Answers from Sakar Murli 28-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 28-12-2020*

1. सेवा में सदा _____ करना – यही प्यार का सच्चा सबूत है।
° _जी हाजिर_

2. *बहुत समय के विजयी* , विजय माला के मणके बनते हैं। तो ऐसे विजयी बनने लिए क्या करना है?
° *सदा बाप को सामने* रखो – जो बाप ने किया वही हमें करना है। हर कदम पर *जो बाप का संकल्प वही बच्चों का* संकल्प, जो बाप के बोल वही बच्चों के बोल – तब विजयी बनेंगे। (यह *अटेन्शन सदाकाल का* चाहिए तब सदाकाल का राज्य-भाग्य प्राप्त होगा क्योंकि जैसा पुरूषार्थ वैसी प्रालब्ध है। सदा का पुरूषार्थ है तो सदा का राज्य-भाग्य है।)

3. अभी प्रैक्टिस करो हम अपने भाई आत्मा को ज्ञान देते, _____ -समान बनाने। बाप से वर्सा लेने लिए क्योंकि सब आत्माओं का ____ है। बाबा आते हैं सभी आत्माओं को अपना-अपना शान्ति वा सुख का _____ देने। हम जब _____ -धानी में होंगे, बाकी सब शान्तिधाम में होंगे। पीछे _____-जयकार होगी, यहाँ सुख ही सुख होगा इसलिए बाप कहते हैं _____ बनना है।
° _आप_, _हक_, _वर्सा_, _राज_, _जय_, _पावन_

4. “मीठे बच्चे – _____ बिगन्स एट होम अर्थात् पहले खुद _____ -अभिमानी बनने की मेहनत करो फिर दूसरों को कहो, आत्मा समझकर _____ को ज्ञान दो तो ज्ञान तलवार में _____ आ जायेगा”
° _चैरिटी_, _आत्म_, _आत्मा_, _जौहर_

5. संगमयुग पर किन *दो बातों की मेहनत* करने से सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे? (2)
° दु:ख-सुख, निंदा-स्तुति में *समान स्थिति* रहे – यह मेहनत करो। (कोई भी कुछ उल्टा-सुल्टा बोले, क्रोध करे तो तुम चुप हो जाओ, कभी भी मुख की ताली नहीं बजाओ।)
° *आंखों को सिविल* बनाओ, क्रिमिनल आई बिल्कुल समाप्त हो जाए, हम *आत्मा भाई-भाई* हैं, आत्मा समझकर ज्ञान दो, आत्म-अभिमानी बनने की मेहनत करो तो सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे। *सम्पूर्ण पवित्र* (और स्प्रीचुअल) बनने वाले ही गद्दी नशीन बनते हैं।

6. बाप कहते मैं तुम बच्चों को _____ देता हूँ। मैं बच्चों की तरफ, _____ को देखता हूँ और आत्मायें भी समझती कि हमारा _____ जो बाप है वह ज्ञान देते तो इसको कहेंगे ______ अभिमानी। इसको ही कहा जाता _____ ज्ञान की लेन-देन – आत्मा की परमात्मा साथ।
° _ज्ञान_, _आत्माओं_, _परमात्मा_, _रूहानी_, _स्प्रीचुअल_

7. हम भाइयों को बाबा पढ़ा रहे। आत्मायें पढ़ती हैं, यह _____ नॉलेज है, जो सिर्फ इस समय ______ बाप से मिलती क्योंकि बाप आते ही हैं संगमयुग पर जबकि _____ बदलती है। बाप आकर यही तो रूहानी नॉलेज देते कि अपने को ______ समझो। आत्मा _____ आई थी, यहाँ फिर शरीर धारण कर पार्ट बजाती है।
° _रूहानी_, _रूहानी_, _सृष्टि_, _आत्मा_, _अशरीरी_

8. कोई बच्चे अच्छी तरह से _____ देते, तो उनको ऊंचा समझते। अगर खुशी में रहना चाहते तो _____ , आत्मा समझो और बाप को याद करो। सामने परमात्मा को देखो तो वो _____ तख्त पर बैठा है। ऐसे भाइयों तरफ, आत्मा समझ फिर _____ से बात करो। भाई को हम _____ देते।
° _अटेन्शन_, _मनमनाभव_, _अकाल_, _भाई_, _ज्ञान_

9. रूहानी बाप रूहानी बच्चों से _____ करते, तुम आत्माओं को यह _____ का तीसरा नेत्र मिला है। जब हम भाई-भाई को देखेंगे तो कर्मेन्द्रियाँ _____ नहीं होंगी। और ऐसे करते-करते आंखें _____ हो जायेंगी। बाप कहते विश्व का _____ बनने लिए यह मेहनत करनी है। इसी आदत से “वी आर ऑल _____ ” – यह प्रैक्टिकल हो जायेगा।
° _बात_, _ज्ञान_, _चंचल_, _सिविल_, _मालिक_, _ब्रदर्स_

10. बाप समझाते ही सहज करके हैं। ____ लगाया, अब नाटक पूरा होता, अभी बाबा की ____ में रहते। सतोप्रधान बन, सतोप्रधान _____ का मालिक बनते, फिर ऐसे ही _____ उतरते हैं, देखो कितना सहज बताते। हर 5 हज़ार वर्ष बाद मेरे को आना होता, ड्रामा के प्लैन अनुसार मैं _____ -मान हूँ। बाप की मामेकम् याद में _अन्त_ मती सो गति हो जायेगी, सद्गति, नई दुनिया में देवी-देवता बनेंगे।
° _चक्र_, _याद_, _दुनिया_, _सीढ़ी_, _बंधाय_

11. यह तो *सीढ़ी उतरनी-चढ़नी* है, यहां बाबा ने किसका मिसाल दिया?
° *जिन्न की कहानी* है ना।उसको सीढ़ी उतरने और चढ़ने का काम दिया गया। (यह नाटक ही है चढ़ना और उतरना। इतनी छोटी आत्मा में यह अविनाशी पार्ट भरा हुआ है। यह है सबसे वण्डरफुल बात।)

12. बाप आकरके यह ____ देते हैं सर्विस करने की। बच्चों को हर एक का ______ करना ही है,बहुत बच्चों को यह शौक रहता है कि बाबा ____ खोलूं। हम सेन्टर खोलते हैं, हम ____ उठायेंगे। जैसे जिसने _____ पहले जो पुरूषार्थ किया, वह अभी भी ऐसे ही मेहनत करते रहते।
° _हिम्मत_, _कल्याण_, _सेन्टर्स_, _खर्चा_, _कल्प_

13. *माला* (के मणको) को क्यों सिमरते हैं?
° क्योंकि (सेवा में) *बाप की बहुत मदद की है*, तो क्यों नहीं सिमरे जायेंगे। (तुम सिमरे भी जाते हो, तुम्हारी पूजा भी होती है और तुम्हारे शरीर को भी पूजा जाता है। पूजा में भी तुम तीखे, यादगार में भी तुम तीखे और बादशाही में भी तुम तीखे। देखो, तुमको कितना ऊंचा बनाता हूँ। तो जैसे प्यारे बच्चे होते हैं, बहुत लव होता है तो बच्चों को कुल्हे पर, माथे पर भी रखते हैं। बाबा एकदम सिर पर रख देते हैं। अच्छा!)

Answers from Sakar Murli 26-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 26-12-2020*

1. सन्तुष्टता का फल _____-ता है, प्रसन्नचित बनने से _____ समाप्त हो जाते।
° _प्रसन्न_, _प्रश्न_

2. जिससे ____ होता उसको आटोमेटिकली फालो करना होता। सदा याद रहे यह कर्म जो कर रहे, यह ______ फादर है? बाप को कॉपी करते बाप _____ बनो। जैसे कार्बन पेपर डालते, वैसे ______ का पेपर डालो तो कॉपी हो जायेगा। क्योंकि स्वयं को हर ______ से सम्पन्न बनाने का समय है। अगर स्वयं, स्वयं को सम्पन्न नहीं कर सकते तो _______ लो, नहीं तो टू लेट हो जायेंगे।
° _स्नेह_, _फालो_, _समान_,
_अटेन्शन_, _शक्ति_, _सहयोग_

3. फिर जो तुम्हारी एक्ट _____ -युग में चली होगी, वही चलेगी। समझा जाता है सतयुग है _____ दुनिया। जरूर वहाँ सब कुछ नया ____ -प्रधान और सस्ता होगा, जो कुछ कल्प पहले हुआ था वही होगा। देखते भी हैं – इन लक्ष्मी-नारायण को कितने _____ हैं। हीरे-जवाहरात _____ बहुत रहता।
° _सत_, _नई_, _सतो_, _सुख_, _धन_

4. “मीठे बच्चे – बाबा आये हैं तुम्हें बेहद की _____ देने, ऐसे मीठे बाबा को तुम प्यार से याद करो तो पावन बन जायेंगे”। यह जो नई दुनिया की _____ है, वह बेहद का बाप ही देते हैं सिर्फ इन द्वारा।यह बेहद की _____ तुमको उनसे मिलती, वह है बड़ा बाबा।
° _जागीर_ _प्रापर्टी_, _बादशाही_

5. बाबा घड़ी-घड़ी _____ बच्चे क्यों कहते? क्योंकि अब ______ को जाना है। फिर जब इस दुनिया में आयेंगे तो _____ होगा। आत्माओं ने यह शान्ति और सुख का _____ कल्प पहले भी पाया था। अब फिर यह वर्सा ______ हो रहा, यह अनादि बना-बनाया है। वर्सा ______ से मिलता है, वह है बेहद का बाप।
° _रूहानी_, _आत्माओं_, _सुख_, _वर्सा_, _रिपीट_, _क्रियेटर_

6. वही कहते हैं ______ याद करो। बाप कहते हैं अपने को ______ समझो। इसको कहा जाता है याद की _____ । देह के सब सम्बन्ध छोड़ अपने को _____ आत्मा समझना है। खाती-पीती सब _____ करती है ना। इस समय तुमको _____ -अभिमानी बनना है।
° _मामेकम्_, _आत्मा_, _यात्रा_, _अशरीरी_, _आत्मा_, _देही_

7. इस याद की यात्रा से तुम पतित से _____ बनते हो। यह तो है _____ की यात्रा। यह तुम्हारी यात्रा है _____-धाम जाने के लिए। जो अच्छी रीति याद करते हैं वही जा सकते हैं और फिर ऊंच _____ भी वह पा सकते।
° _पावन_, _आत्मा_, _परम_, _पद_

8. अगर बुद्धि में ठीक रीति बैठ गया तो कहेंगे बस हम इस _____ यात्रा में लग जाता हूँ। ऐसे _____ वेग से लग जाएं तो अच्छी दौड़ी पहन सकते। घर में रहते भी बुद्धि में आ जायेगा यह तो बहुत अच्छी ____ बात है। हम अपने को आत्मा समझ _____ -पावन बाप को याद करता हूँ। बाप के _____ पर चलें तो पावन बन सकते। बनेंगे भी जरूर, _____ की बात है, है बहुत सहज।
° _रूहानी_, _तीव्र_, _राइट_,
_पतित_, _फरमान_, _पुरुषार्थ_

9. बाबा ने समझाया है – यह तुम्हारा बहुत _____ कुल है। बच्चे समझते हैं हम _____-मत पर सतयुग की स्थापना कर रहे। तुम हो ईश्वरीय _____ के ईश्वरीय भाती। यह _____-योग एक बाप ही सिखलाते, वही गीता का भगवान है। सबको यही बाप का निमंत्रण वा _____ देना है, बाकी सब बातें हैं _____ श्रृंगार।
° _ऊंच_ _श्री_, _मिशन_, _राज_, _पैगाम_, _ज्ञान_

10. हमारी आत्मा में यह _____ है जो चल रहा। _____ थी जो फिर से हम राजयोग सीख रहे हैं बाप से। बाप को ही आकर यह नॉलेज देनी थी, आत्मा में _____ है। वहाँ जाए पहुँचेंगे फिर नई दुनिया का पार्ट _____ होगा। आत्मा के सारे _____ को इस समय तुम समझ गये हो शुरू से लेकर। इतनी छोटी आत्मा में 84 जन्मों का पार्ट है, ऐसे _____ चीज़ और कोई हो न सके।
° _पार्ट_, _नूंध_, _नूंध_, _रिपीट_, _रिकार्ड_, _आश्चर्यवत_

11. बाबा के लिए तो कहते हैं सतयुग-त्रेता के समय _____ में रहते। हम तो _____ -राउण्ड पार्ट बजाते। सबसे जास्ती हमारा ____ है। तो बाप वर्सा भी _____ देते हैं। कहते हैं 84 जन्म भी तुम ही लेते हो। हमारा तो पार्ट फिर ऐसा है जो और कोई बजा न सके। ____ बातें हैं ना।
° _विश्राम_, _आल_, _पार्ट_,
_ऊंच_, _वण्डरफुल_

12. _____ मेल-फीमेल नहीं है। आत्मायें सब _____ हैं तो भाई-भाई हो जाती हैं। आत्मा बाप का बच्चा है ना, ______ लेते हैं बाप से इसलिए मेल ही कहेंगे। सब आत्माओं का ____ है, बाप से वर्सा लेने का। उसके लिए बाप को ____ करना है। अपने को आत्मा समझना है, हम सब ____ हैं।
° _आत्मा_, _बच्चे_, _वर्सा_, _हक_, _याद_, _ब्रदर्स_

13. बाप से या तुम _____ से ही सुन सकते हैं। बाप तो तुम बच्चों से ही _____ करते हैं। _____ शोज़ फादर है ना, बच्चों को ही पढ़ाना है।
° _बच्चों_, _बात_, _सन_

14. तुम बच्चे ही बहुतों की _____ कर ले आते हो। बाबा समझते हैं यह बहुतों को _____ -समान बनाते हैं। तुम रूहानी ____ भी हो, जो सबको रावण की जंजीरों से छुड़ाते। जितनी जो सर्विस करते हैं उतना _____ मिलता। जितना पढ़ेंगे उतना ट्रांसफर हो _____ -पुरी में ऊंच पद पायेंगे।
° _सर्विस_, _आप_, _सेना_,
_फल_, _अमर_

15. बाप को प्यार भी करना होता है क्योंकि यह है बहुत प्यारे ते प्यारी _____ । प्यार का _____ भी है, एकरस _____ हो न सके, कोई याद करते कोई नहीं। किसको समझाने का भी _____ रहता है ना। यह युनिवर्सिटी है, यह स्प्रीचुअल _____ है।
° _वस्तु_, _सागर_, _प्यार_, _नशा_, _पढ़ाई_

16. दिन-प्रतिदिन और ही _____ निकलते रहेंगे, जो मनुष्य देखने से ही समझ जाएं। _____ है बहुत अच्छी। जो इस कुल का होगा उनको _____ लगेगा। जो हमारे देवता धर्म के _____ होंगे वही आयेंगे। तुमको _____ होगा यह तो बहुत रूचि से सुन रहे हैं।जो _____ पर तत्पर होंगे वही दिल पर चढ़ेंगे और तख्त पर भी।
° _चित्र_, _सीढ़ी_, _तीर_, _पत्ते_, _फील_, _सर्विस_

17. विनाश नजदीक होगा तो सबको मालूम पड़ेगा हमारा ____ आया हुआ है। अब नई दुनिया की स्थापना, पुरानी का विनाश होना है, बहुतों को _____ होंगे। संन्यासियों, राजाओं आदि को _____ मिलेगा। जब सुनेंगे बेहद का बाप आया है, सद्गति देने वाला तो ______ आयेंगे। अखबारों द्वारा अनेकों को _____ मिलेगा। तुम बच्चे _____ -अभिमानी बनते जायेंगे, एक बाप की ही याद में अतीन्द्रिय सुख में रहेंगे।
° _बाबा_, _साक्षात्कार_, _ज्ञान_, _बहुत_, _सन्देश_, _आत्म_

Answers from Sakar Murli 25-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 25-12-2020*

1. याद और सेवा दोनों का _____ ही डबल लॉक 🔒है।
° _बैलेन्स_

2. संगमयुग पर सदा स्व में स्थित रहने से तन का कर्मभोग योग में परिवर्तन कर देते इसलिए सदा _____ हो। मनमनाभव होने के कारण ______ की खान से सदा सम्पन्न हो। ____ धन सब धनों से श्रेष्ठ है, उनकी प्रकृति स्वत: दासी बनती। सर्व ____ एक के साथ हैं, सम्पर्क भी _____ -हंसों से है…इसलिए श्रेष्ठ भाग्यवान का ______ स्वत: प्राप्त है।
° _स्वस्थ_, _खुशियों_, _ज्ञान_, _संबंध_, _होली_, _वरदान_

3. तुम *बच्चों का अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ* है, क्यों? (3)
° क्योंकि तुम *सदा ही बाबा की याद में खुशियाँ मनाते* हो, अभी तुम्हारी सदा ही क्रिसमस है। तुम्हें *भगवान पढ़ाते* हैं, इससे बड़ी खुशी और क्या होगी, यह *रोज़ की खुशी* है इसलिए तुम्हारा ही अतीन्द्रिय सुख गाया हुआ है।

4. ज्ञान का तीसरा _____ देने वाला रूहानी बाप रूहानी बच्चों को समझाते। बाप आकरके मुक्तिधाम-जीवनमुक्तिधाम की _____ बता रहे। इस तीसरे नेत्र से तुम ______ के आदि-मध्य-अन्त को जान गये। यही तुम्हारी बुद्धि में ज्ञान की _____ है। _____ ….’ यही सबसे मीठी चीज़ है, बस बाप को याद करो।
° _नेत्र_, _राह_, _सृष्टि चक्र_,
_सैक्रीन_, _मनमनाभव_

5. तुम बच्चे इस समय ब्रह्मा मुख वंशावली _____ कुल भूषण हो। तुम्हारा है ______ कुल, इसको कहा जाता है ऊंच ते _____ कुल। इस समय तुम्हारा यह _____ अमूल्य है। तो बाबा कहते हैं इस समय पांच ______ को छोड़कर योग में रहो तो _____ बढ़ती रहेगी, बढ़ते-बढ़ते 150 वर्ष हो जायेगी।
° _ब्राह्मण_, _सर्वोत्तम_, _ऊंच_, _जीवन_, _विकारों_,
_आयु_

6. गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए, अपने धन्धेधोरी का कर्तव्य करते हुए ____ फूल के समान रहो और मुझे _____ करो। यहाँ तो तुम ______ -जन्मान्तर उस माशूक के आशिक रहे हो। तुम मुझे याद करो तो तुम्हारे _____ कट जायें, क्योंकि बाप _____ -पावन है। अभी तुम _____ बनो।
° _कमल_, _याद_, _जन्म_,
_पाप_, _पतित_, _पावन_

7. जब तक जीना है बाबा को _____ करना है। बाप कहते हैं तुम अपने को _____ समझकर बाप को याद करो और _____ गुण धारण करो तो ऐसे बन जायेंगे। तो बच्चों को _____ अच्छी तरह पढ़नी चाहिए, मुख्य तन्त है _____ को याद करो।
° _याद_, _आत्मा_, _दैवी_, _पढ़ाई_, _बाप_

8. बाप आकरके बच्चों को समझाते, तुम्हारे अभी सुख के ____ आने वाले हैं, पुकारते भी हो – हे _____ हर्ता, सुख दाता। जानते हो बरोबर _____ में सब सुखी ही सुखी हैं। सारे दुनिया की _____ को पार लगाना है। यह सारी दुनिया जैसे एक बहुत बड़ा _____ है इनको पार लगाते हैं।
° _दिन_, _दु:ख_, _सतयुग_,
_नईया_, _जहाज_

9. जब प्रदर्शनी में या सेन्टर पर कोई भी आते हैं तो उनको *पहले-पहले* क्या समझाओ?
° बाबा को याद करो क्योंकि *वह ऊंच ते ऊंच है*। तो ऊंचे ते ऊंचे को ही याद करना चाहिए, उनसे कम को थोड़ेही याद करना चाहिए। (कहते हैं ऊंचे से ऊंचा भगवान। भगवान ही तो *नई दुनिया की स्थापना* करने वाले हैं।)

10. अपने से पूछना चाहिए, मैं उत्तम हूँ, मध्यम हूँ या _____ हूँ? अपने को आपेही परखना चाहिए, मैं ऐसे ऊंचे ते ऊंचा इम्तहान पास करके ऊंच पद पाने के _____ हूँ? मैं _____ करता हूँ? तुम अपने को ____ समझ करके निश्चयबुद्धि होकरके सर्विस में लग जाओ। बाप की सर्विस, ऑन ___ फादरली सर्विस।
° _कनिष्ट_, _लायक_, _सर्विस_, _आत्मा_, _गॉड_

11. यह मैजिस्टी से भी *ऊंची सर्विस* है, कैसे?
° क्योंकि *मैजिस्टी (महाराजा) बनाते* हैं। (यह भी तुम समझ सकते हो कि बरोबर हम वर्ल्ड का मालिक बनते हैं।)

12. बाप कहते हैं – बच्चे, सर्विसएबुल बनो, बाबा को फालो करो क्योंकि *मैं भी तो सर्विस करता हूँ ना*। शिवबाबा ने अपनी सर्विस का कौन-सा *जबरदस्त मिसाल* सुनाया?
° मैं आया ही हूँ सर्विस करने लिए और *रोज़-रोज़ सर्विस* करता हूँ क्योंकि *रथ भी तो लिया है* ना। रथ भी मज़बूत, अच्छा है और सर्विस तो इनकी सदैव है। भले इनका शरीर बीमार पड़ जाये, मैं तो बैठा हूँ ना। तो मैं इनके अन्दर में बैठ करके लिखता भी हूँ, अगर यह *मुख से नहीं भी बोल सके तो मैं लिख सकता हूँ*। मुरली नहीं मिस होती है।

13. जो अच्छी रीति पुरूषार्थ करते उनको ही ____ -वीर कहा जाता, जो बाबा के _____ पर चलते। जब भी किससे बात करो तो समझो हम ____ हैं, अपने _____ से बात करते। बैठक कहाँ है? ____ तख्त पर। आत्मा अकाल मूर्त है, वह कभी विनाश नहीं होती। दुनिया में जो भी आत्मायें हैं, उनका तख्त यह _____ है।
° _महा_, _डायरेक्शन_, _आत्मा_, _भाई_, _अकाल_,
_भ्रकुटी_

Answers from Sakar Murli 24-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 24-12-2020*

1. जोश में आना भी मन का _____ है – अब यह फाइल खत्म करो।
° _रोना_

2. संगमयुग पर विशेष *सर्व प्राप्तियों में स्वयं को सम्पन्न* बनाना है, इसलिए क्या चेक करना है? _(वरदान)_
° सर्व *खजाने* , सर्व *सम्बन्ध* , *सर्वगुण* और *कर्तव्य* को सामने रख चेक करो कि सर्व बातों में *अनुभवी बने हैं?* यदि किसी भी बात के अनुभव की कमी है तो उसमें स्वयं को *सम्पन्न बनाओ* । (एक भी सम्बन्ध वा गुण की कमी है तो *सम्पूर्ण स्टेज* वा सम्पूर्ण मूर्त नहीं कहला सकते इसलिए बाप के गुणों वा अपने आदि स्वरूप के गुणों का अनुभव करो तब सम्पूर्ण मूर्त बनेंगे।)

3. “मीठे बच्चे – यह शरीर रूपी _____ आत्मा रूपी चैतन्य _____ से चलता है, तुम अपने को आत्मा निश्चय करो तो _____ बन जायेंगे। हम आत्मा सुनती हैं, यह पक्की-पक्की _____ डालनी है।
° _खिलौना_, _चाबी_, _निर्भय_, _आदत_

4. *आत्मा शरीर के साथ खेल* खेलते नीचे आई है इसलिए उसको कौन सा नाम देंगे?
° *कठपुतली* । (जैसे ड्रामा में कठपुतलियों का खेल दिखाते हैं वैसे तुम आत्मायें कठपुतली की तरह 5 हज़ार वर्ष में खेल खेलते नीचे पहुँच गयी हो। बाप आये हैं तुम कठपुतलियों को ऊपर चढ़ने का रास्ता बताने। अब तुम *श्रीमत की चाबी लगाओ तो ऊपर चले जायेंगे*।)

5. यह ज्ञान का सागर तुम बच्चों को ज्ञान _____ देते, जिससे तुम देवता बनते। तुम ज्ञान रत्न ____ -ते हो। अब रत्न चुगने से तुम ____ -बुद्धि, _____ -नाथ बनते हो ना। यह पारसनाथ (लक्ष्मी-नारायण) विश्व के ____ थे।
° _रत्न_, _चुग_, _पारस_, _पारस_, _मालिक_

6. रूहानी बाप रूहानी बच्चों को ____ -मत देते। अभी तुम बच्चों को ____ मत मिल रही है।बाप हमको कितनी _____ मत दे रहे हैं। जरूर मनुष्य से _____ बनाने की मत देते हैं।
° _श्री_, _ईश्वरीय_, _ऊंच_, _देवता_

7. बाप कहते हैं तुम पतित बन गये हो, अब _____ बनने लिए _____ याद करो। यह _____ बनने का मेला संगमयुग पर ही होता। मुझे याद करो चाबी लग जायेगी, आत्मा _____-प्रधान बन जायेगी। अब तुम्हारी आत्मा रूपी _____ भरती है। जितना याद करेंगे उतना उसमे _____ भरती जायेगी।
° _पावन_, _मामेकम्_, _पुरूषोत्तम_, _सतो_, _बैटरी_, _पावर_

8. कहाँ भी बैठे बाप को _____ करना है। मालूम है बाप की याद से ही हमारे _____ विनाश होंगे। खाते-पीते, _____ आदि करते बाप को याद करो। हर एक को अपने को ही ____ करनी है। ईश्वर ने तो मत दी है कि ऐसे-ऐसे करो तो तुम्हारी _____ बुद्धि बन जायेगी।
° _याद_, _विकर्म_, _स्नान_, _मदद_, _दैवी_

9. ड्रामा चलता रहता, इसके आदि-मध्य-अन्त को कोई जानते नहीं, बाप ने समझाया है अब तुमको _____ आई है। बाप अर्थ समझाते हैं _____ कला और उतरती कला का, 5 हज़ार वर्ष की बात है। अभी तुम सो ब्राह्मण बने हो फिर सो _____ (सूर्यवंशी, चन्द्रवंशी) बनेंगे। यहाँ बच्चों को डायरेक्ट _____ बना रहे। वह है _____ -धाम, वहाँ बीमारी आदि कोई होती नहीं। _____ से राजाई पद पाये, ऐसा तो कभी सुना नहीं होगा।
° _स्मृति_, _चढ़ती_, _देवता_, _पावन_, _सुख_, _पढ़ाई_

10. तुम्हारे पास जब कोई आते हैं तो बोलो तुम ईश्वर की ____ हो ना। ईश्वर ____ -बाबा है, शिवजयन्ती भी मनाते हैं। वह है भी _____ दाता। उनको अपना _____ तो है नहीं, तो निराकार बाप भी आये कैसे? गायन भी है ____ पर आते हैं।
° _सन्तान_, _शिव_, _सद्गति_, _शरीर_, _रथ_

11. लिखना चाहिए – निराकार भगवान कहते हैं मुझ एक को _____ करो। अपने को _____ समझो। अपनी _____ को भी याद नहीं करो। _____ ज्ञान एक ही शिवबाबा से तुमको मिलता है। यह ज्ञान सागर से _____ निकलते हैं।
° _याद_, _आत्मा_, _देह_, _अव्यभिचारी_, _रत्न_

12. जितना _____ करेंगे – उतना ऊंच पद पायेंगे। ____-राउन्ड सर्विस करनी है। बाप की सर्विस में हम ____ देने भी तैयार हैं। बहुत बच्चियाँ तड़पती रहती – बाबा हमको छुड़ाओ तो सर्विस में लगे, जिससे बहुतों का _____ हो। अभी इस रूहानी सेवा से ____ कला होती है।
° _सर्विस_, _आल_, _हड्डी_, _कल्याण_, _चढ़ती_

13. जो बाबा की दिल पर सो ____ तख्त पर बैठते हैं। ऐसे ही _____ माला में आ जाते। _____ भी होते, सर्विस भी करते। बाप बहुत याद-प्यार उनको देंगे जो ____ में हैं। तो जांच करनी है, मैं ____ पर चढ़ा हुआ हूँ? ____ का दाना बन सकता हूँ?
° _ताउसी_, _विजय_, _अर्पण_, _सर्विस_, _दिल_, _माला_

14. ईश्वर की मत *एक ही बार* मिलती। क्यों?
° क्योंकि ईश्वर तो *आते ही हैं एक बार*। तो उनकी मत भी एक बार ही मिलेगी। (एक देवी-देवता धर्म था। जरूर उन्हों को ईश्वरीय मत मिली थी, उसके आगे तो हुआ संगमयुग। बाप आकर दुनिया को बदलाते हैं। तुम अब बदल रहे हो।)

15. जो नापास होते हैं वह चन्द्रवंशी बन जाते हैं। किसमें *नापास* होते, ज्ञान या योग?
° *योग में*। (ज्ञान तो बहुत सहज समझाया है। कैसे तुम 84 का चक्र लगाते हो।)

16. *मुख्य कड़ी बीमारी* कौन-सी है?
° *देह-अभिमान* से ही फिर और विकार आते हैं। मुख्य कड़ी बीमारी देह-अभिमान की है। (सतयुग में देह-अभिमान का नाम ही नहीं होगा। वहाँ तो है ही तुम्हारी प्रालब्ध।)

Answers from Sakar Murli 23-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 23-12-2020*

1. सहन करना ही स्वयं के _____ रूप को प्रत्यक्ष करना है।
° _शक्ति_

2. सत्यता है प्रत्यक्षता का आधार। बाप को प्रत्यक्ष करने लिए निर्भय ______ स्वरूप बोलो। जब सब मानेंगे हमारा _____ एक है वही कार्य कर रहे, हम एक की ______ एक हैं, एक ही यथार्थ है..तो विजय का झण्डा लहरायेगा। इसी ______ से मुक्तिधाम जायेंगे फिर पार्ट में पहले यही संस्कार इमर्ज होंगे _____ इज़ वन। यही ______ एज की स्मृति है।
° _अथॉरिटी_, _बाप_, _सन्तान_, _संकल्प_, _गाड_, _गोल्डन_

3. सतयुग में होते हैं पावन, वह है ही _____ दुनिया। सतयुग को कहा ही जाता है _____ । स्वर्ग को कहा ही जाता है _____ वर्ल्ड। _____ दुनिया की स्थापना भी गुप्त हो रही है।
° _पावन_, _स्वर्ग_, _वाइसलेस_, _नई_

4. पहली-पहली मुख्य बात, अपने को _____ निश्चय करो और बाप को _____ करो तो जंक उतर जाए, सब _____ दूर हो जायेंगे। यह तो अति _____ है, भारत का प्राचीन सहज राजयोग, 5 हज़ार वर्ष पहले वाला। यह _____ बिगर कोई समझा नहीं सकते और _____ बिगर कोई समझ न सके।
° _आत्मा_, _याद_, _दु:ख_, _सहज_, _बाप_, _बच्चों_

5. तुम बच्चों को कहा ही जाता है – गुप्त _____ । तुम्हारी लड़ाई है ही _____ से। सबको कहते हो _____ बनो। एक बाप के _____ हो ना। प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे तो सब _____ हुए ना।
° _वारियर्स_, _5 विकारों_, _पवित्र_, _बच्चे_, _भाई-बहन_

6. बाप कहते ____ की यात्रा पर रहो। _____ धारण करने हैं। सर्वगुण ______ यहाँ बनना है इसलिए बाबा कहते हैं _____ रखो। याद की _____ का भी चार्ट रखो तो पता पड़ेगा कि हम फायदे में हैं या घाटे में?
° _याद_, _दैवीगुण_, _सम्पन्न_, _चार्ट_, _यात्रा_

7. कोई तो कुछ भी समझते नहीं। वह क्या *राजा-रानी* बनेंगे। _(बाबा ने यहां एक हंसी की बात सुनाई)_
° *एक के ऊपर राजाई करेंगे क्या?* (हर एक को अपनी प्रजा बनानी है। टाइम बहुत वेस्ट करते हैं। बाप तो कहते हैं बिचारे हैं। थोड़े पुरूषार्थ करते इसलिए माला भी कितनी थोड़ों की ही है। 8 बड़ी स्कालरशिप लेंगे फिर 108 प्लस में रहते हैं ना।)

8. कोई कहते *एक-दो घण्टे याद* रहती! बाबा का जबरदस्त उत्तर?
° क्या लौकिक बाप से तुम एक-दो घण्टा प्रीत रखते हो? *सारा दिन बाबा-बाबा* करते रहते हो। यहाँ भल बाबा-बाबा कहते हैं परन्तु *हड्डी प्रीत* थोड़ेही है। बार-बार कहते हैं शिवबाबा को याद करते रहो। *सच-सच याद* करना है। चालाकी चल न सके।

9. बहुत हैं जो कहते हैं *हम तो शिवबाबा को बहुत याद करते* हैं… बाबा का वन्डरफुल उत्तर?
° फिर *वह तो उड़ने लग पड़े*। (बाबा बस हम तो जाते हैं सर्विस पर बहुतों का कल्याण करने। जितना बहुतों को पैगाम देंगे उतना याद में रहेंगे।)

10. बहुत बच्चियाँ कहती हैं *बन्धन है*। बाबा का उत्तर?
° अरे, बन्धन तो सारी दुनिया को है, *बन्धन को युक्ति से काटना* है, युक्तियाँ बहुत हैं। (सर्विस के शौक वाले आपेही भागेंगे। यहाँ तो बाप कहते हैं मित्र-सम्बन्धियों आदि का भी उद्धार करो। सबको पैगाम देना है – मनमनाभव का, तो तमोप्रधान से सतोप्रधान बन जायें।)

11. पिछाड़ी में सब साक्षात्कार होगा हम कैसे ______ होते हैं। तुम पढ़ते हो _____ दुनिया लिए, अभी हो संगम पर। पढ़कर पास करेंगे तो _____ कुल में जायेंगे। अभी ______ कुल में हैं। _____ भगवान जरूर आयेगा ना। यह ड्रामा बड़ा वन्डरफुल बना हुआ है, उसको तुम जानते हो और _____ बजा रहे हो।
° _ट्रांसफर_, _नई_, _दैवी_,
_ब्राह्मण_, _निराकार_, _पार्ट_

12. स्कूल में जितना अच्छी रीति पढ़ेंगे, बड़ी _____ होगी। तुमको 21 ____ लिए हेल्थ वेल्थ मिलती, कम बात है क्या। यहाँ भल वेल्थ है परन्तु _____ नहीं जो पुत्र-पोत्रे खा सकें। बाप ने सब कुछ इस ____ में लगा दिया, कितना जमा हो गया, सबका थोड़ेही _____ होता।
° _आमदनी_, _जन्म_, _टाइम_, _सेवा_, _जमा_

13. तुम्हारे बोर्ड पर _____ अक्षर बहुत जरूरी है, सिर्फ ब्रह्मा लिखने से जोरदार नहीं होता। और कोई पास यह ______ नॉलेज है नहीं। सारा दिन ______ चले – क्या लिखें जो मनुष्य समझें। पहले एक बात बताओ – तुम _____ हो अविनाशी। बाप भी अविनाशी है, _____ -पावन है। अब या तो घर जाना है या ____ दुनिया में।
° _प्रजापिता_, _स्प्रीचुअल_, _चिंतन_, _आत्मा_, _पतित_, _नई_

14. *ज्यादा प्रश्न पूछना*, इसके लिए बाबा ने कौन-से 2 मिसाल दिये?
° प्रश्नों के जास्ती *जंगल* में पड़ जायेंगे तो फिर निकलने का रास्ता मिलेगा नहीं। जैसे *फागी* में मनुष्य मूंझ जाते हैं तो फिर निकल नहीं सकते हैं, यह भी ऐसे है।

15. तीक-तीक की दरकार नहीं, मनमनाभव। देह के सब _____ छोड़, पुरानी दुनिया में सबका बुद्धि से _____ करना क्योंकि अब वापिस जाना है, _____ बनना है। मामेकम् याद करो तो ____ कट जायें और दैवीगुण धारण करो तो ____ बन जायेंगे और कुछ पूछने की दरकार नहीं। बाप कहते हैं पहले ____ को जानने से सब कुछ जान जायेंगे।
° _सम्बन्ध_, _त्याग_, _अशरीरी_, _पाप_, _देवता_,
_अल्फ_

16. माया का *पाम्प* किसे कहेंगे?
° यहाँ देखो तो *100-125 मंजिल के बड़े-बड़े मकान* बनाते रहते हैं। इनको माया का पाम्प कहा जाता। (भल कितने भी बड़े-बड़े मर्तबे वाले हैं, परन्तु बाप जानते हैं यह तो सब कुछ मिट्टी में मिल जाना है। बाकी थोड़ा समय है…)

17. माया का *जलवा* किसे कहेंगे?
° कहो स्वर्ग चलो, तो कह देते *हमारे लिए स्वर्ग यहाँ ही है* , इनको माया का जलवा कहा जाता है। (परन्तु तुम बच्चे जानते हो यह तो पुराना गांव है, इनको कहा जाता है नर्क, पुरानी दुनिया सो भी रौरव नर्क। दिन-प्रतिदिन बॉम्ब्स आदि भी ऐसे बनाते रहते हैं, जो गिरे और मनुष्य खत्म हो जाएं। परन्तु मनुष्य समझते नहीं हैं कि अभी क्या होने वाला है। यह बातें कोई समझा नहीं सकते सिवाए बाप के, क्या होने वाला है?)

18. बाप अपने बच्चों को *उन्नति* की कौन सी एक (वन्डरफुल) *युक्ति* बताते हैं?
° बच्चे, तुम *आज्ञाकारी* बन *बापदादा की मत* पर चलते रहो। बापदादा दोनों इक्ट्ठे हैं, इसलिए अगर इनके कहने से कुछ नुकसान भी हुआ तो भी *रेस्पान्सिबुल बाप है, सब ठीक कर देगा*। (तुम अपनी मत नहीं चलाओ, शिवबाबा की मत समझकर चलते रहो तो बहुत उन्नति होगी।)

Answers from Sakar Murli 22-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 22-12-2020*

1. मैं त्यागी हूँ” इस _____ का त्याग ही सच्चा त्याग है।
° _अभिमान_

2. जो बच्चे _____ प्राप्तियों से सदा सम्पन्न हैं वो _____ के झूले में झूलते रहते। कभी भी ____ अभिमान में नहीं आना। झूले से उतरकर धरती पर पांव रखते वो ____ हो जाते। ऊंचे से ऊंचे बाप के _____ बच्चे सदा अतीन्द्रिय सुख में झूलते, ____ में पांव नहीं रख सकते।
° _अलौकिक_, _अतीन्द्रिय सुख_, _देह_, _मैले_, _स्वच्छ_, _मिट्टी_

3. कितने को निमंत्रण बांटते हैं, आकर _____ बर्थ राइट विश्व की बादशाही लो। तुम बाप के _____ हो। बाप है स्वर्ग का रचयिता तो तुमको भी स्वर्ग का _____ होना चाहिए। बाप कहते हैं मैं एक ही बार स्वर्ग की _____ करने आता हूँ। इसको कहा जाता _____ मत। पहले तो एक मत, एक _____ था, सारे विश्व पर।
° _गॉडली_, _बच्चे_, _वर्सा_, _स्थापना_, _अद्वैत_, _राज्य_

4. हम ही सारे विश्व के _____ थे। अभी तुम _____ पर जीत पाते, वहाँ कभी अकाले मृत्यु होता नहीं। वहाँ पूरी _____ लाइफ चलती है। भारत में प्योरिटी, पीस, _____ थी। _____ वर्ष एवरेज आयु थी।
° _मालिक_, _काल_, _एज़_, _प्रासपर्टी_, _150_

5. यह कॉलेज अथवा गॉड फादरली ____ युनिवर्सिटी है। इसकी ______ है मनुष्य से श्री देवता बनना। बच्चे _____ करते हमको यह बनना है। पावन दुनिया _____ को कहते। सतयुग से लक्ष्मी-नारायण की _____ चलती। संवत भी इनसे गिना जायेगा, इसलिए बाबा कहते लिखो इससे _____ वर्ष के बाद त्रेता।
° _वर्ल्ड_, _एम ऑब्जेक्ट_,
_निश्चय_, _स्वर्ग_, _डिनायस्टी_, _1250_

6. अपनी ____ के स्वधर्म में बैठे हो? आत्मा ही सुनती है, बहुत छोटी ____ है। आत्मायें सब (आपस में) _____ हैं। आत्मायें शरीर में आती ____ बजाने, आत्मा को भी जानना है। कहते हैं इनकी आत्मा निकल दूसरे में _____ किया।
° _आत्मा_, _सूक्ष्म_, _भाई-भाई_, _पार्ट_, _प्रवेश_

7. एक ही बेहद का बाप है, जिसको ____ आत्मा कहते। जैसी आत्मा वैसे परमपिता परमात्मा, _____ सबका एक है। समझाने वाला बेहद का बाप _____ है। टीचर हमेशा ओबीडियन्ट ______ होते। तुम कितना _____ से बुलाते, हे पतित-पावन आकर हमको पावन बनाओ। ____ -बाबा को कोई भी जानते नहीं।
° _परम_, _साइज़_, _निराकार_, _सर्वेन्ट_, _हुज्जत_, _शिव_

8. बाप को पुकारते, बहुत _____ से बुलाते। कहते बाबा आप जब आयेंगे आप पर हम _____ जायेंगे। मेरा तो _____ , दूसरा न कोई। तो जरूर उनको _____ करना पड़े। वह खुद कहते हे बच्चों, आत्माओं से ही _____ करते। इसको _____ नॉलेज कहा जाता।
° _प्यार_, _वारी_, _आप_, _याद_, _बात_, _रूहानी_

9. यह सच्ची-सच्ची सत्य नर से नारायण बनने की कथा है। वास्तव में यह है पढ़ाई, तो इनको *कथा क्यों कहते?*
° क्योंकि 5 हज़ार वर्ष पहले भी सुनी थी। पास्ट हो गई है। *पास्ट को कथा कहा जाता* है। (यह है नर से नारायण बनने की शिक्षा।)

10. बाप _____ का सागर है ना। समझते हो हमको मनुष्य से देवता बनने की _______ मिलती है। बाप कहते हैं तुमको नई-नई _____ बातें सुनाते हैं। अब तुम यहाँ आये हो यह _____ बनने। वहाँ कितने _____ होंगे। _____ -गुण भी यहाँ धारण करने हैं।
° _ज्ञान_, _नॉलेज_, _गुह्य_,
_देवता_, _सुख_, _दैवी_

11. कहते हैं – मीठे बच्चे, अपने को _____ समझो, बाप को _____ करो, करते-करते तुम _____ बन जायेंगे, फिर _____ मति सो गति हो जायेगी। _______ बच्चों को तो बिठायेंगे नहीं, सेन्टर्स म्युज़ियम आदि खोलते रहते।
° _आत्मा_, _याद_, _पावन_, _अन्त_, _सर्विसएबुल_

12. ड्रामा के किस *राज़ को समझने वाले* कौन-सी राय किसी को भी नहीं देंगे?
° जो समझते हैं कि ड्रामा में जो कुछ पास्ट हो गया वह फिर से *एक्युरेट रिपीट* होगा, वह कभी किसी को भक्ति छोड़ने की राय नहीं देंगे। (जब उनकी बुद्धि में *ज्ञान* अच्छी रीति बैठ जायेगा, समझेंगे हम *आत्मा* हैं, हमें *बेहद के बाप से वर्सा* लेना है। जब बेहद के बाप की पहचान हो जायेगी तो *हद की बातें स्वत: खत्म* हो जायेंगी।)

13. तुम बच्चे अभी बेहद का _____ करते हो। तुम जानते हो यह पुरानी दुनिया खत्म होने वाली है, इसलिए इन सबसे _____ है। बाबा की भी _____ बनी हुई है। कुटिया में सब _____ हैं।
° _संन्यास_, _वैराग्य_, _कुटिया_, _सुख_

14. गृहस्थ व्यवहार में रहते सिर्फ बुद्धि का ____ बाप से लगाना। शरीर निर्वाह लिए ____ भी करना है, सिर्फ आंखों को ____ बनाने की मेहनत करनी है। बुद्धि में सदा रहे हम प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे _____ हैं। पहले तुम _____ गृहस्थ धर्म के थे, लक्ष्मी-नारायण दोनों पवित्र थे।
° _योग_, _कर्म_, _सिविल_,
_भाई-बहन_, _पवित्र_

Answers from Sakar Murli 21-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 21-12-2020*

1. जहाँ दिल का ____ है वहाँ सबका सहयोग सहज प्राप्त होता है।
° _स्नेह_

2. *पदमापदम भाग्यशाली* बनने की कौन-सी वन्डरफुल युक्ति वरदान में सुनाई? (2)
° हर सेकण्ड पदमों की कमाई जमा करने का *वरदान* ड्रामा में संगम के समय को मिला हुआ है। ऐसे वरदान को *स्वयं प्रति जमा करो और औरों के प्रति दान करो*
° ऐसे ही *संकल्प* के खजान को, *ज्ञान* के खजाने को, *स्थूल धन* रूपी खजाने को *कार्य में लगाकर* पदमों की कमाई जमा करो (इस समय स्थूल धन भी *ईश्वर अर्थ समर्पण* करने से एक नया पैसा एक रत्न समान वैल्यु का हो जाता है।)

3. “मीठे बच्चे – तुम अभी होलीएस्ट ऑफ दी होली बाप की ____ में आये हो, तुम्हें ____ में भी होली (पवित्र) बनना है”
° _गोद_, _मन्सा_

4. *होलीएस्ट ऑफ दी होली बच्चों* का नशा-निशानियाँ क्या होंगी? (2)
° उन्हें नशा होगा कि हमने होलीएस्ट ऑफ दी होली *बाप की गोद* ली है। वह हमे पढ़ाकर होलीएस्ट *देवी-देवता बनाते* है। (लक्ष्मी-नारायण, स्वर्ग के मालिक!)
° उनके अन्दर मन्सा में भी *खराब ख्यालात आ नहीं सकते*। वह दैवीगुण वाले *खुशबूदार गुल-गुल फूल* होते हैं, उनसे कोई भी उल्टा कर्म हो नहीं सकता। (वह *अन्तर्मुखी* बन अपनी *जांच* करते हैं कि मेरे से सबको खुशबू आती है? मेरी आंख किसी में डूबती तो नहीं? आपसमान बनाते हैं?)

5. वह ज्ञान सागर भी है, *प्रेम का सागर* भी है। इंगलिश में इसे क्या कहते?
° ओशन ऑफ नॉलेज, *ओशन ऑफ लव* कहते हैं।

6. भाग्य में ऊंच पद होगा (पद्म भाग्यशाली!), तो खान-पान चलन बड़ी _____ से चलेंगे। चलन ऐसी हो जो समझें यह तो होलीएस्ट ऑफ होली के _____ हैं। सिर्फ याद रहे हमको कौन पढ़ाते तो _____ खुशी रहे। हम गॉड फादरली _____ हैं, तो कितना रिगार्ड रहे। तुम सब मिलकर ____ की इमारत बना रहे। फिर भी बाप कहते मनमनाभव, बाप को _____ करो।
° _रॉयल्टी_, _बच्चे_, _कापारी_, _स्टूडेण्ट_, _स्वर्ग_, _याद_

7. तुम्हारा *हौंसला बढ़ाने* लिए बाप क्या कहते? (4)
° बच्चों को तो कहते हैं *नमस्ते बच्चों* । तुम ब्रह्माण्ड के भी मालिक हो, वहाँ सब रहते हो फिर विश्व के भी तुम मालिक बनते हो।
° तुम्हारा हौंसला बढ़ाने के लिए बाप कहते हैं *तुम हमसे ऊंच बनते* हो। मैं विश्व का मालिक नहीं बनता हूँ, अपने से भी तुमको ऊंच महिमा वाला बनाता हूँ। (बाप के बच्चे ऊंच चढ़ जाते हैं तो बाप समझेंगे ना इन्होंने पढ़कर इतना ऊंच पद पाया है।)
° बाप भी कहते हैं हम तुमको पढ़ाते हैं। अब अपना *पद जितना बनाने चाहो, पुरुषार्थ करो*। (बाप हमको पढ़ाते हैं – पहले तो नशा चढ़ना चाहिए।)
° होलीएस्ट ऑफ होली बाप आया हुआ है, तुमको पावन बनाता है। अब *तुम फिर औरों को पावन बनाओ। मैं रिटायर होता* हूँ।

8. सतयुग में हम 16 कला सम्पूर्ण थे, फिर एक दिन भी बीता तो उनको _____ थोड़ेही कहेंगे। थोड़ा-थोड़ा _____ मुआफिक चक्र फिरता रहता। अब तुमको _____ 16 कला सम्पूर्ण बनना है, सो भी आधाकल्प लिए।
° _पूर्णमासी_, _जूँ_, _पूरा_,

9. तुम बच्चे जानते हो हम बहुत _____ -वान बन रहे। देखना है हम _____ से भरपूर हैं? जैसे बाबा कहते, वैसे हम _____ करते। तुम्हारी एम ______ तो देखो कैसी है। धीरज भी धरना, हम भी _____ बन जायें। नॉलेज बड़ी मजे की है – हम इस ______ को होलीएस्ट ऑफ होली बनायेंगे।
° _सम्पत्ति_, _दैवीगुणों_, _पुरूषार्थ_, _ऑब्जेक्ट_, _लायक_, _भारत_

10. हम ब्राह्मणों को _____ -योग सिखलाने वाला होलीएस्ट ऑफ होली बाप है। _____ -बाबा हमको यह बना रहे। कहते _____ याद करो। अपने को _____ आत्मा समझो। ऊंच ते ऊंच शिवबाबा पढ़ाकर ऊंच ते ऊंच बनाते, _____ द्वारा हम यह पढ़ते। ब्रह्मा सो _____ बनते।
° _राज_, _शिव_, _मामेकम्_, _अशरीरी_, _ब्रह्मा_, _विष्णु_

Answers from Sakar Murli 19-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 19-12-2020*

1. बाप की _____ का दीपक जगाने वाले ही कुल दीपक हैं।
° _श्रेष्ठ आशाओं_

2. बापदादा द्वारा ब्राह्मण जन्म होते ही सारे दिन लिए *अनेक श्रेष्ठ खुशी के खजाने* प्राप्त होते। (जिस कारण जड़ चित्रों को देखकर खुशी में नाचने लगते।) ऐसे आप सब *खुशनसीब* हो, तो अब क्या करना है?
° बहुत खजाने मिले हैं लेकिन सिर्फ *समय पर यूज़ करो* । चाबी को सदा सामने रखो अर्थात् *सदा स्मृति में रखो और स्मृति को स्वरूप में लाओ* तो निरन्तर खुशी का अनुभव होता रहेगा।

3. _____ बच्चों प्रति बाप समझाते। आगे कभी आत्माओं को परमपिता परमात्मा ने _____ नहीं दिया। बाप खुद कहते मैं एक ही बार _____ के पुरुषोत्तम संगमयुग पर आता। मुख्य बात, अपने को _____ समझो और बाप को _____ याद करो। कोई को _____ होती, कोई भूल जाते।
° _रूहानी_, _ज्ञान_, _कल्प_, _आत्मा_, _मामेकम्_, _धारणा_

4. तुमको मैं ही _____ बनाता हूँ – प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा। मैं तो _____ से आता हूँ। ब्रह्मा तो _____ जन्म लेते हैं, मैं नहीं लेता।इनका नाम ______ मैं रखता। सो भी नाम बदलते तब हैं जबकि यह ______ अवस्था में हैं। तुमको अपना बनाकर ____ ब्राह्मण बनाते हैं।
° _ब्राह्मण_, _परमधाम_, _84_, _ब्रह्मा_, _वानप्रस्थ_, _पवित्र_

5. किस मुख्य *विशेषता के कारण पूज्य* सिर्फ देवताओं को ही कह सकते हैं?
° देवताओं की ही विशेषता है जो कभी *किसी को याद नहीं करते*। न बाप को याद करते, न किसी के चित्रों को याद करते, इसलिए उन्हें पूज्य कहेंगे। (वहाँ सुख ही सुख रहता है इसलिए किसी को याद करने की दरकार नहीं। अभी तुम एक बाप की याद से ऐसे पूज्य, पावन बने हो जो फिर याद करने की दरकार ही नहीं रहती है।)

6. “तुम्हारा वायदा है जब आप आयेंगे तो हम ____ जायेंगे, अब बाप आये हैं – तुम्हें _____ याद दिलाने”। आप आयेंगे तो हम आपको ही _____ बनायेंगे, दूसरा न कोई। हम आपका ही बनेंगे। तुम जन्म-जन्मान्तर कहते आये – हम तुम्हारे बिगर किसको _____ नहीं करेंगे। अपनी ____ को भी याद नहीं करेंगे।
° _वारी_, _वायदा_, _अपना_, _याद_, _देह_

7. _____ को यथार्थ रीति कोई जानते नहीं, भल नाम बिगर पार्ट नहीं बजायेंगे। आत्मा छोटी सूक्ष्म _____ है। आत्मा को _____ की अव्यक्त आंखें मिलती हैं। मुझ आत्मा में 84 जन्मों का _____ नूंधा हुआ है, जो मुझे रिपीट करना है।
° _आत्मा_, _बिन्दी_, _ज्ञान_, _पार्ट_

8. बाप ही _____ -पावन है, उनको याद करने से तुम पावन सतोप्रधान बन जायेंगे। अनेक चित्र हैं, _____ को तो पतित-पावन नहीं कहते। कोई भी _____ आदि जिसको शरीर है उनको पतित-पावन नहीं कहेंगे।
° _पतित_, _चित्रों_, _देवी_

9. बाप की श्रीमत मिलती है _____ बनाने लिए, तो उस पर चलना चाहिए। तुम्हें ____ गुण धारण करने हैं। खान-पान भी ______होना चाहिए, चलन बड़ी ______ चाहिए, तुम देवता बनते हो, डबल सिरताज। जितना तुम नज़दीक आयेंगे, ______ अवस्था होती जायेगी। सतयुग में नई दुनिया, नये मकान में _____ भी बहुत रहती।
° _श्रेष्ठ_, _दैवी_, _रॉयल_, _रॉयल_, _कर्मातीत_, _खुशी_

10. यह ज्ञान मार्ग बिल्कुल अलग चीज़ है, इसमें सिर्फ अपने को ____ समझना। भल तुम शरीरधारी बन पार्ट बजाते हो परन्तु बुद्धि से _____ को याद करना। अब _____ बनने लिए पुरुषार्थ करना, तुम कहते भी हो पतित से पावन बनाओ। नर से _____ भी वह बनाते।
° _आत्मा_, _शिवबाबा_, _पावन_, _नारायण_

11. वास्तव में _____ तुम हो। यह पतित-पावन बाप की _____ मददगार हैं, यह किसको भी पता नहीं। तुम्हारा रूप तो यह _____ ही है। यह शरीर तो _____ हो जायेंगे।
° _देवियाँ_, _औलाद_, _साधारण_, _विनाश_

12. बाबा ही सत्य नारायण की कथा सुनाकर _____ बनाते हैं। तुम फिर औरों को ____ कथा सुनाते हो। और कोई ____ न सके, तुम ही जानते। भल तुम्हारे ____ में मित्र-सम्बन्धी-भाई आदि हैं परन्तु वह भी नहीं समझते। अच्छा!
° _पावन_, _सत्य_, _जान_, _घर_,

13. (धारणा) एक-दो को _____ नहीं करना है, लेकिन _____ जरूर देना है।
° _याद_, _रिगार्ड_

Answers from Sakar Murli 18-12-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 18-12-2020*

1. संकल्प में भी किसी देहधारी तरफ आकर्षित होना अर्थात् _____ बनना।
° _बेवफा_

2. जिनके सर्व सम्बन्ध बाप साथ हैं, उनको और सम्बन्ध _____ मात्र अनुभव होंगे, वह खुशी में नाचते, कभी थकावट नहीं, ____- होंगे। बाप और सेवा इसी लगन में मगन, सदा _____ विनाशक होंगे। डबल _____, कोई बोझ नहीं। सर्व कम्पलेन समाप्त, _____ स्थिति का अनुभव होगा। _____ -योगी होंगे।
° _निमित्त_, _अथक_, _विघ्न_, _लाइट_, _कम्पलीट_, _सहज_

3. गीत:-दूर देश के रहने वाला…….. बच्चे जानते हैं *दूर देश* किसको कहा जाता है। किसे?
° बाप जरूर ऊपर *मूलवतन* में है। भल तुम यहाँ बैठे हो, बुद्धि में मूलवतन याद आता। वह है *स्वीट* साइलेन्स होम, *निर्वाण* -धाम, *साइलेन्स* धाम, जहाँ आत्मायें रहती। तुम बच्चों की बुद्धि में झट आ जाता, और कोई को पता नहीं। (इस ड्रामा के राज़ को भी अभी तुम बच्चे समझते हो। शुरू से लेकर अभी तक जो हुआ है, जो होने का है, सब बुद्धि में है।)

4. “मीठे बच्चे – रोज़ _____ सागर मंथन करो तो _____ का पारा चढ़ेगा, चलते-फिरते याद रहे कि हम _____ हैं”। आदि से अन्त तक मुझ _____ को सारे सृष्टि के चक्र का मालूम है।
° _विचार_, _खुशी_, _स्वदर्शन चक्रधारी_, _आत्मा_

5. तुम अभी चढ़ रहे, वापिस जाने लिए खुद _____ कर रहे। यह पुराना _____ छोड़ हमको घर जाना है। _____ जाने लिए आधाकल्प भक्ति की है। अभी बाबा हमको कितना _____ समझाते। तुम बच्चों को _____ होनी चाहिए।
° _तैयारी_, _कपड़ा_, _घर_, _सहज_, _खुशी_

6. भगवान हमको पढ़ाते हैं – यह ____ बहुत रहनी चाहिए। बाप _____ पढ़ा रहे हैं। बाबा जो सभी का बाप है, वह हमको _____ पढ़ा रहे हैं। _____ बार पढ़ाया है। तुम विष्णुपुरी के _____ बनने लिए पुरूषार्थ कर रहे हो।
° _खुशी_, _सम्मुख_, _फिर से_, _अनेक_, _देवता_

7. बाबा आया हुआ है हमको _____ -वासी बनाने। कितना _____ होना चाहिए। ____ – _____ बाबा हमको स्वर्गवासी बनाते। है ही ______ रामराज्य। तो ऐसे बाप की ____ पर चलना चाहिए ना।
° _स्वर्ग_, _गद्गद्_, _कल्प_, _कल्प_, _सतोप्रधान_, _मत_

8. अभी तुम _____ होकर बैठे हो। आत्मा को _____ बनाने लिए बाप वही रास्ता बता रहे। मुझे याद करो तो _____ -प्रधान बन, आकर राज्य करेंगे। अपनी अवस्था भी देखना, हमको _____ बनना है। _____ का चित्र सामने रखा है। इतना _____ बनना है, कोई को दु:ख नहीं देना।
° _शान्त_, _पवित्र_, _सतो_, _देवता_, _लक्ष्मी-नारायण_, _मीठा_

9. बाप ने राइट-रांग समझने की _____ दी है, उसके आधार पर ______ धारण करने हैं, किसी को _____ नहीं देना है, आपस में ______ का सच्चा प्यार हो, कभी कुदृष्टि न जाए। कोई दु:ख देने वाली बातें करता, तो _____ कर देना है।
° _बुद्धि_, _दैवीगुण_, _दु:ख_, _भाई-बहन_, _सुनी-अनसुनी_

10. अपनी *उन्नति करने* का सहज साधन कौन-सा है?
° अपनी उन्नति लिए *रोज़ पोतामेल* रखो। *चेक* करो – आज सारा दिन कोई आसुरी काम तो नहीं किया? (जैसे स्टूडेन्ट अपना रजिस्टर रखते हैं, ऐसे तुम बच्चे भी *दैवी गुणों का रजिस्टर* रखो तो उन्नति होती रहेगी।)

11. ज्ञान है समझ और _____ है सब कुछ भूल जाना, ज्ञान से भी परे। आत्मा जानती है हम _____ -धाम के रहने वाले हैं फिर _____ भी है। रूप और बसन्त। _____ भी रूप-बसन्त है ना। रूप भी है और उनमें सारे _____ का ज्ञान भी है।
° _विज्ञान_, _शान्ति_, _ज्ञान_, _बाबा_, _सृष्टि चक्र_

12. बाबा पूछते हैं तुम *विश्व के महाराजा-महारानी* बनेंगे?
° *हाँ बाबा, क्यों नहीं* बनेंगे। (हाँ, इसमें पवित्र रहना पड़ेगा। अभी तुम सर्वगुण सम्पन्न बन रहे हो। )

13. बाप कहते हैं मेरे _____ को ज्ञान सुनाओ, जो मन्दिरों में जाकर देवताओं की _____ करते हैं। _____ भी देखनी होती है। मन्दिरों में सबसे अच्छी _____ होगी। वहाँ _____ माइन्डेड तुमको बहुत मिलेंगे।
° _भक्तों_, _पूजा_, _नब्ज_, _सर्विस_, _रिलीज़स_

14. बाप तो तुमको 21 जन्मों के लिए एवर _____ , _____ बनाते हैं। तुम अपने _____ -बल से कर्मेन्द्रियों पर विजय पा लेते हो। तुम्हें यह ______ कभी धोखा नहीं दे सकती। बाबा ने समझाया है याद में अच्छी रीति रहो, _____ -अभिमानी रहो तो कर्मेन्द्रियाँ धोखा नहीं देंगी। वह है ही अहिंसक देवी-देवताओं का _धर्म_।
° _हेल्दी_, _वेल्दी_, _योग_, _कर्मेन्द्रियाँ_, _देही_

15. वहाँ के शूबीरस आदि भी बहुत स्वादिष्ट _____ चीजें होती हैं। उस _____ की अभी तुम स्थापना कर रहे। तुम्हारा नाम भी है शिव शक्ति _____ मातायें। शिव से तुम _____ लेते हो सिर्फ याद से।
° _फर्स्टक्लास_, _राज्य_, _भारत_, _शक्ति_

16. वह समझते हैं जो भक्ति नहीं करते हैं वह *नास्तिक* हैं। ओर हम क्या कहते?
° *जो बाप और रचना को नहीं जानते* हैं वह नास्तिक हैं, तुम अभी आस्तिक बने हो। त्रिकालदर्शी भी बने हो। तीनों लोकों, तीनों कालों को जान गये हो। (इन लक्ष्मी-नारायण को बाप से यह वर्सा मिला है। अभी तुम वह बनते हो। यह सब बातें बाप ही समझाते हैं।)

17. शिवबाबा खुद कहते, मैं इनमें ____ कर समझाता हूँ। नहीं तो मैं ______ कैसे समझाऊं। पढ़ाने लिए तो _____ चाहिए ना। _____ मुख तो यह है। यह _____ मम्मा है ना, ह्युमन माता। बाप कहते इन द्वारा तुमको सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का राज़ समझाता, _____ बतलाता हूँ।
° _प्रवेश_, _निराकार_, _मुख_, _गऊ_, _बड़ी_, _युक्ति_

18 बाबा घड़ी-घड़ी भूल जाता है, *कृपा करो*। _(सही / गलत)_
° गलत (अरे, *यह तो तुम्हारा काम है* याद करना। मैं क्या कृपा करूँगा। हमारे लिए तो सब बच्चे हैं। कृपा करूँ तो सभी तख्त पर बैठ जाएं। *पद तो पढ़ाई अनुसार* पायेंगे। पढ़ना तो तुमको है ना। पुरूषार्थ करते रहो। *मोस्ट बिलवेड बाप को याद* करना है। (पतित आत्मा वापिस जा न सके। बाप कहते हैं जितना तुम याद करेंगे तो याद करते-करते *पावन* बन जायेंगे।)

19. जितना बाप की _____ में रहेंगे उतना खुशी में रहेंगे। अपना कल्याण करना चाहते हो तो _____ पर चलो। बाप आते ही हैं तुम बच्चों का दु:ख दूर कर _____ के लिए सुख देने। तो _____ को भी ऐसा बनना है।
° _याद_, _श्रीमत_, _सदा_, _बच्चों_

Answers from Sakar Murli 14-11-2020

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 14-11-2020*

1. स्वमान की ___ पर सदा सेट रहना है तो दृढ़ संकल्प की ____ अच्छी तरह से बांध लो।
° _सीट_, _बेल्ट_

2. जैसे दीपावली पर विशेष *सफाई और कमाई* का ध्यान रखते हैं। ऐसे……… क्या?
° आप भी सब प्रकार की सफाई और कमाई का लक्ष्य रख *सन्तुष्ट आत्मा* बनो। सन्तुष्टता द्वारा ही *सर्व दिव्य गुणों का आह्वान* कर सकेंगे। फिर अवगुणों की आहुति स्वत: हो जायेगी। अन्दर जो कमजोरियाँ, कमियां, निर्बलता, कोमलता रही हुई है, उन्हें समाप्त कर अब *नया खाता* शुरू करो और *नये संस्कारों के नये वस्त्र* धारण कर सच्ची दीपावली मनाओ।

3. *तुमको तो खुशी है* – किस बात की?
° हम *बाप के बने* हैं, उनसे *वर्सा पाते* हैं।

4. तुम पूछ सकते हो जो लक्ष्मी का त्योहार आप मनाते हो, यह कब _____ पर बैठी? तख्त पर बैठने का ही _____ मनाते हैं, उनका जन्म नहीं मनाते। मनुष्य पैसा मांगेंगे, अल्पकाल सुख। कहाँ तो ____ सुख भी होगा ना। ____ का तो उन्हों को पता ही नहीं है। यहाँ स्वर्ग की ____ में कोई खड़ा हो नहीं सकता। नई दुनिया ____ को कहते हैं, उसको हेविन, पैराडाइज़ कहा जाता है।
° _तख्त_, _कारोनेशन_, _स्थाई_, _स्वर्ग_, _भेंट_, _बैकुण्ठ_

5. रूहानी बच्चों प्रति रूहानी बाप समझा रहे हैं। पहले-पहले तो बच्चों को समझाते हैं कि अपने को ____ निश्चय करो। पहले ____ है, पीछे शरीर है। जहाँ-तहाँ प्रदर्शनी अथवा म्युज़ियम में, क्लास में पहले-पहले यह सावधानी देनी है कि अपने को _____ समझ बाप को याद करो। बच्चे जब बैठते हैं, सब ____ -अभिमानी होकर बैठो। तुम जानते हो बेहद का बाप बेहद का ज्ञान समझा रहे हैं हम ____ को। आत्मा है ही ____ । एक सितारा है। उनका और कोई नाम रख नहीं सकते।
° _आत्मा_, _आत्मा_, _आत्मा_, _देही_, _आत्माओं_, _बिन्दी_

6. (दीपमाला) बाप ने समझाया है – ज्ञान का तीसरा नेत्र खुलना चाहिए तो घर-घर में ____ हो। तुम अपनी ज्योति जगाने बिल्कुल ____ में बैठते हो। बच्चे जानते हैं ____ -धर्म में रहने से पाप कट जाते हैं। जन्म-जन्मान्तर के पाप इस ____ की यात्रा से ही कटते हैं। आत्मा की ज्योत बुझ गई है ना। शक्ति का ____ सारा खत्म हो गया है। वह फिर भर जायेगा क्योंकि आत्मा ____ बन जाती है।
° _सोझरा_, _शान्त_, _स्व_, _याद_, _पेट्रोल_, _पवित्र_

7. “मीठे बच्चे – तुम सच्चे-सच्चे ____ -ऋषि हो, तुम्हारा कर्तव्य है ____ करना, तपस्या से ही ____ लायक बनेंगे”
° _राज_, _तपस्या_, _पूजन_

8. अभी तुम बच्चे जानते हो – विश्व का ____ कौन है? खुद कहते हैं मैं सभी आत्माओं का ____ हूँ। तुम सब मेरे बच्चे हो। अब शिवबाबा तो है निराकार, _____ सोल। उस आत्मा पर नाम है ____ । वह है ____ आत्मा, परमात्मा, उनका नाम है शिव। शिवबाबा यहाँ रहता नहीं है, वह तो ____ -धाम से आते हैं।
° _बाप_, _बाप_, _सुप्रीम_, _शिव_, _परम_, _परम_

9. शिव अवतरण भी है। अभी बाप ने तुमको समझाया है – सभी आत्मायें यहाँ आती हैं पार्ट बजाने। बाप का भी ____ है। बाप तो बहुत बड़ा काम यहाँ करते हैं। _____ मानते हैं तो उनकी तो हॉलीडे और स्टैम्प आदि होनी चाहिए। सब देशों में ____ डे होनी चाहिए क्योंकि बाप तो सबका ____ दाता है ना। उनका जन्म दिन और चले जाने का दिन, डेट आदि का भी पता नहीं पड़ सकता क्योंकि यह तो न्यारा है ना इसलिए सिर्फ शिव- ____ कह देते हैं। यह भी तुम बच्चे जानते हो – आधाकल्प है बेहद का दिन, आधाकल्प है बेहद की रात। रात पूरी होकर फिर दिन होता है। उसके _बीच_ में बाप आते हैं। यह तो एक्यूरेट टाइम है।
° _पार्ट_, _अवतार_, _हॉली_, _सद्गति_, _रात्रि_

10. बाबा *सुख ही देते* , दुःख नहीं। यह समझाने लिए बाबा ने कौन-कौन सी पॉइंट्स सुनाई? (2)
° *बाप सदैव बच्चों के सुखदाई* ही होते हैं। (मिलकियत देकर जायेंगे, वारिस बनायें। तो बाप कभी बच्चों को दु:ख थोड़ेही देंगे। इम्पॉसिबुल है। तुम मात-पिता कहकर कितनी रड़ियाँ मारते रहते हैं। तो बच्चों का रूहानी बाप सबको *सुख का ही रास्ता बताते* हैं।)
° *सुख देने वाला* एक ही बाप है। *दु :ख हर्ता* सुख कर्ता एक रूहानी बाप है। (यह विनाश भी सुख के लिए ही है। नहीं तो मुक्ति-जीवनमुक्ति कैसे पायेंगे? परन्तु यह भी कोई समझेंगे थोड़ेही।)

11. अभी तुम मीठे-मीठे बच्चों को सिर्फ बाप को ही ____ करना है। चलते-फिरते काम करते बाप को याद करने में ही ____ है। फिर माया चमाट लगा देगी। तुम हो ब्राह्मण, _____ मिसल कीड़े को आपसमान ब्राह्मण बनाना है। तुम हो सच्चे-सच्चे ब्राह्मण। ब्राह्मणों को ही फिर देवता बनना है इसलिए तुम्हारा यह है _____ बनने के लिए संगमयुग। यहाँ तुम आते ही हो पुरूषोत्तम बनने के लिए। पहले ब्राह्मण जरूर बनना पड़े। ब्राह्मणों की ____ है ना।
° _याद_, _कल्याण_, _भ्रमरी_, _पुरूषोत्तम_, _चोटी_

12. अब फिर तुमको ज्ञान चिता पर चढ़ाता हूँ। आत्मा को ही ____ बनाना होता है। अब पतित-पावन बाप आकर पावन बनने की ____ बताते हैं। तुमको तो राखी उनको बांधनी है जो पवित्रता की ____ करें। प्रतिज्ञा जरूर करनी पड़े। भारत को फिर से _____ बनाने लिए हम यह प्रतिज्ञा करते हैं। तुम भी पावन बनो, औरों को भी पावन बनाओ। और किसकी ताकत नहीं जो ऐसे कह सके। तुम जानते हो यह अन्तिम जन्म पावन बनने से हम पावन दुनिया के ____ बनते हैं। तुम्हारा धंधा ही यह है। ऐसे मनुष्य कोई होते ही नहीं। तुमको जाकर यह _____ उठवाना है। बाप कहते हैं काम महाशत्रु है, इस पर विजय पानी है। इस पर जीत पाने से ही तुम जगतजीत बनेंगे। इन लक्ष्मी-नारायण ने जरूर आगे जन्म में पुरुषार्थ किया है तब तो ऐसा बने हैं ना। अभी तुम बता सकते हो – किस कर्म से इनको यह पद मिला, इसमें मूंझने की तो कोई बात ही नहीं।
° _पवित्र_, _युक्ति_, _प्रतिज्ञा_, _पावन_, _मालिक_, _कसम_

13. अब यह तो बच्चे समझते हैं, कल्प-कल्प _____ जो होती आई है वह होनी ही है। हम ब्राह्मण नम्बरवार _____ करते रहते हैं। जो-जो सेकेण्ड गुजरता है उसको ____ ही कहा जाता है। सारी दुनिया का चक्र फिरता रहता है। यह 5 हजार वर्ष का चक्र, ____ मिसल फिरता रहता है। ____ – ___ होती रहती है।
° _स्थापना_, _पुरूषार्थ_, _ड्रामा_, _जूँ_, _टिक_, _टिक_

14. इस ड्रामा में पार्टधारी भी अविनाशी हैं। तुम बच्चों को मालूम पड़ा है कि हम आत्मा ___ कैसे बजाती हैं। तुम जानते हो अभी हम फिर से अपने नये घर जाने वाले हैं। चक्र फिर हूबहू ____ होगा ना। यह बेहद की _फिल्म_ है। बेहद का ____ है। बेहद बाप के बने हैं तो कापारी _____ होनी चाहिए। हम बाप से स्वर्ग का वर्सा जरूर लेंगे। बाप कहते हैं ____ से जो चाहिए सो लो। यह बाबा (बूढ़ा) इतना ऊंच बन सकते हैं तो तुम क्यों नहीं बन सकते हो।
° _पार्ट_, _रिपीट_, _स्लाइड_, _खुशी_, _पुरूषार्थ_,

15. बाबा ने समझाया है – किसको भी प्रदर्शनी आदि दिखाना है तो पहले-पहले यह एम ऑब्जेक्ट समझानी है। सेकण्ड में ____ कैसे मिलती है! रावणराज्य में ही _____ शुरू होती है, सतयुग में तो नाम-निशान नहीं होता। ज्ञान और भक्ति दोनों अलग-अलग हैं ना। अभी तुमको इस पुरानी दुनिया से ______ है। तुम जानते हो यह पुरानी दुनिया अब खत्म होनी है। परन्तु तुम किसको समझाओ तो कोटो में कोई ही समझकर पद पाते हैं। अभी तुम बाप से अपना _____ लेने आये हो – 21 जन्मों के लिए।
° _जीवनमुक्ति_, _भक्ति_, _वैराग्य_, _ऊंच_, _वर्सा_

16. लौकिक *ब्राह्मणों को* क्या समझा सकते?
° तुम्हारा यह कुल *किसने स्थापन* किया? तुम्हारा *बड़ा कौन* है? फिर तुम जब समझायेंगे तो *बहुत खुश होंगे*। (ब्राह्मणों को मान देते हैं क्योंकि वह शास्त्र आदि सुनाते हैं। पहले राखी बांधने के लिए भी ब्राह्मण जाते थे।)

17. कौन-सा पुरूषार्थ *सदाकाल के लिए पूजने लायक* बना देता है?
° *आत्मा की ज्योति जगाने* वा तमोप्रधान आत्मा को *सतोप्रधान बनाने* का पुरूषार्थ करो तो सदाकाल के लिए पूजन लायक बन जायेंगे। (जो अभी ग़फलत करते हैं वह बहुत रोते हैं। अगर पुरूषार्थ करके पास नहीं हुए, धर्मराज की सज़ायें खाई तो सज़ा खाने वाले पूजे नहीं जायेंगे। सज़ा खाने वाले का मुँह ऊंचा नहीं हो सकता।)