Answers from Sakar Murli 27-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 27-02-2021*

1. रॉयल वह है जो अपने हर्षितमुख द्वारा _____ की रायॅल्टी का अनुभव कराये।
° _प्योरिटी_

2. जो _____ कुल वाले होते वह कभी धरती-मिट्टी पर पांव नहीं रखते। यहाँ _____ मिट्टी है, इसमें नीचे नहीं आओ, दूर रहो। सदा स्मृति रहे कि ऊंचे से ऊंचे बाप के रॉयल फैमिली के, _____ स्टेज वाले बच्चे हैं तो नीचे नज़र नहीं आयेगी। सदैव अपने को _____ -मूर्त देखते हुए ऊंची स्टेज पर स्थित रहो। _____ को देखते खत्म करते जाओ,उसे बार-बार सोचेंगे तो रह जायेगी।
° _रॉयल_, _देह-अभिमान_, _ऊंची_, _गुण_, _कमी_

3. बेहद का बाप आकर जो पतित भ्रष्टाचारी बन गये हैं उन्हों को ________ बनाते हैं। 5000 वर्ष पहले सतयुग में ________ लक्ष्मी-नारायण का एक राज्य था। बाप समझाते तुम ________ डिनायस्टी के थे। सूर्यवंशी-चन्द्रवंशी दोनों को मिलाकर कहते ________ धर्म, डीटीज्म, डीटी वर्ल्ड। वहाँ (शुरू में ) ________ लाख गाये जाते।
° _पुरूषोत्तम_, _श्री_, _सूर्यवंशी_, _देवी-देवता_, _9_

4. तुम बच्चों को आज से 5000 वर्ष पहले बहुत ________ बनाया था, इतना धन कहाँ गँवाया? तुम्हारे जैसा ________ किसको भी मिल नहीं सकता। तुम सारे विश्व के ________ थे, धरती आसमान सब तुम्हारे। भारत हेविन था, भारत की बहुत महिमा थी, ________ के महल थे। भारत ही सबसे ऊंच ते ऊंच खण्ड, सभी का ________ है, क्योंकि पतित-पावन बाप का जन्म स्थान है।
° _साहूकार_, _सुख_, _मालिक_, _हीरे-सोने_, _तीर्थ_

5. अब बेहद बाप आये हैं तुम बच्चों को बेहद वर्सा देने, 21 जन्म तो तुम ________ -धाम में थे, फूलों का बगीचा।। सद्गति के लिए तीसरा नेत्र देते, बाप ही कल्प-कल्प भारत में आकर भारत को ________ बनाते, कलियुग बाद सतयुग। बापू जी भी कहते थे ________ -राज्य चाहिए, गृहस्थ धर्म पावन, अमरलोक। भक्ति है रात, ज्ञान है ________, शिवबाबा आते जब रात्रि होती। भारत शिवबाबा का स्थापन किया ________ -लय था, वहाँ पवित्रता थी, उस नई दुनिया में देवी-देवतायें राज्य करते थे, ________ आत्माओं की दुनिया।
° _सुख_, _स्वर्ग_, _राम_, _दिन_, _शिवा_, _पुण्य_

6. परमपिता परमात्मा ही ज्ञान सागर है, वही तुम्हें यह ________ नॉलेज दे सकते। अब बाप कहते – ________ -अभिमानी बनो। मुझ अपने परमपिता परमात्मा शिव को ________ करो। याद से ही ________ -प्रधान बनेंगे। तुम यहाँ आते ही हो मनुष्य से देवता अथवा पतित से ________ बनने। कोई भी ________ -धारी को याद नहीं करो।
° _स्प्रीचुअल_, _आत्म_, _याद_, _सतो_, _पावन_, _देह_

7. रूहानी बाप को रूहानी बच्चों ने कहा हे बाबा। कौन सा पिता? ________ -पिता, लौकिक बाप के बच्चे भी उस ________ -लौकिक बाप को पुकारते। अच्छा बाबा का नाम? शिव। वह तो ________ है। उनको कहा जाता ________ फादर। पुकारते हैं ओ ________ फादर हम नयनहीन को नयन दो तो हम अपने बाप को पहचानें। ________ -पावन सर्व का सद्गति दाता एक ही बाप को कहा जाता, न कि नदियों को।
° _परम_, _पार_, _निराकार_, _सुप्रीम_, _गॉड_, _पतित_

8. बाप ही आकर सबको शोक वाटिका के दुःखों से ________ करते। बाप समझाते तुम असुल ________ -धाम के रहने वाले हो, यहाँ 84 जन्मों का पार्ट बजाते। बाप तुम ________ से बात कर रहे। यह सृष्टि चक्र को भी समझना है, बाप कहते मैं आकर तुमको ब्रह्मा द्वारा यथार्थ ________ सुनाता। पुकारते भी हैं, हमको सुखधाम, शान्तिधाम का ________ बताओ।
° _लिबरेट_, _शान्ति_, _बच्चों (आत्माओं)_, _ज्ञान_, _रास्ता_

9. अब तुम यह तो जानते हो एक है लौकिक बाप, दूसरा फिर प्रजापिता ब्रह्मा है ________ बाप और वह पारलौकिक बाप। शिवबाबा, प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा ________ धर्म स्थापन करते। ब्राह्मणों को देवता बनाने लिए ________ सिखलाते, आत्मा समझ याद करो तो पावन बनेंगे। बाप कहते हैं अभी तुम हो ________ सन्तान। यह राजधानी स्थापन हो रही, कोटों में कोई ________ बनते। यह है पतित-पावन गॉड फादरली ________, तुम्हारी आत्मा पढ़ती है।
° _अलौकिक_, _ब्राह्मण_, _राजयोग_, _ईश्वरीय_, _राजा_, _युनिवर्सिटी_

Answers from Sakar Murli 25-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-02-2021*

1. दिल और दिमाग में _____ हो तो बाप वा परिवार के विश्वास पात्र बन जायेंगे।
° ऑनेस्टी

2. जो बच्चे बाप के कार्य को सम्पन्न करने की जिम्मेवारी का संकल्प लेते उन्हें बाप भी इतना ही _____ देते। सिर्फ जो भी व्यर्थ का _____ है वह बाप ऊपर छोड़ दो। तो सफलता भी ज्यादा, उन्नति भी _____ होगी। क्यों-क्या के क्वेश्चन से मुक्त रहो, विशेष _____ की स्थिति रहे तो सहजयोगी बन _____ सुख का अनुभव करते रहेंगे।
° सहयोग , बोझ , सहज , फुल-स्टॉप , अतीन्द्रिय

3. राजयोग-बल से ही बच्चों को सतोप्रधान बन _____ सतयुगी विश्व का मालिक बनना है। भारत जब ____ -पुरी, लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो पवित्रता- _____ -शान्ति सब थी।ब्रह्मा द्वारा आकर आदि सनातन _____ धर्म की स्थापना करते, फिर प्राय:लोप, ड्रामा रिपीट, अन्त में सद्गति। पतित दुनिया में ज्ञान सागर आते हैं _____ बनाने लिए। अब सहज युक्ति बताते, देह के सब सम्बन्ध छोड़ ____ -अभिमानी बन बाप को याद करो।
° सतोप्रधान , पारस , सुख ,देवी-देवता ,पावन , देही

4. बाप को याद करने से ही विकर्म ____ होते। प्यारी ____ को तो याद किया जाता है ना। ____ -पावन मिला है, कहते मुझे याद करो तो ____ उतर जायेगी। योगबल से ही _____ -जीत बनेंगे। बहुत याद करने वाले _____ -तीत अवस्था को पा लेते हैं।
° विनाश ,वस्तु , पतित , कट , विकर्मा , कर्मा

5. बाप कहते _____ पहले मुआफिक जो विघ्न पड़ने होंगे वह पड़ेंगे। यह बना बनाया _____ है, हम बांधे हुए हैं। याद की यात्रा को भूल नहीं जाना, इनको ____ कहा जाता। गीत है ना – रात के राही…… यह है _____ की यात्रा, जिससे रात पूरी हो दिन आयेगा। आधाकल्प पूरा हो फिर _____ शुरू होता।
° कल्प , ड्रामा , परीक्षा , याद , सुख

6. कौन सा *ख्याल* आया तो पुरुषार्थ में *गिर* पड़ेंगे?
° कई बच्चे समझते हैं अभी *टाइम पड़ा है, पीछे पुरुषार्थ कर लेंगे*, परन्तु मौत का नियम थोड़ेही है। कल-कल करते मर जायेंगे इसलिए ऐसे मत समझो बहुत वर्ष पड़े हैं, पिछाड़ी में गैलप कर लेंगे। यह ख्याल और ही गिरा देगा। (जितना हो सके याद में रहने का पुरुषार्थ कर, श्रीमत पर अपना कल्याण करते रहो।)

7. भगवानुवाच – तुम सतोप्रधान बनने के लिए मुझे याद करो तो _____ नाश हो जायेंगे। ____ -मुक्ति सबको मिलनी है।मुख्य-मुख्य ____ बुद्धि में धारण होंगी तब याद की यात्रा में रहेंगे। अपनी _____ करनी है, कितना बाप को याद करता हूँ, कितना बाप की सर्विस करता हूँ!सबको बाप का _____ दो तो बाप से बुद्धियोग जुट जाए। बाप सब बच्चों को कहते हैं, _____ बनो तो मुक्तिधाम में चले जायेंगे।
° पाप , जीवन , प्वाइंटस , जांच , परिचय , पवित्र

8. घर-घर में सन्देश देना है, बड़ा युक्ति से, दु:ख के समय _____ बाप को ही याद करते। बुद्धि में बैठे जब पवित्र होकर समझें, अच्छी रीति समझने लिए 7 रोज़ _____ है। कल्प पहले जिन्होंने सुना है वही आयेंगे, अभी हम_____ झाड़ की सैपलिंग लगा रहे, एक देवी-देवता धर्म की फैमिली। सबका श्रीमत पर हम ______ कर रहे, याद सिवाए कल्याण हो न सके। तुम यह गुप्त ज्ञान सुनते ही आते, धीरे-धीरे अनेक लोग आते रहेंगे, हम _____ ब्रह्माकुमार-कुमारियां, श्रेष्ठाचारी दुनिया स्थापन करेंगे। रूहानी खुदाई खिदमतगार, रूहों को ______ करते।
° पारलौकिक , भट्ठी , दैवी , कल्याण , शिव शक्ति, सैलवेज

9. यह तो बच्चों को समझाया गया है निराकार बाप साकार बिगर कोई भी _____ नहीं कर सकते हैं। ____ बजा नहीं सकते। रूहानी बाप आकर ब्रह्मा द्वारा रूहानी बच्चों को _____ हैं। मैं साधारण _____ में प्रवेश करता हूँ। मैं जिसमें प्रवेश करता हूँ वह अपने _____ को नहीं जानते। उनको बैठ 84 जन्मों की _____ सुनाता हूँ।
° कर्म , पार्ट , समझाते , तन , जन्मों , कहानी

Answers from Sakar Murli 24-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-02-2021*

1. सबसे लक्की वह है जिसने अपने जीवन में _____ की गिफ्ट प्राप्त की है।
° _अनुभूति_

2. कोई भी संस्कार, स्वभाव, बोल व सम्पर्क जो यथार्थ नहीं व्यर्थ है, उस व्यर्थ को _____ करने की मशीनरी फास्ट करो। सोचा और _____ .. तब विश्व परिवर्तन की मशीनरी तेज होगी। अभी स्थापना के निमित्त बनी हुई आत्माओं, सोचने-करने में _____ को मिटाओ। तब _____ परिवर्तक सो विश्व परिवर्तक बन सकेंगे।
° _परिवर्तन_, _किया_, _अन्तर_, _स्व_

3. सिर्फ तुम ब्रह्मा मुख वंशावली ब्राह्मण बच्चे बेहद बाप के बने हो, उनसे 21 जन्मों का बेहद _____ ले रहे, जिसमें धन-शान्ति-निरोगी काया सब है। तो एसे मीठे ते मीठा बाबा को हम कितना _____ करते। निराकार पतित-पावन बाप को सदैव याद करते रहेंगे, इस _____ से पाप भस्म हो पावन-सतोप्रधान-उत्तम-पूज्य बनेंगे, बहुत हर्षित-सुखी-खुश रहेंगे। विनाश सामने है, उसके पहले _____ कर पूरा वर्सा लें। ऐसा लक्ष्मी-नारायण, राज-राजेश्वरी, विश्व का मालिक बने, नहीं तो सजाएं-रोना-साक्षात्कार। अभी का पुरुषार्थ फिर _____ -कल्पान्तर लिए कायम हो जाता, इस मंजिल को दुनिया नहीं जानती।
° _वर्सा_, _याद_, _बल_, _पुरुषार्थ_, _कल्प_

4. बहुत _____ से बाप को याद करना, बाबा आपके बिगर हमारा कोई नहीं। बच्चे कहते हम कर्म करते याद भूल जाते, वा फुर्सत नहीं मिलती, तो बाबा कहेंगे अच्छा _____ निकालकर याद में बैठो। आपस में जब मिलते हो तो मिलकर बैठने से तुम याद अच्छा करेंगे, _____ मिलेगी। _____ फिरते याद करो। बच्चे सम्मुख रिफ्रेश होकर जाते, कई बांधेलियाँ हैं, हर्जा नहीं, _____ बैठे बाप को याद करती रहो।
° _प्रेम_, _समय_, _मदद_, _चलते_, _घर_

5. भल विलायत में हो, वहाँ रहते भी सिर्फ बाप को याद करना, तुमको _____ -मत मिलती। तुमको बहुत _____ सिखाया जाता सिर्फ बाप को याद करो। _____ जिंदाबाद हो जाता, इस बिगर सद्गति कैसे होगी। कितना _____ रीति जैसे छोटे-छोटे बच्चों को समझाते, कोई तकलीफ नहीं। ज्ञान चिता पर बैठ _____ बनो। _____ लिया फिर भल कहाँ भी चले जाओ।
° _श्री_, _थोड़ा_, _ज्ञान_, _सहज_, _पवित्र_, _मंत्र_

6. जिन बच्चों से *गफलत* होती रहती उनके मुख से कौन-से बोल स्वत: निकल जाते?
° *तकदीर में जो होगा* वह मिल जायेगा। स्वर्ग में तो जायेंगे ही। (बाबा कहते यह बोल पुरुषार्थी बच्चों के नहीं। ऊंच मर्तबा पाने का ही पुरुषार्थ करना है। जब बाप आये हैं ऊंच मर्तबा देने तो ग़फलत मत करो।)

7. तुमसे पूछते हैं *आपका उद्देश्य* क्या है?
° बोलो, शिवबाबा जो सबका बाप है वह कहते हैं *मामेकम् याद* करो तो तुम्हारे *विकर्म विनाश* होंगे और तुम तमोप्रधान से *सतोप्रधान* (स्वर्ग का मालिक) बन जायेंगे। सर्व का सद्गति दाता एक बाप ही है।)

8. अब बाप कहते हैं सिर्फ मुझे याद करो तो कट उतर जायेगी, यह इतना _____ तो दे सकते हो ना। खुद याद करते होंगे तो दूसरे को _____ से कहेंगे। औरों को भी _____ बताना है, बुढ़ियों को भी सर्विस करनी चाहिए। मित्र-सम्बन्धियों को भी सन्देश दो। सतसंग, मन्दिर आदि भी अनेक प्रकार के हैं। सिर्फ बाप का _____ देना है। कहाँ भी जाओ, _____ में यह बात सुनाओ। गीता का भगवान कहते हैं मुझे याद करो। अन्तकाल जो शिवबाबा सिमरे…… सो फिर _____ योनि वल-वल उतरे, लक्ष्मी-नारायण की डिनायस्टी में आयेंगे ना। घड़ी-घड़ी राजाई पद पायेंगे।
° _पैगाम_, _रूचि_, _रास्ता_, _परिचय_, _कान_, _नारायण_

Answers from Sakar Murli 22-02-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-02-2021*

1. ऊंच ब्राह्मण वह है जो अपनी _____ से बुरे को अच्छे में बदल दे।
° _शक्ति_

2. जैसे बाप सदा तीन स्वरूपों से सेवा पर उपस्थित हैं बाप-शिक्षक-सतगुरू, ऐसे आप बच्चे भी हर सेकण्ड _____ , _____ और _____ तीनों द्वारा साथ-साथ सर्विस करो तब कहेंगे मास्टर त्रिमूर्ति। वही विश्व कल्याण कर सकेंगे क्योंकि इतने _____ विश्व का कल्याण करने लिए जब एक ही _____ पर तीनों रूप से सेवा हो तब यह सेवा का _____ समाप्त हो।
° _मन_, _वाणी_, _कर्म_, _बड़े_, _समय_, _कार्य_

3. ड्रामा अनुसार हर एक एक्टर नम्बरवार अपने-अपने समय पर ________ बजायेंगे। जो देवता बने होंगे वह एकदम ________ पड़ेंगे, वही स्वर्ग में आयेंगे। बाप समझाते बच्चे, तुम तो विश्व के ________ थे। तुम भी समझते हो बाबा स्वर्ग की ________ करने वाला है तो हम क्यों नहीं स्वर्ग में होंगे, बाप से हम ________ जरूर लेंगे – इससे सिद्ध होता यह देवता धर्म का है।
° _पार्ट , चटक_, _मालिक_, _स्थापना_, _वर्सा_

4. सतयुग नई दुनिया में देवताओं को बहुत सुख थे, ________ के महल थे। ढेर की ढेर जमीन पड़ी होगी, ________ नदियों पर तुम्हारे महल होंगे। मनुष्य बहुत थोड़े होंगे, प्रकृति ________ होगी। फल-फूल बहुत ________ मिलते रहते हैं। एक सेकेण्ड में ________ -मुक्ति मिल जाती। कहते बाबा हम आपका, बाप कहते तुम विश्व का मालिक, बच्चा पैदा हुआ और ________ बना।
° _सोने_, _मीठी_, _दासी_, _अच्छे_, _जीवन_, _वारिस_

5. तो गीत सुनने से तुम्हारे ________ खड़े हो जाने चाहिए। तुम बच्चों को बहुत नशा है, हमारा भारत बहुत ________ था, फिर होंगा, एक ही देवी-देवता धर्म था। भारत सतयुग में बहुत साहूकार था, जबकि देवी-देवताओं का ________ था। भगवान कब आकर हम भक्तों को इस भक्ति मार्ग से छुड़ाए ________ में ले जायेंगे – यह अभी समझा है।
° _रोमांच_, _साहूकार_, _राज्य_, _सद्गति_

6. हम आत्मायें जो ________ दुनिया में थी, फिर कैसे सुखधाम में आये यह भी ज्ञान है। अभी ________ कला में हैं। ड्रामा के आदि-मध्य-अन्त का ज्ञान बुद्धि में रखते हुए सब ________ छोड़ देनी हैं। एक ________ बनने की चिंता रखनी है। गरीब निवाज़ बाबा भारत को गरीब से साहूकार बनाने आया है, उनका पूरा-पूरा ________ बनना है। अपनी नई दुनिया को याद कर सदा _____ में रहना है।
° _निराकारी_, _चढ़ती_, _चिंतायें_, _सतोप्रधान_, _मददगार_, _खुशी_

7. आत्मा ________ है, शरीर प्रत्यक्ष है। आत्मा है ________, शरीर है कागनीटो। आत्मा खुद कहती मैं ________ हूँ, यहाँ साकार में आकर गुप्त बनी हूँ। तुम आत्मायें इस शरीर द्वारा ________ करती हो। आत्मा ________ द्वारा सुनती, तो शरीर झूलता है। बरोबर हम आत्मायें 84 जन्म लेती, तो 84 ________ जरूर मिले होंगे।
° _गुप्त_, _इनकागनीटो_, _निराकार_, _कर्म_, _कानों_, _माँ-बाप_

8. ऊंच ते ऊंच आत्मा, परे ते परे रहने वाला परम आत्मा, परमपिता, उनको कहा जाता ________ । मेरा नाम एक ही ________ चला आता। सरदार लोग भी समझते ________ परमपिता परमात्मा बाप है, मनुष्य से देवता बनाने वाला।सबसे अच्छे ________ पतित-पावन बाप ही करके जाते। सबसे उत्तम से उत्तम ________ बेहद का बाप आकर करते, हमको रंक से राव, बेगर से प्रिन्स बनाते। बाप हमको पढ़ा रहे, हम महारानी-महाराजा बनते, ________ राजाओं की दरबार कैसी होगी!
° _सुप्रीम_, _शिव_, _एकोअंकार_, _कर्म_, _सेवा_, _पावन_

9. *बाप का कौन-सा टाइटिल* श्रीकृष्ण को नहीं दे सकते?
° बाप है *गरीब-निवाज* । श्रीकृष्ण को ऐसे नहीं कहेंगे। (वह तो बहुत धनवान है, उनके राज्य में सब साहूकार हैं। बाप जब आते हैं तो सबसे गरीब भारत है। भारत को ही साहूकार बनाते हैं। तुम कहते हो हमारा भारत स्वर्ग था, अभी नहीं है, फिर से बनने वाला है। गरीब-निवाज़ बाबा ही भारत को स्वर्ग बनाते हैं।)

10. ________ जयन्ती भी मनाते हैं तो जरूर आते हैं। बाप कहते हैं जैसे तुम गुप्त हो, मुझे भी ________ आना पड़े। मैं भी हूँ ________, बाप इनकागनीटो इस शरीर द्वारा सुनाते। बाप कहते ________ की आत्मा ने 84 जन्म लिए, उनके बहुत जन्मों के अन्त का यह अन्तिम जन्म है, ततत्वम्। मैं तो आता हूँ ________ तन में। जो सतोप्रधान था सो अब तमोप्रधान है फिर ________ बनना है।
° _शिव_, _गुप्त_, _अशरीरी_, _कृष्ण_, _साधारण_, _सतोप्रधान_

11. यह बना-बनाया ड्रामा है, इसमें जरा भी ________ नहीं हो सकता। ड्रामा जो शूट हुआ वह हूबहू ________ होगा, इसमें ________ का भी फ़र्क नहीं हो सकता। ड्रामा का भी पता होना चाहिए, ड्रामा माना ________ । वर्ल्ड की ________ हूबहू रिपीट होती। बरोबर ________ स्वर्ग था, अविनाशी खण्ड, ऐसी महिमा कोई की नहीं।
° _फ़र्क_, _रिपीट_, _पाई_, _ड्रामा_, _हिस्ट्री-जॉग्राफी_, _भारत_

12. *लाखों वर्ष की बात* नहीं, इसके कौन-से तर्क बाबा ने सुनाये? (3)
° लाखों वर्ष की बात किसको *याद* आ सकेगी? भारत में देवी-देवता धर्म कब था, यह समझते नहीं।
° लाखों वर्ष के हिसाब से तो भारत की *आबादी* सबसे बड़ी होनी चाहिए। (लाखों वर्ष में कितने मनुष्य पैदा होते, बेशुमार मनुष्य हो जायें। इतने तो हैं नहीं, और ही कमती हो गये हैं। )
° भारत की *जमीन* भी सबसे बड़ी होनी चाहिए।

Answers from Sakar Murli 21-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-01-2021*

1. बालक सो _____ वह है जो तपस्या के बल से भाग्यविधाता बाप को अपना बना दे।
° _मालिक_

2. *यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले* को प्राप्तियां क्या होती? (2)
° जो बच्चे स्वयं को ट्रस्टी समझकर श्रीमत प्रमाण चलते हैं, श्रीमत में जरा भी मनमत या परमत मिक्स नहीं करते उन्हें *निरन्तर खुशी, शक्ति और सफलता की अनुभूति* होती है।
° पुरूषार्थ वा *मेहनत कम होते भी प्राप्ति ज्यादा* हो तब कहेंगे यथार्थ श्रीमत पर चलने वाले। (परन्तु माया, ईश्वरीय मत में मनमत वा परमत को रायॅल रूप से मिक्स कर देती है इसलिए सर्व प्राप्तियों का अनुभव नहीं होता। इसके लिए *परखने और निर्णय करने की शक्ति धारण करो* तो धोखा नहीं खायेंगे।)

3. हम सब भाई-भाई हैं, वह सबका बाप सर्व- _____ है।तुम्हारे में सर्व- _____ थी, विश्व पर पवित्र देवी-देवता रूप में राज्य करते थे। जो ______ ताकत थी वह फिर कम होती जाती। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे, जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को _____ कर उनसे शक्ति ले रहे। सर्वशक्तिमान् बाप से अपना _____ -योग लगात। बाप को याद करते-करते आत्मा बिल्कुल ____ हो जाती।
° _शक्तिमान्_, _शक्तियां_, _सतोप्रधान_, _याद_, _बुद्धि_, _प्योर_

4. देवताओं में जो सतोप्रधान *ताकत थी वह फिर दिन-प्रतिदिन कम* होती जाती है। सतोप्रधान से तमोप्रधान बनना है। इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° *जैसे बैटरी* की ताकत कम होती जाती है तो मोटर खड़ी हो जाती है। बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है। (परन्तु आत्मा की बैटरी फुल डिस्चार्ज नहीं होती है, कुछ न कुछ ताकत रहती है।)
° जैसे कोई मरता है तो *दीपक* जलाते हैं, उसमें *घृत* डालते रहते हैं कि *ज्योति* बुझ न जाए।

5. हे बच्चों – अब तुम मुझे याद करो, मैं ऑलमाइटी हूँ, मेरे द्वारा ऑलमाइटी _____ मिलता है। सतयुग में देवी-देवता सारे _____ के मालिक थे, पवित्र थे, _____ गुणवान थे। सिवाए परमपिता परमात्मा के साथ योग लगाने के बैटरी _____ नहीं हो सकती। वह बाप ही एवर ____ है। एक को ही याद करना है, ऊंच ते ऊंच है ____ । बाकी सब हैं रचना। रचना से रचना को कभी वर्सा नहीं मिलता।
° _राज्य_, _विश्व_, _दैवी_, _चार्ज_, _प्योर_, _भगवान्_

6. बच्चों को दिल अन्दर समझना चाहिए – हमारे लिए बाबा नई दुनिया _____ की स्थापना कर रहे हैं। तुम जानते हो – _____ आने वाला है। सतयुग में होता ही है सदा _____ । वह कैसे मिलता? बाप समझाते मामेकम् _____ करो, मैं एवरप्योर हूँ। मैं जन्म-मरण में नहीं आता, सिर्फ तुम्हें स्वर्ग की _____ देने लिए, इनके वानप्रस्थ अवस्था के तन में आता हूँ।
° _स्वर्ग_, _सतयुग_, _सुख_, _याद_, _बादशाही_

7. सूक्ष्मवतन मे तो सिर्फ साक्षात्कार के लिए _____ हैं। तुम बच्चे भी अन्त में जब बिल्कुल _____ हो जाते हो तो तुम्हारा भी साक्षात्कार होता है। ऐसे फरिश्ते बन फिर सतयुग में यहाँ ही आकर स्वर्ग के _____ बनेंगे।
° _फरिश्ते_, _पवित्र_, _मालिक_

8. मैं बीजरूप हूँ ना। इस सारे झाड़ की _____ मेरे पास है। और किसको पता नहीं, सृष्टि की _____ कितनी है? कैसे इनकी स्थापना, पालना, _____ होता है? बाप तुमको बेहद की पढ़ाई पढ़ाते हैं, जिससे तुमको बेहद का _____ बनाते हैं।
° _नॉलेज_, _आयु_, _विनाश_, _मालिक_

9. यह सब अकाल आत्माओं के _____ हैं। आत्मा अकाल है जिसको ____ खा न सके, बाकी तख्त तो बदलते रहते हैं। _____ -मूर्त आत्मा इस तख्त पर बैठती है।
° _तख्त_, _काल_, _अकाल_

10. पिछाड़ी में *सब वापिस घर जायेंगे* । इसके कौन-से 2 मिसाल बाबा ने सुनाये?
° जैसे टिड्डियों का अथवा *मधुमक्खी का झुण्ड* जाता है ना। मधुमक्खियों की भी क्वीन होती है। उनके पिछाड़ी सब जाते हैं। (बाप भी जायेंगे तो उनके पिछाड़ी सब आत्मायें जायेंगी। वहाँ मूलवतन में जैसे सब आत्माओं का मनारा (छत्ता) है।)
° बाप आकर सब आत्माओं को ले जाते हैं। *शिव की बरात* कहा जाता है। बच्चे कहो अथवा *सजनियां* कहो। तुम ही पहले-पहले भागेंगे बाप के पिछाड़ी। तुम्हारा बाप के साथ अथवा *सजनियों का साजन के साथ योग* है। (बाप आकर बच्चों को पढ़ाकर याद की यात्रा सिखलाते। पवित्र बनने बिगर तो आत्मा जा नहीं सकती। जब पवित्र बन जायेगी तब पहले-पहले शान्तिधाम जायेगी। वहाँ जाकर सब निवास करते हैं। वहाँ से फिर धीरे-धीरे आते रहते हैं, वृद्धि होती रहती है।)

11. झाड़ धीरे-धीरे वृद्धि को पाता है। पहले-पहले तो है आदि सनातन _____ धर्म, जो बाप स्थापन करते। (इसके भी) पहले-पहले हमको ______ बनाते हैं, प्रजापिता ब्रह्मा है ना। प्रजा में _____ हो जाते, ब्रह्माकुमार और कुमारियां। जरूर _____ -बुद्धि होंगे तब तो इतने ढेर हुए हैं। तुम्हारे में भी जो _____ हैं वह जरूर पहले आयेंगे, कच्चे पिछाड़ी में आयेंगे।
° _देवी-देवता_, _ब्राह्मण_, _भाई-बहिन_, _निश्चय_, _पक्के_

12. तुम्हारा है *बेहद का संन्यास*, अर्थात्‌ क्या?
° *सारी दुनिया का*, सम्बन्धियों आदि का भी बुद्धि से संन्यास करते हो। इस दुनिया को कहा जाता है फॉरेस्ट ऑफ थॉर्नस। (कांटों का जंगल)। ( *तुम्हारे लिए अब स्वर्ग की स्थापना हो रही है*। तुम्हारी बुद्धि स्वर्ग तरफ ही जायेगी। तो शिवबाबा को ही याद करना है।मनमनाभव, मध्याजी भव।)
° यह बेहद की लंका है जिस पर रावण का राज्य है। (फिर *देवताओं का पवित्र राज्य* होगा। वहाँ *बहुत सुख* होता है। स्वर्ग की कितनी महिमा है।)

13. मैं संगम पर ही सुनाता हूँ। ____ -योग जरूर आगे जन्म में संगम पर सीखे होंगे। यह सृष्टि बदलती है ना, तुम पतित से _____ बन जाते हो। अब यह है पुरुषोत्तम संगमयुग, जबकि हम ऐसे तमोप्रधान से _____ बनते हैं। हर एक बात अच्छी रीति समझकर ______ करनी चाहिए। यह है _____ अर्थात् श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ मत, भगवान की। बाप मनुष्य से _____ बना देते।
° _राज_, _पावन_, _सतोप्रधान_,
_निश्चय_, _श्रीमत_, _देवता_

Answers from Sakar Murli 20-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 20-01-2021*

1. प्रयोगी आत्मा बन _____ के प्रयोग से सर्व खजानों को बढ़ाते चलो।
° _योग_

2. जो बच्चे विशेष पार्टधारी हैं उनकी हर एक्ट_____ होती। विशेष आत्मा कोई भी कर्म _____ -अभिमानी बनकर करेगी। इससे वे स्वयं भी सदा _____ रहते, दूसरों को भी करते इसलिए उन्हें सन्तुष्टमणि का _____ स्वत: प्राप्त हो जाता।
° _विशेष_, _देही_, _सन्तुष्ट_, _वरदान_

3. तुम बच्चे समझते हो कि भारत _____-गॉडेज का स्थान था। पहले-पहले ऊपर से जो आत्मायें आती, वो _____ एज में आती। हम वहाँ के रहवासी थे – पहले-पहले हम _____ थे। तुम विश्व के _____ महाराजा-महारानी थे, तुम्हारी राजधानी थी। वह तो _____ द्वारा श्रेष्ठ ते श्रेष्ठ बन जाते, फिर कोई से राय लेने की दरकार नहीं। जब देवताओं का राज्य था तो _____-लेस वर्ल्ड थी।
° _गॉड_, _गोल्डन_, _देवता_, _मालिक_, _श्रीमत_, _वाइस_

4. सारा पार्ट _____ ही बजाती, न कि शरीर। हम आत्मा असुल में ______ दुनिया वा ____ -धाम में रहने वाले हैं। बरोबर आत्मायें _____ -धाम में रहती। वह है ______ वर्ल्ड। यहाँ हम सब आत्मायें, एक्टर्स पार्टधारी हैं।अभी सुखधाम स्थापन होता, बाकी सब आत्मायें _____ -धाम में रहेंगी।
° _आत्मा_, _निराकारी_, _शान्ति_, _परम_, _इनकारपोरियल_, _मुक्ति_

5. तुम जैसे अब _____ हाउस हो। _____ से जान गये हो चक्र कैसे फिरता। अभी तुम्हें और सबको _____ बताना है। सब नईयाएं हैं, तुम _____ हो, रास्ता बताने वाले। सबको बोलो आप शान्तिधाम, सुखधाम को _____ करो, कलियुग दु:खधाम को भूल जाओ। यह बाप तो बाप, टीचर, सतगुरू है जो सबको _____ देते।
° _लाइट_, _ज्ञान_, _रास्ता_, _पाइलेट_, _याद_, _सद्गति_

6. तुम आत्माओं की अभी शिव _____ के साथ सगाई हुई है। तो बच्चों को ज्ञान रत्नों से _____ भरनी चाहिए। मूल बात है ______ बनने की। बुलाते भी हैं हे पतित-पावन….. पावन बनने से ______ बन जायेंगे। सबसे पावन हैं देवी -देवतायें, अभी तुम 21 जन्म लिए _____ पावन बनते हो, सम्पूर्ण निर्विकारी पावन। तो बाप जो ______ देते हैं उस पर चलना चाहिए।
° _साजन_, _झोली_, _पवित्र_, _सुखी_, _सर्वोत्तम_, _श्रीमत_

7. सीता *आग 🔥से पार* हुई। इस कथा का आध्यात्मिक रहस्य क्या है?
° आग से कोई थोड़ेही पावन होना है। बाप समझाते हैं तुम सब सीतायें इस समय पतित हो। *रावण राज्य की जेल में शोक वाटिका में* हो। अब एक *निराकार राम की याद, वा योग अग्नि* से तुमको *पावन* बनना है। (अग्नि अक्षर सुनने से समझते हैं – आग से पार हुई।)

8. हे लाडले मीठे सिकीलधे बच्चों, तुम बहुत समय पार्ट बजाते-बजाते अब फिर आकर मिले हो, अपना वर्सा लेने।मीठे-मीठे रूहानी बच्चे अभी सम्मुख बैठे हैं और _____ बहुत प्यार से समझा रहे। सिवाए रूहानी बाप के सर्व को सुख- _____ देने वा _____ से लिबरेट करने वाला कोई हो नहीं सकता। तुम बच्चे मधुबन में _____ हो, सम्मुख सुनने से बड़ा _____ आता है। अब तुम्हारी आत्मा _____ -फ्रेश हो रही।
° _बाप_, _शान्ति_, _दु:ख_, _सम्मुख_, _मजा_, _रि_

9. बाप एक ही समय आता सारे चक्र में, यह कल्प का _____ संगमयुग है। इसका नाम रखा है _____ , यही संगमयुग है जिसमें सभी मनुष्य मात्र उत्तम बनते हैं। _____-प्रधान हैं तो उत्तम हैं। अपने को घड़ी-घड़ी _____ निश्चय करना है। मैं आत्मा बाप से _____ ले रही हूँ।
° _सुहावना_, _पुरुषोत्तम_, _सतो_, _आत्मा_, _वर्सा_

10. अभी तुम बच्चों को _____ -अभिमानी बनना है। शान्तिधाम से आकर यहाँ तुम _____ बने हो, इसके बिगर कर्म हो न सके।आत्मा कहती है – हम एक शरीर छोड़ _____ अनुसार फिर दूसरा शरीर लेता हूँ। आत्मा अविनाशी है, इसमें अविनाशी _____ नूँधा हुआ है। अभी बाबा हमको वर्सा दे रहे, जितना जो पुरुषार्थ करेगा उतना ____ पायेगा।
° _देही_, _टॉकी_, _संस्कार_, _पार्ट_, _पद_

11. *अनेक प्रकार के प्रश्नों* की उत्पत्ति का कारण तथा उन सबका निवारण क्या है?
° जब *देह-अभिमान* में आते हो तो *संशय* पैदा होता है और संशय उठने से ही अनेक *प्रश्नों* की उत्पत्ति हो जाती है। (बाबा कहते मैंने तुम बच्चों को जो *धन्धा* दिया है – *पतित से पावन बनो और बनाओ*, इस धन्धे में रहने से सब प्रश्न खत्म हो जायेंगे।)

12. अभी यह बेहद का _____ आकर पूरा हुआ। यह _____ दुनिया बदलनी जरूर है। बरोबर हम सतयुग के मालिक थे, फिर _____ जन्मों बाद ऐसे बने। अब फिर बाप कहते हैं मुझे _____ करो तो तुम स्वर्ग के मालिक बनेंगे। तो हम क्यों न अपने को _____ निश्चय करें और बाप को याद करें। यह माया का वण्डर है जो घड़ी-घड़ी भुला देती, उससे बचने लिए _____ रचना चाहिए।
° _नाटक_, _पुरानी_, _84_, _याद_, _आत्मा_, _उपाय_

13. जब तक जीना है पुरुषार्थ करना है। _____ अमृत पीते रहना है। यह भी समझते हो हमारा यह _____ जन्म है। इस शरीर का _____ छोड़ देही-अभिमानी बनना है। _____ व्यवहार में भी रहना है, पुरुषार्थ जरूर करना है। सिर्फ अपने को आत्मा निश्चय कर बाप को याद करो, सेकण्ड में _____ मुक्ति गाया जाता है।
° _ज्ञान_, _अन्तिम_, _भान_, _गृहस्थ_, _जीवन_

Answers from Sakar Murli 16-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-01-2021*

1. साक्षीपन की स्थिति में रह _____ के साथ का अनुभव करने वाले ही लवलीन आत्मा हैं।
° _दिलाराम_

2. संगमयुग का सबसे श्रेष्ठ स्वमान है _____। जैसे कोई बड़ा आफीसर वा राजा जब _____ पर स्थित होता, तो दूसरे भी उसे सम्मान देते। ऐसे आप अपने श्रेष्ठ _____ की सीट पर सेट रहो तो माया आपके आगे _____ हो जायेगी।
° _मास्टर सर्वशक्तिमान_, _सीट_, _स्वमान_, _सरेण्डर_

3. पुरानी दुनिया को भूल जाएं यह तो ठीक है। भला याद किसको करें? _____ -धाम _____ -धाम को। जितना हो सके उठते-बैठते, चलते-फिरते ____ को याद करो। बेहद _____ के स्वर्ग को याद करो। सबको कहते हो सतोप्रधान बनना है क्योंकि _____ जर्नी होती। यहाँ स्वदर्शन _____ होकर बैठो, अभी फिर से देवता बनते।
° _शान्ति_, _सुख_, _बाप_, _सुख_, _रिटर्न_, _चक्रधारी_

4. *कौन-सी स्मृति* बाबा ने आज बताई, जिसमें ज्ञान-योग दोनों आ जाते?
° जानते हैं *शिवबाबा पढ़ाते हैं* तो ज्ञान भी हुआ, याद भी हुई। (ज्ञान और योग दोनों इकट्ठा चलता है। ऐसे नहीं, योग में बैठे शिवबाबा को याद करते रहे, नॉलेज भूल जाए। बाप योग सिखाते हैं तो नॉलेज भूल जाती है क्या! सारी नॉलेज उनमें रहती है। तुम बच्चों में यह नॉलेज होनी चाहिए। पढ़ना चाहिए।)

5. आंखें खुली होते _____ कर सकते। ____ की तो कभी इच्छा नहीं रखनी है, इच्छा मात्रम् अविद्या। बाप तुम्हारी सब कामनायें पूरी करते, अगर _____ पर चलते। बाप से बुद्धियोग रखो – जिससे ही _____ बनना है, बैटरी चार्ज होगी। अगर यह _____ बनना चाहते तो मेहनत करनी पड़े।
° _याद_, _ध्यान_, _आज्ञा_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

6. इस ख्याल से जरूर बैठना होता है – यह बाप भी है, टीचर भी है, _____ गुरू भी है। महसूस करते कि याद करते-करते _____ बन पवित्रधाम में पहुँचेंगे। पहले तुम _____-प्रधान थे। अगर हम शिवबाबा की याद में रहते तो _____ दूर नहीं। बच्चों को जास्ती तकलीफ नहीं देते, मुख्य मन्सा-वाचा-कर्मणा _____ बनना है।
° _सुप्रीम_, _पवित्र_, _सतो_, _शिवालय_, _पवित्र_

7. शिवबाबा के बन गये फिर भूल क्यों जाते, इसमें ____ की यात्रा मुख्य है। योग से ही ____ बनना है। तुम बुलाते हो बाबा आकर पावन बनाओ, जो हम _____ में जा सकें। याद की यात्रा है ही पावन बन _____ पद पाने लिए। पिछाड़ी में तुमको सब ____ होगा – हम क्या बनेंगे। कदम-कदम पर खबरदारी से तुम _____ -पति बन सकते।
° _योग_, _पवित्र_, _स्वर्ग_, _ऊंच_, _साक्षात्कार_, _पद्म_

8. हर एक के अन्दर की _____ मेरे बच्चे हैं। मैं जानता हूँ सबके तख्त पर _____ विराजमान है। बाप यहाँ आते तो बच्चों को अच्छी रीति _____ सागर मंथन करना है। नॉलेज पर बहुत-बहुत मंथन करना चाहिए, _____ देना चाहिए तब अपना _____ कर सकेंगे। साथ में जितना जो बाप पास जमा करते, उतना _____ बनता है।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _विचार_, _टाइम_, _कल्याण_, _भाग्य_

9. हम जा रहे हैं – अपने ____ होम में। _____ माना सब कुछ भूल जाना पड़ता है। अपने को _____ कर देना चाहिए, शरीर से हम आत्मा अब जा रही हैं। “मीठे बच्चे – कदम-कदम ____ पर चलो, नहीं तो माया देवाला निकाल देगी, यह ____ बहुत धोखा देती हैं, इनकी बहुत-बहुत सम्भाल करो”
° _स्वीट_, _वैराग्य_, _डिटैच_, _श्रीमत_, _आंखे_

10. किन बच्चों से माया बहुत *विकर्म* कराती है? यज्ञ में *विघ्न* रूप कौन हैं? (3)
° जिन्हें *अपना अंहकार* रहता है उनसे माया बहुत विकर्म कराती है।
° ऐसे मिथ्या अंहकार वाले *मुरली भी नहीं पढ़ते* । ऐसी गफलत करने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट पेनी बना देती है।
° यज्ञ में विघ्न रूप वो हैं जिनकी *बुद्धि में झरमुई झगमुई (परचिंतन)* की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब आदत है।

11. (धारणा) अपने ऊपर बहुत _____ रखना है। श्रीमत में कभी _____ नहीं बनना। बहुत-बहुत खबरदार रहना, कोई _____ का उल्लंघन न हो। अन्तर्मुख हो एक बाप से _____ की लिंक जोड़नी है। इस पतित पुरानी दुनिया से बेहद का ____ रखना है। बुद्धि में रहे – जो ____ मैं करुँगा, मुझे देख सब करेंगे।
° _कन्ट्रोल_, _बेपरवाह_, _कायदे_, _बुद्धि_, _वैराग्य_, _कर्म_

12. सदैव बाप को _____ लिखना चाहिए, डायरेक्शन लेते रहना चाहिए। बाप जब समझाते हैं तब पता पड़ता, सचमुच हमारी _____ कैसी है, बहुतों को समझाना तो सहज है। जब कोई कमेटी आदि बनाते तो उसमें हेड एक-दो _____ जरूर होनी चाहिए, जिनकी राय पर काम हो।
° _समाचार_, _अवस्था_, _फीमेल_

Answers from Sakar Murli 15-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 16-01-2021*

1. साक्षीपन की स्थिति में रह _____ के साथ का अनुभव करने वाले ही लवलीन आत्मा हैं।
° _दिलाराम_

2. संगमयुग का सबसे श्रेष्ठ स्वमान है _____। जैसे कोई बड़ा आफीसर वा राजा जब _____ पर स्थित होता, तो दूसरे भी उसे सम्मान देते। ऐसे आप अपने श्रेष्ठ _____ की सीट पर सेट रहो तो माया आपके आगे _____ हो जायेगी।
° _मास्टर सर्वशक्तिमान_, _सीट_, _स्वमान_, _सरेण्डर_

3. पुरानी दुनिया को भूल जाएं यह तो ठीक है। भला याद किसको करें? _____ -धाम _____ -धाम को। जितना हो सके उठते-बैठते, चलते-फिरते ____ को याद करो। बेहद _____ के स्वर्ग को याद करो। सबको कहते हो सतोप्रधान बनना है क्योंकि _____ जर्नी होती। यहाँ स्वदर्शन _____ होकर बैठो, अभी फिर से देवता बनते।
° _शान्ति_, _सुख_, _बाप_, _सुख_, _रिटर्न_, _चक्रधारी_

4. *कौन-सी स्मृति* बाबा ने आज बताई, जिसमें ज्ञान-योग दोनों आ जाते?
° जानते हैं *शिवबाबा पढ़ाते हैं* तो ज्ञान भी हुआ, याद भी हुई। (ज्ञान और योग दोनों इकट्ठा चलता है। ऐसे नहीं, योग में बैठे शिवबाबा को याद करते रहे, नॉलेज भूल जाए। बाप योग सिखाते हैं तो नॉलेज भूल जाती है क्या! सारी नॉलेज उनमें रहती है। तुम बच्चों में यह नॉलेज होनी चाहिए। पढ़ना चाहिए।)

5. आंखें खुली होते _____ कर सकते। ____ की तो कभी इच्छा नहीं रखनी है, इच्छा मात्रम् अविद्या। बाप तुम्हारी सब कामनायें पूरी करते, अगर _____ पर चलते। बाप से बुद्धियोग रखो – जिससे ही _____ बनना है, बैटरी चार्ज होगी। अगर यह _____ बनना चाहते तो मेहनत करनी पड़े।
° _याद_, _ध्यान_, _आज्ञा_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

6. इस ख्याल से जरूर बैठना होता है – यह बाप भी है, टीचर भी है, _____ गुरू भी है। महसूस करते कि याद करते-करते _____ बन पवित्रधाम में पहुँचेंगे। पहले तुम _____-प्रधान थे। अगर हम शिवबाबा की याद में रहते तो _____ दूर नहीं। बच्चों को जास्ती तकलीफ नहीं देते, मुख्य मन्सा-वाचा-कर्मणा _____ बनना है।
° _सुप्रीम_, _पवित्र_, _सतो_, _शिवालय_, _पवित्र_

7. शिवबाबा के बन गये फिर भूल क्यों जाते, इसमें ____ की यात्रा मुख्य है। योग से ही ____ बनना है। तुम बुलाते हो बाबा आकर पावन बनाओ, जो हम _____ में जा सकें। याद की यात्रा है ही पावन बन _____ पद पाने लिए। पिछाड़ी में तुमको सब ____ होगा – हम क्या बनेंगे। कदम-कदम पर खबरदारी से तुम _____ -पति बन सकते।
° _योग_, _पवित्र_, _स्वर्ग_, _ऊंच_, _साक्षात्कार_, _पद्म_

8. हर एक के अन्दर की _____ मेरे बच्चे हैं। मैं जानता हूँ सबके तख्त पर _____ विराजमान है। बाप यहाँ आते तो बच्चों को अच्छी रीति _____ सागर मंथन करना है। नॉलेज पर बहुत-बहुत मंथन करना चाहिए, _____ देना चाहिए तब अपना _____ कर सकेंगे। साथ में जितना जो बाप पास जमा करते, उतना _____ बनता है।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _विचार_, _टाइम_, _कल्याण_, _भाग्य_

9. हम जा रहे हैं – अपने ____ होम में। _____ माना सब कुछ भूल जाना पड़ता है। अपने को _____ कर देना चाहिए, शरीर से हम आत्मा अब जा रही हैं। “मीठे बच्चे – कदम-कदम ____ पर चलो, नहीं तो माया देवाला निकाल देगी, यह ____ बहुत धोखा देती हैं, इनकी बहुत-बहुत सम्भाल करो”
° _स्वीट_, _वैराग्य_, _डिटैच_, _श्रीमत_, _आंखे_

10. किन बच्चों से माया बहुत *विकर्म* कराती है? यज्ञ में *विघ्न* रूप कौन हैं? (3)
° जिन्हें *अपना अंहकार* रहता है उनसे माया बहुत विकर्म कराती है।
° ऐसे मिथ्या अंहकार वाले *मुरली भी नहीं पढ़ते* । ऐसी गफलत करने से माया थप्पड़ लगाए वर्थ नाट पेनी बना देती है।
° यज्ञ में विघ्न रूप वो हैं जिनकी *बुद्धि में झरमुई झगमुई (परचिंतन)* की बातें रहती हैं, यह बहुत खराब आदत है।

11. (धारणा) अपने ऊपर बहुत _____ रखना है। श्रीमत में कभी _____ नहीं बनना। बहुत-बहुत खबरदार रहना, कोई _____ का उल्लंघन न हो। अन्तर्मुख हो एक बाप से _____ की लिंक जोड़नी है। इस पतित पुरानी दुनिया से बेहद का ____ रखना है। बुद्धि में रहे – जो ____ मैं करुँगा, मुझे देख सब करेंगे।
° _कन्ट्रोल_, _बेपरवाह_, _कायदे_, _बुद्धि_, _वैराग्य_, _कर्म_

12. सदैव बाप को _____ लिखना चाहिए, डायरेक्शन लेते रहना चाहिए। बाप जब समझाते हैं तब पता पड़ता, सचमुच हमारी _____ कैसी है, बहुतों को समझाना तो सहज है। जब कोई कमेटी आदि बनाते तो उसमें हेड एक-दो _____ जरूर होनी चाहिए, जिनकी राय पर काम हो।
° _समाचार_, _अवस्था_, _फीमेल_

Answers from Sakar Murli 15-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 15-01-2021*

1. व्यर्थ संकल्प वा विकल्प से किनारा कर _____ स्थिति में रहना ही योगयुक्त बनना है।
° _आत्मिक_

2. जब कोई भी नई वा शक्तिशाली इन्वेन्शन करते तो अन्डरग्राउण्ड करते। यहाँ _____ -वासी बनना ही अन्डरग्राउण्ड है। जो भी समय मिले, कारोबार करते भी, इस देह की दुनिया और देह के ____ से परे साइलेन्स में चले जाओ। यह अनुभव करने कराने की स्टेज हर _____ का हल कर देगी, इससे एक सेकण्ड में किसी को भी शान्ति वा ____ की अनुभूति करा देंगे। जो सामने आयेगा वह इसी स्टेज में ____ का अनुभव करेगा।
° _एकान्त_, _भान_, _समस्या_, _शक्ति_, _साक्षात्कार_

3. *योगबल के लिफ्ट की कमाल* क्या है?
° तुम बच्चे योगबल की लिफ्ट से *सेकेण्ड में ऊपर* चढ़ जाते हो अर्थात् सेकेण्ड में जीवनमुक्ति का वर्सा तुम्हें मिल जाता है। (तुम जानते हो सीढ़ी उतरने में 5 हज़ार वर्ष लगे और चढ़ते हैं एक सेकेण्ड में, यही है योगबल की कमाल। बाप की याद से सब *पाप कट* जाते हैं। *आत्मा सतोप्रधान* बन जाती है।)

4. तुम आत्मा बिन्दी हो, आत्मा को यहाँ शरीर मिला हुआ है, इसलिए यहाँ ____ करती है। अभी तुम जानते हो पढ़ाई से हम _____ बनते हैं। देवताओं के लिए कहेंगे यह सतयुग में ___ करके गये हैं। सतयुग में है ज्ञान का ____ । बरोबर गॉड फादर ने ____ स्थापन किया।
° _कर्म_, _यह (देवी-देवता)_, _राज्य_, _सुख_, _पैराडाइज़_

5. रूहानी बाप की महिमा तो बच्चों को सुनाई है। वह _____ का सागर, सत-चित-_____ स्वरूप है। _____ का सागर है। उनको सब _____ की शिफ्तें दी जाती हैं। यह महिमा एक बाप की और बच्चों की भी है क्योंकि बाप बच्चों को पढ़ाते, _____ सिखलाते। कहते बाबा _____ बनाओ और अपना परिचय भी दो कि आप हैं कौन?
° _ज्ञान_, _आनंद_, _शान्ति_, _बेहद_, _यात्रा_, _पावन_

6. जब ____ -युग होता है, सृष्टि पुरानी होती है तब मैं आता हूँ। तुम बच्चों ने रावण के देश में हमको बुलाया है, मैं तो ____ -धाम में बैठा था। स्वर्ग स्थापन करने के लिए मुझे नर्क रावण के देश में बुलाया कि अब ____ -धाम में ले चलो।
° _संगम_, _परम_, _सुख_

7. बाप जादूगर, सौदागर, रत्नागर है ना। धोबी भी है, सोनार भी है, *वकील भी है*। वकील कैसे?
° सबको *रावण की जेल से छुड़ाते* हैं। (उनको ही सब बुलाते हैं – हे पतित-पावन, हे दूरदेश के रहने वाले……. हमको आकर पावन बनाओ। आओ भी पतित दुनिया में, पतित शरीर में आकर हमको पावन बनाओ।

8. तुम जैसे *जिन्न* हो। कैसे?
° तुम ही *पूरी सीढ़ी उतरते हो फिर चढ़ते* हो। (जिन्न की कहानी है ना – उसने बोला काम दो तो राजा ने कहा अच्छा सीढ़ी उतरो और चढ़ो। बहुत मनुष्य कहते हैं भगवान को क्या हुआ जो ऐसी सीढ़ी बनाई! बाप समझाते हैं यह अनादि खेल है।)

9. अभी तुम बी.के. ____ को भी जाकर ज्ञान और योग सिखलाते हो, _____ से मिलाने लिए। तुम कहते हो हम तुमको स्वर्ग का _____ बनायेंगे, मुक्ति-जीवनमुक्ति देंगे। फिर उनको बोलो ______ को याद करो, और कोई को नहीं।
° _राजाओं_, _बाप_, _मालिक_, _शिवबाबा_

10. पहले एक ब्रह्मा फिर ब्राह्मणों की एडाप्टेड ____ वृद्धि को पाते हैं। कितनी वृद्धि होने की है। जितने सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी _____ थे, उतने सब बनने के हैं। आबू सर्व तीर्थों में, सब धर्मों के तीर्थों में मुख्य तीर्थ है क्योंकि यहाँ ही बाप आकर सर्व _____ की सद्गति करते। अभी तुम _____ की स्थापना कर रहे। यह चक्र देखने से ही सारा ____ आ जाता है।
° _सन्तान_, _देवतायें_, _धर्मों_, _स्वर्ग_, _ज्ञान_

11. *अन्धश्रद्धा* वा *ब्लाइन्डफेथ* किसे कहेंगे?
° जिनकी भक्ति करते हैं, उनकी *बायोग्राफी, आक्यूपेशन का किसको पता नहीं* इसलिए उनको कहा जाता है अन्धश्रद्धा। (किसकी पूजा करना, माथा टेकना और उनकी *जीवन कहानी को न जानना* , उसको कहा जाता है ब्लाइन्डफेथ।)

12. जगत का मालिक बनने लिए मुख्य ___ विकार पर जीत पानी है। सम्पूर्ण _____ जरूर बनना है। अभी हम ____ कर रहे – यह लक्ष्मी-नारायण बनने लिए। अभी जबकि मैं तुमको स्वर्ग की बादशाही देता तो तुम ____ क्यों नहीं बनेंगे। मैं स्वर्ग स्थापन करने आया हूँ तो अब मेरी ____ पर चलो। अभी तुम ____ -बुद्धि बनाने का पुरुषार्थ कर रहे, आत्मा में ही धारणा होती।
° _काम_, _निर्विकारी_, _तपस्या_, _पवित्र_, _श्रीमत_, _पारस_

Answers from Sakar Murli 18-01-2021

*Om Shanti*

*Answers from Daily Murli 18-01-2021*

1. संकल्प वा स्वप्न में भी एक _____ की याद रहे तब कहेंगे सच्चे तपस्वी।
° _दिलाराम_

2. स्नेह के पीछे _____ करने में मुश्किल भी सहज अनुभव होता। तो _____ स्वरूप के वरदान द्वारा सर्व कमजोरियों को मजबूरी से नहीं _____ से कुर्बान करो क्योंकि सत्य बाप के पास _____ ही स्वीकार होता। तो सिर्फ बाप के स्नेह के गीत नहीं गाओ लेकिन स्वयं बाप समान _____ स्थिति स्वरूप बनो जो सब आपके _____ गायें।
° _कुर्बान_, _समर्थी_, _दिल_, _सत्य_, _अव्यक्त_, _गीत_

3. अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो और अपने घर को याद करो, उनको कहा ही जाता टावर ऑफ _____ । टावर ऑफ _____ । टावर बहुत _____ होता है। वहां कैसे जा सकते, यह भी टावर में रहने वाला _____ सिखलाते, बच्चे, अपने को आत्मा समझो, हम आत्मा शान्तिधाम की _____ हैं। यह चलते-फिरते _____ डालनी है, आत्मा समझो और शान्तिधाम-सुखधाम याद करो।
° _साइलेन्स_, _सुख_, _ऊंचा_, _बाप_, _निवासी_, _टेव (आदत)_

4. बच्चों को _____ होनी चाहिए – स्वर्ग-विश्व का मालिक बनाने वाला बाबा हमें पढ़ा रहा। आत्मा की _____ चली जाती बाप तरफ। यह है आत्मा का _____ एक बाप के साथ। सवेरे-सवेरे उठ बाबा से मीठी-मीठी _____ करो, बाबा आपकी तो कमाल है, बाबा हम आपकी _____ पर जरूर चलेंगे। तुम्हीं से खाऊं, तुम्ही से बैठूँ.. तुम जानते हो शिवबाबा इसमें आकर कहते – मीठे बच्चे _____ याद करो।
° _खुशी_, _बुद्धि_, _लव_, _बातें_, _शिक्षा_, _मामेकम्_

5. जब तक दैवी राजधानी स्थापन हो जाए तब तक सुनाते रहेंगे, फिर _____ होंगे नई दुनिया में। हिसाब-किताब सामने आता, जितना हो सके _____-बल से काम लो, इसमें ही कल्याण है। लव ऐसा होना चाहिए जो बात मत पूछो, बच्चों को तो बाप को _____ में छिपाना पड़े। मोस्ट बिलवेड _____ बाप हमें पढ़ा रहे, वह ज्ञान-सुख-_____ का सागर है।
° _ट्रांसफर_, _योग_, _पलकों_, _निराकार_, _प्यार_

6. बच्चों की कितनी निष्काम _____ करते। पतित शरीर में आकर बच्चों को _____ जैसा बनाते। कितना मीठा बाबा है, बच्चों को भी ऐसा _____ बनना है। कितना निरंहकार से बाबा बच्चों की सेवा करते, बच्चों को भी इतनी _____ करनी चाहिए। श्रीमत पर चलना चाहिए, तुम ईश्वरीय सन्तान भाई-बहन वर्सा ले रहे, जितना पुरुषार्थ उतना _____ पायेंगे। इसमें _____ रहने का भी बहुत अभ्यास चाहिए।
° _सेवा_, _हीरे_, _मीठा_, _सेवा_, _पद_, _साक्षी_

7. मीठे बच्चे, तुम जानते हो यह अनादि ड्रामा है, इसमें हार जीत का _____ चलता है। जो होता है वह ठीक है। _____ को ड्रामा जरूर पसन्द होगा ना, तो बच्चों को भी पसन्द होगा। बाप कहते कल्प पहले मिसल फिर से _____ बनाने आया हूँ। तुम्हें यहाँ मास्टर प्यार का _____ बनना है। यहाँ बनेंगे तो वह संस्कार _____ बन जायेंगे। बाप सदाकाल का _____ देने वाला है तो बच्चों को भी बाप समान बनना है।
° _खेल_, _क्रियेटर_, _प्यारा_, _सागर_, _अविनाशी_, _सुख_

8. कितना सहज उपाय बताते, कितना प्यार से तुम्हारी _____ की पालना करते। _____ का स्नान करना है। आत्मा समझने का अभ्यास करते रहो, यह देह का _____ बिल्कुल टूट जाए। योग से ही _____ सतोप्रधान बन बाबा पास जाना है। सच्चाई से अपना _____ बाप को बताना चाहिए। चेक करना – हम पौना घण्टा बैठे, इसमें कितना _____ आत्मा समझ याद किया!
° _ज्ञान_, _योग_, _अंहकार_, _पवित्र_, _चार्ट_, _समय_

9. जो आत्म-अभिमानी होकर रहते उनको कहा जाता _____-वीर। याद से ही तुम सुप्रीम अर्थात् _____-वान बनते। याद में न रहने कारण तुम्हारा किसको _____ नहीं लगता। निरन्तर याद रहे तो _____ अवस्था हो जाए। ज्ञान की _____ दिखाई दे। एक बाप के सिवाए और कोई की याद न रहे, _____ भी नहीं, यह अवस्था पिछाड़ी को होगी।
° _महा_, _शक्ति_, _तीर_, _कर्मातीत_, _प्राकाष्ठा_, _देह_

10. _____ है तो उसको सफल कैसे करें, बाबा कहते सेन्टर खोलो, जिससे बहुतों का _____ हो। तुमको भी भविष्य 21 जन्मों लिए _____ भाग्य मिलता। तुम्हारी यह नम्बरवन _____ है, 4 आना डालो तो हजार बन जायेगा। पत्थर से सोना, तुम्हारी हर चीज़ _____ बन जायेगी। बाबा कहते मीठे बच्चे ऊंच पद पाना है तो मात पिता को पूरा फालो करो और अपनी कर्मेन्द्रियों पर _____ रखो, जास्ती तमन्नायें नहीं!
° _पैसा_, _कल्याण_, _राज्य_, _बैंक_, _पारस_, _कन्ट्रोल_

11. बाबा तुम बच्चों को कितना _____ श्रृंगार कराए सतयुग के महाराजा महारानी बनाते। इसमें _____-शीलता का गुण बहुत अच्छा चाहिए। देह ऊपर टूमच मोह नहीं होना चाहिए, _____-बल से काम लेना। बाबा को कितनी भी खांसी आदि होती फिर भी सदैव _____ पर तत्पर रहते। तुम अभी ईश्वरीय मात-पिता की _____ में बैठे हो। तुमको सर्वगुण _____ यहाँ बनना है।
° _ज्ञान_, _सहन_, _योग_, _सर्विस_, _गोद_, _सम्पन्न_

12. सभी योगयुक्त और संकल्प-वाणी-कर्म _____-युक्त स्थिति में स्थित होते हुए अपना कार्य कर रहे हैं? तब ही सम्पन्न व _____ बन सकेंगे। चारों ओर सर्वशक्तियों का स्वयं में _____ चाहिए। दुनिया में चारों ओर टेन्शन तो बढ़ेगा, उसका _____ रूहानी पाण्डव सेना पर न हो। उसके लिये कोई-न-कोई बीच-बीच में ईश्वरीय याद की यात्रा का विशेष प्रोग्राम रहना चाहिए जिससे आत्माओं का _____ मजबूत रहेगा।
° _युक्ति_, _सम्पूर्ण_, _अटेन्शन_, _प्रभाव_, _किला_

13. आजकल सम्बन्ध-सम्पर्क में रहने वाले ज्यादा आयेंगे, _____ बनने वाले कम। कमजोर आत्माओं ज्यादा, उन्हें सब बातों में _____ नहीं होगा। उनके लिये रेग्युलर _____ बनना मुश्किल होगा। जैसे पहले उछल-उमंग-उत्साह होता – वह _____ कोई होगा। खाली हाथ कोई भी न जाये, नियमों पर भल नहीं चल पाते, लेकिन वह _____ में रहना चाहते, तो ऐसी आत्माओं का भी अटेन्शन जरूर रखना। समझ लेना यह ग्रुप तीसरी स्टेज वाला है, उसी प्रमाण _____ मिलनी चाहिए।
° _स्वरूप_, _निश्चय_, _स्टुडेण्ट_, _विरला_, _स्नेह_, _हैण्डलिंग_