*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 12-05-2021*
1. शिव भगवानुवाच जरूर अपने बच्चों प्रति ___ सिखाते वा ___ देते। हे प्राणी अथवा बच्चे, तुमने देखा मेरे जीवन में कितना पाप-पुण्य था! पुण्य-सुख का ___ बाप से मिलता, निराकार राम से, अभी पुण्य-आत्मा बनना है।
° _नॉलेज, श्रीमत, वर्सा_
2. पुण्य-आत्मा कैसे बनेंगे… वह ___ ने समझाया है, उनको परमपिता कहते। याद सभी एक ___ बाप को करते – ओ गॉड फादर भगवान। अब शिवबाबा इस शरीर द्वारा बात करते बच्चों, प्यार से, मैं सर्व का पतित-पावन, ___ दाता हूँ।
° _बाप, निराकार, सद्गति_
3. यह मनुष्य सृष्टि, वैरायटी धर्मों का उल्टा ___ हैं, बीज ऊपर। आत्मा शरीर में आती तो नाम रखते, ___ चलता, आत्माओं की दुनिया में नहीं। नाटक में रोशनी होती, बाकी जहाँ आत्मायें रहती, वहाँ ___ नहीं।
° _झाड़, खेल, सूर्य-चांद वा रात-दिन_
4. कर्म करना ही है, यह कर्मक्षेत्र है, सतयुग-त्रेता में ___ कर्म होते क्योंकि 5 विकार नहीं। हेविनली गॉड फादर जरूर ___ ही रचेंगे। भारत तो सबसे ऊंच ___ है, पहली बिरादरी मनुष्य सृष्टि की, सतयुग में एक यही था।
° _अच्छे_, _हेविन, खण्ड_
5. भारत जैसा दानी खण्ड कोई नहीं, इस समय तुम्हारा जो भी ___ है, सब इसमें स्वाहा करते, इनको कहते राजस्व अश्वमेध ___ ज्ञान यज्ञ। तुम जानते सारी दुनिया स्वाहा होती, हम क्यों नहीं ___ से बाबा पर बलि चढ़े।
° _तन-मन-धन, अविनाशी, खुशी_
6. बाबा आप आयेंगे हम बलिहार जायेंगे क्योंकि आप फिर 21 जन्म बलिहार जायेंगे, यह ___ है। जब तक तुम्हारी आत्मा ___ नहीं बनी, तब तक बलिहारी स्वीकार नहीं करते। ___ याद करो तो आत्मा प्योर बनें।
° _सौदागरी, पवित्र, मामेकम्_
7. सारी दुनिया रावण की जेल में है, कहते ___-राज्य चाहिए। तुम्हारा जो देवता धर्म है, वह सबसे ऊंच है, ___ थे। पतित-पावन जिसको बुलाते, वही सम्मुख पढ़ा रहे, वह ___ का सागर है।
° _राम_, _सतोप्रधान_, _ज्ञान वा प्रेम_
8. पुकारते – दु:ख से लिबरेट कर ___-धाम ले चलो। बाप कहते मैं आकर ___ का आधार लेता, मेरा जन्म मनुष्यों मुआफिक गर्भ से नहीं। अब तुम जानते, हम बेहद बाप से ___ सुख का वर्सा लेते।
° _सुख_, _प्रकृति_ , _बेहद_
9. बाप सब वर देते आयुश्वान-पुत्रवान-सम्पत्तिवान। तुमको पढ़ाते, जिससे तुम ___ बनते। यह नई रचना हो रही, ___ द्वारा बाप अपना बनाते। आत्मा सम्बन्ध में हम ___ हैं, अब बाप से वर्सा ले रहे। सिर्फ याद करो तो ___ भस्म होंगे, पावन बनेंगे, और कोई उपाय नहीं, तब मुक्तिधाम जा सकते।
° _देवता, ब्रह्मा, भाई-भाई, पाप_
10. वर्तमान समय माया का वार ___ के विकार रूप में भिन्न-भिन्न तरीके से होता। जब कमाई करने का ___ होता तो आलस्य खत्म होता। सोचेंगे, करेंगे, हो जायेगा… ऐसे संकल्प समाप्त कर यही सोचो जो-जितना करना है ___ करना – तब कहेंगे तीव्र पुरुषार्थी।
° _आलस्य, हुल्लास, अभी_
11. सच्चे सेवाधारी वह हैं जिनका सोचना और कहना ___ हो।
° _समान_
