योग कमेंटरी | मैं दीपक हूँ | I’m the flame of a diya

योग कमेंटरी | मैं दीपक हूँ | I’m the flame of a diya

इस मिट्टी (शरीर) में, मैं आत्मा रूपी ज्योति चमक रही हूँ… मैं बाबा की आशाओं का दीपक… कुल दीपक हूँ

मुझसे चारों ओर प्रकाश की किरणें फैल रही है… अन्धकार मीट रहा है… मैं सदा जागती ज्योत हूँ

मैं ज्ञान घृत से भरपूर हूँ… स्वयं भगवान ने मेरी ज्योति जगाई है… मेरी हर दिन दीवाली है

मैं दीपमाला का दीपक हूँ… सभी दीपकों के साथ चमक रहा हूँ… भल मिट्टी (शरीर) अलग है, ज्योति एक समान है… एक बाबा के बच्चे, हम सभी एकता के सूत्र में बंधे हुए हैं

मैं दीपराज बाबा की… बहुत प्यारी दीपरानी हूँ… ज्ञान, गुण, शक्तियों से प्रकाशित हूँ

कोई भी माया के तूफान मुझे हिला नहीं सकते… मैं स्थिर और शक्तिशाली हूँ… सत्यता की शक्ति से सम्पन्न… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

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Sakar Murli Churnings 30-01-2019

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Sakar Murli Churnings 30-01-2019

1. अभी बुद्धि को भटकाने के बजाए एक बाबा में लगाना है (अपने को आत्मा समझकर), तो विकर्म विनाश हो जाएंगे (घर जाने के लिए) और दिव्यगुण धारण हो जाएंगे (सतयुग जाने के लिए)… हम राजऋशी है, राजाई का पुरूषार्थ कर रहे है!

2. जीतना स्वयं दिव्यगुणों की धारणा करेंगे… उतना औरों को भी करा सकेंगे, बहुत सुख देंगे, सेवा करेंगे, और अपना श्रेष्ठ भाग्य बनाएंगे (golden spoon in mouth!)

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सदा यही रूहानी नशे में रहे कि अब हमारी बुद्धि को सत्य ठिकाना मिल गया है, अब हम उड़ती कला में आ गए हैं… और सबको भी उड़ती कला में लाते रहे, जिससे सहज ही हम सतयुग लाने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!


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Sakar Murli Churnings 29-01-2019

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Sakar Murli Churnings 29-01-2019

ड्रामा अनुसार टावर ऑफ नॉलेज (बाबा) आए हैं, हमे टावर ऑफ दुःख से निकाल टावर ऑफ silence (शान्तिधाम) और टावर ऑफ सुख (स्वर्ग) में ले चलने… तो अपने को सुधारना है, परिवर्तन करना है, लक्ष्मी-नारायण समान गुणवान बनना हैविचार सागर मंथन कर बुद्धि को रिफ्रेश करना है, सर्वशक्तिमान से योग बनाए रख अपनी बैट्री चार्ज करनी है… रूहानी टीचर बन सबकी सेवा करनी है, राजयोग सिखाना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… ज्ञान चिन्तन और योग द्वारा बाबा के साथ सदा combined रहे, और सबका कनेक्शन बाबा से जोड़ते रहे… जिससे सहज ही सतयुग बन जाएगा… ओम् शान्ति!

The Art of Leaving the Body | खुशी-खुशी शरीर कैसे छोड़े | Sakar Murli Churnings 28-01-2019

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The Art of Leaving the Body | खुशी-खुशी शरीर कैसे छोड़े | Sakar Murli Churnings 28-01-2019

1. बाबा हमें खुशी-खुशी शरीर छोड़ना सीखा रहे हैं:

  • अपने को अविनाशी आत्मा समझना है… हमको कोई डर नहीं!
  • बाबा मेरे साथ है… उनकी याद में ही सच्ची खुशी है
  • अब शान्तिधाम-सुखधाम चलना है… मेरा pad जरूर ऊंच होगा
  • इस पुराने शरीर और पुरानी दुनिया में क्या ममत्व रखे… औरों को भी भ्रूकुटी के बीच चमकती हुई आत्मा भाई के रूप में देखना है

2. हमने आधाकल्प भक्ति की है, और अभी बहुत थोड़ा समय रहा है, इसलिए अब पावन बनना है… सवेरे उठकर बाबा को बहुत प्रेम से याद करना है, विचार सागर मंथन करना है, बाबा आप हमें क्या से क्या बना रहे हो… बहुत मीठा प्यारा बनना है, उल्टे सुलते शब्द (चुगली, रीस, हसद) द्वारा किसी को दुख नहीं देना है

सार

जिसके हर पल श्रेष्ठ है, उनका अंत समय भी स्वतः श्रेष्ठ होता… तो चलिए आज सारा दिन, अपने को अविनाशी आत्मा समझ बाबा की याद में बहुत खुशी में रहे… अपना और सर्व का जीवन श्रेष्ठ सुखमय बनाते रहे, सतयुग बनाते रहे… ओम् शान्ति!

Becoming truly God-loving & powerful | प्रीत बुद्धि विजयन्ती | Avyakt Murli Churnings 27-01-2018

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Becoming truly God-loving & powerful | प्रीत बुद्धि विजयन्ती | Avyakt Murli Churnings 27-01-2018

स्नेही कि अवस्थाएं

  1. औरों का परिवर्तन वा श्रेष्ठ जीवन को देख स्नेही
  2. गुणों, सुख-शान्ति के कुछ अनुभव की झलक से स्नेही
  3. शुध्द आत्माओं के संग से कुछ सहारा के अधार पर स्नेही
  4. परमात्म स्नेही, सर्वश्रेष्ठ स्नेही

सहयोगी की अवस्थाएं

  1. भक्ति के संस्कार के आधार से सहयोगी… बातें अच्छी है, जीवन अच्छा है, स्थान अच्छा है, अच्छे स्थान पर अच्छा कार्य करना चाहिए, आदि
  2. ज्ञान योग से कुछ प्राप्ति के आधार पर सहयोगी
  3. एक ही बाप है, एक ही प्राप्ति है, बाबा का कार्य सो मेरा कार्य… ऎसे श्रेष्ठ सहयोगी!

शक्तिशाली की अवस्थाएं

  1. ज्ञान के अधार से शक्तिशाली… जब तक स्मृति में रह… कि मैं शक्ति स्वरूप आत्मा हूँ, सर्वशक्तिमान की सन्तान हूँ
  2. ज्ञान के चिन्तन, वर्णन वा सेवा के आधार पर शक्तिशाली… जब तक चिन्तन वा वर्णन करे
  3. सदा मास्टर सर्वशक्तिमान स्वरूप, सर्वशक्तिमान बाबा से combined, श्रीमत का हाथ छत्रछाया के रूप में अनुभव करते… हर संकल्प, बोल, कर्म समर्थ शक्तिशालीदृढ़ता सम्पन्न, प्रश्नों से पार, सफलता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है… वह सर्व-प्राप्ति सम्पन्न, अपने भाग्य केे गुणगान करते, सदा रूहानी नशे में रहते… ऎसी आत्माएं ही विजयी बनती

अन्य पॉइन्ट्‍स

  • एक बल एक भरोसा अर्थात बाबा और बाबा की श्रीमत… उसके ही अधार से ज्ञान-स्वरूप, महान योगी, अनुभवी मूर्त, एकाग्र-चित्त, सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनते
  • मधुबन बाबा का घर, सो अपना घर है… यहां आराम है, बाबा की छत्रछाया है, मीठी प्यारी पालना है
  • पंजाब की विशेषता है अमृतवेला और सत्संग… ईस्टर्न है मास्टर ज्ञान सूर्य बन विश्व को प्रकाशित करने वाले, माया के अन्धकार से बचे रहने वाले

प्रीत-बुद्धि की निशानियां

  • शरीर का विनाश कभी भी हो सकता… इसलिए इस विनाश काले प्रीत-बुद्धि बनना है
  • प्रीत-बुद्धि अर्थात संकल्प भी श्रीमत के विपरीत न हो… हर संकल्प, बोल, कर्म बाबा की श्रीमत परबुद्धि के सामने सदा बाबा रहते, एक बाबा दूसरा ना कोई, उनके गुण और शक्तियां का अनुभव होता रहता… ऎसी आत्माएं ही विजयी, सदा सुखी, मायाजीत बनती!… बाबा दिन-रात उनके गुणगान करते, विश्व का राज्य भाग्य दिलाते
  • प्रीत-बुद्धि सदा अलौकिक, अव्यक्त वा न्यारे प्यारे होते… उनके नैन-चेहरे में अन्तर्मुखता वा बाबा ही दिखते, हर कदम सेवा होती
  • वह बाबा का पूरा साथ लेते और सम्बन्ध निभाते… निभाना अर्थात सदा एक बाबा दूसरा ना कोई, उसकि प्रीत में डूबे हुए!… इसलिए माया (पुराने संस्कार), कमी कमझोरी, निर्बलता, कोमलता आदि सब पर विजयी रहते

सार

तो चलिए आज सारा दिन… हर संकल्प में बाबा और उसकी श्रीमत से प्रीत-बुद्धि बन, सदा सुख के झूले में झूलते रहे… और हर कदम सबका श्रेष्ठ बनाते रहे… सतयुग बनाते रहे, ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 26-01-2019

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Sakar Murli Churnings 26-01-2019

हम आधा-कल्प से भागवान को याद करते थे, इसलिए अब विश्व की वानप्रस्थ अवस्था में बाबा तमोप्रधान देश में आए हैं… हमारे obedient servant बन हमें सतोप्रधान देवता विश्व का मालिक बनाने, आधा-कल्प के लिए!… इसलिए अभी योग-युक्त (अशरीरी-पन का अभ्यास और बाबा की याद में मग्न) पवित्र बनना है, तो सभी बातों को सहज पार कर लेंगे… अमृतवेले के श्रेष्ठ समय पर श्रेष्ठ स्थिति मेंं स्थित होना है, तो सारा दिन सहज बितेगा!

सार

तो चलिए आज गणतंत्र दिवस पर… बाबा की श्रीमत अनुसार ज्ञान-योग का अभ्यास कर फिर से स्वराज्य अधिकारी (अर्थात स्व का राजा) बन जाएँ… तो इस स्व-परिवर्तन से विश्व परिवर्तन हो जाएगा, और हम फिर से सतयुगी दैवी राजधानी का हिस्सा बन जाएँगे!… ओम् शान्ति!

Becoming a hero actor | हीरो एक्टर बनने की सहज विधि | Sakar Murli Churnings 25-01-2019

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Becoming a hero actor | हीरो एक्टर बनने की सहज विधि | Sakar Murli Churnings 25-01-2019

1. यह बेहद का नाटक है (जिसकी सूर्य चाँद बत्तियां हैं, 5000 वर्ष की आयु है, और एक सेकण्ड न मिले दूसरे से)… हम आत्मा मुसाफिर वा ऐक्टर्स है, जिन्होनें शरीर रूपी वस्त्रों से 84 जन्मों का पार्ट बजाया है… और परमात्मा का सबसे श्रेष्ठ पार्ट है टीचर बन हमको सत्य ज्ञान और राजयोग सीखाकर वंडर ऑफ वर्ल्ड स्वर्ग बनाना 21 पीढ़ी के लिए

2. संगम की ही बातों पर सारे त्योहार बने हुए हैं, तो सबकी सर्विस कर शृंगार करना है, उन्हें आत्मा समझकर ज्ञान देना है… याद में रह ever-healthy बनना है… और सच्ची पढ़ाई कर अविनाशी कमाई जमा करते रहना है… श्रीमत पर पूरा-पूरा चल शमा बाप पर फिदा होना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अपने हीरो पार्टधारी की स्मृति द्वारा स्वयं को ज्ञान गुण और शक्तियों के श्रृंगार से सम्पन्न कर, औरों को भी सम्पन्न बनाते रहे… जिससे सहज ही हम सतयुग लाने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | वाह मेरा भाग्य वाह! | My illustrious fortune!

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योग कमेंटरी | वाह मेरा भाग्य वाह! | My illustrious fortune!

मैं भाग्यशाली, सौभाग्यशाली, पद्मापद्म भाग्यशाली आत्मा हूँ… स्वयं भाग्यविधाता ने भाग्य की कलम मेरे हाथों में दी है… वाह मेरा भाग्य वाह!

भगवान का वरदानी हाथ मेरे सिर पर है… सदा सुखी भव, सफलता मूर्त भव, बाबा मुझे वरदान दे रहे हैं… मेरे भाग्य का सितारा चमक उठा है

भ्रकुटी के बीच चमकता हुआ दिव्य सितारा… मैं आत्मा, शान्ति प्रेम आनंद स्वरूप हूँ… बहुत सुखद अनुभव हो रहा है

सर्वशक्तिमान शिवबाबा की सन्तान… मैं सर्व प्राप्ति सम्पन्न हूँ… सदा इसी श्रेष्ठ स्थिति में स्थित हूँ

मेरा शरीर स्वस्थ हो रहा है… मेरी कार्य क्षमता भी बढ़ रही है… मेरे सम्बन्ध भी मीठे बन जाएँगे

मेरा हर कर्म श्रेष्ठ व कल्याणकारी है…सबको खुशियां बांटती हूँ… मुझे सब का भाग्य श्रेष्ठ बनाना है

मेरा भाग्य मेरे हाथों में है… ज्ञान योग का अभ्यास कर मुझे सदा के लिए सुख-शान्ति सम्पन्न बनना… और बनाना हैं… ओम् शान्ति!

गीत: मन खुशी में गा रहा है, वाह बाबा वाह!


और योग कमेंटरी:

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Becoming Emperor of the World | विश्व का मालिक बनने की सहज विधि | Sakar Murli Churnings 24-01-2019

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Becoming Emperor of the World | विश्व का मालिक बनने की सहज विधि | Sakar Murli Churnings 24-01-2019

1. भगवान ने हमें ज्ञान का तीसरा नेत्र दिया है, दुनिया बदल रही है… तो हम जितना अपने को आत्मा समझ बाप को याद करेंगे और दैवीगुण धारण करेंगे, तो शान्तिधाम-सुखधाम पहुंच जाएंगे

2. ऎसे स्वर्ग की सौगात देने वाले बाबा को बहुत प्यार से याद करना है… तो पावन बन जाएँगे!

3. अपने को आत्मा समझ आत्मा भाई को ज्ञान (बाप का परिचय) देना है, इससे:

  • देह-भान उतर जाएगा
  • माया के तूफान, बुरे ख्यालात नहीं आएंगे
  • औरों को तीर भी लगेगा
  • यही मेहनत है विश्व का मालिक बनने के लिए

सार

तो चलिए आज सारा दिन… आत्मिक दृष्टि का अभ्यास पक्का कर, अनेकों का कल्याण करते रहे… साथ में बाबा को बहुत प्यार से याद करे, तो उनके रचे हुए स्वर्ग में ऊंंच पद मैं पहुँच जाएँगे, और अनेकों को ऊंच पद दिलाने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 23-01-2019

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Sakar Murli Churnings 23-01-2019

सदैव खुशी वा नशे में रहना है, कि हम पर बृहस्पति की दशा बैठी है, स्वयं भगवान हमें पढ़ाते हैं, स्टूडेंट लाइफ इस दी बेस्ट… तो खूब पुरूषार्थ करना है, अपने को आत्मा समझना है और बाबा को याद करना है, तो वैकुण्ठ के मालिक बन जाएँगे… सब का कल्याण करना है, बाप का पैगाम देना है, बोर्ड लगाना है… लक्ष्मी-नारायण के चित्र को देख-देख खुश होना है, हम क्या से क्या बन रहे हैं, कितने श्रेष्ठ सतयुग में जा रहे हैं (जहां नैचुरल beauty है, अकाले मृत्यु नहीं होती, सोने की खानियाँ है, प्रकृति सतोप्रधान है)

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अपने श्रेष्ठ भाग्य को देख देख हर्षित होते रहे… और ऎसे No. 1 स्टूडेंट बने कि‍ हम स्वयं और सर्व का 21 जन्मों के लिए कल्याण कर दे, स्वर्ग बना ले… ओम् शान्ति!