*Om Shanti*
*Answers from Sakar Murli 28-12-2020*
1. सेवा में सदा _____ करना – यही प्यार का सच्चा सबूत है।
° _जी हाजिर_
2. *बहुत समय के विजयी* , विजय माला के मणके बनते हैं। तो ऐसे विजयी बनने लिए क्या करना है?
° *सदा बाप को सामने* रखो – जो बाप ने किया वही हमें करना है। हर कदम पर *जो बाप का संकल्प वही बच्चों का* संकल्प, जो बाप के बोल वही बच्चों के बोल – तब विजयी बनेंगे। (यह *अटेन्शन सदाकाल का* चाहिए तब सदाकाल का राज्य-भाग्य प्राप्त होगा क्योंकि जैसा पुरूषार्थ वैसी प्रालब्ध है। सदा का पुरूषार्थ है तो सदा का राज्य-भाग्य है।)
3. अभी प्रैक्टिस करो हम अपने भाई आत्मा को ज्ञान देते, _____ -समान बनाने। बाप से वर्सा लेने लिए क्योंकि सब आत्माओं का ____ है। बाबा आते हैं सभी आत्माओं को अपना-अपना शान्ति वा सुख का _____ देने। हम जब _____ -धानी में होंगे, बाकी सब शान्तिधाम में होंगे। पीछे _____-जयकार होगी, यहाँ सुख ही सुख होगा इसलिए बाप कहते हैं _____ बनना है।
° _आप_, _हक_, _वर्सा_, _राज_, _जय_, _पावन_
4. “मीठे बच्चे – _____ बिगन्स एट होम अर्थात् पहले खुद _____ -अभिमानी बनने की मेहनत करो फिर दूसरों को कहो, आत्मा समझकर _____ को ज्ञान दो तो ज्ञान तलवार में _____ आ जायेगा”
° _चैरिटी_, _आत्म_, _आत्मा_, _जौहर_
5. संगमयुग पर किन *दो बातों की मेहनत* करने से सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे? (2)
° दु:ख-सुख, निंदा-स्तुति में *समान स्थिति* रहे – यह मेहनत करो। (कोई भी कुछ उल्टा-सुल्टा बोले, क्रोध करे तो तुम चुप हो जाओ, कभी भी मुख की ताली नहीं बजाओ।)
° *आंखों को सिविल* बनाओ, क्रिमिनल आई बिल्कुल समाप्त हो जाए, हम *आत्मा भाई-भाई* हैं, आत्मा समझकर ज्ञान दो, आत्म-अभिमानी बनने की मेहनत करो तो सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे। *सम्पूर्ण पवित्र* (और स्प्रीचुअल) बनने वाले ही गद्दी नशीन बनते हैं।
6. बाप कहते मैं तुम बच्चों को _____ देता हूँ। मैं बच्चों की तरफ, _____ को देखता हूँ और आत्मायें भी समझती कि हमारा _____ जो बाप है वह ज्ञान देते तो इसको कहेंगे ______ अभिमानी। इसको ही कहा जाता _____ ज्ञान की लेन-देन – आत्मा की परमात्मा साथ।
° _ज्ञान_, _आत्माओं_, _परमात्मा_, _रूहानी_, _स्प्रीचुअल_
7. हम भाइयों को बाबा पढ़ा रहे। आत्मायें पढ़ती हैं, यह _____ नॉलेज है, जो सिर्फ इस समय ______ बाप से मिलती क्योंकि बाप आते ही हैं संगमयुग पर जबकि _____ बदलती है। बाप आकर यही तो रूहानी नॉलेज देते कि अपने को ______ समझो। आत्मा _____ आई थी, यहाँ फिर शरीर धारण कर पार्ट बजाती है।
° _रूहानी_, _रूहानी_, _सृष्टि_, _आत्मा_, _अशरीरी_
8. कोई बच्चे अच्छी तरह से _____ देते, तो उनको ऊंचा समझते। अगर खुशी में रहना चाहते तो _____ , आत्मा समझो और बाप को याद करो। सामने परमात्मा को देखो तो वो _____ तख्त पर बैठा है। ऐसे भाइयों तरफ, आत्मा समझ फिर _____ से बात करो। भाई को हम _____ देते।
° _अटेन्शन_, _मनमनाभव_, _अकाल_, _भाई_, _ज्ञान_
9. रूहानी बाप रूहानी बच्चों से _____ करते, तुम आत्माओं को यह _____ का तीसरा नेत्र मिला है। जब हम भाई-भाई को देखेंगे तो कर्मेन्द्रियाँ _____ नहीं होंगी। और ऐसे करते-करते आंखें _____ हो जायेंगी। बाप कहते विश्व का _____ बनने लिए यह मेहनत करनी है। इसी आदत से “वी आर ऑल _____ ” – यह प्रैक्टिकल हो जायेगा।
° _बात_, _ज्ञान_, _चंचल_, _सिविल_, _मालिक_, _ब्रदर्स_
10. बाप समझाते ही सहज करके हैं। ____ लगाया, अब नाटक पूरा होता, अभी बाबा की ____ में रहते। सतोप्रधान बन, सतोप्रधान _____ का मालिक बनते, फिर ऐसे ही _____ उतरते हैं, देखो कितना सहज बताते। हर 5 हज़ार वर्ष बाद मेरे को आना होता, ड्रामा के प्लैन अनुसार मैं _____ -मान हूँ। बाप की मामेकम् याद में _अन्त_ मती सो गति हो जायेगी, सद्गति, नई दुनिया में देवी-देवता बनेंगे।
° _चक्र_, _याद_, _दुनिया_, _सीढ़ी_, _बंधाय_
11. यह तो *सीढ़ी उतरनी-चढ़नी* है, यहां बाबा ने किसका मिसाल दिया?
° *जिन्न की कहानी* है ना।उसको सीढ़ी उतरने और चढ़ने का काम दिया गया। (यह नाटक ही है चढ़ना और उतरना। इतनी छोटी आत्मा में यह अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यह है सबसे वण्डरफुल बात।)
12. बाप आकरके यह ____ देते हैं सर्विस करने की। बच्चों को हर एक का ______ करना ही है,बहुत बच्चों को यह शौक रहता है कि बाबा ____ खोलूं। हम सेन्टर खोलते हैं, हम ____ उठायेंगे। जैसे जिसने _____ पहले जो पुरूषार्थ किया, वह अभी भी ऐसे ही मेहनत करते रहते।
° _हिम्मत_, _कल्याण_, _सेन्टर्स_, _खर्चा_, _कल्प_
13. *माला* (के मणको) को क्यों सिमरते हैं?
° क्योंकि (सेवा में) *बाप की बहुत मदद की है*, तो क्यों नहीं सिमरे जायेंगे। (तुम सिमरे भी जाते हो, तुम्हारी पूजा भी होती है और तुम्हारे शरीर को भी पूजा जाता है। पूजा में भी तुम तीखे, यादगार में भी तुम तीखे और बादशाही में भी तुम तीखे। देखो, तुमको कितना ऊंचा बनाता हूँ। तो जैसे प्यारे बच्चे होते हैं, बहुत लव होता है तो बच्चों को कुल्हे पर, माथे पर भी रखते हैं। बाबा एकदम सिर पर रख देते हैं। अच्छा!)
