Answers from Sakar Murli 14-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-05-2021*

1. बाप इकट्ठा है दादा साथ, कहेंगे बापदादा आये हैं, वह ___ भी है, नई बात। त्वमेव माताश्च… तुम मात-पिता.. यह एक लिए गाते, बुद्धि ऊपर जायेगी, याद ___ को करेंगे, उनकी महिमा है। यहाँ जब बैठते तो ___ बाप याद करो, वह सम्मुख है।
° _टीचर, निराकार, पारलौकिक_

2. भक्त गाते ___-पावन, परन्तु बुद्धि में नहीं आता शिवलिंग होगा, ऐसे ही कहते हे भगवान! अगर ज्ञान होता मैं ___ हूँ, उनको बुलाता, तो समझें वह निराकार है। उनसे ___ क्या-कब होगी – नहीं जानते।
° _पतित, आत्मा, प्राप्ति_

3. अभी बाप के बने, ब्रह्मा ___ द्वारा शिवबाबा ने एडाप्ट किया-गोद में लेते, प्रजापिता द्वारा मनुष्य सृष्टि रचते। कहते तुम मेरे बच्चे हो, फिर पहचान देते ___ क्या है? भ्रकुटी बीच स्टार, 84 जन्म भिन्न नाम-रूप-परिवार। समझेंगे वह जो ___ कुल के होंगे, दैवी कुल में ऊंच पद पाने वाले।
° _माता, आत्मा, ब्राह्मण_

4. सहज समझा सकते, तुम आत्मा हो, बाप परमपिता परमात्मा, वही बेहद का ___ देते, दिया था। ब्रह्मा द्वारा एडाप्ट करते फिर माँ चाहिए, तो जो अनन्य बच्ची एडाप्ट होती, उनको ___ टाइटिल मिला। जगत-अम्बा ब्राह्मणी ___-श्वरी है, उनको बाप से ज्ञान मिला, तुम उनके बच्चे ज्ञान सुनने-सुनाने का धन्धा करते।
° _वर्सा, जगत-अम्बा, ज्ञान-ज्ञाने_

5. पतित-पावन एक बाप है, वह आते पावन बनाने, ___ दुनिया पावन है, उसमें हैं स्वर्गवासी।सतयुग में सिर्फ भारतवासी देवी-देवतायें होंगे, सूर्यवंशी देवता, ___ का राज्य। तुमको बाप ने अपना बनाया अर्थात् शूद्र से ___ धर्म में ट्रांसफर किया, कलियुग बाद सतयुग।
° _नई, लक्ष्मी-नारायण, देवता_

6. स्वयं में धारणा करने-दूसरों को कराने सवेरे उठ बाप की ___ में बैठना है। जो समझा है उसे दूसरों को समझाने की ___ करनी है।सब एकरस समझदार नहीं, जितना जास्ती समझते-समझाते उनका नाम ___ होता, बाबा फलानी अच्छी ब्रह्माकुमारी भेजो।
° _याद, प्रैक्टिस, बाला_

7. बाबा ने आज कौन-से *5 अनन्य रत्नों* को याद किया? _(मम्मा-बाबा के अलावा)_
° अच्छा *कुमारका* (दादी प्रकाशमणि) है, *मनोहर* है, *गंगे* है – इसमें से किसी को भेज दो। बच्चे तो ढेर हैं। *जगदीश* को भेज दो, *रमेश* को भेज दो।

8. जो लक्ष्मी-नारायण मन्दिर बनवाते, कोई अच्छा बच्चा उनको चिट्ठी लिखे। इन्हों को ___ कैसे मिली, जबकि सतयुग पहले कलियुग में कुछ नहीं था? देवताओं ने कोई से ___ की नहीं, ऐसे विश्व के मालिक बन न सके। अभी फिर ___ से स्वर्ग का वर्सा ले रहे, कल्प पहले भी संगम पर बाप से पद पाया है।
° _राजधानी, लड़ाई, योगबल_

9. जब सम्पूर्ण स्टेज पर स्थित होंगे तो प्रकृति पर भी ___ अनुभव होगा, किसी प्रकार की अधीनता नहीं। ऐसी स्टेज बनाने चाहिए:- रूहानियत, ___, रहमदिल। जब तीनों ___ रूप में, स्थिति-चेहरे-कर्म में दिखे, तब कहेंगे अधिकारी प्रकृति-जीत।
° _विजय अर्थात् अधिकार का, रूहाब, प्रत्यक्ष_

10. ___ की लगाम मजबूत है तो मन रूपी घोड़ा 🐎 भाग नहीं सकता।
° _श्रीमत_

Answers from Sakar Murli 13-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 13-05-2021*

1. ओम् यानी मैं ___, शरीर हमारे आरगन्स, मैं परमधाम की रहने वाली। पुकारते हे दूर देश के रहने वाले फिर ___ का उपदेश सुनाओ, रूप बदल मनुष्य रूप में आइये। तो मेरा आना दिव्य ___ है, गर्भ में नहीं, साधारण बूढ़े तन में आता।
° _आत्मा, गीता, अलौकिक_

2. ज्ञान सागर परमपिता परमात्मा ही है, में कल्प-कल्प आकर सहज ___ सिखाता। सतयुग बनाने आता, वह हमारा ___ बाप-टीचर-गुरू है, सब पुकारते। सतयुग में सुख ही सुख है, आधाकल्प सतयुग-त्रेता ___, ब्राह्मणों का।
° _राजयोग, सुप्रीम, दिन_

3. अब तुम संगम पर हो, जानते दिन उदय होता, अभी ___ राज्य पाने का पुरूषार्थ कर रहे। शिवरात्रि वा जयन्ती अर्थात् शिव का ___, सारी सृष्टि को पावन बनाते, मैं सबका लिब्रेटर हूँ, गाइड बन ले जाता। बाप तीसरा नेत्र दे रहे, तुम आत्मा स्टार हो, ___ मिसल।
° _सूर्यवंशी-चन्द्रवंशी, रीइनकारनेशन, बिन्दी_

4. मैं भी आत्मा बिन्दी हूँ, परन्तु पुनर्जन्म में नहीं आता, मेरी ___ अलग है। तुम भी आत्मा हो, परन्तु अपने को ___ नहीं करते, आत्मा ही बाप को याद करती। रहम माँगते क्योंकि वह बाप ही ___ फुल है _(4 बातें)_ ।
° _महिमा_, _रियलाइज़_ , _नॉलेज वा ब्लिस वा प्योरिटी वा पीस_

5. क्रियेटर रचना को क्रियेट करते, फिर ___ धर्म की पालना कराते। अभी तुम राजधानी स्थापन कर रहे, ___ से सारे विश्व के मालिक बनते। धरती-आकाश सब तुम्हारे होंगे, कोई टच नहीं कर सकता, ___ राज्य।
° _आदि सनातन देवी-देवता, योगबल, अद्वैत_

6. कृष्ण पहला नम्बर ___ था, अब 84 जन्म अन्त में ब्रह्मा बने, बाप फिर से स्वर्ग-एक धर्म स्थापन कर रहे। भारत ही 100% सालवेन्ट, धर्म श्रेष्ठ ___ श्रेष्ठ, सर्वगुण सम्पन्न… पवित्र थे। (रक्षाबन्धन) बाप ने ही ___ ली थी कि अन्तिम जन्म पवित्र रहो।
° _प्रिन्स, कर्म, प्रतिज्ञा_

7. तुम आत्मा हो, नन बट वन, एक को ही याद करना, सच्ची ___। वर्सा बाबा से मिलता, याद से विकर्म विनाश होंगे, इसलिए फरमान है ___ याद करो।त्रिकालदर्शी तुम हो, हीरे जैसा बाप बनाते, तुम ईश्वरीय ___ में हो।
° _नन्स, मामेकम्, गोद_

8. तुम्हारा यह अन्तिम जन्म बहुत अमूल्य है, भारत-दुनिया की तुम ___ सेवा करते। बोलो पतित-पावन बाप को याद करो, चढ़ने में एक ___ लगता। अमर बाबा तुम अमर आत्माओं को अमर ___ ले चलने अमर कथा सुनाते।
° _रूहानी, सेकेण्ड, युग_

9. अच्छा और बातें भूल जाते, तो सिर्फ अपने को ___ निश्चय कर मुझ एक को याद करो। बुद्धि का ___ मेरे साथ लगाओ तो पाप भस्म हों पुण्य-आत्मा बनेंगे। तुम मनुष्य से ___ देवता बनते, यह है खेल, पुरूषार्थ से पता पड़ जाता।
° _आत्मा, योग, पूज्य_

10. ईश्वर अर्पणम्,मैं आया हूँ डायरेक्ट, 21 जन्म वर्सा देने, सब सफल करो, यह रूहानी ___ खोलो, जहाँ से सब एवरहेल्दी-वेल्दी बनेंगे। बोर्ड पर लिखो बाप सारी दुनिया की नेचर ___ बनाते। सारी दुनिया को एवरहेल्दी-वेल्दी बनाने वाला तुमको पढ़ा रहे, तुम हो मोस्ट ___ चिल्ड्रेन।
° _हॉस्पिटल कम युनिवर्सिटी_, _प्योर_, _स्वीट_

11.अपने देह भान (मैं फलानी हूँ) का संकल्प भी अर्पण करने वाले, सम्पूर्ण ___ होने वाले सर्व- ___ में सम्पन्न बनते, कोई कमी नहीं, सम्पूर्ण। जो यह लक्ष्य रखते, ऐसे पुरुषार्थियों को बापदादा सदा ___ का वरदान देते।
° _समर्पण, गुणों, विजयी भव_

12. मन को वश में करने वाला ही ___ रह सकता है।
° _मनमनाभव_

Answers from Sakar Murli 12-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-05-2021*

1. शिव भगवानुवाच जरूर अपने बच्चों प्रति ___ सिखाते वा ___ देते। हे प्राणी अथवा बच्चे, तुमने देखा मेरे जीवन में कितना पाप-पुण्य था! पुण्य-सुख का ___ बाप से मिलता, निराकार राम से, अभी पुण्य-आत्मा बनना है।
° _नॉलेज, श्रीमत, वर्सा_

2. पुण्य-आत्मा कैसे बनेंगे… वह ___ ने समझाया है, उनको परमपिता कहते। याद सभी एक ___ बाप को करते – ओ गॉड फादर भगवान। अब शिवबाबा इस शरीर द्वारा बात करते बच्चों, प्यार से, मैं सर्व का पतित-पावन, ___ दाता हूँ।
° _बाप, निराकार, सद्गति_

3. यह मनुष्य सृष्टि, वैरायटी धर्मों का उल्टा ___ हैं, बीज ऊपर। आत्मा शरीर में आती तो नाम रखते, ___ चलता, आत्माओं की दुनिया में नहीं। नाटक में रोशनी होती, बाकी जहाँ आत्मायें रहती, वहाँ ___ नहीं।
° _झाड़, खेल, सूर्य-चांद वा रात-दिन_

4. कर्म करना ही है, यह कर्मक्षेत्र है, सतयुग-त्रेता में ___ कर्म होते क्योंकि 5 विकार नहीं। हेविनली गॉड फादर जरूर ___ ही रचेंगे। भारत तो सबसे ऊंच ___ है, पहली बिरादरी मनुष्य सृष्टि की, सतयुग में एक यही था।
° _अच्छे_, _हेविन, खण्ड_

5. भारत जैसा दानी खण्ड कोई नहीं, इस समय तुम्हारा जो भी ___ है, सब इसमें स्वाहा करते, इनको कहते राजस्व अश्वमेध ___ ज्ञान यज्ञ। तुम जानते सारी दुनिया स्वाहा होती, हम क्यों नहीं ___ से बाबा पर बलि चढ़े।
° _तन-मन-धन, अविनाशी, खुशी_

6. बाबा आप आयेंगे हम बलिहार जायेंगे क्योंकि आप फिर 21 जन्म बलिहार जायेंगे, यह ___ है। जब तक तुम्हारी आत्मा ___ नहीं बनी, तब तक बलिहारी स्वीकार नहीं करते। ___ याद करो तो आत्मा प्योर बनें।
° _सौदागरी, पवित्र, मामेकम्_

7. सारी दुनिया रावण की जेल में है, कहते ___-राज्य चाहिए। तुम्हारा जो देवता धर्म है, वह सबसे ऊंच है, ___ थे। पतित-पावन जिसको बुलाते, वही सम्मुख पढ़ा रहे, वह ___ का सागर है।
° _राम_, _सतोप्रधान_, _ज्ञान वा प्रेम_

8. पुकारते – दु:ख से लिबरेट कर ___-धाम ले चलो। बाप कहते मैं आकर ___ का आधार लेता, मेरा जन्म मनुष्यों मुआफिक गर्भ से नहीं। अब तुम जानते, हम बेहद बाप से ___ सुख का वर्सा लेते।
° _सुख_, _प्रकृति_ , _बेहद_

9. बाप सब वर देते आयुश्वान-पुत्रवान-सम्पत्तिवान। तुमको पढ़ाते, जिससे तुम ___ बनते। यह नई रचना हो रही, ___ द्वारा बाप अपना बनाते। आत्मा सम्बन्ध में हम ___ हैं, अब बाप से वर्सा ले रहे। सिर्फ याद करो तो ___ भस्म होंगे, पावन बनेंगे, और कोई उपाय नहीं, तब मुक्तिधाम जा सकते।
° _देवता, ब्रह्मा, भाई-भाई, पाप_

10. वर्तमान समय माया का वार ___ के विकार रूप में भिन्न-भिन्न तरीके से होता। जब कमाई करने का ___ होता तो आलस्य खत्म होता। सोचेंगे, करेंगे, हो जायेगा… ऐसे संकल्प समाप्त कर यही सोचो जो-जितना करना है ___ करना – तब कहेंगे तीव्र पुरुषार्थी।
° _आलस्य, हुल्लास, अभी_

11. सच्चे सेवाधारी वह हैं जिनका सोचना और कहना ___ हो।
° _समान_

Answers from Sakar Murli 11-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 11-05-2021*

1. बाप एक ही है, रचना ___ को पुकारती। सभी आत्माओं का ___ बाप एक। पुकारते हैं ओ गॉड फादर परमपिता ___ करो, भक्तों का रक्षक एक भगवान।
° _रचयिता_, _पारलौकिक_, _रहम वा क्षमा_

2. शरीर का नाम बदलता, आत्मा भिन्न शरीर ले ___ बजाती अर्थात् पुनर्जन्म लेती। बाप आते भारत में, उनका नाम ___ है। वह ___ है।
° _पार्ट_, _शिव_, _निराकार_

3. नयन हीन को राह बताओ ___ की। एक बाप ही सर्व को ___ देते, उस अल्फ सतगुरू को याद करना। कोई मनुष्य ___ शान्ति-सुख सदाकाल दे नहीं सकते, यह वरदान एक बाप देते।
° _शान्तिधाम-सुखधाम_ , _सद्गति_ , _मुक्ति-जीवनमुक्ति_

4. भारत को ___ कहते जब आत्मायें पवित्र-सतोप्रधान थी।लक्ष्मी-नारायण का राज्य था, यही भारत बहुत ___ था, हीरे-जवाहरों के महल, बैकुण्ठ। ज्ञान का तीसरा नेत्र नहीं तब तो ___-राज्य माँगते।
° _स्वर्ग_ , _धनवान_ , _राम_

5. लक्ष्मी-नारायण ने राज्य कहाँ-कैसे पाया, समझने की बातें है, इसमें ___ देना पड़ता। मोस्ट ___ बाप है तब तो भक्ति में पुकारते। सतयुग में एक धर्म था, ज्ञान नेत्र ___ सागर परमपिता परमात्मा ही देते।
° _अटेन्शन_ , _बिलवेड_ , _ज्ञान_

6. पुकारते हे ___ हमें पावन बनाओ। बाप कहते मैं साधारण ___ तन में प्रवेश करता, जिनका बहुत जन्मों के अन्त का जन्म है।यह गीता पाठशाला है, मनुष्य को देवता बनाने यह ___ सिखाते, तुम आये हो स्वर्ग की बादशाही प्राप्त करने, बाप ही देते।
° _पतित-पावन_ , _बूढ़े_ , _राजयोग_

7. जब लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो प्योरिटी-पीस-प्रासपर्टी थी, पवित्र ___ आश्रम था। सतयुग में 100% ___, सतोप्रधान थे। ज्ञान-सागर पतित-पावन बाप ही सतोप्रधान बनने की ___ बताते।
° _गृहस्थ_, _सालवेन्ट_, _युक्ति_

8. महिमा गाते आप सर्वगुण सम्पन्न, हमको ___ लायक बनाओ। किसकी भी समझ नहीं बाप कैसे ___ धर्म की स्थापना कराते, हम सो थे। फिर चक्र फिरना चाहिए, इसलिए ___ बनना है, फिर मुक्ति-सुखधाम जा सकेंगे।
° _मन्दिर_ , _देवी-देवता_, _पावन वा गोल्डन एज़ेड_

9. अब मुझे याद करो, हे आत्मायें ___ बनो अगर स्वर्गवासी बनना है। आत्मा ही एक ___ छोड़ दूसरा लेती, अब 84 जन्म पूरे, फिर सतयुग में जाना। अब मुझे याद करो, और संग बुद्धियोग तोड़ो, रहो भल गृहस्थ व्यवहार में, अपने को ___ निश्चय करो।
° _देही-अभिमानी_, _शरीर_, _आत्मा_

10. मुझे ___ करो तो खाद जल जायेगी, तुम पवित्र बनेंगे फिर मैं सबको ले जाऊंगा। अगर मेरी ___ पर नहीं चलेंगे तो इतना ऊंच पद नहीं पायेंगे। तुम जब ___ देवी-देवता थे, सारे विश्व पर राज्य था, सब सुखी थे।
° _याद_ , _मत_ , _लायक_

11. भारत हेविन था, देवताओं को सम्पूर्ण ___ कहते। भारत ___ था, शिवबाबा की स्थापना की हुई। बाप तो 21 जन्म बेहद का वर्सा देते, सिर्फ यह 5 विकार ___ में दे देने हैं।
° _निर्विकारी_ , _शिवालय_, _दान_

12. “जैसे संकल्प वैसी सृष्टि” – जो नई सृष्टि रचने निमित्त विशेष आत्मायें हैं उनका हर संकल्प ___ होना चाहिए। जब स्मृति-वृत्ति-दृष्टि अलौकिक होती, इस ___ से कोई व्यक्ति-वस्तु आकर्षित नहीं करती। अलौकिक आत्मायें सर्व ___ से मुक्त होंगी।
° _श्रेष्ठ अर्थात् अलौकिक_, _लोक, आकर्षणों_

13. दिल में परमात्म ___ समाई हुई हों तो मन में उलझन आ नहीं सकती।
° _प्यार वा शक्तियां_

Answers from Sakar Murli 26-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-05-2021*

1. जब यहाँ बैठते, सबको कहना ___ को याद करो, तुम उनको जानते, कईयों का बुद्धियोग भटकता, इसलिए फ़र्ज है याद दिलाना। भाईयों-बहिनों बाप को याद करो, जिससे ___ मिलता, तुम सच्चे भाई-बहिन हो। अपने रचयिता बाप को याद करो, वह है ___ बाप।
° _शिवबाबा_, _वर्सा_, _रूहानी_

2. देवतायें कौन? उन्हें राजाई कैसे-कब मिली! तुम्हारी सूरत मनुष्य की, सीरत ___ की थी। निराकार बाबा समझाते, हमारा बाबा सो तुम्हारा, शिवबाबा ___ का सागर, बेहद बाप है। उनको शरीर चाहिए, ब्रह्मा तन में आता, तब ब्राह्मण धर्म स्थापन हो, निश्चयबुद्धि बाप की ___ पर चलेंगे जिससे श्रेष्ठ देवता बनते, राजाई स्थापन होनी है।
° _देवता_, _ज्ञान वा शान्ति_, _आज्ञा_

3. बेहद बाप बेहद बातें समझाते, बुद्धि में बैठना चाहिए, हम भविष्य लिए ___ कर ऊंच पद पायें। श्रीमत पर श्रेष्ठ राजाई पद पायेंगे, फिर दूसरों को आप समान बनायें तब कहे ___। सब मालूम पड़ेगा, इसको ज्ञान प्रकाश कहते, ___ मिलती, कोई नई बात नहीं, कल्प पहले भी हुआ था।
° _पुरूषार्थ_, _खुदाई-खिदमतगार_, _रोशनी_

4. याद में रहो तो खाद निकले, यहाँ ही ___ बनना है, प्यार से समझाना याद करो। शिवबाबा खुद कहते मामेकम् याद करो, वह ___ है, और संग तोड़ एक संग जोड़ना। तुम भारत का बेड़ा पार करते, जो नारायण बनने वाले, देवता धर्म वाले होंगे, वही ___ कथा सुनेंगे।
° _सतोप्रधान_, _कल्याणकारी_, _अमर_

5. एक-एक बात याद करने लायक है, एक बात से सब आ जायेंगी। याद करना, ___ ध्यान में रखना, शिवबाबा साथ पार्ट बजा रहे फिर जाना हैं। सब सीतायें एक राम को, सब ___ एक भगवान-साजन को याद करती। शोक वाटिका है कलियुग, अशोक वाटिका ___।
° _स्वदर्शन-चक्र_, _भक्तियाँ वा सजनियाँ_, _सतयुग वा स्वर्ग_

6. (साक्षात्कार) पिछाड़ी में सब मालूम पड़ेगा, इसलिए मेहनत करो, सर्विस में सच्चे ___ बनो। तुमको बहुत हुल्लास चाहिए, कैसे ___ बतायें, जो उन्हों की आत्मा खुश हो, यह तुमने बीज बोया। तुमको सर्विस पर देख औरों को भी ___ होगा, क्यों न पुरूषार्थ करें, नहीं तो कल्प-कल्प ऐसा हाल होगा।
° _राइट-हैण्ड_, _रास्ता_, _उमंग_

7. तुम देवता धर्म के थे, जो हैं सबसे ___, इन जैसा कोई नहीं, आधाकल्प पवित्र रहते। बाप भारत में आकर जगाते, फिर पावन ___ बनाते। हम ड्रामा के एक्टर्स हैं, निकल नहीं सकते, पार्ट चलते जाते फिर कल्प बाद ___, सर्विस पर रहने से बहुतों का कल्याण होगा।
° _पवित्र_, _स्वर्गवासी_ , _रिपीट_

8. जो अपने को एक राम की सच्ची सीता समझ सदा ___ लकीर अन्दर रहते, वह केयरफुल सो ___ स्वत: रहते। सवेरे से रात तक जो मर्यादायें हैं उनकी स्पष्ट नॉलेज बुद्धि में रख, लकीर अन्दर रहो तब कहेंगे मर्यादा ___।
° _मर्यादाओं की_ , _चियरफुल_ , _पुरुषोत्तम_

9. सेवा की अति में नहीं जाओ, सेवा और स्व पुरूषार्थ का ___ रखो।
° _बैलेन्स_

Answers from Sakar Murli 24-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-05-2021*

1. द्वापर से प्रालब्ध पूरी हो, उतरती कला होती, बाप नर्कवासी को कल्प-कल्प ___ बनाते, रामराज्य, दिन, जीत। मैं आकर वर्सा देता, तुम्हारी शक्ल मनुष्य की और सीरत ___ की थी, पारलौकिक बाप सम्मुख समझा रहे। सतयुग में खुशी में प्रालब्ध भोगते, फिर उतरना, कोई अच्छे अनुभवी हैं जिनकी ___ अच्छी होती।
° _स्वर्गवासी_, _देवताओं_, _धारणा_

2. मैं तुम्हारा बेहद बाप, सृष्टि रचयिता हूँ, मुझे ___ करने से तुमको बेहद वर्सा मिलेगा, खाद निकलेगी। पवित्र होने बिगर जा नहीं सकते, नई दुनिया में हैं ही ___, विश्व के मालिक थे। फिर उनको साहूकार बनना है, भारत स्वर्ग था, ___ का राज्य था, पतित-पावन बाप तुमको रीयल बात समझाते।
° _याद_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

3. सद्गति भगवान ही देते, हम बाबा के ___ से देवता बनते, अब दुनिया से वैराग्य है। कोई यथार्थ भगवान को नहीं जानते, परमात्मा भी ___ है, स्वयं ब्रह्मा तन से समझाते मैं तुम आत्माओं का बाप हूँ। मुझे-वर्से को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे, वाह! ऐसे ___ को भूलना थोड़ी चाहिए, स्वर्ग का मालिक बना रहे, जिसके लिए आधाकल्प भक्ति करते आये।
° _ज्ञान_, _बिन्दी_, _साजन वा बाप_

4. अब हम शरीर छोड़ राजाई में जायेंगे, यह ___ जन्म है, सतयुग में समझते एक शरीर छोड़ दूसरा लेना है, आत्म-अभिमानी। नॉलेज सिर्फ तुमको है, यह ज्ञान-ज्ञानेश्वर ज्ञान सागर बाप सुनाते, तुम पुरूषार्थ कर सम्पूर्ण ___ बनते।सम्पूर्ण निर्विकारी, गृहस्थ में रहते याद करो, ___ तो करना ही है, बुद्धियोग बाप साथ लगा रहे तो वर्सा मिल जायेगा।
° _अन्तिम_, _गुणवान_, _कर्म_

5. शिवबाबा कहते मनमनाभव, मामेकम् याद करो, अभी तुमको ___-अभिमानी बनाते जो आधाकल्प चलता, आयु सबकी बड़ी होती। बाप सम्मुख कितना अच्छा समझाते – हे ___, क्योंकि आत्मा ज्ञान लेती, धारणा आत्मा में। वह पुनर्जन्म नहीं लेते, बाबा ने काम दिया था परमात्मा की और ___ की महिमा लिखो, वह साकार वह निराकार, इतना गुणवान जरूर परमात्मा बनाते।
° _आत्म_, _आत्माओं_, _बच्चे_

6. इस समय तुम ___ सम्प्रदाय हो, बाप सिखला रहे। वैराग्य अर्थात् देह सहित सब सम्बन्ध छोड़ ___ आत्मा समझना, जैसे आये थे वैसे जाना। कहते मुझे याद करो, खुद अपना ___ देते, मैं जो-जैसा हूँ कोई विरला जान निश्चय कर पुरूषार्थ कर वर्सा पाते। याद से विकर्म विनाश होंगे, पवित्र बन पवित्र ___ के मालिक बनेंगे।
° _ईश्वरीय_, _अशरीरी_, _परिचय_, _दुनिया_

7. सदा ___ रहे पहले करना फिर कहना, मेहनत का फल अच्छा। यदि दूसरों को कहते स्वयं करते नहीं, तो सर्विस साथ ___ भी प्रत्यक्ष होती, जैसे अमृत बीच विष की एक बूंद पड़ने से सारा अमृत विष बनता। इसलिए पहले अपने ऊपर अटेन्शन दो तब कहेंगे सच्चे ___।
° _अटेन्शन_, _डिससर्विस_, _सेवाधारी_

8. अनेकता में एकता लाना, बिगड़ी को बनाना – यह सबसे बड़ी ___ है।
° _विशेषता_

9. हार-जीत का खेल है, इसमें उतरती कला होने का भी कारण है, जब ___ हो परमात्मा को भूलते तो गिरते विकारों में। हम श्रेष्ठ ___ से सुख उठाते। परमात्मा तो चढ़ती कला में हमारे ___ है, बाकी गिराने वाली माया है।
° _बॉडी कॉन्सेस_, _कर्म_, _साथ_

Answers from Sakar Murli 25-05-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-05-2021*

1. हम ___ यात्रा पर जा रहे, जिससे लौटकर नहीं आयेंगे। हम आत्मा हैं, शरीर रूपी कपड़ा छोड़ दूसरा लेंगे, नई दुनिया में नये ___ कपड़े, जैसे लक्ष्मी-नारायण। बाप ही ऐसा ___-वान बनाते, बाप का पार्ट है, तुमको वाइसलेस-पावन बनाते, कल्प के संगमयुगे।
° _अविनाशी अथवा रूहानी_ , _दैवी_, _गुण_

2. अब गुप्त वेष में तो तुम ___ भी हो, मनुष्य चोला गुप्त वेष है।और संग तोड़ तुम संग जोड़ेंगे, जैसे आप ___ हो, हम भी बनेंगे। पतित का विनाश हो तब शान्ति का राज्य हो, इस समय सुख कोई को नहीं, शिवबाबा ही स्वर्ग की स्थापना करते, जिसका नाम ___ है, देवताओं की राजधानी।
° _आत्मायें_, _मोहजीत_, _शिवालय_

3. लक्ष्मी-नारायण स्वर्ग के मालिक, ___ थे फिर बन रहे, तुम उनकी राजधानी में चैतन्य में जाते। जो लक्ष्मी-नारायण मन्दिर बनाते, हम इन्हों के 84 जन्मों की कहानी सुनाते, युक्ति से यह ___ देनी, समझाने वाली रसीली चाहिए। छुट्टी नहीं मिलती तो घर बैठे याद करो, जानते हम ___ की सन्तान हैं, मुरली मिल जाती।
° _पूज्य_, _सौगात_, _शिवबाबा_

4. बादल आते रिफ्रेश होने, ___, इन शब्दों की कशिश सम्मुख बहुत होती, बहुत अच्छा लगता। यहाँ है ईश्वरीय परिवार, ब्राह्मणों का ___, आपस में ज्ञान की लेन-देन करते, याद की युक्ति बताते, भोजन पर ईशारा देते। जो मिले परिचय दें कि भगवान, ___ बाप को याद करो, उनसे वर्सा मिलता, भूँ-भूँ।
° _तुम मेरे बच्चे हो_, _संगठन_, _पारलौकिक_

5. सतयुग में हम कितना सुखी ___ रहते, भारत प्रवृत्ति मार्ग का था, देवी-देवताओं का राज्य, पुकारते हे पतित-पावन आओ।अपने को ___ आत्मा समझो और बाप को याद करो, शरीर को देखते नहीं देखो, सब छोड़ो। सबकी वानप्रस्थ अवस्था है, ___ चुक्तू कर वापिस जायेंगे, थोड़े दिन हैं।
° _पवित्र_, _अशरीरी_, _हिसाब_

6. मुझे याद करो तो विकर्म विनाश होंगे, अपना ___ देखो, हम कितनों को रास्ता बताते, पुरूषार्थ कराते। तन-मन-धन से रूहानी सेवा में ___ बनना पड़े। आत्मा है ही शान्त, हम अपने ___ में जाकर बैठेगी, कोई दुनिया का संकल्प नहीं आयेगा।
° _चार्ट_, _मददगार_, _परमधाम_

7. हम योग लगा रहे, ___ बनेंगे फिर शरीर छोड़ेंगे, हम अभी यात्रा पर हैं। ___ अवस्था पायेंगे फिर विनाश का भारी सीन, तुम जानते हमारी अवस्था एकरस, खुशी में सदैव हर्षित रहेंगे। जितना याद करेंगे तो विकर्म विनाश होंगे, ___ पद पायेंगे।
° _सतोप्रधान_, _कर्मातीत_, _ऊंच_

8. चैरिटी बिगन्स एट होम, बोलो शिवबाबा कहते ___ करो तो वर्सा मिलेगा, सीधी बात। फर्ज है पैगाम देना, बताना विनाश सामने, कलियुग बाद ___। (शिव मन्दिर में) बाप नई सृष्टि रचते, ___ बाबा आये हैं, ब्रह्मा द्वारा स्वर्ग स्थापन कर रहे। थोड़ा समझाया यह चला, यह है तुम्हारा धन्धा, सिर्फ बोलना बाप कहते ___-अभिमानी बनो।
° _याद_, _सतयुग_, _निराकार_, _देही_

9. वर्तमान समय सबसे महीन-सुन्दर धागा ___ है, जब उल्टे रूप में आता तो बाप का प्यारा बनाने बजाए कोई आत्मा, नाम-मान-शान का प्यारा बनाता। इस बंधन से मुक्त बनने निरन्तर ___ स्थिति में स्थित हो साकार में आते- इसको नेचुरल ___ बनाओ तो निरहंकारी बन जायेंगे।
° _मैं-पन_, _निराकारी_, _नेचर_

10. किसी की बुरी वा अच्छी बात सुनकर संकल्प में भी ___ भाव आना – यह भी परमत है।
° _घृणा_

Answers from Sakar Murli 24-04-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-05-2021*

1. द्वापर से प्रालब्ध पूरी हो, उतरती कला होती, बाप नर्कवासी को कल्प-कल्प ___ बनाते, रामराज्य, दिन, जीत। मैं आकर वर्सा देता, तुम्हारी शक्ल मनुष्य की और सीरत ___ की थी, पारलौकिक बाप सम्मुख समझा रहे। सतयुग में खुशी में प्रालब्ध भोगते, फिर उतरना, कोई अच्छे अनुभवी हैं जिनकी ___ अच्छी होती।
° _स्वर्गवासी_, _देवताओं_, _धारणा_

2. मैं तुम्हारा बेहद बाप, सृष्टि रचयिता हूँ, मुझे ___ करने से तुमको बेहद वर्सा मिलेगा, खाद निकलेगी। पवित्र होने बिगर जा नहीं सकते, नई दुनिया में हैं ही ___, विश्व के मालिक थे। फिर उनको साहूकार बनना है, भारत स्वर्ग था, ___ का राज्य था, पतित-पावन बाप तुमको रीयल बात समझाते।
° _याद_, _सतोप्रधान_, _लक्ष्मी-नारायण_

3. सद्गति भगवान ही देते, हम बाबा के ___ से देवता बनते, अब दुनिया से वैराग्य है। कोई यथार्थ भगवान को नहीं जानते, परमात्मा भी ___ है, स्वयं ब्रह्मा तन से समझाते मैं तुम आत्माओं का बाप हूँ। मुझे-वर्से को याद करो तो विकर्म विनाश होंगे, वाह! ऐसे ___ को भूलना थोड़ी चाहिए, स्वर्ग का मालिक बना रहे, जिसके लिए आधाकल्प भक्ति करते आये।
° _ज्ञान_, _बिन्दी_, _साजन वा बाप_

4. अब हम शरीर छोड़ राजाई में जायेंगे, यह ___ जन्म है, सतयुग में समझते एक शरीर छोड़ दूसरा लेना है, आत्म-अभिमानी। नॉलेज सिर्फ तुमको है, यह ज्ञान-ज्ञानेश्वर ज्ञान सागर बाप सुनाते, तुम पुरूषार्थ कर सम्पूर्ण ___ बनते।सम्पूर्ण निर्विकारी, गृहस्थ में रहते याद करो, ___ तो करना ही है, बुद्धियोग बाप साथ लगा रहे तो वर्सा मिल जायेगा।
° _अन्तिम_, _गुणवान_, _कर्म_

5. शिवबाबा कहते मनमनाभव, मामेकम् याद करो, अभी तुमको ___-अभिमानी बनाते जो आधाकल्प चलता, आयु सबकी बड़ी होती। बाप सम्मुख कितना अच्छा समझाते – हे ___, क्योंकि आत्मा ज्ञान लेती, धारणा आत्मा में। वह पुनर्जन्म नहीं लेते, बाबा ने काम दिया था परमात्मा की और ___ की महिमा लिखो, वह साकार वह निराकार, इतना गुणवान जरूर परमात्मा बनाते।
° _आत्म_, _आत्माओं_, _बच्चे_

6. इस समय तुम ___ सम्प्रदाय हो, बाप सिखला रहे। वैराग्य अर्थात् देह सहित सब सम्बन्ध छोड़ ___ आत्मा समझना, जैसे आये थे वैसे जाना। कहते मुझे याद करो, खुद अपना ___ देते, मैं जो-जैसा हूँ कोई विरला जान निश्चय कर पुरूषार्थ कर वर्सा पाते। याद से विकर्म विनाश होंगे, पवित्र बन पवित्र ___ के मालिक बनेंगे।
° _ईश्वरीय_, _अशरीरी_, _परिचय_, _दुनिया_

7. सदा ___ रहे पहले करना फिर कहना, मेहनत का फल अच्छा। यदि दूसरों को कहते स्वयं करते नहीं, तो सर्विस साथ ___ भी प्रत्यक्ष होती, जैसे अमृत बीच विष की एक बूंद पड़ने से सारा अमृत विष बनता। इसलिए पहले अपने ऊपर अटेन्शन दो तब कहेंगे सच्चे ___।
° _अटेन्शन_, _डिससर्विस_, _सेवाधारी_

8. अनेकता में एकता लाना, बिगड़ी को बनाना – यह सबसे बड़ी ___ है।
° _विशेषता_

9. हार-जीत का खेल है, इसमें उतरती कला होने का भी कारण है, जब ___ हो परमात्मा को भूलते तो गिरते विकारों में। हम श्रेष्ठ ___ से सुख उठाते। परमात्मा तो चढ़ती कला में हमारे ___ है, बाकी गिराने वाली माया है।
° _बॉडी कॉन्सेस_, _कर्म_, _साथ_

Answers from Sakar Murli 10-04-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-04-2021*

1. _____ होकर हर खेल देखो तो सेफ भी रहेंगे और मज़ा भी आयेगा।
° _साक्षी_

2. वर्तमान समय आत्माओं में शक्ति नहीं जो जम्प दे, उन्हें एक्स्ट्रा _____ चाहिए। तो आपको स्वयं में विशेष _____ भर उन्हें हाई जम्प दिलाना है। इसलिए शक्तियों के _____ बनो। वरदानी बन अपनी रचना को सर्व शक्तियों का _____ दो।
° _फोर्स_, _शक्ति_, _वरदाता_, _वरदान_

3. पतित जगत से नाता तोड़ एक बाप से _____ -योग लगाओ तो माया से हार नहीं हो सकती। और फिर नये _____ के साथ जोड़ो, पहले नाता अच्छा-सतोप्रधान होता। _____ देना, हम कैसे भी करके बाप से वर्सा लेंगे जरूर।
° _बुद्धि_, _जगत_, _अटेन्शन_

4. परमपिता परमात्मा भी ड्रामा अनुसार _____ करते। विघ्न पड़ने ही हैं लेकिन विघ्नों से तुम्हें _____ नहीं। अब भक्ति खत्म हो ज्ञान मार्ग _____ होना है।
° _सर्विस_, _घबराना_, _जिंदाबाद_

5. आधाकल्प लगता भ्रष्टाचारी बनने में, फिर एक सेकेण्ड में बाप _____ बनाते। पुरूषार्थ करते-करते अन्त में _____ अवस्था होती फिर तो शरीर को रहना नहीं, इसलिए टाइम लगता। चेंज होना पड़ता, कौड़ी से _____ जैसा बनने।
° _श्रेष्ठाचारी_, _कर्मतीत_, _हीरे_

6. यहां सदा सुख ही सुख नहीं मिलता, बाप ही _____ -खण्ड स्थापन करते, वहां कितना सुख था। हमको यह पढ़ाई पढ़ _____ महाराजा-महारानी बनना है। अच्छी रीति याद करो, तो बाबा भी तुमको याद करे, याद से याद मिलती, _____ के आक्युपेशन का तुमको पता है।
° _सच_, _सूर्यवंशी_, _माशुक_

7. _____ का चित्र साथ रखो तो घड़ी-घड़ी याद आयेगी, याद करने से सूर्यवंशी घराने में आयेंगे। _____ में चित्र लगा होगा तो घड़ी-घड़ी नज़र पड़ेगी। सवेरे _____ ही नज़र उस पर जायेगी।
° _त्रिमूर्ति_, _कमरे_, _उठते_

8. अब तुम्हारा धन्धा यह रहा, हम सो देवता बन रहे तो औरों को भी _____ बताना। तुम जंगल से निकाल _____ में ले जाते, कांटों को फूल। प्रोजेक्टर से _____ से अच्छा प्रभाव होता, चेहरा देख समझा सकते। समझाने वाला जितना _____ उतना सर्विस अच्छी।
° _रास्ता_, _बगीचे_, _प्रदर्शनी_, _होशियार_

9. कोई नहीं जानते लक्ष्मी-नारायण ने राज्य-भाग्य कब-कैसे लिया, तुम जानते तो बड़ी _____ होनी चाहिए। बाप कहते अपनी _____ को जमाते रहो। जो कुछ होता, कल्प पहले भी हुआ था, तो खुशी भी रहती, _____ भी।
° _खुशी_, _अवस्था_, _शान्ति_

10. _____ करते बाप को याद करो, बुद्धियोग लटका रहे तो बहुत कल्याण होगा, जो करेगा सो पायेगा। अब मिलती _____-मत, भला करो तो भला हो। क्यों न हम _____ लगाते सर्विस करते रहें, जिससे आयु बढ़ेगी, निरोगी बनते!
° _कर्म_, _श्री_, _योग_

Answers from Sakar Murli 09 -04-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 09-04-2021*

1. बिगड़े हुए को सुधारना – यह सबसे बड़ी _____ है।
° _सेवा_

2. सभी धारणाओं में मुख्य है _____ और सफाई। एक दो प्रति दिल में बिल्कुल _____ हो, भाव-स्वभाव स्पष्ट। वहाँ आपस में दिल की _____ है। स्वभाव की _____ समाप्त हो, इसलिए मन के भाव-स्वभाव मिलाना। तब कहेंगे _____ -मूर्त।
° _सच्चाई_, _सफाई_, _समीपता_, _भिन्नता_, _सम्पूर्ण_

3. अपने को _____ समझना भूलते, तो बाप को याद करना भी। आत्मा _____ है, उनमें 84 जन्मों का अविनाशी पार्ट है। जो मैं आत्मा भिन्न _____ ले पार्ट बजाती, यह घड़ी-घड़ी भूलता। सतयुग में _____ -अभिमानी रहते, जानते हम एक शरीर छोड़ दूसरा लेते।
° _आत्मा_ , _बिन्दी_ , _शरीर_, _देही_

4. याद करते भगवान अर्थात् परलौकिक मात-पिता गॉड फादर को, उनसे _____ मिलता। बाप भी स्टार अति _____ है, सद्गति दाता, याद से विकर्म विनाश होते। गोल्डन एज़ में जाना है इसलिए बाप को बहुत _____ से याद करो। आत्मा समझ परमात्मा बाप से _____ लगानी है।
° _वर्सा_, _सूक्ष्म_, _प्यार_, _दिल_

5. बाप समान (वा लक्ष्मी-नारायण जैसा) _____ बनने अपने को आत्मा बिन्दु समझ बिन्दु बाप को याद करो। _____ अवस्था बनाने का अभ्यास करना है। बहुत हड्डी गुप्त मेहनत कर पाप आत्मा से _____ आत्मा बनना है।
° _लवली_, _एकरस वा योगी_, _पुण्य_

6. सिर्फ चक्र जानने से इतना _____ नहीं, जितना आत्मा निश्चय कर बाप को याद करने में है, तब _____ मिले। यह भोग आदि लगाना भी _____ है, मुख्य बात है याद की।
° _फायदा_, _सफलता_, _खेल_

7. योग ठीक नहीं होगा तो _____ की सज़ायें खायेंगे। बाप की याद से ही तुम _____ बनेंगे, निरोगी काया, बड़ी आयु।देही-अभिमानी बनें तब _____ का दाना बन सकें।
° _धर्मराज_, _पावन_, _माला_

8. यह अभ्यास हो जाए तो _____ भी याद आती रहे, इसको ही योग कहते। देही-अभिमानी बहुत _____ रहते, समझते मुझे साइलेन्स में जाना है। बाबा छोटा, नॉलेजफुल, सद्गति दाता हैं, मैं भी नॉलेजफुल बन रहा, ऐसा _____ चले तब ऊंच पद पा सकें।
° _चलते-फिरते_, _शान्त_, _चिंतन_

9. मुझ आत्मा को बाप को जानना, उसकी याद में रहना है, यह बहुतों का _____ कम है। बहुत आते, अच्छा-अच्छा कहते, यह पता नहीं पड़ता अन्दर कितनी _____ है। समझते हमारे में बहुत ज्ञान है, परन्तु योग का _____ नहीं बताते। _____ में अपने को मियाँ मिट्ठू समझते, पण्डित।
° _अभ्यास_, _कट_, _चार्ट_, _ज्ञान_