Answers from Sakar Murli 11-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-06-2020*

1. ग्लानी करने वाले को भी ____ पहनाने वाले इष्ट देव, महान आत्मा भव
° *गुणमाला*

2. अपनी मन्सा वृत्ति _____ _____ _____ बनाओ तो खराब भी अच्छा हो जायेगा। _(स्लोगन)_
° सदा, अच्छी, *पॉवरफुल*

3. तुम्हारे में भी कोई हैं जो *निश्चय अजुन कर रहे* हैं। क्या यह ठीक है?
° नहीं (अरे निश्चय करने में टाइम लगता है क्या।)

4. बाप कहते हैं ____ तो तुम्हारा स्वधर्म है, अपने को ____ समझो, अपने घर चलना है ____ । फिर ____ में आयेंगे। यह ____ -धाम खलास होना है।
° *शान्ति*, आत्मा, शान्तिधाम, सुखधाम, दु:ख

5. इनको कहा जाता है पुरूषोत्तम संगमयुग जबकि बाप ____ बन तुमको इस पार से उस पार ले जाते हैं। यहाँ तो है ही शिवबाबा। शिव ____ कहा जाता है। ज्ञान सागर एक ही भगवान है। वही मनुष्य सृष्टि का ____ , सत चैतन्य है। कहते भी हैं साधारण तन में प्रवेश करता हूँ। ____ नाम भी मशहूर है, जरूर मनुष्य ही होगा जिसमें बाप आयेगा।
° खिवैया, *कल्याणकारी*, बीजरूप, भागीरथ

6. इस *यज्ञ* के लिए बाबा ने कौनसे 7 विशेषण प्रयोग किये हैं? और इस *यूनिवर्सिटी* के लिए 5 शब्द?
° *राजस्व, अश्वमेध, रूद्र यज्ञ*, ईश्वरीय यज्ञ, ज्ञान यज्ञ, कितना बड़ा यज्ञ, बेहद का यज्ञ
° स्कूल, पाठशाला, युनिवर्सिटी, बड़े ते बड़ी युनिवर्सिटी, *विश्व विद्यालय*

7. तुम बच्चे जानते हो अभी हम ____ परिवार में हैं, फिर ____ परिवार में जायेंगे। इस समय का ही गायन है-यह संगम ही पुरूषोत्तम ____ बनने का युग है।
° *ईश्वरीय*, दैवी, ऊंच

8. ____ हो ड्रामा को देखना होता है और फिर ____ भी करना होता है। बाप ने तो सारा ज्ञान दे दिया है, जिसने जितना कल्प पहले ____ किया है, उतना ही करेंगे।
° साक्षी, *पुरूषार्थ*, धारण

9. हमारा *काम* क्या है? _(3)_
° तुम्हारा काम है *पढ़ना* और *पवित्र* बनना। *योग* में रहना है।

10. तमोप्रधान से सतोप्रधान बनना है, इसके लिए श्रीमत भी मिलती है, ____ शिवबाबा की ____ -मत से तुम ____ बनते हो। ऊंच ते ऊंच बाप तुमको ____ बनाते हैं।
° श्री श्री, *श्री*, श्री, ऊंच

11. समझते हैं शरीर पर भरोसा नहीं है, तो फिर ____ कमाई में लग जाना चाहिए। जिसकी ____ में है वही अपनी तकदीर जगायेंगे। पूरा ____ लगाना है, हम तो बाप से वर्सा लेकर ही छोड़ेंगे। बेहद का बाबा हमको ____ देते हैं तो क्यों न यह एक अन्तिम जन्म हम ____ बनेंगे।
° सच्ची, *तकदीर*, जोर, राजाई, पवित्र

12.. *तकदीरवान* बच्चों की कौन-सी निशानी बाबा ने बताई?
° वे फौरन निर्णय ले लेते हैं कि हमें कौन-सी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना है। *इस पढ़ाई से तो 21 जन्मों की प्रालब्ध बनती* है। जिसको बेहद के बाप से वर्सा पाना है, वह बेहद की पढ़ाई में लग जाते हैं।

13. जितना याद करेंगे उतना फायदा होगा, ____ रखना चाहिए। नहीं तो फिर पिछाड़ी में फेल हो जायेंगे। तुम बच्चों को समझाया जाता है कैसे बुद्धि से स्वाहा हो ____ बन जाओ।
° *चार्ट*, नष्टोमोहा

14. कई *पानी पर, आग पर* चले जाते हैं। लेकिन इनसे फायदा तो कुछ नहीं। क्यों?
° क्योंकि इनसे *पावन* तो बनते नहीं

Answers from Sakar Murli 10-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-06-2020*

1. *युनिटी का आधार* क्या है?
° *बेहद की दृष्टि, वृत्ति* ही युनिटी का आधार है, इसलिए हद में नहीं आओ।

2. सेकण्ड में तुम स्वर्ग की ____ बनते हो ना! तुम आज पढ़ते हो, कल शरीर छोड़ ____ में जाकर जन्म लेंगे। यहाँ से पढ़कर जायेंगे फिर हमारा जन्म ____ में होगा। एम ऑब्जेक्ट ही है- ____ बनने की। राजयोग है ना। योग से 21 जन्मों के लिए ____ बनना है। वहाँ हैं ____ दुनिया के मालिक, यह है काली दुनिया।
° *परियां*, राजाई, सतयुग, *प्रिन्स-प्रिन्सेज*, तन्दुरूस्त, सुनहरी

3. उस ____ को ही बुलाते हैं कि आकर इस कांटों के जंगल को खत्म कर फूलों का ____ लगाओ। तुम बच्चे प्रैक्टिकल में जानते हो कैसे कांटों से फूलों का ____ लगता है। फूलों को देख बाप भी ____ होते हैं। यह भी कहते हैं ____ शिवबाबा है इसलिए उनको सौदागर, रत्नागर, जादूगर कहा जाता है।
° *बागवान*, कलम, सैपलिंग, खुश, भोलानाथ

4. भारत कितना ऊंच था! स्वर्ग था। उसकी *निशानियाँ* भी हैं। बाबा ने आज कौन-सी निशानी बतायी?
° *सोमनाथ का मन्दिर* कितना हीरे-जवाहरों से सजा हुआ था। जो ऊंट भरकर हीरे-जवाहर ले गये।

5. तुम्हारे में भी बहुत थोड़े हैं जो इन बातों का ____ करते हैं। समझने में भी बहुत बड़ी ____ चाहिए। मनुष्यों को बाप ही ____ -बुद्धि बनाते हैं। बच्चों को हरेक बात में ____ चलानी होती है। ऐसे नहीं, मुरली सुनी न सुनी। कोई तो सम्मुख मुरली सुनकर बहुत ____ होते हैं। मुरली के लिए ____ हैं।
° चिंतन, बुद्धि, पारस, बुद्धि, *गद्गद्*, भागते

6. ____ , ____ और ____ के आधार से प्रत्यक्षता करने वाले रमता योगी भव
° सत्यता, *स्वच्छता*, निर्भयता

7. जो बच्चे कहते बाबा *धारणा नहीं होती*, उन्हें बाबा क्या कहते?
° अरे *अल्फ और बे तो सहज है* ना। अल्फ बाप ही कहते हैं मुझ बाप को याद करो तो वर्सा मिल जायेगा। (इससे सभी धारणाएं भी होती जायेगी)

8. ड्रामा के ____ को भी कोई नहीं जानते हैं। यह नाटक है, सब ____ हैं। हम आत्मायें ऊपर से आती हैं, सबका अपना-अपना ____ है। अभी तुम बच्चे जानते हो हम ____ पर अपना राज्य स्थापन कर रहे हैं। तुम बच्चे जानते हो अभी यह दुनिया बदलनी जरूर है। उसके लिए तुम ____ कर रहे हो। जो करेगा सो पायेगा।
° *राज़*, पार्टधारी, पार्ट, श्रीमत, तैयारी

9. तुम बच्चों को एक तो अन्दर में ____ रहनी चाहिए और ____ भी धारण करने चाहिए। देवता बनने वाले बच्चे ____ बन अपने आपसे बातें करो कि जब हम देवता बनते हैं तो हमारी चलन कैसी होनी चाहिए? तुम देवता बनते हो, इसमें यह ____ चाहिए। जो जितनी जास्ती रखेंगे उतना तुम्हारा ____ होगा।
° *खुशी*, दैवीगुण, अन्तर्मुखी, परहेज, कल्याण

10. हम *देवता* बनते हैं, तो क्या नहीं कर सकते? _(4 स्थूल परहेज)_
° शराब नहीं पी सकते, बीड़ी नहीं पी सकते, विकार में नहीं जा सकते, पतित के हाथ का नहीं खा सकते।

11. साहूकार लोग खरीद करेंगे तो गरीब सुनेंगे। कितनों का ____ हो जायेगा। गरीब बच्चे भी अपना ____ बहुत ऊंचा बना सकते हैं। गरीब दो रूपया भी ____ कर देते हैं, बाबा इसकी एक ईट मकान में लगा देना। एक रूपया यज्ञ में डाल देना।
° कल्याण, *भाग्य*, मनीआर्डर

12. *बुद्धि में* कौन-सी एक बात रखनी हैं?
° सिवाए *बाप* के और कोई बात बुद्धि में नहीं आनी चाहिए। अच्छा!

Answers from Sakar Murli 09-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-06-2020*

1. जिनको भगवान पढ़ाते हैं उनको कितनी _____ होनी चाहिए! _____ पूछना हो तो बच्चों से पूछो। तुम प्रदर्शनी में अपना _____ बताते हो ना। परन्तु माया भुला देती है। नहीं तो वह _____ रहना चाहिए। _____ बाप शरीर में प्रवेश कर खास तुम बच्चों को पढ़ाते, अब बाप कहते हैं हे आत्मायें, बहुत _____ से समझाते हैं।
° खुशी, *अतीन्द्रिय सुख*, सुख, नशा, अशरीरी, प्यार

2. जितना-जितना श्रीमत पर चलेंगे उतना तुम _____ बनेंगे। तुम बच्चों में बातचीत करने की कितनी _____ होनी चाहिए। तुम _____ बनते हो ना। पढ़कर, चक्र बुद्धि में रखकर ___ धारण करने चाहिए। तुम बच्चे हो _____, तुम्हारे मुख से सदा ज्ञान रत्न ही निकलें, किचड़ा नहीं।
° श्रेष्ठ, *रॉयल्टी*, रॉयल, दैवीगुण, रूप-बसन्त

3. प्रकृति-साधनों से, अल्पज्ञ-स्थानों से, असत्य ठेकेदारों से थके-निराश-प्यासी आत्माओं को कौन-सी *यथार्थ बूँद* दिलानी है? कैसे?
° *आत्मिक परिचय, परमात्म परिचय की* यथार्थ बूँद भी तृप्त आत्मा बना देगी इसलिए ज्ञान कलष धारण कर प्यासों की प्यास बुझाओ। *अमृत कलष सदा साथ* रहे। अमर बनो और अमर बनाओ।

4. अभी बाबा आया हुआ है- _____ पवित्र बनाने के लिए। अभी तुम सांवरे से _____बन रहे हो। वहाँ शरीर भी _____ मिलेगा। बाप आकर फिर _____ बनाते हैं।
° *गुल-गुल*, गोरे, सुन्दर, फूल

5. अभी तुम सतयुगी _____ सिरताज राजाएं बनते हो। _____ ताज के लिए पवित्रता जरूर चाहिए। ऐसे बाप का कितना _____ रखना चाहिए। ऐसे बाबा पर तो _____ जायें। अब पुरुषार्थ से _____ आत्मा बनना है। अभी तुम्हारी _____ कला होती है। हर एक बच्चे को _____ रखना है कि हम भविष्य जीवन हीरे जैसा बनायें
° डबल, डबल, रिगार्ड, *कुर्बान*, पुण्य, चढ़ती, शौक

6. *कहाँ भी जाओ*, क्या याद रखना है?
° *सिर्फ दो अक्षर* याद करो। यह है महामंत्र। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो।

7. पुरुषार्थ कर पढ़ाने वाले से भी _____ जाना चाहिए। ऐसे भी हैं पढ़ाने वाले से पढ़ने वाले की _____ बहुत अच्छी रहती है।
° ऊंच, *अवस्था*

8. इस नॉलेज से तुम _____ के मालिक बनते हो। बाप कितना _____ हैं। ऐसी पढ़ाई तो कोई _____ पढ़ते हैं और फिर सर्टीफिकेट भी लेना है।
° कृष्णपुरी, श्रृंगारते, *सौभाग्यशाली*

9. हमें *फालो* किन्हें करना है?
° मदर *फादर* को। और जो ब्रदर्स अच्छी रीति पढ़ते पढ़ाते हैं।

10. _____ होने की कला को लक्ष्य बना लो तो सहज सम्पूर्ण बन जायेंगे।
° *एडॅजेस्ट*

11. कौन-सी *तात / ओना* लगा रहे?
° आत्मा को *सतोप्रधान* बनाना है-यही तात लगी रहे। बाप सिर्फ कहते हैं *मामेकम् याद* करो। बस यही ओना रखो। तुम भी कहते हो ना-बाबा हम पास होकर दिखायेंगे।

12. तुम सब _____ हो। राम आया हुआ है। सारी धरती एक टापू है, इस समय है ही _____ राज्य। बाप आकर इसे खलास कराये तुमको _____ का मालिक बनाते हैं।
° *सीतायें*, रावण, रामराज्य

13. *विकर्मों से बचने* के लिए क्या करना है?
° *बुद्धि की प्रीति एक बाप से ही* लगानी है। कोई देहधारी से नहीं। एक से बुद्धि का योग लगाना है। अन्त तक याद करना है तो फिर कोई विकर्म नहीं होगा।

14. कोई भी विघ्न को हम _____ देंगे, इतनी बहादुरी चाहिए। बहादुर कभी _____ नहीं करते। लड़ाई में _____ से जाते हैं। वारियर्स कभी कोई भी बात की _____ नहीं करते हैं।
° उड़ा, चूँ-चाँ, *खुशी*, परवाह

15. इन _____ से यह जो पुरानी दुनिया, मित्र-सम्बन्धी आदि देखते हो उनमें बुद्धि चली जाती है। अभी तुम बच्चों को बाप _____ नेत्र देते हैं।
° आंखों, *तीसरा*

16. कहते हैं बाबा *माया को बोलो-ऐसे पकड़े नहीं।* बाबा ने क्या उत्तर दिया?
° अरे, यह तो युद्ध का मैदान है ना। मैदान में ऐसे थोड़ेही कहेंगे इनको कहो हमको अंगूरी न लगावे। मैच में कहेंगे क्या हमको बाल नहीं देना। झट कह देंगे युद्ध के मैदान में आये हो तो लड़ो, तो माया खूब पछाड़ेगी। *तुम बहुत ऊंच पद पा सकते हो।* (अर्थात्‌ माया के तूफानों को न देख बाबा को याद कर पुराने संस्कारों पर विजयी बनना है)

Answers from Sakar Murli 08-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 08-06-2020*

1. सदा स्वयं को _____ रत्न समझ बापदादा के दिल की _____ में रहो अर्थात् सदा बाप की याद में समाये रहो तो किसी भी बात में मुश्किल का अनुभव नहीं करेंगे, सब बोझ समाप्त हो जायेंगे। जब भी कोई मुश्किल का अनुभव हो तो बाप के _____ बैठ जाओ और बापदादा के _____ का हाथ स्वयं पर अनुभव करो इससे सेकण्ड में सर्व समस्याओं का _____ मिल जायेगा।
° अमूल्य, डिब्बी, सामने, *वरदानों*, हल

2. जो *सुखी* हैं वह स्वर्ग में हैं, जो *दु:खी* हैं वह नर्क में हैं। _(सही / गलत)_
° *गलत* (स्वर्ग-नर्क का समय ही अलग-अलग होता)

3. जब अपने को देही समझें तब बाप में भी _____ जाए। नहीं तो देह के कर्मबन्धन में ही बुद्धि लटकी रहती है। मनुष्य से देवता बनने वाले बच्चों में _____ दिखाई देंगे। बाप की मत पर चलना है तब ही _____ जीवन बनेगी। बाप कहते हैं यह पढ़ाई भी पढ़ो, शरीर निर्वाह अर्थ भी सब कुछ करो। परन्तु _____ होकर रहो।
° *लव*, दिव्यगुण, श्रेष्ठ, ट्रस्टी

4. _____ की शक्ति असम्भव बात को भी सम्भव बना देती है, यही सेफ्टी का _____ है।
° *सहयोग*, किला

5. तुम अभी पुरूषोत्तम संगमयुग पर आ गये हो। _____ को भी अच्छी रीति याद करना है। हम _____ अर्थात् मनुष्य से देवता बन रहे हैं। अब अपने को _____ बनाने का ही फुरना लगा हुआ है।
° संगमयुग, *पुरूषोत्तम*, सतोप्रधान

6. बाप ने *श्याम और सुन्दर* का क्या राज़ बताया?
° तुम भी समझते हो अभी हम *सुन्दर बन रहे* हैं। पहले *श्याम थे*। (अर्थात्‌ पतित से पावन बन रहे हैं)

7. इस मुख _____ से सुनाते हैं। यह भगवान का लोन लिया हुआ मुख है ना, जिसको _____-मुख भी कहते हैं। बड़ी _____ है ना। इनके मुख से _____ के वर्शन्स निकलते हैं, न कि जल आदि।
° कमल, गऊ, माता, *ज्ञान*

8. ड्रामा प्लैन अनुसार _____ होनी ही है। बच्चे जानते हैं हमारी _____ गवर्मेंन्ट है। हम दिव्य _____ से नई दुनिया को देखते हैं। वहाँ ही जाना है।
° *स्थापना*, रूहानी, दृष्टि

9. तुम्हारे लिए यह *नई पढ़ाई* है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (तुम्हारे लिए यह कोई नई पढ़ाई नहीं है। तुम जानते हो कल्प-कल्प हम पढ़ते हैं।)

10. _____ का कीड़ा ऐसा लगा रहता है जो निकल न सके। यहाँ तो _____ बनना है। मेरा तो एक दूसरा न कोई। अब बाप आया है, लेने के लिए। _____ बनना है।
° मोह, नष्टोमोहा, *पावन*

11. यह है ही झगड़ों की दुनिया, _____ का जंगल है ना। एक-दो को काटते रहते हैं। स्वर्ग को कहा जाता है _____। बाप आकर _____ से _____ बनाते हैं।
° कांटों, *गार्डन*, कांटों, फूल

12. अगर कभी *क्रोध आ गया*, तो क्या करना है?
° झट बाप को लिखना (बताना), *बाबा आज हमसे यह भूल हो गई।* हमने क्रोध कर लिया, विकर्म कर लिया।

13. बाबा क्यों कहते कि *कोई विरले* ही निकलते हैं?
° क्योंकि प्रदर्शनी में भल हाँ हाँ करते हैं परन्तु समझते कुछ भी नहीं। एक कान से सुनते हैं और *दूसरे कान से निकाल देते* हैं।

14. तुम्हारी बुद्धि में यह _____ का ज्ञान ही रहना चाहिए। अभी और कोई में भी _____ नहीं डूबती है। अब तो अपने घर जाना है। बाप भी कहते हैं पुरानी दुनिया से _____ नहीं लगानी है। तुम सन्यास करते हो _____ से क्योंकि तुम जानते हो हमको अभी वापिस जाना है।
° *बेहद*, आंख, दिल, बुद्धि

15. जिन बच्चों को पुरानी दुनिया से बेहद का _____ होगा वह अपना सब कुछ बाप को अर्पण कर देंगे। हमारा कुछ नहीं। यह _____ भी नहीं। यह तो पुरानी है, इनको भी छोड़ना है, सबसे मोह टूटता जाता है। _____ हो जाना है। बुद्धि में है हम स्वर्ग में जाकर अपने _____ बनायेंगे।
° वैराग्य, *देह*, नष्टोमोहा, महल

Answers from Sakar Murli 06-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 06-06-2020*

1. बाप हमें ऐसे नये विश्व की राजाई देते हैं जिसे कोई भी छीन नहीं सकता-इस खुशी में _____ मारनी हैं। अब बाप कहते हैं मैं तुमको इन _____ जैसा बनाता हूँ। तुम अभी _____ बुद्धि बनते हो। तुम जानते हो हम _____ बनते हैं, फिर पुनर्जन्म लेते-लेते नीचे उतरते हैं।
° *खग्गियाँ*, लक्ष्मी-नारायण, स्वच्छ, ऊंच ते ऊंच

2. ऊंच ते ऊंच शिवबाबा और ब्रह्मा दोनों _____ हैं। वो पारलौकिक और यह अलौकिक। तुमको कोई _____ ज्ञान नहीं सुनाते हैं। बाप को तो _____ है नहीं। वह टीचर्स फिर भी सज़ा देते हैं, यह तो _____ देते रहते हैं। कहते हैं-मीठे बच्चे, बाप को याद करो, _____ बनना है। बाप की याद से तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे और तुम _____ का दाना बन जायेंगे। कितना सहज है।
° हाइएस्ट, देहधारी, देह, *पुचकार*, सतोप्रधान, विजय माला

3. कहते हैं-बाबा *योग टूट जाता* है। बाबा ने कौन-सा अनोखा उत्तर दिया?
° बाबा ने कहा है *योग अक्षर निकाल दो।* वह तो शास्त्रों का अक्षर है। बाप कहते हैं-मुझे *याद* करो।

4. एक के साथ सर्व _____ निभाने वाले सर्व किनारों से मुक्त सम्पूर्ण _____ भव।
° रिश्ता, *फरिश्ता*

5. *सबसे मुख्य पार्टधारी* कौन है?
° *परमपिता परमात्मा* (वही करनकरावनहार है)

6. बाप जब अपना परिचय बच्चों को देते हैं तो बच्चों को अपना _____ भी मिल जाता है। _____ हों तो बाप का यथार्थ परिचय हो।
° परिचय, *देही-अभिमानी*

7. अभी सृष्टि की भी उतरती कला है। _____ कला थी तो इन देवताओं का राज्य था, स्वर्ग था। अभी तुम फिर से _____ कर रहे हो-स्वर्गवासी बनने के लिए। _____- _____ करते रहते हो।
° चढ़ती, पुरूषार्थ, *बाबा-बाबा*

8. *ड्रामा* की कौन-कौन सी बाते बाबा ने सुनाई? _(5)_
° यह ड्रामा का खेल *जूँ मिसल* फिरता रहता है, जो कुछ होता है सब ड्रामा में नूंध है, कोई फिक्र की बात नहीं है।
° इतनी छोटी बिन्दी में इतना *पार्ट* भरा हुआ है।
° परमपिता परमात्मा कैसे पार्ट बजाते हैं, यह भी तुम जान गये हो। सबसे *मुख्य पार्टधारी* वह है, करनकरावनहार है ना।
° यह *खेल* है जीत-हार (सुख-दुःख) का
° यह सूर्य, चांद, स्टॉर्स आदि क्या हैं! यह सब *बत्तियां* हैं, जिसमें रात और दिन का खेल चलता है।

9. _____ ऐसा चुम्बक है जो ग्लानि करने वाले को भी समीप ले आता है।
° *स्नेह*

10. *गुरू* किसे कहेंगे?
° गुरू वह जो *सद्गति* दे। सद्गति दाता तो एक ही बाप है।

11. आत्मायें सभी _____ होम में रहती हैं। वहाँ से आती हैं पार्ट बजाने। सभी को पार्ट बजाना है। यह _____ है। घर का पता न होने के कारण भटकते हैं। अभी तुम भटकने से छूटे। बच्चों को मालूम पड़ गया है, अभी तुमको _____ घर जाना है।
° *स्वीट*, खेल, सचमुच

12. हर 5 हज़ार वर्ष बाद कल्प के _____ पर वह आते हैं, परन्तु कल्प की आयु लम्बी-चौड़ी कर देने से सब भूल गये हैं। तुम बच्चों को बाप बैठ समझाते हैं, तुम खुद कहते हो बाबा हम आपसे _____-_____ मिलते हैं और आपसे वर्सा लेते हैं
° संगम, *कल्प-कल्प*

13. *कुदरत* (वा वन्डर) किसे कहेंगे?
° अहम् आत्मा कितनी छोटी बिन्दी हैं। इतनी *छोटी बिन्दी में इतना पार्ट* भरा हुआ है।

14. बाप कहते हैं तुम हमारे बच्चे हो नानवायोलेन्स, डबल _____। अभी तुम _____ बन रहे हो। तुम ही बाप से कल्प-कल्प वर्सा लेते हो। इसमें कुछ भी _____ की बात नहीं। नॉलेज बड़ी सहज है। कल्प-कल्प तुमको कहता हूँ – _____ याद करो। _____ एक ही बाप को कहते हैं, वह सबको वापिस ले जाने वाला है। _____ हो गया फिर कोई भी बात में प्रश्न आदि उठ नहीं सकता। कच्ची अवस्था होने के कारण ही _____ उठता है।
° अहिंसक, निर्विकारी, तकलीफ, *मामेकम्*, पतित-पावन, निश्चय, संशय

15. धन को *माया* कहेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत*… माया तो रावण (5 विकार) है। धन को सम्पत्ति कहा जाता। धन को माया नहीं कहेंगे।

16. स्वर्ग की _____ देने वाला बाप है उनको भी सर्वव्यापी कह देते हैं। महाभारत लड़ाई थोड़ी भी शुरू हुई तो मर जायेंगे। तुम तो जीते हो ना। तुम _____ होकर अमरलोक में जाते हो, इस पढ़ाई की _____ से। पढ़ाई को _____ कहा जाता है।
° बादशाही, *ट्रांसफर*, ताकत, सोर्स ऑफ इनकम

Answers from Sakar Murli 05-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 05-06-2020*

1. सदा हर्षित रहने के लिए _____ की सीट पर _____ बनकर हर खेल देखो।
° *साक्षीपन*, दृष्टा

2. सतयुग में तो एक _____ की ही मत चलती है, वजीर नहीं होते। इतनी _____ रहती है। अभी तुम वह ले रहे हो, 21 जन्म _____ राजाई करते हो।
° महाराजा, *ताकत*, इन्डिपेन्डेन्ट

3. कितना खरीद करते हैं, पुरानी चीज़ की बहुत वैल्यु करते हैं। *सबसे वैल्युबुल कौन* है?
° *शिवबाबा*

4. तुम जानते हो अभी हम इस पुराने शरीर को छोड़ _____ बनेंगे। सारा भारत _____ बनेगा। यहाँ तो तुमको _____ की हिस्ट्री-जॉग्राफी बुद्धि में है। _____ ही नॉलेजफुल है। यह सृष्टि का चक्र कैसे फिरता है, बाप ही समझाते हैं। बने-बनाये _____ को न जानने के कारण मनुष्य कह देते हैं-फलाना निर्वाण गया या ज्योति ज्योत समाया।
° स्वर्गवासी, *स्वर्गवासी*, बेहद, बाप, ड्रामा

5. *संगमयुग* पर किसे कहेंगे? *ईश्वरीय परिवार* में कौन कहेंगे?
° जो-जो बाप को *याद* करते हैं, बाप की *श्रीमत* पर चलते हैं, वह संगमयुग पर हैं। बाकी कलियुग में हैं।
° अपने को *आत्मा* समझ बाप की *याद* में रहते हो तो तुम ईश्वरीय परिवार के हो।

6. मनुष्य से देवता तो जरूर _____ पर बने होंगे। बाप बच्चों को सब _____ समझाते हैं। यह _____ और कोई जगह मिल न सके। अभी तुम बच्चों को _____ मिली है-कैसे सुखधाम बदल कर फिर माया का राज्य वा दु:खधाम बनता है। बाप ने सहज _____ सिखलाए यहाँ ही राजाई स्थापन की
° संगम, राज़, पढ़ाई, दृष्टि, *राजयोग*

7. बच्चों को नयन मिले हैं, पहले नहीं थे, *कौन से नयन?*
° *ज्ञान के* नयन

8. _____ का चित्र पॉकेट में डाल दो। _____ तो सदा लगा रहे। _____ भी हो। यह तो हम सबको देते हैं _____ के लिए। बोलो, हम अपना _____ भारत की सेवा में खर्च करते हैं। तुम्हारी रसम-रिवाज दुनिया से बिल्कुल _____ होनी चाहिए। _____ होनी चाहिए।
° त्रिमूर्ति, बैज़, लिटरेचर, *कल्याण*, तन-मन-धन, न्यारी, रॉयल्टी

9. *विजय माला* में आने लिए क्या करना है?
° जैसे 8 घण्टे सरकारी नौकरी होती है ना। अभी तुम बेहद की सरकार के मददगार हो। तुमको कम से कम 8 घण्टा पुरूषार्थ कर याद में रहना है। यह अवस्था तुम्हारी ऐसी पक्की हो जायेगी जो कोई की भी याद नहीं आयेगी। *बाप की याद में ही शरीर छोड़ेंगे।* फिर वही विजय माला के दाने बनेंगे।

10. जैसे 8 घण्टे सरकारी नौकरी होती है ना। अभी तुम बेहद की _____ के मददगार हो। तुमको कम से कम _____ घण्टा पुरूषार्थ कर याद में रहना है। यह भी बाबा जानते हैं तुम सारा दिन इस याद में रह नहीं सकेंगे, इम्पॉसिबुल है इसलिए _____ रखो, देखो हम कहाँ तक याद में रह सकते हैं?
° सरकार, 8, *चार्ट*

11. *आत्मा* के सन्दर्भ में बाबा ने क्या-क्या बताया? _(4)_
° बाप समझाते हैं मनुष्य की आत्मा *एक शरीर छोड़ दूसरा* लेती है, कितना बड़ा ड्रामा है। सबमें आत्मा है, उस आत्मा में *अविनाशी पार्ट* भरा हुआ है
° पहले-पहले तो अपने को आत्मा समझो, आत्मा ही एक शरीर छोड़ दूसरा लेती है। शरीर पर ही भिन्न-भिन्न नाम पड़ते हैं। नाम, रूप, फीचर्स सब भिन्न-भिन्न हैं। एक के फीचर्स दूसरे से न मिलें। हर एक आत्मा के जन्म-जन्मान्तर के अपने *फीचर्स* हैं।
° आत्मा इतनी छोटी बिन्दी है, यह किसको भी समझ में नहीं आता। *अति सूक्ष्म* रूप है। बाप ही समझाते हैं इतनी छोटी बिन्दी में इतना पार्ट नूँधा हुआ है, यह ड्रामा रिपीट होता रहता।

12. बेगर टू प्रिन्स का पार्ट प्रैक्टिकल में बजाने वाले _____ वा श्रेष्ठ _____ आत्मा भव। जैसे भविष्य में विश्व महाराजन _____ होंगे। ऐसे अभी से _____ के संस्कार इमर्ज करो। किसी से कोई सैलवेशन लेने की इच्छा से _____। वही _____ मूर्त है।
° त्यागी, *भाग्यशाली*, दाता, दातापन, बेगर, सम्पन्न

13. *ज्ञान-विज्ञान* किसे कहेंगे?
° *योग* से होती है हेल्थ, जिसको विज्ञान कहा जाता है।
° और यह है ज्ञान, जिसमें *वर्ल्ड की हिस्ट्री-जॉग्राफी* समझाई जाती है।

14. बाप ने समझाया है इन लक्ष्मी-नारायण की _____ वश कैसे हुई। यह _____ निर्विकारी थे। अभी तुम बच्चों को यह बनने की _____ मिल रही है। तुम जानते हो अभी हमारी _____ स्थापना हुई थोड़ेही है।
° *कर्मेन्द्रियाँ*, सम्पूर्ण, शिक्षा, पूरी

15. हमारी *पूजा* क्यों होती?
° तुम बच्चों ने ही बाप से *राजयोग सीख सारे विश्व को स्वर्ग बनाया* है इसलिए तुमको पूजा जाता है।

16. बाप भी आकर एडाप्ट करते हैं। कहते हैं मैं इनमें _____ कर बच्चों को नॉलेज सुनाता हूँ, इन द्वारा बच्चों को _____ हूँ। बाप भी है, _____ भी है।
° प्रवेश, रचता, *फैमिली*

17. रूहानी बाप ज्ञान *कब* आकर देते हैं?
° *जबकि सर्व की सद्गति होती* है। पुरानी दुनिया बदलनी होती है। मनुष्य से देवता बनते हैं फिर सारी सृष्टि पर एक ही राज्य होता है देवी-देवताओं का, जिसको ही स्वर्ग कहते हैं।

Answers from Sakar Murli 04-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 04-06-2020*

1. सबसे बड़ा *शान* क्या है?
° *सदा खुश* रहना और खुशी बांटना

2. शिवबाबा तुमको कहते हैं मुझे याद करो, *किसको* कहा?
° मुझ *आत्मा को* कहा। बाप आत्माओं से ही बात करते हैं।

3. तुम जब वहाँ से मधुबन आते हो तो पहले जरूर अपने को _____ समझते हो। तुम घर से निकलते हो तो समझते हो हम _____ के पास जाते हैं। तुम बच्चों को यह पक्का _____ रहना चाहिए कि बेहद का बाप हमको विश्व का मालिक बनाते हैं। अब बाप कहते हैं सिकीलधे बच्चे, तुम भी कहते हो कितना _____ बाप है।
° आत्मा, बापदादा, *निश्चय*, सिकीलधा

4. पुरूषार्थ बड़ा या प्रालब्ध बड़ी?
° पुरूषार्थ बड़ा क्योंकि *पुरूषार्थ की ही प्रालब्ध बनेगी।*

5. *याद* में कब-कब रह सकते? _(5)_
° जब चाहे, कर्म करते, खाना खाकर चक्र लगाए, घूमते फिरते, कुछ भी देखते

6. तुम खुशी में रहते, यह भी जानते हो बाप की याद भी _____ ठहरेगी। हम _____ हैं-यही भूल जाते फिर देह-अभिमान में आ जाते। यहाँ बैठे भी कोशिश करके अपने को _____ निश्चय करो। तो बाप की याद भी रहेगी। देह में आने से देह के सब सम्बन्ध याद आयेंगे। यह एक लॉ है। तुम गाते भी हो मेरा तो एक दूसरा न कोई। बाबा हम बलिहार जायेंगे। वह अभी ही _____ है, एक को ही याद करना है। बड़ी जबरदस्त मंजिल है, तब बाबा कहते हैं अपनी जांच करो। यह तुम्हारा मोस्ट वैल्युबुल _____ है। तो अपने को देखना चाहिए-हमने कितना शिवबाबा को याद किया? नहीं तो चार्ट में _____ पड़ जायेगा। बाप कहते हैं मेरी याद में रहो तो तुम्हारे _____ के पाप मिट जाएं।
° *पक्की*, आत्मा, आत्मा, समय, टाइम, रोला, जन्म-जन्मान्तर

7. बाबा ने *बेहद* की कौन-सी 5 बातें बताई?
बेहद *पवित्रता* अर्थात् क्या?
बेहद वैराग्य में कौन-सी 3 बातें आती?
° बेहद का बाप, वर्सा, पवित्रता, वैराग्य, संन्यास
° बेहद पवित्रता अर्थात्‌ सिवाए एक बेहद के बाप के और कोई की *याद* न आये।
° वैराग्य है पुरानी दुनिया, सम्बन्ध, वा जो कुछ दिखता उससे

8. हम *चैतन्य लाइट हाउस* कैसे है?
° तुम बच्चे इस समय चैतन्य लाइट हाउस हो, एक आंख में मुक्तिधाम, दूसरी आंख में जीवनमुक्तिधाम। तुम्हें ज्ञान का नेत्र मिला है। तुम *ज्ञानवान बन सबको रास्ता दिखाते* हो।

9. आने वाले विघ्नों में थकने वा दिलशिकस्त होने के बजाए सेकण्ड में स्वयं के _____ स्वरूप और निमित्त भाव के _____ स्वरूप द्वारा सेकण्ड में हाई जम्प दो। थोड़ी सी _____ के कारण सहज मार्ग को मुश्किल नहीं बनाओ। अपने जीवन की भविष्य श्रेष्ठ मंजिल को स्पष्ट देखते हुए _____ बनो। जिस नज़र से बापदादा वा विश्व आपको देख रही है उसी श्रेष्ठ _____ में सदा स्थित रहो।
° आत्मिक ज्योति, डबल लाइट, विस्मृति, तीव्र पुरूषार्थी, *स्वरूप*

10. *स्वर्ग का पासपोर्ट* किन बच्चों को मिलता?
° जो याद में रह अपने विकर्मों को विनाश कर *कर्मातीत* अवस्था को पाते हैं।

11. किस बात में *पाई का भी संशय नहीं?*
° नई दुनिया सतयुग था, क्राइस्ट से 3 हज़ार वर्ष पहले स्वर्ग था फिर अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है। आगे चल समझेंगे-तुम जानते हो *स्थापना जरूर होनी है।*

12. खुद आकर कहते हैं बच्चों-हम पहले तुमको _____ ले जाऊंगा। मालिक है ना। फिर आयेंगे _____ में पार्ट बजाने। _____ बनने लिए भी सिवाए बाप के और कोई पुरूषार्थ करा न सके।
° शान्तिधाम, सुखधाम, *स्वर्गवासी* (21 जन्मों के लिए)

13. *ज्ञान* क्या है? *रूद्र माला* में कौन-कौन हैं?
° ज्ञान है पढ़ाई जिससे तुम जान गये हो कि हम *आत्मा* हैं, वह *परमपिता परमात्मा* है।
° बाप कहते हैं इतने करोड़ (सभी) आत्माओं की मेरी माला है।

14. बाबा ने आज कौन-सी *राय*, वा *पुरुषार्थ की युक्ति* दी?
° अपने *ताज व तख्त का फोटो अपने पॉकेट में* रख दो तो याद रहेगी। इनसे हम यह बनते हैं। जितना देखेंगे उतना याद करेंगे। फिर उसमें ही मोह लग जायेगा। हम यह बन रहे हैं-नर से नारायण, चित्र देखकर खुशी होगी। शिवबाबा याद आयेगा। यह सब पुरूषार्थ की युक्तियां हैं।

15. तुम _____ बनकर विष्णुपुरी में आते हो। यह है नई बात। सबको रास्ता बताना है, तुम्हारा _____ है। तुम कोई _____ में नहीं फँसाते हो। कहा भी जाता है _____ ड्रामा है।
° *स्वदर्शन चक्रधारी*, फ़र्ज, देहधारी, बना बनाया

16. *साक्षात्कार* किन्हें होंगे?
° यह भी बाप समझाते हैं-अच्छी रीति बाप की याद में रह सर्विस करेंगे तो आगे चल तुमको साक्षात्कार भी होते रहेंगे।

17. *सखी से प्रीत* हो जाने से क्या होता? _(4)_
° फिर उनकी याद ठहर जाती है। फिर वह *रग* टूटने में बड़ी मुश्किलात होती है।
° पूछते हैं बाबा यह क्या है! अरे, तुम *नाम-रूप* में क्यों फँसते हो।
° एक तो तुम *देह-अभिमानी* बनते हो
° दूसरा फिर तुम्हारा कोई पास्ट का *हिसाब-किताब* है, वह धोखा देता है।

18. कलियुग में सब हैं कनिष्ट पुरूष, जो _____ पुरूष लक्ष्मी-नारायण को नमन करते हैं। भक्ति मार्ग में जो जिसमें जैसी भावना रखते हैं, उसका साक्षात्कार होता है। अभी तुम्हारी _____ सबसे ऊंच ते ऊंच बाप में है। दुनिया को तो कुछ भी पता नहीं है। ऐसे ही मुख से सिर्फ कह देते हैं-इसको कहा जाता है _____। यह है तुम्हारा _____।
° *उत्तम*, भावना, थ्योरीटिकल, प्रैक्टिकल

Answers from Sakar Murli 30-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 30-06-2020*

1. जो नॉलेज बाप के पास है वह बच्चों की बुद्धि में _____ है। यह कितनी _______ बातें हैं। बुढ़ियों आदि के लिए भी बहुत ______ कर समझाते हैं। अपने को आत्मा समझ बाप को याद करो। बाप समझा रहे हैं कि अपनी ______ को योगबल से पवित्र बनाओअ। पने सिर से बोझा उतारना है, सिर्फ याद चाहिए और कोई _______ बाप नहीं दते हैं। जानते हैं आधाकल्प से बच्चों ने ______देखी है इसलिए अभी आया हूँ, तुमको सहज रास्ता बताने – वर्सा लेने का। बाप को सिर्फ याद करो।
°टपकती, मीठी-मीठी, सहज, आत्मा, तकलीफ, तकलीफ,

2. सतयुग को *अमरलोक* क्यों कहते? *पावन दुनियायें* कितनी है?
° वहाँ *अकाले मृत्यु* कोई होती नहीं इसलिए उनको अमरलोक कहा जाता है।
° तुम बच्चे जानते हो पावन दुनियायें हैं *दो* – मुक्ति और जीवनमुक्ति।

3. _______ को छोड़ साधारण संकल्प करना अर्थात् धरनी में पांव रखना।
°दिलतख्त

4. राजयोग में *अपने को आत्मा समझना* क्यों जरूरी है?
° अपने को जब आत्मा निश्चय करें *तब बाप को भी जान सकें* । आत्मा को ही नहीं पहचानते हैं इसलिए बाप को भी पूरा जान नहीं सकते।

5. मीठे बच्चे-तुम अभी पुजारी से _____ बन रहे हो, _______ बाप आये हैं तुम्हें आप समान _______ बनाने”
°पूज्य, पूज्य, पूज्य

6. मनुष्य भी ओम् शान्ति कहते, लेकिन (आत्मा के बारे में) क्या-क्या नहीं जानते? (4)
° मैं कौन हूँ?
° कहाँ से आया हूँ!
° आत्मा का सम्बंध किनके साथ है? (फादर है परमात्मा। तो आत्मायें आपस में ब्रदर्स हो गई।)
° मैं आत्मा बिन्दी हूँ (84 का पार्ट भरा हुआ)

7. यहां का *आत्म-अभिमानी* बनने का अभ्यास वहां (सतयुग) में कैसे कार्य करता? (2)
° वहाँ यह नॉलेज (समझ) रहती है, हम आत्मा हैं यह *पुराना शरीर छोड़ दूसरा लेते* हैं। आत्मा की पहचान साथ में ले जाते।
° उस समय तो *प्रैक्टिकल* में आत्म-अभिमानी रहते हो। आत्मा कहेगी हमारा यह शरीर बूढ़ा हुआ है, यह छोड़ नया लेंगे। दु:ख की बात ही नहीं।

8. _______ की स्टेज द्वारा आपदाओं में भी _______ का अनुभव करने वाले सम्पूर्ण योगी भव। दु:ख-सुख की नॉलेज होते हुए भी उसके प्रभाव में न आयें, दु:ख को भी बलिहारी ______ के दिन आने की समझें-तब कहेंगे सम्पूर्ण योगी।
°मास्टर रचयिता, मनोरंजन, सुख

9. तुम बच्चों की दिल में जंचता है कि बरोबर बाबा हम आत्माओं को _____ ज्ञान दे रहे हैं। हम स्वर्गवासी बनने के लिए पढ़ रहे हैं। यह _____ स्थाई रहनी चाहिए, जब तक स्टडी पूरी हो।
°सच्चा, खुशी

10. भक्ति में भगवान् को याद करने और अभी की याद में क्या *अन्तर* है? याद से संबंधित कौन-से *2 प्रश्न* स्वयं से पूछने है?
° भल याद तो आगे भी करते थे परन्तु कोई *ज्ञान* (परमात्मा का सत्य परिचय) नहीं था, अभी बाप ने ज्ञान दिया है कि इस रीति मुझे याद करने से तुम्हारे विकर्म विनाश होंगे।
° अपने को देखना है- *कितना समय* हम याद में रहते हैं और *कितनों को* याद दिलाते हैं?

11. कल्प-कल्प इस ______ रथ पर आते हैं। तुम जानते हो कि यह वही है जिसको ________ कहते हैं।
°भाग्यशाली, श्याम सुन्दर

12. तुम बच्चों को बीमारी आदि में भी *पुराने शरीर से कभी तंग नहीं* होना है-क्यों?
° क्योंकि तुम समझते हो इस शरीर में ही जी करके *बाप से वर्सा* पाना है।

13. दैवीगुण धारण करने के लिए भी _____ मिलती रहती है। अपनी जांच करने के लिए ______ हो देखना चाहिए कि कहाँ तक हम पुरूषार्थ करते हैं।
°सावधानी, साक्षी

14. हमारी *कर्मातीत अवस्था* हो गई है। _(सही / गलत)_
° *गलत* (धीरे-धीरे पिछाड़ी में कर्मातीत अवस्था होनी है। इस समय किसकी कर्मातीत अवस्था होना असम्भव है। कर्मातीत अवस्था हो जाए फिर तो यह शरीर भी न रहे, इनको छोड़ना पड़े।)

Answers from Sakar Murli 29-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 29-06-2020*

1. _____ को बचाओ तो समय, बोल सब स्वत: बच जायेंगे।
°संकल्पों

2. तुम पुरूषार्थ कर इन्डिपेन्डेन्ट _____ बन जाते हो। स्टूडेन्ट इम्तहान पास करते हैं तो उनको कितनी ______ होती है। तुमको तो हजार बार जास्ती ________ सुख होना चाहिए। हम सारे विश्व के मालिक बनते हैं। यह ______ तुमको बहुत होना चाहिए। हम बाप के पास जाते हैं, जिनसे बेहद का वर्सा मिलता है। वह हमारा बाप टीचर भी है
°पवित्र, खुशी, अतीन्द्रिय, नशा

3. सतयुग की कौन-सी बातें आज बाबा ने सुनाई?
° नई दुनिया-स्वर्ग-अमरलोक में हम प्रिंस बनने वाले है ( *गोल्डन स्पून इन माउथ* , योगबल की रचना)
° वह है ही *हर्षित रहने वालो की दुनिया* , सच्चे महान् आत्मायें, एक ही देवताओं का कुल

4. भविष्य ऊंच घराने में आने का आधार है _____ , जिससे ही तुम बेगर टू प्रिन्स बन सकते हो।
°पढ़ाई

5. तुम _______ पाण्डव हो, पाण्डव अर्थात् पण्डे। वो हैं जिस्मानी पण्डे। तुम ब्राह्मण हो ______ पण्डे।
°सच्चे-सच्चे, रूहानी

6. श्री श्री शिवबाबा ने आज कौन-सी *2 मुख्य श्रीमत* सुनाई?
° अपने को *आत्मा समझो और बाप को याद करो*, यह बाप ने खास फ़रमान किया है
° वह बहुत ऊंच ते ऊंच है, उनकी मत पर चलना है। काम महाशत्रु है। यह आदि-मध्य-अन्त दु:ख देने वाला है। उस भूत के वश मत हो। *पवित्र बनो* । बुलाते भी हैं हे पतित-पावन।

7. तुमको अभी ______ बनना है। गृहस्थ व्यवहार में रहते।
°देही-अभिमानी

8. तुम बच्चों को अभी बड़ी ______ मिलती है, राज्य करने की। जो कोई जीत पा न सके। तुम कितने सुखी बनते हो। तो इस पढ़ाई पर कितना _____ देना चाहिए। हमको बादशाही मिलती है।
°ताकत, अटेन्शन

9. परमात्मा *कब्र से जगाते* । इसका अर्थ क्या है? जो जगे हुए है, उनकी निशानी क्या है?
° बाबा आया हुआ है-सर्व की सद्गति करने। सबको जगाने आये हैं। कोई कब्र थोड़ेही है। परन्तु *घोर अन्धियारे में पड़े हैं, उनको जगाने आते* हैं।
° जो बच्चे घोर नींद से जग जाते हैं उनके अन्दर *खुशी बहुत होती* है, हम शिवबाबा के बच्चे हैं, कोई किस्म का फिक्र नहीं है। बाप हमको विश्व का मालिक बनाते हैं। रोने का नाम नहीं।

10. जो _____ बनकर चलते हैं वही निर्बन्धन हैं यदि कोई भी मेरापन है तो पिंजड़े में बंद हैं। अभी पिंजड़े की मैना से ______ बन गये इसलिए कहाँ जरा भी बंधन न हो, मन का भी बंधन नहीं। सब प्रकार के बंधन समाप्त, सदा _______ स्थिति का अनुभव होता रहे।
°ट्रस्टी, फरिश्ते, जीवनमुक्त

11. जिसने *थोड़ा भी ज्ञान* सुना, तो ऊँच पद पा लेंगे। _(सही / गलत)_
° *गलत* (जिसने थोड़ा भी ज्ञान सुना, तो प्रजा में आ जायेंगे। ज्ञान का विनाश नहीं होता है। बाकी जो यथार्थ जान पुरूषार्थ करते हैं वही ऊंच पद पाते।)

12. *ब्राह्मणि से न भी बने*, फिर भी एक बात का सदा ध्यान रहे… कौन-सी बात?
° ब्राह्मणी से नहीं बनती है, बाप से रूठते हैं, अरे तुम *बाप से बुद्धि का योग* लगाओ ना। उनको तो *प्यार से याद* करो। बाबा बस आपको ही याद करते-करते हम घर आ जायेंगे।

Answers from Sakar Murli 25-06-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-06-2020*

1. तुम बच्चे भी मददगार बनते हो। जो *बहुत मदद* करेंगे, उनका क्या होगा?
° वह *विजय माला* के दाने बन जाते।

2. तुम बच्चों को बड़ा _______ वर्सा मिलता है। तुम्हें इस पढ़ाई में बहुत ______ होनी चाहिए। बाप की याद से बाप की ______ भी याद आयेगी। सेकण्ड में सारे ड्रामा का ज्ञान _____ में आ जाता है। यह ‘ _______ ‘ अक्षर सिर्फ तुम सुनते हो।
°भारी, खुशी, प्रापर्टी, बुद्धि, फिर से

3. बाप समान विश्व कल्याणकारी बनने के लिए संकल्प रूपी बीज में कौन-से *3 प्रकार की शुभ भावना* होनी चाहिए?
° हर आत्मा के प्रति, प्रकृति के प्रति शुभ भावना वाला हो।
° सर्व को *बाप समान* बनाने की भावना,
° *निर्बल को बलवान* बनाने की भावना,
° *दु:खी अशान्त आत्मा को सदा सुखी शान्त* बनाने की भावना।

4. बाप कितना ______ है, उनको पतियों का ______ भी कहते हैं। सारी दुनिया आशिक है एक ______ की। परमात्मा को सब ______ – पिता भी कहते हैं। बच्चे जानते हैं यहाँ हम ______ टीचर के पास आये हैं। जिससे ही फिर यह टीचर्स निकले हैं जिनको ______ कहते हैं।
°मीठा, पति, माशूक, परम, बड़े ते बड़े, पण्डे

5. *वृक्षपति वार* (बृहस्पति डे) के टॉपिक पर बाबा ने क्या सुनाया? _(3)_
° तुम *हर हफ्ते* बृहस्पति डे मनाते हो।
° वृक्षपति अथवा इस मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ का जो *बीजरूप* है, *चैतन्य* है, वही इस झाड़ के आदि-मध्य-अन्त को जानते हैं, और जो भी वृक्ष हैं वह सब जड़ होते हैं। यह है चैतन्य।
° इनको कहा जाता है *कल्पवृक्ष* । इनकी आयु है 5 हज़ार वर्ष और यह वृक्ष 4 भाग में है। हर चीज़ 4 भाग में होती है। यह दुनिया भी 4 भाग में है।

6. विश्व में ______ सिवाए परमपिता परमात्मा के कोई कर न सके। 100 परसेन्ट ____________ 5 हज़ार वर्ष पहले मुआफिफक ड्रामा अनुसार स्थापन कर रहे हैं।
°शान्ति, पवित्रता-सुख-शान्ति

7. यह तो एक ही मेहनत है-सिर्फ याद की। यह बहुत *सहज ते सहज* है, बहुत डिफीकल्ट ते डिफीकल्ट भी है। सहज कैसे है?
° बाप को याद करना-इससे सहज कोई बात होती नहीं। *बच्चा पैदा हुआ और मुख से बाबा-बाबा निकलेगा* ।

8. अभी बाप तुमको _______ दे रहे हैं कि मामेकम् याद करो तो विकर्म विनाश होंगे। बाप से मिलने आओ तो भी अपने को ________ समझो। _______भव। यह है ___________ कुटुम्ब।
°श्रीमत, आत्मा, आत्म-अभिमानी, ईश्वरीय

9. माया के *झमेलों* से घबराने के बजाए क्या करना है?
° परमात्म *मेले* की मौज मनाते रहो।

10. सच्चा-सच्चा _______ सोशल वर्कर बनना है। ________ पढ़ाई पढ़नी और पढ़ानी है। तुम्हारा पिछाड़ी में बहुत _______ निकलने का है। गाया भी जाता है अहो _______ तेरी लीला।
°रूहानी, रूहानी, प्रभाव, प्रभू

11. *अक्लमंद बच्चे* की कौन-सी 2 निशानीयां बाबा ने बतायी?
° वह सहज ही सब बातों को *समझकर दूसरों को पढ़ाने* लग पड़ेंगे।
° वह फौरन निर्णय लेंगे कि उस पढ़ाई से क्या मिलता है और *इस पढ़ाई से क्या मिलता है*। क्या (ज्यादा) पढ़ना चाहिए।

12. कोई भी *बन्धन से मुक्त* होने की कौन-सी विधि बाबा ने सुनाई?
° *याद से ही बल* आता जायेगा। माया बलवान की ताकत कम होती जायेगी। फिर तुम छूट जायेंगे।

13. दूध की भी नदियां बहेंगी। विष्णु को ______ में दिखाते हैं, लक्ष्मी-नारायण है ________ । उनका फिर नेपाल तरफ पशुपति नाम रख दिया है। है एक ही विष्णु के दो रूप। वास्तव में तुम बच्चे ही सच्चे-सच्चे महावीर ______ हो क्योंकि तुम योग में इतना रहते हो जो माया के भल कितने भी तूफान आयें लेकिन तुम्हें हिला नहीं सकते। तुम ______ के बच्चे _______ बने हो क्योंकि तुम माया पर जीत पाते हो। 5 विकार रूपी रावण पर हर एक जीत पाते हैं।
°क्षीरसागर, पारसनाथ, हनूमान, महावीर, महावीर