*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 11-05-2021*
1. बाप एक ही है, रचना ___ को पुकारती। सभी आत्माओं का ___ बाप एक। पुकारते हैं ओ गॉड फादर परमपिता ___ करो, भक्तों का रक्षक एक भगवान।
° _रचयिता_, _पारलौकिक_, _रहम वा क्षमा_
2. शरीर का नाम बदलता, आत्मा भिन्न शरीर ले ___ बजाती अर्थात् पुनर्जन्म लेती। बाप आते भारत में, उनका नाम ___ है। वह ___ है।
° _पार्ट_, _शिव_, _निराकार_
3. नयन हीन को राह बताओ ___ की। एक बाप ही सर्व को ___ देते, उस अल्फ सतगुरू को याद करना। कोई मनुष्य ___ शान्ति-सुख सदाकाल दे नहीं सकते, यह वरदान एक बाप देते।
° _शान्तिधाम-सुखधाम_ , _सद्गति_ , _मुक्ति-जीवनमुक्ति_
4. भारत को ___ कहते जब आत्मायें पवित्र-सतोप्रधान थी।लक्ष्मी-नारायण का राज्य था, यही भारत बहुत ___ था, हीरे-जवाहरों के महल, बैकुण्ठ। ज्ञान का तीसरा नेत्र नहीं तब तो ___-राज्य माँगते।
° _स्वर्ग_ , _धनवान_ , _राम_
5. लक्ष्मी-नारायण ने राज्य कहाँ-कैसे पाया, समझने की बातें है, इसमें ___ देना पड़ता। मोस्ट ___ बाप है तब तो भक्ति में पुकारते। सतयुग में एक धर्म था, ज्ञान नेत्र ___ सागर परमपिता परमात्मा ही देते।
° _अटेन्शन_ , _बिलवेड_ , _ज्ञान_
6. पुकारते हे ___ हमें पावन बनाओ। बाप कहते मैं साधारण ___ तन में प्रवेश करता, जिनका बहुत जन्मों के अन्त का जन्म है।यह गीता पाठशाला है, मनुष्य को देवता बनाने यह ___ सिखाते, तुम आये हो स्वर्ग की बादशाही प्राप्त करने, बाप ही देते।
° _पतित-पावन_ , _बूढ़े_ , _राजयोग_
7. जब लक्ष्मी-नारायण का राज्य था तो प्योरिटी-पीस-प्रासपर्टी थी, पवित्र ___ आश्रम था। सतयुग में 100% ___, सतोप्रधान थे। ज्ञान-सागर पतित-पावन बाप ही सतोप्रधान बनने की ___ बताते।
° _गृहस्थ_, _सालवेन्ट_, _युक्ति_
8. महिमा गाते आप सर्वगुण सम्पन्न, हमको ___ लायक बनाओ। किसकी भी समझ नहीं बाप कैसे ___ धर्म की स्थापना कराते, हम सो थे। फिर चक्र फिरना चाहिए, इसलिए ___ बनना है, फिर मुक्ति-सुखधाम जा सकेंगे।
° _मन्दिर_ , _देवी-देवता_, _पावन वा गोल्डन एज़ेड_
9. अब मुझे याद करो, हे आत्मायें ___ बनो अगर स्वर्गवासी बनना है। आत्मा ही एक ___ छोड़ दूसरा लेती, अब 84 जन्म पूरे, फिर सतयुग में जाना। अब मुझे याद करो, और संग बुद्धियोग तोड़ो, रहो भल गृहस्थ व्यवहार में, अपने को ___ निश्चय करो।
° _देही-अभिमानी_, _शरीर_, _आत्मा_
10. मुझे ___ करो तो खाद जल जायेगी, तुम पवित्र बनेंगे फिर मैं सबको ले जाऊंगा। अगर मेरी ___ पर नहीं चलेंगे तो इतना ऊंच पद नहीं पायेंगे। तुम जब ___ देवी-देवता थे, सारे विश्व पर राज्य था, सब सुखी थे।
° _याद_ , _मत_ , _लायक_
11. भारत हेविन था, देवताओं को सम्पूर्ण ___ कहते। भारत ___ था, शिवबाबा की स्थापना की हुई। बाप तो 21 जन्म बेहद का वर्सा देते, सिर्फ यह 5 विकार ___ में दे देने हैं।
° _निर्विकारी_ , _शिवालय_, _दान_
12. “जैसे संकल्प वैसी सृष्टि” – जो नई सृष्टि रचने निमित्त विशेष आत्मायें हैं उनका हर संकल्प ___ होना चाहिए। जब स्मृति-वृत्ति-दृष्टि अलौकिक होती, इस ___ से कोई व्यक्ति-वस्तु आकर्षित नहीं करती। अलौकिक आत्मायें सर्व ___ से मुक्त होंगी।
° _श्रेष्ठ अर्थात् अलौकिक_, _लोक, आकर्षणों_
13. दिल में परमात्म ___ समाई हुई हों तो मन में उलझन आ नहीं सकती।
° _प्यार वा शक्तियां_
