Answers from Sakar Murli 10-03-2021

*Om Shanti*

*Answers from Sakar Murli 10-03-2021*

1. मास्टर दाता बन अनेक आत्माओं को _____ का अनुभव कराना ही ब्रह्मा बाप समान बनना है।
° _प्राप्तियों_

2. जिसकी बुद्धि जितनी _____, उतनी स्पीड तेज। तो दिव्य बुद्धि विमान द्वारा सेकेण्ड में स्पष्ट रूप से विश्व _____ कर सर्व आत्माओं की देख-रेख करो। उन्हें _____ करो। जितना आप चक्रवर्ती बनकर चक्र लगायेंगे उतना आवाज निकलेगा हमने _____ देखी, चलते हुए _____ देखे। इसके लिए स्वयं कल्याणी साथ विश्व कल्याणी मास्टर _____ बनो।
° _दिव्य_, _परिक्रमा_, _सन्तुष्ट_, _ज्योति_, _फरिश्ते_, _रचता_

3. तुम अपने गृहस्थ व्यवहार में रहते _____ समान पवित्र रहो, पतित-पावन सर्व का सद्गति दाता एक ही है। अपना जीवन _____ जैसा बनाओ, नहीं तो बहुत पछतायेंगे। यहाँ तुमको कोई भी पाप नहीं करना क्योंकि तुम _____ आत्मा बनते। यहाँ रहने वालों से भी जो घर गृहस्थ में रहते सर्विस में है वे बहुत _____ पद पाते। बाप कहते हमेशा _____-खण्ड हो रहो।
° _कमल फूल_, _हीरे_, _पुण्य_, _ऊंच_, _क्षीर_

4. हम बाबा के थे बाबा हमारा, जब _____ में थे। चक्र लगाया, फिर उनके बने हैं, वह आया है _____ सिखाकर स्वर्ग का मालिक बनाने, सुखधाम का वर्सा। अब बाप की _____ पर चलना है। माया चूहा है, फूंकती-काटती, खून भी निकलता। एकदम सिर मूड़ लेते। बाबा _____ देंगे ना। बाबा बॉम्बे में कितनी ज्ञान डांस करते थे, _____ बहुत थे। अभी बाप तुमको _____ -दार बनाते। गुरूनानक ने भी महिमा गाई है एकोअंकार….
° _मूलवतन-शान्तिधाम_, _राजयोग_, _मत_, _सावधानी_, _चात्रक_, _समझ_

5. कई बच्चे हैं घर गृहस्थ में रहते भी _____ सर्विस करते। हम क्यों न भारत को _____ बनाने की सेवा में लग जाएं, बच्चे चाहते हैं रामराज्य हो। तुमको पुण्य आत्मा बन सबको _____ देना है। बाप कहते हैं मात-पिता को फालो करना चाहते तो _____ से सर्विस करो। किसी से _____ नहीं लेनी है।
° _ईश्वरीय_, _स्वर्ग_, _सुख_, _सच्चाई_, _सेवा_

6. जो बच्चे देह-अभिमान में रहते उन्हें माया जोर से _____ मार देती, फिर _____ में फंस पड़ते हैं। देह-अभिमान आया और _____ लगा, पद भ्रष्ट। देह-अभिमान तोड़ना यही बड़ी _____ है। बाबा कहते बच्चे _____ -अभिमानी हो बाप को याद करते रहो। । जैसे बाप ओबीडियन्ट सर्वेन्ट है, कितना _____ है।
° _पंजा_, _नाम-रूप_, _थप्पड़_, _मंजिल_, _देही_, _निरंहकारी_

7. शिरोमणी गीता में भगवानुवाच अनुसार परमात्मा अगर सर्व सांपों में केवल काले नाग में है, तो सर्व _____ में उसका वास नहीं हुआ ना। अगर परमात्मा ऊंचे ते ऊंचे पहाड़ में है गोया नीचे _____ में नहीं है और फिर कहते हैं जहाँ जीत वहाँ मेरा जन्म, गोया _____ में नहीं हूँ। यह बातें सिद्ध करती परमात्मा सर्वव्यापी नहीं। ऐसे भी कहते हैं परमात्मा अनेक रूप में आते (24 अवतार, कच्छ-मच्छ) यह है मिथ्या ज्ञान, जबकि इस समय कलियुग में सर्वत्र _____ ही व्यापक है तो फिर परमात्मा व्यापक कैसे ठहरा?
° _सांपों_, _पहाड़ों_, _हार_, _माया_

8. निराकारी दुनिया मतलब जरुर कोई दुनिया है, परन्तु उसका _____ सृष्टि मुआफिक आकार नहीं। वो हुआ परमात्मा के रहने का ठिकाना, रिटायर्ड होम, तो परमात्मा के _____ को परमात्मा नहीं कहते। अब दूसरी _____ दुनिया, जहाँ ब्रह्मा विष्णु शंकर आकारी है। साकारी दुनिया के दो भाग – एक निर्विकारी स्वर्ग जहाँ आधाकल्प सर्वदा सुख, _____, शान्ति है। दूसरी है विकारी कलियुगी, दु:ख-अशान्ति। आत्मायें अपने को, परमात्मा को भूलने कारण हिसाब किताब भोग रहे। देवताओं की सब प्रवृत्ति चलती थी परन्तु वहाँ _____ पैदाइस नहीं थी जिस कारण इतना कर्मबन्धन नहीं था।
° _स्थूल_, _घर_, _आकारी_, _पवित्रता_, _विकारी_

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