्टि का अभ्यास | Soul Conscious Drishti
मैं आत्मा हूँ… सभी भी आत्माएं हैं… बाबा के बच्चे है
एक बाप के बच्चे, मेरे भाई-बहन है… वह भी शान्त स्वरूप… प्रेम स्वरूप… आनंद स्वरूप है
मुझे उनकी विशेषताएं ही देखनी है… सबको देते रहना है… शुभ भावनाएं, दुआएं, सम्मान आदि… बाप से लेकर, सबको देना है
मुझे उनसे कोई भी अपेक्षा नहीं… उनकी कोई गलती नहीं… वह खुद अपने संस्कारों से परेशान हैं
उनका जीवन सुखमय बने… वह खुश रहे, आगे बढ़े, उनका कल्याण हो… उनका भी सम्बन्ध उनके परमपिता से जुड़ जाए, वह सर्व प्राप्ति सम्पन्न बन जाएं
इस अभ्यास से मेरी आँखें निर्मल होती जा रही है… मैं सतयुगी देवता बन रही हूँ… ओम् शान्ति!
और योग कमेंटरी:
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Sakar Murli Churnings 05-01-2019
1. भगवान हमारा बाप भी है, टीचर भी है, और सतगुरू भी है… वही हमको पढ़ाते हैं… इस निश्चय-पूर्वक स्मृति से सेकेण्ड में खुशी का पारा चढ़ जाता है… और इस खुशी को कायम रखने पढ़ाई भी जरूर पढ़नी है!
2. बातें करते यह अभ्यास पक्का करना है, हम आत्मा भाई से बात कर रहे हैं… तो स्वतः हमारा स्वभाव बहुत मीठा और रॉयल रहेंगा… भूतों (अर्थात प्रभाव में आना, लड़ना-जगड़ना, आदि जिसको बाबा ने आज नास्तिक-पना कहा) से बचे रहेंगे
3. कोई पूछे विनाश कब होगा, तो कहो पहले यह बताने वाले (अर्थात ज्ञान देने वाले) अल्फ को तो जानो… वही कह रहा है कि मैं नई राजधानी स्थापन करने आया हूँ, हमें उनकी श्रीमत पर चलना है
4. बाबा हमें कितना ऊंच मनुष्य से देवता 21 जन्मों के लिए बना रहे हैं… फिर तो यह ज्ञान भी नहीं रहेगा, तो अभी पूरा-पूरा पुरुषार्थ करना है… पूरा आत्म-अभिमानी बन बाबा को याद करना है, तो पावन बन जाएँगे… और कर्मातीत भी बनते जाएंगे… ओम् शान्ति!
तो चलिए आज सारा दिन… किसी से भी बात करते हुए, आत्मिक दृष्टि का अभ्यास पक्का रखे, जिससे सहज आत्म-अभिमानी स्थिति का अनुभव करते रहेंगे… और हमारी अवस्था बहुत हल्की और सन्तुष्ट रहेंगी, योग भी बहुत सहज और शक्तिशाली होगा… ऎसे सहज ही हम ब्रह्मा बाप समान अपने कर्मातीत फरिश्ता स्थिति तक पहुँच जाएँगे… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 04-01-2019
1. बाबा हमें सभी दुःखों से लिबरेट कर, जीवनमुक्ति दे देते हैं… और कितना सुन्दर हसीन बनाते हैं… तो ऎसे बाबा का तो बन जाना चाहिए!… मुरली तो कभी miss न हो!
2. साथ में देही-अभिमानी स्थिति और बाबा की याद भी चाहिए… तो माया से बचे रहेंगे, बहुत खुशी में रहेंगे और हर्षितमुख मीठे रमणीक बन जाएँगे!
3. श्रीमत पर सर्विस की उछल आनी चाहिए, अपना सब कुछ transfer करना है… बाबा का ज्ञान सबको सुनाना है:
तो चलिए आज सारा दिन… बाबा के मूल ज्ञान (A – आत्मा, B – बाबा, C Connection वा Cycle, D – Drama) मनन करते धारण करते जाएं, और सबको सुनाते रहे… ऎसे हर कदम बाबा की श्रीमत पर चलने से हम बहुत सुन्दर, हसीन वा सतयुगी बन जाते हैं… ओम् शान्ति!
