
Sakar Murli Churnings 05-02-2019
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योग कमेंटरी | Increasing our fortune | भाग्य बढ़ाना | Avyakt Murli Churnings 03-02-2019
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Increasing our elevated fortune | भाग्यवान बनने कि सहज विधि | Avyakt Murli Churnings 03-02-2019
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Making soul-consciousness our natural nature | देही-अभीमानी स्थिति का नैचुरल नेचर | Avyakt Murli Churnings 02-02-2019
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योग कमेंटरी | खुशी का अनुभव | Experiencing Happiness
खुशियों के सागर की सन्तान… मैं आनंद स्वरूप आत्मा हूँ… सदा खुश… सन्तुष्ट हूँ… खुशी मेरे जीवन की विशेषता है
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योग कमेंटरी | मैं स्वदर्शन चक्रधारी हूँ | Spinning the discus of self-realization
मैं स्वदर्शन चक्रधारी आत्मा हूँ… भगवान ने मुझे सृष्टि के आदि-मध्य-अन्त का ज्ञान दे दिया है… मैं सर्वगुण सम्पन्न देवता थी
मैं भगवान का परम भक्त रहा हूँ… अभी अधिकारी बना हूँ… बाबा का सारा ज्ञान और वर्सा, गुण और शक्तियां मेरी है
मैं ब्राह्मण हूँ… भगवान की पालना में पलने वाली मैं परद्मपद्म भाग्यशाली आत्मा हूँ… सेवा के निमित्त आत्मा हूँ
मुझे फरिश्ता बनना है… अव्यक्त… कर्मातीत…
सम्पन्न और सम्पूर्ण बन घर जाना है… अपने अनादि बीजरूप स्थिति में
इसी चक्र को फिराते रहने से… हम मायाजीत बनते… सदा श्रेष्ठ स्थिति में स्थित रहते… ओम् शान्ति!
और योग कमेंटरी:
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