योग कमेंटरी | खुशी का अनुभव | Experiencing Happiness

Experiencing Happiness image

योग कमेंटरी | खुशी का अनुभव | Experiencing Happiness

खुशियों के सागर की सन्तान… मैं आनंद स्वरूप आत्मा हूँ… सदा खुश… सन्तुष्ट हूँ… खुशी मेरे जीवन की विशेषता है

मैं खुश-नसीब… खुश-किस्मत… खुश-मिजाज़ हूँ… खुश-हाल… खुशनुमा हूँ

संगमयुग मौजौं का युग है… बाबा मेरे साथ है… हर पल खुशीयां ही खुशियां… कमाई ही कमाई है

खुशी सबसे बड़ा खज़ाना है… इसलिए मैं सबसे धनवान हूँ

खुशी जैसी खुराक नहीं… मैं तन-मन से सदा स्वस्थ हूँ

मुझे सच्ची, अविनाशी, शाश्वत खुशी मिली है… मैं सबसे भाग्यवान हूँ

मुझे सबको खुशियां बांटनी है… सबकी सच्ची सेवा करनी है… खुशियों की दुनिया बनानी है… ओम् शान्ति!

गीत: खुशियों से भर दी ज़िन्दगी हमारी…

सदा खुश रहो…


और योग कमेंटरी:

Thanks for reading this meditation commentary on ‘खुशी का अनुभव | Experiencing Happiness’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *