Sakar Murli Churnings 07-03-2019

Sakar Murli Churnings 07-03-2019

1. योग का मुख्य सब्जेक्ट है जिससे सतोप्रधान बनते, आयु बढ़ती, धारणा होती, ऊंच पद मिलता… इसलिए याद पर पूरा ध्यान देना है, क्यूंकि जब याद से याद मिलती तो current अनुभव होती, जिससे एवर हेल्थी निरोगी बनते… औरों को भी सकाश दे सकते

2. Serviceable बनने के लिए बाबा के ज्ञान का विचार सागर मंथन करना है, points नोट करनी है (जैसेकि लक्ष्मी-नारायण को राज्य जिसने दिया और जैसे गवाया, कैसे सुप्रीम सर्जन बाबा हमें 21 जन्मों के लिए निरोगी बनाते)

सार

तो चलिए आज सारा दिन… याद की यात्रा द्वारा बाबा की searchlight लेते रहे… इससे powerful vibrations चारों ओर फैलती जिससे स्वतः समस्याएं समाप्त होती, श्रेष्ठ सेवा होती रहती, और हम सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाते… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | हमारे मीठे बाबा | Baba’s part

योग कमेंटरी | हमारे मीठे बाबा | Baba’s part

बाबा परमधाम में… सदा शान्ति, प्रेम, आनंद से भरपूर रहते… कल्प के संगमयुगे आकर… हमें ज्ञान देते हैं

ड्रामा को साक्षी हो देखते… सदा बच्चों को आगे बढ़ाते है… मीठी मीठी बातें करते

बाबा किसी से कुछ नहीं लेते… सदा देते रहते हैं… अपने से भी ऊंचा उठाते

बाबा मुझे दृष्टि देते… सदा विशेषताएं देखते… बहुत प्यार करते हैं

भक्ति में भी साक्षात्कार कराते थे… मनोकामनाएं पूर्ण करते थे..

अभी सर्व खज़ानों के अधिकारी, पद्मपद्म भाग्यशाली बना दिया है… बाबा का बहुत बहुत शुक्रिया है… ओम् शान्ति!

गीत: हजा़रों धन्यवाद है…


और योग कमेंटरी:

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Sakar Murli Churnings 06-03-2019

Sakar Murli Churnings 06-03-2019

इस संगमयुग पर ज्ञान सागर बाबा हमारी झोली ज्ञान रत्नों से भर देते, तो ज्ञान-वन बन अपने को आत्मा समझ बाबा को याद करना है, तो मायाजीत पावन स्वच्छ सुन्दर बन घर उड़ सकेंगे… आयु भी बढ़ेगी, सतयुग में सुखों से भरपूर रहेंगे, और हमारे द्वारा सर्व का भला वा कल्याण हो जाएंगा

सार

तो चलिए आज सारा दिन… मैं विशेष आत्मा हूँ, इस स्मृति द्वारा ज्ञान से भरपूर हो बाबा का सदा साथ अनुभव करते रहे… जिससे स्वतः दिव्य गुण सम्पन्न बनेंगे और बनाते रहेंगे, सतयुग बनाते चलेंगे… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 05-03-2019

Sakar Murli Churnings 05-03-2019

1. जबकि बाबा हमें सर्वश्रेष्ठ ज्ञान देते, तो इसे ऎसा श्रेष्ठ धारण करना है, कि अन्त में रचता और रचना के सिवाए और कुछ याद न आए… इसके लिए स्वदर्शन चक्रधारी बन बाबा को याद करते रहना है…

2. इसे और सहज करने मुरली कभी भी मिस नहीं करनी है, समय सफल करना है,चाहे कुछ भी हो जाएं, हमें अपना पार्ट श्रेष्ठ बनाना है…

3. फिर सच्चा ब्राह्मण वह जिसे ज्ञान कण्ठ हो, सदा ज्ञान-दान कर आप समान बनाता रहें, बुद्धि की लाइन क्लियर हो, मतभेद से परे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… मास्टर मुरलीधर बन ज्ञान की मस्ती में अपना योग बढ़ाते जाएं, जिससे सहज दिव्यगुण सम्पन्न धारणा-मूर्त बन जाएंगे … तो हर कदम सेवा स्वतः होती रहेंगी, हम सर्व की जीवन श्रेष्ठ करते सतयुग बनाने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 04-03-2019

Sakar Murli Churnings 04-03-2019

यह संगमयुग है, जब हमें सम्पूर्ण सत्य ज्ञान मिला है, मुख्य बात कि हम ही देवता थे और अब पवित्र योगी बनने के पुरूषार्थ द्वारा फिर से सतोप्रधान सर्वगुण सम्पन्न देवता बनेंगे… तो मोह की रगें तोड़, सेवा का सबूत जरूर देना है, बाबा से आफरीन लेनी है… हमें अपनी सेवा करनी है, बीज जरूर डालना है, फिर वह अपने पार्ट अनुसार धारण करेंगे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें स्वयं ज्ञान सागर सुप्रीम टीचर बाप पढ़ाते हैं, तो ऎसा सर्वश्रेष्ठ Godly student बने की हम नम्बर वन सूर्यवंशी बनने की प्राइज़ प्राप्त कर ले … औरों को भी आप समान योग्य बनाते रहें, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

Happy Birthday, Baba! | हम सभी को जन्म-दिन की बहुत बहुत बधाई हो, बधाई हो, बधाई हो… | Baba Milan Murli Churnings 03-03-2019

Happy Birthday, Baba! | हम सभी को जन्म-दिन की बहुत बहुत बधाई हो, बधाई हो, बधाई हो... | Baba Milan Murli Churnings 03-03-2019 image

Happy Birthday, Baba! | हम सभी को जन्म-दिन की बहुत बहुत बधाई हो, बधाई हो, बधाई हो… | Baba Milan Murli Churnings 03-03-2019

1. हम स्नेह के विमान में बैठ बाबा के पास सहज पहुँच गए हैं, लवलीन स्थिति में परमात्म प्यार के झूले में झूल रहे हैं… बाबा भी हमारे स्नेह में समा गए हैं… यह स्नेह हमें सहज बाप समान ashariri, व्यक्त भान से परे अव्यक्त स्थिति अव्यक्त स्वरूप में स्थित कर देता है

2. हम शिव जयन्ती वा शिव रात्रि मनाने, अर्थात बाप वा अपना जन्मदिन मनाने आए हैं… बाबा भी वतन से नीचे आ गए हैं… यह बर्थ-डे सारे कल्प में न्यारा प्यारा है, क्योंकि:

  • परमात्मा स्वयं हमारा बर्थडे मनाते, हम भी उनका मनाते
  • बाप और बच्चे दोनों का जन्मदिन एक साथ एक ही दिन आता
  • यह शिव जयन्ती (birthday) भी है, तो शिवरात्रि (कलियुग रात परिवर्तन हो सतयुग स्थापन होने की घड़ियां) भी है

तो बाबा इस विशेष दिन की बहुत बढ़ाइया, मुबारक, दुआ, और दिल का याद-प्यार देते हैं

3. हमारे दिव्य जन्म के श्रेष्ठ अलौकिक कर्म ही भक्त copy करते… हम सम्पूर्ण जीवन मन-वाणी-कर्म-भोजन-सम्बन्ध-सम्पर्क में पवित्र रहते, इसलिए भी एक दिन पवित्र रहते… यह पवित्रता ही foundation है ब्राह्मण जीवन का, पूज्य बनने का, प्राप्तियां अनुभव करने का…

4. तो जैसे प्यार में हम पक्के है, वैसे इस पवित्रता के व्रत को पक्का करना है… इसके लिए माया को विदाई देना है (वह भले आए, हमें उसके प्रभाव से न्यारे रह, उसे दूर से ही भगा देना है, बिठाने की आदत नहीं डालनी है अलबेलेपन-वश) … तो फिर:

  • हमारे सूरत में बाप की मूरत दिखाई देंगी, सदा सम्पन्न नैन-मुखड़ा बाप समान… चेहरा व्यर्थ के प्रभाव, उदासी वा मेहनत से परे सदा मुस्कुराता गुलाब समान बन जाएंगा
  • बोल बाप समान वरदानी हो जाएँगे

5. बाबा ने समय की समीपता वा अचानक होने का इशारा बहुत बार दिया है, इसलिए अलर्ट-एवररेडी बनना है… मन-बुद्धि को क्लीन-क्लियर रखना है ताकि बाबा की श्रीमत-directions की touching कैच कर सके… इसके लिए साइलेंस पावर जमा करना है, जिसकी बैंक अभी ही खुलती हैं, एक-एक second वा minute भी स्वीट साइलेंस की अनुभुती में खो जाने की ड्रिल करनी है… तो औरों को सहयोग-sakash दे पाएंगे… पश्चाताप से बच जाएंगे, बाबा की मुबारक लेंगे

6. हमने सबसे बड़े विदेशी बाबा को नीचे खींच लिया है, हम बाबा के घर का श्रूंगार है… तो सदा indoor (अर्थात अन्तर्मुखी) हो बाबा की परिवर्तन की आशाओं को पूर्ण कर number वन बनना है… नम्बरवन विजयी भव का वरदान सदा याद रखना है

सार

तो चलिए इस रूहानी अलौकिक जन्म-दिन पर… सदा परमात्म प्यार के झूले में झूलते रह, सदा श्रेष्ठ स्थित और प्राप्तियों का अनुभव करतेे रहे… इस पवित्रता के बल द्वारा एसा silence power से सम्पन्न रहे, कि औरों को भी स्वतः सर्वश्रेष्ठ सहयोग मिलता रहे… ऎसे स्व-उन्नति और विश्व-सेवा के बैलेंस द्वारा हम बहुत ही जल्द परमात्मा छत्रछाया में रहते सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | श्रेष्ठ संकल्पों की बूँद-बूँद | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019

योग कमेंटरी | श्रेष्ठ संकल्पों की बूँद-बूँद | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019 image

योग कमेंटरी | श्रेष्ठ संकल्पों की बूँद-बूँद | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019

मैं बिन्दु-रूप आत्मा… बिन्दु बाप की सन्तान… ड्रामा का बिन्दु लगाने वाली आत्मा हूँ

मैं सरल-चित्त… स्वच्छ बुद्धि… धारणा मूर्त आत्मा हूँ… भोली आत्मा… भगवान की प्रिय हूँ

मैं बाबा से बातें करती हूँ… बाबा, आप कितने मीठे हो, हमें क्या से क्या बनाते हो… सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनाते… एक आप ही महिमा-योग्य हो

मैं पूज्य आत्मा… दिव्य दर्शनीय मूर्त हूँ… वरदानी मूर्त… सबको शान्ति, प्यार और खुशियां बांटती हूँ

मैं व्यर्थ से मुक्त… सदा जागती ज्योत हूँ… मेरे तन-मन-धन के सहयोग से… सतयुग स्थापन हो रहा है… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

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शिव जयन्ती का आध्यात्मिक रहस्य | Spiritual Significance of Mahashivratri | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019

शिव जयन्ती का आध्यात्मिक रहस्य | Spiritual Significance of Mahashivratri | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019 image

शिव जयन्ती का आध्यात्मिक रहस्य | Spiritual Significance of Mahashivratri | Avyakt Murli Churnings 03-03-2019

1. भोला अर्थात सरल स्वभाव, शुभ भाव और मन-कर्म दोनों में स्वच्छता, अर्थात सच्चाई और सफाई… भोलेनाथ बाबा को हमारा यह भोलापन इतना प्यारा है, कि हम बाप-बच्चों दोनों का बर्थ-डे साथ-साथ मनाते हैं

2. एक ओर है वियोगी पुकारने आह्वान करने वाले भक्त बच्चें, और हम है बाबा के सम्मुख सहजयोगी बच्चें, जिन्होनें ‘पा लिया!’… तो भक्तों की आवाज़ सुन, जल्दी ही तैयार अर्थात दिव्यगुणों के श्रूंगारों से सम्पन्न बन जााना है, तो स्वतः सर्व की मनोकामनाएं पूर्ण करते रहेंगे

3. शिव जयन्ती का आध्यात्मिक रहस्य

  • शिवलिंग के बीच बिन्दु लगाते, क्यूंकि सारे ईश्वरीय ज्ञान का सार ही है बिन्दु… बिन्दु बन, बिन्दु बाप को याद कर, ड्रामा का बिन्दु लगाना
  • बूँद-बूँद है:
    • एक-एक श्रेष्ठ स्मृतियाँ (मैं आत्मा हूँ, बाबा का बच्चा हूँ, आदि) से मिलन मनाना, मिलन की सिद्धि पाना
    • बाबा से रुह-रिहान की एक-एक सुन्दर बातें (बाबा आप कितने मीठे हो, आप हमें क्या से क्या बनाते हो, बाबा की एक-एक महिमा, बाबा से प्राप्तियां, आदि)
    • हमारा तन-मन-धन से सहयोग, जिससे सागर भर जाता अर्थात सतयुग स्थापन हो जाता है
  • व्रत अर्थात व्यर्थ संकल्पों के भोजन को स्वीकार नहीं करने का दृढ़ संकल्प
  • जागरण अर्थात सदा जागती ज्योत हो रहना
  • शिवबाबा का झण्डा लहराना अर्थात अपने मस्तक और नयनों में सदाकाल के विजय का अविनाशी झण्डा लहराना

4. हम है बाबा के स्नेही, साथी, कदम पर कदम रखने वाले बच्चे, तो बाबा भी हमें गुणों की माला पहनाते हैं… बाबा कहते हम सभी को बहुत बहुत शान्ति, प्यार और खुशियां बांटते हैं, इसलिए फिर हम भी पूज्य बन जाते

5. लोग कहते गुड मॉर्निंग, और हमारा तो है ही गाॅड के साथ मॉर्निंग, अर्थात गॉडली मॉर्निंग (और नाइट)… बल्कि हर पल है गाॅड के साथ, अर्थात पूरा जीवन ही गॉडली है… और जहां गाॅड है, वहां सब गुड ही गुड है… तो बाबा को हर कर्म (भोजन आदि में) साथ रखना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… श्रेष्ठ स्मृतियों और बाबा से रूह-रिहान द्वारा सदा गाॅड को साथ रख, मास्टर भोलानाथ सदा जागती ज्योत बन… सर्व के मन की आवाज सुन उन्हें शान्ति, प्रेम और खुशीयां बांटते रहे, इसी श्रेष्ठ सहयोग के बूँद-बूँद द्वारा हम सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं श्रेष्ठ आत्मा हूँ | I’m an elevated soul

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योग कमेंटरी | मैं श्रेष्ठ आत्मा हूँ | I’m an elevated soul

मैं श्रेष्ठ आत्मा हूँ… श्रेष्ठ बाप की सन्तान… श्रेष्ठ गुण-वाली हूँ

मैं विशेष आत्मा हूँ… सर्व विशेषताओं से सम्पन्न… बाबा की प्रिय आत्मा हूँ

मैं श्रेष्ठ ज्ञान सुनती… श्रेष्ठ चिन्तन करती… श्रेष्ठ कर्मों करने वाली आत्मा हूँ

मेरा संग पवित्र योगी आत्माओं से है… मैं रोझ बाबा के घर सेंटर जाती हूँ… सबको श्रेष्ठ बनाने की सेवा करती, शुभ भावना रखती हूँ

मुझे सर्वश्रेष्ठ सुप्रीम टीचर पढ़ाते हैं… मेरा भोजन भी सर्वश्रेष्ठ है… मैं सर्वश्रेष्ठ देवता बनने वाली हूँ… ओम् शान्ति!


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Sakar Murli Churnings 02-03-2019

Sakar Murli Churnings 02-03-2019

बाबा न सिर्फ हमें पढ़ाते, लेकिन sakash वा दृष्टि भी देते हमें सहज ashariri बनाने… तो हमें भी dead silence का अभ्यास, और बाबा की तरफ बुद्धि रखनी है… तो पावन बन जाएँगे, और ड्रामा प्लेन अनुसार घर चले जाएंगे… फिर सतयुग में आएंगे, इसलिए अपना पद श्रेष्ठ बनाने ज्ञान चिन्तन और दिव्यगुणों की धारणा अवश्य करनी है… फिर तो यह पढ़ाई होगी नहीं, और उतरना शुरू हो जाएगा, इसलिए अभी हो श्रेष्ठ पुरूषार्थ करना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें बाबा का सत्य परिचय मिल गया है, तो उसी की याद में रह ऎसा number one student बनें कि हम स्वयं और सारे विश्व को भाग्य सतयुगी बना दे… ओम् शान्ति!