Answers from Sakar Murli 12-03-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 12-03-2021*

1. जो सदा स्नेही हैं वह हर कार्य में स्वत: _____ बनते हैं।
° _सहयोगी_

2. निश्चयबुद्धि की निशानी है ही सदा _____। वह किसी बात में डगमग नहीं होते, सदा _____ रहेंगे। इसलिए कुछ भी हो क्या-क्यों सोचो नहीं, _____ बन निश्चिंत रहो क्योंकि हर कदम में कल्याण है। जब कल्याणकारी बाप का _____ पकड़ा है तो वह अकल्याण को भी _____ में बदल देगा इसलिए निश्चिंत रहो।
° _निश्चिंत_ , _अचल_, _त्रिकालदर्शी_, _हाथ_, _कल्याण_

3. बेहद बाप से फिर से 5000 वर्ष पहले मुआफिक हम विश्व की ________ का वर्सा ले रहे। बाप ही मुक्ति- ________ दाता है। अब आदि सनातन देवी-देवता धर्म की स्थापना हो रही, कोशिश करते हम ______ पद पायें। सबसे मीठे कौन होंगे? जो सतयुग के ______________ बनते।
° _बादशाही_, _जीवनमुक्ति_, _राजाई_, _महाराजा महारानी_.

4. अभी हमने बेहद के बाप की _____ ली है। तुम जानते हो ज्ञान सागर, पतित-पावन सर्व का सद्गति दाता _________ ही हमारा बाप-टीचर-सतगुरू है।मात-पिता को _______ करो तो गद्दी नशीन बनेंगे। बेहद बाप से ऊंच पद पाने लिए ________ चल रही, भगवान पढ़ाते विश्व का मालिक बनाने। ______ -अभिमानी हो तो समझें शिवबाबा जो कहते हमें करना है, रेसपान्सिबिल्टी शिवबाबा पर है।
° _गोद_, _शिवबाबा_, _फॉलो_, _पढ़ाई_, _देही_,

5. ऐसे भी हैं गृहस्थ व्यवहार में रहते _______ -मय जीवन है, बहुत सर्विस कर रहे। अपने घराने में ऊंच पद पाना होगा तो और भी आकर ______ लेकर जायेंगे, बाप-शान्तिधाम को याद करो। निश्चय हो तो नहीं कह सकते कि ________ नहीं, तकदीर में होगा तो दिन रात पुरूषार्थ करने लग पड़ें। हर एक को अपनी पढ़ाई में _______ रहना चाहिए। बाप कहते एक दो से _____ मत लो, कोई अहंकार नहीं। कई सर्विस कर अपनी जीवन _____ जैसी बनाते।
° _अर्पण_, _लक्ष्य_, _फुर्सत_, _मस्त_, _सेवा_, _हीरे_.

6. उनका आर्डर तो ____ पर धारण करना चाहिए, याद करो, ज्ञान ______ करो-कराओ। अच्छा बाबा जो _____ । याद रहेगी शिवबाबा की तो बुद्धि का _____ खुल जायेगा। शिवबाबा कहते हैं यह प्रैक्टिस पड़ जानी चाहिए तो ____ पार हो जाए। योग नहीं, तो ____ रह जाते, भोगने पड़ते।
° _सिर_, _धारण_, _हुक्म_, _ताला_, _बेड़ा_, _पाप_.

7. कौन सी *एक बात सदा ध्यान पर* रखो तो बेड़ा पार हो जायेगा?
° *“बाबा आपका जो हुक्म”* , ऐसे सदा बाप के हुक्म पर चलते रहो तो तुम्हारा बेड़ा पार हो जायेगा। (हुक्म पर चलने वाले माया के वार से बच जाते हैं, बुद्धि का ताला खुल जाता है। अपार खुशी रहती है। कोई भी उल्टा कर्म नहीं होता है।)

8. श्रीमत पर नहीं चलते, ठीक रीति पढ़ते नहीं वा बुरे ____ में जाकर फँस पड़ते। यह तो एक बहाना है माया के तूफान से पढ़ नहीं सकते, हमारे में ______ जबरदस्त हैं। कोई खराब संग है वा ________________ का नशा है। बहुतों को ______ रहती, कोई में क्रोध-चोरी की आदत, आखरीन में मालूम पड़ जाता। चलन ठीक नहीं तो टीचर भी सर्टीफिकेट देते इनकी ______चलन है। ___ -पास हो जाते हैं।
° _संग_, _विकार_, _काम वा देह-अभिमान_, _लालच_, _बद_ , _ना_

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *