योग कमेंटरी | सूक्ष्मवतन में बापदादा से मिलन | Experiencing God in the subtle world

योग कमेंटरी | सूक्ष्मवतन में बापदादा से मिलन | Experiencing God in the subtle world image

योग कमेंटरी | सूक्ष्मवतन में बापदादा से मिलन | Experiencing God in the subtle world

बाबा बाहें पसारे… बुला रहे हैं “आओ बच्चे”… मेरे मीठे बच्चे… प्यारे बच्चे… लाडले बच्चे

मैं फरिश्ता… बाबा के पास पहुँच गया हूँ… बाबा मुझे बहुत मीठी दृष्टि दे रहे हैं… मैं बाबा की दृष्टि ले रहा हूँ

उनका वरदानी हाथ मेरे सिर पर है… बाबा वरदान दे रहे हैं… निरन्तर योगी भव… मायाजीत भव… सदा सुखी भव

विजय का तिलक लगा रहे हैं… सफलता तुम्हारा जन्म सिद्ध अधिकार है… मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ

उनकी छत्रछाया में, मैं सदा सुरक्षित हूँ… परिस्थितयां व माया मुझे हिला नहीं सकती… बाबा मेरा रक्षक है

सदा बाबा को साथ रख… इसी हल्की अव्यक्त स्थिति में रहना है… सबको भगवान से जुड़ाना है… ओम् शान्ति!

गीत: बाबा से मिलन मनाने, आ जाओ मेरे लाल…


और योग कमेंटरी:

Thanks for reading this meditation commentary on ‘सूक्ष्मवतन में बापदादा से मिलन | Experiencing God in the subtle world’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *